Home Decoration : बैडरूम घर का वह कोना है जहां दिनभर की थकान के बाद सुकून मिलता है. ऐसे में यहां की लाइटिंग सिर्फ कमरे को रोशन करने के लिए नहीं बल्कि एक आरामदायक और खूबसूरत माहौल बनाने के लिए भी जरूरी है.
जानिए, बैडरूम में कौन सी लाइट कहां और क्यों लगाएं:
बैडरूम सजाते समय हम बैड, बैडशीट, कुशन, परदों और वाल डैकोर पर तो खूब ध्यान देते हैं लेकिन लाइटिंग को अकसर आखिरी में रखते हैं, जबकि कमरे की सही रोशनी पूरे बैडरूम का मूड बदल सकती है. आजकल बैडरूम में सिर्फ एक सीलिंग लाइट लगाने के बजाय कई तरह की लाइट्स को मिला कर लेयर्ड लाइटिंग का चलन बढ़ रहा है. इस से जरूरत के हिसाब से कमरे में तेज, हलकी या बेहद सौफ्ट रोशनी की जा सकती है.
सीलिंग लाइट से शुरुआत
बैडरूम की बेसिक लाइटिंग के लिए सीलिंग लाइट सब से जरूरी होती है. यह पूरे कमरे में सामान्य रोशनी देती है और कपड़े बदलने, सफाई करने या सामान ढूंढ़ने जैसे कामों के लिए उपयोगी रहती है.
एलईडी सीलिंग लाइट कम बिजली की खपत और लंबे समय तक चलने के कारण लोकप्रिय है. लेकिन बैडरूम में बहुत ज्यादा तेज सफेद रोशनी कमरे के शांत माहौल को कम कर सकती है. इसलिए ऐसी लाइट चुनें जिस की ब्राइटनैस कमरे के आकार के अनुसार हो और जिस की रोशनी सीधे आंखों पर न पड़े.
वार्म लाइट से बनेगा सुकून भरा माहौल
बैडरूम के लिए वार्म या हलकी पीली रोशनी काफी पसंद की जाती है. इस की सौफ्ट चमक कमरे को गरमजोशी और आराम का एहसास देती है. शाम के समय मुख्य तेज लाइट बंद कर के वार्म लाइट इस्तेमाल करने से बैडरूम का माहौल ज्यादा रिलैक्सिंग महसूस हो सकता है.
हालांकि केवल वार्म लाइट पर निर्भर रहना हमेशा व्यावहारिक नहीं है. सुबह या कमरे में किसी काम के दौरान पर्याप्त उजाला चाहिए, इसलिए मुख्य लाइट और सौफ्ट लाइट दोनों का विकल्प रखना बेहतर है.
बैड के पीछे एलईडी स्ट्रिप का ट्रेंड
बैड के हैडबोर्ड के पीछे छिपी हुई एलईडी स्ट्रिप आजकल बैडरूम को मौडर्न लुक देने का आसान तरीका है. रोशनी सीधे दिखाई देने के बजाय दीवार पर हलका सा ग्लो देती है, जिस से कमरे में एक खूबसूरत बैक लाइट इफैक्ट बनता है.
इस का फायदा यह है कि रात में बहुत तेज रोशनी किए बिना कमरे में हलका उजाला रखा जा सकता है. लेकिन बहुत ज्यादा चमकीली या रंग बदलने वाली एलईडी स्ट्रिप रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए जरूरी नहीं. बैडरूम में सौफ्ट और आंखों को आराम देने वाली रोशनी ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकती है.
बैडसाइड लैंप: खूबसूरत भी, उपयोगी भी
बैड के दोनों तरफ रखी टेबल लैंप बैडरूम की सजावट को ऐलिगैंट लुक देते हैं. इन का सब से बड़ा फायदा यह है कि रात में किताब पढ़ने, फोन देखने या थोड़ी देर बैठने के लिए पूरे कमरे की तेज लाइट जलाने की जरूरत नहीं पड़ती.
अगर बैडसाइड टेबल छोटी है तो टेबल लैंप की जगह वाल माउंटेड लाइट लगाई जा सकती है. इस से टेबल की जगह भी बचती है और कमरे को साफसुथरा लुक भी मिलता है.
पैंडैंट लाइट से आएगा लग्जरी टच
बैड की दोनों ओर छत से लटकती छोटी पैंडैंट लाइट्स बैडरूम को होटल जैसा स्टाइलिश लुक दे सकती हैं खासकर जब इन्हें बैड की दोनों तरफ समान ऊंचाई पर लगाया जाए तो कमरे में खूबसूरत सिमेटरी नजर आती है.
मगर इन्हें लगाते समय ऊंचाई का खास ध्यान रखना चाहिए. लाइट बहुत नीचे होने पर सिर से टकराने का खतरा हो सकता है और बहुत तेज बल्ब आंखों के लिए असहज हो सकता है. इसलिए डिफ्यूज्ड या शेड वाली पैंडैंट लाइट बेहतर विकल्प हो सकती है.
ड्रैसिंग मिरर के पास कैसी हो लाइट?
बैडरूम में ड्रैसिंग एरिया हो तो वहां की लाइटिंग भी महत्त्वपूर्ण है. चेहरे पर एक तरफ से बहुत तेज रोशनी पड़ने के बजाय ऐसी लाइट बेहतर होती है जो चेहरे को समान रूप से रोशन करे.
मिरर के आसपास लगाई गई सौफ्ट लाइट मेकअप या तैयार होने के दौरान मदद कर सकती है. ध्यान रखें कि बल्ब की सीधी चमक आंखों पर न पड़े और आईने में अनावश्यक द्दद्यड्डह्म्द्ग न बने.
लाइट का रंग भी बदलता है कमरे का मूड
बैडरूम में सिर्फ लाइट की डिजाइन ही नहीं, उस का रंग भी महत्त्वपूर्ण है. सौफ्ट वार्म लाइट आरामदायक और ष्श 54 माहौल बनाने में मदद कर सकती है, जबकि बहुत तेज कूल व्हाइट रोशनी कमरे को ज्यादा सक्रिय और कामकाजी महसूस करा सकती है. इसलिए बैडरूम में एक ही तरह की रोशनी रखने के बजाय अलगअलग जरूरतों के लिए अलग लाइटिंग विकल्प रखना ज्यादा सुविधाजनक है.
ज्यादा लाइटिंग के नुकसान भी समझें
सुंदर दिखने के चक्कर में बैडरूम में बहुत सारी लाइट्स लगाना जरूरी नहीं. बहुत ज्यादा तेज रोशनी, आंखों में पड़ती चमक या लगातार बदलते रंग कमरे को आरामदायक बनाने के बजाय परेशान करने वाला बना सकते हैं.
सोने के समय स्क्रीन और तेज रोशनी दोनों से दूरी रखना भी बेहतर माना जाता है. इसलिए रात में जरूरत हो तो बहुत हलकी, सौफ्ट लाइट रखें और सोते समय अनावश्यक लाइट्स बंद कर दें.
छोटी जगह में भी बनेगा खूबसूरत बैडरूम
अगर बैडरूम छोटा है तो भारीभरकम लाइट फिटिंग लगाने के बजाय रिसैस्ड लाइट्स, स्लिम सीलिंग लाइट्स, वाल लाइट्स या हैडबोर्ड के पीछे छिपी एलईडी स्ट्रिप इस्तेमाल की जा सकती है. इस से कमरे में खुलापन बना रहता है और लाइटिंग भी आकर्षक लगती है.
बैडरूम की खूबसूरत लाइटिंग का मतलब यह नहीं कि कमरे में ढेर सारी महंगी लाइट्स लगा दी जाएं. असली खूबसूरती तब आती है. जब रोशनी कमरे की जरूरत, सजावट और आप के मूड तीनों के साथ तालमेल बैठाए.
मुख्य सीलिंग लाइट, बैडसाइड लैंप, हैडबोर्ड की सौफ्ट एलईडी और जरूरत के अनुसार वाल या पैंडैंट लाइट—इन का सही संतुलन आप के बैडरूम को सिर्फ खूबसूरत ही नहीं बल्कि ज्यादा आरामदायक भी बना सकता है. आखिर दिन के अंत में हमारा बैडरूम वही जगह है जहां रोशनी भी ऐसी होनी चाहिए जो आंखों को ही नहीं, मन को भी सुकून दे.
