फिल्म ‘कहानी 2’ की बुरी शुरूआत क्यों?

हर इंसान गलतियां करता है और फिर उन गलतियों से सबक सीखता हैं. मगर बॉलीवुड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कोई गलती करता ही नहीं है. फिल्म सफल हो गयी, तो सारा श्रेय खुद ले लेते हैं. फिल्म असफल हो गयी तो दर्शकों के सिर पर सारा दोष थोप दिया जाता है. लोग कहने लगते हैं कि दर्शकों ने फिल्म पसंद नहीं किया, हमने तो अच्छी फिल्म बनायी थी. हमारी फिल्म समय से पहले आ गयी. इस वर्ष 8 नवंबर के बाद से तो हर किसी को नोटबंदी बहाना मिला हुआ है.

4 वर्ष पहले की सफलतम फिल्म ‘कहानी’ की फ्रेंचाइजी वाली फिल्म ‘कहानी 2’ दो दिसंबर को प्रदर्शित हुई. पहले दिन फिल्म को बहुत बुरी ओपनिंग मिली. जबकि इस सप्ताह ‘कहानी 2’ अकेले बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शित हुई है. सूत्रों की मानें तो महज 15 प्रतिशत दर्शक ही थिएटर में नजर आए. मगर फिर शाम तक दर्शकों की संख्या बढ़ती गयी. आखिर इस फिल्म के साथ ऐसा क्यों हुआ?

वास्तव में फिल्म ‘कहानी 2’ की बुरी शुरूआत के लिए इस फिल्म से जुड़ा हर शख्स जिम्मेदार है. खासकर फिल्म की मार्केटिंग से जुड़े लोग. यह सभी शुरू से ही फिल्म ‘कहानी 2’ को ‘कहानी’ फ्रेंचाइजी की फिल्म, रहस्य व रोमांचक फिल्म, दुर्गारानी सिंह या अपहरण कर्ता जैसे श्लोगन के साथ प्रचारित करते रहे. जबकि फिल्म रोमांच व रहस्य के मामले में काफी कमजोर फिल्म है. यानी कि यह सभी लोग फिल्म के कमजोर पक्ष को ही प्रचारित करते रहे.

इस फिल्म का सबसे ज्यादा सशक्त पक्ष ‘बाल यौन उत्पीड़न’ है. मगर फिल्म में ऐसा कुछ है, जिसकी भनक फिल्म से जुड़े लोगों ने मीडिया व दर्शकों को फिल्म के प्रदर्शन से पहले नहीं लगने दी. फिल्म में बाल यौन उत्पीड़न पर भी बात की गयी है, इस बारे में फिल्म से जुड़े कलाकार विद्या बालन व अर्जुन रामपाल तथा निर्देशक सुजॉय घोष ने बात तक नहीं की. यह सभी रहस्य व रोमांच की ही बात करते रहे.

नोटबंदी के चलते वही दर्शक सिनेमाघर के अंदर गया, जिसे रहस्य रोमांच में रूचि है, पर उसे निराशा ही हाथ लगी. लेकिन जब इन दर्शको ने कहना शुरू किया कि फिल्म में बाल यौन उत्पीड़न जैसा मुद्दा भी है, तो ‘माउथ पब्लिसिटी’ के चलते शाम के बाद दर्शक बढ़े. इससे यह बात उभर कर आती है कि यदि ‘कहानी 2’ की प्रचार व मार्केटिंग टीम ने पहले दिन से ही इस बात को उजागर किया होता कि फिल्म में ‘बाल यौन उत्पीड़न’ का मुद्दा है, और इस मुद्दे पर खुलकर बात व बहस की होती, तो शायद फिल्म की पहले दिन इतनी बुरी हालत न होती, जितनी हुई है.

मजेदार बात यह है कि विदेशों में ‘कहानी 2’ को काफी पसंद किया गया. सूत्रों की मानें तो 2012 में प्रदर्शित ‘कहानी’ ने आस्ट्रेलिया में पहले दिन महज एक हजार 392 डॉलर कमाए थे. जबकि ‘कहानी 2’ ने पहले दिन 10 हजार 86 डॉलर कमाए. वहीं न्यूजीलैंड में ‘कहानी’ ने पहले दिन 983 डॉलर कमाए थे, जबकि ‘कहानी 2’ ने पहले दिन 1390 डॉलर कमाए हैं.

बिगड़े नवाब के लिए रणबीर पहली पसंद

फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में रोमांस और इमोशन का पूरा दम झोक देने वाले रणबीर कपूर वैसे तो आम जिन्दगी में बेफिक्रे ही है लेकिन इतने भी बिगड़े नहीं हैं कि अब उनके लिए कोई इस तरह की स्क्रिप्ट लेकर तैयार हो गया है.

जाने माने निर्देशक संजय गुप्ता ने एक और फिल्म (बिगड़े नवाब) की स्क्रिप्ट तैयार कर ली है. सूत्रों की मानें तो इस फिल्म के लिए संजय गुप्ता को सिर्फ और सिर्फ रणबीर कपूर ही लीड रोल में चाहिए. गुप्ता ने तय कर लिया है कि ‘बिगड़े नवाब’ की स्क्रिप्ट को रणबीर कपूर के अलावा और किसी भी हीरो को नहीं सुनाएंगे. उनकी जिद है कि अगर ये फिल्म बनेगी तो सिर्फ रणबीर कपूर के साथ ही.

संजय गुप्ता के इस हठ के पीछे सबसे बड़ा कारण कहानी का सिर्फ रणबीर कपूर पर सूट होना है और ये कहानी लिखते वक्त भी संजय गुप्ता को सिर्फ रणबीर का ही ध्यान रहा है. इतना ही नहीं जब से उन्होंने ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में रणबीर का काम देखा है, बिगड़े नवाब के लिए उनकी सोच और पक्की हो गई है.

हालांकि रणबीर इस फिल्म में काम करते हैं या नहीं, अगर हां तो कब, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि जग्गा जासूस खत्म करने के बाद रणबीर को संजय दत्त पर बनने वाली बायोपिक और उसके बाद अयान मुखर्जी के ड्रैगन में काम करना है.

वैसे संजय गुप्ता का ध्यान भी इन दिनों रितिक रोशन और यामी गौतम स्टारर काबिल पर है. एक नेत्रहीन मिमिक्री आर्टिस्ट की कहानी पर बन रही इस फिल्म को अगले साल 25 जनवरी को रिलीज होना है जब उनका सामना शाहरुख खान की ‘रईस’ से होगा.

सुशांत बनना चाहते हैं मोदी

हाल ही में एम एस धोनी की बायोपिक ‘एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी का किरदार निभाने के बाद सुशांत सिंह राजपूत ने एक और बायोपिक मे काम करने की इच्छा जताई है.

टीवी से ऐक्टिंग करियर की शुरुआत करने के बाद बॉलीवुड में अपनी जगह बना चुके सुशांत बोले कि अगर उन्हें मौका मिलेगा तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बायोग्राफी में काम जरूर करना चाहेंगे. सुशांत ने कहा कि ‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बायोपिक में काम करना चाहूंगा. मुझे मुश्किल किरदार निभाने में मजा आता है.’

धोनी पर बनी सुशांत की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस बिजनस में 2 करोड़ का आंकड़ा पार किया था. ‘एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ फिल्म में महेंद्र सिंह धोनी के किरदार को सुशांत ने बखूबी निभाया.

2017 में यहां जरूर जायें

साल के आखिरी महीने, दिसंबर ने दस्तक दे दी है और मन में यह बार-बार कौंध रहा होगा कि जिन्दगी का एक साल बीत गया. बस यूं ही. कुछ खुशियां और कुछ गम के साथ. पर जो बीत गया सो बीत गया. अब आने वाले कल के बारे में सोचने में ही भलाई है. प्रकृति की गोद में हम अपने दूख, परेशानियों को कुछ दिनों के लिए भूल जाते हैं. अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं तो 2017 में इन जगहों पर जरूर जायें.

1. कैनडा

पश्चिमी कैनडा के एलबर्टा की खूबसूरती आपके होश उड़ा देगा. यहां के ग्लेशियर से लेकर हरियाली की भी भरमार है. पन्ने सरीखे पानी में आप मजे भी कर सकती हैं. पाइन के वृक्ष खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं. यहां आकर लेक लुई जाना न भूलें.

2. कोलंबिया

कोलंबिया को विश्व स्तर पर मजबूत पहचान मिल गई जब यहां के राष्ट्रपति को शांति का नोबेल पुरस्कार मिला. अगर आप इस देश को एक्सप्लोर करना चाहती हैं तो आपको लॉस्ट सिटी का रूख करना चाहिए. यहां के जंगलों पर एक समय टायरोना सभ्यता का राज था.

3. फिनलैंड

उत्तरी फिनलैंड के लैपलैंड के इगलू और होटल ऐसे बनाए गए हैं कि आप Aurora Borealis के नजारों का लुत्फ उठा सकें. अगर आप थोड़ा से रिस्क ले सकते हैं तो हस्की स्लेज पर घूम सकती हैं या फिर स्कींग भी कर सकती हैं.

4. डोमीनिका

इस कैरिबीयन आइलैंड पर जाने की बहुत सारी वजह हैं. जब भी यहां आए तो यहां के हॉट स्प्रींग का मजा लेना कभी न भूलें. यहां दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हॉट वॉटर लेक (बॉयलींग लेक) है.

5. नेपाल                            

पिछले साल इस पड़ोसी देश को भूकंप ने बहुत नुकसान पहुंचाया था. जिसकी क्षतिपूर्ती नेपाल आज भी कर रहा है. पर इतनी बड़ी विपदा के बावजूद यह देश ट्रेकर्स के लिए जन्नत से कम नहीं है. 2017 में यहां जरूर जायें.

रिलीज डेट अलग फिर भी काबिल-रईस की भिड़त कायम

बॉलीवुड किंग शाहरुख खान और रितिक रोशन की फिल्म ‘रईस’ और ‘काबिल’ 26 जनवरी 2017 को रिलीज के साथ भिड़ने वाली थीं. ऐसे में एक दूसरे पर भारी पड़ने की कवायद में राकेश रोशन ने एक और दांव खेला है. अब रितिक और यामी गौतम स्टारर ‘काबिल’ 26 जनवरी की बजाए एक दिन पहले 25 जनवरी को रिलीज होगी.

काबिल के निर्माताओं ने एक बयान में कहा, राकेश रोशन की काबिल भारत में 25 जनवरी, 2017 (शाम को) रिलीज होगी और शाम छह बजे के शो से सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी. राकेश रोशन ने ट्विटर पर लिखा, 25 जनवरी को ‘काबिल’ नाम की एक खूबसूरत प्रेम कहानी का आनंद उठाएं. बताया जा रहा है कि ये भी रोशन्स की मार्केटिंग रणनीति का एक हिस्सा है जिसके तहत शो को पहले किया गया है.

दूसरी तरफ शाहरुख की रईस के ट्रेलर रिलीज की जबरदस्त तैयारियां चल रही हैं. शाहरुख की तरफ से वीडियो शेयर करके 3500 स्क्रीन्स और 9 शहरों में एक साथ ‘रईस’ का ट्रेलर करने का ऐलान कर दिया गया है. खास बात ये है कि 9 शहरो में ट्रेलर लॉन्च के दौरान शाहरुख अपने फैन्स से बातचीत भी करेंगे. शाहरुख वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिल्ली, मुंबई, बंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता, जयपुर, मोगा पंजाब, इंदौर और अहमदाबाद जैसे 9 शहरों दर्शको के साथ मुलाकात करेंगे.

साल 2017 को रिलीज होने वाली ‘रईस’ में शाहरुख के अलावा माहिरा खान और नवाजुद्दीन सिद्दिकी लीड रोल में हैं. जिसका निर्देशन नेशनल अवार्ड विनिंग निर्देशक राहुल ढोलकिया ने किया है. फिल्म का निर्माण रितेश सिद्धवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल इंटरटेंमेंट और शाहरुख-गौरी खान की रेड चिलीस इंटरटेंमेंट कर रही है.

घर सजायें ऐंटीक से

पुरानी चीजों की बात ही अलग है. चाहे दुनिया में कितनी भी चकाचौंध क्यों न हो, पर पुरानी चीजों की बात ही अलग है. अगर आपको भी पुरानी चीजें पसंद है तो अपनी पसंद को अपने घर में भी ले आयें. इस बार अपना घर ऐंटीक से रिडेकोरेट करें. आप चाहे किसी भी शहर में क्यों न रहती हो आपको पुरानी चीजों की दुकानें मिल ही जायेगी.

पुरानी चीजों से ऐसे सजाये घर

1. रोयाल सोफा सेट

वही पुराने मेटल, बैंम्बू, प्लास्टिक, कॉटन आदि के सोफा सेट से लीविंग रूम को दिलाइए निजात. घर ले आइए टीक या ओक का सोफा सेट, इससे आपके लीविंग रूम को मिलेगा एक अलग लुक. पर लीविंग रूम में सिर्फ एक ही ऐंटीक सोफा सेट रखें.

2. हॉलवे में हो एक मिरर

अगर आपके घर में स्पेस है तो हॉलवे में एक मिरर लगायें. ये आपके लीविंग रूम को अलग ही लुक देगा.

3. पुरानी लकड़ी का डायनिंग टेबल

एक बड़ा सा ओक का डायनिंग टेबल आपके घर को एक शाही टच देगा. आप टेबल के ऊपर ग्लास भी लगवा ले या फिर उसे लकड़ी का ही रहने दें. आपके घर से मेहमान बिना खाना खायें जा नहीं पायेंगे.

4. पुरानी घड़ी

ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर बड़ी घड़ियां तो आपने देखी ही होंगी. सारे प्लेटफॉर्म पर पुरानी घड़ियां टंगी रहती हैं. आप ऐसी घड़ियों को अपने घर पर भी ला सकती हैं. 

ऐंटीक से घर सजाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल

– ऐंटीक से घर सजाते वक्त ध्यान रखें कि आपका बाकि घर भी विंटेज लुक में हो. जैसे रस्टेड सोफा सेट के साथ सफेद पर्दे, सफेद कुशन लगा सकती हैं.

– अपना शौक पूरा करने के लिए घर ऐंटीक से घर भर मत दीजिएगा.

– ध्यान से खरीदें विंटेज सामान.

– विंटेज सामान भारी होते हैं तो इन्हें शिफ्ट करते वक्त सावधान रहें.

राजू हिरानी के साथ काम करना चाहती हैं सोनम

भले ही नियमों के कारण सोनम कपूर ने साफ कर दिया कि वह फिल्म निर्माता या निर्देशक से पूछे बिना अपनी आने वाली किसी फिल्‍म या प्रोजेक्‍ट के बारे में बता नहीं सकती, लेकिन सोनम ने इन बंदिशों के बाद भी अपनी मन की इच्‍छा जाहिर कर दी है.

सोनम का कहना है कि वह फिल्मकार राजकुमार हिरानी के साथ काम करना चाहेंगी. यह चर्चाएं गर्म थी कि राजू हिरानी 1980 और 1990 के दशक के संजय दत्त की बायोपिक में अभिनेता रणबीर कपूर के साथ सोनम को लिया है. हालांकि सोनम ने इस बात पर अपनी तरफ से कोई खुलासा नहीं किया है.

इस बारे में पूछे जाने पर सोनम ने बताया कि यह राजू सर से पूछें. जब तक निर्माता या निर्देशक कुछ नहीं कहते तब तक इस बारे में मैं कुछ नहीं बोल सकती. उन्होंने कहा, ‘हालांकि, मैं राजू सर (हिरानी) के साथ काम करना चाहूंगी.’

सोनम राम माधवानी द्वारा निर्देशित फिल्म ‘नीरजा’ में प्रभावशाली भूमिका में देखी जा चुकी हैं. उन्होंने नीरजा पर बात करते हुए कहा कि इस फिल्म में काम करना उनके लिए जरूरी था. सोनम ने ब्रांड विजन समिट सम्मेलन 2016 में कहा, “मैं खुश हूं कि लोग ‘नीरजा’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा कर रहे हैं. लेकिन ईमानदारी से कहूं तो अगर पुरस्कार नहीं मिला तो मुझे निराशा नहीं होगी, क्योंकि मेरे लिए फिल्म में काम करना जरूरी था.”

सोनम शशांक घोष द्वारा निर्देशित ‘वीरे दि वेडिंग’ में प्रमुख भूमिका निभाने वाली हैं.

तो इसलिए शुरू करें SIP

लान्ग टर्म फाइनेंशियल गोल के लिए सबसे अच्छा ऑपशन है एसआईपी (सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लैन) बेस्ड निवेश. आप जितनी जल्दी इसे शुरू करेंगी अपको उतना ही फायदा होगा. एसआईपी से फायदा होने के साथ ही निवेशकों के जीवन में फाइनेंशियल डिसीप्लीन भी आता है.

कुछ निवेशक ऐसे होते हैं जो निवेश शुरू तो कर लेते हैं पर कन्टीन्यु नहीं कर पाते. ऐसे लोग अपने पास के लोगों को हो रहे फायदे को देखकर निवेश शुरू करते हैं. पर जैसे ही बाजार में गिरावट आती है ऐसे लोग निवेश करना छोड़ देते हैं. ऐसी आदतों पर एसआईपी लगाम लगाता है. एसआईपी निवेशकों को एक फिक्सड अमाउंट निवेश करने पर मजबूर करता है भले ही मार्केट में कितना ही उतार-चढ़ाव क्यों न हो. ऐसा इसलिए है क्योंकि निवेश के पैसे आपके अकाउंट से ही कट जाते हैं.

आप एसआईपी डेट सैलेरी डेट के बाद भी रख सकती हैं. इससे आप अपने निवेश के पैसे खर्च करने से बच सकती हैं. जब तक आप लंबे समय तक थोड़ा-थोड़ा निवेश नहीं करती आप एक बड़ा कोष नहीं बना सकती. जैसे अगर आप रिटायरमेंट के बाद 1 करोड़ रुपए जमा करना चाहती हैं तो ऐसा एसआईपी से ही संभव है. एसआईपी रिटायरमेंट प्लैनिंग में भी सहायक है.

ऐसे काम करता है एसआईपी

जब भी आप किसी म्युचुअल फंड स्कीम के लिए ऑप्ट करती हैं तो हमेंशा ‘1 टाइम इनवेस्टमेंट’ के बजाए एसआईपी ऑप्ट करें. अकाउंट से विड्राल की डेट सोच समझकर ही ऑप्ट करें. क्योंकि ज्यादातर कंपनियां डेट चैंज करने में आनाकानी करती है.

आप ऑनलाइन पोर्टल के द्वारा भी इनवेस्ट कर सकते हैं. पर बहुत सी कंपनीयां ये फैसिलीटी प्रोवाइड नहीं करती.

फिटनेस ट्रेनर ने खोली आमिर खान की पोल

बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ यानी कि अभिनेता आमिर खान ने अपनी फिल्म ‘दंगल’ का ‘मेकिंग ऑफ दंगल’ वीडियो को बाजार में लाते हुए दावा किया था कि उन्होंने बिना किसी तरह के गलत पदार्थ का सेवन किए अपना वजन 97 किलो तक ले गए और फिर उसे चार पांच माह के ही अंदर 29 किलो घटा भी लिया. अपने शरीर के फिटनेस को लेकर आमिर खान ने कई तरह के दावे किए थे.

लेकिन मुंबई के ही एक फिटनेस ट्रेनर रणवीर अलहाबादिया ने फेसबुक, यूट्यूब, ब्लॉग सहित हर संभव सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ की पोल खोलते हुए नवयुवकों को सावधान किया है. अपने इस वीडियो में रणवीर अलहाबादिया ने दावा किया है कि वह आमिर खान के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, मगर उन्होंने ‘दंगल’ के लिए अपनी तैयारी व फिटनेस ट्रेनिंग को लेकर जो वीडियो जारी किया है,वह गलत है.

रणवीर अलहाबादिया अपने इस वीडियों में कहते हैं, ‘‘आमिर खान पूरे देश को प्रेरणा देते हैं. पर इस बार वह गलत कर रहे हैं. वह भूल गए हैं कि फिटनेस ट्रेनिंग को लेकर भारत में काफी जागरूकता आ गयी है. एक आम इंसान खानपान पर नियंत्रण रखते हुए फिटनेस ट्रेनिंग लेकर खुद को महज पांच माह के अंदर फिट नहीं कर सकता. उन्हें सही वैज्ञानिक तकनीक की बात करनी चाहिए. आमिर खान ने अपना वजन बढ़ाने के लिए हर हाल में स्टीरॉयड्स का सेवन किया है, जो कि शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. आमिर खान का दावा है कि उन्होंने महज पांच छह माह में अपना वजन बढ़ाया और फिर पांच-छह माह के ही अंदर अपना वजन घटाकर खुद को फिट रखा. यह गलत है. ऐसा करने के लिए कम से कम पांच छह वर्ष का समय चाहिए. फिटनेस के लिए कई वर्ष तक एक लाइफ स्टाइल अपनानी पड़ती है. फिटनेस ट्रेनिंग भी लेनी पड़ती है. मैं यह सब इसलिए बता रहा हूं, जिससे कोई भी युवक स्टीरॉयड का सेवन कर अपने शरीर को हानि न पहुंचाए.’’

रणवीर ने अपनी बात को साबित करने के लिए अक्षय कुमार का उदाहरण दिया है. वह कहते हैं, ‘‘एक 15 वर्ष के युवक के लिए भी महज खानपान पर नियंत्रण और फिटनेस ट्रेनिंग के बल पर पांच माह में अपना वजन बढ़ाना और पुनः पांच माह में घटाकर फिट होना असंभव है. फिर आमिर खान तो 51 वर्ष के हैं.’’

जब से रणवीर अलहाबादिया का यह वीडियो हर जगह वायरल हुआ है, तब से आमिर खान चुप हैं. देखना है कि वह इस मुद्दे पर कब बात करते हैं.

‘चाइल्ड एब्यूज’ पर बनी फिल्म कहानी 2

फिल्म ‘कहानी’ के चार साल बाद आई सुजॉय घोष की फिल्म कहानी 2 सिक्वल नहीं बल्कि एक फ्रेंचाइज है. इस फिल्म में भी थ्रिल, रोमांच और विद्या है, लेकिन कहानी दुर्गारानी सिंह की है. पहली फिल्म से सुजॉय को जितनी वाहवाही मिली थी, ये फिल्म उससे दूर लगती है. फिल्म ‘चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज’ के बारें में है, जो एक बड़ा मुद्दा है और हर जगह व्याप्त है.

फिल्म में विद्या बालन और अर्जुन रामपाल के दो चेहरे को दिखाया गया है. हालांकि इस तरह की कहानी पर बनी फिल्म पहले भी आ चुकी है, अंतर सिर्फ इतना है कि इसमें विद्या बालन है और इसकी पूरी शूटिंग कोलकाता और कलिम्पोंग में हुई है.

फिल्म को अलग और ‘एलीट’ बनाने के चक्कर में निर्देशक ने फिल्म की सिनेमेटोग्राफी को 70 के दशक की बनायी है, जहां सीन्स में डार्कनेस अधिक है. किसी का चेहरा ठीक से देख पाना संभव नहीं था और पूरे समय तक हॉल में बैठे रहना भारी पड़ रहा था. विद्या बालन की एक्टिंग विद्या सिन्हा और वांटेड दुर्गारानी सिंह के रूप में निखर कर आई है. उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि किसी भी रोल में वह फिट है. अर्जुन रामपाल पुलिस की भूमिका में कुछ खास नहीं दिखे.

कहानी इस प्रकार है

पश्चिम बंगाल के एक छोटे से शहर चंदन नगर में कामकाजी महिला विद्या सिन्हा (विद्या बालन) अपने टीनएजर बेटी मिनी को सम्हाल रही है. एक दिन उसकी ‘मेड सर्वेंट’ के न आने पर वह उसे अकेला छोड़कर ऑफिस जाने को बाध्य होती है. ऑफिस में पता चलता है कि उसकी ‘मेड’ देर से ही सही, पर आ चुकी है. लेकिन विद्या के घर आने पर पता चलता है कि उसकी बेटी किडनैप हो चुकी है, इतने में उसके पास फोन आता है कि अगर वह बेटी से मिलना चाहती है तो जल्दी कोलकाता आ जाए. वह बेटी से मिलने के लिए भागती है, ऐसे में उसकी दुर्घटना, कार की टक्कर लगने से हो जाती है, उसे अस्पताल पहुंचाया जाता है, वह कोमा में चली जाती है.

इस केस को पुलिस ऑफिसर इन्द्रजीत (अर्जुन रामपाल) अपने हाथ में लेता है, जो विद्या को इस हालत में देखकर चौंक जाता है, क्योंकि उसका भूतकाल इससे कही न कही जुड़ा हुआ है. इसके बाद वह विद्या की ऐसी हालत होने की वजह तक पहुँचता है. काफी मुश्किलों और तहकीकात के बाद कहानी रिविल होती है.

फिल्म में विद्या की लुक एकदम सादा और ‘डीग्लैमर’ वाली है. फिल्म की कुछ बातें अनसुलझी रह गई हैं, जैसे कि विद्या अगर बचपन में ‘चाइल्ड एब्यूज’ की शिकार हुई तो कब और कैसे? लेकिन इस तरह की घटना से किसी महिला के व्यक्तित्व पर क्या प्रभाव पड़ता है, उन बारीकियों को निर्देशक ने अच्छी तरह दिखाया है.

जुगल हंसराज विलेन के रूप में बहुत थोड़े समय के लिए दिखे. फिल्म का थ्रीलर अंत तक कायम रहा. कोलकाता के स्थानीय कलाकारों ने अच्छा काम किया है. बहरहाल फिल्म एक बार देखने लायक है इसे थ्री स्टार दिया जा सकता है.

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