यह कहावत तो सदियों से चली आई है कि “प्यार का रिश्ता पेट से होकर जाता है” पुरातन काल में यह कहावत मुख्यतया महिलाओं को लेकर कही गयी थी कि यदि पति और ससुराल वालों का प्यार पाना है तो उनकी मनपसन्द का खाना बनाकर खिलाओ तो ससुराल वाले हमेशा खुश रहेंगे और उनका भरपूर प्यार मिलेगा. परन्तु आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकीं हैं. आज की नारी का काम केवल खाना बनाकर घरवालों को खिलाना ही नहीं है वह आज अपने करियर कि बुलंदियों को छूना चाहती है, अपने पति के कदम कदम से कदम मिलाकर चलना चाहती है, अपने सास ससुर के साथ साथ अपने माता पिता का भी एक मजबूत सहारा बनना चाहती है. इसके लिए आवश्यक है कि प्रथम तो किचिन केवल महिला की ही नहीं पुरुषों की भी कर्मस्थली बने. दूसरे किचिन के कामों को करना इतना आसान बना लिया जाये कि नवदंपत्ति आराम से किचिन में प्यार से काम कर सकें. आजकल विवाह से पूर्व नवयुवतियां अपने करियर को बनाने में व्यस्त रहतीं हैं इसलिए किचिन और कुकिंग पर बहुत अधिक ध्यान नहीं दे पातीं इसीलिए विवाह के बाद अचानक से आई कुकिंग की जिम्मेदारी को अक्सर हैंडल करना उनके लिए मुश्किल हो जाता है. आज हम आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स लेकर आये हैं जिन्हें अपनाकर आपके लिए खाना बनाना रोकेट साइंस नहीं बल्कि चुटकियों का खेल हो जायेगा.

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