BB17: अंकिता लोखंडे-विकी जैन के रिश्ते में आई दरार, फूट-फूटकर रोईं एक्ट्रेस

सलमान खान का कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस 17 का आगज हो चुका है. प्रीमियर नाइट से ही शो में कंटेस्टेंट्स के बीच में काफी बवाल देखने को मिल रहा है. वहीं शो में 17 कंटेस्टेंट्स ने भाग लिया है. बिग बॉस 17 में एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे अपने पति विकी जैन के साथ आई है. ये दोनों ही टीवी स्टार है वैसे माना जा रहा था कि अंकिता शो में गर्दा उड़ा देंगी लेकिन वह इस शो में कहीं नजर नहीं आ रही है. एक्ट्रेस कुछ खास करती नजर नहीं आ रही. विकी जैन बिग बॉस 17 में काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे है लेकिन अंकिता शो में कहीं खो गई है. वहीं अब इस शो में विकी और अंकिता के बीच गलतफहमियां भी शुरु हो गई है, जिसे वजह से एक्ट्रेस रोती नजर आई.

फूट-फूटकर रोईं अंकिता लोखंडे

बता दें कि, बिग बॉस का नया प्रोमो आ चुका है जिसमें अंकिता लोखंडे रोती नजर आ रही है. इस प्रोमो में देखा जा सकता है कि अंकिता अपने पति विकी से काफी नाराज है. विकी शो में हर एक कंटेस्टेंट्स के पास उठ-बैठ रहे है और इसी वजह से वह अंकिता को पहले जितना टाइम नहीं दे पा रहे. ऐसे में अंकिता बिग बॉस 17 के हाउस में अकेली फील कर रहीं है. प्रोमो में अंकिता बोलती नजर आ रही हैं, ‘मुझे दुख कोई दूसरा नहीं दे सकता. मुझे हर्ट अपने ही कर सकते हैं. तुम्हारे पास मेरे लिए टाइम ही नहीं है. तुम इस खेल के लिए परफेक्ट हो. मुझे घर जाना है.’ अंकिता की ये बात सुनकर विक्की जैन भी थोड़ा मायूस नजर हो जाते हैं और अपनी लविंग वाइफ को मनाने में लग जाते हैं.

 

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बिग बॉस ने अंकिता को दिखाया रास्ता

बिग बॉस 17 के बीते एपिसोड में देखने को मिला कि बिग बॉस थेरेपी के लिए अंकिता लोखंडे को बुलाते है, उनको खेल का रास्ता दिखाते है. थेरेपी रुम में बुलाकर बिग बॉस ने अंकिता से कहा, अंकिता शो में भीड़ का हिस्सा बनती हुई नजर आ रही हैं, इसके बाद बिग बॉस ने उन्हें एक ऑडियो सुनाया जिसमें उनकी ही आवाज सुनाई जा रही थी. अंकिता थेरेपी रुम में अपनी आवाज सुनकर एकदम शांत और इमोशनल हो जाती है. इस तरह से बिग बॉस उन्हें खेल में आगे आकर खेलने की सलाह देते है.

YRKKH: इस दिन आखिरी शूट करेंगी प्रणाली राठौड़, अक्षु की बेटी बनेंगी ये हसीना

टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ आज भी दर्शकों के बीच छाया हुआ है. इसकी खासी पॉपुलैरिटी की वजह से कई सालों से ये टीवी सीरियल टीआरपी में आगे बना हुआ है. हर्षद चौपड़ा और प्रणाली राठौड़ स्टारर सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में इन दिनों काफी हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है, शो में जल्द ही लीप आने वाला है. हालांकि इससे पहले मेकर्स कई सारे नए ट्विस्ट लेकर आने वाले है. इस सीरियल में हर्षद चौपड़ा और प्रणाली राठौड़ लीड रोल निभा रहे है. प्रणाली अक्षरा के किरदार में टेलीविजन पर छाई हुई हैं. इसी के साथ हर्षद चौपड़ा ने भी दर्शकों का दिल जीता है. सीरियल में जल्द ही लीप आने के बाद ये दोनो कलाकर शो को अलविदा कह देंगे.

प्रणाली राठौड़ का आखिरी शूट

टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ से जुडी तमाम खबरे सामने आ चुकी है. हर्षद चोपड़ा 30 अक्टूबर को अपना आखिरी एपिसोड शूट करेंगे. इसके साथ ही अभिमन्यु का चैप्टर इस शो से खत्म हो जाएगा और हर्षद चोपड़ा सीरियल से दूरी बना लेंगे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीरियल में प्रणाली राठौड़ की भी मौत होगी. दावा है कि प्रणाली राठौड़ 14 नवंबर के आसपास अपना आखिरी एपिसोड शूट करेंगी. इसके बाद वह भी सीरियल को अलविदा कह देंगी. प्रणलाी राठौड़ के बाद सीरियल प्रणाली की बेटी नायरा पर चलेगा. बता दें कि, इस किरदार के लिए मेकर्स ने कई एक्ट्रेसेस को अप्रोच किया है. हालांकि खबरों के मुताबिक हैली शाह का नाम सामने आ रहा है, लेकिन एक्ट्रेस ने अभी तक इस पर चुप्पी तोड़ी नहीं है.

 

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इन एक्टर्स को भी किया गया है अप्रोच

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शो के मेकर्स रणदीप राय के नाम पर विचार कर रहे हैं, इसी के साथ फहमान खान, हैली शाह, निहारिका चौकसे समेत कई एक्टर्स को अप्रोच किया है. दावा ये भी किया गया कि मेकर्स ने महिमा मकवाना को भी अप्रोच किया है लेकिन इस पर एक्ट्रेस ने चुप्पी तोड़ी और कहा ये सब झूठ है. वह इस सीरियल को ज्वाइन नहीं कर रही.

Festival Special: लेजी गर्ल वर्कआउट टिप्स

एक अनुशासन जीवन किसी भी मनुष्य के  लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है, और एक जब स्वस्थ जीवन जीने की बात आती है, तो अनुशासन ही सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. आपके खाने की आदतों से लेकर आपके पूरा दिन चर्य में आप क्या करते है, हर विशेषता के लिए अनुशासन की आवश्यकता होती है. और इन सभी के बीच,मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन  है आलस्य. यह न केवल हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक है बल्कि यह हमारे कई कामों में भी  बाधाा बनकर हमारे सामने आ जाता है. यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो अक्सर आलस्य का शिकार रहते हैं तो आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स और अभ्यास बतायंगे जो आपकी जीवन शैली को पूरी तरह से बदलने में आपकी मदद जरूर करेगा.

जब भी कसरत करने की बात आती है तो हम सभी कसरत करने से बचते रहते है, तरह तरह के बहाने बनाते है. आसल बात तो यह है की हमे कसरत करने से कभी भी नहीं भागना चाहिए. कसरत से हम एक्टिव और लाइट फील करते है, रोज़ाना कसरत करने से हमारे शरीर के सभी रोग  भी दूर हो जाते है.

जब व्यायाम करने की बात आती है, तो आलस्य को हरा देने का सबसे अच्छा तरीका है की हम कुछ फ्रेश और एनर्जेटिक सॉन्ग सुने जिससे हमारे शरीर में एनर्जी आ जाएं. गाने/ सौन्ग  हमारे लिए हमेशा ही एक थेरेपी के रूप में काम करते  है जो की एक सकारात्मक उत्तेजना के रूप में काम करता है, मन को शुद्ध करता है और रक्त परिसंचरण में सुधार भी करता है, जिसके परिणामस्वरूप उच्च स्तर की ऊर्जा हमारे अंदर आ जाती है.

हमें अपने दिमाग से सबसे पहले यह निकाल देने की जरूरत है की एक्सरसाइज का मतलब केवल यह नहीं होता है की हमें घंटो जिम में पसीने बहाने की ज रूरत है , बोरिंग खाना-खाना शुरू कर देने की ज़रूरत है. अक्सर लोग जिम में जाकर कसरत करने से कन्फ्यूज हो जाते हैं. यहां, व्यायाम का अर्थ है  की अपने  शरीर को शारीरिक तौर पर एक्टिव बनाए रखना है , जिससे हमारा रक्त परिसंचरण  संतुलन में रहे और आपको अंदर और बाहर बेहतर महसूस करने में मदद करते हैं.  फिटनेस विशेषज्ञों और हेड कोच औफ अर्बन अखाड़ा विकास डबास का मानना है की, व्यायाम का दिमाग के कामकाज से सीधा संबंध है.

15 मिनट या उससे कम में करने के लिए 4 आसान व्यायाम

  1. आर्म सर्कल्स

फर्श पर अपनी हथेलियों के साथ अपनी बाहों को ’T’ तक फैलाएँ. 30 सेकंड के लिए अपनी भुजाओं को गोलाकार गति में घुमाएं.

  1. नी पुश-अप

इस तरह के एक्सरसाइज में आपको अपने दोनों नीज़ को ज़मीन रखना है, पुश अप्स करने के लिए सबसे पहले अपने हाथों को फर्श पर रखें. ध्यान रहे कि आपके दोनों हाथ कंधों के नीचे होने चाहिए. अब अपनी कुहनियों को मोड़ें और सीने को फर्श के नजदीक लाएं. फिर वापस उसी स्थिति में लौट आएं. 60 सेकंड के लिए शुरू और दोहराएं.

  1. रस्सी कूदना

अपनी फिटनेस को बनाये रखने के लिए रस्सी कूदना सबसे आसान एक्टिविटी में से एक है. रस्सी कूदने से कुछ ही मिनटों में आपके पुरे शरीर की अच्छी कसरत हो जाती  है.

  1. सीढ़ी चढ़े और उतरे

अगर आप घर से निकलना पसंद नहीं करती है तो आप घर में ही अपनी एक्स्ट्रा कैलोरीज बर्न कर सकती है. बस अपना मनपसंदीदा ट्रैक लगाए और अपनी घर की सीढ़ियों पर लगातार 60 सेकंड के लिए बिना रुके ऊपर-निचे दौड़े. अपने आलसपन को दूर हटाने के लिए औफिस में लंच के बाद तुरंत न बैठे करीब 10 से 12 मिनट तक थोड़ा चल कर काम करे और रोजाना लगभग 20 मिनट तक पैदल चले. अगर आप फोन पर बातें ज्यादा करते है तो कोशिश करें की घर की छत या गार्डन में चलते चलते बात करें केवल ही जगह बैठ कर बात न करें.

Diwali Special: झटपट बनाएं आटे की Rasmalai

छेने की रसमलाई तो आपने खुब खाया होगा और बनाया भी. लेकिन क्या आपने कभी आटे की रसमलाई बनाई है. नहीं ना. तो यूं बनाए आटे की रसमलाई

सामग्री

कवर के लिए आटा 250 ग्राम

घी 1 बड़ा चम्मच

पिसी शक्कर 50 ग्राम

इलायची पावडर 1 छोटा चम्मच

भरावन के लिए

बारीक कटी मेवा 1 छोटी कटोरी

रबड़ी के लिए

फूल क्रीम दूध 2 लीटर

शक्कर 2 टेबल स्पून

केसर के धागे 3

सजाने के लिए पिस्ता कतरन 1 चम्मच

बादाम 8-10

विधि

आटे को घी में गुलाबी भूनकर शक्कर और 1 गिलास पानी डालकर गाढ़ा हलवा तैयार करें.

दूध को शक्कर और केसर के धागे डालकर आधा रहने तक उबालें. इसे ठंडा होने दें.

एक बड़ा चम्मच हलवा लेकर हथेली पर फैलाएं और इसके अंदर एक चम्मच मेवा रखकर चारों ओर से बंद करके हाथ से हल्का-सा चपटा करें.

गरम तवे पर एक चम्मच घी लगाकर दोनों ओर सुनहरा होने तक सेकें. इन्हें गरम-गरम ही तैयार रबड़ी में डालें. ऊपर से पिस्ता कतरन और बादाम से सजाकर सर्व करें.

धुआं-धुआं सा: भाग 3- क्या था विशाखा का फैसला

यह कह कर वह मेरी अचरजभरी आंखों में झांकने लगा. उस की शरारती नज़रों को अपनी ओर ऐसे ताकते देख मेरी दृष्टि झुक गई. मुझे लगा जैसे मेरे कपोल कुछ गुलाबी हो गए.

राघव की खुद को पहचान कर अपनाने की हिम्मत मुझे अकसर हैरान कर देती. मुझे लगता कि मैं ने अपनी आधी ज़िंदगी के बाद खुद को पहचाना. इस से बेहतर रहता कि किशोरावस्था में ही अपनी असलियत का आभास मुझे भी हो जाता. परंतु जब मैं जवानी की दहलीज़ चढ़ रहा था तब इतनी जागरूकता, इतना खुलापन और इतना एक्स्पोज़र कहां था. आजकल की पीढ़ी कितनी स्मार्ट है. राघव के ऊपर मुझे गर्व होने लगता.

सबकुछ कितना सुखद चल रहा था. मेरे पास मेरा प्यार था और मेरा परिवार भी. परंतु समय की मंशा कुछ और थी. विशाखा को राघव के बारे में मैं ने ही बताया. अब वह केवल मेरी पत्नी नहीं, बल्कि मेरी सब से अच्छी दोस्त भी थी. मुझे लगा था कि मेरी खुशी में ही उस की खुशी है. मुझे प्रसन्न देख कर वह भी झूम उठेगी. लेकिन हुआ इस का उलटा.

“तुम ऐसा कैसे कर सकते हो? मेरे साथ बेवफाई करते तुम्हें शर्म नहीं आई?” मेरी बात सुनते ही विशाखा बिफर पड़ी.

“पर मैं तुम्हें अपनी सचाई बता चुका हूं. मैं ने तो सोचा था कि तुम… खैर छोड़ो. अब तुम चाहती क्या हो?” उस की प्रतिक्रिया पर मेरा हैरान होना लाजिमी था. अब तक मेरे पूरे जीवन में मेरे हृदय की दीवारें सीलन से भरभराती रहीं. अब जब वहां ज़रा सी किरणें जगमगाने लगीं तो विशाखा का यह रुख मेरी कोमल संवेदनाओं के रेशमी तारों को निर्दयता से झकझोरने लगा. “तुम ही कहो कब तक मैं आदर्शवादिता का नकाब पहने रहूं? अब मेरे अंदर पसरा सूनापन मुझे डसता है,” मेरे इस कथन से शायद हम दोनों के रिश्ते के बीच फैला धुआं थोड़ा और गहरा गया.

विशाखा मंथर गति से अपना सिर हिलाती रही. उस की निगाहें नीचे फर्श पर टिकी थीं. “तुम मेरी मनोस्थिति नहीं समझ पा रहे हो. या शायद तुम्हें अपना सुख अधिक प्रिय हो गया है. कभीकभी लगता है कि काश, तुम ने अपनी सचाई मुझे कभी बताई ही न होती,” विशाखा ने एक ठंडी आह भरी, “आसमान के काले बादलों के साथ तो मैं जी रही थी पर अब लगता है जैसे उन के बीच से चमकती तेज़ बिजली निकल कर हमारे रिश्ते पर गिर गई है.”

सच, पिछले कुछ समय से हमारा रिश्ता हिमशिला जैसा हो चला था, ठंडा, बेजान, रंगहीन. मैं वाकई अपने नए सुख में खो गया था. घर की ज़िम्मेदारी निभाता तो सही, लेकिन बेमन से, जल्दीजल्दी. बच्चों की ज़िम्मेदारी, उन की शिक्षा का भार, उन का स्वास्थ्य – शारीरिक और भावनात्मक, पूरी तरह से विशाखा के जिम्मे आन पड़ा. मेरी पूर्ति केवल आर्थिक सहायता दे कर हो जाने लगी. इसीलिए संभवतया आजकल विशाखा का स्वभाव क्षणे रुष्टा, क्षणे तुष्टा, तुष्टा रुष्टा क्षणे क्षणे हो चला था. अब हमारे बीच वार्त्तालाप भी कम ही होता.

जब मैं ये बातें राघव से साझा करता तो वह विशाखा के प्रति नारीसुलभ ईर्ष्या से भर उठता. “सच परेशान हो सकता है, पराजित नहीं,” वह निर्भीकता से कहता ताकि मेरी हिम्मत ढीली न पड़ जाए.

खैर, मेरा जीवन अच्छा ही चल रहा था. मुझे अपना प्यार मिल गया था. अब तक जो कमी थी जीवन में, वह पूरी हो रही थी. लेकिन विशाखा की इस में क्या गलती थी? उस के साथ जो हुआ, जो हो रहा था, उसे मैं भी गलत कहूंगा. मैं समझ रहा था कि वह खुद को छला हुआ अनुभव कर रही थी. अब वह अकसर मेरे साथ झगड़ने लगी थी. बातबेबात बहस करती, बच्चों के सामने भी लिहाज न करती. मैं चाहे जितना भी परिस्थिति को टालने का प्रयास करूं, विशाखा का पूरा प्रयत्न यही होता कि झगड़ा हो जाए. मुझे लगने लगा कि इन झगड़ों के बहाने वह अपने अंदर की भड़ास निकालती है.

जो भी हो, बच्चों पर इस का कुप्रभाव दिखाई देने लगा. दोनों बच्चे चिढ़चिढ़े होने लगे. अकसर अपने दोस्तों से लड़ कर घर आते. पढ़ाई में भी उन का ध्यान कम लगने लगा और नंबर गिरने लगे. जब भी बात करते, चिल्ला कर करते. किसी बात का सीधा उत्तर न देते. मुझे स्पष्ट हो गया कि हमारे बिगड़ते रिश्ते का धुआं अब हमारे बच्चों की मानसिकता को भी धूमिल करने लगा है. मैं ने इस बाबत विशाखा से साफ बात करने का निश्चय किया.

“तुम ने ध्यान दिया होगा कि हमारे बदलते रिश्ते का कितना खराब असर हमारे बच्चों पर पड़ रहा है,” मैं ने दोटूक शब्दों में कह डाला. ज़्यादा कुछ कहने को था नहीं मेरे पास. आखिर मैं अपनी दुनिया में मगन हो चुका था और विशाखा अकेले हम दोनों की गृहस्थी का बोझ ढोने को विवश थी.

“मुझे खुशी हुई कि तुम ने भी ध्यान दिया हमारे बच्चों पर,” उस ने ‘हमारे’ शब्द पर खास ज़ोर देते हुए कहा.

“देखो विशाखा, मैं समझता हूं कि तुम्हारे साथ भी उतना ही गलत हुआ है जितना मेरे साथ. मेरा अनुमान था कि मेरी इस नई ज़िंदगी के उजागर होने पर पहला वर्ष कठिन रहेगा. हम दोनों इस नए सत्य को अपनाने का प्रयास करेंगे. हमारी उलझी हुई भावनाओं से हमारा सरोकार होगा. हमारी शादी पर इस का प्रभाव पड़ेगा. पता नहीं तुम इस के लिए मुझे कितना जिम्मेदार मानोगी… ज़िंदगी के इस मोड़ पर तुम्हारी ज़िंदगी को यों बदल देने के लिए मुझे माफ कर पाओगी या नहीं,” मैं अपनी रौ में बेसाख्ता कहता जा रहा था. मेरे लिए कहना आसान था क्योंकि मैं अपने नए जीवन की नई खुशियां बिना किसी चिंता के बटोर रहा था. जब राघव से मिलने जाता, बच्चों से कह देता एक अंकल के घर जा रह हूं, फ्रैंड हैं. बाकी विशाखा संभाल लेती. वह असलियत जानती है, स्वीकार चुकी है, इस बात की एक बड़ी निश्चिंतता थी मेरे मन में.

“मैं ने इस विषय पर काफी मनन किया है. रोज़ करती हूं, हर पल,” विशाखा ने उदासीन मुद्रा में कहा, “मेरा मानना था कि सचाई जो कुछ भी हो, हम दोनों की शादी पर इस की आंच नहीं पड़ेगी. क्या होगा, ज़्यादा से ज़्यादा हमारी सैक्सलाइफ खराब रहेगी. पर वह तो वैसी ही रही, हमेशा से. मगर बच्चों के सिर पर पिता का साया बना रहेगा. तो चलने देती हूं जैसा चल रहा है. लेकिन जब तुम ने राघव के बारे में बताया… राघव के बारे में जान कर मुझे अच्छा नहीं लगा. मुझे जलन होने लगी तुम से. आखिर इस अधूरी शादी में 2 बच्चों की ज़िम्मेदारी के साथ मैं तो कैद हो गई न! और तुम्हें दोनों जहानों की खुशी मिल रही है – समाज में एक भरेपूरे परिवार की इज्ज़त और अकेले में अपना हमदम. तुम्हारे पास सबकुछ है – एक बीवी, 2 बच्चे और अपना प्यार. लेकिन मेरे पास क्या है? मुझे क्या मिला?” विशाखा चुप हो कर मुझे देखने लगी.

मेरी नज़र झुक गई. उस ने आगे कहना जारी रखा, “मेरे दिल और दिमाग की इस जंग में जीत मेरे दिमाग की हुई. तुम मूव औन कर चुके हो. मुझे भी करना चाहिए. करना ही होगा. एक साथ रह कर दुखी रहा जाए, इस से बेहतर है कि अलग रह कर सुखी जीवन जिएं.”

हम दोनों अगले कुछ पलों के लिए एकदूसरे का हाथ थामे खामोश बैठे रहे. हम दोनों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि इस स्थिति से निकलने हेतु तलाक ले कर अलग रहने में ही भलाई है. लेकिन एक रिश्ता खत्म होने जा रहा था. पूरी रात हम दोनों अपनेअपने बिस्तरों के किनारे करवटें बदलते रहे.

सुबह तक काफी कुछ स्थिर हो चुका था. मेरे मन में कुछ बातें बैठ गईं थीं- मैं आर्थिक सहायता करता रहूंगा, मेरे सामने होते हुए भी साथ न होने पर जो तकलीफ विशाखा को होती है, वह अब नहीं होगी, बच्चों पर पड़ रहे दुष्प्रभाव का अंत हो सकेगा. विशाखा भी आज कुछ हलकी सी प्रतीत हो रही थी, मानो उस के अंदर छाया धुआं भी मन की तलहटी में बैठ चुका हो.

बच्चों को समझाने का निश्चय भी हम ने एकसाथ किया. बच्चे अभी छोटे ही थे- तीसरी, चौथी में पढ़ने वाले.

“उन्हें कैसे समझाएंगे यह बात?” मेरे प्रश्न पर विशाखा हौले से मुसकराई, बोली, “उन्हें कारण से अधिक इस निर्णय का उन के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताना आवश्यक है. बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं, बहुतकुछ समझ जाते हैं. मैं बात करती हूं.” यह कह कर उस ने बच्चों को हमारे कमरे में पुकारा. उन की मां ने उन से साफसरल शब्दों में कहा कि साथ रह कर मम्मीपापा झगड़ते हैं और यह जैसे बच्चों को अच्छा नहीं लगता वैसे ही मम्मी और पापा को भी नहीं लगता. इस का एक उपाय सोचा है और वह है कि अब हम लोग अलग घरों में रहें. क्योंकि कई बार दूर रहने से एक अच्छा-सुखी जीवन मिल सकता है. “इसलिए अब से बच्चा पार्टी रहेगी इस घर में मम्मी के साथ. पापा हर वीकैंड आया करेंगे, बाकी के दिन रहेंगे औफिस के पास. तो अब से बच्चों के दो मम्मीपापा और दो घर, हुर्रे,” कह कर अपनी बात रखने से बच्चों ने विशाखा की बात को सकारात्मक ढंग से लिया.

क्या वाकई यह इतना आसान था, जिस चिंता में मेरा अंतर्मन घुला जा रहा था, क्या उस का समाधान केवल एक बातचीत थी, कह नहीं सकता. संभवतया भविष्य में बच्चों के तीखे प्रश्न हमें घेरें. हो सकता है वह भविष्य अधिक दूर न हो या फिर उस की दस्तक सुनाई देने में कुछ वर्ष लग जाएं… लेकिन अभी से उस समय की कल्पना करना बेमानी लग रहा है. आज को आज में ही रहने देते हैं, वह आज, जिसे विशाखा और मैं ने मिल कर बनाया है.

सोचता हूं न मेरी गलती, न विशाखा की. फिर भी हम दोनों ने दोषारोपण किया. दोनों दुखी, दोनों आहत. फिर भी दोनों ने एक सख्त मुखौटा चढ़ाए रखा. लेकिन कहते हैं न, देर आए दुरुस्त आए. कोई इंसान अपनी सैक्सुएलिटी को चुनता नहीं है, वह तो प्रकृतिप्रदत्त है. हर इंसान अलग है, लेकिन कोई किसी से कमतर नहीं. शुक्र है, हम दोनों ने अपनी ज़िंदगियों को वापस पटरी पर खींच लिया क्योंकि हमारी ज़िंदगियों से केवल हम ही नहीं जुड़े, और भी कुछ लोग हैं जो हमारे साथ रोतेमुसकराते हैं.

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Bigg Boss 17: मुनव्वर ने हटाया अनुराग के सबसे बड़े राज से पर्दा

सलमान खान का सबसे कंट्रोवर्शियल टीवी रियलिटी शो बिग बॉस का आगज हो चुका है. बीते रविवार 15 अक्टूबर को बिग बॉस 17 शुरु हुआ. अभी कंटेस्टेंट्स सेटल होना शुरु हो गए. इसी के साथ में घर में लड़ाइयां देखने को मिलने लगी है. धीरे-धीरे सभी कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे को समझना स्टार्ट कर दिया है. कोई दोस्त बनता जा रहा है तो कोई दुश्मन. बीबी हाउस में अभी फिलहाल दो कंटेस्टेंट्स के बीच लड़ाई देखने को मिली. एक तो यूके राइडर यानि अनुराग डोभाल और मुनव्वर फारूकी. दोनों ही दमदार कंटेस्टेंट्स लग रहे है. दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ नजर आ रहे है. दरअसल, घर की ड्यूटीज को लेकर दोनों के बीच लड़ाई होना शुरु हो गई और यह लड़ाई देखते ही देखते काफी बढ़ गई.

जिगना-अभिषेक से शुरू हुआ मामला

बिग बॉस 17 के लाइव वीड में दिखाया गया कि जिगना और अभिषेक के बीच कहा-सुनी होती है. जिगना अभिषेक को बोलती है जाकर बर्तन धो आप. अभिषेक साफ मना कर देता है फिर दोनों के बीच बहस शुरु हो जाती है. दोनों की लड़ाई जब बढ़ जाती है तो दिमाग वाले मकान से अनुराग डोभाल आते है और बिग बॉस ने उन्हें पहले ही राइट्स दे रखे है ड्यूटी बांटने को. अनुराग अभिषेक से कहते है कि तुझे काम करना ही होगा क्योंकि सब काम कर रहे है.

 

मुनव्वर और अनुराग की बहस

इसके बाद मुनव्वर अभिषेक के सपोर्ट में आते है और बोलते है जब तक आप हमे ड्यूटी दोगे नहीं तो हमें पता नहीं चलेगा हमे करना क्या है तो आप सबको पहले ड्यूटी दो. तो आप जाकर जिगना को बोल दो कि ये ड्यूटी नहीं करेगा. अब क्योंकि अनुराग को ड्यूटी बांटने की जिम्मेदारी दी गई है तो वह जाकर सबको कुछ न कुछ बोल रहे है. तभी मुनव्वर अनुराग से पूछते है कि आप सब से पूछ रहे है कि काम किया है या नही तो आप बताओं की आप ने कितना काम किया.

इस पर अनुराग कहते है कि मैं क्यों बताऊं, मैंने बहुत चाजें की है, मुझे याद नहीं है. मुनव्वर कहते है कि बेटा तू झूठ बोल रहा है, तूने रात को बोला मैंने बर्तन धोए मैं भी अब हर कंटेस्टेंट्स से पूछता हूं कि तूने बर्तन धोए या नहीं. इस पर अनुराग कहते है कि मुझे याद नहीं है मैंने ऐसे ही कह दिया. इस पर मुनव्वर कहते है कि बेटा तुम कुछ नहीं कर रहे बस यहां से वहां जा कर सबसे पूछ रहे हो कि आप ये काम करो, वो काम करो. इसके बाद अनुराग के खिलाफ कई घर वाले नजर आए.

Anupamaa: किंजल तोड़ेगीं शाह परिवार को,अनुपमा की जिंदगी में आएगी नई आफत

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ में इन दिनों काफी इमोशनल ड्रामा चल रहा है. समर की मौत के बाद शो में मातम छाया हुआ है. इसी के साथ वनराज की मानसिक हालत धीरे-धीरे खराब हो रहे है. रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर इस सीरियल के बीते एपिसोड में देखने के लिए मिला था कि अनुपमा और अनुज के बीच चीजें धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं. वहीं दूसरी ओर डॉक्टर की तरफ से वनराज की मानसिक स्थिति के बारे में बताया जाता है. जिसकी वजह से शाह हाउस में सब परेशान हो जाते है.

शाह परिवार से अलग होगी किंजल

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर इस सीरियल में देखने को मिलेगा कि अनुपमा अपने बेटे समर की याद में नवरात्रि की तैयारियां करती हैं. वह अपने मन ही मन में कहती है तुम वापिस आ जाओ. तुम पोता-पोती बनकर जल्दी आ जाओ. वहीं दूसरी ओर देखने को मिलेगा कि किंजल शाह परिवार को छोड़ने का प्लान कर चुकी है. वह तोषू को समझाती है हम यूके शिफ्ट हो रहे है. घर का ये महौल मैं बर्दाशत नहीं कर पा रही हूं. कोर्ट केस के अलावा फैमिली भी हमसे नाराज है. घर-घर जैसा नहीं लगता. किंजल की बात सुनकर तोषू मान जाता है और दोनों फैसला करते है नवरात्रि के दौरान परिवार वालों को बता देंगे.

 

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अनुज की हालत होगी खराब

टीवी सीरियल ‘अनुपमा’ के अपकमिंग एपिसोड में आगे देखने को मिलेगा कि अनुज और अनुपमा अपने रुम में पुराने दिनों को याद करने लगते हैं. तभी अनुज हॉल में सोने चला जाता है. इसी दौरान अनुज को बुरे-बुरे ख्याल आते है. उसे आवाजें आती है, जिसमें सभी लोग उसे समर की मौत के जिम्मेदार उसे बताते है. ये बाते सुनकर अनुज की हालत खराब होने लगती है. इसके बाद वहां मौजूद मालती देवी अनुज को ठीक करने का फैसला लेती है.

 

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शाह परिवार फंस जाएगा

रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ में आगे देखने को मिलेगा कि वनराज सुबह-सुबह घर से गायब हो जाता है. घर के सभी लोग उसे ढूंढ़ते है. वनराज सीधा उस जगह पर पहुंच जाता है, जहां समर की मौत हुई थी. वह वहां सबसे हाथापाई करता है, लेकिन अनुपमा और अनुज आकर उसे रोक लेते हैं. इसके बाद समर की मौत के कातिल का राजनेता पिता भी वहां पहुंच जाता है और वनराज को बाते सुनाता है. इस दौरान वनराज का गुस्सा उस पर फूट पड़ता है. इस पूरे सीन का वीडियो एक तरफ बन रहा होता है, जिसका नुकसान शाह परिवार और अनुपमा को होगा.

Diwali Special: त्योहार के पहले और बाद में त्वचा की देखभाल के लिए कुछ खास टिप्स

दिवाली का त्यौहार आने ही वाला है, ऐसे में खुद की देखभाल कुछ ऐसे करें, ताकि देखने वाला भी हतप्रभ हो जाय. कोविड 19 के बाद इस बार दिवाली की जश्न, मौजमस्ती हर बार से कुछ अलग और खास है, इसलिए इसे बेहतर तरीके से मनाने से आप की ख़ुशी कई गुना बढ़ सकती है. इस बारें में मुंबई की कोकिलाबेन धीरूबाई अम्बानी हॉस्पिटल की कंसलटेंट, ट्राइकोलॉजिस्ट और एस्थेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ तृप्ति अग्रवाल कहती है कि सबसे अलग और सुंदर दिखने के लिए कुछ ख़ास बातों पर ध्यान दे, जिससे आपकी त्वचा नर्म और मुलायम होने के साथ आकर्षक भी लगेगी. कुछ टिप्स निम्न है,

क्लीन्ज़िंग, टोनिंग, मॉइश्चराइज़िंग और सनस्क्रीन्स

चेहरा ही आपका पहला इम्प्रेशन होता है, इसलिए स्क्रबिंग, क्लीन्ज़िंग, टोनिंग और मॉइश्चराइज़िंग (सीटीएम) रूटीन हर दिन करें. सीटीएम के बाद त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाना ज़रूरी है. आसान, तेज़ और असरदार स्किनकेयर रूटीन के लिए एसपीएफ वाले मॉइश्चराइज़र जैसे मल्टी-पर्पज़ ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल कर सकती है.

भोजन और पानी

चमकदार त्वचा के लिए हर दिन कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पिए, फलों और पत्तेदार सब्ज़ियों वाला संतुलित डाइट लें और खाने में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन को शामिल करें. त्वचा जवां दिखेगी और रिंकल्स, लाइन्स भी कम होंगी.

वर्कआउट

नियमित व्यायाम से त्वचा के रोम छिद्र साफ़ होने में मदद मिलती है, इससे शरीर से सभी पोल्यूटेंट्स पसीने के साथ निकल जाते हैं. हफ्ते में कम से कम 3 से 4 बार 45 से 60 मिनटों तक वर्कआउट करें. त्वचा की समस्याओं को टालने का यही सबसे अधिक प्रभावशाली उपाय है.

बालों की देखभाल

स्वस्थ और चमकदार त्वचा के साथ नर्म, मुलायम और चमकदार केश होना आवश्यक है. इसके लिए पहले से सही देखभाल करना ज़रूरी है. एक अच्छा हेयर कट करवा लें, शैम्पू, कंडीशनिंग और ऑइलिंग करें, तेल लगाकर शैम्पू करें, बाल धोने के लिए गर्म पानी न लें, बहुत ज़्यादा हेयर प्रॉडक्ट्स और स्टाइलिंग के लिए हीट का इस्तेमाल करने से बचें.

नींद

हर रात 7 से 8 घंटे नींद लेने से आपकी त्वचा को अनवाइंड करने में मदद मिलती है, जब आप सोते हैं, तब आपकी त्वचा कोलेजेन को फिर से पैदा करती है और युवी किरणों के कारण हुए किसी भी नुकसान की मरम्मत करती है.

शीट मास्क्स

स्वस्थ त्वचा विकसित करने के लिए वक्त लगता है. संतुलित आहार, नियमित कसरत और सबसे ब्रांडेड स्किनकेयर उत्पादों का हर दिन इस्तेमाल त्वचा के अनुसार कर सकती है, लेकिन अगर किसी दिन आपकी त्वचा बहुत ही बेजान दिख रही है लेकिन आपको तुरंत उसे फिक्स करना है, तो शीट मास्क का इस्तेमाल कर सकती है, जब भी आपकी त्वचा कम स्वस्थ दिखती है, तब शीट मास्क्स बूस्टर की तरह काम करते हैं, शीट मास्क स्किन की हाइड्रेशन में सुधार ला सकते हैं, इससे जवां, चमकदार त्वचा और मुलायम त्वचा कम समय में मिल जाती है.

घरेलु नुस्खे

घरेलु नुस्खों का इस्तेमाल समय-समय पर त्वचा की हर दिन की देखभाल करते रहना ज़रूरी है. कुछ घरेलू नुस्खे निम्न है,

आपकी त्वचा जिस प्रकार की है उसके अनुसार नेचुरल फेस पैक चुनें, बेसन, रोज़ वॉटर, हल्दी, एलो वेरा जेल, हनी और दूध आदि से बना फेस पैक आपकी त्वचा को नुकसानदेह केमिकल्स से बचा सकता है. त्वचा के टिश्यूज़ के इलाज में फेस पैक मददगार साबित हो सकते हैं और आपके रूप को निखार सकते हैं.

त्यौहार के बाद त्वचा की देखभाल

  • देर रात तक जागना, तला हुआ, मीठा खाना आपकी त्वचा के लिए नुकसानदेह होता है. आपकी त्वचा रूखी और बेजान दिखने लगती है. त्वचा की अच्छी देखभाल करना और त्वचा के लिए नुकसानदेह प्रसंगों के बाद स्किनकेयर रूटीन को फिर से शुरू करना ज़रूरी है.
  • त्वचा को सबसे ज़्यादा ब्रेक की जरुरत होती है. इसके लिए आराम करें, तनाव कम करें और कॉस्मेटिक्स से बचें. त्वचा में किसी प्रकार की इरिटेशन होने पर उसका सही तरीके से एक्सपर्ट से इलाज करवाएं. इससे आपकी त्वचा को खुलकर सांस लेने का मौका मिलेगा.
  • एक्सफोलिएट से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ने और डेड सेल्स को हटाने में मदद मिलती है.
  • पानी की मात्रा बढ़ाइए, त्वचा को अच्छा बनाए रखने के लिए संतुलित आहार लीजिए और पर्याप्त नींद लीजिए. अल्कोहल से बचें और अपनी त्वचा को फिर से नयी बनने का मौका दें. इससे आपके शरीर और त्वचा के डेटॉक्सिफिकेशन और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिलती है.
  • विटामिन सी, ई और रिच ऑयल्स जैसे त्वचा को मॉइश्चराइज़ और हाइड्रेट करने वाले स्किनकेयर आइटम्स का इस्तेमाल करें.
  • स्टीम लेने से त्वचा के छिद्र साफ़ होने और एक्ने से बचने में मदद मिल सकती है.
  • अच्छी नींद लें और पर्याप्त आराम करें.
  • हाइड्रेटिंग शीट मास्क्स का इस्तेमाल करें.

8 फेस्टिव सीजन किचिन क्लीनिंग हैक्स

फेस्टिव सीजन प्रारम्भ हो चुका है इन दिनों एक तरफ जहां गरबे की धूम रहती है वहीँ घरों में साफ सफाई का कार्यक्रम भी जोरों पर रहता है. हर घर में किचिन का सबसे अहम स्थान रहता है यह एक ऐसा स्थान होता है जहां पर परिवार के प्रत्येक सदस्य की पसंद नापसंद का ध्यान रखा जाता है. किचिन की ऊपरी सफाई तो आमतौर पर वेक्यूम क्लीनर या फिर किसी कर्मचारी के द्वारा करवाई जा सकती है परन्तु सबसे अहम होता है किचिन के केबिनेट्स, कम प्रयोग में आने वाले कांच और विभिन्न मेटल्स के बर्तनों और केबिनेट्स की साफ़ सफाई. इन्हें हम स्वयं ही साफ़ करना पसंद करते हैं ताकि ये टूटने से बचे रहें और अच्छी तरह साफ़ भी हो सकें. आज हम आपको ऐसे ही कुछ क्लीनिंग हैक्स बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी सफाई को काफी आसान बना सकते हैं.

  1. मेयोनीज और गर्म पानी 

शहद, कॉफ़ी, वेनेगर, सॉसेज जैसे अन्य अनेकों खाद्य पदार्थों के अनेकों जार्स और बोतलें हमारी किचिन में एकत्र हो जाते हैं इनका लेबल हटाने के लिए एक लीटर गर्म पानी में इन्हें 3-4 घंटे के लिए डाल दें और फिर इन्हें स्क्रब से रगड़ दें लेबल पूरी तरह निकल जायेगा. आप इनके लेबल पर मेयोनीज रगडकर भी लेबल को आसानी से निकाल सकते हैं. अब इन खाली जार्स में आप ग्रोसरी भर सकते हैं या फिर इनका उपयोग फ्लोवर पॉट की तरह भी किया जा सकता है.

2. सिल्वर फॉयल और बेकिंग सोडा

आजकल सिल्वर फॉयल आमतौर पर हर किचिन में होता है. स्टील, लोहा, तांबा जैसे सभी धातुओं के पुराने बर्तन चमकाने के लिए आप 1 चम्मच बेकिंग सोडा को 1 चम्मच पानी में घोल लें. इसे बर्तन पर लगाकर 5 मिनट के लिए रख दें और फिर सिल्वर फॉयल से रगड़ दें. अंत में साफ़ पानी से धोएं बरतन एकदम नए जैसे चमक उठेंगें.

3. कार वैक्स और न्यूज पेपर

त्यौहार पर हमारे घरों में बहुत ज्यादा कुकिंग होती है जिससे गैस चूल्हा सबसे ज्यादा गंदा होता है. यदि आपका गैस चूल्हा कांच का है तो इस पर कार वेक्स की एक परत चढ़ा दें हल्के गीले कपड़े से साफ कर दें चूल्हा एकदम नया सा चमक जायेगा. यदि आपका चूल्हा स्टील का है तो बेकिंग सोडा और नीबू से रगड़ कर न्यूज पेपर से अच्छी तरह पोंछ दें. चूल्हा चमक जायेगा.

4. वेनेगर और बेकिंग सोडा

दूध, सब्जी या चावल से जले बर्तनों को साफ़ करने के या बर्तनों के पुराने दाग धब्बों को हटाने के लिए पानी में वेनेगर डालकर उबालें जब पानी ठंडा हो जाये तो स बेकिंग सोडा मिलाकर स्क्रब कर दें. आप एपल साइडर, व्हाइट, गन्ने या जामुन में से कोई भी वेनेगर का प्रयोग कर सकतीं हैं.

5. व्हाइट वेनेगर

कांच के बर्तनों को चमकाने के लिए आप 1 लीटर पानी में 1 टीस्पून वेनेगर मिलाकर सॉफ्ट स्पंज से बर्तनों को हल्के हाथ से रगड़ें फिर साफ पानी से धोकर सॉफ्ट सूती से कपड़े से पोंछ दें. कम प्रयोग में आने वाले बर्तनों को न्यूज पेपर में लपेटकर रखें.

6. नीबू का रस

माइक्रोवेब को साफ करने के लिए 1 लीटर पानी को माइक्रोवेब सेफ बाउल में डालें, इसमें 2 नीबू का रस निचोड़ कर नीबू के छिल्कों को भी इसमें डाल दें. अब इसमें पानी में माइक्रोवेब मोड पर 10 मिनट पर सेट कर दें. 10 मिनट बाद बाउल को निकाल दें और माइक्रोवेब को सूती कपड़े से अच्छी तरह पोंछ दें. बचे नीबू के पानी से टर्न टेबल को रगड़ कर साफ़ करें और पोंछकर माइक्रोवेब में रख दें.

7. सैंड पेपर और मशीन का तेल

किचिन  केबिनेट्स में सीलन और नमी के कारण जंग लग जाती है जिससे वे ठीक से काम नहीं करतीं और प्रयोग के समय बार अटकती हैं. सफाई के दौरान एक सैंड पेपर से केबिनेट्स के दोनों साइड्स पर लगे रनर्स को अच्छी तरह रगड़ें ताकि इनकी पूरी जंग निकल जाये अब इन पर हल्का सा मशीन आयल लगाकर 2-3 बार अंदर बहर करें ताकि आयल पूरे रनर पर अच्छी तरह लग जाये. इसके बाद आपकी केबिनेट बहुत स्मूथली रन करने लगेगी.

8. घी और तेल

कुछ घरों में भोजन पकाने के लिए मिटटी और लोहे के बर्तनों का प्रयोग किया जाता है. इनमें पकाया गया खाना स्वास्थवर्धक तो होता है पर इन्हें साफ करना काफी चुनौती भरा काम होता है. लोहे के तवा, कढ़ाई आदि को नीबू का रस, इमली, दही या फिर वेनेगर से रगडकर साफ़ करें. इसे धोने के तुरंत बाद सूती कपड़े से इस तरह पोछें कि इसमें जरा भी नमी न रहे अंत में 1 बूँद तेल बर्तन पर अच्छी तरह चुपड़ दें इससे लम्बे समय तक बर्तन में जंग नहीं लगेगी. मिटटी के बर्तनों को सर्फ के घोल से बहुत हल्के हाथ से धोएं, साफ़ पानी से धोकर पोंछें और थोडा सा घी चुपड़ दें. मिटटी के बर्तन लम्बे समय तक साफ और सुगन्धित रहेगा.

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