बचपन में एक बुढ़िया की कहानी सुनी थी जिस में उस गरीब औरत को अंधियारी बरसती रात में अपनी झोंपड़ी के बाहर बैठे शेर से ज्यादा बारिश के उस टपके का डर था जो उस की झोंपड़ी को भारी नुकसान पहुंचा सकता था.

आज के समय में घर पक्के हो गए हैं और जंगल सिमट गए हैं तो टपके और शेर का डर अब ज्यादा रहा नहीं, पर नए तरह के डर महिलाओं में घर कर गए हैं. मेकअप को ही ले लो. हाल यह है कि महिलाओं को किसी पार्टी में देर से पहुंचने का कोई गम नहीं होता है, पर अगर उन का मेकअप जरा सा बिगड़ जाए तो आफत आ जाती है. बारिश के रिमझिम मौसम में तो उन के मेकअप पर खराब होने की तलवार हमेशा लटकती रहती है.

फिलहाल दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है, पर धीरेधीरे जब हर जगह आवाजाही बढ़ने लगी है तो महिलाओं की मित्र मंडलियां भी जुड़ने लगी हैं. पर बारिश के मौसम में उन के सामने मेकअप के जल्दी खराब की समस्या आती है.

पर जब कोई समस्या आती है तो उस का हल भी निकल आता है. दिल्ली की नेहा सागर, जो प्रोफैशन से डाइटीशियन और मेकअप आर्टिस्ट हैं, ने बताया, "बारिश के मौसम में हमें वाटरप्रूफ मेकअप ही इस्तेमाल करना चाहिए. मेकअप करने से पहले और मेकअप हटाने के बाद स्किन को अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए."

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प्राइमर

नेहा सागर ने बताया, "मेकअप में फाउंडेशन का बड़ा खास रोल होता है और फाउंडेशन के लिए प्राइमर एक बहुत ही अहम प्रोडक्ट होता है जो फाउंडेशन से पहले लगाया जाता है. ये प्राइमर स्किनटोन के अनुरूप बाजार में मिलते हैं, लेकिन बरसात के दिनों में जैल बेस्ड प्राइमर को ही इस्तेमाल करें."

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