Wedding Special: ताकि दमकती रहे दुल्हन की स्किन

किसी भी लड़की के जीवन में शादी एक महत्त्वपूर्ण अवसर होता है. हर लड़की इस दिन सब से खूबसूरत और आकर्षक दिखना चाहती है. शादी से पहले कई तरह की चीजें होती हैं जैसे शादी की शौपिंग करना, तरहतरह की रस्में निभाना व अन्य तैयारी करना. इस वजह से कई बार दुल्हन को थकान, बेचैनी और तनाव से गुजरना पड़ता है, जिस की वजह से वह अपनी त्वचा का सही तरीके से खयाल नहीं रख पाती. ऐसे में उसे यह चिंता सताती है कि वह चमकतीदमकती त्वचा पाने के लिए क्या करे.

कई ऐसे टिप्स हैं, जिन्हें आजमा कर भावी दुल्हन मनचाही त्वचा पा सकती है. वेदिक लाइन के इन टिप्स पर अमल करना आसान है और आप रोज इन्हें अमल में ला सकती हैं ताकि उस दिन के लिए अपनी खूबसूरत त्वचा को और निखार सकें:

2 महीने बाकी

– कम से कम 2 लिटर पानी रोज जरूर पीएं. पानी न ज्यादा ठंडा हो और न गरम यानी रूम वातावरण पर हो. पानी वजन नहीं बढ़ने देगा और शारीरिक तंत्र को साफ रखेगा. यह शरीर से भी हानिकारक तत्त्वों को आसानी से बाहर निकाल देगा.

– नारियल पानी पीने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें. चेहरे पर चमक लाने का बहुत आसान उपाय है नारियल पानी पीना. यह न केवल त्वचा साफ करता है, बल्कि शरीर को पोषण भी देता है.

– फलों की प्रचुरता वाली अच्छी क्वालिटी की फेशियल किट चेहरे पर लगाना शुरू करें. शादी से 1 दिन पहले फेशियल न करें. अगर पहले ट्राई नहीं किया हो तब तो बिलकुल भी नहीं. शुरुआत करने के लिए सब से अच्छी है नैचुरल फेशियल किट, जिस में पपीता, नीबू आदि के अर्क होते हैं.

– 1 बार दिन में और 1 बार रात में फेसवाश करना न भूलें. अगर मेकअप करती हैं, तो अच्छी क्वालिटी के मेकअप रिमूवर पर खर्च करने में संकोच न करें. रात को इस का इस्तेमाल करना न भूलें यानी बिना मेकअप हटाए बिलकुल न सोएं.

– खानपान में मल्टीविटामिन और कैल्सियम को शामिल करें. फेशियल प्रोडक्ट्स भी ऐसे ही लें, जिन में प्रचुर मात्रा में विटामिन ई शामिल रहे.

– पौष्टिक और सही खाना खाएं. मसलन, आप चौकलेट जितना खाएंगी आप की त्वचा को उतना ही नुकसान पहुंचेगा और वजन भी बढ़ेगा.

– सनस्क्रीन का इस्तेमाल अभी से शुरू कर देना चाहिए. इस का शादी से कोई लेनादेना नहीं है. हां, इस के इस्तेमाल से पहले यह जरूर देख लें कि आप की स्किन टाइप और एसपीएफ के हिसाब से आप के लिए कौन सा सनस्क्रीन सही रहेगा. एसपीएफ इस पर निर्भर करता है कि आप बाहर तेज धूप में कितनी देर रहती हैं.

1 महीना बाकी

– जब शादी में 1 महीना रह जाए तो इस महीने की शुरुआत व्यापक तौर पर स्पैशलाइज्ड फैशियल से करें. 2 हफ्ते के अंतराल पर गोल्ड फेशियल और डायमंड फेशियल कराने पर आप को चेहरे पर इस का असर दिखेगा. इस में मौजूद प्राकृतिक तत्त्वों की मदद से फेशियल के बाद आप की त्वचा का रोमरोम खुल जाएगा, इस की अच्छी तरह सफाई हो जाएगी, त्वचा को भरपूर पोषण मिलेगा और त्वचा में कसावट व रौनक आएगी.

– ज्यादा मेकअप से बचें. थोड़ा कम मेकअप करेंगी तो इस से बहुत फर्क पड़ेगा. आप की त्वचा को सुकून लेने का मौका मिलेगा और त्वचा पर कीलमुंहासे निकलने या किसी और तरह का नुकसान पहुंचने की आशंका कम हो जाएगी. बीबी क्रीम से भी काम चल जाएगा, जो आप को मेकअप फ्री लुक देगी और त्वचा से दागधब्बे हटा कर उसे साफ बनाएगी.

– होंठों की देखभाल को कभी नजरअंदाज न करें. फ्रूटी वाला लिप बाम हमेशा साथ रखें.

भारती मोदी

कैसी हो सर्दियों की सनस्क्रीन

विंटर में धूप में बैठना सभी को अच्छा लगता है, लेकिन इस मीठीमीठी धूप के लालच में हम अपनी स्किन के साथ खिलवाड़ कर बैठते हैं, जिस की वजह से स्किन को सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट रेज का सामना करना पड़ता है और वह बेजान और रफ लगने लगती है. इसलिए जरूरत है विंटर में भी स्किन को यूवी किरणों से बचाने की. तो आइए जानते हैं कि इस दौरान कौनकौन से प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करें ताकि स्किन विंटर के मौसम का भी मजा ले सके और उसे कोई नुकसान भी न पहुंचे.

ग्रीनबेरी और्गैनिक्स सनस्क्रीन स्प्रे लोशन

इस लोशन में एसपीएफ होने के कारण यह स्किन को विंटर्स की सूर्य की तेज किरणों से बचाने का काम करता है. इसे नैचुरल ऐंटीऔक्सीडैंट्स व कीवी ऐक्सट्रैक्ट से बनाया  जाता है, जो फ्रीरैडिकल्स से स्किन को प्रोटैक्ट करने के साथसाथ स्किन सैल्स को नैचुरली हाइड्रेट करने का काम भी करते हैं. यह पैराबेन व सल्फेट फ्री भी है. यह लोशन खासतौर से ड्राई स्किन को ध्यान में रख कर बनाया जाता है.

न्यूट्रोजेना हाइड्रो बूस्ट सनस्क्रीन

यह सनस्क्रीन हाइड्रो बूस्ट फौर्मूला से लैस है, जिस में ह्यालूरोनिक ऐसिड और ग्लिसरीन जैसे पावरफुल इन्ग्रीडिएंट्स होते हैं. यह एक विंटर की शुष्क हवा से स्किन को प्रोटैक्ट करने का काम करता है. इस में हाइड्रो बूस्ट एसपीएफ फौर्मूला स्किन को यूवी प्रोटैक्शन देने का भी काम करता है. स्किन को विंटर्स में ऐक्स्ट्रा प्रोटैक्शन देने के लिए अगर आप हुमेक्टैंट्स युक्त सीरम के बाद इस सनस्क्रीन को अप्लाई करती हैं, तो यह आप की स्किन को प्रोटैक्ट करने के साथसाथ हैल्दी, सौफ्ट व स्मूद भी बनाने का काम करता है. इस सनस्क्रीन की खास बात यह है कि यह सभी स्किन टाइप पर सूट करेगा.

द बौडी शौप विटामिन ई

मौइस्चराइजिंग क्रीम: विंटर्स में यह विटामिन ई युक्त क्रीम स्किन को हाइड्रेट रखने का काम तो करती ही है, साथ ही यह स्किन को फुल प्रोटैक्शन भी देती है. असल में इस का ह्यालूरोनिक ऐसिड युक्त फौर्मूला स्किन को ऐक्स्ट्रा हाइड्रेशन देने के साथसाथ इस में ऐंटीऔक्सीडैंट रिच रैस्पबेरी ऐक्सट्रैक्ट स्किन को ऐक्सफौलिएट करने के साथसाथ सुपर स्मूद बनाने में भी मदद करता है. इस में विटामिन ई की खूबियां स्किन को यूवी प्रोटैक्शन से बचाने के साथ स्किन टैन, डार्क पैचैज और रिंकल्स से बचाने में मदद भी करती हैं.

बोटनिका विटामिन सी सनस्क्रीन

इस में विटामिन सी और एसपीएफ दोनों होने के कारण यह स्किन के लिए काफी मैजिक का काम करता है. इस का क्विक स्किन अब्सौर्बिंग फौर्मूला स्किन की लेयर्स में डीपली जा कर उसे स्मूद बनाने के साथसाथ उसे पूरे दिन सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने का भी काम करता है. इस में जिंक और टाइटेनियम औक्साइड होने के साथ यह स्किन के पीएच लैवल को बैलेंस में बनाने का काम करता है. चाहे आप को पूरा दिन बीच पर बैठ कर ऐंजौय करना हो या फिर विंटर्स में धूप का मजा लेना हो, यह परफैक्ट सनस्क्रीन है.

अल्ट्रा रिपेयर प्योर मिनरल

सनस्क्रीन मौइस्चराइजर: जहां विंटर का मौसम दिल को छू जाता है, वहीं अगर इस मौसम में स्किन की प्रौपर केयर नहीं की जाती है तो स्किन रैड, ड्राई, फ्लैकी होने के साथसाथ कई बार स्किन टैन की भी समस्या हो जाती है. ऐसे में इस सनस्क्रीन युक्त मौइस्चराइजर में ओटमील की खूबियां होने के कारण यह स्किन पर इचिंग व जलन से तो बचाने का काम करता ही है, साथ ही स्किन पर डैड स्किन सैल्स, औयल को भी रिमूव करने का काम करता है. इस का यूवी ब्लौकर फौर्मूला सन प्रोटैक्शन दे कर स्किन को मौइस्चराइज करने के साथसाथ ग्लोइंग बनाने का भी काम करता है.

केटाफिल 30 एसपीएफ मौइस्चराइजर

यह 30 एसपीएफ वाला फेशियल मौइस्चराइजर स्किन पर ग्लो देने के साथसाथ स्किन की हर लेयर को प्रोटैक्शन देने का भी काम करता है. इस की खास बात यह है कि इस में ओलियोसम टैक्नोलौजी का इस्तेमाल किया गया है, जिस में सनस्क्रीन फिल्टर्स का कम इस्तेमाल होने के कारण यह स्किन को बिना इरिटेट करे सुपर हाइड्रेट करने का काम करता है. यह सैंसिटिव स्किन के लिए एकदम परफैक्ट है.

हाथों की देखभाल के लिए अपनाएं ये 7 टिप्स

क्या आप भी अपने हाथों पर पूरा-पूरा ध्यान देती हैं, फिर भी वे सुंदर नजर नहीं आते? ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्हें सही देखभाल की आवश्यकता है. अब चूंकि सर्दी पड़ रही है इसलिए भी तो हाथों का बारबार रूखा होना स्वाभाविक है. ऐसा हाथों में कम औयल ग्लैंड्स होने के कारण होता है. कपड़े और बरतन धोते-धोते हाथों की स्थिति काफी खराब नजर आने लगती है. ऐसे में जरूरत है कि हाथों को नियमित तौर पर ऐक्सफोलिएट और मौइश्चराइज किया जाए. हाथों पर लगाने के लिए बहुत से पैक आप घर पर भी तैयार कर सकती हैं.

1. लाइम सौफ्टनर

1 बड़ा चम्मच नीबू का रस, 1 छोटा चम्मच चीनी और थोड़ा पानी मिला कर पेस्ट बना लें. इस मिक्सचर को हाथों पर 5 मिनट के लिए लगा कर छोड़ दें. फिर हाथों को गरम पानी से साफ कर के सुखा लें.

2. शुगर ऐक्सफोलिएट

वैजिटेबल/सनफ्लावर/बेबी या औलिव औयल के 2 बड़े चम्मच के साथ 3 बड़े चम्मच चीनी मिला कर पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को अपने हाथों पर 3-4 मिनट तक रगड़ती रहें. फिर गरम पानी से धो कर सुखा लें.

3. हनी एग सौफ्टनर

एक बाउल में थोड़ा सा शहद, अंडे का सफेद हिस्सा, 1 चम्मच ग्लिसरीन और 1 चम्मच बार्ली पाउडर लें. सब को अच्छी तरह मिला कर हाथों पर लगाएं. कुछ मिनट तक हाथों पर लगा रहने के बाद पानी से साफ कर लें.

4. टोमैटो लाइम सौफ्टनर

यदि आप के हाथ बेहद रूखे हैं, तो 1 नीबू और 1 टमाटर का जूस निकाल कर अच्छी तरह मिला लें. फिर 2-3 चम्मच ग्लिसरीन मिलाएं और इस पेस्ट से हाथों का मसाज करें. 4-5 मिनट के बाद गरम पानी से साफ कर लें.

5. नेल सौफ्टनर

औलिव आयल से नाखूनों की मसाज करें. इस के बाद गरम पानी में डुबाएं. इस से रक्तसंचार भी सुचारु रहता है और नाखून भी साफ व स्वस्थ रहते हैं.

6. नरिशिंग क्रीम

1/3 कप ग्लिसरीन और 2/3 कप गुलाबजल को मिला लें. इसे बोतल में भर कर फ्रिज में रख दें. जब भी हाथ रूखे लगें तो इस से हाथों की मसाज कर लें.

7. क्यूटिकल सौफ्टनर

औलिव औयल को गरम कर के क्यूटिकल्स पर लगाएं, लेकिन स्नान के बाद. क्यूटिकल्स पर मसाज करते हुए उंगली की टिप से उन्हें पीछे धकेलें.

Winter Special: फटी एड़ियों को मुलायम बनाएं

सर्दियों में हमारी त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है. त्वचा के लिए तो हम एकबार फिर भी मॉइश्चराइजर, कोल्ड क्रीम खरीद लेते हैं लेकिन एड़ियों की हिफाजत का ख्याल भी बहुत कम लोगों को ही आता है. नतीजा यह होता है कि सर्दियां बढ़ने के साथ ही एड़ियों की दरारें भी बढ़ने लग जाती हैं और एक समय ऐसा आता है कि चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है.

ऐसे में बेहतर यही है कि समय रहते एड़ियों की देखभाल शुरू कर दी जाए ताकि आगे जाकर यह तकलीफ बढ़े नहीं. एड़ियों की देखभाल से पहले यह जानना जरूरी है कि एड़ियां फटती क्यों हैं.

क्यों फटती हैं एड़ियां

सही देखभाल न मिल पाना और गंदगी तो एक वजह है ही साथ ही अनियमित खानपान भी इसका एक मुख्य कारण है.

बनाएं एड़ियों को खूबसूरत और मुलायम

1. नारियल का तेल

रात को सोने से पहले पैरों को अच्छी तरह से साफ कर लें. इसके बाद साफ तौलिए से सुखाकर तेल लगाएं. इसके बाद मोजे पहन लें. इससे पैरों को गर्माहट मिलेगी और मॉइश्चर उड़ेगा भी नहीं. इस उपाय को सिर्फ 10 दिन करके देखें, फायदा होगा.

2. शहद

शहद एक बहुत अच्छा मॉइश्चराइजर है. एक बर्तन में इतना पानी ले लें कि उसमें आपके पैर डूब जाएं. इसमें आधा कप शहद मिलाकर पैर डुबोकर बैठ जाएं. कुछ देर बाद पैर धो लें. कुछ बार के ही इस्तेमाल से आपके पैर सॉफ्ट हो जाएंगे.

3. ग्लिसरीन

गुलाब जल और ग्लिसरीन का एक मिश्रण तैयार कर लें. इसे एड़ियों पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. इसके बाद पैरों को पानी से धो लें. कुछ दिनों में ही आपको असर नजर आने लगेगा.

4. पेट्रोलियम जेली

इसके अलावा पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करके भी फटी एड़ियों की तकलीफ से राहत पायी जा सकती है. सिर्फ एक बात का ख्याल रखें कि गंदे पैर न रहें और अच्छी क्वालिटी के ही जूते-चप्पल पहनें.

Winter Special: ताकि ठंडी हवाएं स्किन की नमी न चुराएं

हौलेहौले सर्दियों ने दस्तक दे दी है. इस मौसम का ठंडापन और रूखापन त्वचा से नमी को चुरा लेने वाला होता है, जिस से त्वचा सूखीसूखी, फटीफटी सी लगने लगती है और थोड़ी सैंसिटिव भी हो जाती है. लेकिन ऐसे मौसम में अगर आप चाहें तो सर्द हवाओं को अपनी त्वचा का दोस्त भी बना सकती हैं, जिस के उपाय बता रही हैं साकेत सिटी हौस्पिटल की डर्मैटोलौजिस्ट डाक्टर लिपि गुप्ता:

1. त्वचा क्यों होती है ड्राई

सर्दियों के मौसम में त्वचा इसलिए ड्राई हो जाती है क्योंकि खुश्क हवा त्वचा के नीचे से नमी सोख लेती है. त्वचा में नमी की कमी होने से सेल्स की बाहरी सतह सूखी हो कर चटकने लगती है, तो नमी का सुरक्षा कवच हट जाता है. इस से अंदरूनी त्वचा पर भी मौसम का असर होने लगता है. ऐसी त्वचा पर स्थायी या अस्थायी लकीरें अपना स्थान बनाने लगती हैं. ऐसा न हो इस के लिए आप आगे बताए जा रहे उपाय अपना कर त्वचा की देखभाल कर उस की नमी बरकरार रख सकती हैं.

2. हौट शौवर स्नान

इस मौसम में हर सुबह स्फूर्तिदायक गरम पानी से स्नान बहुत महत्त्वपूर्ण है क्योंकि ऐसा स्नान आप को ताजगी प्रदान करता है और त्वचा की हाइजीन को बनाए रखता है. पर यह ध्यान रहे कि पानी बहुत ज्यादा गरम नहीं होना चाहिए, क्योंकि वह त्वचा की कुदरती नमी को सोख लेता है. अच्छी तरह से हाइड्रेटेड त्वचा के लिए कुनकुना पानी सब से बेहतर उपाय है.

3. बौडी औयलिंग

सर्दी के मौसम में खुश्क हवा से त्वचा को बचाने व सूखेपन को दूर करने का असरदार तरीका है कुनकुने तेल से मालिश करना. लेकिन मालिश के लिए ऐसे तेल का चुनाव करें जो बहुत ज्यादा चिकनाईयुक्त न हो और शरीर में जल्दी मर्ज हो जाने वाला हो. जैसे औलिव, जोजोबा और ऐलोवेरा औयल. तेल की मसाज सोने से पहले या नहाने से 1 घंटा पहले करें, जिस से तेल का असर बौडी पर अच्छी तरह से हो जाए.

4. फेसवाश कैसा हो

सरदी के मौसम में सब से ज्यादा चेहरे की देखभाल की जरूरत पड़ती है. इस के लिए संतुलित, सौम्य व हाइडे्रटिंग फेसवाश का इस्तेमाल करें, जिस में क्लींजिंग व मौइश्चराइजिंग जड़ीबूटियों के साथसाथ ऐलोवेरा पर्याप्त मात्रा में हो. ये तत्त्व त्वचा को हाइड्रेट करते हैं.

5. साबुन का चुनाव

त्वचा की नियमित सफाई व नमी के लिए ऐसे सौफ्ट साबुन का चुनाव करें जिस में औलिव औयल और ऐलोवेरा के गुण हों.

6. घरेलू मौइश्चराइजर

आधा चम्मच गुलाबजल में 1 चम्मच शहद मिलाएं और चेहरे पर आहिस्ताआहिस्ता मलें. इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर पानी से साफ कर लें. शहद से सूखी त्वचा की नमी लौट आएगी. इस के अलावा नाखूनों के आसपास मौइश्चराइजर लगाएं क्योंकि पानी में ज्यादा देर काम करने से वे भुरभुरे और सूखे हो सकते हैं. आप दस्तानों का प्रयोग भी कर सकती हैं.

7. स्क्रबिंग

सर्दी के मौसम में धूलमिट्टी से त्वचा को बचाने के लिए सप्ताह में 2 बार स्क्रबिंग जरूर करवाएं. स्क्रबिंग त्वचा से जमा मैल और डैडस्किन प्रभावी तरीके से निकालने और त्वचा से अतिरिक्त मौइश्चर को सोखने में सक्षम होती है, इसलिए आप की त्वचा को मुलायम और चमकदार बनाए रखती है.

8. टोनर और क्लींजिंग मिल्क

सर्दी के मौसम में पसीना न आने की वजह से लोग फेसवाश करने पर कम ध्यान देते हैं, जिस से त्वचा की सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो पाती. ऐसे में अच्छी क्वालिटी के टोनर और क्लींजिंग मिल्क प्रभावी तरीके से त्वचा की गहराई से सफाई करते हैं और सूखी त्वचा को स्वच्छ, नर्म व नमीयुक्त बनाते हैं.

9. मौइश्चराइजर

सर्दी के मौसम में ऐसे मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करें जो धूप से सुरक्षा दे. आप नौर्मल मौइश्चराइजर की जगह सेरेमाइकयुक्त मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करें. सैलिब्रिटीज मेकअप ऐक्सपर्ट, आशमीन मुंजाल के अनुसार, मौइश्चराइजर त्वचा में पीएच बैलेंस को मैंटेन करता है. अगर पीएच बैलेंस बढ़ता है, तो ऐक्ने की शुरुआत होती है और अगर कम होता है, तो फेस पर रिंकल्स उभर आते हैं. इसलिए ऐसे मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करें, जो त्वचा में पीएच बैलेंस सही बनाए रखे. इस के अलावा बादाम क्रीम, वैसलीन व ग्लिसरीन का इस्तेमाल करें. ये त्वचा पर एक सुरक्षा कवच बना देते हैं जिस से उस पर शुष्क हवाओं का असर नहीं पड़ता. अच्छा मौइश्चराइजर त्वचा की खोई नमी तो लौटाता ही है, साथ ही नए ऊतकों को पैदा करने में भी मददगार होता है. यह धूल, धूप और मौसम की तीखी मार से बचाते हुए मेकअप की नमी बनाए रखता है. जहां सूखी त्वचा के लिए सामान्य मौइश्चराइजर मददगार साबित होता है, वहीं तैलीय त्वचा के लिए औयलफ्री मौइश्चराइजर बेहतर विकल्प है.

10. सनस्क्रीन लोशन जरूर इस्तेमाल करें

डाक्टर लिपि के अनुसार, जाड़े में धूप भी आप की त्वचा पर सीधा असर डालती है, इसलिए गरमी की तरह ही जाड़े में भी सनस्क्रीन लोशन का इस्तेमाल जरूर करें. दरअसल, सर्दी में भी अल्ट्रावायलेट किरणें नुकसानदेह होती हैं और चूंकि आप जाड़े में धूप में ज्यादा समय बिताती हैं, इसलिए त्वचा पर अल्ट्रावायलेट किरणों का असर भी ज्यादा होता है. सनस्क्रीन लोशन उस के असर से तो त्वचा को बचाता ही है, उस की वजह से आप की खुली त्वचा पर होने वाली फाइनलाइन झुर्रियों और ऐज स्पौट वगैरह से भी बचाता है.

11. खानपान का रखें खास खयाल

सर्दी के मौसम में अपने खानेपीने का खास खयाल रखें. अपनी त्वचा को हाइड्रेट करने के लिए दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीएं. इस मौसम में प्यास कम लगती है फिर भी आप कुछकुछ देर में कोई न कोई लिक्विड जरूर लेती रहें. गरम पानी में नीबू डाल कर भी पीएं. इस से शरीर से विषैले पदार्थ निकल जाते हैं और इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है. इस के अलावा ग्रीन टी, नारियल पानी, स्प्राउट, फल वगैरह लें. खानपान में संतुलन रखें व पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें.

12. पर्याप्त नींद लें

त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए 7-8 घंटे नींद जरूर लें क्योंकि यह हमारी ऊर्जा को ताजा करती है और शरीर को फुरतीला बनाए रखती है.

ऐसे करें अपने पैरों की देखभाल

पैर हमारे शरीर का भार दिनभर उठाते हैं. फिर भी जहां हम बाकी अंगों की देखभाल कर उन की खूबसूरती का पूरा ख्याल रखते हैं, वहीं अकसर पैरों की अनदेखी कर देते हैं, जबकि पैरों को विशेष देखरेख की जरूरत होती है.

एक पुरानी कहावत है कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व की पहचान करने का और यह जानने का कि वह कितना सभ्य है, सब से अच्छा तरीका है उस के पैरों और जूतों का मुआयना करना. इसलिए अपने चेहरे की सुंदरता के साथ-साथ पैरों की सफाई और सुंदरता का भी खास ध्यान रखें और समयसमय पर उन की सफाई, स्क्रबिंग और मास्चराइजिंग करती रहें.

पैरों की सफाई के लिए घोल

एक टब में गुनगुना पानी लें. उसमें 1 कप नीबू का रस, थोड़ा सा इलायची पाउडर, 2 चम्मच औलिव आयल, आधा कप दूध मिला लें. अब इस घोल में 10-15 मिनट के लिए पांव डाल कर बैठ जाएं. फिर किसी माइल्ड सोप से पांव धो लें और कोई अच्छी सी फुट क्रीम लगा लें. चाहें तो फुट लोशन भी लगा सकती हैं.

फुट लोशन कैसे बनाएं

एक गहरे रंग की बोतल लें. उसमें 1 चम्मच बादाम का तेल, 1 चम्मच औलिव आयल, 1 चम्मच व्हीटजर्म आयल, 12 बूंदें यूकेलिप्टस एसेंशियल आयल मिला लें. इसे अच्छी तरह हिलाएं और किसी ठंडी व छायादार जगह पर रख दें. पैरों को साफ करने के बाद उन्हें अच्छी तरह सुखा कर यह लोशन लगाएं.

पैरों की मसाज

दिन भर की थकान के बाद पैरों की मसाज बेहद आवश्यक है. इसके लिए हाथ में 2 चम्मच चीनी लें, फिर उस में 1 चम्मच औलिव आयल या बेबी आयल मिला लें. दोनों हाथों से इस मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें फिर इस से लगभग 2 मिनट तक पैरों की मसाज करें.

यदि पैर ज्यादा रूखे हैं तो लंबे समय तक मसाज करें. अब पैरों को गरम पानी से धो लें. आप स्वयं अपने पैरों में फर्क महसूस करेंगी. ये काफी दिनों तक नरम व मुलायम बने रहेंगे. इस से आप हाथों की मसाज भी कर सकती हैं.

Winter Special: ताकि सर्दियों में ना फटें आपके होंठ

सर्दियां का मौसम आते ही ज्यादातर लोगों की त्वचा रूखी होने लगती है. त्वचा की नमी कहीं खो सी जाती है और त्वचा रूखी-बेजान नजर आने लगती है. त्वचा के साथ ही हमारे होंठ भी फटने शुरू हो जाते हैं. कई बार ये समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि होंठों से खून भी आना शुरू हो जाता है. ऐसे में बहुत जरूरी है कि हम अपनी त्वचा को लेकर फिक्रमंद रहें ताकि वो हमेशा खूबसूरत और जवां बनी रहे.

सर्दियों के मौसम में त्वचा को ज्यादा से ज्यादा नमी की जरूरत होती है. ऐसे में आप चाहें तो ग्लिसरीन का इस्तेमाल कर सकती हैं. यह एक नेचुरल लिप बाम भी है.

कैसे करें ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल

आप चाहें तो ग्ल‍िसरीन को बाम की तरह लगा सकते हैं. इसके अलावा इसे दूध, शहद या गुलाब जल के साथ मिलाकर भी लगाया जाता है.

ग्ल‍िसरीन लगाने के फायदे

सर्दियों में शुष्‍क हवाओं के कारण होठ सूख जाते हैं और फटने लग जाते हैं. होठों पर ग्ल‍िसरीन के इस्तेमाल से होंठ मुलायम बनते हैं जिससे फटने की समस्या भी नहीं होने पाती है.

अगर आपके होंठों पर दाग-धब्बे हैं और ये काले पड़ चुके हैं तो भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है. कई बार धूम्रपान करने के कारण लोगों के होंठ काले पड़ जाते हैं. ऐसी स्थिति में भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है.

सर्दियों में हवाओं के प्रभाव से होठों की ऊपरी परत सूख जाती है और पपड़ी बन जाती है. ऐसे में ग्लसिरीन का इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है.

अगर आपके होंठ कहीं से कट गए हों या फिर अगर उनमें किसी तरह का घाव बन गया हो तो भी ग्ल‍िसरीन का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है.

होठों के लिए ग्ल‍िसरीन एक पोषक तत्व की तरह काम करता है, जिससे होठों को नमी मिलती है.

यों दें न्यू बौर्न को ममता का कोमल स्पर्श

बच्चा अगर छोटा है और रो रहा है तो मां के लिए यह समझ पाना बहुत मुश्किल हो जाता है कि उसे क्या चाहिए. ऐसे में परेशान होने के बजाय मां को खुद ही यह समझना होता है कि उसे किस समय किस चीज की जरूरत होती है. आप को ही इन सब बातों के लिए पहले से ही कौन्फिडैंट होना चाहिए ताकि बच्चे की परवरिश अच्छी तरह से हो सके. बच्चे को ले कर कैसे कौन्फिडैंट बनें, आइए जानते हैं:

नहलाना

कई मांए बच्चे को पहली बार नहलाने से डरती हैं लेकिन सावधानी बरती जाए और नहलाने का सही तरीका पता हो तो यह इतना भी मुश्किल नहीं है. आइए जानें कि कैसे नहलाएं बच्चे को:

  • बच्चे को टब में नहलाना सही रहता है, बस इस के लिए ध्यान दें कि टब बहुत गहरा न हो.
  • बच्चे को हमेशा कुनकुने पानी से ही नहलाएं. पानी को चैक करने के लिए अपनी कुहनी को पानी में डालें. अगर आप को पानी गरम नहीं लगता तो बच्चे को उस से नहला सकती हैं.
  • सब से पहले पानी के छींटे डालें. एकदम उस पर पानी न डाल धीरेधीरे डालें.
  • बच्चे को खासतौर पर बनाए गए बच्चों के प्रोडक्ट्स से ही नहलाएं. ध्यान रखें कि उन में पैराबेंस, एसएलएस व एसएलईएस जैसे तत्व न हों.
  • इस बात का भी ध्यान रखें कि बच्चे के कानों या नाक में पानी न जाए.
  • बच्चे के सिर पर पानी की सीधी धार कभी न डालें वरना इस से उसे चोट लग सकती है.
  • नहलाने के बाद बच्चे को टौवेल में लपेट कर लोशन लगाएं.

बच्चे का अत्यधिक रोना

कई बार छोटे बच्चे जब रोना शुरू करते हैं तो चुप होने का नाम ही नहीं लेते. ऐसे में कई मांएं परेशान हो जाती हैं. इधरउधर अपने रिश्तेदारों से पूछती हैं कि क्या करें बच्चा रो रहा है. बच्चा अगर 3 महीने से छोटा है, तो कई बार वह बेवजह भी रो सकता है. ऐसे में उसे गोद में ले कर घूमने से वह अच्छा महसूस करता है और चुप हो जाता है. लेकिन अगर वह चुप नहीं हो रहा तो उसे भूख लगना, डाइपर गंदा होना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए उस की इन परेशानियों को दूर करें.

कई बार बच्चा भूखा होने पर रोता है. बच्चा खाना खाने के कुछ देर बाद फिर से रोने लगता है, क्योंकि उस का पेट बहुत छोटा होता है. उसे थोड़ीथोड़ी देर में भूख लग जाती है, इसलिए उस के खानेपीने का खास ध्यान रखें.

इस के अलावा इन बातों पर भी गौर करें:

  • बच्चे का डाइपर भर जाता है तो वह गीला हो जाता है. इस से बच्चे की नींद खुल जाती है और वह रोना शुरू कर देता है. गीले डाइपर में बच्चे को बहुत बेचैनी होती है, इसलिए बीचबीच में उस का डाइपर चैक कर बदलती रहें. इसे बदलने के बाद बच्चा शांत हो जाएगा.
  • कई बार गंदे डाइपर की वजह से बच्चे की त्वचा में रैशेज हो जाते हैं, जिन में दर्द होता है और इचिंग भी हो सकती है. इसलिए इसे भी चैक कर लें कि कहीं बच्चा इस वजह से तो नहीं रो रहा. बच्चे का डाइपर चैंज करने के बाद उसे जिंकआक्साइड युक्त नैपी क्रीम अवश्य लगाएं.
  • बच्चे की उम्र 6 से 8 महीने है तो वह दांत आने की समस्या से भी परेशान हो सकता है, इसलिए यह भी देख लें.
  • कई बार बच्चा थक जाता है और उसे मां की गोद की तलब लगती है. वह इसलिए भी रोने लगता है, ऐसे में बच्चे को प्यार से गोद में ले कर उस का सिर सहलाएं. वह आराम महसूस करेगा और चुप हो जाएगा.

बच्चे का रातभर जगना

नवजात अकसर दिन में सोते हैं और रात को जागते हैं. कई बार वे दिन में जागने के बावजूद रात में सोते नहीं हैं. ऐसे में मातापिता को उन के साथ जागना पड़ता है, जो बहुत परेशानी की बात होती है. बच्चे को कोई परेशानी होती है तो भी वह सो नहीं पाता है जैसे कि अगर बच्चा भूखा है या फिर उसे किसी चीज की जरूरत है तो भी उसे नींद नहीं आती.

ऐसे में इन बातों पर ध्यान दें

बच्चे को रात में उठ कर कई बार दूध पिलाना होता है, क्योंकि वह थोड़ाथोड़ा दूध ही पीता है इसलिए बच्चे को दूध पिलाती रहें. ब्रैस्टपंप की सहायता से अपना दूध निकाल कर रख लें व समयसमय पर बच्चे को पिलाती रहें ताकि आप को भी आराम मिले और बच्चा भी भूखा न रहे.

  • अगर बच्चे को किसी खास टौय या फिर चादर को ले कर सोने की आदत है, तो जब तक उसे वह चीज नहीं मिल जाती है वह जागता रहेगा. इसलिए इस बात का भी खयाल रखें.
  • बच्चे को रोजाना एक ही समय पर सुलाएं, अपने हिसाब से उस के सोने के टाइम को इधरउधर न करें वरना उसे नींद नहीं आएगी.
  • फीवर, सर्दी, पेट दर्द जैसी कोई समस्या होने पर भी वह सो नहीं पाता है, इसलिए ये सब भी चैक कर लें.

खिलौने भी हों खास

बच्चे के जन्म के बाद न सिर्फ मातापिता के द्वारा बच्चे के लिए बहुत से खिलौने खरीदे जाते हैं, बल्कि रिश्तेदारों के द्वारा भी बच्चे को उपहारस्वरूप बहुत से खिलौने दिए जाते हैं. बच्चे का पूरा कमरा खिलौनों से भर जाता है, जिस में से कुछ अच्छी क्वालिटी के होते हैं तो कुछ बेकार. लेकिन मां को पता होता है या फिर पता होना चाहिए कि उस के बच्चे के लिए कौन सा खिलौना सही है.

  • बच्चे के पालने में लटकाने वाले रैटल जिस में रंगबिरंगे भालू, हाथी, छोटेछोटे घोड़े लटके होते हैं वह अच्छा रहता है. इसे देख कर बच्चा खुश होता है. इस से बच्चा अपनी आंखों के जरीए ध्यान केंद्रित करना भी सीखता है. समझदार मांएं अपने बच्चे को वही देती हैं.
  • कई खिलौनों में घंटी लगी होती है और वह प्लास्टिक की रिंग के बीच होती है जोकि काफी नर्म भी होती है. जब यह घंटी हवा से हिलती है, तो इस में से मधुर संगीत आता है, जिसे सुन कर रोता बच्चा चुप हो जाता है.

इन के अलावा भी बहुत से खिलौने बच्चों की उम्र के हिसाब से मिलते हैं, लेकिन इस बात का खयाल रखना चाहिए कि जो भी खिलौना लें वह सौफ्ट हो, उस के कोने न निकले हों, वह मुलायम कपड़े का बना हो जिसे बच्चा ऐंजौय करे.

  • जो भी खिलौना बच्चे को दें उस से पहले एक बार उसे खुद इस्तेमाल कर के देखें. अगर सही लगे तभी बच्चे को दें.

बच्चों का खाना उगलना: जन्म के 3 महीने बाद तक बच्चों की लार निकलती रहती है. खास कर जब उन्हें कुछ खिलाया जाता है, तो वे तुरंत उलटी कर देते हैं. लेकिन इस के बाद मांओं का काम बढ़ जाता है और वे परेशान होने लगती हैं कि शिशु की इस आदत को कैसे बदलें.

इस के लिए शिशु की नहीं, बल्कि खुद की कुछ आदतों को बदलें जैसे कि दूध पिलाने के बाद एकदम से जो माएं बच्चे के साथ खेलना शुरू कर देती हैं, उन्हें गोद में ले कर उछालती है उन के बच्चे दूध ज्यादा उगलते हैं इसलिए दूध पिलाने के बाद बच्चे को पहले कंधे से लगा कर डकार दिलवाएं ताकि उस का दूध हजम हो जाए और वह उसे उगले नहीं.

  • कई बार ठंडा दूध पिलाने से भी बच्चा ऐसा करता है, क्योंकि उसे वह अच्छा नहीं लगता है.

जब बच्चे को हो जाएं घमौरियां:

गरमी के मौसम में अकसर बच्चों को घमौरियां हो जाती हैं, लेकिन अगर थोड़ी सावधानी बरती जाए तो इन से बचा जा सकता है जैसे कि:

  • इस मौसम में बच्चे को हलके लूज और सौफ्ट कौटन के कपड़े पहनाएं. चुभने वाला कोई कपड़ा बच्चे को न पहनाएं.
  • बच्चे को हर तरह का टैलकम पाउडर न लगाएं. सिर्फ राइस स्टार्च युक्त बेबी पाउडर ही लगाएं ताकि उसे रैशेज और दानों से बचाया जा सके.
  • घमौरियों वाली जगह को दिन में 2-3 बार साफ पानी से धोएं या स्पंज करें.
  • बच्चे को ज्यादा खुशबू वाले साबुन से न नहलाएं या फिर तेल न लगाएं, क्योंकि इन में कैमिकल होता है, जो बच्चे की नाजुक त्वचा के लिए सही नहीं है.

मसाज करने में हों कौन्फिडैंट:

कौन्फिडैंट मांएं बिना डरे अपने नाजुक से बच्चे की मालिश बिलकुल सही तरीके से स्टैपबाईस्टैप करती हैं जैसे कि:

  • मालिश की शुरुआत पैरों से करें. इस के लिए अपने हाथों पर तेल मल बच्चे की जांघों को मलते हुए नीचे पैरों तक आएं.
  • बच्चे की एडि़यों की भी मालिश करें. पैरों के अंगूठे को चक्राकार घुमाएं.
  • बच्चे के हाथों, छाती और पीठ की मालिश करें.
  • अगर मालिश के दौरान बच्चा रोने लगे तो उसे गले से लगा कर चुप कराएं.
  • बच्चे की मालिश दूध पीने के बाद या सोते वक्त न करें.

– चाइल्ड स्पैशलिस्ट शालू जैन से शिखा जैन द्वारा की गई बातचीत पर आधारित.

Winter Special: रूखे हाथ बन जाएंगे मक्खन से मुलायम

हम अपने हर छोटे-बड़े काम को करने के लिए सबसे पहले हाथ ही बढ़ाते हैं. पर क्या हम अपने हाथों का उतना ध्यान रख पाते हैं जितना रखना चाहिए? शायद नहीं.

हाथ अक्सर उपेक्षित ही रह जाते हैं और इस वजह से ये रूखा और भद्दा नजर आने लगता है. रूखे और बेजान हाथों के लिए कई कारक उत्तरदायी हो सकते हैं. कई बार शुष्क हवा, ठंडा मौसम, सूरज की तेज रोशनी, पानी से अत्यधिक संपर्क, केमिकल्स और कठोर साबुन के इस्तेमाल से भी हाथ बेकार हो जाते हैं.

इसके अलावा कई मेडिकल कंडिशन्स भी हाथों को रूखा बना देती हैं. अगर आपके हाथ भी रूखे और बदसूरत हो गए हैं तो इन घरेलू उपायों का अपनाकर आप एकबार फिर मक्खन जैसे हाथ पा सकती हैं:

1. ऑलिव ऑयल के इस्तेमाल से हाथ कोमल बनते हैं. इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, हेल्दी फैटी एसिड्स पाए जाते हैं जो रूखे हाथों को कोमल और मुलायम बनाने का काम करते हैं. इससे हाथों में मॉइश्चर बना रहता है.

2. ओटमील के इस्तेमाल से भी हाथों का रूखापन और खुरदुरापन ठीक हो जाता है. ये एक नेचुरल क्लींजिंग की तरह काम करता है. इसमें मौजूद प्रोटीन हाथों की नमी को बनाए रखता है जिससे त्वचा मुलायम बनी रहती है.

3. नारियल तेल में फैटी एसिड्स का एक अनोखा मिश्रण मौजूद होता है, जो ड्राई स्किन के लिए बेहतरीन होता है. इसके अलावा ये सूरज की रोशनी में झुलस गए हाथों को निखारने का काम भी करता है.

4. मिल्क क्रीम का इस्तेमाल करके भी आप अपने हाथों को मक्खन की तरह बना सकती हैं. मिल्क क्रीम में हाई फैट होता है और ये एक नेचुरल मॉइश्चराइजर है. इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा के pH लेवल को भी मेंटेन करने में मदद करता है.

5. शहद भी एक नेचुरल मॉइश्चराइजर है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट पर्यापत मात्रा में होता है. ये त्वचा की नमी को त्वचा में लॉक करने का काम करता है, जिससे त्वचा मुलायम बनी रहती है.

6. एलोवेरा का इस्तेमाल भी काफी कारगर है. ये त्वचा की नमी को बनाए रखने के साथ ही हाथों पर एक लेयर बना देता है जिससे हाथ बाहरी कारकों से प्रभावित होने से बचे रहते हैं.

7. इसके अलावा दही और केले को भी हाथों पर मलने से हाथ मुलायम बने रहते हैं. दही के इस्तेमाल से हाथों की टैनिंग भी दूर हो जाती है.

Winter Special: सर्दियों में ऐसे करें स्किन की देखभाल

त्वचा की नियमित देखभाल करना मेकअप से ज्यादा जरूरी है. सर्दियों में त्वचा की देखभाल और जरूरी हो जाती है. अपनी कुछ आदतों को बदलकर आप इस मौसम में होने वाली त्वचा संबंधी परेशानियों से आसानी से निपट सकती हैं.

– चेहरे की सफाई पर नियमित ध्यान देना जरूरी है.

– सुबह-शाम फेसवाश से चेहरा धोएं और बाहर से लौटकर चेहरे की सफाई का खास ध्यान रखें क्योंकि बाहर का प्रदूषण चेहरे को नुकसान पहुंचा सकता है.

– चेहरा धोने के बाद चेहरे पर मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें. मुलायम हाथों से चेहरे पर मसाज करें और अतिरिक्त मॉइश्चराइजर को कॉटन या टिश्यू पेपर से पोछ लें.

– क्लेंजिंग, टोनिंग व मॉइश्चराइजिंग का सिद्धांत कभी न भूलें. बाहर से घर लौटने पर चेहरा अवश्य साफ करें और सुबह-शाम त्वचा की अच्छे से सफाई करें.

– क्लेंजिंग के लिए कच्चे दूध का इस्तेमाल करें. कच्चे दूध में कॉटन डुबोकर चेहरे को साफ करने से भी त्वचा की बेहतर सफाई की जा सकती है.

– सप्ताह में कम से कम एक बार स्क्रब का इस्तेमाल करें.

– घर पर भी स्क्रब बनाया जा सकता है. इसके लिए चीनी में थोड़ा-सा शहद और बादाम का तेल डालकर स्क्रब बना लें. इसे चेहरे पर लगाएं और हल्के-नर्म हाथों से नीचे से ऊपर की ओर मसाज करें. इसके अलावा नमक और चीनी को जैतून के तेल साथ मिलाकर भी स्क्रब की तरह प्रयोग किया जा सकता है. इससे मृत त्वचा आसानी से हट जती है.

– दिन भर में सात-आठ गिलास पानी अवश्य पिएं. जाड़ों में अक्सर लोग पानी पीना कम कर देते हैं. पानी से त्वचा को कुदरती चमक मिलती है.

– खूबसूरत और दमकती त्वचा के लिए खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है. फलों और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें. जूस व दूध का प्रयोग भी भरपूर मात्रा में करें. इससे त्वचा और चेहरे में प्राकृतिक निखार बढ़ेगा.

– व्यायाम व योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं. इससे रक्त संचार तेज होता है और चेहरे की चमक बढ़ती है.

– खानपान में पर्याप्त फल और सब्जियों को शामिल करें. त्वचा व शरीर को भरपूर पोषण देने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त आहार लें. मछली और बादाम विटामिन ई और ओमेगा-3 का अच्छा स्रोत हैं.

– घर से बाहर निकलते वक्त एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन का प्रयोग करें.

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