विधवा औरत धर्म के नाम पर शोषण

आज का 21वीं सदी का पढ़ालिखा, पैसे वाला, अंग्ररेजी बोलनेसम?ाने वाला और धर्म के चक्करों में घिरा आधुनिक समाज एक औरत की खुशी बरदाश्त नहीं कर सकता. आज भी विधवा या डिवोर्स हो जाने के बाद औरत को खुश रहने का कोई हक नहीं. उसे अपनी जिंदगी अपनी मरजी से जीने का कोई अधिकार नहीं है. उसे समाज की घिनौनी और दकियानूसी मानसिकता के अनुसार ही जीना होगा.

दोगला समाज एक तरफ स्त्री सशक्तीकरण के राग अलाप रहा है और दूसरी तरफ अगर कोई स्त्री चुटकीभर खुश रह कर गम को भुलाने की कोशिश करते जी रही है तो उस पर ढेरों लांछन लगा कर व्यंग्यबाण छोड़ने से नहीं चूकता.

हाल ही में सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम पर नीतू सिंह (नीतूऋषि कपूर) की एक पोस्ट पर लोगों की टिप्पणियां हैरान कर देने वाली हैं. लोगों द्वारा की गई गंदी व भद्दी टिप्पणियां उन के मानसिक दिवालियापन और दकियानूसीपन को दर्शाती हैं.

कुछ अरसा पहले ऋषि की कैंसर से मृत्यु हो गई थी. नीतू कपूर दुनिया में अकेली रह गई. अब आहिस्ताआहिस्ता दुख को भूलने की कोशिश में खुद को व्यस्त रखते हुए काम करने लगी है.

गुनाह क्यों

टीवी पर एक शो की जज के तौर पर जाहिर सी बात है वह सफेद साड़ी पहन कर तो नहीं बैठेगी. थोड़ा सा सजधज लिया, हंसबोल लिया या दर्शकों की फरमाइश पर डांस के 2 स्टैप्स क्या कर लिए जैसे कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो. वे लोग जो भगवा ट्रोल करने के आदी हैं, इस मौके को भला कैसे छोड़ते. उन्होंने जबरदस्त ट्रोल किया.

‘कुछ तो शर्मलिहाज करो,’ ‘ऋषि कपूर को गुजरे कुछ समय ही बीता है,’ ‘इसे तो कोई दुख ही नहीं है,’ ‘कैसे ऐसे,’ ‘कपड़े पहन सकती है,’ ‘कैसे नाच सकती है,’ वगैरहवगैरह मैसेजों की बाढ़ सी आ गई.
पति के गुजर जाने के बाद औरत चारदीवारी में खुद को कैद कर के आंसू बहाती रहे तो ही इस कट्टर समाज को लगेगा कि उसे पति के जाने का दुख हुआ है. सफेद कपड़े, नम आंखें और लटका चेहरा ही गवाह होता है किसी के गम का?

कब तक कोई शोक मनाती बैठी रहे. चलो मान लो पूरी तरह से विधवाओं के लिए लादी गई रस्मों और परंपराओं का पालन रोतेधोते कर लिया तो क्या जाने वाला व्यक्ति वापस आ जाएगा? समाज को दिखाने के लिए जब तक जीए क्यों तब तक ?ाठे आंसू बहाते सुबूत देती रहे तो ही समाज मानेगा कि हां सच में दुखी है?

मंदिरा बेदी के पति राज कौशल का भी कुछ अरसा पहले निधन हो गया था. 2 बच्चों के साथ अकेली रह गईर् मंदिरा ने कुछ दिन पहले अपने दोस्त के साथ ऐंजौए करते सोशल मीडिया पर एक तसवीर डाली. उस पर भी हमारे कट्टरपंथी समाज ने जम कर लताड़ लगाई जैसे मंदिरा को खुश रहने का अब कोई हक ही नहीं रहा.

समाज को क्यों अखरता है

एक स्त्री के लिए अपना पति खोना जीवन की अपूर्णीय क्षति होती है, उस दर्द को शब्दों में बयां करना मुमकिन नहीं. पर इस का मतलब यह तो नहीं कि अपना सबकुछ खो चुकी औरत से आप जिंदा रहने की वजह तक छीन लो. अगर वह कहीं से टुकड़ाभर खुशी पाने की कोशिश करती है तो समाज को अखरता है.

मलाइका अरोड़ा खान को ही देख लीजिए. पति से तलाक के बाद अर्जुन कपूर के साथ रिश्ता बना कर खुश रहने की कोशिश की, तब उसे भी निम्न स्तरीय शब्दों से ट्रोल करते हलका दिखाने की कोशिश की जाती है. अरे, उस की अपनी जिंदगी है, किसी के भी साथ बिताए, रहने दो न खुश. क्या गलत है अगर 2 परिपक्व इंसान एकदूसरे के साथ जिंदगी जीने का फैसला लेते है? 2 लोगों की उम्र नहीं, सोच मिलनी चाहिए.

हद तो तब हुई जब इन की पोस्ट पर इन्हें ट्रोल करने वाली ज्यादातर पूजापाठी औरतें थीं. जब तक औरत ही औरत की दुश्मन बनी रहेगी, हम बाकी समाज से क्या उम्मीद कर सकते हैं? कम से कम महिलाएं तो महिला के पक्ष में रहें.

आम औरतों पर क्या बीतती होगी

यह तो सैलिब्रिटीज की बात हुई, सोचिए जब लोग इन्हें भी सरेआम सुनाने से बाज नहीं आते तो उन औरतों पर क्या बीतती होगी, जो परिवार और समाज की विचारधारा को मानते हुए लादी परंपरा का ताउम्र पालन करती रहेंगी? उन की जिंदगी तो पति के चले जाने के साथ ही खत्म हो जाती है.

लोग उन्हें पति को खा जाने वाली मानते हैं क्योंकि हमारे धर्मपुराण यही कहते हैं जिन्हें आज भी व्हाट्सऐप मैसेजों से दोहराया जाता है. एक टैलीग्राम चैनल पर कहा गया कि चंद्रमा के एक खास नक्षत्र में होने पर स्त्री को स्नान नहीं करना चाहिए क्योंकि जो स्त्री ऐसा करती है वह 7 जन्म तक विधवा होती है यानी पति की मृत्यु के लिए वह ही ऐसे किसी पाप के लिए दोषी है. ग्रंथों में ऐसे बीसियों प्रावधान हैं जो बताते हैं कि क्या करने से स्त्री विधवा हो सकती है. हरेक का अर्थ है कि पति की मृत्यु के लिए पत्नी उत्तरदायी है और समाज इसे दंडित करता है.

यह कैसी धर्मव्यवस्था

एक अन्य टैलीग्राम चैनल के एक मैसेज में एकादशी के महत्त्व पर उस दिन दानपुण्य करने की वकालत करते हुए यह भी जोड़ दिया गया कि यदि एक विधवा स्त्री एकादशी को भोजन करती तो उस के सारे कमाए पुण्य समाप्त हो जाते हैं और उसे गर्भपात करने वाला पाप लग जाता है. यह कैसी धर्मव्यवस्था है?
इस में श्रीकृष्ण का नाम भी जोड़ दिया कि यह संदेश उन का है. किन्हीं पंडित देवशर्मा का लिखित यह मैसेज फौरवर्ड किया गया लगता है पर विधवाएं इन्हीं बातों की शिकार होती हैं.

मगर यही सारे नियम, बंदिशें और परंपराएं मर्दों पर लागू नहीं होतीं. पत्नी के गुजर या डिवोर्स हो जाने के बाद 1-2 महीनों में ही दूसरी शादी कर सकते हैं, मजे से जी सकते हैं. उन्हें तो कोई 2 शब्द सुनाने नहीं जाता. मर्द क्या समाज का हिस्सा नहीं? मर्द हैं तो क्या उन्हें हर बात की, हर चीज की छूट मिल जाती है?
स्त्रियां पैरों की जूती नहीं दुख, दर्द, गम, अकेलापन इंसान को भीतर से तोड़ देता है. अगर जीने के लिए कहीं से वह खुशी पाने की कोशिश करती है तो क्यों इतनी जलन होती है? कब प्रैक्टिकल बनेगा समाज? जब तक धर्म का धंधा जिंदा है फूलफल रहा है किसी और की जिंदगी में दखल देना बंद नहीं होगा.
18वीं सदी की मानसिकता से घिरा दोगलेपन का शिकार है समाज जो आज भी स्त्रियों को पैरों की जूती बना कर रखने में खुद को महान सम?ाता है. यह समाज 18वीं सदी वाला शूद्र, गंवार और पशुओं का समाज ही है आज भी. -मदन कोथुनियां द्य

Valentine’s Day 2024: दिखना चाहती हैं सबसे खूबसूरत, तो बनें खुद की ब्यूटी एक्सपर्ट

आज हर लड़की खूबसूरत दिखना चाहती है ताकि वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फोटो अपलोड कर के तारीफें बटोर सके. ऐसे में वह हजारों रुपए खर्च करने में भी नहीं कतराती है. लेकिन यह हर किसी के लिए पौकेट फ्रैंडली नहीं होता है.

ऐसे में यह बहुत जरूरी हो गया है कि आप कुछ ऐसे टिप्स व ट्रिक्स जानें, जिन से आप तारीफें बटोर सकें. ऐसे में जरूरी है कि आप खुद की ब्यूटी ऐक्सपर्ट बनें, लेकिन इस के लिए आप के पास कुछ ब्यूटी प्रोडक्ट्स व गैजेट्स का होना बहुत जरूरी है.

तो आइए जानते हैं उन के बारे में:

ऐपिलेटर

कोई भी लड़की अपनी स्किन पर हेयर नहीं चाहती है, लेकिन हर किसी की स्किन पर थोड़ेबहुत बाल तो होते ही हैं. किसीकिसी के तो हारमोंस के असंतुलन की वजह से अनचाहे बाल उग आते हैं, जो न तो दिखने में अच्छे लगते हैं और साथ ही कौन्फिडैंस को भी कम करते हैं.

ऐसे में ब्यूटी गैजेट के रूप में ऐपिलेटर एक बहुत ही अच्छा गैजेट साबित हुआ है क्योंकि एक तो छोटा होने के कारण आप इसे आसानी से कहीं भी ले जा सकती हैं और दूसरा इस से मिनटों में आप अपनी आईब्रोज, अपरलिप्स, फेसिअल हेयर्स, बिकिनी, प्राइवेट एरिया, हैंड्स, लेग्स के हेयर को कहीं पर कभी भी रिमूव कर के सौफ्ट, क्लीन व स्मूद स्किन पा सकती हैं. इस का फायदा यह भी है कि इसे आप खुद कर सकती है और वह भी बिना किसी दर्द के.

कैसे चुनें:

वैसे तो आप को मार्केट में ढेरों ऐपिलेटर मिल जाएंगे, लेकिन अगर आप बैस्ट चुनना चाहती हैं तो ट्वीजर स्टाइल ऐपिलेटर का चयन करें क्योंकि यह एक तो लेटैस्ट मौडल पर आधारित है और दूसरा इस में टाइनी ट्वीजर जैसी प्लेट्स होती हैं और साथ ही भारी मोटर्स भी, जो तेजी से जड़ से बाल को निकालने में सक्षम है. यह बजट फ्रैंडली भी है.

काम के हैं ये ऐपिलेटर्स: फिलिप्स कौर्डलैस ऐपिलेटर, हैविल्स एफडी 5050 ऐपिलेटर, रेमिंगटन स्मूद ऐंड सिल्की इपी 5 ऐपिलेटर, पैनासोनिक ऐपिलेटर, ब्रौन सिल्क ऐपिलेटर.

कहां से खरीदें:

आप इन्हें रिलायंस डिजिटल, अमेजन, नायका, विजय सेल्स जैसे औनलाइन प्लेटफौर्म से आसानी से खरीद सकती हैं.

हेयर स्टाइलर

आज खूबसूरत दिखने के लिए हर कोई अपने लुक में बदलाव लाना चाहता है और यह बदलाव मेकअप के साथसाथ हेयरस्टाइल में चेंज ला कर भी किया जा सकता है. लेकिन यह भी संभव नहीं कि हर ओकेजन के लिए पार्लर में जा कर हेयरस्टाइल करवाया जाए. ऐसे में स्मार्टली सोचने की जरूरत है, जिस से आप को हर बार नया हेयरस्टाइल भी मिल जाए और आप को बाहर जा कर न तो समय और न ही पैसे खर्च करने पड़ें. इस के लिए आप मार्केट में मिलने वाले टू इन वन, फाइव इन वन हेयर स्टाइलर को वन टाइम खरीद कर मोर टाइम उस का फायदा ले सकती हैं.

कैसे चुनें:

अगर आप अपने बालों के स्टाइल के साथ ऐक्सपैरिमैंट करना पसंद करती हैं तो आप को सोचसम झ कर हेयर स्टाइलर का चयन करना होगा. यानी ऐसे हेयर स्टाइलर का, जिस से आप एक नहीं बल्कि कई हेयरस्टाइल बना सकती हैं जैसे बाल स्ट्रेट कर सकें, कर्ल भी, क्रिंप आदि. इस बात का भी ध्यान रखें कि लेटैस्ट मौडल वाले स्टाइलर ही खरीदें.

काम के हैं ये हेयर स्टाइलर:

हैवेल्स एचसी4045 5 इन 1 स्टाइलर, वेगा 3 इन 1 हेयर स्टाइलर, पैनासोनिक 2 इन 1 स्ट्रेट ऐंड कर्ल एएच एचवी10 के62बी हेयर स्ट्रेटनर, रेवलौन सैलून वन स्टैप हेयर ड्रायर ऐंड वौल्यूमाइजर, आइकोनिक प्रो टाइटेनियम शाइन हेयर स्ट्रेटनर.

कहां से खरीदें:

आप इन्हें औनलाइन व औफलाइन दोनों प्लेटफौर्म से आसानी से खरीद सकती हैं.

3 फेस मसाज रोलर

क्या आप नहीं चाहतीं कि आप की स्किन पर ग्लो नजर आए? चेहरे यानी आंखों के आसपास की सूजन कम हो, जिस से चेहरा हमेशा यंग व खिलखिला नजर आए? ऐसे में अपने पास रखें फेस मसाज रोलर क्योंकि इस से मसाज करने से रक्त संचार में सुधार होता है, आप के चेहरे की पफीनैस कम होती है, ऐक्सैस औयल बाहर निकलता है और स्किन पूरी तरह से डिटौक्स होती है. लेकिन इसे चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले चेहरे पर सीरम या फिर मौइस्चराइजर जरूर अप्लाई करें ताकि स्किन रगड़े नहीं.

कैसे चुनें:

अगर आप बिगिनर्स हैं तो आप जैड फेस रोलर्स का इस्तेमाल करें क्योंकि ये ठंडे होने के कारण स्किन को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं और इन्हें ठंडा करने के लिए फ्रिज में रखने की जरूरत भी नहीं होती है यानी ज्यादा ताम झाम की जरूरत नहीं और इजी टू यूज और अगर आप इस की जानकार हैं तो आप रोज क्वार्टीज रोलर से चेहरे की मसाज कर के स्किन को दागधब्बों रहित व जवां बनाए रख सकती हैं. ये रोलर्स लंबे समय तक अपने तापमान को ठंडा व गरम रख सकते हैं.

काम के हैं ये रोलर्स:

माउंट ले डी पफिंग रोलर, लौटमे आइस रोलर, जुरेनी फेशियल रोलर ऐंड मसाजर, इजीमार्ट रोलर फेस मसाजर.

एलईडी लाइट थेरैपी फेशियल मास्क

अगर आप ग्लोइंग, ब्राइट व पिंपल्स रहित स्किन चाहती हैं तो जरूर ट्राई करें एलईडी लाइट थेरैपी फेशियल मास्क. इस में लाइट थेरैपी का इस्तेमाल कर के पूरे फेशियल एरिया को ठीक करने की क्षमता होती है. इसे एक बार 2-3 घंटे चार्ज कर के 4-5 बार करीब 15-20 मिनट तक इस्तेमाल कर सकती हैं. इस में अलगअलग मोड्स दिए जाते हैं यानी आप की जो स्किन प्रौब्लम है आप उसे हाईलाइट कर के इस तकनीक के द्वारा उसे आसानी से ठीक कर सकती हैं.

इस में अलगअलग मोड्स की अलगअलग लाइट होती है, जो बताती है कि आप ने किस मोड को सिलैक्ट किया है. इस बात का ध्यान रखें कि जब भी आप इस का इस्तेमाल करें तो अपने फेस को अच्छे से साफ कर लें ताकि यह लाइट थेरैपी अच्छा रिजल्ट दे सके. इसे आप खुद आसानी से घर पर इस्तेमाल कर के अपनी स्किन टोन, टैक्स्चर व स्किन प्रौब्लम्स से छुटकारा पा सकती हैं.

कैसे चुनें:

जब भी आप इसे खरीदने का मन बनाएं तो इस के फीचर्स व रेट देख कर ही खरीदें ताकि आप को कम कीमत पर अच्छा प्रोडक्ट मिल सके.

काम के हैं ये मास्क:

करंट बौडी स्किन एलईडी लाइट थेरैपी मास्क, एफ्रोना एलईडी

फेशियल: स्किन केयर मास्क, न्यूकी 7  फेशियल लाइट थेरैपी फेशियल स्किन केयर मास्क.

फेशियल स्टीमर

बाहर धूल भरे वातावरण में निकलने से व घर में अनेक धूल भरे काम करने से स्किन पर गंदगी जमा हो ही जाती है. जिस से पोर्स बंद होने से मुंहासों की समस्या होने के साथसाथ डैड स्किन भी जमा हो जाती है. कई बार ब्लैकहैड्स भी हो जाते हैं. तभी तो पार्लर में फेशियल स्टीमर को एक आवश्यक टूल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और वे हमारी इन समस्याओं में  फेशियल स्टीमर का ही इस्तेमाल कर के हम से अच्छाखासा कमाते हैं. लेकिन जब इस के इतने अधिक फायदे हैं तो फिर आप इसे अपने घर पर ला कर खुद इस का फायदा क्यों न उठाएं क्योंकि यह चेहरे से धूलमिट्टी को हटाने, डैड स्किन को रिमूव कर के व पोर्स को क्लीन करने का काम जो करता है और जब स्टीमर आप के पास होगा तो आप उस का इस्तेमाल करने में भी हिचकिचाएंगी नहीं.

कैसे चुनें: जब भी आप फेशियल स्टीमर का चयन करें तो देखें इन चीजों को:

– स्पीड अच्छी हो. फेशियल स्टीमर की यही पहचान है कि इस की स्पीड अच्छीखासी हो ताकि यह तेजी से गरम हो कर पानी को भाप में बदलने में सक्षम हो.

– वाटर टैंक क्षमता अच्छी हो ताकि स्टीम लेने का सैशन लंबा चल सके.

– इस में ऐसैंशियल औयल डाल कर स्टीम लेने की क्षमता हो.

– वैपोराइज का उपयोग करने वाले  फेशियल स्टीमर का चयन करें.

काम के हैं ये स्टीमर: लाइफलौंग फेशियल स्टीमर, डॉ ट्रस्ट नैनो आइकोनिक फेशियल स्टीमर, माई ऐविडा फेशियल स्टीमर इत्यादि.

फाउंडेशन ऐप्लीकेटर

चाहे घर से बाहर निकलना हो या फिर किसी पार्टीफंक्शन में जाना हो, ऐसा हो ही नहीं सकता कि हम चेहरे पर फाउंडेशन अप्लाई न करें. लेकिन कई बार सही तरीके से नहीं लगने के कारण चेहरा खिलने के बजाय भद्दा नजर आने लगता है. ऐसे में अगर आप भी फाउंडेशन लवर हैं तो अपनी मेकअप किट में फाउंडेशन ऐप्लीकेटर को ऐड जरूर करें क्योंकि यह मिनटों में आप के चेहरे पर फाउंडेशन को अप्लाई कर के इवन स्किन टोन देने के साथसाथ एयर ब्रश जैसी फिनिश देने का काम करता है.

काम के है ये: इसके लिए आप मिस क्लेयर औटो फाउंडेशन का चयन कर सकती हैं. ये आप को औनलाइन क्व700-800 के बीच मिल जाएगा.

किन ब्यूटी प्रोडक्ट्स की है खास जरूरत

क्लींजर, मौइस्चराइजर ऐंड स्क्रब: कहते हैं न कि अगर स्किन को हमेशा यंग व प्रौब्लम फ्री बनाए रखना है तो उस की प्रौपर केयर करते रहना बहुत जरूरी है. और ये तभी संभव है जब आप अपने पास इन 3 चीजों को जरूर रखें. यह जरूरी नहीं कि आप महंगे प्रोडक्ट्स ही खरीदें बल्कि आप को जरूरत है अपनी स्किन के हिसाब से इन चीजों को खरीदने की.

जैसे बात करें अगर क्लींजर की, तो इस के लिए आप डोट एंड की का वाटरमैलन सुपरग्लो फेशियल जैल क्लींजर का चयन कर सकती हैं. ये सभी स्किन टाइप पर सूट करने के साथ आपको 300-400 रुपयों में मिल जाएगा.

इसी तरह आप सोलफुल का ऐंटीऔक्सीडैंट्स ऐंड 100% नैचुरल ऐंड वेगन फेशियल क्लींजर का इस्तेमाल कर के अपने दिन की फ्रैश व ग्लोइंग शुरुआत कर सकती हैं. ये सभी स्किन टाइप पर सूट करने के साथसाथ डर्मेटोलौजिस्ट टैस्टेड है. यह भी आप को 400-500 रुपयों में आसानी से मिल जाएगा. बौडीवाइज का स्किन हाइड्रेटेड क्लींजर भी आप को 400 तक में मिल जाएगा.

ठीक इसी तरह अगर बात करें मौइस्चराइजर की तो चाहे सर्दी हो या गरमी हर मौसम में स्किन को हाइड्रेट करने के लिए इसे लगाने की जरूरत होती है. इस के लिए आप अपनी किट में न्यूट्रोजेना औयल फ्री मौइस्चराइजर, मामा एअर्थ औयल फ्री मौइस्चराइजर, लोटस हर्बल मौइस्चराइजर, वाउ आर्गेनिक फेस मौइस्चराइजर, केताफिल औयल फ्री मौइस्चराइजर का चयन कर सकती हैं.

ये जानेमाने ब्रैंड होने के साथसाथ आप की स्किन के साथसाथ आप के बजट का भी खास ध्यान रखते हैं और स्क्रब जिस के लिए हम पार्लर में वन टाइम के 1000 तक पे करते हैं, उसे आप घर पर ला कर हर हफ्ते अपनी स्किन पर अप्लाई कर के पार्लर जैसा ग्लो व चेहरे पर क्लीननैस पा सकती हैं. इस के लिए आप वीएलसीसी का फेस स्क्रब, मामा एअर्थ का चारकोल व उबटन फेस स्क्रब, द बौडी शौप का टी ट्री स्क्रब, लोटस व एवरयूथ स्क्रब, वाऊ ऐक्टिवेटेड चारकोल फेस स्क्रब का चयन कर सकती हैं. ये आप को 500 से कम रुपयों में मिल जाएंगे और आप की स्किन को भी ऐक्सफौलिएट कर के चमकाने का काम करेंगे. आप घर बैठे खुद की स्किन का अच्छे से ध्यान रख पाएंगी.

फेस सीरम

फेस सीरम के बारे में आप ने सुना तो होगा, लेकिन जानकारी के अभाव में आप इसे शायद इस्तेमाल करने से कतराती होंगी, जबकि फेस सीरम बहुत ही लाइट वेट होने के कारण यह आप की स्किन को हाइड्रेट, हील करने व उस पर ग्लो लाने का काम करता है. आप सोच रही होंगी कि इस के लिए आप को काफी पैसे खर्च करने पड़ेंगे, लेकिन ऐसा नहीं है.

द मोम्स कंपनी का विटामिन सी और ह्यलुरोनिक रिच सीरम, गुड वाइब्स का विटामिन सी ब्राइटनिंग फेस सीरम, लैक्मे 9 टू 5 का फेस सीरम, मामा एअर्थ के स्किन करैक्ट फेस सीरम का चयन कर सकती हैं. ये स्किन पर मैजिक रिजल्ट देने के साथ ही आप को 500 से कम रुपयों में मिल जाएंगे. बस इस बात का ध्यान रखें कि इसे आप को फेस को क्लीन करने के बाद और मौइस्चराइजर लगाने से पहले अप्लाई करना होगा, तभी यह अपना बैस्ट दे पाएगा क्योंकि मेकअप व स्किनकेयर रूटीन में हर स्टैप जरूरी होता है.

फेस शीट मास्क

आप अपनी स्किन टाइप को ध्यान में रख कर ही शीट मास्क चुनें जैसे अगर आप की ड्राई स्किन है और आप उसे हाइड्रेट करना चाहती हैं तो ह्यालुरोनिक एसिड या सोडियम ह्यालुरोनेट वाला मास्क चुनें. इस के लिए आप मामा एअर्थ ह्यालुरोनिक बैंबू शीट मास्क, लोरिअल पैरिस का ह्यालुरोनिक युक्त सीरम मास्क, गार्नियर का सीरम शीट मास्क का चयन कर सकती हैं. ये वन टाइम यूज होते हैं और कीमत क्व200 से कम होती है.

अगर आप अपनी स्किन के पिगमैंटेशन दूर कर के ग्लोइंग स्किन चाहती हैं तो विटामिन सी युक्त शीट मास्क चुनें. इस के लिए आप लैक्मे ब्लश ऐंड ग्लो लैमन शीट मास्क, बौडी शौप का विटामिन ई शीट मास्क खरीद सकती हैं. यह आप को क्व300-400 के बीच मिल जाएगा और अगर आप हमेशा यंग व जवां दिखना चाहती हैं तो रैटिनोल शीट मास्क का चयन करें. इस के लिए आप मामा एअर्थ का रैटिनोल शीट मास्क यूज कर सकती हैं.

ये मेकअप प्रोडक्ट्स हैं जरूरी

– अगर आप घर पर खुद अपना मेकअप करना चाहती हैं तो इस के लिए आप के पास प्राइमर, कंसीलर, फाउंडेशन, मसकारा, काजल, लाइनर, लिपस्टिक, ब्लश, हाइलाइटर, आईशैडो प्लाट, स्पौंज, ब्रशेज का होना जरूरी है ताकि आप अपना परफैक्ट मेकअप कर सकें.

– ऐसे में आजकल मार्केट में प्राइमर+ फाउंडेशन+पाउडर साथ में मिलता है, जो आप के चेहरे को फिनिशनिंग देने के साथसाथ ब्राइट व ग्लोइंग स्किन देने का काम भी करता है और आप को अलगअलग प्रोडक्ट्स खरीदने की जरूरत नहीं होती है बल्कि आप इस के लिए लैक्मे 9 टू

5 का प्राइमर+फाउंडेशन कौंपैक्ट का इस्तेमाल कर सकती हैं. जो इजी टू यूज होने के साथसाथ इजी टू पौकेट बाय भी है. यह आप को 600 से कम रुपयों में मिल जाएगा, जो साल 2 साल बड़े आराम से चलता है.

– मसकारा, लाइनर, काजल आप हमेशा अच्छी क्वालिटी का ही खरीदें. भले ही वन टाइम इन्वैस्टमैंट महंगी हो, लेकिन आंखों के साथ किसी भी तरह का कोई सम झौता नहीं किया जा सकता. इस के लिए आप लैक्मे, कीको, मैक, फैबइंडिया जैसे ब्रैंड का ही चयन करें.

– लिपस्टिक चेहरे व मेकअप में जान डालने का काम करती है. ऐसे में इस के शेड्स का चयन जब भी आप अपने लिए करें तो हमेशा अपने कलर, ट्रैंड में क्या चल रहा है, इसे ध्यान में रख कर ही करें. आजकल मार्केट में आप को लिपस्टिक के मिनी पैक्स भी मिल जाएंगे, जिन में मैट, ग्लौसी, लिक्विड सभी शेड्स होते हैं. इस से आप को एकसाथ कई तरह के शेड्स कई टैक्स्चर्स में भी मिल जाएंगे.

– अगर मेकअप खुद करना है तो आप के पास हर तरह के मेकअप ब्रशेज का सैट होना चाहिए ताकि प्रोडक्ट्स की हाइजीन का भी ध्यान रखा जा सके और आप को मेकअप करने में भी आसानी हो.

इस के लिए आप को हजारों रुपए खर्च करने की जरूरत नहीं है बल्कि आप को मार्केट में

300-400 रुपए में आसानी से मेकअप ब्रशेज का सैट मिल जाएगा. इस के लिए आप मैक, शुगर जैसे ब्रैंड्स खरीद कर अपनी मेकअप किट को और स्मार्ट बना सकती हैं.

बैस्ट वे टू बौय

– अगर आप के फाइन हेयर हैं तो आप सिरैमिक प्लेट्स वाले स्टाइलर का चयन करें क्योंकि इस के जरीए हीट धीरेधीरे बालों में जा कर आप को बैस्ट रिजल्ट देने का काम करती है.

– अगर आप के हेयर मोटे हैं तो मैटल प्लेट वाले स्टाइलर अच्छा व लौंगलास्टिंग रिजल्ट देंगे.

– अगर आप के फिजी हेयर हैं तो टाइटेनियम प्लेट्स वाले स्टाइलर का चयन करना बैस्ट रहेगा.

Miscarriage के सदमे से उबरें ऐसे

शादी के 3 साल बाद जब प्रेग्नेंसी कन्फर्म हुई तब भावना और उस के पति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन के लिए इस खबर को अपने तक रखना नामुमकिन हो गया और उन्होंने यह बात अपने परिवार के लोगों और मित्रों को बता दी. उस के बाद सब उन सहित एक नन्हेमुन्ने के आने का इंतजार करने लगे. भावना के सासससुर ने पूरी तैयारी शुरू कर दी. भावना के पति भी प्लानिंग करने लगे कि बच्चे का कमरा कैसे होगा, कौन से रंग का पेंट करवाएं, कैसा बैड खरीदें, खिलौने कहां अच्छे मिलते हैं, आदि.

मगर प्रैगनैंसी के 9 हफ्ते ही बीते थे कि भावना को ब्लीडिंग होने लगी. जब बच्चे की हार्टबीट सुननी बंद हो गई तो दोनों बुरी तरह निराश हो गए. जब डाक्टर ने कहा कि उस का मिसकैरिज हो गया है तो भावना और उस के पति दोनों को लगा जैसे उन से किसी ने सारी खुशियां छीन ली हैं. फिर तो भावना इस दुख में डूब गई कि अवश्य उस से कोई गलती हुई होगी. तभी तो मिसकैरिज हुआ. सास ने भी सुनाया कि जब मैं ज्यादा घूमने से मना करती थी, तो कहां मानती थीं. फिर जिस ने भी सुना सब ने अपनीअपनी राय दी. किसी ने कहा कि अब जल्दबाजी मत कर देना. कुछ समय ठहर कर ही पै्रगनैंट होने की सोचना, वगैरहवगैरह.

ऐसी अनेक महिलाएं हैं, जिन्हें मिसकैरिज के दर्द से गुजरना पड़ता है और यह ऐसा दर्द है, जो इमोशनली, फिजिकली और सोशली हर तरह से औरत को आहत करता है. कभीकभी तो जिंदगी भर का घाव बन जाता है. हालांकि मिसकैरिज होना आम बात मानी जा सकती है, पर उस औरत के लिए नहीं, जो अपने गर्भ में पल रहे शिशु को महसूस करने लगी थी, जिस के साथ वह भावनात्मक स्तर पर जुड़ गई थी. पिता भी इस दौरान एक आघात की स्थिति से गुजरता है.

भावनात्मक स्तर पर

मनोवैज्ञानिक डा. पल्लवी गिलानी के अनुसार, ‘‘प्रैगनैंट होते ही एक मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रक्रिया शुरू हो जाती है. हारमोंस लैवल बढ़ने और फीडिंग के लिए ब्रैस्ट के  बड़े होने के कारण मातृत्व की भावना प्रबल हो जाती है. गर्भ में अपने अंश के होने का एहसास ही उस से गहराई से जुड़ने के लिए काफी होता है. उसे ले कर मातापिता दोनों ही अनेक सपने संजोने लगते हैं. अपने जीवन में आने वाले बदलाव और खुशियों का स्वागत करने के लिए वे तैयारी में जुट जाते हैं. उन का अंश आने वाला है, यह एहसास उन्हें एकदूसरे के नजदीक ले आता है. लेकिन जैसे ही वह अपने बच्चे को खोती है, उस का उत्साह खत्म हो जाता है. उसे समझ नहीं आता कि आखिर ऐसा कैसे हुआ. यहां तक कि तब उसे किसी और के प्रैगनैंट होने की बात भी खुशी नहीं देती है. यह वह समय होता है जब युगल सैल्फ सैंटर्ड बन जाता है. न किसी से मिलनाजुलना पसंद करता है, न किसी से बात करना. मिसकैरिज इमोशनली सब से अलग कर देता है.

‘‘वह शिशु जो जन्मा नहीं था, उस के चले जाने का गम उन के लिए किसी बड़े नुकसान से कम नहीं होता है. फिर तो जहां भी नन्हा शिशु दिखता है, उस औरत के जख्म हरे हो जाते हैं. वह यही सोचती है कि काश, अगर आज उस का बच्चा जीवित होता तो वह उसे ऐसे कपड़े पहना रही होती. वह ऐसे खिलौनों से खेल रहा होता या उस के लिए वह खाने की ये चीजें खरीदती. यहां तक कि किसी और की गोद में शिशु को देख उस की ममता उसे झकझोरने लगती है. वह सोचने लगती है कि उस का बच्चा भी ऐसा ही प्यारा सा गोलमटोल होता.’’

शारीरिक स्तर पर

मिसकैरिज होते ही मन के साथसाथ औरत का तन भी टूट जाता है. हारमोन में आए बदलाव और ब्लीडिंग की वजह से उस के अंदर कमजोरी आ जाती है. रिकवर होने में काफी समय लग जाता है.

गाइनेकोलौजिस्ट डा. अनीता सिंह के अनुसार, ‘‘मिसकैरिज से उत्पन्न हुई शारीरिक कमजोरी कितने समय में ठीक होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि औरत इमोशनली कितनी स्ट्रौंग है. अगर वह जल्द ही अपने को संभाल लेती है तो तुरंत अपने खानेपीने पर ध्यान देने लगती है और एक पौजिटिव अप्रोच रखते हुए अगली प्रैगनैंसी के लिए अपने को तैयार करने लगती है ताकि इस बार कोई चूक न हो.

‘‘शारीरिक स्तर पर मां को मिसकैरिज के बाद वैजाइनल ब्लीडिंग होती है और उस दौरान खून के बडे़बड़े थक्के निकलते हैं. उसे ब्रैस्ट छूने पर दर्द होता है. हारमोन में आए बदलाव उसे चिड़चिड़ा बना देते हैं और कई बार उस की पूरा दिन सोने की इच्छा होती है. शरीर की कमजोरी के साथसाथ तनाव भी उस समय औरत में बहुत होता है. अकसर पहली बार मिसकैरिज होने या बारबार मिसकैरिज होने से औरत की मां बनने की संभावना भी कम हो जाती है. ’’

सामाजिक स्तर पर

बच्चे के आगमन की खबर सुन कर घरपरिवार के लोग और रिश्तेदार, यहां तक कि आप के नजदीकी मित्र भी बहुत उत्साहित हो जाते हैं. प्रैगनैंसी का पता चलते ही वे युगल से पार्टी मांगने लगते हैं और अपनीअपनी तरह से तैयारी में जुट जाते हैं. उस का इंतजार और प्लानिंग करते लोगों को जब पता चलता है कि बच्चा तो जन्म लेने से पहले ही उन्हें छोड़ कर चला गया तो जैसे उन के सपने टूट जाते हैं. खासकर परिवार में होने वाला वह अगली पीढ़ी का पहला बच्चा हो तो दादादादी, बूआ, चाचा आदि सब निराश हो जाते हैं. उस समय उन्हें बहू किसी खलनायिका से कम नहीं लगती है, जिस ने उन से वंश के चिराग को छीन लिया.

अंधविश्वासों के चलते हमारे समाज में ऐसा भी देखा गया है कि गर्भवती महिलाओं को ऐसी औरतों से दूर रखा जाता है जिन का मिसकैरिज हो गया होता है ताकि कहीं उन की काली छाया उन के बच्चे पर भी न पड़ जाए. यह सोच कर उन्हें सामाजिक उत्सवों में भी नहीं बुलाया जाता है. आशय यह है कि उस अजन्मे शिशु के चले जाने से परिवार में अशांति और तनाव व्याप्त हो जाता है.

गिल्ट में जीती हैं

कई औरतों में बच्चे के चले जाने के दुख के साथ एक गिल्ट फीलिंग भी जुड़ जाती है. उन्हें लगता है कि वे ठीक से अपने अजन्मे शिशु की केयर नहीं कर पाईं. उन्हें लगता है कि उन की लापरवाही की वजह से आज उन का पति और घर वाले नाराज और दुखी हैं. उन की उम्मीदों को उन्होंने तोड़ा है. यही नहीं, कहीं आगे भी ऐसा न हो यह डर भी उन पर हावी हो जाती है. वे हर पल यही सोचती रहती हैं कि आखिर किस वजह से ऐसा हुआ? शायद उन्होंने ज्यादा सैर कर ली या फिर ज्यादा काम. पति और घर वालों से नजरें चुरातीं वे इस के लिए कहीं न कहीं स्वयं को दोषी मानने लगती हैं और कई बार तो ऐसी स्थिति में वे दोबारा प्रैगनैंट होने से घबराती हैं. उन्हें लगता है कि उन के शरीर ने उन्हें धोखा दिया है और इस वजह से वे शर्म भी महसूस करती हैं.

यह गिल्ट फीलिंग केवल औरतों को ही नहीं आदमियों को भी कई बार सताती है. उन्हें भी लगता है कि प्रैगनैंसी के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी का ठीक से खयाल नहीं रखा, इसीलिए यह हुआ है. अकसर वे अपने दुख में इतना डूब जाते हैं कि पत्नी के दुख तक को नजरअंदाज कर देते है जिस से वे बहुत असहाय और अकेलापन महसूस करती हैं.

अपनी किताब ‘मदरहुड ऐंड मौर्निंग’ में पेपर्स और नैप लिखते हैं कि औरत से उम्मीद की जाती है कि वह अपने दुख के साथ जीए, जबकि आदमी से समाज यही ऐक्सपैक्ट करता है कि वह अपने इमोशंस को दबा कर रखे, जिस की वजह से वह दुख से उबरने और अपने साथी के दर्द से बचने के लिए खुद को काम में डुबो देता है.

पति का असहयोग औरत के अंदर कड़वाहट भर देता है. अकेलापन उन के रिश्तों में दरार डाल देता है. पत्नी सोचती है कि उस का पति इस समय उस का दुख बांटने के बजाय उस से दूर भाग रहा है. यहां तक कि उस के अंदर यह डर भी समा जाता है कि कहीं पति को खुशी से वंचित रखने के कारण वह उसे छोड़ न दे. यह खालीपन युगल के संबंधों को खतरे में डाल सकता है.

निकलें इस दर्द से

चाहे आप की लापरवाही से या फिर किसी अन्य वजह से मिसकैरिज हो गया है, तो भी उस दुख से जितनी जल्दी हो सके बाहर निकलें. हालांकि इस समय पति व घर वालों का सहयोग व विश्वास कि हम तुम्हारे साथ हैं, औरत को दर्द से बाहर लाने में सहायक होता है. बच्चे के चले जाने से अपनी आशाएं और अपेक्षाएं न खोएं, बल्कि नए सिरे से जिंदगी को जीने के लिए तैयार हो जाएं. युगल को आपस में मिल कर एकदूसरे का दुख बांटना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि वे दोनों ही एकदूसरे को दोष न दें. जब आप पूरी तरह से तनाव से बाहर आ जाएंगी, तभी अगली बार कंसीव कर पाएंगी.

मेरे माथे पर अभी से झुर्रियां आ गई हैं, जो भद्दी दिखती हैं, मैं क्या करुं?

सवाल

मेरी उम्र 25 साल है. मेरे माथे पर अभी से झुर्रियां आ गई हैं, जो भद्दी दिखती हैं. क्या इन को हटाने का कोई घरेलू उपाय है?

जवाब-

उम्र से पहले अगर आप के माथे पर झुर्रियां आ गई हों, तो अलसी का तेल एक बहुत ही अच्छा और अस्थाई घरेलू तरीका है. इस तरीके में आप को अलसी के तेल से मालिश नहीं करनी है, बल्कि 1 चम्मच अलसी का तेल दिन में 3-4 बार पीना है. यह त्वचा की बाहरी परतों को ऊपर उठाते हैं, जिस से माथे की महीन रेखाएं और झुर्रियां कम होती हैं.

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आपके चेहरे की चमक झुर्रियों के कारण खो जाती हैं. और आप झुर्रियां हटाने के लिए तरह-तरह के क्रीम मार्केट से लाती हैं, फिर भी चेहरे पर लगाने के बाद नहीं हटती हैं. तो ऐसे में  आपको परेशान होने की कोई बात नहीं है. आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों बताएंगे जिससे आप झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए आजमा सकती हैं.

  1. मुल्तानी मिट्टी

झुर्रियों पर मुल्तानी मिट्टी सबसे ज्यादा असर करती है. यह त्वचा में कसाव लाती है और महीन रेखाओं को भी खत्म करती है. आप मुल्तानी मिट्टी लगाने से पहले उसे आधे घंटे के लिए भिगा दें. मिट्टी गल जाए तो उसमें खीरे का रस, टमाटर का रस और शहद मिलाएं. इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं. पर ध्यान रहे कि लेप लगाने के बाद बैठे या खड़े न रहें, बल्क‍ि लेट जाएं. और फिर सुखने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें.

2. केला

केले का क्रीम जैसा पेस्ट बनाकर उसे चेहरे पर लगाएं. आधे घंटे तक लगाएं रखें फिर सादे पानी से धो लें. त्वचा को अपने आप सूखने दें, उसे पोछे नहीं. केले के इस्तेमाल से त्वचा में कसाव आता है और झुर्रियों पर फर्क नजर आने लगता है.

3. दूध का पाउडर

दूध के पाउडर में शहद और थोड़ा सा पानी मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा सॉफ्ट और ग्लोविंग हो जाती है. इससे चेहरे की झुर्रियां भी कम हो जाती हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

Hug Day पर अपने पार्टनर को भेजें ये स्पेशल मैसेज और जानें इस दिन का महत्व

Happy Hug Day 2024 Wishes: लग जा गले के फिर ये हसीन रात हो ना हो…. शायद फिर इस जन्म में मुलाकात हो ना हो….ये गाना शायद ही कोई हो, जिसे पसंद न हो, प्यार जाहिर करने के लिए किसी को गले लगाना ही काफी है, आप कुछ कहें या न कहें, पर जब आप किसी को गले लगाते हैं, तो यह प्यार दर्शाने का सबसे अच्छा तरीका होता है.

हग डे का महत्व

वैलेंटाइन वीक चल रहा है और इस हफ्ते के छठे दिन यानी 12 फरवरी को हग डे मनाया जाता है. इस दिन लोग पार्टनर को गले लगाकर अपने दिल का हाल बयां करते हैं. हालांकि यह दिन सिर्फ प्रेमी जोड़ों के लिए नहीं, बल्कि सभी के लिए है. यह दिन कोई भी मना सकता है. प्यार जाहिर करने के साथ गले लगाने के ढेरों सारे फायदे भी हैं.

माना जाता है कि कुछ देर तक किसी को गले लगाने से मस्तिष्क से खुशी के रूप में ऑक्सीटोसिन निकलता है, जो व्यक्ति को खुश कर सकता है. हग डे किसी भी कपल के लिए खास दिन होता है. आप इस दिन अपने साथी को गले लगाकर हाल-ए-दिल जरूर बयां करें. आप अपने फैमिली या दोस्तों के साथ भी यह दिन सेलिब्रेट कर सकते हैं, जिनसे आप बहुत प्यार करते हैं.

ऐसे में हम आपके लिए इस हग डे पर कुछ खास मैसेज और कोट्स लेकर आए है, जिनके जरिए आप अपने फैमिली, फ्रेंड्स, पार्टनर और करीबियों को हग डे की शुभकामनाएं दे सकते हैं. जिससे आपका उनके साथ रिश्ता और भी मजबूत होगा.

हग डे विशेस (Hug Day Wishes)

दिल की एक ही ख्वाहिश है , धड़कनों की एक ही इच्छा है  कि तुम मुझे अपनी बाहों में पनाह दे  दो  और मैं बस खो जाऊं.

Happy Hug Day 2024  

मुझे बांहों में बिखर जाने दो अपनी खुशनुमा सांसों से महक जाने दो, दिल मचलता है और सांस रूकती है अब तो सीने में आज मुझे उतर आने दो.

Happy Hug Day 2024  

मुझको फिर वही सुहाना नजारा मिल गया, नज़रों को जो दीदार हरा मिल गया, और किसी चीज की तमन्ना क्यों करूं, जब मुझे तेरी बांहों में सहारा मिल गया.

Happy Hug Day 2024

एक ही तमन्ना, एक ही आरजू, बांहों की पनाह में तेरे, सारी जिंदगी गुजर जाए.

हैप्पी हग डे 2024  

कोई कहे इसे जादू की झप्पी, कोई कहे इसे प्यार. मौका खूबसूरत है, आ गले लग जा मेरे यार.

हैप्पी हग डे 2024  

कल हमेशा रहेगा: भाग 4- वेदश्री ने किसे चुना

आस्था का कहना था कि ‘जिस घर में इतनी प्यारी भाभी बसती हों उस घर को छोड़ कर मैं तो कभी नहीं जाने वाली,’ फिर भाभी के गले में बांहें डाल कर झूल जाती.

वेदश्री के खुशहाल परिवार को एक ही ग्रहण वर्षों से खाए जा रहा था कि विश्वा भाभी की गोद अब तक खाली थी. वैसे भैयाभाभी दोनों शारीरिक रूप से पूर्णतया स्वस्थ थे पर भाभी के गर्भाशय में एक गांठ थी जो बारबार की शल्यक्रिया के बाद भी पनपती रहती थी. भाभी को गर्भ जरूर ठहरता, पर गर्भ के पनपने के साथ ही साथ वह गांठ भी पनपने लगती जिस की वजह से गर्भपात हो जाता था.

बारबार ऐसा होने से भाभी के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता जा रहा था. इसी बात का गम उन्हें मन ही मन खाए जा रहा था. श्री हमेशा भाभी से कहती, ‘भाभी, मैं आप से उम्र में बहुत छोटी हूं और उम्र एवं रिश्ते के लिहाज से बड़ी भाभी, मां समान होती हैं. आप मुझे अपनी देवरानी समझें या बेटी, हर लिहाज से मैं आप को यही कहूंगी कि आप इस बात को कभी मन पर न लें कि आप की अपनी कोई संतान नहीं है मैं अपने तीनों बच्चे आप की गोद में डालने को तैयार हूं. आप को मुझ पर भरोसा न हो तो मैं कानूनी तौर पर यह कदम उठाने को तैयार हूं. बच्चे मेरे पास रहें या आप के पास, रहेंगे तो इसी वंश से जुडे़ हुए न.’’

सुन कर भाभी की आंखों में तैरने वाला पानी उसे भीतर तक विचलित कर देता. मांबाबूजी श्री के इन्हीं गुणों पर मोहित थे. उन्हें खुशी थी कि घरपरिवार में शांति एवं खुशी का माहौल बनाए रखने में छोटीबहू का योगदान सब से ज्यादा था. बड़ी बहू भी उस की आत्मीयता में सराबोर हो कर अपना गम भुलाती जा रही थी. तीनों बच्चों को वह बेहद प्यार करती. श्री घर के कार्य संभालती और भाभी बच्चों को. घर की चिंताओं से मुक्त पुरुष वर्ग व्यापार के कार्यों में दिनरोज विकास की ओर बढ़ता जा रहा था.

‘‘श्री,’’ विश्वा भाभी ने उसे आवाज दी.

‘‘जी, भाभी,’’ ऋचा के बाल संवारते हुए श्री बोली और फिर हाथ में कंघी लिए ही वह ड्राइंगरूम में आ गई, जहां विश्वा भाभी, मांजी एवं दादीमां बैठी थीं.

‘‘आज हमें एक खास जगह, किसी खास काम के लिए जाना है. तुम तैयार हो न?’’ भाभी ने पूछा.

‘‘जी, आप कहें तो अभी चलने को तैयार हूं लेकिन हमें जाना कहां होगा?’’

‘‘जाना कहां है यह भी पता चल जाएगा पर पहले तुम यह तसवीर देखो,’’ यह कहते हुए भाभी ने एक तसवीर उस की ओर बढ़ा दी. तसवीर में कैद युवक को देखते ही वह चौंक उठी. अरे, यह तो सार्थक है, अभि का दूसरा भांजा…प्रदीप का छोटा भाई.

‘‘हमारी लाडली बिटिया की पसंद है….हमारे घर का होने वाला दामाद,’’ भाभी ने खुशी से खुलासा किया.

‘‘सच?’’ उसे अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था. फिर तो जरूर अभि से भी मिलने का मौका मिलेगा.

घर के सभी लोगों ने आस्था की पसंद पर अपनी सहमति की मोहर लगा दी. सार्थक एक साधारण परिवार से जरूर था लेकिन एक बहुत ही सलीकेदार, सुंदर, पढ़ालिखा और साहसी लड़का है. अनिकेत के साथ ही एम.बी.ए. कर के अब बहुराष्ट्रीय कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत है.

उन की सगाई के मौके पर एक विशाल पार्टी का आयोजन होटल में किया गया. साकेत व वेदश्री मुख्यद्वार पर खड़े हो कर सभी आने वाले मेहमानों का स्वागत कर रहे थे. जब सार्थक के साथ अभि, उस की बहन और बहनोई ने हाल में प्रवेश किया तो श्री व साकेत ने बड़ी गर्मजोशी से उन का स्वागत किया.

अभि ने वर्षों बाद श्री को देखा तो बस, अपलक देखता ही रह गया. एक बड़े घराने की बहू जैसी शान उस के अंगअंग से फूट रही थी. साकेत के साथ उस की जोड़ी इतनी सुंदर लग रही थी कि अभि यह सोचने पर मजबूर हो गया कि उस ने वर्षों पहले जो फैसला श्री की खुशी के लिए लिया था, वह उस की जिंदगी का सर्वोत्तम फैसला था.

अभि ने अपनी पत्नी भव्यता से श्री का परिचय करवाया. भव्यता से मिल कर श्री बेहद खुश हुई. वह खुश थी कि अभि की जिंदगी की रिक्तता को भरने के लिए भव्यता जैसी सुंदर और शालीन लड़की ने अपना हाथ आगे बढ़ाया था. उन की भी एक 2 साल की प्यारी सी बेटी शर्वरी थी.

श्री ने बारीबारी से सार्थक के मम्मीपापा तथा अभि की मां के पैर छुए और उन का स्वागत किया. वे सभी इस बात से बेहद खुश थे कि उन का रिश्ता श्री के परिवार में होने जा रहा है. अभि की मम्मी बेहद खुश थीं, उन्होंने श्री को गले लगा लिया.

साकेत को अपनी ओर देखते हुए पा कर श्री ने कहा, ‘‘साकेत, आप अभिजीत हैं. सार्थक के मामा.’’

‘‘अभिजीत साहब, आप से दोबारा मिल कर मुझे बेहद प्रसन्नता हुई है,’’ कह कर साकेत ने बेहद गर्मजोशी से हाथ मिलाया.

‘‘दोबारा से आप का क्या तात्पर्य है, साकेत’’ श्री पूछे बिना न रह सकी.

‘‘श्री, तुम शायद नहीं जानती कि हमारा मानव इन्हीं की बदौलत दोनों आंखों से इस संसार को देखने योग्य बना है.’’

‘‘अभि, तुम ने मुझ से यह राज क्यों छिपाए रखा?’’ यह कहतेकहते श्री की आंखें छलक आईं. वह अपनेआप को कोसने लगी कि क्यों इतनी छोटी सी बात उस के दिमाग में नहीं आई….मानव की आंखें और प्रदीप की आंखों में कितना साम्य था? उन की आंखों का रंग सामान्य व्यक्ति की आंखों के रंग से कितना अलग था. तभी तो मानव की सर्जरी में इतना अरसा लग गया था. क्या प्रदीप की आंख न मिली होती तो उस का भाई…इस के आगे वह सोच ही नहीं पाई.

‘‘श्री, आज के इस खुशी के माहौल में आंसू बहा कर अपना मन छोटा न करो. यह कोई इतनी बड़ी बात तो थी नहीं. हमें खुशी इस बात की है कि मानव की आंखों में हमें प्रदीप की छवि नजर आती है…वह आज भी जिंदा है, हमारी नजरों के सामने है…उसे हम देख सकते हैं, छू सकते हैं, वरना प्रदीप तो हम सब के लिए एक एहसास ही बन कर रह गया होता.’’

श्री ने मानव को गले लगा लिया. उस की भूरी आंखों में उसे सच में ही प्रदीप की परछाईं नजर आई. उस ने प्यार से भाई की दोनों आखोंं पर चुंबनों की झड़ी सी लगा दी, जैसे प्रदीप को धन्यवाद दे रही हो.

साकेत, अभि की ओर मुखातिब हुआ, ‘‘अभिजीत साहब, हम आप से तहेदिल से माफी मांगना चाहते हैं, उस खूबसूरत गुनाह के लिए जो हम से अनजाने में हुआ,’’ उस ने सचमुच ही अभि के सामने हाथ जोड़ दिए.

‘‘किस बात की माफी, साकेतजी?’’ अभि कुछ समझ नहीं पाया.

‘‘हम ने आप की चाहत को आप से हमेशाहमेशा के लिए जो छीन लिया…यकीन मानिए, यदि मैं पहले से जानता तो आप दोनों के सच्चे प्यार के बीच कभी न आता.’’

आप अपना मन छोटा न करें, साकेतजी. आप हम दोनों के प्यार के बीच आज भी नहीं हैं. मैं आज भी वेदश्री से उतना ही प्यार करता हूं जितना किसी जमाने में किया करता था. सिर्फ हमारे प्यार का स्वरूप ही बदला है.

‘‘वह कैसे?’’ साकेत ने हंसते हुए पूछा. उस के दिल का बोझ कुछ हलका हुआ.

‘‘देखिए, पहले हम दोनों प्रेमी बन कर मिले, फिर मित्र बन कर जुदा हुए और आज समधी बन कर फिर मिले हैं…यह हमारे प्रेम के अलगअलग स्वरूप हैं और हर स्वरूप में हमारा प्यार आज भी हमारे बीच मौजूद है.’’

‘‘श्री, याद है, मैं ने तुम से कहा था, कल फिर आएगा और हमेशा आता रहेगा?’’

श्री ने सहमति में अपना सिर हिलाया. वह कुछ भी बोलने की स्थिति में कहां थी.

सार्थक एवं आस्था ने जब एकदूसरे की उंगली में सगाई की अंगूठी पहनाई तो दोनों की आंखों में एक विशेष चमक लहरा रही थी, जैसे कह रही हों…

‘आज हम ने अपने प्यार की डोर से 2 परिवारों को एक कभी न टूटने वाले रिश्ते में हमेशा के लिए बांध दिया है…कल हमेशा आता रहेगा और इस रिश्ते को और भी मजबूत बनाता रहेगा, क्योंकि कल हमेशा रहेगा और उस के साथ ही साथ सब के दिलों में, एकदूसरे के प्रति प्यार भी.

प्यार असफल है तुम नहीं: क्या ब्रेकअप के डिप्रेशन से निकल पाया रक्षित

उस ने रक्षित का दरवाजा खटखटाया. वह उस का बचपन का दोस्त था. बाद में दोनों कालेज अलगअलग होने के कारण बहुत ही मुश्किल से मिलते थे. काव्य इंजीनियरिंग कर रहा था और रक्षित डाक्टरी की पढ़ाई. आज काव्य अपने मामा के यहां शादी में अहमदाबाद आया हुआ था, तो सोचा कि अपने खास दोस्त रक्षित से मिल लूं, क्योंकि शादी का फंक्शन शाम को होना था. अभी दोपहर के 3-4 घंटे दोस्त के साथ गुजार लूं. जीभर कर मस्ती करेंगे और ढेर सारी बातें करेंगे. वह रक्षित को सरप्राइज देना चाहता था.

उस के पास रक्षित का पता था क्योंकि अभी उस ने पिछले महीने ही इसी पते पर रक्षित के बर्थडे पर गिफ्ट भेजा था. दरवाजा दो मिनट बाद खुला, उसे आश्चर्य हुआ पर उस से ज्यादा आश्चर्य रक्षित को देख कर हुआ. रक्षित की दाढ़ी बेतरतीब व बढ़ी हुई थी. आंखें धंसी हुई थीं जैसे काफी दिनों से सोया न हो. कपड़े जैसे 2-3 दिन से बदले न हों. मतलब, वह नहाया भी नहीं था. उस के शरीर से हलकीहलकी बदबू आ रही थी, फिर भी काव्य दोस्त से मिलने की खुशी में उस से लिपट गया. पर सामने से कोई खास उत्साह नहीं आया.

‘क्या बात है भाई, तबीयत तो ठीक है न,’ उसे आश्चर्य हुआ रक्षित के व्यवहार से, क्योंकि रक्षित हमेशा काव्य को देखते ही चिपक जाता था.

‘अरे काव्य, तुम यहां, चलो अंदर आओ,’ उस ने जैसे अनमने भाव से कहा. स्टूडैंट रूम की हालत वैसे ही हमेशा खराब ही होती है पर रक्षित के रूम की हालत देख कर लगता था जैसे एक साल से कमरा बंद हो. सफाई हुए महीनों हो गए हों. पूरे कमरे में जगहजगह जाले थे. किताबों पर मिट्टी जमा थी. किताबें अस्तव्यस्त यहांवहां बिखरी हुई थीं. काव्य ने पुराना कपड़ा ले कर कुरसी साफ की और बैठा. उस से पहले ही रक्षित पलंग पर बैठ चुका था जैसे थक गया हो.

काव्य अब आश्चर्य से ज्यादा दुखी व स्तब्ध था. उसे चिंता हुई कि दोस्त को क्या हो गया है? ‘‘तबीयत ठीक है न? यह क्या हालत बना रखी है खुद की व कमरे की? 2-3 बार पूछने पर उस ने जवाब नहीं दिया, तो काव्य ने कंधों को पकड़ कर ?झिंझड़ कर पूछा तो रक्षित की आंखों से आंसू बहने लगे. कुछ कहने की जगह वह काव्य से चिपक गया, तकलीफ में जैसे बच्चा अपनी मां से चिपकता है. वह फफकफफक कर रोने लगा. काव्य को कुछ भी समझ न आया. कुछ देर तक रोने के बाद वह इतना ही बोला, ‘भाई, मैं उस के बिना जी नहीं सकता,’ उस ने सुबकते हुए कहा.

‘किस के बिना जी नहीं सकता? तू किस की बात कर रहा है?’ दोनों हाथ पकड़ कर काव्य ने प्यार से पूछा.

‘आम्या की बात कर रहा हूं.’

‘ओह तो प्यार का मामला है. मतलब गंभीर. यह उम्र ही ऐसी है. जब काव्य कालेज जा रहा था तब उस के गंभीर पापा ने उसे एकांत में पहली बार अपने पास बिठा कर इस बारे में विस्तार से बात की. अपने पापा को इस विषय पर बात करते हुए देख कर काव्य को घोर आश्चर्य हुआ था. पर जब पापा ने पूरी बात समझई व बताई, तब उसे अपने पापा पर नाज हुआ कि उन्होंने उसे कुएं में गिरने से पहले ही बचा लिया.

‘ओह,’ काव्य ने अफसोसजनक स्वर में कहा.

‘रक्षित, तू एक काम कर. पहले नहाधो और शेविंग कर के फ्रैश हो जा. तब तक मैं पूरे कमरे की सफाई करता हूं. फिर मैं तेरी पूरी बात सुनता हूं और समझता हूं,’ काव्य ने अपने दोस्त को अपनेपन से कहा. काव्य सफाईपसंद व अनुशासित विद्यार्थी की तरह था. रो लेने के कारण उस का मन हलका हो गया था.

‘अरे काव्य, सफाई मैं खुद ही कर दूंगा. तू तो मेहमान है.’ काव्य को ऐसा बोलते हुए रक्षित हड़बड़ा गया.

‘अरे भाई, पहले मैं तेरा दोस्त हूं. प्लीज, दोस्त की बात मान ले.’ अब दोस्त इतना प्यार और अपनेपन से कहे तो कौन दोस्त की बात न माने. काव्य ने समझ कर उसे अटैच्ड बाथरूम में भेज दिया, क्योंकि ऐसे माहौल में न तो वह ढंग से बता सकता है और न वह सुन सकता है. पहले वह फ्रैश हो जाए तो ढंग से कहेगा.

काव्य ने किताब और किताबों की शैल्फ से शुरुआत की और आधे घंटे में एक महीने का कचरा साफ कर लिया. काव्य होस्टल में सब से साफ और व्यवस्थित कमरा रखने के लिए प्रसिद्ध था.

आधे घंटे बाद जब रक्षित बाथरुम से निकला तो दोनों ही आश्चर्य में थे. रक्षित एकदम साफ और व्यवस्थित कक्ष देख कर और काव्य, रक्षित को क्लीन शेव्ड व वैलड्रैस्ड देख कर.

‘वाऊ, तुम ने इतनी देर में कमरे को होस्टल के कमरे की जगह होटल का कमरा बना दिया भाई. तेरी सफाई की आदत होस्टल में जाने के बाद भी नहीं बदली,’ रक्षित सफाई से बहुत प्रभावित हो कर बोला.

‘और तेरी क्लीन शेव्ड चेहरे में चांद जैसे दिखने की,’ चेहरे पर हाथ फेरते हुए काव्य बोला. अब रक्षित काफी रिलैक्स था.

‘भैया चाय…’ दरवाजे पर चाय वाला चाय के साथ था.

‘अरे वाह, क्या कमरा साफ किया है आप ने,’ कमरे की चारों तरफ नजर घुमाते हुए छोटू बोला तो रक्षित झेंप गया. वह रोज सुबहसुबह चाय ले कर आता है, इसलिए उसे कमरे की हालत पता थी.

‘अरे, यह मेरे दोस्त का कमाल है,’ काव्य के कार्य की तारीफ करते हुए रक्षित मुसकराते हुए बोला, ‘अरे, तुम्हें चाय लाने को किस ने बोला?’

‘मैं ने बोला. दीवार पर चाय वाले का फोन नंबर था.’

‘थैंक्यू काव्य. चाय पीने की बहुत इच्छा थी,’ रक्षित ने चाय का एक गिलास काव्य को देते हुए कहा. दोनों चुपचाप गरमागरम चाय पी रहे थे.

चाय खत्म होने के बाद काव्य बोला, ‘अब बता, क्या बात है, कौन है आम्या और पूरा माजरा क्या है?’ आम्या की बात सुन कर रक्षित फिर से मायूस हो गया, फिर से उस के चेहरे पर मायूसी आ गई. हाथ कुरसी के हत्थे से भिंच गए.

‘मैं आम्या से लगभग एक साल पहले मिला था. वह मेरी क्लासमेट लावण्या की मित्र थी. लावण्या की बर्थडे पार्टी में हम पहली बार मिले थे. हमारी मुलाकात जल्दी ही प्रेम में बदल गई. वह एमबीए कर रही थी और बहुत ही खूबसूरत थी. मैं सोच भी नहीं सकता कि कालेज में मेरी इतनी सारी लड़कियों से दोस्ती थी पर क्यों मुझे आम्या ही पसंद आई. मुझे उस से प्यार हो गया. शायद वह समय का खेल था. हम लगभग रोज ही मिलते थे. मेरी फाइनल एमबीबीएस की परीक्षा के दौरान भी मुझ में उस की दीवानगी छाई हुई थी. वह भी मेरे प्यार में डूबी हुई थी.

‘मैं अभी तक प्यारमोहब्बत को फिल्मों व कहानियों में गढ़ी गई फंतासी समझता था. जिसे काल्पनिकता दे कर लेखक बढ़ाचढ़ा कर पेश करते हैं. पर अब मेरी हालत भी वैसे ही हो गई, रांझ व मजनूं जैसी. मैं ने तो अपना पूरा जीवन उस के साथ बिताने का मन ही मन फैसला कर लिया था और आम्या की ओर से भी यही समझता था. मुझ में भी कुछ कमी नहीं थी, मुझ में एक परफैक्ट शादी के लिए पसंद करने के लिए सारे गुण थे.’

‘तो फिर क्या हुआ दोस्त?’ काव्य ने उत्सुकता से पूछा.

‘मेरी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी हो गई थी और मैं हृदयरोग विशेषज्ञ बनने के लिए आगे की तैयारी के लिए पढ़ाई कर रहा था. एक दिन उस ने मुझ से कहा, ‘सुनो, पापा तुम से मिलना चाहते हैं.’ वह खुश और उत्साहित थी.

‘क्यों?’ मुझे जिज्ञासा हुई.

‘हम दोनों की शादी के सिलसिले में,’ उस ने जैसे रहस्य खोलते हुए कहा.

‘शादी? वह भी इतनी जल्दी’ मैं ने हैरानगी से कहा.

‘मैं आम्या को चाहता था पर अभी शादी के लिए विचार भी नहीं किया था.

‘हां, मेरे दादाजी की जिद है कि मेरी व मेरी छोटी बहन की शादी जल्दी से करें,’ आम्या ने शादी की जल्दबाजी का कारण बताया और जैसी शांति से बता रही थी उस से तो ऐसा लगा कि उसे भी जल्द शादी होने में आपत्ति नहीं है.

‘अभी इतनी जल्दी यह संभव नहीं है. मेरा सपना हृदयरोग विशेषज्ञ बनने का है और मैं अपना सारा ध्यान अभी पढ़ाई में ही लगाना चाहता हूं,’ मैं ने उसे अपने सपने के बारे में और अभी शादी नहीं कर सकता हूं, यह समझया. ‘उस के लिए 2-3 साल और रुक जाओ. फिर हम दोनों जिंदगीभर एकदूसरे के हो जांएगे,’ मैं ने उसे समझते हुए कहा.

‘नहीं रक्षित, यह संभव नहीं है. मेरे पिता इतने साल तक रुक नहीं सकते. मेरे पीछे मेरी बहन का भी भविष्य है,’ जैसे

उस ने जल्दी शादी करने का फैसला ले लिया हो.

‘मैं ने उसे बहुत समझया. पर उस ने अपने पिता के पसंद किए हुए एनआरआई अमेरिकी से शादी कर ली और पिछले महीने अमेरिका चली गई और पीछे छोड़ गई अपनी यादें और मेरा अकेलापन. मैं सोच नहीं सकता कि आम्या मुझे छोड़ देगी. मैं दुखी हूं कि मेरा प्यार छिन गया. मैं ने उसे मरने की हद तक चाहा. काव्य, मेरा प्यार असफल हो गया. मझ में कुछ भी कमी नहीं थी. फिर भी क्यों मेरे साथ समय ने ऐसा खेल खेला.’

रक्षित फिर से रोने लगा और रोते हुए बोला, ‘बस, तभी से मुझे न भूख लगती है न प्यास. एक महीने से मैं ने एक अक्षर की भी पढ़ाई नहीं की है. मेरा अभी विशेषज्ञ प्रवेश परीक्षा का अगले महीने ही एग्जाम है. यों समझ कि मैं देवदास बन गया हूं.’ वह फिर से काव्य के कंधे पर सिर रख कर बच्चों जैसा रोने लगा.

‘देखो रक्षित, इस उम्र में प्यार करना गलत नहीं है. पर प्यार में टूट जाना गलत है. तुम्हारा जिंदगी का मकसद हमेशा ही एक अच्छा डाक्टर बनना था न कि प्रेमी. देखो, तुम ने कितना इंतजार किया. बचपन में तुम्हारे दोस्त खेलते थे, तुम खेले नहीं. तुम्हारे दोस्त फिल्म देखने जाते, तो तुम फिल्म नहीं देखते थे. तुम्हारा भी मन करता था अपने दोस्तों के साथ गपशप करने का और यहां तक कि रक्षित, तुम अपनी बहन की शादी में भी बरातियों की तरह शाम को पहुंच पाए थे, क्योंकि तुम्हारी पीएमटी परीक्षा थी. वे सारी बातें अपने प्यार में  भूल गए.

‘आम्या तो चली गई और फिर कभी वापस भी नहीं आएगी तुम्हारी जिंदगी में. और यदि आज तुम्हें आम्या ऐसी हालत में देखेगी तो तुम पर उसे प्यार नहीं आएगा, बल्कि नफरत करेगी और सोचेगी कि अच्छा हुआ कि मैं इस व्यक्ति से बच गई जो एक असफलता के कारण, जिंदगी से निराश, हताश और उदास हो गया और अपना जिंदगी का सपना ही भूल गया. क्या वह ऐसे व्यक्ति से शादी करती?

‘सोचो रक्षित, एक पल के लिए भी. एक दिल टूटने के कारण क्या तुम भविष्य में लाखों दिलों को टूटने दोगे,  इलाज करने के लिए वंचित रखोगे. इस मैडिकल कालेज में आने, इस अनजाने शहर में आने, अपना घर छोड़ने का मकसद एक लड़की का प्यार पाना था या फिर बहुत सफल व प्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ बनने का था? तुम्हें वह सपना पूरा करना है जो यहां आने से पहले तुम ने देखा था.

‘रक्षित बता दो दुनिया को और अपनेआप को भी कि तुम्हारा प्यार असफल हुआ है, पर तुम नहीं और न ही तुम्हारा सपना असफल हुआ है. और यह बात तुम्हें खुद ही साबित करनी होगी,’ काव्य ने उसे समझया.

‘तुम सही कहते हो काव्य, मेरा लक्ष्य, मेरा सपना, सफल प्रेमी बनने का नहीं, एक अच्छा डाक्टर बनने का है. थैंक्यू तुम्हें दोस्त, यह सब मुझे सही समय पर याद दिलाने के लिए,’ काव्य के गले लग कर, दृढ़ता व विश्वास से रक्षित बोला.

‘‘कार्ड हाथ में ले कर कब से कहां खो गए हो?’’ मानसी ने अपने पति काव्य को ?झिंझोड़ कर पूछा, ‘‘अरे, कब तक सोचते रहोगे. कुछ तैयारी भी करोगे? कल ही रक्षित भैया के हार्ट केयर हौस्पिटल के उद्घाटन में जोधपुर जाना है,’’ मानसी ने उस से कहा तो वह मुसकरा दिया.

Promise Day 2024: खुशनुमा जिंदगी चाहते हैं जीना, तो अपने पार्टनर से करें ये 5 खास वादे

Promise Day 2024: वैलेंटाइन वीक प्रमी जोड़े के लिए किसी फेस्टिवल से कम नहीं है. उम्मीद है कि आपके लिए भी यह प्यार का हफ्ता काफी अच्छे से बित रहे होंगे. अब वैलेंटाइन वीक के 5वें दिन के भी बारे में जिक्र कर लेते हैं. जी हां, हर साल कपल 11 फरवरी को प्रॉमिस डे सेलिब्रेट करते हैं. अगर आप भी किसी से प्रेम करते हैं, तो उनके साथ कुछ खास वादे कर सकते हैं, जिससे आपके प्यार का रिश्ता और भी गहरा होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी दिन प्रेमी जोड़े वादे क्यों करते हैं.

दरअसल, जब दो लोग साथ रहते हैं, तो उन में अनबन, नोकझोंक होना लाजिमी है. पर इसी का नाम तो जिंदगी है. वैलेंटाइन वीक के इस खास दिन पर लोग एक-दूसरे से कुछ ऐसे वादे करते हैं, जो उन के रिश्ते को मजबूत बनाते हैं. प्रॉमिस डे हर कपल को याद दिलाता है कि आप हर तरह के हालात में एक दूसरे के साथ खड़े रहेंगे और कभी एक दूसरे का भरोसा नहीं तोड़ेंगे. तो आप भी इस प्रॉमिस डे पर अपने पार्टनर से  कुछ खास वादे कर सकते हैं. जिससे आप दोनों की लाइस आसान और बेहतर होगी.

एक-दूसरे से झूठ न बोलें

कपल को एक दूसरे के प्रति ईमानदार रहना चाहिए, क्योंकि किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए उस में ईमानदारी का होना बहुत जरूरी है, इसलिए अपने साथी से कोई भी बात न छिपाएं. यह वादा आप दोनों के रिश्ते को और ज्यादा गहरा कर देगा.

हर मुश्किल में साथ दें

कपल को एक दूसरे का हर हाल में साथ देना चाहिए, क्योंकि कई बार जिंदगी में ऐसा समय भी आता है जब कपल को एक दूसरे के सहारे की सब से ज्यादा जरूरत होती है, तो आप प्रॉमिस डे पर अपने पार्टनर से वादा कर सकते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए आप उस का हमेशा साथ देंगे और कभी भी उसे अकेला नहीं छोड़ेंगे.

अपने पार्टनर को चेंज न करें

कभी भी पार्टनर को अपने मुताबिक ढालने की कोशिश न करें. वह जैसा है उसे उस की कमियों और खूबियों के साथ अपनाएं. हर इंसान अलग स्वभाव का होता है और उसे वैसा ही बने रहना अच्छा लगता है. अपने पार्टनर को उसी रूप में अपनाने का वादा करें, जैसा वह है. अगर उसे बदलने की कोशिश करेंगे तो रिश्ते में खटास पैदा होने का खतरा पैदा हो सकता है.

सम्मान दें

कोई भी इंसान अपने साथी से रिस्पेक्ट पाने की उम्मीद रखता है. कभी भी अकेले में या सब के सामने उसे डिसरिस्पेक्ट न करें. हमेशा उस का सम्मान करें. साथी का सम्मान करना आप को बेहतर इंसान बनाएगा, तो प्रॉमिस डे पर एक दूसरे का सम्मान करने की कसम जरूर खाएं.

कभी भी बात करना बंद न करें

रिश्ते में आई खामोशी बड़ी तकलीफ देती है. चाहे कुछ भी बुरा हो जाए, दुख का कितना भी बड़ा पहाड़ टूट जाए, आप कभी भी बातचीत करना बंद न करें. गुस्सा है तो बोल कर जाहिर करें, नाराजगी है तो बता दें. तो प्रॉमिस डे पर एक दूसरे से प्रॉमिस करें कि बात करना कभी भी बंद नहीं करेंगे.

Promise Day पर अपने करीबियों से शायराना अंदाज में करें ये वादा, भेजें ये खास कोट्स

Promise Day 2024 Wishes In Hindi: वैलेंटाइन वीक में प्रॉमिस डे 11 फरवरी को मनाया जाता है. किसी भी रिश्ते में वादे का काफी महत्व होता है. इस दिन कपल एक-दूसरे से जिंदगीभर साथ रहने और हर मुश्किल में साथ निभाने के वादे करते हैं, जो उनके रिलेशनशिप को स्ट्रॉन्ग बनाता है. प्रॉमिस डे मनाने का सबसे अच्छा तरीका है, आप अपने पार्टनर से किए गए वादे को कागज पर लिखकर एक-दूसरे को गिफ्ट करें. इस दिन आप अपने करीबियों को भी इन खास मैसेजेस के जरिए प्रॉमिस डे विश कर सकते हैं.

ये वादा है हमारा, कभी साथ न छोड़ेंगे तुम्हारा,

जो गए तुम हमें भूलकर, ले आएंगे पकड़कर हाथ तुम्हारा.

Happy Promise Day 2024

कहूं खुदा से क्या मैं आपके वास्ते,

जिंदगी की सारी बहार मिले आपके रास्ते.

ये वादा रहा हमारा आपसे, कभी जुदा न होंगे हम आपसे.

Happy Promise Day 2024

ये वादा हैं हमारा,

ना छोड़ेंगे कभी साथ तुम्हारा

जो गए तुम हम भूल कर कहीं,

ले आएंगे पकड़ कर हाथ तुम्हारा

Happy Promise Day 2024

साथ रहने की formality नहीं,

साथ निभाने का promise करो.

Happy Promise Day 2024

वक्त चाहे अच्छा हो या बुरा,

हमेशा आप के साथ रहूंगा,

love you Forever.

Happy Promise Day 2024

कोई नहीं आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा,

एक मौत ही है जिसका मैं वादा नही करता.

Happy Promise Day 2024

ना करते तुम कोई वादा पूरा

ना करते कोई इरादा पूरा

साथ निभाने की बात करते हो

पहले प्यार तो कर लो पूरा

Happy Promise Day 2024

इस जहां में हमें कोई ऐसा मिल जाता

प्यार में किया वादा और मेरा अरमान पूरे कर जाता

काश चाहने वाले हमेशा चाहने वाले ही रहते

मगर लोग अकसर बदल जाते हैं

Happy Promise Day 2024

ये प्रॉमिस है हमारा

ना छोड़ेंगे कभी साथ तुम्हारा

जो गए तुम हमें भूलकर

ले आएंगे पकड़ के हाथ तुम्हारा

Happy Promise Day 2024

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