Bigg Boss 17: वाइल्ड कार्ड बनकर शो में धमाका करेंगी Rakhi Sawant

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस 17 शुरु हुए 1 महीना हो चुका है. शो दिनों- दिन बोरिंग होता जा रहा है. बिग बॉस की ऑडियंस इस शो को देखने से दूर भाग रहे है क्योंकि शो में मौजूद कंटेस्टेंट्स कुछ खास कमाल करते नजर नहीं आ रहे. बिग बॉस 17 की टीआरपी भी गिरती जा रही है. मेकर्स इस सीजन की टीआरपी को धांसू बनाने के लिए घर में नए-नए ट्विस्ट लेकर आ रहे है, लेकिन कंटेस्टेंट्स की घटिया स्ट्रैटजी देखकर दर्शक भी बोर हो गए है. ऐसे में दावा किया जा रहा है कि शो में जल्द ही अब नए वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री हो सकती है, जिसमें राखी सावंत (Rakhi Sawant) का नाम सामने आ रहा है. कहा जा रहा है कि मेकर्स इस सीजन की टीआरपी की उठाने के लिए राखी सावंत की एंट्री घर में करवा सकते हैं.

पति आदिल दुर्रानी के साथ आएंगी राखी सांवत

टीवी का सबसे पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस 17 में जल्द ही बड़ा धमाका होने वाला है. दावा किया जा रहा है कि शो के मेकर्स बिग बॉस 17 से पांच बोरिग कंटेस्टेंट्स का पत्ता साफ होने वाला है. जिसकी शुरुआत नाविद सोल से हो चुकी है. नाविद सोल का मिड वीक इविक्शन हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जल्द ही कुछ और कंटेस्टेंट शो से बाहर होंगे, जिसके बाद घर में पांच से छह वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट्स की एंट्री हो सकती है. लेटेस्ट खबर के मुताबिक बिग बॉस 17 में राखी सांवत आ सकती है. दरअसल, मेकर्स राखी सांवत को अकेले लाने की प्लानिंग नहीं कर रहे वह राखी एक्स हसबैंड आदिल दुर्रानी को लेकर आएंगे, जिससे घर में काफी ज्यादा धमाके होंगे.

 

पति रितेश के संग शो में हिस्सा ले चुकी है राखी सांवत

आपको बता दें कि राखी सांवत बिग बॉस के घर में कई बार आ चुकी है. वह इस शो के फर्स्ट सीजन में आ चुकी है. इसके बाद राखी सांवत को शो में टीआरपी बढ़ाने के लिए बुलाते रहे है. राखी ने बिग बॉस 15 में अपने पति रितेश के साथ एंट्री लीं थी. उस दौरान ड्रामा क्वीन ने पहली बार दुनिया को रितेश का चेहरा दिखाया था, जिस वजह से शो की टीआरपी तेजी से ऊपर भागी थी. अब मेकर्स एक बार फिर इसी तरह की प्लानिंग कर रहे हैं.

औनलाइन गेम्स कैरियर भी फेम भी

दुनियाभर में गेमिंग इंडस्ट्री तेजी से उभर रही है. यह ऐसी फील्ड है जहां युवा, खासकर, टीनऐजर अपने कैरियर के मौके तलाश रहे हैं.

ग्लोबल गेम्स मार्केट रिपोर्ट के अनुसार, औनलाइन गेम्स से ग्लोबल मार्केट में साल खत्म होतेहोते गेमिंग इंडस्ट्री में इनकम 200 बिलियन डौलर हो जाएगी. यानी यह कितना बड़ा सैक्टर है, इस का अंदाजा लगाना कइयों को चौंका सकता है.

यूट्यूब इस समय गूगल के बाद सब से बड़ा सर्च इंजन है. यहां हर दिन लगभग 2 बिलियन यूजर्स आते हैं और इस प्लेटफौर्म पर एक बिलियन घंटे समय बिताया जाता है. गेमर्स यूट्यूब पर लाइव आ कर रिकौर्ड करते हैं और अपनी स्किल्स दिखाते हैं. यह प्लेटफौर्म गेमर्स के लिए खुद की रीच बढ़ाने का बड़ा माध्यम बन चुका है.

अजय जो ‘अज्जू भाई’ के नाम से फेमस है, वह गेमिंग इंडस्ट्री में जानामाना नाम है. अहमदाबाद के रहने वाले अज्जू ने गेमिंग की शुरुआत छोटे से मोबाइल से की थी. अज्जू ने अपना कैरियर फ्रीलांसर रह कर सौफ्टवेयर डैवलपर के रूप में शुरू किया.

अजय कई पीएचपी और जावा स्क्रिप्ट प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जानता है. वर्ष 2015 में अजय ने क्लैश औफ क्लैन्स जैसे स्मार्टफोन गेम्स खेलना शुरू किया. इस के बाद गेमिंग में उन्हें पछाड़ना गेमर्स के लिए मुश्किल होता गया.

औनलाइन गेमिंग में कैरियर

देखा जाए तो औनलाइन गेमिंग में काफी कैरियर स्कोप है. कई युवा इसे, बस, एंटरटेनमैंट से ही जोड़ कर देखते हैं, लेकिन यह सिर्फ एंटरटेनमैंट ही नहीं, कैरियर के दरवाजे भी खोलता है. 10वीं या 12वीं के बाद मल्टीमीडिया या एनीमेशन कोर्स कराने वाले इंस्टिट्यूट्स में गेम डैवलपर या गेमिंग डिजाइनिंग के कोर्स हैं. इस में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री तीनों कोर्स उपलब्ध हैं.

गेमिंग डैवलपर्स अपनी क्रिएटिव सोच के हिसाब से गेम्स बनाता है, इसलिए इस फील्ड में क्रिएटिविटी जरूरी होती है. गेमिंग सौफ्टवेयर और गेमिंग थ्योरी की सम?ा होना भी जरूरी है. इस के अलावा गेमिंग के लिए स्केचिंग, इमेजिनेशन और लाइटिंग इफैक्ट्स की जानकारी भी जरूरी होती है.

उज्ज्वल चौरसिया, जिसे टैक्नो गेमर्स के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली का यूट्यूबर है. वह गेमिंग वर्ल्ड में काफी पौपुलर है. उज्ज्वल ने अपना गेमिंग कैरियर छोटी उम्र से शुरू कर दिया था. बचपन से ही उसे वीडियो गेम को ले कर जिज्ञासा थी.

गेमिंग में कैरियर सिर्फ खेलना नहीं. गेम प्रोड्यूसर भी कैरियर के लिए अच्छा औप्शन है. इस में डिजाइनिंग की जानकारी के अलावा 3डी मौड्यूलिंग और 2डी सौफ्टवेयर की नौलेज होनी जरूरी है. वहीं, औडियो इंजीनियर के लिए एल प्लूसप्लशस व साउंड इंजीनियरिंग के कंप्यूटर लैंग्वेज की जानकारी भी जरूरी है. वीडियो गेम प्रोड्यूसर का काम पूरे प्रोडक्शन के काम पर नजर रखना होता है.

लोकेश राज की पहचान गेमिंग वर्ल्ड में लोकेश गेमर के नाम से है. वह जेनेरा फ्री फायर गेम का मास्टर और यूट्यूबर व कंटैंट डैवलपर है. उस के दोस्त उसे डायमंड किंग के नाम से बुलाते हैं.

लोकेश भारत के सदर्न स्टेट तेलंगाना से है. छोटी उम्र में ही उस ने कामयाबी हासिल की है. लोकेश ने 2017 में यूट्यूब चैनल की शुरुआत की थी, लेकिन पहली वीडियो उस ने 2019 में अपलोड की.

गेम की दुनिया का बादशाह बनने के लिए गेम डिजाइनर अच्छा कैरियर विकल्प है. इस के लिए लेटैस्ट टैक्नोलौजी में महारत हासिल करनी होती है. गेमिंग वर्ल्ड में चीजें बहुत तेजी से बदलती हैं तो बदलती चीजों के साथ खुद को अपडेट रखना बेहद जरूरी होता है. साथ ही, दुनिया में कब क्या नया हो रहा है, यह आप को पता होना चाहिए.

इस में समय की चिंता किए बगैर काम करते रहना होता है. गेम डिजाइनिंग के साथ गेम को फनी बनाना, गेम राइटिंग और डायग्राम तैयार करना होता है. एक तरह से इन के ऊपर बहुत सारी जिम्मेदारियां होती हैं.

अमित शर्मा, जिसे अमित भाई के नाम से लोग पहचानते हैं, वैस्ट बंगाल के सिलीगुड़ी से है. उस ने अपने चैनल का नाम ‘देसी गेमर्स’ और ‘देसी आमी’ रखा है. दोनों चैनलों में मिलियनों में फौलोअर्स हैं.

अपने शुरुआती समय में वह एनिमेटेड वीडियो बनाता था. उस के बाद वह गेमिंग फील्ड में आया और इंडिया के फेमस गेमर्स में शुमार हो गया.

अगर आप कल्पनाशील हैं और अपनी कल्पनाओं को उड़ान देना चाहते हैं व अपनी चीजों को सीरियसली लेते हैं तो एनिमेशन की दुनिया में कैरियर बनाना अच्छा औप्शन है. इस के लिए 2डी कौन्सैप्ट आर्ट के माध्यम से 3डी मौडल्स और 2डी टैक्स्चर मैप तैयार करना आना चाहिए. एक एनिमेटर आमतौर पर प्रोग्रामर और सीनियर आर्टिस्ट के साथ गेम के कैरेक्टर के हर पहलू पर काम करता है.

‘कैरी मिनाटी’ को कौन नहीं जानता. यूट्यूब में भारत के अगर टौप इन्फलुएन्सर की बात की जाए तो कैरी का नाम शुरुआती 5 में आएगा. कैरी का असली नाम अजय नागर है. वह फरीदाबाद का रहने वाला है. उसे रोस्ट के रूप में पहचान मिली है. करोड़ों बार उस की वीडियोज को देखा जाता है. हालांकि उस की वीडियो में गालियां होती हैं और देखने वाले अधिकतर युवा होते हैं तो एक खराब मैसेज युवाओं को पहुंचता है.

अजय का नाम गेमर के तौर पर भी खूब चर्चित रहता है. वह यूट्यूब पर लाइव गेम अपलोड करता है. हजारों की संख्या में युवा उस की वीडियो देखते हैं.

औडियो प्रोग्रामर की डिमांड गेमिंग वर्ल्ड में बहुत ज्यादा है. दमदार आवाज से अपनी अलग पहचान बनाने वालों के लिए यह क्षेत्र बेहतरीन है. अलगअलग गेम कैरेक्टर्स की तरह आवाजें जनरेट करने की कला इस फील्ड में कैरियर को आगे बढ़ा सकती है. और, आवाज मौड्यूलेशन का काम सिर्फ गेमिंग वर्ल्ड में ही नहीं, बल्कि इस जैसी कई इंडस्ट्रीज को यह कवर करता है, खासकर सिनेमा में इस का खूब यूज होता है.

वैसे, यह फील्ड कंप्यूटर इंजीनियर के लिए बेहतरीन मानी जाती है. औडियो प्रोग्रामर को गेम में स्पैशल इफैक्ट के इस्तेमाल के लिए साउंड के बारे में अच्छी नौलेज रखना जरूरी है. इस तरह के प्रोग्रामर गेम के लिए औडियो तैयार करने के अलावा साउंड इंजीनियरिंग का भी काम करते हैं.

चारकोल फेस पैक निखारे खूबसूरती

खूबसूरती निखारने में चारकोल का इस्तेमाल इन दिनों खूब किया जाने लगा है. यही वजह है कि मेकअप किट में भी इस ने अपनी जगह बना ली है. क्लींजर, फेस मास्क, स्क्रब्स यहां तक कि नहाने के साबुन में भी इस का इस्तेमाल हो रहा है. आजकल शाइनिंग स्किन के लिए चारकोल का इस्तेमाल अब करीब हर कंपनी अपने प्रोडक्ट में करने लगी है.

आइए जानते हैं इस के फायदों के बारे में

चारकोल फेस मास्क

चारकोल फेस मास्क लगाने के बाद उस के सूखने के बाद उसे पील औफ किया जाता है. यह त्वचा पर हैल्दी ओर ग्लोइंग असर दिखाता है. चारकोल फेस मास्क लगाने से चेहरे की गंदगी, तेल और बारीक धूल साफ हो जाती है. ब्लैकहैड्स करे दूर: अगर आप ब्लैकहैड्स की समस्या से परेशान हैं, तो ब्लैकहैड्स रिमूवल स्ट्रिप इस्तेमाल करें, जिस में ऐक्टिवेटेड चारकोल हो. यह चेहरे में गहराई तक जा कर ब्लैकहैड्स को जड़ से खत्म कर देता है. यही नहीं, यह चेहरे के मुंहासों को भी खत्म करने में मदद करता है. यह न सिर्फ चेहरे को क्लीन करता है, बल्कि पोर्स को भी साफ कर के त्वचा की चमक को बरकरार रखता है. इस के इस्तेमाल से चेहरे पर गंदगी जमा नहीं होती और आप पूरा दिन फ्रैश फील करती हैं.

करता है सनस्क्रीन का काम

बदलते मौसम का सब से ज्यादा असर चेहरे पर ही पड़ता है. तेज धूप के संपर्क में आने से स्किन डल हो जाती है. ऐसे में चारकोल स्किन को हैल्दी बनाने के साथसाथ सूर्य की हानिकारक किरणों से भी त्वचा की रक्षा करता है. अगर आप सनस्क्रीन लगाना भूल भी जाती हैं, तो आप की स्किन को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचेगा.

पौल्युशन से बचाव

ऐक्टिवेटेड चारकोल की खासीयत यह है कि वह स्किन से टौक्सिन को खींच निकालता है यानी यह टौक्सिन के लिए एक मैगनेट की तरह है. रात में सोने से पहले चारकोल बेस्ड फेसवाश का इस्तेमाल चेहरे को अंदर तक क्लीन कर तरोताजा कर देगा. चारकोल फेसवाश से चेहरा साफ करने से स्किन में मौजूद गंदगी, तेल और धूल पोर्स से बाहर निकल जाएगी और स्किन साफ और हैल्दी हो जाएगी. फेयर स्किन: फेयर स्किन के लिए चारकोल का इस्तेमाल खूब किया जा रहा है. यह स्किन को अंदर तक साफ कर उसे मुलायम बनाता है. इस में ऐसे तत्त्व होते हैं, जो स्किन को हैल्दी तो बनाते ही हैं, साथ ही चेहरे की रौनक भी लौटाते हैं.

असल में चारकोल का मतलब कोयले से नहीं है. यहां बात हो रही है ऐक्टिवेटेड चारकोल की, जो लकड़ी और नारियल के शेल से बना बारीक पाउडर होता है और यह त्वचा के साथसाथ कई रोगों में भी बहुत कारगर है. हैल्दी और शाइनिंग स्किन के लिए हफ्ते में 1 बार चारकोल फेसमास्क का उपयोग करें. औयली स्किन वाली महिलाएं इस का उपयोग हफ्ते में 2 बार कर सकती हैं.

अगर स्किन ड्राई है, तो फेस मास्क लगाने के बाद, मौइश्चराइजर लगाना न भूलें. पील औफ मास्क त्वचा पर लंबे समय तक रखने पर बुरा असर हो सकता है. इस बात का ध्यान रखें कि ऐसा फेस मास्क, जिस में त्वचा की तैलीय ग्रंथियों की सक्रियता कम होती है, उसे त्वचा पर लंबे समय तक लगा कर नहीं रखना चाहिए. इस से त्वचा की जरूरी नमी खत्म हो जाती है. अगर मास्क आप रात में लगाती हैं, तो इस का असर ज्यादा अच्छा होगा.

मिनी सिंह 

ऐसे बनाएं रवा उपमा

सामग्री

– रवा/सूजी (01 कप)

– फ्रेंच बीन्स (01 बड़ा चम्‍मच कटी हुई/इच्‍छानुसार)

– हरी मटर (01 बड़ा चम्‍मच)

– गाजर  (01 नग बारीक कटे हुए)

– मूंगफली के दाने ( 01 बड़ा चम्‍मच, भुने हुए)

– राई ( 1/4 छोटा चम्मच)

– हरी मिर्च (01 बारीक कटी हुई)

– तेल (02 बड़े चम्‍मच)

– बटर ( 01 बड़ा चम्‍मच)

– हरी धनिया (01 बड़ा चम्‍मच कटा हुआ)

– नमक ( स्वादानुसार)

रवा उपमा बनाने की विधि :

सबसे पहले सूखी कढ़ाई को गरम करें.

– कढ़ाई गरम होने पर उसमें सूजी डालें और हल्का भूरा होने तक उसे लगातार चलाते हुये भून लें.

– भुनने के बाद सूजी को एक प्‍लेट में निकाल लें.

– अब कढ़ाही मे तेल डालकर गरम करें.

– तेल गरम होने पर उसमें मूंगफली के दाने डालें और हल्का सा भून लें.

–  भुने हुए दानों को एक प्लेट में निकाल लें.

– अब कढ़ाही में राई डाल कर चटकाएं.

–  राई तड़कने पर तेल में कटी हुई हरी मिर्च, कटी हुए गाजर, कटी हुई बींस और मटर के दाने डालें                 और चलाते हुए थोड़ा सा भून लें.

–  इसके बाद कढ़ाई में सूजी, तीन कप पानी और नमक डालें और चलाने के बाद मीडियम आंच पर               पकाएं.

–   कढ़ाई में उबाल आने पर सूजी को बराबर चलाते रहें.

–   कुछ देर बाद सूजी का मिश्रण हलवा जैसा गाढ़ा हो जाएगा.

–   गाढा होने पर इसमें भुने हुए मूंगफली के दाने डाल दें और चलाते हुए तीन-चार मिनट तक                        पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और कढ़ाई में बटर डाल कर अच्‍छी तरह से मिला लें.

लीजिए अब आपका स्‍वादिष्‍ट रवा उपमा  तैयार है. बस इसे हरी धनिया से गार्निश करें और                     गरमा-गरम सर्व करें.

 

सर्दियों में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा, जानें क्यों

ठंड का मौसम खुशियों का मौसम होता है, इस खुशनुमा मौसम का मतबल है ढेर सारे त्‍यौहार, छुट्टियां और कई और चीजें. सर्दियों का यह मौसम बच्‍चों और बुजुर्गों की सेहत के लिये परेशानी खड़ी कर कर सकता है, ठंड का यह मौसम अपने साथ हमेशा ही कुछ चुनौतियां और सेहत से जुड़े खतरे लेकर आता है, खासकर बुजुर्गों के लिये. वातावरण में काफी बदलाव होने की वजह से बुजुर्गों के लिये एक सामान्‍य जीवनशैली का पालन कर पाना मुश्किल हो जाता है.

बुजुर्ग जब युवा होते हैं तो उसकी तुलना में इस उम्र में बौडी हीट जल्‍दी खो देते हैं. शरीर में होने वाला बदलाव उम्र बढ़ने के साथ आता है, जिससे आपके लिये ठंड महसूस होना ज्‍यादा मुश्किल हो सकता है. इससे पहले कि बुजुर्ग व्‍यक्ति को कुछ पता चले कि आखिर क्‍या हो रहा है, बहुत ज्‍यादा ठंड खतरनाक समस्‍याओं में बदल सकता है.

ठंड के मौसम में दिल का दौरा पड़ने का खतरा क्‍यों बढ़ जाता है

1. अध्‍ययनों में यह बात सामने आयी है कि अगर आपको पहले भी दिल का दौरा पड़ चुका है, आपको दिल की बीमारी है या आपकी उम्र 65 साल से ज्‍यादा है तो खासतौर से ठंड का मौसम खतरनाक हो सकता है.

2. ठंड का मौसम ब्‍लड प्रेशर और कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को बढ़ा सकता है- ये दोनों ही दिल के दौरे के लिये जोखिम का कारण हैं.

3. इससे दिल को नुकसान पहुंचाने वाले ब्‍लड की क्‍लॉटिंग भी हो सकती है

3. जैसे ही तापमान नीचे गिरता है, आपकी रक्‍त वाहिकाएं सख्‍त हो जाती हैं और आपके शरीर को गर्म रखने के लिये रक्‍त का संचार तेज हो जाता है.

स्‍वीडन के 274,000 लोगों का निरीक्षण करने के बाद, ‘JAMA कार्डियोलॉजी’ में प्रकाशित अध्‍ययन में यह बात सामने आयी है कि जब तापमान काफी कम हो जाता है तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा बहुत ज्‍यादा बढ़ जाता है.

बचाव

कमजोर दिल वालों को खासतौर से ठंड के मौसम में सतर्क रहना चाहिये. उन्‍हें नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करनी चाहिये, हालांकि उन्‍हें इसके समय में बदलाव करना चाहिये, यानी बहुत ठंड में जाने से बचें. ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ के अनुसार, जिन बुजुर्गों को कार्डियोवेस्‍कुलर समस्‍याएं हैं उन पर ठंड का विपरीत प्रभाव पड़ सकता है. कम तापमान और हवाओं के कारण बॉडी हीट कम हो जाती है, रक्‍त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, पूरे शरीर तक ऑक्‍सीजन पहुंचना मुश्किल हो जाता है.

‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ सलाह देता है कि बुजुर्गों को गर्मी को बनाये रखने के लिये और इंसुलेशन प्रदान करने के लिये परतों में कपड़े पहनने चाहिये. पतली काया वाले बुजुर्गों को ठंड संबंधी कार्डियोवेस्‍कुलर समस्‍याओं का खतरा ज्‍यादा रहता है, क्‍योंकि उनमें गर्मी देने के लिये और रक्‍त संचार को बनाये रखने के लिये पर्याप्‍त फैट नहीं होता है. इस बात का पता होना अच्‍छा है कि किन बातों का ध्‍यान रखना चाहिये और किस चीज की उम्‍मीद की जानी चाहिये, ताकि इस मौसम में आप स्‍वस्‍थ रह सकें या बुजुर्ग की सेहत पर नज़र रख सकें:

1. खुद को गर्म रखें, ठंड से बचें

2. नमक और पानी की मात्रा का सेवन कम कर देना चाहिये ताकि ज्‍यादा पसीना ना निकले

3. जरूरत से ज्‍यादा ना खायें

4. शराब सीमित मात्रा में लें

5. जरूरत से ज्‍यादा काम ना करें

6. नियमित रूप से बीपी पर नज़र रखें और अगर यह बढ़ता है तो इसका सही रूप में इलाज होना चाहिये

7. इंफेक्‍शन से बचना एक और महत्‍वपूर्ण पहलू है और इस मौसम के शुरू होने से पहले इंफ्लुएंजा और निमोनिया की वैक्‍सीन लगवा लेनी चाहिये ताकि छाती में होने वाले संक्रमण से बचा जा सके.

8. अगर इंफेक्‍शन के लक्षण नज़र आते हैं तो एंटीबायोटिक्‍स के साथ तत्‍काल इलाज करना चाहिये.

9. जो दवाएं बतायी गयी हैं उन्‍हें जरूर लें.

10. अगर आपको अच्‍छा महसूस होने लगा है तो भी दवा लेना ना छोड़ें

11. जिस डौक्‍टर से इलाज करवा रहे हैं उन्‍हें किसी भी तरह के साइड इफेक्‍ट के बारे में तुरंत बतायें.

डौ. के एस सुब्रमणि, MBBS, MD, DM, FESC, FICC सी‍नियर कंसल्‍टेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलौजिस्‍ट कंसल्‍टेंट- मेडल क्‍लूमैक्‍स, बेंगलुरू से बातचीत पर आधारित.

मैं अपने रिलेशनशिप को एक लेवल आगे बढ़ाना चाहता हूं, मैं क्या करुं?

सवाल-

गलफ्रैंड के साथ मेरी फ्रैंडशिप हुए अभी  6 महीने हुए हैं. हम आपस में खूब मिलते हैं, बातें करते हैं. वह मु झ से और मैं उस से सैक्सी बातें भी करता हूं. लेकिन मैं पता नहीं लगा पा रहा कि वह मेरे साथ सैक्स करने में कितनी इंट्रैस्टैड है. मैं उस से सैक्स के लिए पूछूं और वह मना कर दे, ऐसा मैं हरगिज नहीं चाहता. ऐसा क्या करूं कि वह मेरी फीलिंग्स सम झे,  मु झे गलत न सम झे और फिजिकल होने में उस की रजामंदी शामिल हो?  उस की रजामंदी मेरे लिए बहुत माने रखती है.

जवाब-

यह अच्छी बात है कि आप अपने पार्टनर की फीलिंग्स का ध्यान रखते हैं और सैक्स के लिए उस की रजामंदी आप के लिए उतनी ही माने रखती है जितनी खुद की.

फिलहाल कुछ तरीके अपना कर देखें जिन के जरिए आप अपनी गर्लफ्रैंड से अपनी ख्वाहिश जाहिर कर सकते हैं, जैसे कि साथसाथ चलते हुए, बातें करते हुए आप उस का हाथ अपने हाथ में ले सकते हैं. उंगलियों को आपस में उल झा सकते हैं. इस से वह महसूस करेगी कि आप ज्यादा नजदीकी चाहते हैं.

उस की तारीफ करते हुए आंखों में आंखें डाल कर उस के हावभाव देखें. उस की कमर पर हाथ रख कर देखें कि उस का क्या रिऐक्शन है. उस का अच्छा मूड देखते हुए एसएमएस या व्हाट्सऐप  भेजें, ‘आई वांट यू.’ इंतजार कीजिए वह क्या जवाब देती है या कोई उत्तर देती है भी या नहीं.

सरप्राइज में इनरवियर सैट गिफ्ट में दें लेकिन उस से कह दें कि अकेले में खोल कर देखे. गर्लफ्रैंड आप की इच्छा जरूर समझ जाएगी.

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प्यार, रोमांस फिर शादी ये चलन सदियों से चला आ रहा है. दो युगलों के बीच प्यार एक पराकाष्ठा को पार तब करता है जब दोनों का मिलन आत्मा से होता है. प्यार का समागम आत्मा और शरीर दोनों से ही होता है. जब नवविवाहिता आती है तो धारणा यह बनती है कि अब दोनों का शारीरिक मिलन तय है, पर यह गलत है. हालांकि, शारीरिक मिलन यानि कि सेक्स जीवन का एक आधार है एक नई पीढ़ी को तैयार करने का. पर नवविवाहित जोड़ों को सेक्स से संबंधी कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है. या यूं कहें कि कुछ मतभेद जो उनके दिलों में कई सवाल बनकर खड़े हो जाते हैं. सेक्स से जुड़े वो कौन-से मतभेद हैं जो उनको एक-दूसरे के करीब नहीं आने देते –

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

महंगे ख्वाब: रश्मि को कौनसी चुकानी पड़ी कीमत

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भैरवी: भाग 1- आखिर मल्हार और भैरवी की शादी क्यों नहीं हुई

कमरेमें पंखा फुलस्पीड पर चल रहा था. लखनऊ में वैसे भी अप्रैल आतेआते अच्छीखासी गर्मी पड़ने लगती है.

मेज पर रखी ‘भैरवी सिंह, जिलाधिकारी’ नेमप्लेट के नीचे दबे लिफाफे से झंकते फड़फड़ाते गुलाबी कागज पर भैरवी की नजरें टिकी थीं. कागज पर लिखे सुनहरे रंग के शब्द दूर से ही चमक रहे थे.

‘‘सुप्रसिद्ध लोग गायक ‘मल्हार वेद’ के सुरों से सजी संध्या में आप सादर आमंत्रित हैं.’’

‘मल्हार’ यह नाम पढ़ते ही भैरवी का दिल डूबने सा लगा. उस ने अपनी कुरसी की पीठ पर सिर टिका कर आंखें बंद कर लीं. पलकों के पीछे एक जानापहचाना सा दृश्य उभरने लगा. दूरदूर तक फैला गंगा का कछार और किनारे बसा प्रयाग के नजदीक ही कहीं छोटा सा उस का गांव मल्हार. यही तो नाम था उस का. 9-10 बरस

का लड़का आ कर जोर से भैरवी के कंधों पर धौंस जमाता और उस के कानों में चिल्लाता, ‘‘धप्पा.’’

भैरवी ने अचकचा कर आंखें खोल दीं. सामने उस की सैक्रेटरी मोहना खड़ी थी. बोली, ‘‘मैडम, आप का कल के लिए शेड्यूल बनाना था. कल सुबह आप की मंत्री महोदय के साथ मीटिंग है, फिर दोपहर में एक आर्ट गैलरी के उद्घाटन में जाना है और फिर कल शाम 7 बजे से फोक सिंगर मल्हार के कार्यक्रम में आप आमंत्रित हैं. आयोजकों ने डिनर के लिए भी रिक्वैस्ट की है. क्या कह दूं मैडम उन से?’’

‘‘ठीक है मोहना. हम कार्यक्रम में तो जाएंगे परंतु डिनर तक  रुकेंगे या नहीं यह मैं बाद में देख लूंगी,’’ भैरवी ने अनमने ढंग से कहा, ‘‘चल न. तेरे बाग से आम की कच्ची कैरियां तोड़ें.’’

35 साल पुराना समय और फिर वही 9-10 बरस का लड़का सामने आ खड़ा हुआ.

‘‘मैं नहीं खाती कच्ची कैरियां, मां कहती है कच्ची कैरियां खाने से गला खराब हो जाता है. मेरा गला खराब हो गया तो मैं गाना कैसे गाऊंगी?’’ 7-8 साल की नन्ही भैरवी ने तुनक कर जवाब दिया.

‘‘तेरी मां को कैसे पता? क्या वे भी गाना गाती हैं?’’ लड़के ने उत्सुकता से पूछा.

‘‘गाती हैं न पर पापा से छिप कर जब पापा दूसरे गांवों के दौरे पर जाते हैं तब… पता है मेरी मां बहुत सुरीला गाती हैं कोयल की तरह,’’ भैरवी हाथ और आंखें नचानचा कर बोली.

‘‘तुझे भी गाना पसंद है न?’’ लड़के ने पूछा.

‘‘हां, बहुत… मां कहती हैं कि मेरी तो सांसों में भी लय है. मेरी बातों में राग और मेरी आवाज में संगीत, इसीलिए तो उन्होंने मेरा नाम भैरवी रखा है. तुझे तो गाने के बारे में सब बातें पता होंगी, तेरे पिताजी तो गायक हैं न,’’ भैरवी की प्रश्नसूचक निगाहें मल्हार के चेहरे पर टिकी थीं.

‘‘हां, मेरे तो खानदान में सभी को संगीत से बहुत लगाव है. मेरे पिताजी और बड़े चाचा चैती, फाग, कजरी जैसे लोकगीत गाते हैं, मां तानपुरा बजाती हैं और छोटे चाचा पखावज बजाते हैं.’’

‘‘बाप रे इतने बड़ेबड़े नाम,’’ भैरवी बोली.

फिर दोनों खिलखिला रहे और गंगा के कछार पर दौड़ लगाते, एकदूसरे पर रेत उछालने लगे. कभी उस रेत का नन्हा सा घरौंदा बनाते.

उस घरौंदे में एक कमरा संगीत के रियाज के लिए भी होता.

भैरवी के पिता ठाकुर बलदेव सिंह गांव के जमींदार थे और सारे गांव में उन का बहुत रुतबा था. घर में 7 लोगों का परिवार साथ रहता था. बलदेव सिंह, उन की पत्नी राजरानी, उन की मां श्यामा देवी तथा 4 बच्चे भैरवी, उस की छोटी बहन सोनी, मंझला भाई राजू और छोटा दीपू.

भैरवी सब से बड़ी होने के कारण अपनी उम्र से अधिक समझदार थी और मातापिता और दादी की सब से अधिक लाडली भी.

मां राजरानी ने भैरवी को मल्हार के पिता सोमेश्वर वेदजी के पास संगीत सीखने के लिए भेजना आरंभ कर दिया था. थोड़ी नानुकुर के बाद बलदेव सिंह ने भी हामी भर दी थी क्योंकि राजरानी ने उन्हें यह सम?ाया था कि यदि भैरवी भजन वगैरह गाना सीख लेगी तो उस का विवाह करने में आसानी होगी. अब सप्ताह में 3 दिन गांव की पाठशाला से लौट कर भैरवी मल्हार के घर संगीत सीखने जाती. मल्हारी की झोपड़ी के सामने बड़ से नीम के पेड़ के नीचे गोबर के लिपेपुते चबूतरे पर उन की संगीत की पाठशाला लगती. मल्हार के पिता सोमेश्वर वेद वहीं छोटेछोटे बच्चों को संगीत की शिक्षा देते सुर साधना सिखाते.

एक बार उन्होंने भैरवी की मां से कहा था, ‘‘आप की बिटिया के गले में तो सरस्वती मां का वास है ठकुराइन. इस का संगीत का रियाज कभी मत छुड़वाइएगा. एक दिन यह संगीत की दुनिया का चमकता सितारा बनेगी.’’

समय पंख लगा कर उड़ रहा था. अब भैरवी 12-13 बरस की हो चली थी. राजरानी अक्सर उसे सम?ातीं, ‘‘अब तू बड़ी हो रही है बिटिया, यह लड़कों के संग खेलनाकूदना तुझे शोभा नहीं देता, पाठशाला से सीधे घर आया कर. थोड़ा चूल्हेचौके का काम भी सीख परंतु भैरवी तो भैरवी थी, हवा में गूंजती स्वरलहरियों जैसी उन्मुक्त, गंगा नदी की लहरों जैसी उच्शृंखल. उस का मन कभी अपनी कोठी में लगता ही नहीं था. बस पलक झपकते ही उड़नछू हो जाती, फिर तो वह आम के बगीचे में दिखती या नीम के नीचे निंबोरियां बीनती दिखती या फिर गंगा के कछार में गीली रेत पर घरौंदा बनाते हुए.

वह एक गरमी की दुपहरी थी. आम के बगीचे में मल्हार ने हमेशा की तरह भैरवी की पीठ पर धौल जमाते हुए कहा, ‘‘धप्पा,’’ और फिर अचानक उस ने भैरवी के कंधे पर अपना चेहरा ?ाका दिया.

भैरवी के सारे शरीर में झरझरी सी दौड़ गई और सांसें धौंकनी सी चलने लगीं. वह तुरंत भाग कर अपनी कोठी के भीतर चली गई. उस दिन के बाद भैरवी और मल्हार के बीच प्रेम के बीज से नवांकुर फूट कर पल्लवित होने लगा.

अब संगीत की कक्षा में दोनों एकसाथ बैठने से कतराते, एकदूसरे से नजरें मिलते ही आंखों ही आंखों में मुसकराते और गंगा किनारे की तेरी पर बैठ भविष्य के सपने बुनते. उन सपनों के धागे कभी चांदी से रुपहले होते तो कभी सोने से सुनहरे. वे अपने सपनों की चादर में अपने अरमानों के सितारे और प्रेम के चमकते जुगनू टांकते.

सोमेश्वर वेद की पारखी आंखों से यह सब अधिक दिनों तक छिपा न रहा. उस दिन जब संगीत की कक्षा समाप्त हो गई तो मल्हार उठते हुए बोला, ‘‘चल भैरवी, तुझे तेरे घर तक छोड़ आऊं.’’

सोमेश्वर वेद ने तुरंत कहा, ‘‘भैरवी, अब तू बड़ी हो रही है और समझदार भी, आज से तू अकेली घर जाया कर या अपनी मां से कह कर अपनी सवारी बुलवा लिया कर. अब मल्हार तुझे छोड़ने नहीं जाया करेगा.’’

भैरवी के जाने के बाद उन्होंने मल्हार को सम?ाते हुए कहा, ‘‘देख मल्हार, मैं सब देख

रहा हूं और समझ भी रहा हूं. यह किशोरावस्था का आकर्षण है और कुछ नहीं. झोंपड़ी में रह

कर कोठी के सपने मत देख बेटा. कहीं ठाकुर साहब को पता चल गया तो हम तो कहीं के नहीं रहेंगे. ठाकुर साहब हमें गांव छोड़ने पर विवश कर देंगे.’’

फिर वही हुआ जिस की सोमेश्वरजी को आशंका थी. किसी ने भैरवी और

मल्हार को साथ देख कर बलदेव सिंह को खबर कर दी थी. उस दिन भैरवी पर तो जैसे आसमान टूट पड़ा. बलदेव सिंह अपनी पत्नी राजरानी से दहाड़ते हुए बोले, ‘‘देख लिया तुम ने संगीत सिखाने का नतीजा तुम ही भैरवी को संगीत सिखाना चाहती थी न. देखा कैसे उस नचैएगवैए के संग मुंह काला कर के आ गई तुम्हारी लड़की. मेरी तो सारी इज्जत मिट्टी में मिल गई. अब मैं इसे पढ़ने के लिए शहर भेज रहा हूं और सभी कान खोल कर सुन लो कोईर् भी मेरे इस निर्णय पर उंगली नहीं उठाएगा.’’

सोनी, राजू और दीपू सहम कर दादी के पीछे छिप गए. भैरवी रोती रही, चीखती रही, चिल्लाती रही, परंतु सभी ने जैसे अपने कानों में रुई भर ली हो. किसी ने उस की एक बात भी नहीं सुनी.

शहर में भैरवी को छात्रावास में डाल दिया गया. संगीत छूटने से जैसे भैरवी का मन ही मर गया. उस ने स्वयं को पढ़ाई में ?ोंक दिया. वह दिनरात मशीन की तरह पढ़ाई में जुटी रहती जहां केवल किताबें ही उस की सखियां थीं. पढ़लिख कर बड़ी अफसर बनना ही उस के जीवन का उद्देश्य रह गया.

इस बीच एक बार गांव आने पर दादी ने पूछा, ‘‘ब्याह कब करना बिटिया? उम्र तो हो गई तुम्हारी.’’

‘‘मुझे आईएएस बनना है दादी, उस के बाद ही ब्याह के लिए सोचूंगी.’’

सोनी, राजू और दीपू भी अपनीअपनी स्कूली पढ़ाई के पश्चात अलगअलग शहरों में आगे की पढ़ाई कर रहे थे. साल पर साल बीतते जा रहे थे. भैरवी का मल्हार से संपर्क पूरी तरह से टूट गया था. उस ने मल्हार की यादों को भी अपने सीने में हमेशा के लिए दफन कर दिया. मल्हार के प्रति उस का प्रेम सच्चा था, पवित्र था, इसीलिए उस ने मल्हार से पुन: कभी भी न मिलने का निर्णय लिया. भैरवी जानती थी कि यदि उस के पिता को पता चल गया कि वह और मल्हार एकदूसरे के संपर्क में हैं तो वे मल्हार को जीवित नहीं छोड़ेंगे.

न्यू मॉम Aashka Goradia ने बेटे संग शेयर की क्यूट वीडियो

टीवी अभिनेत्री आशका गोराडिया ने बेटे का स्वागत करने के बाद अपना पहला सोशल मीडिया अपडेट पोस्ट किया. एक्ट्रेस ने कुछ दिन पहले ही लंबा चौड़ा पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर करके खुलासा किया था कि वह मां बन गई हैं. इसी दौरान आशका ने अपने पति के साथ फोटो शेयर की थी जिसमें उनके बेटे की झलक भी दिखाई दे रही थी.
आशका और पति ब्रेंट गोबल ने 27 अक्टूबर को अपने बच्चे का स्वागत किया.

अपने नवजात शिशु के साथ आशका गोराडिया की झलकियाँ देखें

आशका गोराडिया ने जो वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, उसमें कई दिल पिघलाने वाले क्षण हैं, जिसमें नवजात शिशु अपनी मां की छाती पर शांति से लेटा हुआ है. न्यू मॉम ने अपने बच्चे का चेहरा नहीं किया दिखाया. एक्ट्रेस ने जो वीडियो शेयर की है उसमें, बच्चे का छोटा चेहरा उसकी प्यारी माँ के हाथ से ढका हुआ है. एक अन्य क्लिप में उनका चेहरा दिल वाले इमोजी से ढका हुआ दिख रहा है.

आशका ने कैप्शन के साथ लिखा, “इससे अधिक मधुर, अधिक अर्थपूर्ण, अधिक कीमती कभी कुछ नहीं हुआ! ये सच्चे प्यार का एक गीत है. ये बात दुनिया की सभी माताओं के लिए है! आशका ने कैप्शन में बताया प्यार को सबसे ऊपर.

 

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एक्टिंग की दुनिया को अलविदा कह चुकी है आशका गोराडिया

बता दें कि, टीवी एक्ट्रेस आशका गोराडिया कई सीरियल्स में काम कर चुकी है लेकिन वह अब एक्टिंग छोड चुकी है. आखिरी बार साल 2019 में एक्ट्रेस टीवी पर नजर आईं थी. इसके बाद आशका गोराडिया ने बिजनेस में कदम रखा जहां वह करोड़ो कमा रही है. साल 2020 में आशका अपना मेकअप और ब्यूटी ब्रांड रेनी कॉस्मेटिक्स लॉन्च किया था. कुछ ही समय में आशका कई बड़ी बिजनेसवुमन को टक्कर दे रही हैं.

 

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क्या रणवीर सिंह कंगाल हो रहे हैंः क्यों बेचे दो फ्लैट

2010 में फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’’ से अभिनय कैरियर की शुरूआत करने वाले अभिनेता रणवीर सिंह के सितारे कुछ वर्षों से गर्दिश में चल रहे हैं. ‘घूमकेतु’,‘सूर्यवंशी’,‘83’, ‘जयेशभाई जोरदार’ व ‘सर्कस’ जैसी फिल्मों की लगातार असफलता की वजह से रणवीरं सिंह बुरी तरह से आहत व परेशान हैं.उनके हाथ से कई ब्रांड भी जा चुके हैं.लेकिन किसी ने भी कल्पना नही की होगी कि रणवीर सिंह की आर्थिक हालत इस कदर गड़बड़ है कि दीवाली से चंद दिन पहले उन्हें अपने मुंबई के दो फ्लैट औने पौने दाम पर बेचने पड़े.

रणवीर सिंह ने अपनी मां के साथ मिलकर 2014 में मुंबई के गोरेगांव पूर्व इलाके की बहुमंजली इमारत के 43 वें फ्लोर पर दो हजार छह सौ अड़तालिस स्क्यायर फुट क्षेत्रफल के दो रिहायशी फ्लैट खरीदे थे,जिसे अब उन्हे बेचना पड़ा. जी हाॅ!छह नवंबर को रणवीर सिंह ने अपने यह दो फ्लैट महज 15 करोड़ बीस लाख रूपए में बेच दिए. जिसके लिए 91 लाख पचास हजार रूपए स्टैंप ड्यूटी भी भरी गयी. इसमें दो पार्किंग भी समाहित हैं. हर फ्लैट की कीमत 7 करोड़ 62 लाख रूपए बतायी जा रही है. तो क्या वास्तव में रणवीर सिंह इस कदर कंगाल हो गए हैं? या उनके सामने कोई मजबूरी थी,जिसके चलते उन्हे यह कदम उठाना पड़ा?

माना कि रणवीर सिंह की लगातार कई फिल्मों ने बाक्स आफिस पर पानी भी नही मांगा और आज की तारीख में उनके पास रोहित शेट्टी के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘‘सिंघम अगेन’’ के अलावा कोई दूसरी फिल्म भी नही है.‘जयेशभाई जोरदार ’की असफलता के बाद रणवीर सिंह ने एक विदेशी पत्रिका के लिए ‘नग्न’ फोटो शूट भी कराया था,जिससे उन्हे फायदे की बजाय नुकसान ही हुआ. इसी वजह से कुछ ब्रांड उनके हाथ से निकल गए.फिर भी यकीन नही होता कि रणवीर सिंह कंगाली के मुकाम पर पहुॅच गए हैं. क्योंकि गत वर्ष ही बैंड स्टैंड पर सलमान खान की इमारत ग्लैक्सी और शाहरुख खान के  मन्नत बंगले के बीच एक इमारत में रणवीर सिंह ने सी फेसिंग फ्लैट 129 करोड़ रूपए में खरीदकर हंगामा बरपाया था.तो फिर एक वर्ष के अंदर ही उन्हे अपने दो फ्लैट क्यों बेचने पड़े? इस सवाल के जवाब फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. मगर बौलीवुड में तो यही कहा जा रहा है कि रणवीर सिंह कंगाली की तरफ बढ़ रहे हैं……

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