शादी के अटूट बंधन के मद्देनजर लड़के के लिए उपयुक्त लड़की और लड़की के लिए उपयुक्त लड़का उपलब्ध कराना नेक काम तो है ही, इस से लाभ भी हासिल होता है. आज जोड़ी बनाने यानी मैचमेकिंग का काम रोजगार का रूप ले चुका है. इस काम को कहीं से भी किया जा सकता है. कुछ लोग इस के लिए कमर्शियल कौंप्लैक्स में औफिस खोलते हैं तो कुछ घर से ही इस काम को अंजाम दे कर खासी कमाई कर रहे हैं. मैचमेकिंग के काम में महिलाएं महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा कर अपने घर में धनवर्षा कर रही हैं.

मैचमेकिंग यानी जोड़ी मिलाने के व्यवसाय में न तो बहुत ज्यादा जगह की जरूरत होती है और न ही भारी पूंजी की. ‘हींग लगे न फिटकरी रंग भी चोखा होय’ की कहावत को चरितार्थ करता यह व्यवसाय एक बार जम गया तो फिर समझो इस में सोनाचांदी सबकुछ है.

इस में अधिकाधिक रिश्ते जुटानेके लिए आप के संपर्क जितने ज्यादा होंगे, आप की संपर्क सूची उतनी ही लंबी होगी, जो व्यवसाय में फायदेमंद साबित होगी. एक समय था जब लोग रिश्तों के लिए रिश्तेदारों व अन्य विश्वस्त सूत्रों पर निर्भर होते थे लेकिन आज मैचमेकर्स पर निर्भर होने लगे हैं क्योंकि मैचमेकर्स ने अपनी सेवाओं से लोगों में विश्वास जमाया है.

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