सर्कस फिल्म रिव्यू: रणवीर सिंह की फिल्म नही कर पाई फैंस को खुश

  • सर्कस: बहुत ही ज्यादा बुरी फिल्म
  • रेटिंग: एक स्टार
  • निर्माताः टीसीरीज और रोहित षेट्टी
  • निर्देषकः रोहित षेट्टी
  • कलाकारः रणवीर सिंह, वरूण षर्मा, संजय मिश्रा,जैकलीनफर्नाडिष,पूजा हेगड़े,मुरली शर्मा, अश्विनी कालसेकरऔर मुकेश तिवारी,जौनी लीवर, सिद्धार्थ जाधव,राधिकाबांगिया,वृजेष हीरजी, टीकू टलसानिया,विजय पाटकर, उदयटिकेकर,सुलभा आर्या,ब्रजेंद्र काला व अन्य.
  • अवधिः दो घंटा 22 मिनट

मषहूर लेखक,कवि व निर्देषक गुलजार 1982 में षेक्सपिअर के नाटक ‘‘द कॉमेडी आफ एरर्स’’ पर आधारित फिल्म ‘‘अंगूर’’ लेकर आए थे.जिसमें संजीव कुमार व देवेन वर्मा की मुख्य भूमिका थी.इस फिल्म में दो जुड़वाओं की जोड़ी बचपन में बिछुड़ जाती है.युवावस्था में पहुचने पर यह जोड़ी मिलती है,तो कई तरह की उलझनें पैदा होती हैं.अब 40 साल बाद उसी अंगूर’ फिल्म के अधिकार लेकर ‘गोलमाल’ सीरीज फेम निर्देषक रोहित षेट्टी टैजिक कौमेडी फिल्म ‘‘सर्कस’’ लेकर आए हैं और उन्होने एक क्लासिक फिल्म का बंटाधार करने में कोई कसर नही छोड़ी है.

यूं तो फिल्म के ट्रेलर से ही आभास हो गया था कि फिल्म कैसी होगी? इसके अलावा जब कुछ दिन पहले हमने फिल्म के पीआरओ से पूछा था कि फिल्म के कलाकारों के इंटरव्यू कब होगे,तो उसने जवाब दिया था-‘‘अब कलाकारों का इंटरव्यू से विष्वास उठ गया है.इसलिए कोई इंटरव्यू नहीं होगे.’’ फिल्म देखकर समझ में आया कि जब निर्देषक व कलाकारों को पता था कि उन्होने बहुत घटिया फिल्म बनायी है,तो इंटरव्यू क्या देते. पर ‘सर्कस’ सफल नही होगी,इसका अहसास निर्देषक रोहित षेट्टी को था,इसीलिए कुछ दिन पहले उन्होने कहा था कि हर वर्ष सिर्फ चार फिल्में ही सफल होती हैं.’

कहानीः

फिल्म की षुरूआत में कुछ डाॅक्टरों को संबोधित करते हुए डाक्टर राय बच्चों के ख्ूान की बजाय परवरिष की बात करते हुए एक नए प्रयोग की बात करते हैं.जिससे अन्य डाक्टर सहमत नही होते.पर वह अपना प्रयोग जारी रखने की बात करते हैं.पता चलता है कि डाक्टर राॅय अपने मित्र जाॅय के साथ मिलकर ‘जमनादास अनाथालय’’ चला रहे हैं.इसी अनाथालय में चार जुड़वा बच्चे हैं,इनमें से दो एक घर से और दो दूसरे घर से हैं.जब उन्हें गोद लेने के लिए एक परिवार उटी से आता है जो कि बहुत बड़े सर्कस के मालिक हैं और दूसरा परिवार बंगलोर का उद्योगपति है.तब डॉक्टर रौय (मुरली शर्मा) अपने प्रयोग को सही  साबित करने के लिए दोनों जुड़वा बच्चों की अदला बदली कर देते हैं.वह दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि एक बच्चे के लिए उसका वंश नहीं, बल्कि उसकी परवरिश जरूरी होती है.

दोनों परिवार अपने बच्चों का नाम रौय (रणवीर सिंह) और जौय (वरुण शर्मा) रखते हैं.चारों सुकुन से अपनी जिंदगी गुजार रहे होते हैं.इस बीच सर्कस के मालिक की मौत के बाद रौय व जौय अपने पिता केव्यवसाय को आगे बढ़ाते हैं.और माला (पूजा हेगड़े ) से रौय की षादी को पांच साल हो जाते हैं.उधर बंगलोर में राय बहादुर (संजय मिश्रा ) की बेटी बिंदू (जैकलीन फर्नाडिष ) से रौय प्यार कर रहे हैं और षादी करना चाहते हैं.राय बहादुर को लगता है कि उनकी बेटी बिंदू गलत युवक से षादी करना चाहती है.एक दिन उटी में एक चाय बागान को खरीदने के लिए बैंगलौर वाले रौय और जौय लाखों रूपए लेकर ऊटी आते हैं.उन्हे लूटने के लिए पाल्सन (जौनी लीवर ) के गंुडे उनके पीछे लग जाते हैं.ऊटी शहर पहुॅचते ही कन्फ्यूजन षुरू होता है. अब उटी षहर में दो रौय और दो जौय. हैं. कभी लोग एक से टकराते हैं तो कभी दूसरे से.परिणामतः उलझनें बढ़ती हैं और यह भी फंसते जाते हैं.वहीं अब डाॅक्टर रौय भी छिप्कर सारामाजरा देख रहे हैं.जब यह चारो सामने आएंगे,तब क्या होगा?

लेखन व निर्देषनः

किसी क्लासिक कृति को कैसे तहस नहस किया जाए,यह कला रोहित षेट्टी व रणवीर सिंह से बेहतर कोई नहीं बता सकता.फिल्म में कहानी का कोई अता पता नहीं,उपर से संवाद भी अति बोझिल.बतौर निर्देषक जमीन’,‘गोलमाल’,‘सूर्यवंषी’ के बाद रोहित षेट्टी की यह 15 वीं फिल्म हैं,जहां वह बुरी तरह से चूक गए हैं.इस फिल्म से साफ झलकता है कि उनका जादू खत्म हो गया.रोहित षेट्टी के कैरियर की यह सबसे ज्यादा कमजोर फिल्म है. फिल्म का नाम सर्कस है,मगर फिल्म में सर्कस ही नही है.युनूस सजावल लिखित पटकथा बेदम है.

फिल्म षुरू होने पर लगता है कि कुछ मजेदार फिल्म होगी,लेकिन पंाच मिनट बाद ही फिल्म दम तोड़ देती है.इंटरवल के बाद संजय मिश्रा,जौनी लीवर, सिद्धार्थ जाधव अपनी कौमेडी से फिल्म को संभालने का असलप्रयास करते नजर आते हैं,मगर अफसोस इन्हें पटकथा व संवादों का सहयोग नही मिलता. यह पहली बार है,जब रोहित शेट्टी फिल्म के किसी भी किरदार के साथ न्याय नहीं कर पाए.सभी किरदार काफी अधपके से लगते हैं.मुरली षर्मा का किरदार उटी में आकर क्या करता है और फिर अचानक कहंा गायब हो जाता है,किसी की समझ में नही आता.फिल्म का क्लायमेक्स तो सबसे घटिया है.रोहित षेट्टी जैसा समझदार फिल्मकार इतनी घटिया फिल्म बना सकता है,इसकी तो कल्पना भी नही की जा सकती. कहानी तीस साल आगे बढ़ जाती है,मगर डाॅक्टर रौय यानी कि मुरली षर्मा की उम्र पर असर नजर नही आता.अमूमन देख गया है कि जुड़वा बच्चों में से एक को दर्द होता है, तो दूसरे को भी होता है.पर यहां उसका उल्टा दिखाया गयाहै.

रोहित षेट्टी ने कुछ क्लासिकल गीतों के अधिकार खरीदकर फिल्म में पिरोए हैं,मगर कहानी का काल गानों से मेल ही नही खाता.यहां तक कि दीपिका पादुकोण का गाना ‘करंट लगा..’भी फिल्म को नही बचा पाता. बंटी नागी की एडीटिंग और जोमोन टी जॉन की सिनेमैटोग्राफी प्रभावित नहीं करती है.

अभिनयः

दोहरी भूमिका में रणवीर सिंह और वरूण षर्मा हैं.फिल्म देखकर लगता है कि दोनो अभिनय की एबीसीडी भूल चुके हैं.जैकलीन ने यह फिल्म क्यों की,यह बात समझ ेसे परे हैं.पूजा हेगड़े के अभिनय मंे ंभी दम नजर नहीं आता.मुरली षर्मा को मैने छोटे किरदारों से लेकर बड़े किरदारों तक में देखा है और हर बार उनका अभिनय निखरता रहा है.मगर इस फिल्म में वह भी मात खा गए.राय बहादुर के किरदार में संजय मिश्रा कुछ हद तक फिल्म को संभालते हैं.मगर उनके अभिनय में भी दोहराव ही नजर आता है.इसफिल्म में संजय मिश्रा जिस अंदाज में अंग्रेजी बोलते नजर आते हैं,उस तरह से वह कई फिल्मों में कर चुके हैं.उनके अभिनय नयापन नही है.पर यह कहना गलत नही होगा कि संजय मिश्रा,रणवीर सिंह पर भारी पड़ गए हैं.मुकेष तिवारी को इस तरह की फिल्म व इस तरह के फालतू किरदारों को निभाने से बचना चाहिए.सुलभा आर्या,अष्विनी कलसेकर,टीकू तलसानिया,ब्रजेष हीरजी,ब्रजेंद्र काला तो महज षोपीस’ ही हैं.सिद्धार्थ जाधव ओवरएक्टिंग ही करते है.

षान्तिस्वरुप त्रिपाठी

Khatron Ke Khiladi 10 के Promo में तेजस्वी प्रकाश पर बरसे Rohit Shetty, जानें क्या है वजह

कलर्स के शो ‘खतरों के खिलाड़ी का 10वां सीजन (Khatron Ke Khiladi 10) फैंस को काफी पसंद आ रहा है. आए दिन शो में नए-नए स्टंट फैंस को काफी एंटरटेन कर रहे हैं. वहीं शो के होस्ट रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) भी फैंस के लिए नए-नए ट्विस्ट लाते रहते हैं. हाल ही में शो का नया प्रोमो आया है, जिसमें रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) शो की कंटेस्टेंट तेजस्वी प्रकाश पर गुस्सा करते नजर आ रहे हैं. आइए आपको दिखाते हैं शो के नए प्रोमो की खास झलक…

प्रोमो में रोहित शेट्टी का दिखा गुस्सा

रोहित (Rohit Shetty) शो के कंटेस्टेंट्स से ऐसे-ऐसे हैरतगेंज स्टंट्स करवाते है, जिससे सभी कंटेस्टेंटस की नीदें ही उड़ जाती है. वहीं इसी बीच शो के नए प्रोमो में होस्ट रोहित शेट्टी कंटेस्टेंट और पौपुलर टीवी एक्ट्रेस तेजस्वी प्रकाश (Tejasswi Prakash) पर भड़कते हुए नजर आ रहे हैं.

 

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तेजस्वी के सपोर्ट में आए फैंस

प्रोमो रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर तेजस्वी के फैंस उनके सपोर्ट में आ गए हैं. फैंस को लगता है कि तेजस्वी ने अपना पौइंट रखकर सही किया. इसी के साथ फैंस ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अगर वह फेवरटिज्म के खिलाफ स्टैंड ले रही हैं हैं तो वह सही हैं. स्टंट हर किसी के लिए फेयर होने चाहिए.’ जबकि दूसरे फैन ने लिखा है कि कंटेस्टेंट्स को कैंडल वैक्स टास्क क्यों करना पड़ा, जब कोई एलिमिनेशन ही नहीं होना था.

बता दें, होस्ट रोहित शेट्टी की फिल्म ‘सूर्यवंशी’ जल्द ही रिलीज होने वाली हैं. वहीं सोशल मीडिया पर उनकी फिल्म के ट्रेलर को फैंस ने काफी पसंद किया है. दूसरी तरफ देश में कोरोना वायरस का कहर देखते हुए फिल्म ‘सूर्यवंशी’ की रिलीज डेट भी आगे बढ़ाने का फैसला किया है, जिसका ऐलान सोशल मीडिया के जरिए किया गया है.

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स्टंट की बजाय रिजल्ट से डरते हैं Rohit Shetty, जानें क्यों

इन दिनों बॉलीवुड की सबसे सफल निर्देशकों की सूची में अपना नाम स्थापित करने वाले रोहित शेट्टी कर्नाटक के मैंगलोर से है. उन्होंने अपना कैरियर फिल्म ‘फूल और कांटे’ में सहायक निर्देशक के रूप में शुरू किया था, लेकिन उन्हें पौपुलैरिटी कॉमेडी फिल्म ‘गोलमाल फन अनलिमिटेड’ से मिली. फ़िल्मी परिवार में पैदा होने वाले रोहित को बचपन से ही निर्देशक बनने की इच्छा थी. माता-पिता ने भी उन्हें इसमें सहयोग दिया. आज वह कामयाब है और इसका श्रेय अपने परिवार को देते है. खुले विचार और हंसमुख स्वभाव के रोहित शेट्टी कलर्स टीवी पर ‘खतरों के खिलाडी’ के 10 वें season को होस्ट कर रहे है, उनकी जर्नी के बारें में बात की. आइये जानें उनकी कहानी, उन्ही से.

सवाल-किसी स्टंट को करना आपके लिए कितन मुश्किल होता है? शो में कीडे-मकोडे और जानवर भी होते है, उन्हें कैसे हैंडल करते है?

बचपन से मैंने तरह-तरह के स्टंट किये है और किसी भी स्टंट को करना मुश्किल नहीं लगता. ये मेरा फॅमिली बिज़नेस है. जहाँ मेरे माता-पिता सभी इसी क्षेत्र से जुड़े है.

इस शो को करने में पूरा साल लगता है. इसमें लाये गए जानवरों की ब्रीडिंग होती है, हैंडलर्स होते है, जो प्रोफेशनल होने के साथ-साथ इन जानवरों और कीडे-मकोडे के हाव-भाव को समझते है. शो के लिए ये खास होते है. कही से उठाकर हम जानवरों को नहीं लाते. एक बार केपटाउन में एक स्टंट मधुमक्खी के साथ था, जिसमें मैंने चॉपर और डॉक्टर्स रेडी रखी थी, ताकि कोई हादसा होने पर तुरंत उसका इलाज हो सकें. इंटरनेशनल सेफ्टी मेजर्स होती है. उनकी पूरी टीम मेरे साथ होती है.

 

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सवाल-स्टंट करते वक़्त कभी डर लगा? ऐसे किसी शो को होस्ट करना कितना कठिन होता है?

शुरू-शुरू में मुझे डर लगता था, पर बाद में समझ में आ गयी थी कि कैसे करना है. असल में मुझे डर हमेशा स्कूल की रिजल्ट से लगता था, स्टंट से नही, क्योंकि बचपन से लगता था कि यही मेरा काम है. मेरे पिता स्टंट और एक्शन करते थे, मेरी माँ स्टंट आर्टिस्ट थी, लेकिन जब दूसरे स्टंट करते है, तो डर लगता है, इसमें भी अगर अक्षय कुमार या अजय देवगन हो तो डर नहीं लगता, क्योंकि मुझे पता है कि इन लोगों ने स्टंट किया हुआ है और इन्हें आती है. इस तरह के फियर फैक्टर वाले शो को करने में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि इन सबनें स्टंट नहीं किया हुआ है. ऐसे में एक जिम्मेदारी रहती है कि किसी प्रकार की गलती न हो. उनके हिसाब से, अलग और बड़ा करने के उद्देश्य से इस शो को हर बार करना मुश्किल होता है.

फिल्मों में स्टंट करना अब थोडा आसान हो गया है, क्योंकि केबल आ गए है. फेस रिप्लेसमेंट हो जाता है, पर ऐसे शो में ये सब करना अधिक मुश्किल होता है. काम आसान हो इसके लिए मैं इन्हें बेसिक टेक्निक बता देता हूँ. ये एक प्रतियोगिता है इसमें वे सबसे अच्छा परफोर्मेंस देने की कोशिश करते है, ऐसे में हड़बड़ी में कुछ गलत न कर बैठे उस पर ध्यान देता हूँ. कई बार अगर वे कुछ अधिक करना चाहते भी है तो मैं उनपर शाउट भी करता हूँ, ताकि कोई दुर्घटना न हो.

सवाल-स्टंट करते वक़्त किस तरह की सोच आप रखते है?

स्टंट के समय शांत रहने की जरुरत होती है और काम पर पूरी तरह से कंसन्ट्रेट करना पड़ता है. इससे सही समय पर सही स्टंट व्यक्ति कर पाता है. इसके अलावा कॉन्फिडेंस डेवलप होना बहुत आवश्यक होता है. कोई भी स्टंट आसान नहीं होता.

सवाल-फिल्मों में सफल होने के बावजूद आप टीवी शो करते है, इसकी वजह क्या है?

टीवी घर-घर में जाती है और इसकी वजह से किसी की भी ब्रांड स्थापित हो जाती है. यही वजह है कि सारे बड़े कलाकार इस माध्यम में काम करना पसंद करते है. इसके अलावा मेरे सफल होने में मीडिया का बहुत बड़ा योगदान है, जिसने मुझे लोगों तक पहुँचाया है.अभी मेरे फिल्मों को भी दर्शकों का प्यार बहुत मिल रहा है.

सवाल-आपका परिवार आपके इस प्रोफेशन को कैसे देखता है? क्या आप चाहते है कि आपके बेटे भी इस क्षेत्र में जाएँ?

मेरा बेटा 13 साल का है और वह कभी एक्टर तो कभी स्टंट करना चाहता है. उसने मुझे मेरे क्षेत्र में आने की इच्छा ज़ाहिर की है. मैंने भी मेरे पिता को ऐसा ही सालों पहले कहा था. ये उनके डीएनए में बसा है. मेरी माँ स्टंट से पहले कुछ नहीं कहती, पर बाद में खैरियत पूछती है.

सवाल-आजकल आपकी फिल्मों में हर कोई काम करना चाहता है, इसे कैसे लेते है?

कभी ऐसा समय था, जब कोई काम करने के लिए आगे नहीं आना चाहता था, पर आज मेरा ब्रांड बन गया है और दर्शक मेरी फिल्मों को देखना पसंद करते है. मेरी कोशिश हमेशा दर्शकों को नयी और अच्छी फिल्म देने की होती है, जिसके लिए मैं बहुत मेहनत करता हूँ.

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सवाल-स्टंट आज की जेनरेशन को बहुत पसंद आता है, वे करते है और हादसे के शिकार कई बार हो जाते है, आप उन्हें क्या सन्देश देना चाहते है?

फिल्मों में स्टंट के पीछे पूरी प्लानिंग होती है कभी भी कोई इसे बिना सोचे-समझे फोलो न करें. जो भी चेतावनी मैं देता हूँ उसे सबको समझना चाहिए. इसके लिए बहुत बड़ी ट्रेनिंग होती है. सेफ्टी के लिए पूरी टीम मौजूद होती है. बाइक स्टंट के पीछे एक सेफ्टी गियर्स रहती है, जो आम आदमी के पास नहीं होता. आम इंसान को कितना भी लगे कि वह साहसी है और कर सकता है, फिर भी उसे बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. मैं कोई सुपर हीरो नहीं, जो कभी भी उठकर इसे कर लूँ, मैं भी पूरी प्लानिंग के बाद ही इसे करने की सोचता हूँ. ये हमारा प्रोफेशन होने के बावजूद हम पूरी सावधानी बरतते है, ऐसे में यूथ को कभी भी इसे करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

 

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ईद पर फिल्म ‘भारत’ बौक्स औफिस पर कब्जा, सलमान ने कहा फैन्स को शुक्रिया

बौलीवुड के दबंग खान यानी सलमान खान ईद पर अपनी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं. वो अलग बात है कि साल 2018 में ईद के मौके पर रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘रेस 3’  बुरी तरह से फ्लौप हो गई थी, जिसके बाद कई लोगों का कहना था कि अब सलमान खान का वक्त खत्म हो गया है. पर इस साल भाईजान का चार्म लौट आया है. हाल ही में ईद पर रिलीज हुई सलमान की फिल्म  ‘भारत’ के साथ बौक्स औफिस पर वापसी करते हुए सभी आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है.

ट्रैड एक्सपर्ट ने कही फिल्म के बारे में ये बात…

फिल्म ‘भारत’ की धमाकेदार शुरूआत देखने के बाद ट्रेड पंडित भी यह कहने लगे हैं कि ईद के मौके पर भाईजान को कोई भी पछाड़ नहीं सकता. फैंस के लिए ईद का मतलब ही सलमान खान है और यही अटल सत्य है. फिल्म में लिए कटरीना कैफ और सुनील ग्रोवर की भी खूब तारीफ हो रही है, जिन्होंने अहम किरदार निभाए हैं.

ईद के दूसरे दिन भारत का कलेक्शन रहा कम

जहां एक तरफ ईद के दिन फिल्म भारत का कलेक्शन ज्यादा रहा, तो वहीं ईद के दूसरे दिन भारत का कलेक्शन 30 परसेंट गिर गया. इसका मतलब ये हुआ कि कहीं न कहीं फिल्म में कमजोरी है, जिसके कारण ईद के दूसरे दिन फिल्म की कमाई में कमी आई है.

फिल्म की ओपनिंग पर सलमान ने सोशल मीडिया पर कहा फैंस को कहा शुक्रिया

फिल्म ‘भारत’ को मिली इतनी बम्पर सफलता के बाद सलमान खान ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर सभी फैंस को धन्यवाद भी कहा है जिसमें उन्होनें लिखा है कि ‘मेरी तरफ से सभी को बिग थैंक-यू… आप सब ने मुझे मेरे करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग दी है, जिससे मैं काफी खुश हूं. हालांकि मुझे इस बात का बहुत गर्व है कि जब फिल्म के दौरान राष्ट्रीय गीत चल रहा था तब हर कोई खड़ा हो गया. अपने देश का इससे बड़ा सम्मान और कुछ नहीं हो सकता है. जय हिंद, जय भारत…’

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रोहित शेट्टी और अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग फिल्म की रिलीज डेट बदलने का है सवाल

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फिल्म ‘भारत’ की धमाकेदार कमाई देखने के बाद कई सारे ट्रेंड एक्सपर्ट यह भी बात करने लगे हैं कि क्या रोहित शेट्टी और अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग फिल्म ‘सूर्यवंशी’ की रिलीज डेट बदलेंगे, जो अगले साल ईद के मौके पर भाईजान की ‘इंशाअल्लाह’ से टकराने वाली है?

अक्षय कुमार और रोहित शेट्टी ने की ‘सूर्यवंशी’ की शूटिंग शुरू 

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जहां अक्षय कुमार और रोहित शेट्टी ने अपनी एक्शन एंटरटेनर ‘सूर्यवंशी’ की शूटिंग शुरू कर दी है, वहीं सलमान खान ने अभी तक अपनी ‘इंशाअल्लाह’ फिल्म की शूटिंग अभी तक शुरू भी नहीं की है. फिल्म को संजय लीला भंसाली बनाने वाले हैं, वहीं फिल्म में सलमान के साथ आलिया भट्ट नजर आएंगी. वहीं अब ये देखना बाकी है कि क्या रोहित शेट्टी अपनी फिल्म की रिलीज डेट के बदलेंगे या नही.

ईद के दूसरे दिन भारत का कलेक्शन रहा कम

बता दें, जहां एक तरफ ईद के दिन फिल्म भारत का कलेक्शन ज्यादा रहा, तो वहीं ईद के दूसरे दिन भारत का कलेक्शन 30 परसेंट गिर गया. इसका मतलब ये हुआ कि कहीं न कहीं फिल्म में कमजोरी है, जिसके कारण ईद के दूसरे दिन फिल्म की कमाई में कमी आई है.

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तो अब रोहित शेट्टी संग काम करेंगे सलमान खान

बौलीवुड के दबंग खान यानी सलमान खान साल 2018 से ही फिल्म ‘भारत’ को लेकर चर्चा में हैं. लोग उनकी फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच खबर आ रही है कि सलमान रोहित शेट्टी के साथ एक प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहे हैं. सूत्रों की मानें तो रोहित शेट्टी और साजिद नाडियाडवाला कई दफा सलमान को लेकर फिल्म बनाने और फिल्म के कंटेंट पर विचार करने के लिए मिल चुके हैं. जिन आइडियाज पर दोनों ने बात की है उनमें से किक फिल्म में सलमान द्वारा निभाया गया देवी लाल सिंह (डेविल) का रोल उनके दिमाग में चल रहा है. फिल्म में सलमान के कैरेक्टर को खाकी वर्दी में दिखाया गया था. अगर ये आइडिया प्लान के मुताबिक चलता है तो सलमान, रोहित की फिल्म में एक पुलिसवाले के रोल में नजर आ सकते हैं.

साल 2010 में ‘दबंग’ रिलीज हुई थी. फिल्म में पुलिस अवतार में सलमान ने सभी का दिल जीत लिया था. इसका दूसरा पार्ट भी काफी सफल रहा था. फिलहाल सलमान खान अली अब्बास जफर के निर्देशन में बन रही फिल्म भारत की शूटिंग कर रहे हैं. इसके बाद वे दबंग 3 की शूटिंग शुरू करेंगे. साल 2019 के अंत में रोहित शेट्टी संग सलमान इस नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकते हैं.

रोहित शेट्टी की बात करें तो उनकी पिछली रिलीज सिम्बा ब्लौकबस्टर साबित हुई. देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में फिल्म ने शानदार कमाई की. इसमें पहली बार रणवीर सिंह पुलिस की वर्दी में नजर आए. इसके अलावा रोहित शेट्टी बौलीवुड के मिस्टर खिलाड़ी अक्षय कुमार संग भी काम कर रहे हैं. मालूम हो कि फिल्म सूर्यवंशी में पहली बार दोनों की जोड़ी साथ नजर आएगी.

बहुत कुछ तकदीर पर निर्भर करता है : सिद्धार्थ जाधव

हिंदी भाषी सिनेमा के विशाल दर्शक वर्ग को देखते हुए हर भाषा का कलाकार हिंदी फिल्मों से जुड़ना चाहता है. मराठी, गुजराती, मलयालम, तमिल, बंगला, पंजाबी सहित हर भाषा के स्टार कलाकार हिंदी फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाते आए हैं, कुछ सफल हुए तो कुछ अपनी भाषा के सिनेमा में वापस लौट गए. मराठी और हिंदी भाषी सिनेमा का गढ़ मुंबई में होने की वजह से इन दोनों भाषाओं के कलाकार एक दूसरे की भाषा में अक्सर काम करते आए हैं और कर रहे हैं. डा. श्री राम लागू, सचिन खेड़ेकर, सदाशिव अमरापुरकर सहित कई ऐसे मराठी भाषी कलाकार हैं, जिनकी पहचान हिंदी सिनेमा से ही है. कुछ कलाकार मराठी सिनेमा में अच्छा नाम कमाने के बावजूद बीच बीच में हिंदी सिनेमा में भी अपनी प्रतिभा दिखाते रहते हैं. इसी कड़ी में एक मराठी फिल्मों के व्यस्ततम कलाकार हैं- सिद्धार्थ जाधव, जो कि ‘गोलमाल’, ‘सिटी आफ गोल्ड’ सहित कई हिंदी फिल्मों व कौमेडी सर्कस’’ जैसे टीवी र्कायक्रम का हिस्सा रह चुके हैं. इन दिनों सिद्धार्थ जाधव 28 दिसंबर को प्रदर्शित होने वाली फिल्म ‘‘सिंबा’’ में सब इंस्पक्टर संतोष तावड़े का किरदार निभाकर चर्चा में हैं.

आप अपनी सफलता से खुश हैं?

2018 मेरे लिए बहुत ही बेहतर वर्ष रहा. इस वर्ष ‘सिंबा’ मेरी तीसरी फिल्म प्रदर्शित हो रही है. इससे पहले मेरी दो मराठी फिल्में ‘ए रे ए रे पैसा’ व ‘माउली’ प्रदर्शित हुई हैं. ‘ये रे ये रे पैसा’ और ‘माउली’ सुपर डुपर हिट थी. उम्मीद है कि ‘सिंबा’ भी सुपर डुटर हिट होगी. फिलहाल तो मैं 2018 की सफलता का आनंद उठा रहा हूं. सच यह है कि यहां मेरा कोई गौड फादर नही है. मैंने अभिनय की कहीं से कोई ट्रेनिंग नहीं ली है. पर मेरे अंदर जो ठहराव है, वह मुझे मेरे परिवार ने दिया है.

18 साल के अभिनय करियर में आप हास्य किरदारों तक ही सीमित होकर रह गए हैं. इसकी क्या वजह है?

ऐसा नही है. आप मुझे देख रहे हैं. मेरे चेहरे की बनावट कैसी है? मैं खूबसूरत नही हूं. दांत भी बाहर रहते हैं. ऐसे में मैं जब किसी हास्य किरदार को निभाता हूं, तो वह लोगों को ज्यादा पसंद आता है. मैंने अपनी पहली फिल्म में तो सिर्फ एक सीन का किरदार निभाया था. पर मेरी हमेशा कोशिश रही कि एक सीन भी यादगार बन जाए. उन दिनों मुझे टीवी सीरियल मिल नहीं रहे थे. टीवी सीरियलों के लिए सुंदर चेहरे ढूंढ़े जाते थे. वास्तव में थिएटर पर मेरे अभिनय को देखकर लोगों को लगा कि यह देखने में भले खराब हो, पर अभिनेता बहुत अच्छा है. तो शुरूआत में मुझे कौमेडी किरदार ही मिले. दर्शकों का बहुत प्यार मिला. मैंने केदार शिंदे की फिल्मों में हीरो का किरदार भी निभाया है. पहली बार महेश मांजरेकर ने मुझे समझाया कि मैं एक अभिनेता हूं, कौमेडियन नहीं. उन्होंने मुझे फिल्म ‘मी शिवाजी राजे भोसले बोलते.’ में एकदम अलग तरह का किरदार निभाने को दिया. उसके बाद उन्होंने मुझे एक फिल्म में विलेन का किरदार दिया. हिंदी फिल्म ‘सिटी औफ गोल्ड’ में हकला का किरदार दिया, जो कि हास्य किरदार नही है. महेश मांजरेकर ने मुझसे अपनी किसी भी फिल्म में कौमेडी नहीं करवायी. मैंने एक फिल्म ‘डीमोल्ड’ में बलात्कारी का किरदार निभाया. इसके लिए 2016 में मुझे सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला था. मराठी में मैं सिर्फ हास्य कलाकार नही हूं. हर तरह के किरदार निभाए है. मैंने कुछ बहुत ही संजीदा किरदार भी निभाए हैं. मैं अपने आपको खुशनसीब समझता हूं कि मराठी फिल्मों में जिस लड़के को पहले रिजेक्ट किया जाता था, आज उसी को बुलाकर फिल्में दी जा रही हैं. इतना ही नही यदि आप हिंदी फिल्म ‘सिंबा का ट्रेलर देखेंगे, उसमें मेरे किरदार में ह्यूमरस के साथ साथ कुछ अलग अंदाज भी मिलेगा. इसका संवाद है- ‘जब तक रेपिस्ट को पुलिस ठोकती नही है, तब तक कुछ नहीं बदलता.’ तो इसमें एक संजीदगी भी है. मेरा मानना है कि कलाकार के अंदर की संजीदगी को पहचानना एक निर्देशक का काम है. फिल्म ‘सिंबा’ में निर्देशक रोहित शेट्टी ने मेरे अंदर की प्रतिभा को पहचाना, जो कि अब फिल्म में नजर आएगी. तो मैं कौमेडी के परे जाकर भी बहुत काम कर रहा हूं. यह सब निर्देशकों की वजह से संभव हो पा रहा है.

रोहित शेट्टी के साथ आपने 12 साल बाद फिल्म सिंबा की. बीच में कोई फिल्म नहीं की?

रोहित शेट्टी ने ‘गोलमाल’ के बाद अपनी हर फिल्म के लिए याद किया. लेकिन तारीखों की समस्या के चलते मैं कर नहीं पाया. क्योंकि मैं मराठी फिल्मों में बहुत व्यस्त हूं. मुझे मजबूरन उन्हें ‘सिंघम’ व ‘दिलवाले’ के लिए भी मना करना पड़ा था.

फिल्म सिंबा के अपने किरदार को लेकर क्या कहेंगे?

इस फिल्म में मैंने सब पुलिस इंस्पेक्टर संतोष तावड़े का किरदार निभाया है, जो कि सिंबा यानी कि रणवीर सिंह की टीम का हिस्सा है. पूरी फिल्म में वह सिंबा के साथ है और जो कुछ होता है, उसका एकमात्र गवाह संतोष तावड़े ही है. इससे अधिक जानकारी देकर दर्शकों की उत्सुकता खत्म नहीं करना चाहता. मेरा किरदार इस बात को रेखांकित करता है कि जब तक पुलिस के लोग कुछ ठोस कदम नही उठाएंगे, तब तक समाज में बदलाव नही आएगा. ट्रेलर देखकर लोगों ने मुझे बहुत अच्छे संदेश भेजे हैं. पूरी फिल्म में मेरा यह संजीदा किरदार सरप्राइज फैक्टर है.

मराठी की तरह हिंदी फिल्मों में आप कम नजर आते हैं?

देखिए, बहुत कुछ तकदीर पर निर्भर करता है. मैंने कुछ हिंदी की फिल्में की हैं, जो कि अब तक सिनेमाघरो में नहीं पहुंच पायी. मसलन, विश्राम सावंत निर्देशित हिंदी फिल्म ‘‘शूटर’’ की है, जिसमें रणदीप हुड्डा भी हैं. पर यह फिल्म अब तक प्रदर्शित नहीं हुई. मैंने भाषा की बजाय कहानी और किरदारों को ही महत्व दिया है. मैं मराठी में तो बहुत विविध तरह के किरदार निभा रहा हूं और बहुत व्यस्त हूं. मैं मराठी में हीरो भी बन रहा हूं. आइटम नंबर भी कर रहा हूं. तो वहीं ‘माउली’ जैसी फिल्म में हीरो का दोस्त बन जाता हूं.

हिंदी फिल्मों में यदि आप हीरो के दोस्त बनते हैं, तो फिर हीरो के किरदार मिलने मुश्किल हो जाते हैं ?

मैं यह सब नहीं मानता. मेरे लिए काम काम होता है. मैंने किरदार की लंबाई के बजाय किरदार की ताकत पर भरोसा किया. मैंने फिल्म ‘फास्टर फैनी’ में तीन सीन का किरदार निभाया था, जिसके लिए मुझे सर्वश्रेष्ठ हास्य कलाकार का पुरस्कार मिला था. मैं तो अच्छा काम करने में यकीन करता हूं. कलाकार के तौर पर मैं दूसरे कलाकारों के साथ भी अपनी तुलना नहीं करता.

इन दिनों मराठी फिल्मों की जो स्थिति है, उसको लेकर क्या कहना चाहेंगे?

बहुत अच्छा दौर चल रहा है. अच्छी कहानी पर फिल्में बन रही हैं. ‘श्वास’ के बाद मराठी फिल्मों में जो परिवर्तन का दौर शुरू हुआ, वह कमाल का रहा. अब तो मराठी सिनेमा कंटेंट प्रधान हो गया है. इस तरह का बेहतरीन सिनेमा हिंदी में भी नही बन रहा है. मराठी सिनेमा की प्रतिस्पर्धा विश्व सिनेमा के साथ है. मराठी सिनेमा में बहुत अच्छे प्रयोग हो रहे हैं. मैं खुशनसीब हूं कि मैं ऐसे सिनेमा का हिस्सा हूं. इन दिनों हिंदी से ज्यादा सफलता मराठी भाषा की फिल्में बटोर रही हैं.

2019 में आपकी कौन सी फिल्म आने वाली हैं?

मेरी मराठी की तीन फिल्में लगभग पूरी हैं. 2019 में ‘सर्व लाइन व्यस्त आहे’ सहित मेरी तीन फिल्में रिलीज होंगी. इसके अलावा मैं हिंदी के बहुत बड़े निर्देशक की मराठी फिल्म कर रहा हूं, जिसके बारे में अभी कुछ बता नहीं सकता. इस फिल्म की शूटिंग 20 जनवरी से शुरू होगी.

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