असमंजस: भाग 3- क्यों अचानक आस्था ने शादी का लिया फैसला

आस्था एक दिन ऐसे ही विचारों में गुम थी कि काफी अरसे बाद एक बार फिर रंजना मैडम का खत आया. यह खत पिछले सारे खतों से अलग था. अब तक जितनी गर्द उन आंधियों ने आस्था के मन पर बिछाई थी, जो पिछले खतों के साथ आई थी, सारी की सारी इस खत के साथ आई तूफानी सुनामी ने धो दी.

आस्था बारबार उस खत को पढ़ रही थी :

‘प्रिय बेटी आस्था,

‘मुझे क्षमा करो, बेटी. मैं समझ नहीं पा रही हूं कि किस हक से मैं तुम्हें यह खत लिख रही हूं. आज तक मैं ने तुम्हें जो भी शिक्षा दी, जाने क्या असर हुआ होगा तुम पर, जाने कितनी खुशियों को तुम से छीन लिया है मैं ने. लेकिन सच मानो, आज तक मैं ने तुम्हें जो भी कहा, वह मेरे जीवन का यथार्थ था. मैं ने वही कहा जो मैं ने अनुभव किया था, जिया था. मुझे सच में, स्त्री की स्वतंत्रता ही उस के जीवन की सब से महत्त्वपूर्ण उपलब्धि लगती थी, जिसे मैं ने विवाह न कर के, परिवार न बसा कर पाया था. लेकिन पिछले 4 सालों में मैं ने स्वयं को जिस तरह अकेला, तनहा, टूटा हुआ महसूस किया है उसे मैं बयां नहीं कर सकती.

‘रिटायरमैंट से पहले तक समय की व्यस्तता के कारण मुझे एकाकी जीवन रास आता था लेकिन बाद में जब भी अपनी उम्र की महिलाओं को अपने नातीपोतों के साथ देखती तो मन में टीस सी उठती. यदि मैं ने सही समय पर अपना परिवार बसाया होता तो आज मैं भी इस तरह अकेली, नीरस जिंदगी नहीं जी रही होती. यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से तुम्हारे खतों का जवाब देने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाती थी.

‘आखिर क्या कहती तुम्हें कि जिस रंजना मैडम को तुम अपना आदर्श मानती हो आज उस के लिए दिन के 24 घंटे काटना भी मुश्किल हो गया है. पिछले कुछ सालों ने मुझे एहसास दिला दिया है कि एक इंसान की जिंदगी में परिवार की क्या अहमियत होती है. आज जिंदगी के बयाबान में मैं नितांत अकेली भटक रही हूं, पर ऐसा कोई नहीं है जिस के साथ मैं अपना सुखदुख बांट सकूं. यह बहुत ही भयंकर और डरावनी स्थिति है, आस्था. मैं नहीं चाहती कि जीवन की संध्या में तुम भी मेरी तरह ही तनहा और निराश अनुभव करो. हो सके तो अब भी अपनी राह बदल दो.

‘जिस अस्तित्व को कायम रखने के लिए मैं ने यह राह चुनी थी अब वह अस्तित्व ही अर्थहीन लगता है. जिस समाज की भलाई और उन्नति के लिए हम ने यह एकाकीपन स्वीकार किया है उस समाज की सब से बड़ी भलाई इसी में है कि अनंतकाल से चली आ रही परिवार नाम की संस्था बरकरार रहे, सभी बेटी, बहन, पत्नी, मां, नानीदादी के सभी रूपों को जीएं. तुम यदि चाहो तो अब भी अपने शेष जीवन को इस अंधेरे गर्त में भटकने से रोक सकती हो.

‘जाने क्यों ऐसा लग रहा है कि स्त्री स्वतंत्रता के मेरे विचारों ने अब तक तुम्हारा अच्छा नहीं, बुरा चाहा था लेकिन आज मैं पहली बार तुम्हारा अच्छा चाहती हूं. चाहती हूं कि तुम अपने व्यक्तित्व के हर पहलू को जीओ. आशा है तुम निहितार्थ समझ गई होगी.

‘एक हताश, निराश, एकाकी, वृद्ध महिला जिस का कोई नहीं है.’

बारबार उस खत को पढ़ कर उस के सामने अतीत की सारी गलतियां उभर कर आ गईं. कैसे उस ने विवान का प्रस्ताव कड़े शब्दों में मना कर दिया था, किस प्रकार उस ने मांबाप को कई बार रूखे शब्दों में लताड़ दिया था, किस प्रकार उस ने अपनी बीमार, मृत्युशैया पर लेटी दादी की अंतिम इच्छा का भी सम्मान नहीं किया था. आज क्या है उस के पास, चापलूसों की टोली जो शायद पीठ पीछे उस के बारे में उलटीसीधी बातें करती होगी.

क्या वह जानती नहीं कि किस समाज का हिस्सा है वह. क्या वह जानती नहीं कि अकेली औरत के बारे में किस तरह की

बातें करते होंगे लोग. उस को जन्म देने वाले मांबाप ने अपनी विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद बेटी की पढ़ाई- लिखाई पर कोई आंच नहीं आने दी, कभी भी किसी बात के लिए दबाव नहीं डाला, सलाह दी लेकिन निर्णय नहीं सुनाया. यदि उस के मांबाप इतनी उदार सोच रख सकते हैं तो क्या उस का हमवय पुरुष मित्र उस की स्वतंत्रता का सम्मान नहीं करता.

आस्था ने निर्णय किया कि वह अपनी गलतियां सुधारेगी. उस ने मां को फोन मिलाया, ‘हैलो मां, कैसी हो?’

‘ठीक हूं. तू कैसी है, आशु. आज वक्त कैसे मिल गया?’ हताश मां ने कहा.

‘मां शर्मिंदा मत करो. मैं घर आ रही हूं. मुझे मेरी सारी गलतियों के लिए माफ कर दो. क्या हाथ पीले नहीं करोगी अपनी बेटी के?’

मां को अपने कानों पर यकीन ही नहीं हुआ, ‘तू सच कह रही है न, आशु. मजाक तो नहीं कर रही है. तुझे नहीं पता तेरे पापा यह सुन कर कितने खुश होंगे. हर समय तेरी ही चिंता लगी रहती है.’

‘हां मां. मैं सच कह रही हूं. मैं ने देर जरूर की है लेकिन अंधेरा घिरने से पहले सही राह पर पहुंच गई हूं. अब तुम शादी की तैयारियां करो.’

कुछ ही महीनों में आस्था के लिए एक कालेज प्रोफैसर का रिश्ता आया जिस के लिए उस ने हां कह दी. आज बरसों बाद ही सही, आस्था के मांपापा की इच्छा पूरी होने जा रही थी.

‘‘बेटी आस्था.’’ किसी ने आस्था को पीछे से पुकारा और वह अपने वर्तमान में लौटी. वह पलटी, पीछे रंजना मैडम खड़ी थीं. उन के चेहरे पर खुशी की चमक थी, जिसे देख कर आस्था एक अजीब से भय में जकड़ गई क्योंकि मैडम ने तो खत में कुछ और ही लिखा था, लेकिन तभी भय की वह लहर शांत हो गई जब उस ने उन की मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र, हाथों में लाल चूडि़यां देखीं.

‘‘बेटी आस्था, इन से मिलो, ये हैं ब्रिगेडियर राजेश. कुछ दिनों पहले ही मैं ने एक मैट्रिमोनियल एजेंट से अपना जीवनसाथी ढूंढ़ने की बात की थी और फिर क्या था, उस ने मेरी मुलाकात राजेश से करवा दी जोकि आर्मी से रिटायर्ड विधुर थे और अपनी जिंदगी में एकाकी थे. हम ने साथ चलने का फैसला किया और पिछले हफ्ते ही

कोर्ट में रजिस्टर्ड शादी कर ली. इन सब में इतनी व्यस्त थी कि तुम्हें बता भी नहीं पाई.’’

मैडम को ब्रिगेडियर के हाथों में हाथ थामे इतना खुश देख कर आस्था की खुशी का ठिकाना नहीं था. वह खुश थी क्योंकि शादी करने का निर्णय ले कर आखिरकार उस के सारे असमंजस खत्म हो चुके थे.

हरेक का अपना दिल है: भाग 3- स्नेहन आत्महत्या क्यों करना चाहता था

जब मैं ने अपनी बात खत्म की तो जेनिफर बोलने लगी, ‘‘आप की कहानी बेहद दुखी है.  व्यवसाय में सफलता और असफलता सामान्य है, यह बारीबारी से होता है. बड़े से बड़े बिजनैसमैन को भी इस तरह का उतारचढ़ाव का सामना करना ही पड़ता है.

आज की पेशेवर हार आप के लिए एक    झटका सा ही लगेगा जो लगातार जीत ही देखते रहे. लेकिन सम   झदारी इस बात में है कि इस से कैसे बाहर निकला जाए और सफल होने की कोशिश की जाए. यदि आप अपनी पारिवारिक स्थिति के बारे में सोचते हैं, तो कृपया मेरी राय को क्षमा करें मु   झे ऐसा लगता है कि आप के देश में आप परिवार के नाम पर एकदूसरे पर ज्यादा हक जताना चाहते हैं.

‘‘क्या आप जानते हैं कि आप का बेटा नशे का आदी क्यों बना है? आप की बेटी ने आप की मरजी के खिलाफ शादी क्यों की? आप की पत्नी अब अवसाद में क्यों है? क्या आप ने कभी उन के पास बैठ कर इन सभी विषयों के बारे में बातें करने की कोशिश की?’’ उस ने सीधा मु   झ से सवाल पूछा.

मेरे पास जवाब नहीं था, ‘‘मैं ने उन्हें जीवन के लिए आवश्यक सभी सुखसुविधाएं दीं… इस से ज्यादा और क्या करना है मु   झे?’’

‘‘सुखसुविधाएं देने से आप का काम पूरा हो जाता? अगर यह आप की सोच है तो यह सरासर गलत है… मु   झे लगता है कि आप उन तीनों व्यक्तियों को जिन्हें अपना परिवार मानते हैं उन में से किसी को भी आप ने सम   झा ही नहीं.’’

‘‘आप यह क्या कह रही हैं?’’

‘‘आज जो हुआ वह एक मिसाल है आप की लापरवाही की. जब आप को अपनी आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिली तो आप ने आत्महत्या करने का फैसला किया. आप का बेटा ड्रग्स का आदी हो सकता है क्योंकि उसे वह नहीं मिल रहा है जो वह चाहता है. हो सकता है कि आप की बेटी अपने पसंदीदा पति को यह जान कर चुन रही हो कि आप उसे वैसा जीवनसाथी नहीं देंगे जो वह चाहती है. आप की पत्नी भ्रमित हो सकती है क्योंकि उस ने जो चाहा था वह नहीं मिला.’’

‘‘उन की सारी इच्छाएं बिन मांगे मैं ने पूरी कीं,’’ मैं ने गुस्से से कहा.

‘‘यही गलती है. मैं ने कई भारतीय परिवारों में एक पति अपनी पत्नी पर और मातापिता दोनों अपने बच्चों पर अपने विचारों, इच्छाओं और सपनों को थोपते हैं. हम इस से सहमत नहीं हैं…’’

मैं ने जेनिफर को देखा.

‘‘हर एक के पास एक दिल है, स्नेहन. अलगअलग आशाएं, इच्छाएं होती हैं यह मत भूलना. क्या आप ने कभी अपने परिवार वालों से बैठ कर आपस में बात करने के बाद कोई भी फैसला लिया?’’

‘‘नहीं’’ मेरा उत्तर था जिस का मैं ने सिर्फ इशारे में जवाब दिया.

‘‘यहां तक कि आज आप ने जो आत्महत्या का निर्णय लिया है वह भी आप के

अहंकार को ही दर्शाता है. अगर आप इस तरह आत्महत्या कर लेते तो आप की पत्नी पर क्या गुजरती इस बारे में आप ने सोचा? हर इंसान के पास हर विषय के बारे में अपनी एक दृष्टि है. आप की मौत से तुम्हारे परिवार वालों की समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला है.

मौत को गले लगा कर आप ने अपनी समस्या का हल ढूंढ़ निकाला और अपने परिवार वालों की उल   झनों को और बढ़ा दी. यह फैसला भी अपने स्वार्थ की वजह से लिया गया फैसला ही है. अपने देश वापस जाइए और अपने परिवार वालों से दिल खोल कर बात कीजिए. हर समस्या का हल अपनेआप निकल आएगा,’’ जेनिफर ने कहा.

मैं ने जवाब नहीं दिया.

‘‘स्नेहन कुदरत ने आप को मेरे द्वारा नया जन्म दिया है. इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना या न करना आप की मरजी है. हम वास्तव में व्यक्तिगत स्वतंत्रता को महत्त्व देते हैं. औल द बैस्ट…’’ जेनिफर उठकर चली गई.

उस के शब्दों की सचाई ने मुझे, मेरे ज्ञान और मेरे अहंकार सब को जला कर राख कर दिया. मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरा पुनर्जन्म हुआ है. मैं काफी देर तक वहीं बैठा रहा.

थोड़ी देर बाद मैं उठा और फिर से समुद्र की ओर चलने लगा… अब मेरा इरादा बदल चुका था. सागर में चमकता सूरज मेरे मन में नई उम्मीदों की किरण ले कर आया. मु   झे लगा सिर्फ मेरा नहीं हरेक का अपना दिल है और उस की इज्जत करनी चाहिए.

समर से लिपटकर फूट-फूटकर रोएंगी अनुपमा, वनराज लेगा बेटे की मौत का बदला

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ दर्शकों का पसंदीदा सीरियल है. यह धारावाहिक लगातर टीआरपी में नंबर वन बना हुआ है. वहीं सीरियल में अनुपमा की जिंदगी में दुखो का पहाड़ टूट चुका है. ‘अनुपमा’ के करेंट ट्रेक में समर की मौत हो चुकी है. टीवी सीरियल में देखने को मिला था कि क्लब पार्टी में एक अमीर घर के बिगड़े हुए बेटे से अनुज की बहस हो जाती है और फिर दोनों में झगड़ा होता है. क्लब से निकालते ही वह अनुज पर गोली चला देता है लेकिन बीच में समर आ जाता है और उसको गोली लग जाती है. समर की मौत के बाद अनुपमा अपना होश खो देती है तो दूसरी तरफ डिंपल अपने पति को खोकर सदामे चली जाती है.

डिंपल को संभालेगी अनुपमा

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ इस ट्रेक ने हर किसी को इमोशनल कर दिया है वहीं अपकमिग एपिसोड आंसुओं से भरा है. सीरियल में तोषू अनुपमा को समझाएगा कि उसे घर में सबको संभालना है, जिसके बाद अनुपमा को होश आएगा और वह डिंपल के पाल जाएगी. डिंपल बेसुध हालत में दीवार की सहारे बैठी होगी. उसी समय अनुपमा उसके पास जाएगी उसे संभालने की कोशिश करती है. लेकिन डिंपल किसी बात का जवाब नहीं देगी. तब अनुपमा उसे रोने के लिए कहेगी कि उसकी मन की बात बाहर आ जाए. इसी दौरान अनुपमा अपनी बहू से चिल्ला-चिल्लाकर कहेगी, ‘तेरा समर नहीं रहा. मर गया तेरा समर.’ ये एक बात डिंपल को तोड़ देगी और वह फूट-फूटकर रोएगी.

 

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वनराज समर के हत्यारे से लेगा बदला

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ के अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि अनुज वनराज को समर के ऑर्गन डोनेट करने के लिए बोलेगा. इतनी बात सुनकर वनराज सहम जाएगा. इसके बाद दोनों पुलिस से बात करेंगे. वनराज पुलिस ऑफिसर से कहेगा इतनी देर हो गई लेकिन अभी तक कातिल को पकड़ा नहीं गया. तब पुलिस ऑफिसर से वनराज को पता चलेगा कि समर का कातिल बड़े बाप का बेटा है और इसके खिलाफ सबूतों की कमी है. लेकिन यह सुनकर वनराज भड़क जाता है और अपने बेटे के कातिल को खुद से सजा देने की बात करता है. वहीं सीरियल में आगे अनुपमा समर से लिपटकर फूट-फूटकर रोएंगी

भेडि़या: मीना और सीमा की खूबसूरती पर किसकी नजर थी

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7 होम ऐप्लायंसिस काम बनाएं आसान

स्मार्ट ऐप्लायंसिस की हैल्प से आप अपने बचे हुए समय को अपनी हौबी को पूरा करने में इनवैस्ट कर सकती हैं. आप चाहें तो नई स्किल्स भी सीख सकती हैं. ये स्किल्स आप के भविष्य में जरूर काम आएंगी.

आइए, उन स्मार्ट ऐप्लायंसिस के बारे में जानते हैं जिन्हें अपना कर आप अपना समय बचा सकती हैं. इस के साथ ही आप इन ऐप्लायंसिस को अपना कर एक स्मार्ट हाउस मेकर कहलाएंगी.

  1. आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस वाला डिशवाशर

डिशवाशर का इस्तेमाल करने के बहुत फायदे हैं. इस में धुले बरतन साफ, स्वच्छ और बैक्टीरिया फ्री होते हैं. इन पर साबुन की चिकनाई नहीं रहती. एक बार में कई बरतन धो सकते हैं. इस में पानी कम खर्च होता है. इस में धुले बरतनों पर पानी की बूंदें नहीं रहती हैं. सब से जरूरी यह आप का समय बचाता है. डिशवाशर में बरतन धोने डाल कर आप अपने दूसरे काम भी कर सकती हैं.

बात करें कि डिशवाशर कौन सी कंपनी का लें और कहां से खरीदें तो मार्केट में डिशवाशर एलजी, सैमसंग, वोल्टास, वर्लपूल, बुश जैसी कई कंपनियों मिलते हैं. इन की कीमत क्व15 हजार से क्व80 हजार के बीच है. आप इसे औनलाइन साइट से भी खरीद सकती हैं. अमेजन, जियो मार्ट, विशाल मेगा मार्ट, फ्ल्पिकार्ट जैसी औनलाइन साइट्स पर यह आसानी से मिल जाएगा. इन सभी साइट्स पर त्योहारों के समय मेगा सेल भी लगती है.

2. इलैक्ट्रिक आटा गूंधने की मशीन

रोटी खानी है तो आटा तो गूंधना ही पड़ेगा. लेकिन आटा गूंधने की आफत कौन मोल ले. तो चलिए आज हम आप को इस आफत से छुटकारा दिलाते हैं. इलैक्ट्रिक आटा गूंधने की मशीन में आप 3 से 5 मिनट में रोटी और परांठा बनाने के लिए डो तैयार कर सकती हैं. डो बनाने के लिए मशीन के साथ दिए गए जार में आटा और पानी डालें. इस के बाद मशीन औन कर दें. 5 मिनट में आप का डो तैयार हो जाएगा.

वैसे तो मार्केट में आटा गूंधने की कई मशीनें मौजूद हैं. लेकिन आजकल इलैक्ट्रिक डो मेकर मशीन बहुत चलन में है, जिस की कीमत लगभग क्व4 हजार से शुरू होती है. यह मशीन औनलाइन और औफलाइन दोनों ही जगह उपलब्ध है.

इस मशीन को अमेजन, मितरां, फ्ल्पिकार्ट, जियो मार्ट, रसोई शौप, विशाल मेगा मार्ट जैसे औनलाइन प्लेटफौर्म से खरीद सकती हैं. इस के अलावा इसे कंपनी की साइट से भी खरीद सकती हैं. इनलासा, अगारो, कैंट, हैवल्स, होमप्लस मैजिक, क्लिरलाइन, महाराजा, रिको, विनर फेमस आटा मेकर मशीनें हैं. आटा मेकर मशीन को कई और कामों में भी लाया जा सकता है जैसे ब्रैड या पाओ बनाने का डो, क्रीम मिक्स करना आदि.

अगर आप एक बढि़या और टिकाऊ आटा मेकर मशीन खरीदना चाहती हैं तो आप अगारो ब्रैंड का रौयल स्टैंड मिक्सर खरीद सकती हैं. इस की कीमत मात्र क्व6 हजार है. इस में 2023 की जरूरत के हिसाब से सारे फंक्शन मिलते हैं. इस में 1000 वाट की मोटर है. इस में 8 स्पीड सैटिंग और एलईडी इंडिकेटर मौजूद है. कंपनी इस की 2 साल की वारंटी भी देती है.

3. रोटी मेकर मशीन

त्योहारों के समय घर में तरहतरह के पकवान बनाए जाते हैं. किसी को रोटी खानी होती है तो किसी को पूरी और परांठा. ऐसे में सब की डिमांड पूरी करतेकरते आप थक कर चूर हो जाएंगी. वहीं अगर आप जौइंट फैमिली में रहती हैं तो यह आप की रोजमर्रा की प्रौब्लम है. लेकिन आप रोटी मेकर मशीन अपने घर ला कर इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं. यह मशीन आप के घंटों के काम को मिनटों में पूरा कर देगी. यह बहुत कम समय में ढेर सारी रोटियां बनाने का हुनर रखती है.

इस में बस रोटी की लोई रखनी होती है और गरमगरम ताजा रोटीपरांठा सब मिनटों में तैयार हो जाता है. इन इलैक्ट्रिक रोटी मेकर पर नौनस्टिक कोटिंग रहती है, जिस से आप इस पर आसानी से परांठा भी बना सकती हैं. इस के अलावा चीला, डोसा, आमलेट, पापड़ आदि  बनाने के लिए भी रोटी मेकर मशीन का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह रोटी मेकर मशीन बैकलीट हैंडल के साथ आती है, जिस से आप के हाथों के जलने का खतरा नहीं रहता. इस में स्टेनलैस स्टील कवर और डबल इंडिकेटर लैंप भी होते हैं.

ऐसा भी नहीं है कि यह बहुत महंगी हो. इस मशीन की कीमत इतनी है कि यह आप के बजट में फिट हो जाएगी. इस की कीमत क्व18 सौ से शुरू हो कर क्व70 हजार तक होती है. अमेजन, मितरां, फ्ल्पिकार्ड, जियो मार्ट, रसोई शौप और भी बहुत सी शौपिंग साइट्स पर यह आसानी से मिल जाती है. प्रैस्टीज, ऐवरीडे, आईबैल, इलैक्ट्रो स्काई, बजाज, इजहार रोटी मेकर मशीन के कुछ फेमस ब्रैंड हैं.

4. योगर्ट मेकर

कई बार तो देखने में दही अलग और पानी अलग दिखता है. एक समस्या दही के खट्टेपन की होती है. सर्दी में जमने वाले दही में खट्टापन नाममात्र का होता है. इन सारी समस्याओं का समाधान दही मेकर के पास है.

योगर्ट मेकर को आप अमेजन, मितरां, फ्ल्पिकार्ट, रसोई शौप, जियो मार्ट जैसी शौपिंग साइट्स से खरीद सकती हैं. इस के अलावा आप इसे मौल और दुकानों पर जा कर भी खरीद सकती हैं. मार्केट में इस की कीमत क्व500 से शुरू होती है. क्वांटिटी और क्वालिटी के आधार पर इस की कीमत तय होती है.

अगर आप को एक अच्छे और सस्ते योगर्ट मेकर की तलाश है तो आप अगारो कंपनी का योगर्ट मेकर क्लासिक खरीद सकती हैं. इस की कीमत मात्र अगर 599 है. इस में आप को 1.2 लिटर का बाउल मिलेगा, जो चंद घंटों में योगर्ट जमा देगा. इस में बनने वाला योगर्ट मोटा होता है, जिस की वजह से यह टेस्ट में बहुत अच्छा लगता है. यह बिजली से चलने वाला इलैक्ट्रिक योगर्ट मेकर वजन में बहुत हलका है. इसे अमेजन पर बेहतरीन प्रौडक्ट बताया गया है. कस्टमर्स ने भी इस मेकर को अच्छे रिव्यू दिए हैं. मैक्सीमा, एचएसआर, इस्टाकप फेमस कर्ड मेकर ब्रैंड हैं.

5. डोंट वरी ऐलैक्सा है न

मान लीजिए आप किसी से कोई बात करना चाहतीं और आप के आसपास कोई मौजूद नहीं है तो फिक्र न करें ऐलैक्सा है न.

आप ऐलैक्सा से बातचीत भी कर सकती हैं. ऐलैक्सा आप के मूड को भी रिफ्रैश करने का काम करती है. वैसे तो ऐलैक्सा छोटेछोटे काम ही करती है लेकिन यह किसी हैल्पर से कम नहीं है.

अगर बात करें इस की कीमत की तो इस की कीमत क्व3 हजार से शुरू होती है. आप इसे अमेजन से आसानी से खरीद सकती हैं. सब से अच्छी क्वालिटी की ऐलैक्सा इको डोट फोर्थ जैनरेशन की मानी जाती है. जिस की कीमत करीब क्व3,799 है. इस के अलावा इस की फिफ्थ जैनरेशन भी खूब डिमांड में है.

इसे आप अपने फोन और प्ले स्टोर से भी कनैक्ट कर सकती हैं. ऐलैक्सा को आप अपने वाईफाई और हौटस्पौट से भी कनैक्ट कर सकती हैं. आप की भागतीदौड़ती जिंदगी में ऐलैक्सा आप के लिए एक वरदान है.

6. औटो क्लीनिंग स्मार्ट रोबोट

यह स्मार्ट रोबोट यूएसबी चार्जिंग मोड के साथ आता है. यह एक बार चार्ज होने के बाद लगातार 2 घंटे तक बिना रुके काम कर सकता है. इतना ही नहीं यह काम करने के बाद वापस जा कर चार्ज भी होने लगता है. इस का एक फायदा यह भी है कि अगर आप के घर में पैट हैं तो यह उन के गिरे हुए बालों को भी आसानी से क्लीन कर देगा. चाय का दाग हो या जूस का यह सब साफ कर देता है. इस की एक खूबी यह भी है कि अगर इस की सफाई के बीच में कोई सामान आ जाता है तो यह उस से टकराता नहीं है बल्कि अपना रास्ता बदल लेता है.

यह आप के लिविंगरूम, ड्राइंगरूम, किचन, बाथरूम, बैडरूम सभी जगह की अच्छे से सफाई कर सकता है. पैनासोनिक, इंडिगो, द स्टाइल सूत्रा, बूस्ट आईक्यू, थ्री इन वन, प्यूर क्लिन, बेसलैस, बी विनर, ड्रमस्टोन कुछ फेमस औटो क्लीनिंग स्मार्ट रोबोट की कंपनियों के नाम हैं. इस की स्टार्टिंग रेंज क्व2,300 है. इसे किसी भी शौप या शौपिंग साइट से आसानी से खरीदा जा सकता है. अमेजन पर यह आसानी से उपलब्ध है. कस्टमर्स ने इस की रेटिंग भी अच्छी दी है.

7. स्टीम पोर्टेबल क्लीनर

इस स्टीमर की हैल्प से आप किचन के शैल्फ, चिमनी, टाइल्स, काउच, सोफा, ग्लास, वाइपर सैट, पोर्ट की साइड्स, कार के ग्लासेज, कार और बाइक के व्हील बिना ज्यादा मेहनत के साफ कर सकती हैं. इतना ही नहीं इस स्टीमर की हैल्प से आप अपने कपड़े पर स्टीम भी कर सकती हैं. यह कपड़े पर लगे हलके दागों को हटाने में भी मददगार है.

इस क्लीनर के साथ अलगअलग जगह को साफ करने के लिए अलगअलग टूल दिए जाते हैं. इस में कुल 9 टूल दिए जाते हैं. क्व2,699 में यह एक पौकेट फ्रैंडली क्लीनर है, जो न सिर्फ आप के काम को आसान बनाएगा बल्कि यह आप के समय को भी बचाएगा. इसे आप अमेजन, मितरां, फ्ल्पिकार्ट, जियो मार्ट, रसोई शौप से खरीद सकती हैं. आप इसे गूगल पर सर्च कर के अलगअलग शौपिंग साइट्स से भी और्डर कर सकती हैं. एक गैजेट किस तरह से आप की लाइफ आसान कर सकता है यह आप इस गैजेट को खरीद कर जान सकती हैं.

इन स्मार्ट गैजेट्स को इस्तेमाल करने के बाद आप अपनी सहेलियों के बीच एक स्मार्ट हाउस मेकर के नाम से फेमस हो जाएंगी. इस के बाद कोई आप को सिर्फ एक हाउस मेकर नहीं कहेगा बल्कि स्मार्ट हाउस मेकर कहेगा. यह सुनने के बाद आप ज्यादा कौन्फिडैंट फील करेंगी.

कितनी कैलोरी है जरूरी

आप एक दिन में जितनी कैलोरी का सेवन करते हैं उस का असर आप के वजन पर पड़ता है. स्वस्थ रहने एवं वजन नियंत्रण के लिए आप को ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता नहीं होती है. इस के लिए अपनी डाइट में कम कैलोरीयुक्त खानपान की चीजें शामिल करना आवश्यक है, साथ ही वेट लौस ऐक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है.

यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो आप सीआईसीओ यानी ‘कैलोरी इन कैलोरी आउट’ डाइट को अपना सकते हैं.

वजन नियंत्रित करने के लिए कितनी कैलोरी आवश्यक है? इस के लिए सब से पहले अपने बेसल मेटाबौलिक रेट (बीएमआर) की गणना करें, जो आप के शरीर की क्रियाओं जैसे सांस लेने, दिल की धड़कन, पाचन और मांसपेशियों आदि के लिए चाहिए.

अगर आप अपना वजन घटाना चाहते हैं तो अपनी डाइट में कम कैलोरी और वजन बढ़ाने के लिए अधिक कैलोरी को शामिल करें.

सीआईसीओ डाइट क्या है

  •  यह आप के प्रतिदिन कैलोरी इंटेक से जुड़ी डाइट है.
  •  यह वजन घटाने और वजन बढ़ाने दोनों के लिए ही उपयुक्त है क्योंकि यह आप की कैलोरी की खपत को पूरी तरह से नियंत्रित रख सकती है.
  •  जब आप का कैलोरी इन्टेक कम होता है और खपत ज्यादा होती है तो कैलोरी डैफिसिट माना जाता है जिस की वजह से आप का वजन तेजी से कम होता है.
  •  इस डाइट को करने के लिए आप को आप का बीएमआर कैलकुलेट करना पड़ता है. इस के बाद कैलोरी को डैफिसिट करते हैं ताकि आप का वजन कम हो सके. जैसे आप का कैलोरी  इन्टेक 2,000 प्रतिदिन कैलोरी है और आप ने दिनभर में बर्न की 2,500 कैलोरी तो यहां 500 कैलोरी का डैफिसिट है. इस का अर्थ हुआ कि अब आवश्यक 500 कैलोरी आप के शरीर में स्टोर्ड फैट और मसल्स से बर्न होगी और आप का वजन तेजी से कम होने लगेगा.

सीआईसीओ के फायदे

  •  कैलोरी की खपत को नियंत्रित करती है.
  •  इस डाइट को फौलो करने से आप वजन बढ़ाने से बच सकते हैं.
  •  यह डाइट हृदय रोग, अवसाद, कैंसर और सांस की समस्याओं तक कई बीमारियों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है.
  •  शरीर की अतिरिक्त चरबी को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए भी इस डाइट को फौलो किया जा सकता है.
  • इस के अलावा आप औक्सीडेटिव तनाव कम करने और हारमोनल संतुलन बनाए रखने के लिए भी इस डाइट को अपना सकते हैं.

सीआईसीओ के नुकसान

  •  कैलोरी पर बहुत अधिक ध्यान देने से शरीर में महत्त्वपूर्ण पोषक तत्त्वों की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है.
  •  इस डाइट से बालों का ?ाड़ना, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं, हृदय रोग, मस्तिष्क रोग, सूजन और कमजोर रोगप्रतिरोधक क्षमता जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  •  इस के अतिरिक्त कैलोरी की कमी से ऐक्सरसाइज करने में कठिनाई भी हो सकती है.

वजन कम करने के लिए आवश्यक नहीं कि आप अपनी कैलोरी को काउंट करें. आप इस के लिए एक बेहतर डाइट प्लान बना सकते हैं ताकि शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी न हो और कमजोरी महसूस न हो और आप का शरीर स्वस्थ बना रहे.

अपनाएं ये टिप्स

अपने आहार में चुनें ऐसी चीजें जिन की कैलोरी कम हो. चयन करें पोषक तत्त्वों से भरपूर खाना न कि कैलोरी के हिसाब से जैसे लो कैलोरी वाली चीजें चावल, केक, एग व्हाइट आदि की जगह न्यूट्रिशएस फूड को अपने आहार में शामिल करें जैसे फल, सब्जियां, फिश, एग्स, बींस और नट्स.

रहें ऐक्टिव

अपनी कैलोरी को बर्न करने के लिए अपनी हौबी के अनुसार ऐक्टिविटी का चुनाव करें ताकि कैलोरी का डैफिसिट हो सके. अपनी नींद और स्ट्रैस को मैनेज करें. अच्छी नींद और कम तनाव दोनों वजन कम करने में सहायक होते हैं. अत: 7-8 घंटे की साउंड नींद लें और तनाव से दूर रहें.

ढोल पीटने की जरूरत नहीं थी

किसी भी उत्सव पर घरों, दुकानों, दफ्तरों को सजाना आम बात है. दीवाली, ओणम, ईद में तो ऐसा करते ही हैं पर शादी के समय जो कुछ किया जाता है उस से जगह एकदम चमचमा उठती है और मेहमान खुश हो कर आते हैं और वाहवाह कर के जाते हैं. अमीर तो बहुत कुछ करते हैं पर अब गरीब भी देखादेखी ऐसा कुछ करने लगे हैं. आज एक गरीब किसान मजदूर भी शादी पर क्व3-4 लाख खर्च कर डालता है, चाहे पैसा कहीं से भी आए.

भारत सरकार ने नरेंद्र मोदी को उभारने के लिए जी-20 सम्मेलन के लिए ऐसा ही कुछ किया. पूरी दिल्ली को लड़की वालों के घर की तरह सजाया गया और अपनी गरीबी, फटेहाली, बदबू, टूटे मकानों को छिपाने की पूरी कोशिश की गई. नरेंद्र मोदी यह कहते अघाते नहीं कि भारत विश्व की चौथीपांचवीं अर्थव्यवस्था है और इसीलिए बड़ेबड़े नेता आ रहे हैं. खर्च हो रहा है तो वाजिब है मगर यह न समझें कि आने वाले बरातियों को भारत की असलियत नहीं मालूम है.

140 करोड़ लोगों का देश होने की वजह से भारत चौथेपांचवें नंबर पर चाहे हो और उस की अर्थव्यवस्था 3 ट्रिलियन डौलर से ज्यादा हो पर यह न भूलें कि जी-20 की चमकदमक यह नहीं छिपा सकती कि आम भारतीय की आय

2,030 डौलर प्रतिवर्ष है जबकि नंबर 1 देश अमेरिका में प्रति व्यक्ति आय 70 हजार डौलर है, हमारे औसत आदमी से 35 गुना ज्यादा. चीन में भी प्रति व्यक्ति आय 13 हजार डौलर है.

इसीलिए जी-20 पर किया खर्च सिर्फ अपनों को झूठी तसल्ली दिलाने की कोशिश है. गरीब के घर में छक कर खाते बाराती जानते हैं कि चमचम आशियाने के पीछे कैसा जर्जर मकान है और यह शानोशौकत न जाने कितने दिन पेट काट कर सोने की वजह से है.

जी-20 का सरगना होना कोई बड़ी बात नहीं क्योंकि 20 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के इस क्लब में एकएक कर के हर देश मेजबान बनता है. पिछले साल इंडोनेशिया था, अगले साल ब्राजील होगा. दोनों की कुल संपदा कम है पर दोनों के ही नागरिक भारत के नागरिकों से ज्यादा अमीर हैं.

जी-20 ने कोई ऐसा फैसला नहीं लिया है जिस से भारत को कोई फायदा हुआ है. जो बाइडन, ऋषि सुनक आदि से मेलमुलाकातों का मतलब यह नहीं कि वे अब भारत का लोहा मानने लगेंगे. 2003 में भी भारत ने मेजबानी की थी पर तब ऐसा हल्ला नहीं मचाया गया था क्योंकि इस में सभी देशों के राष्ट्रप्रमुख नहीं थे और केवल मं   झले स्तर पर मीटिंगें दिल्ली में हुई थीं.

2007 के बाद राष्ट्रप्रमुख आएंगे यह फैसला किया गया. भारत को जी-20 की चेयरमैन पिछले साल इंडोनेशिया से मिली थी और यह ऐसा नहीं कि हमारे यहां कोई बरात आ रही हो. यह केवल राष्ट्रप्रमुखों की किट्टी पार्टी है जिस में 2-3 के अलावा सब आए और मेजबान के रूप में हम ने सिर्फ ठहरने व खानेपीने की व्यवस्था की.

जो फैसले हुए वे पहले से तय ऐजैंडे पर थे और भारत का कोई दखल नहीं था. रूस के पुतिन नहीं आए और चीन के जिनपिंग भी नहीं आए.

इस मौके पर ढोल पीटने की जरूरत नहीं थी. हां, शहर को सजाना ठीक था पर उस तरह से नहीं जिस तरह किया गया. दिल्ली अब फालतू में कुछ दिन दूसरे शहरों से बहुत चमचमाती नजर आएगी जिस में श्रेय सिर्फ मोटे खर्च का है. गरीब भारतीय ने सूट पहन कर मेजबानी की है.

मेरे होंठ बहुत छोटे हैं और मुझे पाउटेड लिप्स पसंद हैं. मैं क्या करूं?

सवाल

मेरे होंठ बहुत छोटे हैं और मुझे पाउटेड लिप्स पसंद हैं. मैं क्या करूं?

जवाब

आप 1 चम्मच ऐलोवेरा जैल में 1/2 चम्मच कोकोनट औयल डालें. अब 1/2 चम्मच चीनी भी मिक्स कर लें. बहुत ही सौफ्ट ब्रश से अपने होंठों के ऊपर मसाज करें. कुछ ही मिनटों में आप के होंठ पाउटेड नजर आने लग जाएंगे. छोटे लिप्स को जनरली बड़ा करने के लिए आप परमानैंट लिपस्टिक लगवा सकती हैं. इस से आप के होंठ हमेशा बड़े और खूबसूरत नजर आएंगे और साथ में गुलाबी रंग के भी दिखेंगे.

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मेरे चेहरे पर छोटेछोटे ओपन पोर्स हैं जिस से मेकअप करना बहुत खराब लगता है. मेकअप उन के अंदर चला जाता है जो बहुत खराब दिखाई देता है. कोई उपाय बताएं?

ओपन पोर्स को कम करने के लिए हफ्ते में 1 बार इस पैक को लगाएं जिस से आप को फायदा होगा. आप 2 बड़े चम्मच हलका गरम पानी लें. उस में एक डिस्प्रिन की गोली डाल दें और 1 बड़ा चम्मच चावल का आटा मिला लें. इस पैक को फेस पर लगा कर

1/2 घंटा रखें और फिर धो लें. ऐसा हफ्ते में 2 बार करने से 2-3 महीने में आप को रिजल्ट नजर आने लग जाएगा. हर रात को विटामिन ई का कैप्सूल फोड़ कर उस से हलकी मसाज करें. इस से भी फायदा होगा. अगर इस से फायदा न हो तो किसी अच्छे क्लीनिक में जा कर लेजर×यंग स्किन मास्क की फिटिंग लें. इलास्टिन मास्क भी पोर्स को कम करने में फायदा देता है. उसे अप्लाई कर सकती हैं.

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इस फेस्टिवल घर पर बनाएं कोकोनट सूप और राजगिरा हलवा

फेस्टिवल बेहद ही नजदीक आ गया है ऐसे में घर पर क्या बनाएं. चिंता छोड़िए बस झट से घर पर बनाएं कोकोनट सूप और राजगिरा हलवा. आइए इसकी रेसिपी आपको बताते है.

  1. कोकोनट सूप

सामग्री

1. 2 बड़े चम्मच औलिव औयल 

  2. थोड़ा सा प्याज बारीक कटा

  3. थोड़ा सा लहसुन का पेस्ट 

   4. 1 कप मशरूम कटी

   5.  1 कप गाजर लंबे टुकड़ों में कटी 

   6. 1 छोटा चम्मच अदरक का पेस्ट

   7.  1 छोटा चम्मच चीनी

   8. 1/2 छोटा चम्मच कालीमिर्च पाउडर

  9.  सोया सौस

  10.  थोड़ा सा लैमन जेस्ट

   11. 3 कप वैजिटेबल स्टौक 

   12. 2 केन कोकोनट मिल्क

   13.  थोड़ी सी धनियापत्ती

  14.  नीबू के टुकड़े सजाने के लिए

   15. स्वादानुसार नमक.

विधि

एक बड़े बरतन में औलिव औयल ले कर उसे गरम करें. गरम होने पर उस में प्याज, लहसुन का पेस्ट व मशरूम डाल कर 5 मिनट तक चलाएं. फिर इस में बाकी बची सामग्री को अच्छे से मिक्स कर 15-20 मिनट तक पकने के लिए छोड़ दें. बीच में चलाना न छोड़ें. जब अच्छे से पक जाए तो नीबू के टुकड़ों से सजा कर सर्व करें.

2. राजगिरा हलवा

सामग्री

1. 1 कप राजगिरा आटा

 2.  21/2 कप दूध

 3.  8 बड़े चम्मच घी

 4.  1/2 कप चीनी

 5.  थोड़ा सा इलायची पाउडर

 6.  थोड़े से काजू व बादाम कटे हुए.

विधि

एक पैन में धीमी आंच पर दूध पकाएं. पकने पर उस में चीनी डाल कर अच्छी तरह चलाएं. अब एक अन्य पैन में घी गरम कर उस में राजगिरा आटा डाल कर तब तक चलाएं जब तक कि वह सुनहरा न हो जाए. फिर इस में धीरेधीरे दूध डालते हुए धीमी आंच पर थोड़ी देर चलाएं. जब दूध सूख जाए और शीरा घी छोड़ने लगे तब आंच बंद कर इस में इलायची व ड्राईफूट्स डाल कर गरमगरम सर्व करें.

3. गुलाब जामुन

 सामग्री चाशनी बनाने की

1.  1 कप चीनी 

  2. 1 कप पानी

  3.  थोड़ा सा इलायची पाउडर

  4.  1 बड़ा चम्मच नीबू का रस

 5.  2 बड़े चम्मच गुलाब जल.

 सामग्री गुलाबजामुन बनाने की

1. 1 कप मिल्क पाउडर

  2. 4 बड़े चम्मच मैदा

  3.  1 बड़ा चम्मच सूजी

  4.  चुटकीभर बेकिंग सोडा

 5. 1 बड़ा चम्मच घी

6. 1 बड़ा चम्मच दही

7. 4-5 बड़े चम्मच दूध.

अन्य सामग्री

तलने के लिए घी या तेल

 गार्निशिंग के लिए ड्राईफूट्स.

विधि

एक पैन में चीनी व पानी मिला कर धीमी आंच पर तब तक चलाती रहें जब तक वह स्टिकी न हो जाए. फिर इलायची पाउडर डालें. अब क्रिस्टल बनने से रोकने के लिए नीबू का रस डाल ढक कर एक तरफ रख दें. फिर गुलाबजामुन बनाने के लिए एक मिक्सिंग बाउल में मैदा, मिल्क पाउडर, सूजी और बेकिंग सोडा डाल कर अच्छी तरह मिक्स करें. फिर इस में घी व दही मिला कर अच्छी तरह चलाते हुए इस में दूध मिला कर सौफ्ट डो तैयार करें. इस डो की छोटीछोटी बौल्स बना कर उन्हें सुनहरा होने तक तल कर उन्हें गरम चाशनी में डाल कर 40 मिनट के लिए ढक कर रख दें. फिर ड्राईफूट्स से सजा कर सर्व करें.

परख : भाग 3- कैसे बदली एक परिवार की कहानी

‘‘मां, मैं आप के चेहरे से आप की पीड़ा सम झ सकती हूं. आप पापा के पास क्यों नहीं लौट जातीं,’’ एक दिन गौरिका ने मां श्यामला से साफ कह दिया. ‘‘कहना क्या चाहती हो तुम?’’ श्यामला ने प्रश्न किया. ‘‘यही कि इस आयु में मु झ से अधिक पापा को आप की आवश्यकता है.’’

‘‘उस की चिंता तुम न ही करो तो अच्छा है. तुम्हारे पापा ने ही मु झे यहां भेजा है पर यहां आ कर मु झे भी उन की बात सम झ में आने लगी है. तुम्हारे लक्षण ठीक नहीं नजर आ रहे हैं.’’

‘‘ऐसा क्या देख लिया आप ने जो मेरे लक्षण बिगड़ते दिखने लगे? अपने बेटे गुंजन के लक्षणों की कभी चिंता नहीं की आप ने?’’ गौरिका बेहद कटु स्वर में बोली.

‘‘अपने भाई पर इस तरह आरोप लगाते तुम्हें शर्म नहीं आती? मैं जब भी उस से मिलने जाती हूं आसपास के लोग उस की प्रशंसा करते नहीं थकते. जबकि यहां तुम श्याम भैया और नीता भाभी से लड़ झगड़ कर अकेले रहने चली आईं. तुम ही बताओ कि क्लब से नशे में धुत्त लौट कर तुम किस का सम्मान बढ़ा रही हो?’’

‘‘मामाजी और मामीजी से तो आप भी लड़ झगड़ आई हैं. मेरे ऊपर उंगली उठाने से पहले यह तो सोच लिया होता.’’

‘इसी मूर्खता पर तो मैं स्वयं को कोस रही हूं. वे तो तुम्हारे बारे में और कुछ भी बताना चाहते थे पर मैं ही अपनी मूर्खता से उन की बोलती बंद कर आई.’’

‘‘उस के लिए दुखी होने की आवश्यकता नहीं है. मेरे संबंध में कोई बात आप को किसी और से पता चले, उस से अच्छा तो यही होगा कि मैं स्वयं बता दूं. मैं और मेरा सहकर्मी अर्णव साथ रहते हैं. आप आ रही थीं इसलिए वह कुछ दिनों के लिए घर छोड़ कर चला गया है,’’ गौरिका बिना किसी लागलपेट के बोली.

‘‘उफ, यह मैं क्या सुन रही हूं? संस्कारी परिवार है हमारा. ऐसी बातें बिरादरी में फैल गईं तो तुम से कौन विवाह करेगा?’’ श्यामला बदहवास हो उठीं.

‘‘आप उस की चिंता न करो. मैं बिरादरी में विवाह नहीं करने वाली.’’

‘‘ठीक है, साथ ही रहना है तो विवाह क्यों नहीं कर लेते तुम दोनों?’’

‘‘अभी हम एकदूसरे को परख रहे हैं. कुछ समय साथ रहने के बाद यदि हमें लगा कि हम एकदूसरे के लिए बने हैं, तो विवाह की सोचेंगे. वैसे भी विवाह नाम की संस्था में मेरा या अर्णव का कोई विश्वास नहीं है. इस के बिना भी समाज का काम चल सकता है,’’ गौरिका अपनी ही रौ में बहे जा रही थी.

‘‘सम झ में नहीं आ रहा कि मैं रोऊं या हंसूं. तुम्हारे पापा को पता चला तो पता नहीं वे इस सदमे को सह पाएंगे या नहीं,’’ श्यामला रो पड़ीं.

‘‘मम्मी, यह रोनापीटना रहने दो. आप कहो तो अर्णव को यहीं बुला लूं. आप भी उसे जांचपरख लेंगी,’’ गौरिका ने प्रस्ताव रखा.

‘‘तुम्हारा साहस कैसे हुआ मेरे सामने ऐसा बेहूदा प्रस्ताव रखने का?’’ श्यामला की आंखों से चिनगारियां निकलने लगीं.

‘‘ठीक है, आप नाराज मत होइए. भविष्य में कभी ऐसी बात नहीं कहूंगी,’’ श्यामला का क्रोध देख कर गौरिका ने तुरंत पैतरा बदला.

पर श्यामला को चैन कहां था. वे रात भर करवटें बदलती रहीं. कभी बेचैनी से टहलने लगतीं तो कभी प्रलाप करने लगतीं. वे नभेश से बात करने का साहस भी नहीं जुटा पा रही थीं.

रात भर सोचविचार कर वे इस निर्णय पर पहुंचीं कि गौरिका की बात मान लेने में कोई बुराई नहीं है. अर्णव साथ आ कर रहेगा तो वे उस पर दबाव डाल कर उसे विवाह के लिए राजी कर लेंगी. अंतत: उन्होंने अर्णव को साथ रहने की अनुमति दे दी. वह दूसरे ही दिन साथ रहने के लिए आ धमका.

श्यामला को जब भी अवसर मिलता वे दोनों को विवाहबंधन के लाभ गिनातीं पर गौरिका और अर्णव अपने तर्कों द्वारा उन के हर तर्क को काट देते. इतनी मानसिक यातना उन्होंने कभी नहीं झेली थी.

वे मन ही मन इतनी डरी हुई थीं कि सारे प्रकरण की जानकारी नभेश को देने में मन कांप उठता था.

इसी ऊहापोह में कब 3 माह बीत गए, उन्हें पता ही नहीं चला. अपने सभी प्रयत्नों को असफल होते देख कर उन्होंने सारी जानकारी अपने पति को देने का निर्णय लिया. फिर उन्होंने फोन उठाया ही था कि गौरिका का फोन आ गया, ‘‘मम्मी, हम 8-10 सहेलियों ने रात्रि उत्सव का आयोजन किया है. मैं आज रात घर नहीं आऊंगी. कल सुबह मिलेंगे. शुभरात्रि,’’ कह गौरिका ने उन्हें सूचित किया और फोन काट दिया. उन की प्रतिक्रिया जानने का प्रयत्न भी नहीं किया.

‘‘कौन हैं ये सहेलियां जिन के साथ इस पार्टी का आयोजन किया जा रहा है?’’ उन्होंने अर्णव के आते ही प्रश्न किया.

‘‘फेसबुक पर गौरिका की सैकड़ों सहेलियां हैं. मैं कैसे जान सकता हूं कि वह किन के साथ पार्टी कर रही है? सच पूछिए तो हम एकदूसरे के व्यक्तिगत मामलों में दखल नहीं देते,’’ अर्णव ने हाथ खड़े कर दिए तो श्यामला विस्फारित नेत्रों से उसे ताकती रह गईं फिर उन्होंने तुरंत ही फोन पर पूरी जानकारी नभेश को दे दी.

सारी बात सुन कर वे देर तक उन्हें बुराभला कहते रहे. फिर वे काफी देर तक आंसू बहाती रहीं. पर उस दिन उन्हें बहुत दिनों बाद चैन की नींद आई. उन्हें लगा कि शीघ्र ही नभेश आ कर उन्हें इस यंत्रणा से मुक्ति दिला देंगे. वे बहुत गहरी नींद में थीं जब फोन की घंटी बजी, ‘‘हैलो, कौन?’’ उन्होंने उनींदे स्वर में पूछा. ‘‘जी मैं सुषमा, गौरिका की सहेली. हम लोग खापी कर मस्ती करने सड़क पर निकले थे.

गौरिका कार पर नियंत्रण नहीं रख सकी. उस की कार कुछ राह चलते लोगों पर चढ़ गई. हम मानसी पुलिस स्टेशन में हैं. आप अर्णव के साथ तुरंत वहां पहुंचिए.’’ बदहवास श्यामला ने अर्णव के कमरे का दरवाजा पीट डाला. अर्णव के दरवाजा खोलते ही उन्होंने पूरी बात बता दी. ‘‘ठीक है, मैं तैयार हो कर आता हूं,’’ और फिर दरवाजा बंद कर लिया. कुछ देर बाद दरवाजा खुला तो अर्णव अपने दोनों हाथों में सूटकेस थामे खड़ा था. ‘‘अरे बेटा, इस सब की क्या जरूरत है?’’ श्यामला ने प्रश्न किया.

‘‘आंटी, क्षमा कीजए. मैं आप के साथ नहीं जा रहा. मेरा एक सम्मानित परिवार है. मैं पुलिस, कचहरी के चक्कर में पड़ कर उन्हें ठेस नहीं पहुंचा सकता. मैं यह घर छोड़ कर जा रहा हूं. आप जानें और आप की सिरफिरी बेटी,’’ क्रोधित स्वर में बोल अर्णव बाहर निकल गया. जब तक श्यामला कुछ बोल पातीं वह कार स्टार्ट कर जा चुका था. उस अंधकार में उन्हें श्याम की ही याद आई. फोन पर ही उन्होंने क्षमायाचना की और सहायता करने का आग्रह किया. श्याम ने उन्हें धीरज बंधाया. आश्वासन दिया कि वे तुरंत पहुंच रहे हैं. रिसीवर रख श्यामला वहीं बैठ गईं. उन के आंसू थे कि थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे. द्य

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