लेखिका- किरण सिंह
गुस्से में आदमी पागल हो जाता है इसलिए वह उस समय अनियंत्रित होकर कह देता है और क्या कर देता है उसे स्वयं नहीं पता होता है. हाँ गुस्सा शांत होने पर उसे अपनी गलती का एहसास जरूर होता है. किंतु कहा जाता है न कि कमान से निकला हुआ तीर और जुबान से निकली हुई बात कभी वापस नहीं आती तो ऐसी परिस्थिति में गुस्साये इन्सान के पास अफसोस के सिवा कुछ बचा भी नहीं रहता है.
लोगों को गुस्सा क्यों आता है, इसकी कई वजह हैं.
एक इंसान को कब, कैसे और किस बात से गुस्सा आता है यह उसकी उम्र, लिंग, संस्कृति, माहौल तथा परवरिश पर निर्भर करता है.
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कई बातें इंसान को गुस्सा दिला सकती हैं.
जैसे - जब उस इंसान के साथ नाइंसाफी होती है.
उसकी बेइज़्ज़ती की जाती है, या फिर उसका अधिकार छीनने की कोशिश की जाती है आदि.
