Relationship Tips : परंपरागत शादियों के टूटने पर सारा दोश परिवार पर मढ दिया जाता है. माँ बाप की पसंद से की थी इसलिए शादी चल नहीं पाई, लव मैरिज की होती तो शादी कभी नहीं टूटती. परिवार की मर्जी से की जानी वाली शादियों में तलाक की नौबत आने पर लोग ऐसी ही बातें करते हैं. इसमें कोई दो राय नहीं की अरेंज मैरिज के मुकाबले लव मेरिज ज्यादा टिकाऊ होती हैँ क्युकी इसमें दोनों एक दूसरे की पसंद होते हैँ लेकिन मनपसंद शादी का मतलब यह नहीं है कि यह कभी नहीं टूट सकती.

अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के बीच ताजा मामला काफी सुर्खियों में है. यह मुलायम सिंह यादव के परिवार का निजी मामला है जो अब पब्लिक हो गया है. मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने 19 जनवरी 2026 को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी पत्नी अपर्णा यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाये और तलाक की बात की. अपर्णा यादव भाजपा नेत्री हैं और यूपी राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन हैं.

इंस्टाग्राम अकॉउंट पर प्रतीक ने अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा कि अपर्णा बहुत स्वार्थी महिला हैं. उन्होंने उनके परिवार के रिश्तों को बर्बाद कर दिया. मां से रिश्ता तोड़ दिया, पिता से रिश्ता तोड़ा, भाई से रिश्ता तोड़ा. अपर्णा ने यह सब सिर्फ मशहूर होने की चाहत में किया. प्रतीक यादव ने अपर्णा को परिवार नाशक, सबसे बड़ा झूठा इंसान और खुदगर्ज़ इंसान बताया. उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति खराब होने की भी बात कही. प्रतीक ने बच्चे की कसम खाकर ये आरोप लगाए. उन्होंने अपर्णा की एक तस्वीर शेयर की और लिखा कि जल्द से जल्द उनसे तलाक ले लेंगे.

यह पोस्ट काफी वायरल हुई और इसकी मीडिया में खूब चर्चा हुई. हालांकि अपर्णा यादव ने इसे साजिश बताया और कहा कि उनके और प्रतीक के रिश्ते ठीक हैं और कुछ लोग रिश्ते तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. प्रतीक ने बाद में इसे पर्सनल मामला बताया और इसपर ज्यादा बात करने से इनकार कर दिया.

प्रतीक यादव और अपर्णा बिष्ट ने साल 2011 में लव मैरिज की थी. दोनों की मुलाकात किसी शादी फंक्शन में हुई थी. प्रतीक, अपर्णा की आवाज पर फिदा हो गए थे और दोनों के बीच प्यार का इजहार ईमेल के जरिए हुआ. दोनों ने साल 2011 में लव मैरिज कर ली और उस वक़्त यह शादी सैफई में बहुत धूमधाम से हुई थी. पंद्रह साल बाद दोनों के प्यार के “दी एन्ड” होने की खबरें हैँ वह भी संगीन आरोपों के साथ.

अपर्णा और प्रतीक ने लव मैरिज की थी और उसकी परिणती कुछ इस तरह हुई की दुनिया में ढिंढोरा पीट दिया गया. सिर्फ लव मैरिज के मामले में ही ऐसा नहीं होता अरेंज मैरिज तो इस मामले में ज्यादा बदनाम है. प्यार खत्म होने पर रिश्ते इतने ख़राब हो जाएँ की घर की लड़ाई सड़कों पर आ जाये. लव हो या अरेंज रिश्ते ख़राब हो जाएँ तो अक्सर ऐसा ही होता है.

पवन सिंह और ज्योति सिंह की लड़ाई क्यों सड़कों पर उतर आई?

भोजपुरी के मशहूर अभिनेता और गायक पवन सिंह पर उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने मीडिया के सामने घरेलू हिंसा, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, गर्भपात कराने के लिए दवाएं देने और बेवफाई जैसे संगीन आरोप लगाए. ज्योति सिंह ने अप्रैल 2022 में तलाक की अर्जी दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने पवन सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें दो बार गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया. उन्हें यातनाएं दीं जिसकी वजह से एक बार उन्होंने 25 नींद की गोलियां लेकर आत्महत्या की कोशिश की. 2025 में ज्योति ने तलाक के लिए 30 करोड़ रुपये की गुजारा भत्ता की मांग की है. मामला अदालत में है.

पवन सिंह और ज्योति सिंह की 2018 में अरेंज मैरिज हुई थी. ज्योति सिंह ने खुद यह खुलासा किया कि शादी उनकी मर्जी से नहीं हुई थी और शादी से पहले उन्होंने पवन से कभी बात तक नहीं की थी.

अपर्णा और प्रतीक का मामला हो या पवन सिंह और ज्योति सिंह का मामला दोनों केसों में घर की लड़ाई सड़कों पर आ गई. विवाद को सुलझाया जा सकता था या शांति से अलग हुआ जा सकता था लेकिन दोनों मामलों में ऐसा नहीं हुआ. प्यार खत्म तो नफ़रत शुरू और ऐसी नफ़रत की वो पार्टनर जिसके साथ बंद कमरों में खूब प्यार हुआ वही दुनिया के सामने सबसे बुरा इंसान बना दिया गया.

आमिर खान और किरण राव से सीखना चाहिए

जब रिश्ते बोझ बन जाएँ तो एक दूसरे के सम्मान को बनाये रखते हुए भी तलाक लिया जा सकता है इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण किरण राव और आमिर खान ने दुनिया के सामने पेश किया.

आमिर खान की पिछली दोनों शादियाँ लव मैरिज थीं.
पहली पत्नी रीना दत्ता बचपन की दोस्त और पड़ोसन थीं. दोनों के प्यार में दोनों का धर्म आड़े आ रहा था. दोनों का परिवार इस शादी के खिलाफ था. दोनों ने 18 अप्रैल 1986 में भागकर शादी कर ली. यह क्लासिक लव मैरिज का केस था. बिलकुल फिल्मों जैसा. लेकिन उन्नीस साल बाद आमिर को फिर से प्यार हो गया. इस बार किरन राव से.

आमिर और किरण साथ में लगान और दूसरे कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके थे. दोनों की शुरुआती मुलाकातें काम के सिलसिले में हुई थी. पहली बीबी रीना दत्ता को अपने पति के इस नए प्यार के बारे में जब पता चला तब तक देर हो चुकी थी. प्यार गहरा हो चुका था. इतना गहरा की रीना दत्ता और आमिर खान अलग हो गये और 2005 में आमिर ने किरण राव से लव मैरिज कर ली.

सोलह साल के प्यार के बाद आमिर खान और किरण राव ने 3 जुलाई 2021 को एक साझा बयान जारी कर प्यार खत्म होने का ऐलान कर दिया. किरण राव ने इंटरव्यू में बताया कि वे अपना खुद का स्पेस चाहती थीं इसलिए आमिर के साथ शादी के रिश्ते से अलग हो रहीं हैँ लेकिन भविष्य में दोनों एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त बने रहेंगे.

आमिर खान ने भी कहा कि रिश्ता पति-पत्नी के रूप में नहीं चल पा रहा था फिर भी वे दोनों परिवार की तरह साथ रहना चाहते थे. तलाक के बाद भी वे एक-दूसरे के साथ अच्छे संबंध रखेंगे. आज दोनों के बीच तलाक हो चुका है फिर भी दोनों परिवार की तरह साथ समय बिताते हैं, काम करते हैं और एक-दूसरे का सपोर्ट करते हैं. दोनों के बीच यह एक म्यूचुअल अलगाव था. एक दूसरे पर लांछन लगाये बिना और आज 5 साल भी दोनों अच्छे दोस्त की तरह एक दूसरे के साथ खड़े हैँ.

तलाक को सेलिब्रेट करें.

तलाक जीवन का अंत नहीं, बल्कि इसे जीवन की नई शुरुआत की तरह देखना चाहिए. पश्चिमी देशों में लोग तलाक के बाद पार्टी आयोजित करते हैं, केक काटते हैँ, दोस्तों को इनवाइट करते हैं और पुरानी यादों को अलविदा कहकर नई जिंदगी की शुरुआत का जश्न मनाते हैं. कुछ लोग तो मेहंदी लगाते हैं, डिवोर्स रिंग पहनते हैं या ट्रैवल करके खुद को आजाद महसूस करते हैं.

अरेंज हो या लव भारत में शादी को ऐसा पवित्र बंधन समझा जाता जिसे जीवन भर निभाना जरुरी हो यह मानसिकता ही गलत है. शादी दो लोगों की म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग से साथ रहने और परिवार बनाने का एक जरिया है. यह तभी तक सही है जब तक दोनों के बीच के प्यार में ब्रेक न लगे. किसी भी कारण से जब प्यार बाकी न रहे तो अलग होने के लिए भी दोनों के बीच फिर से म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग की जरूरत होगी. तमाशा बनाने की जरूरत नहीं है. लांछन लगाए बिना भी तलाक हो सकता है.

तलाक खुद को महत्व देने का रास्ता है. आजादी के एहसास करने का जरिया है. शादी में प्यार की जगह दर्द ने ले ली है तो दर्द को खुशी में बदलने का माध्यम है तलाक.

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