सर्दियों में गाजर सेहतमंद सब्जियों के श्रेणी में आता है , गाजर कंद प्रजाति की एक सब्जी है. गाजर विटामिन बी का अच्छा सोर्स है. इसके अलावा, इसमें ए, सी, डी, के, बी-1 और बी-6 काफी क्वॉन्टिटी में पाया जाता है. इसमें नैचरल शुगर पाया जाता है, जो सर्दी के मौसम में शरीर को ठंड से बचाता है. इस मौसम में होने वाले नाक, कान, गले के इन्फेक्शन और साइनस जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए गाजर या इससे बनी चीजों का सेवन फायदेमंद साबित होता है. यह सब्जी सलाद, अचार आदि बनाकर उपयोग की जाती है. आप इसे सलाद के तौर पर खाएं या गाजर का हलवा बनाकर, दोनों ही फायदेमंद है.

आयुर्वेद के अनुसार गाजर स्वाद में मधुर, गुणों में तीक्ष्ण, कफ और रक्तपित्त को नष्ट करने वाली है. इसमें पीले रंग का कैरोटीन नामक तत्व विटामिन ए बनाता है. हां, अगर कैलरीज से बचना चाहती हैं, तो गाजर का हलवा अवॉइड करें. 100 ग्राम गाजर में 0.9 प्रोटीन, 10.6 कैलरीज, 80 मिलीग्राम कैल्शियम, 0.03 मिलीग्राम आयरन पा सकते हैं. गाजर नेत्र ज्योति बढ़ाने वाली एक सर्वोत्तम जड़ है. इसे खाने से जबड़ों का व्यायाम हो जाता है. यह पेट साफ करती है रक्त बढ़ाती व शुध्द करती है. इसका हल्का चरपरापन रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है. शोध में इसमें हृदय उपचारक गुण पाए गए हैं. गाजर रक्त में खराब कोलेस्ट्राल का स्तर कम करती है. यह पेट के सभी रोगों में लाभ पहुंचाती है. यह कंद होकर भी लाभ फलों के समान पहुंचाती है. आईये एक नजर डालते है गाजर के औषधीय गुणों पर : –

-निम्न रक्तचाप के रोगियों को गाजर के रस में शहद मिलाकर लेना चाहिए. रक्तचाप सामान्य होने लगेगा.

-गाजर का रस, टमाटर का रस, संतरे का रस और चुकंदर का रस लगभग पच्चीस ग्राम की मात्रा में रोजाना दो माह तक लेने से चेहरे के मुँहासे, दाग, झाइयाँ आदि मिट जाते हैं.

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-पथरी की शिकायत में गाजर, चकुंदर और ककड़ी का रस समान मात्रा में लें.

-गाजर का सेवन उदर रोग, पित्त, कफ एवं कब्ज का नाश करता है. यह आँतों में जमा मल को तीव्रता से साफ करती है.

-गाजर को उबालकर रस निकाल लें. इसे ठंडा करके 1 कप रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर पीने से सीने में उठने वाला दर्द मिट जाता है.

-बच्चों को कच्ची गाजर खिलाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं.

-गाजर का नित्य सेवन रक्त की कमी को दूर कर रक्त में लौह तत्वों की मात्रा को बढ़ाता है.

-गाजर पीसकर आग पर सेंककर इसकी पुल्टिस बनाकर बाँधने से फोड़े ठीक हो जाते हैं.

-गाजर का अचार तिल्ली रोग को नष्ट करता है.

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-आग से त्वचा जल गई हो तो कच्ची गाजर को पीसकर लगाने से तुरंत लाभ होता है और जले हुए स्थान पर ठंडक पड़ जाती है.

-दिमाग को मजबूत बनाने के लिए गाजर का मुरब्बा प्रतिदिन सुबह लें.

-अनिद्रा रोग में प्रतिदिन सुबह-शाम एक कप गाजर का रस लें.

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