जैकलीन फर्नाडीज हाजिर हों

ठगी की अपराधिक दुनिया में एक नया इतिहास लिखने वाले सुकेश चंद्रशेखर पर 215 करोड़ रुपये की वसूली का मामला चल रहा है. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की मृत्यु के बाद उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह को लेकर के एक अनोखी ठगी के आरोपी मुकेश चंद्रशेखर अभी जेल में है. दूसरी तरफ फिल्म अभिनेत्रियों से उसकी दोस्ती और उपहार की कहानियां देश की मीडिया में सुर्खियां बटोर रही है.

दरअसल, यह कहा जा सकता है कि सुकेश चंद्रशेखर ठगों का बादशाह है. और खूबसूरती का दीवाना तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. यही कारण है कि सुकेश चंद्रशेखर जेल में है मगर उससे कई अभिनेत्रियों ने जाकर तिहाड़ में मुलाकात की और अब इस बड़े ठगी के मामले में जांच के घेरे में आ गई हैं .

सुकेश ने राजा महाराजाओं की तरह ठगी के रुपयों को फिल्मी दुनिया की अभिनेत्रियों पर लुटाए.
फिल्म अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडीस को सबसे महंगे गिफ्ट दे कर के अपने प्रभाव में लेने का काम भी सुकेश ने किया. अब जैकलिन फर्नांडीस सहित अनेक फिल्मी चेहरे जांच के दायरे में है.
आपको बताते चलें कि जैकलिन फर्नांडीस श्रीलंकाई मूल की, भारतीय अभिनेत्री व मॉडल है जो हिन्दी फ़िल्मों में कार्यरत है. वे 2006 की मिस श्रीलंका यूनिवर्स रह चुकी है. और 2010 का सर्वश्रेष्ठ नई अभिनेत्री का आईफ़ा और स्टारडस्ट पुरस्कार फ़िल्म अलादीन के लिए प्रदान किया गया था.

अपने आप में बहुचर्चित ठगी के इस बड़े मामले में ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है. ईडी की चार्जशीट में जैकलीन पर आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर से उनको करीब 7 करोड़ रुपये की जूलरी गिफ्ट प्राप्त की. और लगभग 9-9 लाख रुपये की 3 पर्शियन बिल्लियां, करीब 52 लाख रुपये का एक अरबी घोड़ा, कानों में पहनने वाली 15 जोड़ी बालियां ,डायमंड के सेट, बेशकीमती क्रॉकरी, गुच्ची और शनेल जैसे महंगे ब्रांड्स के डिजाइनर बैग, जिम में पहनने के लिए गुच्ची के दो आउटफिट्स, लुई वितों के कई जोड़ी जूते, हमीज के दो ब्रेसलेट, एक मिनी कूपर कार, रॉलेक्स की महंगी घड़ियां इत्यादि गिफ्ट प्राप्त की हैं.

नैतिकता का सवाल

पाठकों को हम याद दिलाएं की फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता अभिनेत्रियां आमतौर पर अपनी फिल्म के माध्यम से आदर्श का संदेश देने का काम करते हैं. वे बताते हैं कि ईमानदारी और नैतिकता का क्या महत्व होता है और अंत में खलनायक को जेल जाना पड़ता है. आमतौर पर लगभग हर फिल्म की यही कहानी होती है सच की जीत और बुराई की हार.

मगर फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता अभिनेत्रियां अक्सर फिसल जाते हैं मौका मिलते ही कानून को अपने हाथ में लेने से इन्हें गुरेज नहीं होता. यह लोग समझते हैं कि कानून तो उनकी मुट्ठी में है मगर अक्सर कानून को हाथ में लेने वाले फिल्म स्टार हो या अन्य कोई आखिरकार जेल के सीखचों के पीछे होते हैं.
सुकेश चंद्रशेखर के मामले में भी अब जब जांच अपनी गति पर है तब जैकलिन फर्नांडीस हो या पिंकी ईरानी, नोरा फतेही सभी का पसीना निकल रहा है, और हलाकन है .

अगर यह अभिनेत्रियां अपनी फिल्मों की कहानी के अनुरूप अपना आचरण करती तो सुकेश से दूरी बनाकर रहतीं मगर जब लाखों करोड़ों का गिफ्ट मिलने लगा तो यह अभिनेत्रियां अपनी फिल्मों का संदेश भूल गई और आज पुलिस अधिकारियों के आगे पीछे और प्रश्नों के जवाब देने के लिए विवश हैं .

रोजाना पीएं ग्रीन कॉफी, वजन होगा कम

सुबह चाय या कॉफी की एक घूंट आपकी पूरी थकान दूर कर देती है आपको दिनभर के लिए एनर्जी दे देती है. आप ग्रीन टी के बारे में अच्छी तरह से जानते होंगे. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है. शायद आप इसका सेवन भी करते होंगे, लेकिन कभी आपने ग्रीन कॉफी के बारे में सुना है या फिर इसका सेवन किया है. इसका सेवन करने से आप कई बीमारियों से निजात पा सकते है. कैफीन के कारण कई लोग इसे पीना सही नहीं मानते हैं. लेकिन इससे आप अपना वजन आसानी से कम कर सकते हैं.

जानिए, क्या है ग्रीन कॉफी?

ग्रीन टी के चलन के साथ ही ग्रीन कॉफी को लेकर भी बहुत चर्चाएं की जाने लगी हैं. यह असल में कच्चे, बिना सिके हुए कॉफी के बीज होते हैं. इन्हें इसी स्वरूप में पीसकर काम में लाया जाता है. चूंकि ये प्राकृतिक और कच्चे रूप में काम में लिए जाते हैं, इसलिए इसे ग्रीन कॉफी कहा जाता है.

शोध में सामने आई ये बात

कई शोध कोलोरोजेनिक एसिड के मेटाबॉल्जिम पर पड़ने वाले साकारत्मक प्रभावों की पुष्टि करते हैं. ग्रीन कॉफी के ऊपर एक शोध किया गया जिसमें प्रतिभागियों को दो सप्ताह तक ग्रीन कॉफी की काफी मात्रा, दो सप्ताह कम मात्रा और दो सप्ताह तर प्लेसबो का सेवन करने के लिए कहा गया. हर डोज के बीच दो सप्ताह का ब्रेक दिया गया. जिसके परिणामस्वरूप ये बात सामने आई कि ग्रीन कॉफी वजन कम करने में काफी फायदेमंद है. इसके साथ ही बॉडी मॉस इंडेक्स और बॉडी फैट परसेंटेज में भी काफी गिरावट आई थी.

अगर आप इसका सेवन खाली पेट रोजाना करें तो आपका वजन आसानी से कम हो सकता है. आमतौर में माना जाता है कि खाली पेट चाय या कॉफी पीने से आपको एसिडिटी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं.

शोध के अनुसार अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं और डाइट फॉलों नहीं करना चाहते हैं, तो आप ग्रीन कॉफी का सेवन करें.

इसका सेवन करने से आप एक माह में कम से कम 2 किलों वजन कम कर लेगें.

अगर आप इसका सेवन करेगें तो इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड आपकी आहार नली में शुगर की मात्रा को कम कर देगा. जिससे कारण फैट आसानी से जल्दी से खत्म हो जाता है.

इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड आपके मूड को अच्छा बना देती है. साइको फॉर्मेसी में एक शोध सामने आई. साल 2012 में एक शोध किया गया जिसके मुताबिक कैफीनयुक्त और कैफीन रहित दोनों ही कॉफी जिनमें इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड होता है. वह आपके मूड को सकारात्मक बनाने में मदद करता है. खासतौर में अधिक उम्र वालों को जरूर फायदा करता है.

Festive Special: पार्टी के लिए करें इनोवेटिव डैकोरेशन

आप भी अपनी शादी की पार्टी की डैकोरेशन को यादगार बनाना चाहते हैं, लेकिन आप का बजट इतना नहीं है और न ही आप के यहां पर्याप्त जगह है तो निराश न हों. कुछ इनोवेटिव आइडियाज और ऐक्सपर्ट्स की मदद से आप पार्टी डैकोरेशन को शानदार बना सकती हैं.

एक ही शहर में एक ही कंपनी में काम करने वाले अनिकेत और अंकिता एकदूसरे को इस कदर भाए कि दोनों ने वैवाहिक बंधन में बंधने का फैसला कर लिया. चूंकि दोनों की नौकरी भी नईनई थी और वे अपने पेरैंट्स पर भी आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहते थे, इसलिए दोनों ने शादी के आयोजन पर बहुत अधिक खर्च करने के बजाय पहले कोर्ट मैरिज की और बाद में घर पर ही एक पार्टी के आयोजन का निर्णय लिया.

इस पार्टी में वे अपने पेरैंट्स, नजदीकी रिश्तेदारों व खास दोस्तों को शामिल करना चाहते थे लेकिन अनिकेत और अंकिता के सामने सब से बड़ी समस्या यह थी कि छोटी जगह में घर पर ही कम बजट में पार्टी की डैकोरेशन बेहतर ढंग से कैसे करें.

अनिकेत और अंकिता जैसी समस्या बड़े शहरों में रहने वाले अधिकांश युवाओं के सामने आती है, लेकिन कम बजट व छोटी जगह में पार्टी की डैकोरेशन क्या सचमुच इतनी मुश्किल है? इस का जवाब है, ’’ नहीं, यह बिलकुल भी मुश्किल नहीं है. बस, जरूरत है, तो थोड़ी सी प्लानिंग और इनोवेटिव आइडियाज की,’’ यह कहना है, वैडिंग प्लानर नीता सोनी का. नीता सोनी ने  बताया कि घर में पार्टी की डैकोरेशन से पहले कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए.

– पार्टी छत पर करना चाहते हैं या घर के अंदर

– पार्टी में आने वाले मेहमानों की संख्या कितनी है

– पार्टी दिन में करना चाहते हैं या रात में

– पार्टी डैकोरेशन का बजट कितना है

– बजट तय करने के बाद यह निर्धारित कर लें कि किन चीजों पर कम और किन पर अधिक खर्च करना है. मसलन, फूलों पर अधिक और लाइट्स पर कम, अपहोलस्ट्री पर अधिक और डैकोरेटिव आइटम्स पर कम खर्च करेंगे.

– पार्टी की तैयारी के लिए आप दोस्तों व रिश्तेदारों की मदद लेंगे या प्रोफैशनल मदद लेंगे. यह आप के बजट पर निर्भर करेगा. अगर बजट कम है तो दोस्तों, रिश्तेदारों की मदद लें और बजट थोड़ा अधिक है तो आसपास के लोकल डैकोरेटर की भी मदद ले सकते हैं.

डैकोरेशन के शानदार आइडियाज

– कलरफुल दुपट्टों, नैट व सिल्क की साडि़यों से घर की दीवारों और खिड़कियों को इंद्रधनुषी लुक दें.

– परंपरागत तरीके से घर की डैकोरेशन करना चाहते हैं तो गेंदे, गुलाब व रजनीगंधा के फूलों से घर को सजाएं. अगर आधुनिक तरीके से सजावट करना चाहते हैं तो एक्जोटिक और्किड, लिली व कारनेशन के फूलों का चयन करें.

– फ्रैश फ्लावर न मिलें तो ड्राइफ्लावर औैर ट्विस्टेड स्ट्क्सि को भी लें. कांच या मिट्टी के वास में सजा कर डैकोरेशन को डिफरैंट लुक दें.

– फूलों के बुके को रिबन व नैट फैब्रिक से बांध कर साइड टेबल और डाइनिंग टेबल पर रख कर भी आप घर की शोभा बढ़ा सकते हैं.

– फूलों की लडि़यां बना कर प्रवेश द्वार पर बंदनवार की तरह लगा सकते हैं.

– कमरे में अगर जगह कम हो और आप कुरसियों के खर्च को बचाना चाहते हैं, तो कमरे में लोअर सीटिंग अरेंजमैंट करें. लोअर सीटिंग को और आकर्षक बनाने के लिए टाई एेंड डाई, बीड्स, जरदोजी वर्क, सिल्क, वैल्वेट या टिश्यू वाले कुशन व मसनद का प्रयोग करें.

– पार्टी के स्थान पर इनडोर बोनसाई प्लांट्स रखें. यह आप की डैकोरेशन को इकोफ्रैंडली लुक देगा.

– पार्टी सजावट में सैंटेड कैंडल्स व फ्लोटिंग कैंडल्स को भी स्थान दें. यह पार्टी के माहौल को कूल व फ्रैश इफैक्ट देगा.

– मिट्टी के बड़े से वास पर ब्रौंज, सिल्वर, गोल्डन व कौपर कलर कर के आर्टिफिशियल फ्लावर स्ट्क्सि लगाएं. यह आप की डैकोरेशन को कलात्मक रूप देगा.

– पुरानी वाइन व शैंपेन की बोतल को सितारों व ग्लिटर से सजा कर कैंडल्स को कलर्ड पैबल्स के साथ रखें. यह घर की सजावट को रोमांटिक लुक देगा.

– हार्ट शेप बैलून को भी अपनी डैकोरेशन में शामिल करें. यह आप दोनों की नजदीकियों को भी बढ़ाएगा.

– सस्ते पर आकर्षक पेपर शेंडलियर को अपनी डैकोरेशन का हिस्सा बनाएं. कलरफुल पेपर शेंडलियर से बिखरती रोशनी न केवल पार्टी में रंग बिखेरेगी बल्कि आप की जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगी.

– फ्लोर को डैकोरेटिव ऐंगल देने के लिए आप कारपेट व कलरफुल रग्स का भी बखूबी प्रयोग कर सकते हैं.

Festive Special: घर पर बनाएं टेस्टी और हेल्दी लौकी का हलवा

अक्सर आपने घर पर सूजी का हलवा खाया होगा. सूजी का हलवा टेस्टी होता है, लेकिन क्या आपने कभी हेल्दी लौकी का हलवा खाया है. लौकी का हलवा खाने में टेस्टी और बनाने में आसान होता है. लौकी का हलवे की रेसिपी आज हम आपको बताएंगे, जिसे आप अपनी फैमिली और फ्रैंड्स को खिला सकते हैं.

लौकी – 01 किग्रा (पतली),

शक्कर – 300 ग्राम,

मावा (खोया) – 200 गाम,

देशी घी – 02 बड़े चम्मच,

काजू – 02 बड़े चम्मच (महीन कतरे हुए),

किशमिश – 02 बड़े चम्मच (डंठल तोड़ कर धुले हुए),

पिस्ता – 01 छोटा चम्मच (महीन कतरे हुए),

इलाइची– 05 (पिसी हुई)

बनाने का तरीका

सबसे पहले लौकी को छील कर धो लें और फिर उसे चारों ओर घुमा-घुमा कर कद्दूकस कर लें और बीज वाला हिस्सा अलग कर दें.

अब लौकी को कढ़ाई में डालें और मध्यम आंच पर पकाएं। दो-तीन मिनट के बाद लौकी में शक्‍कर मिला दें और उसे चलाते हुए पकाएं.

कुछ ही समय में लौकी का छूटने लगेगा. जब लौका का पानी छूट जाए, तो गैस की आंच तेज कर दें और पानी खत्म होने तक चलाते हुए पकाएं. जब लौकी का सारा पानी खत्म हो जाए, उसमें घी डाल दें और चलाते हुए भूनें.

लगभग 5 मिनट तक लौकी को भूनने के बाद उसमें मावा (खोया) और किशमिश डाल दें और उसे चलाते रहें. लगभग 5-6 मिनट बाद गैस बंद कर दें और कढ़ाई में ऊपर से इलायची पाउडर छिडक दें. अब आप इसे अपनी फैमिली को फ्रिज में रखकर ठंडा परोसें.

60 लड़कियों के प्रायवेट “वायरल” वीडियो से उठते सवाल

पंजाब के मोहाली में स्थित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में एक छात्रा द्वारा अन्य लगभग साठ छात्राओं के  बाथरूम में नहाते हुए वीडियो बना कर  वायरल कर देना, कानून के लिए जहां आज एक प्रश्न चिन्ह बना हुआ है, वहीं समाज के लिए भी एक चिंता का सबब है.

ऐसे भयावह मामलों में आखिर क्या कदम उठाए जाएं.सबसे बड़ी बात आगे ऐसा ना हो, इसके लिए सरकार और समाज क्या कर सकता है.

मामला सामने आने के बाद

पूरे अपराध की जड़ छात्रा, उससे चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कैंपस में पूछताछ का कथित वीडियो भी सामने आया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, हॉस्‍टल वार्डन ने जब पूछा तो उसने कहा – एक लड़के को ये वीडियोज भेजे हैं. उसने दावा किया वह उस लड़के को नहीं जानती. वार्डन ने यह भी पूछा कि वह कब से वीडियो बना रही है तो उसका भी जवाब नहीं दिया. एक वीडियो में कथित रूप से छात्रा कह रही है कि ‘गलती हो गई, आगे ऐसा नहीं करूंगी.’

दरअसल,आज जिस तरह मोबाइल का चलन बढ़ चुका है इसे हम एक हथियार कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. मोबाइल एक ऐसा हथियार बन चुका है जो दो तरफा वार करता है आपको, समाज को लाभान्वित कर सकता है तो आपको और समाज को गहरे संशय में भी डाल सकता है. ऐसे में इस हथियार को इस्तेमाल के लिए जहां समझदारी की आवश्यकता है वही अपने बचाव के लिए आज विशेष रूप से युवतियों को जागरूक होना आवश्यक हो गया है.

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की घटना आज विकराल रूप से पूरे देश को चिंतित कर रही है. और यह एक ऐसा मामला बनकर सामने आया है जो अपने आप में एक अलग ही तरह का चिंताजनक मामला है जो आज देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसलिए आज  आवश्यकता है ऐसे मामलों पर सरकार और समाज ऐसे कदम उठाए जिससे आगामी समय में पुनरावृत्ति ना हो.

कानून अपना काम कर रहा है,  मगर…

आरोपी छात्रा और कथित लड़का गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि दूसरे 31 साल के युवक को पूछताछ जारी है इनमें एक युवक चंडीगढ़ में बेकरी में काम करता है.

इस मामले में पीड़ित लोगों और समर्थन में आए लोगों ने रात भर  प्रदर्शन किया तब  स्थिति का जायजा लेने के लिए अन्य वरिष्ठ  पुलिस अधिकारी  चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के परिसर पहुंचे. पंजाब की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरप्रीत देव के मुताबिक  ऐसा लगता है कि आरोपी छात्रा ने अपना एक वीडियो युवक के साथ साझा किया और किसी अन्य छात्रा का कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है. विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने भी उन खबरों को “निराधार’ बताकर खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि विश्वविद्यालय के छात्रावास में कई छात्राओं के वीडियो बनाए गए और सोशल मीडिया पर साझा किए गए तथा कुछ ने इस प्रकरण के बाद आत्महत्या का प्रयास किया.

विश्वविद्यालय परिसर में हालांकि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने रविवार शाम को फिर विरोध प्रदर्शन किया. इस मामले को लेकर के रोष इतना ज्यादा था कि प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहन रखे थे और उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ‘ सरकार हमें न्याय चाहिए’ जैसे नारे लगाए . मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक -शील सोनी के मुताबिक- कई छात्राओं का वीडियो बना कर लीक किए जाने की – अफवाह’ के बाद विश्वविद्यालय में शनिवार आधी रात के बाद प्रदर्शन हुआ. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार छात्रा का मोबाइल फोन फारेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है और किसी छात्रा के आत्महत्या की कोशिश करने का मामला सामने नहीं आया है. अधिकारियों ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354 सी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

एक तरफ जहां अब मुख्यमंत्री भगवंत मान इस मामले को लेकर के चिंतित है उन्होंने कड़ी कार्रवाई और जांच का आदेश दे दिया है वही पुलिस भी मुस्तैद हो गई है और आने वाले समय में पूरे मामले की सच्चाई सामने होगी. मगर अभी जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक यह मामला अत्यंत गंभीर है और यह संदेश दे रहा है कि आज मोबाइल से स्वयं को बचाने बचाने का समय आ गया है. नहीं तो आपकी निजता भंग होने का खतरा है और आपका कोई भी वीडियो फोटो वायरल हो सकता है.

गावों के लिए पर्यटन स्थल सरीखे होंगे अमृत सरोवर

हर ग्राम पंचायत में लबालब भरे तालाब. इनके किनारों पर लकदक हरियाली. बैठकर सकुन के कुछ घन्टे गुजरने के लिए जगह-जगह लगी बेंचे. भविष्य में कुछ यही स्वरूप होगा आजादी  के अमृतमहोत्सव पर बन रहे अमृतसरोवरों का.

हर अमृत सरोवर खूबसूरत हो. इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार एक स्वस्थ्य प्रतिस्पर्द्धा भी शुरू करने जा रही है. इसके तहत जो अमृत सरोवर सबसे अच्छे होंगे उनके निर्माण से जुड़े ग्राम प्रधानों, अधिकारियों और कर्मचारियों को ग्राम्य विकास विभाग सम्मानित करेगा.

हरियाली बढ़ाने के लिए 21 सितंबर को होगा सघन पौधरोपण

अमृत सरोवरों के किनारे लकदक हरियाली हो इसके लिए I21 सितंबर को पौधरोपण का सघन अभियान भी चलेगा. इस दौरान स्थानीय लोगों के अलावा 80 हजार होमगार्ड के जवान पौधरोपण में भाग लेंगे. इस बाबत गढ्ढे मनरेगा से खोदे जाएंगे और निःशुल्क पौधे वन विभाग उपलब्ध कराएगा.

“सबकी मदद से सबके लिए” की मिसाल बनेगें ये अमृतसरोवर

कालांतर में ये अमृत सरोवर,”सबकी मदद से सबके लिए” और पानी की हर बूंद को संरक्षित करने के साथ अपनी परंपरा को सहेजने की  नजीर भी बनेंगे.

बूंद-बूंद संरक्षित करने के साथ परंपरा को सहेजने की भी बनेंगे नजीर

उल्लेखनीय है कि पहले भी तालाब,  कुएं, सराय, धर्मशालाएं और मंदिर जैसी सार्वजनिक उपयोग की चीजों के निर्माण का निर्णय भले किसी एक का होता था,पर इनके निर्माण में स्थानीय लोगों के श्रम एवं पूंजी की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी.

यही वजह है कि बात चाहे लुप्तप्राय हो रही नदियों के पुनरुद्धार की हो या अमृत सरोवरों के निर्माण की, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन सबको जनता से जोड़कर जनांदोलन बनाने की बात करते रहे हैं. अमृत सरोवरों की रिकॉर्ड संख्या के निर्माण के पीछे यही वजह है. इसीके बूते पहले हर जिले में एक अमृत सरोवर के निर्माण का लक्ष्य था. बाद में इसे बढ़ाकर हर ग्राम पंचायत में दो अमृत सरोवरों का निर्णय लिया गया है. इस सबके बनने पर इनकी संख्या एक लाख 16 हजार के करीब हो जाएगी.

भविष्य में ये सरोवर अपने अधिग्रहण क्षेत्र में होने वाली बारिश की हर बूंद को सहेजकर स्थानीय स्तर पर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाएंगे. बारिश के पानी का उचित संग्रह होने से बाढ़ और जलजमाव की समस्या का भी हल निकलेगा. यही नहीं सूखे के समय में यह पानी सिंचाई एवं मवेशियों के पीने के काम आएगा. भूगर्भ जल की तुलना में सरफेस वाटर से  पंपिंग सेट से सिंचाई कम समय होती है. इससे किसानों का डीजल बचेगा. कम डीजल जलने से पर्यावरण संबंधी होने वाला लाभ बोनस होगा.

दरअसल बारिश के हर बूंद को सहेजने के इस प्रयास  का सिलसिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उनके पहले कार्यकाल से ही शुरू हो गया था. गंगा एवं अन्य बड़ी नदियों के किनारे बन रहे बड़े एवं बहुउद्देश्यीय तालाब और खेत-तालाब जैसी योजनाएं इसका प्रमाण हैं.

इसी मकसद से सरकार अब तक 24583 खेत-तालाब खुदवा चुकी है. इनमें से अधिकांश (80 फीसद) बुंदेलखंड, विंध्य, क्रिटिकल एवं सेमी क्रिटिकल ब्लाकों में हैं. मौजूदा वित्तीय वर्ष में 10 हजार और खेत-तालाब तैयार करने की है.

पांच साल का लक्ष्य 37500 खेत तालाब निर्माण की है. इनका निर्माण कराने वाले किसानों को सरकार 50 फीसद का अनुदान देती है. इस समयावधि में इन पर 457.25 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य है.

भूगर्भ जल स्तर में सुधार और सूखे के दौरान सिंचाई के काम आने के लिए सरकार गंगा नदी के किनारे बहुउद्देशीय गंगा तालाबों का भी निर्माण करा रही है. आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में बनाए जा रहे अमृत सरोवरों का भी यही उद्देश्य है. फिलहाल उत्तर प्रदेश इनके निर्माण में नंबर एक है. ग्राम्य विकास विभाग से मिले अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अमृत सरोवर के रूप में अब तक 15441 तालाबों का चयन हुआ है. 10656 के निर्माण का काम चल रहा है. 8389 तालाब अमृत सरोवर के रूप में विकसित किये जा चुके हैं.

यूपी में अब 5 मिनट में होगा ‘ई रेंट एग्रीमेंट’

उत्तर प्रदेश में अब आम नागरिकों और व्यापारियों को मकान, दुकान, गोदाम जैसी जगह किराए पर लेने के लिए कहीं भटकना पड़ेगा. योगी सरकार इनकी सुविधा के लिए ‘ई रेंट एग्रीमेंट’ के जरिए ऑनलाइन लीज डीड की शुरुआत कर रही है. इससे अब डीड राइटर की आवश्यक्ता नहीं रह जाएगी. सीधे मकान या बिल्डिंग के मालिक के साथ किराएदार ऑनलाइन अनुबंध कर सकेंगे. इससे आम नागरिकों समेत व्यापारियों को राहत मिलेगी. उन्हें मौजूदा जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा, बल्कि ऑनलाइन महज 5 मिनट में वो कांट्रैक्ट लेटर हासिल करने में सक्षम होंगे.

गौरतलब है कि योगी सरकार ने प्रदेश में नागरिकों को कई तरह की सेवाएं ऑनलाइन देकर उनके जीवन को सुगम बनाने का प्रयास किया है. ई रेंट एग्रीमेंट उसी मुहिम का हिस्सा है. फिलहाल इसकी शुरुआत गौतम बुद्धनगर से हुई है और जल्द ही अन्य जिलों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी.

जटिल प्रक्रिया से मिलेगा छुटकारा

रेंट एग्रीमेंट की मौजूदा व्यवस्था के तहत किराएदार को पहले डीड राइटर से संपर्क साधना पड़ता था. इसके बाद स्टांप पेपर खरीदने, उसकी नोटरी कराने के बाद दोनों पार्टियों के रेंट एग्रीमेंट पर सिग्नेचर होते थे. प्रस्तावित ऑनलाइन व्यवस्था में अब किराएदार को सिर्फ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित एग्रीमेंट पोर्टल पर जाकर अपने नाम और मोबाइल के जरिए लॉगिन करके लीज डिटेल भरनी होगी. उदाहरण के तौर पर गौतम बुद्धनगर में www.gbnagar.nic.in नाम से साइट विकसित की गई है. इस पर प्रॉपर्टी की डिटेल भरने के बाद स्टांप ड्यूटी अदा करते ही लीज डीड की प्रिंट कॉपी मिल जाएगी. पोर्टल पर रेंट डिटेल भरते ही स्टांप ड्यूटी का ऑटोमैटिक कैलकुलेशन हो जाएगा.

5 मिनट से भी कम समय में पूरी होगी प्रक्रिया

यह पूरी प्रक्रिया 5 मिनट से भी कम समय में पूरी हो जाएगी. यानी चाय ठंडी होने से पहले रेंट एग्रीमेंट मिल जाएगा. इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ अपने लैपटॉप, डेस्कटॉप या मोबाइल पर यह काम संभव हो सकेगा. इससे न सिर्फ आम लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि व्यापार करने में सुगमता होगी. यह व्यवस्था पहले से ज्यादा सुरक्षित एवं विश्वसनीय होगी. साथ ही कहीं से भी और कभी भी इसके जरिए एग्रीमेंट किया जा सकेगा.

प्रदेश के राजस्व में भी होगी बढ़ोतरी

यह नई व्यवस्था प्रदेश के लिए राजस्व का भी अच्छा जरिया बनेगी. गौतम बुद्धनगर में मौजूदा व्यवस्था के तहत प्रतिवर्ष कम से कम 1.5 लाख लीज डीज होती हैं. स्टांप ड्यूटी के जरिए इस प्रक्रिया से प्रति वर्ष 1.5 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है. वहीं, प्रस्तावित लीज डीड के जरिए प्रत्येक 15 हजार से अधिक मासिक किराए पर 2 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी के जरिए 3600 रुपए प्राप्त होंगे. कुल मिलाकर सरकार को सिर्फ गौतम बुद्धनगर से 54 करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति होगी. पूरे प्रदेश में व्यवस्था लागू होने के बाद सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व प्राप्त होगा.

REVIEW: त्रिकोणीय प्रेम कहानी में मध्यम वर्गीय जीवन मूल्यों का तड़का ‘मिडल क्लास लव’

रेटिंगः ढाई स्टार

निर्माताःअनुभव सिन्हा, शिल्पान व्यास, दुगे्रश दधीच, भक्ति सकपाल

निर्देशकः रत्ना सिंहा

कलाकारः काव्या थापर, ईशा सिंह, प्रीत कमानी, संजय विश्नोई, मनोज पाहवा,  सपना सैंड, ओमकार कुलकर्णी व अन्य.

अवधिः दो घंटे सोलह मिनट

‘शादी में जरुर आना’’ जैसी सफलतम फिल्म की निर्देशक रत्ना सिन्हा इस बार कालेज और मिडल क्लास की पृष्ठभूमि में एक प्रेम कहानी के साथ ही मध्यम वर्गीय परिवारों के जीवन मूल्यों की बात करने वाली फिल्म ‘‘मिडिल क्लास लव’’ लेकर आयी हैं.

कहानीः

फिल्म ‘‘मिडिल क्लास लव’’ के केंद्र में मसूरी का मध्यवर्गीय लड़का यूडी (प्रीत कमानी) है, जो कि ख्ुाद को अपने बड़े भाई व पिता से अलग ढर्रे पर चलकर धन व शोहरत पाना चाहता है. वह फैंसी स्कूल में पढ़ना चाहता है. स्मार्ट दिखना चाहता है. और वर्तमान धन्नासेठों के लड़के व लड़कियों की तरह वह कूल रहना चाहता है. यूडी के परिवार में एक एक रूपया गिनने के लिए उसकी मां (सपना सैंड) टिफिन बनाकर सप्लाई करती हैं. बड़ा भाई (संजय बिश्नोई) ट्यूशन देता है और उसके पिता शर्मा (मनोज पाहवा) हमेशा पैसा बचाने की बात करते हैं. दो सौ रूपए बचाने के लिए वह टूटा हुआ चश्मा पहनते हैं. पर बेटे यूधिष्ठिर उर्फ यूडी को अच्छी शिक्षा देने के लिए डेढ़ लाख रूपए कालेज की फीस भर देते हैं.

मगर यूडी का मानना है कि छोटे मोटे पेसे बचाकर कभी भी ‘कूल’ नही बना जा सकता. किशनचंद कालेज में पढ़ने की बजाय यूडी हाई फाई कालेज ‘ओकवुड’ में पढ़ने जाता है. इस कालेज में प्रवेश के लिए वह जो तरकीब अपनाता है, उसे किसी लड़के को नही अपनाना चाहिए. खैर, कालेज में पहले दिन वह अमि अमीर लड़की सायशा (काव्या थापर) से नाटकीय तरीके से मिलता है. सायशा उसे भाव नही देती. तो वह कक्षा में आएशा  (ईशा सिंह) के साथ बैठता है. आएशा भी उसके साथ खड़ूस सा व्यवहर करती है, पर यूडी अपने तरीके से साएशा व आएशा दोनों को पिघलाने का प्रयास करता है. वह कालेज में साएशा के प्रेमी के रूप में मशहूर होना चाहता है. आयशा की मां सिंगल मदर और डाक्टर है.

अचानक एक दिन साएशा उसके साथ शर्त लगाती है कि वह उसे अपना ब्वौय फ्र्रेंड उस दिन घोषित करेगी, जब यूडी, आएशा को अपने प्रेम जाल मे फंासने के बाद उसे धोखा देगा. अब यूडी इंटरनेट से यह जाने का प्रयास करता है कि किसी लड़की को कैसे प्रेम जाल में फंसाया जाए और उसी ट्कि पर काम करते हुए वह आएशा का दिल लगभग जीत चुका होता है कि तभी आएशा को पता चल जाता है कि यूडी ने इंटरनेट की मदद से उसे अपने प्रेम जाल में फंासने की चालें चली और आएशा,  सायशा व कालेज के कई अन्य लड़के लड़कियों के सामने उसे थप्पड़ मार देती है. यहां पर साएशा,  यूडी को बताती है कि उसने आएशा से बदला लेने के लिए ही यूडी से यह शर्त लगायी थी. इस बीच वह अपनी हरकतों से अपने माता पिता व भाई को भी नाराज कर चुका है. पर एक थप्पड़ यूडी को बहुत कुछ सिखा देता है. उसके बाद यूडी एक नई राह पकड़ता है. . फिर कई घटनाक्रम तेजी से बदलते हैं. अंततः साएशा, आएशा व यूडी अच्छे दोस्त बन जाते हैं.

लेखन व निर्देशनः

अमूमून पाया गया है कि स्कूल या कालेज की पृष्ठभूमि में बनने वाली फिल्मों के लिए लेखक या फिल्म सर्जक किसी तरह का अध्ययन या शोधकार्य नहीं करता. वह तो सिर्फ कालेज गोइंग लड़के व लड़कियों को अपनी फिल्म की तरफ खींचने के लिए कालेज या स्कूल की पृष्ठभूमि रख देते हैं. ऐसा ही फिल्म ‘‘मिडल क्लास लव’ की निर्देशक रत्ना सिन्हा ने किया है. कहानी के स्तर पर कुछ भी नया नही है. फिल्म में पढ़ाई या शिक्षा के महत्व से इतर सब कुछ है. हाथ में किताबें लेकर हर लड़का व लडकी पढ़ाई के अलावा सब कुछ करता हुआ नजर आताष्  है. कहानी जिस अंदाज में चलती है, उससे हर दर्शक भांप जाता है कि अगले दृश्य में क्या होने वाला है. यह लेखक व निर्देशक की सबसे बड़ी कमजोर कड़ी है. इस तरह के विषय पर पहले भी फिल्में आयी हैं, फर्क इतना है कि निर्देशक महोदया मॉडर्न बनने की बजाय देसी ही बनी रही. मगर कहानी व पटकथा के स्तर पर काफी लोचा है. साएशा अमीर कैसे है, कुछ पता नहीं. सिंगल मदर को अपने बच्चे की सबसे ज्यादा फिक्र रहती है, मगर यहां आएशा की मां को फिक्र नही, बेटी पूरी रात घर से बाहर रहती है. छोेटे भाई व आएशा के बीच रिश्ते को रेखांकित करने वाला कोई दृश्य ही नही है. यूडी को पता है कि उसकी अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है, फिर भी वह महज एक लड़की का ब्वौयफें्रड बनने के लिए हर तरह की बर्बादी करता है.

पटकथा की कमजोरी के ही चलते यूडी के दोस्त व हलवाई के बेटे, जिसे रैपर बनना है, वह परदे पर तभी आता है, जब यूडी को चमकाना हो या यूडी कहीं बुरी तरह से अटक गया हो. अन्यथा यूडी के दोस्त के किरदार को कोई तवज्जो ही नहीं दी गयी है. कितनी अजीब सी कहानी है. कभी आएशा व साएशा एक दूसरे की न सिर्फ अच्छी दोस्त रही हैं, बल्कि एक दूसरे को सबसे ज्यादा जानती हैं, उन्हें भी खराब संबंधों को सुधारने के लिए यूडी की जरुरत पड़ गयी.

माना कि फिल्मकार ने इस फिल्म में मध्यमवर्ग की मानसिकता को किसी त्रासदी या दुख के साथ परोसने की बजाय हल्के फुल्के हास्य के क्षणों के साथ पेश किया  है. लेकिन क्लायमेक्स में जमकर रोना धोना आदि मेलोड्रामा परोसने से वह भी बाज नही आयी. इतना ही नही क्लायमेक्स में जिस तरह से मध्यमवर्गीय परिवार के मूल्यों को लेकर यूडी का भाषण है, वह भी कमाल का ही है. क्लायमेक्स इससे कई गुणा ज्यादा बेहतर बन सकता था. निर्देशक यह भूल गयी कि वर्तमान पीढ़ी को उपदेश सुनना पसंद नही है.

अभिनयः

प्रीत कमानी, ईशा सिंह और  काव्या थापर तीनों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से अपने किरदारों को जीवंतता प्रदान की है. यूडी का किरदार निभाने वाले अभिनेता प्रीत कमानी ने पहली बार अभिनय किया है, मगर परदे पर उन्हे देखकर यह नही कहा जा सकता कि यह उनकी पहली फिल्म है. वह एक मंजे हुए कलााकर नजर आते हैं. अपने चुटीले संवादों का उन्होने बहुत बेहतरीन उपयोग किया है. यूडी के माता पिता के किरदार में सपना सैंड और मनोज पाहवा का अभिनय शानदार है. बड़े भाई के किरदार में संजय विश्नोई ने बहुत सधा हुआ अभिनय किया है.

गीत व संगीत काफी अच्छा है.

अंत में फिल्म में वल्गैरिटी नही है. कालेज के लड़के व लड़कियों को अवश्य पसंद आएगी.

बा के बाद Anupamaa पर बरसी पाखी, मिला करारा जवाब

सीरियल अनुपमा (Anupamaa) की कहानी को इन दिनों दिलचस्प बनाने के लिए मेकर्स कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. हालांकि अपने लेटेस्ट ट्रैक के चलते सीरियल के कई सितारे सोशलमीडिया पर ट्रोलिंग का सामना भी कर रहे हैं. दरअसल, बा के तोषू का घर तोड़ने पर अनुपमा को दोषी ठहराना दर्शकों को पसंद नहीं आ रहा है. वहीं अब अपकमिंग एपिसोड में पाखी भी अनुपमा पर ताना कसते हुए नजर आने वाली है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा आगे (Anupamaa Written Update in Hindi)…

बा के कारण टूटी अनुपमा

अब तक आपने देखा कि अनुज, अनुपमा का साथ देता है और उसके फैसले को सही बताता है. वहीं वनराज भी अनुपमा को सही कहता हुआ दिखता है. हालांकि बा का अनुपमा पर गुस्सा बढ़ता जाता है. लेकिन बापूजी अनुपमा का सपोर्ट करते हुए लीला को उसकी गलती याद दिलाते हैं पर वह अनुपमा के फैसले को गलत मानती है.

काव्या को होगा पछतावा

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Anupama Serial (@_anupamaseriall_)

अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि किंजल, तोषू के दिल धोखे से टूट जाएगी. वहीं अनुपमा से उसकी ये हालत नहीं देखी जाएगी और वह उसे कपाडिया हाउस ले जाने की बात कहेगी. दूसरी तरफ, काव्या खुद को दोषी महसूस करेगी और कहेगी कि वह कल्पना कर सकती है कि अनुपमा को वनराज और उसके अफेयर के कारण उस पर क्या गुजरी थी और अनुपमा का सपोर्ट करने की बात कहती है.

अनुपमा को दोषी ठहराएगी पाखी

 

View this post on Instagram

 

A post shared by anupmaa_fantasy2 (@anupmaa_fantasy2)

इसके अलावा आप देखेंगे कि बा के बाद पाखी भी तोषू का घर तोड़ने के लिए अनुपमा को दोषी ठहराएगी. हालांकि इस बार अनुपमा चुप नहीं बैठेगी और उसे चेतावनी देगी उसने उसके साथ गलत नहीं होने दिया तो वह किंजल के साथ गलत नहीं होने देगी. वहीं पाखी को सबक सिखाते हुए कहेगी कि अगर इससे उसके जीवन और उसके नियमों से प्रौब्लम हो रही है, तो वह कुछ नहीं कर सकती. दूसरी तरफ, अनुज, अनुपमा को साहसी बनने और भगवान पर भरोसा रखने की बात कहता दिखेगा.

लिवइन रिलेशनशिप- भाग 2: क्यों अकेली पड़ गई कनिका

‘जी नहीं, ऐसा तो कुछ भी नहीं.’ उस ने सकुचाते हुए कहा पर उसे लगा मानो उस की चोरी पकड़ी गई हो.

उस के बाद उन की दोस्ती बढ़ती ही गई. कनिका को रोनित का साथ बड़ा अच्छा लगता. दोनों का साथ में कौफी पीना, घूमनाफिरना आम बात हो गई थी. ऐसे ही एक दिन जब वे ‘मोहनजोदाड़ो’ फिल्म देखने गए तो शो के छूटतेछूटते रात के 11 बज गए. हौल के बाहर निकल कर घड़ी देखते ही रोनित बोला, ‘कनु, अब इतनी रात में तुम कहां जाओगी, होस्टल तो बंद हो गया होगा.’

‘मैं अपनी मौसी के घर चली जाती हूं, वे होस्टल के पास ही रहती हैं,’ कनिका ने कहा.

‘अब तो वे सो गई होंगी, इतनी रात में कहां उन्हें जगाओगी. ऐसा करो, आज तुम मेरे फ्लैट पर ही रुक जाओ. होस्टल सुबह चली जाना.’

‘नहीं रोनित, तुम्हारे फ्लैट पर कैसे, तुम तो अकेले रहते हो न,’ उस ने अचकचाते हुए कहा.

‘अरे, तो क्या हुआ, मैं तुम्हें खा थोड़े ही जाऊंगा, चलो,’ और रोनित ने हाथ पकड़ कर उसे अपने पीछे बैठा लिया.

वह रोनित से सट कर बैठ गई. रोनित के साथ अकेले रहने की बात सोच कर उसे अंदर ही अंदर थोड़ी घबराहट तो हो रही थी पर रोमांच भी कुछ कम नहीं था. फ्लैट पर पहुंच कर रोनित ने कहा, ‘तुम बैठो, मैं चेंज कर के आता हूं.’

कुछ ही देर में रोनित अपनी नाइट ड्रैस में था. उसे देख कर अचकचाते हुए बोला, ‘अरे, तुम कैसे चेंज करोगी?’ फिर कुछ सोच कर बोला, ‘मेरी टीशर्ट और लोअर पहन लो, एक रात की ही तो बात है, सुबह चेंज कर लेना.’

कुछ ही देर में कनिका लोअर व टीशर्ट में थी. उसे देख कर रोनित खुश होते हुए बोला, ‘क्या बात है, बड़ी सैक्सी और खूबसूरत लग रही हो.’

कनिका थोड़ा शरमा गई. तभी रोनित ने उसे अपनी बांहों में भींच लिया. न जाने क्यों वह चाह कर भी प्रतिरोध न कर सकी, बल्कि उस की बांहों में समाती ही चली गई. रोनित उसे बांहों में उठा कर अपने बैड पर ले आया और दोनों ने उस दिन सारी सीमाओं को पार करते हुए अपने मध्य स्थित लाजशर्म के उस  झीने परदे को भी तारतार कर दिया जो अब तक उन के मध्य मौजूद था.

दोनों की बढ़ती दोस्ती औफिस में भी चर्चा का विषय बन चुकी थी. अब अकसर ही रोनित उसे अपने फ्लैट पर ले जाने लगा था. धीरेधीरे स्थिति यह हो गई कि वे एकदूसरे के बिना रहने में असमर्थ हो गए. तभी एक दिन रोनित ने उस से कहा, ‘यार, ऐसा करो, अगले माह से तुम मेरे ही फ्लैट पर आ जाओ. एकसाथ चैन से रहेंगे. क्योंकि मु झे लगता है अब हम अलग नहीं रह सकते.’

‘हां, बात तो तुम ठीक कह रहे हो, मु झे भी ऐसा ही लगता है, पर कैसे, शादी तो मैं करना नहीं चाहती,’ कनिका ने धीरे से कहा.

‘न बाबा, आम लड़कियों की तरह तुम भी ये शादीवादी की बातें मत करो. तुम सब से अलग हो, इसीलिए तो मु झे पसंद हो,’ रोनित ने उस की आंखों में आंखें डाल कर कहा.

‘‘रियली रोनित, मु झे स्वयं यह शादी और बच्चों के  झं झट पसंद नहीं हैं. मैं तो बिंदास, मस्त और आजाद पंछी की तरह उड़ना चाहती हूं. न शादी, न बच्चा, न कोई टैंशन. कमाओ, खाओपिओ और मौज करो, यह विश्वास है मेरा,’ कनिका ने अपनी जुल्फें लहराते हुए कहा.

‘तो बस, फिर देर किस बात की है. अगले महीने से मैं, तुम साथसाथ एक छत के नीचे, हर पल एकदूसरे के साथ,’ कहते हुए रोनित ने उस के गाल पर एक पप्पी जड़ दी.

‘पर रोनित, तुम्हारे अड़ोसपड़ोस वाले क्या सोचेंगे?’

‘अरे नहीं, यह तुम्हारा छोटा सा इंदौर नहीं है. यह पुणे है पुणे, मेरी जान. यहां किसी से किसी को कोई मतलब नहीं होता. इस तरह बिना शादी किए रहने को महानगरीय भाषा में लिवइन रिलेशनशिप कहा जाता है और यहां अधिकांश लोग इसी रिलेशनशिप में रहना पसंद करते हैं और अपनी जिंदगी को बिना किसी बंधन के आजाद तरीके से जीते हैं.’ रोनित ने उसे सम झाते हुए अपने बाहुपाश में बांध लिया.

‘सच रोनित, मैं ने भी कुछ समय पहले इस के बारे में सुना था और तभी मैं ने सोचा था कि यह रिलेशनशिप मेरे जैसे लोगों के लिए बनी है. तो ठीक है, मु झे तुम्हारा यह लिवइन रिलेशनशिप का प्रस्ताव पसंद है,’ कनिका ने संकोच से कहा और अगले माह से वे दोनों एकसाथ रहने लगे. उस के बाद तो दोनों का एकसाथ घूमनाफिरना, लेटनाइट क्लब और पार्टियां करना, देररात सोना, सुबह देर से जागना, जैसे अनेक ऐसे कार्य प्रारंभ हो गए थे जो आज तक नहीं किए थे. औफिस में जब उस की सहकर्मी आयशा को इस बात की भनक लगी तो उस ने एक दिन लंच में कनिका से पूछा, ‘क्या यह सच है, कनु, कि तुम और रोनित एकसाथ फ्लैट में रहते हो?’

‘हां, तो इस में बुरा क्या है?’ कनिका ने कंधे उचका कर खुश होते हुए कहा तो आयशा बोली, ‘कनु, तू पागल तो नहीं हो गई, तू पढ़ीलिखी और सम झदार है. क्या तू नहीं जानती कि इस सब के परिणाम अच्छे नहीं होते. एक मर्द के साथ बिना शादी किए रह रही है, यह ठीक नहीं है. और क्या लाइफस्टाइल बना रखा है तुम लोगों ने, सुना है आजकल बड़ीबड़ी लेटनाइट पार्टियां अटैंड कर रहे हो तुम दोनों?’

‘तू रहेगी वही छोटे शहर की छोटी मानसिकता वाली. तेरी सोच दकियानूसी ही रहेगी. इसे लिवइन रिलेशनशिप कहते हैं, मैडम, और यहां अधिकांश कपल ऐसे ही रहते हैं. जिस में न कोई बंधन, न जिम्मेदारी, और न कोई  झं झट. बस मस्ती, मौज और मौज. तू नहीं सम झेगी, तू तो एक पतिव्रता और आदर्श नारी है न. तू इस जिंदगी के लिए नहीं बनी, सो नहीं सम झेगी,’ कह कर अपने बालों को  झटकाते हुए कनिका रोनित के केबिन में चली गई थी.

जब पिछली बार रक्षाबंधन पर इंदौर गई थी तो मां को उस के रंगढंग कुछ ठीक नहीं लगे थे. एक दिन वे उस के सिरहाने आ कर बैठ गईं और बड़े प्यार से उस के सिर पर हाथ फिराते हुए बोलीं, ‘बेटा, अब तू 28 साल की होने जा रही है.

शादी कर ले. तेरे पापा इसी बात को ले कर बड़े तनाव में रहते हैं. पिछले 4 वर्षों से तु झे कहती आ रही हूं पर तू है कि अभी नहीं, अभी नहीं की रट लगा रखी है. शादीब्याह समय पर हो जाए तो ही अच्छा रहता है.’

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें