Monsoon Hair Care : तपती गर्मी के बाद मौनसून जितना मजेदार और फ्रेश फ़ील कराता है, उतना ही इसके कुछ साइड इफेक्ट भी कुछ स्त्रियों के लिए होता है, खासकर इन दिनों हेयर केयर एक बड़ी समस्या होती है, मुंबई जैसे क्षेत्र में जहां मॉनसून लगातार बरसता है, लंबे केश वाली लड़कियों के लिए अपने बालों को सम्हालना काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इन दिनों हवा में नमी अधिक होती है, फलस्वरूप किसी कारणवश अगर केश गीले हो गए, तो उन्हे सुखाना भारी पड़ता है, जिससे कई प्रकार के स्कैल्प इंफेक्शन और डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है और केश झड़ने लगते है, जिसका मानसिक प्रभाव इन लड़कियों पर पड़ने लगता है, वे रोज – रोज हेयर फाल कितने हुए, उसे गिनने लगती है, ऐसे में मॉनसून में लंबे केश को सम्हालने के तरीके को जानना बहुत जरूरी है
स्कैल्प की सफाई जरूरी
इस बारें में मुंबई के डॉ. शरीफ़ा स्किन केयर क्लिनिक की त्वचा रोग विशेषज्ञ, डॉ. शरीफ़ा चौसे कहती है कि लंबे बाल होने से इसमें अपने आप डैंड्रफ नहीं होता, लेकिन इनमें पसीना, तेल और नमी ज़्यादा देर तक स्कैल्प पर बनी रह सकती है. बरसात के मौसम में नमी अधिक होने के कारण अगर बाल और स्कैल्प की ठीक से सफाई न हो या बाल लंबे समय तक गीले रहें, तो डैंड्रफ पैदा करने वाले यीस्ट और कीटाणु तेजी से बढ़ सकते हैं. इसलिए बालों की लंबाई नहीं, बल्कि स्कैल्प की सफाई सबसे ज़रूरी है. खासकर लंबे बालों वालों में, डैंड्रफ, खुजली और स्कैल्प में जलन अधिक बढ़ने की वजह हवा में नमी का अधिक होना, जिससे स्कैल्प पर पसीना और तेल अधिक बनता है. इससे एक प्राकृतिक यीस्ट तेजी से बढ़ता है, जो डैंड्रफ, खुजली और जलन की वजह बन सकता है. लंबे बालों को सूखने में भी ज़्यादा समय लगता है, जिससे स्कैल्प लंबे समय तक नम रहता है और समस्या बढ़ सकती है.
इसके अलावा इस मौसम में गीले केश बांधने से स्कैल्प में नमी फंस जाती है, जिसमें फंगस और बैक्टीरिया आसानी से पनप सकते हैं. इससे भी डैंड्रफ बढ़ सकता है, खुजली, बदबू और कुछ मामलों में फंगल इंफेक्शन या बालों की जड़ों में सूजन (फॉलिकुलाइटिस) भी हो सकती है.
केशों को रखें साफ
आमतौर पर सप्ताह में 2 से 3 बार बाल धोना पर्याप्त होता है. अगर स्कैल्प बहुत तैलीय हो या अधिक पसीना आता हो, तो ज़रूरत के अनुसार इससे अधिक बार भी धो सकते हैं. ध्यान सिर्फ बालों पर नहीं, बल्कि स्कैल्प की अच्छी तरह सफाई पर होना चाहिए. हल्के शैम्पू का इस्तेमाल करें और यदि डॉक्टर सलाह दें तो एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का उपयोग कर सकती है. कुछ लड़कियां लंबे बाल होने की वजह से उन्हें बार-बार नहीं धोती, जिससे स्कैल्प पर तेल, पसीना, धूल और मृत त्वचा जमा होने लगती है, इसलिए बाल धोने से बचने के बजाय हर बार धोने के बाद उन्हें तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं और ज़रूरत हो तो कम तापमान वाले हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करें.
लें सलाह
डॉक्टर आगे कहती है कि डैंड्रफ के साथ स्कैल्प पर बहुत ज्यादा लालपन, तेज खुजली, दर्द वाले दाने, पस, बदबू, मोटी पपड़ी या जगह-जगह से बाल झड़ने लगें, तो यह फंगल इंफेक्शन या किसी दूसरी स्कैल्प बीमारी का संकेत हो सकता है. यदि 3 से 4 हफ्ते तक एंटी – डैंड्रफ शैम्पू इस्तेमाल करने के बाद भी आराम न मिले, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए.
न प्रयोग करें, हेयर स्टाइलिंग प्रोडक्ट
बारिश के मौसम में अधिक हेयर ऑयल, सीरम या स्टाइलिंग प्रोडक्ट लगाने से भी डैंड्रफ और स्कैल्प पर गंदगी बढ़ सकती है, क्योंकि बहुत ज्यादा तेल या भारी स्टाइलिंग प्रोडक्ट लगाने से स्कैल्प पर धूल, पसीना और मृत त्वचा जमा हो सकती है. इससे डैंड्रफ और जलन बढ़ने का खतरा रहता है. केशों में तेल सीमित मात्रा में लगाएं और कुछ घंटों बाद धो लें.
लड़कियों में मानसिक दबाव
इसके अलावा डैंड्रफ होने की वजह से केशों का झड़ना शुरू हो जाता है, जिससे लड़कियां अधिक चिंतित हो जाती है कि वे कही गंजे न हो जाय, जबकि ऐसा नहीं होता. लंबे समय तक रहने वाली सूजन और लगातार खुजलाने से बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं, जिससे अस्थायी रूप से बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं, लेकिन डैंड्रफ और सूजन का सही इलाज होने पर बाल झड़ने की समस्या भी अक्सर कम हो जाती है.
कुछ मिस्टैक्स
सबसे आम गलतियां हैं,
• स्कैल्प को लंबे समय तक गीला रखना, गीले बाल बांधना,
• बाल कम धोना,
• जरूरत से ज्यादा तेल लगाना,
• कंघी और तौलिया दूसरों के साथ साझा करना,
• लगातार हो रही खुजली या डैंड्रफ को नजरअंदाज करना आदि.
लंबे हेयर की केयर रूटीन
1. अपने स्कैल्प की नियमित रूप से सफाई करें,
2. हर बार बाल धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाएं,
3. गीले बाल न बांधें, कंघी और तकिए के कवर को साफ रखें,
4. संतुलित आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं और स्कैल्प को खुजलाने से बचें.
5. अगर बार-बार डैंड्रफ हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह से एंटी-डैंड्रफ शैम्पू का प्रयोग करना आदि.
सोशल मीडिया को करें अवॉइड
आजकल सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई घरेलू नुस्खों के पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण या शोध नहीं होता. नींबू, बेकिंग सोडा, टूथपेस्ट या बिना मिलावट वाले एसेंशियल ऑयल जैसी चीजें स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकती हैं, एलर्जी कर सकती हैं, डैंड्रफ बढ़ा सकती हैं और कभी-कभी जलन या घाव भी कर सकती हैं. ये जान लें कि हर व्यक्ति की स्कैल्प समस्या अलग होती है, इसलिए सही इलाज हमेशा योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ की जांच और सलाह के अनुसार ही करनी चाहिए.
इस प्रकार बरसात में सुन्दर लंबे केश आपको तभी मिल सकते है, जब आपने केशों की सही देखभाल की हो और ये मुश्किल भी नहीं. सुंदर, लंबे, घने केश ही आपकी खूबसूरती में चार चाँद लगा सकते है और आप भीड़ में सबके आकर्षण का केंद्र बन सकती है.
