Sleep Divorce : आजकल स्लीप डिवोर्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. इस का मतलब है कि पार्टनर्स नींद में खलल से बचने के लिए अलगअलग बिस्तरों या कमरों में सोना पसंद कर रहे हैं. इस फैसले के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे पार्टनर का खर्राटे लेना, बारबार करवटें बदलना, वौशरूम जाना या सोने की अलगअलग आदतें. हालांकि सवाल यह है कि क्या यह ट्रैंड कपल्स में दूरी बढ़ा रही है या इस से वे ज्यादा एकदूसरे को समझ पा रहे हैं?

क्यों बढ़ रहा है स्लीप डिवोर्स का चलन

नींद का महत्त्व : नींद हमारे स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए बहुत जरूरी है. जब पार्टनर की आदतें नींद में खलल डालती हैं, तो यह थकावट, चिड़चिड़ापन और तनाव का कारण बन सकती हैं जिस से अगले दिन आप का पार्टनर ऐनर्जी से भरपूर न रह कर सुस्त पड़ा रहता है और अपने डेली टास्क कंप्लीट नहीं कर पाता.

स्वास्थ्य समस्याएं : खर्राटे जैसी समस्याएं कई बार स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत होती हैं या आप की सांस की नली में रुकावट भी खर्राटों का कारण हो सकती है. खर्राटों को नियंत्रित करने के लिए आप अलगअलग पोजिशन में सोने की कोशिश करें। अगर करवट बदलने पर भी आप के खर्राटे लगातार आ रहे हैं तो आप को डाक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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