Father’s day 2023: मेरे पापा

दो शब्दों में सिमटी दुनिया मेरी क्या कहूं, क्या लिखूं समझ नहीं आ रहा. शुक्रिया शब्द तो बहुत छोटा है आपकी दी हुई परवरिश और संस्कार के सामने. पिता और बेटी का रिश्ता बड़ा अनोखा होता हैं. दोनों लड़ते भी बहुत है और प्यार भी असीमित होता है. मुझे याद है पापा जब मैं आपसे गुस्सा हो जाती थी तो खाना नहीं खाती थी और मम्मी कहती थी मत खाने दो, लेकिन आप जब तक मुझे कुछ खिला नहीं देते थे सोते नहीं थे. मम्मी कहती बहुत सिर चढ़ा रखा है इसको.

आपसे से सीखा खुद पर भरोसा करना…

आप से मैंने सीखा कैसे रिश्तों मे प्यार और अपनापन बना कर रखा जाये. आपसे सीखा विपरीत परिस्थितियों में भी कैसे हंसकर जिया जा सकता है. हमारी जिदंगी में भी एक तूफान आया था ना पापा लेकिन आपने कभी भी भगवान के ऊपर से अपना विश्वास नहीं उठने दिया और शायद इसी भरोसे की वजह से आज हम उस तूफान से निकलकर किनारे पर आ गये. उन विपरीत परिस्थितियों में भी आप सकारात्मक रहे ये बहुत बडी बात थी. आपके जैसे ही मजबूत बनाना चाहती हूं मैं पापा.

पूरी की भाई की लव-स्टोरी…

आपने कभी भी हमें किसी तरह की कोई कमी नहीं रहने दी चाहे खुद कैसे भी रहे और हां एक बात और मुझे तो भाई की शादी के दस साल बाद पता चला की आपने भाभी की कुंडली भाई की कुंडली से मिलाने के लिए पंडित को मनाया था क्योंकि अगर कुंडली नहीं मिलती तो माताजी मना कर देती और उन दोनों की लव स्टोरी अधूरी रह जाती. पर अब तो मम्मी को भी पता है और इस बात पर मम्मी को भी बहुत हंसी आती हैं. पर वाकई भाभी है बहुत अच्छी सबको साथ लेकर चलने वाली. थैंक्स पापा हर एक कदम पर हम सभी का साथ देने के लिए. और मेरी प्यारी सी मम्मी का हमेशा ध्यान रखने के लिए.

हर कदम पर संभाला…

याद है पापा, जब मैं छोटी थी चलना, बोलना और बाक़ी सब कुछ देरी से सीखा मैंने पर आपने और मम्मी ने हिम्मत नहीं हारी. मुझे याद है मेरा एक तिपहिया लकड़ी वाला खिलौना था साइकिल जैसा जिस पर आप मुझे चलना सिखाते थे. कई बार गिरी साईकिल से, चोट लगी पर आपने हर बार संभाला जैसे आज संभाल लेते हो और जब पहली बार चलना सीखा तो आपकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था.

अक्सर बच्चे पहला शब्द “मां” बोलते हैं, पर मैंने जो पहला वर्ड सीखा वो “पा, पा और जाने कितनी बार बोला हुआ पा शब्द था शायद इसलिए आप मेरे बेहद क़रीब हो. जब भी आप स्कूल में बच्चों से कहते कि “आप सब मेरे लिए अपने बच्चों जैसे हो” तो मुझे लगता मेरे हिस्से का प्यार बंट रहा है पर जब बड़ी हुई तो अपने बचपन की बात सोच बहुत हंसी आती है.

जिम्मेदारी नहीं होती बेटियां…

मेरे बचपन से लेकर अब तक मेरी ज़िन्दगी के हर उतार-चढ़ाव में आपने और मम्मा ने मेरा साथ दिया हैं , और आप जब हमेशा कहते हो “तू, क्यों चिंता करती है, तेरा पापा है न तेरे लिए हमेशा “तो हमेशा सोचती हूं हर बेटी को आपके जैसे पेरेंट्स मिले ताकि बेटियां कभी उसके माता-पिता को परायी न लगे, न शादी से पहले न शादी के बाद. आप और मम्मी हर उन माता -पिता के लिए उदाहरण हो जो ये सोचते हैं कि बेटियों की जिम्मेदारी शादी के बाद पूरी हो जाती है. काश हर कोई आपकी तरह सोचे कि बेटियां जिम्मेदारी नहीं होती, उन्हें बुरे वक्त में जिम्मेदार बनाना माता-पिता का फर्ज होता हैं.

सबके लिए एक मिसाल हो आप…
आपके और मेरे कई बार मतभेद हुए, कई बातों में आज भी हैं पर प्यार हमेशा मतभेद और झगड़े के बाद बढ़ाता ही है. काश ऐसा हर रिश्ते में होता तो कोई रिश्ता टूटने के कगार पर नहीं आता कभी. वैसे तो कहते हैं कि बेटियां पिता के करीब होती हैं, दिल का टुकड़ा होती है एक पिता के लिए, पर जब कन्या भ्रूण हत्या की बात आती हैं तब एक पिता का अपनी अजन्मी बच्ची के लिए प्यार कहां चला जाता है. पापा आप हर उस शख्स के लिए उदहारण हो जो सोचता हैं कि “बेटियां बोझ होती हैं, बस पराया धन होती है”. बचपन से अब तक सबने मुझमे आपकी ही परछाई देखीं हैं, सब यही कहते “अंजलि, तू बिलकुल सर के जैसी है ” तो लगता इससे बेहतर कौम्पलिमेंट तो हो ही नहीं सकता और आज भी ये मेरी ज़िंदगी का सबसे बेहतरीन कौम्पलिमेंट है. आप ही मेरे रोल मौडल, मेरे हीरो, सुपरमैन, वैलेंटाइन, बेस्टेस्ट फ्रेंड, मेरे सांता क्लौस, मेरे सब कुछ हो. मेरी पूरी दुनिया बस दो ही शब्दों में सिमटी है “पापा”. (शिक्षक) तो हो ही पर मेरी तो पहली पाठशाला भी आप ही हो. जब कभी जीवन में मेरे मुश्किल आई बस आपका और मम्मी का चेहरा ही हमेशा सामने दिखता ये कहते हुए कि “तू तो मेरी शेर बेटी है ना, बहादुर बेटी है न और यही शब्द मेरी डूबती नाव की खिवय्या बन जाते.

आपने कभी जताया नहीं पर मैं महसूस कर सकती हूं कि मेरे जीवन में जो उतार-चढ़ाव आप दोनों ने देखे उससे बहुत तकलीफ हुई है आपको ठीक वैसे जैसे बचपन में अगर बीमार पड़ जाती तो आंखों-आंखों में आप और मम्मी मेरे सिरहाने बैठे रहते पर मुझे महसूस नहीं होने देते कि मेरी बीमारी से आप बीमार महसूस कर रहे हो.

गर्व है आप पर पापा…

जब कभी साथ पढ़े हुए साथी मिल जाते या जब भी मुझे सब कहते कि “हमारा भविष्य बनाने में सर का बहुत बड़ा योगदान है” या जब कभी कोई आपका पढ़ाया हुआ विद्यार्थी पढ़-लिखकर ऊंचा ओहदा पाकर कहता कि “ये सब हमारे सर, हमारे गुरु की वजह से हैं” तो बहुत गर्व होता है आप पर पापा.

बच्चे के लिए तो हर मां-बाप करते हैं, पर आपने अपने शिक्षक होने का फ़र्ज बखूबी निभाया. देश के भविष्य में योगदान देने के लिए अपने विद्यार्थियों को भी कामयाब और क़ाबिल इंसान बनाया. आपके और मम्मी के रूप में भगवान ने मुझे सबसे बड़ा तोहफा दिया है, जिसे पाकर मैं गर्व महसूस करती हूं हमेशा. अपने पिता और शिक्षक के लिए जितना कहूं उतना कम है इसलिए यही कहूंगी की इन दो शब्दों में ही सिमटी हुई है मेरी ज़िंदगी.

हर गलती के लिए सौरी पापा…

जाने-अनजाने में बहुत सी गलतियां की होंगी, बहुत बार दिल दुखाया होगा आपका पर बाद में खुद पर ही गुस्सा हो जाती की भला क्यों दुखी किया, पर सब बेवकूफियों के लिए सौरी पापा जैसे हमेशा कान पकड़ कर कहती हूं “सौरी, पापा”

हमारे बच्चों के साथ आप भी बच्चे बन जाते हो, बच्चों को कैसे रखा जाता है कोई आपसे सीखें. आप एक अच्छे पिता, अच्छे जीवनसाथी, अच्छे दादा और नाना हो. हैप्पी फादर्स डे पापा.

कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न

यौन उत्पीड़न एक तरह का व्यवहार है. इसे यौन प्रकृति के एक अवांछित व्यवहार के रूप में परिभाषित किया गया है. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न दुनिया में एक व्यापक समस्या है चाहे वह विकसित राष्ट्र हो या विकासशील राष्ट्र या अविकसित राष्ट्र, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हर जगह आम है. यह पुरुषों और महिलाओं दोनों पर नकारात्मक प्रभाव देने वाली एक सार्वभौमिक समस्या है. यह विशेष रूप से महिला लिंग के साथ अधिक हो रहा है.

कोई कितना भी बचाव, निषेध, रोकथाम और उपचार देने का प्रयास करता है, फिर भी ऐसा उल्लंघन हमेशा होता रहता है. यह महिलाओं के खिलाफ अपराध है, जिन्हें समाज का सबसे कमजोर तबका माना जाता है. इसलिए उन्हें कन्या भ्रूण हत्या, मानव तस्करी, पीछा करना, यौन शोषण, यौन उत्पीड़न से लेकर सबसे जघन्य अपराध बलात्कार तक, इन सभी प्रतिरक्षाओं को सहना पड़ता है. किसी व्यक्ति को उसके लिंग के कारण परेशान करना गैरकानूनी है.

 

यौन उत्पीड़न अवांछित यौन व्यवहार है, जिससे किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने की उम्मीद की जा सकती है जो आहत, अपमानित या डरा हुआ महसूस करता है. यह शारीरिक, मौखिक और लिखित भी हो सकता है.

यौन उत्पीड़न में कई चीज़ें शामिल हैं:

  • वास्तविक या बलात्कार का प्रयास या यौन हमला.
  • जानबूझकर छूना, झुकना, मुड़ना या चुटकी बजाना.
  • चिढ़ाना, चुटकुले, टिप्पणी, या प्रश्न.
  • किसी पर सीटी बजाना.
  • किसी कर्मचारी के कपड़े, बाल या शरीर को छूना.
  • किसी अन्य व्यक्ति के आसपास खुद को यौन रूप से छूना या रगड़ना.

कार्यस्थल छोड़ने का मुख्य कारण :

सितंबर 2022 में जारी यूएनडीपी जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, भारत में काम करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 2021 में लगभग 36% से घटकर 2022 में 33% हो गया। कई प्रकाशनों ने कई मूल कारणों की पहचान की, जिनमें महामारी, घरेलू दायित्वों में वृद्धि और शादी एक बाधा के रूप में शामिल है. लेकिन क्या यही एकमात्र कारण हैं? नहीं, जिन अंतर्निहित कारणों पर हम अक्सर विचार करने में विफल रहे हैं उनमें से एक कार्यस्थल में उत्पीड़न है, जिसके कारण महिलाएं या तो कार्यबल छोड़ देती हैं या इसमें प्रवेश करने के लिए अनिच्छुक होती हैं.

महिलाओं ने वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनकर, सरकारी, निजी और गैर-लाभकारी क्षेत्रों में काम करके समाज के मानकों को तोड़ने की कोशिश की है, जो उन्हें मालिकों, सहकर्मियों और तीसरे पक्ष से उत्पीड़न के लिए उजागर करता है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, कार्यस्थल या कार्यालय में यौन उत्पीड़न के 418 मामले दर्ज किए गए. लेकिन ये संख्या केवल एक उत्पीड़न को इंगित करती है. अधिकांश लोगों का मानना है कि कार्यस्थल उत्पीड़न केवल यौन प्रकृति का हो सकता है लेकिन वास्तव में, विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न से संबंधित विभिन्न श्रेणियां हैं, जो सभी कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रभावित करती हैं, जिससे अपमान और मानसिक यातना होती है जिसके परिणामस्वरूप उनकी कार्य क्षमता में कमी आती है और काम से छूटना होता है.

कुछ महिलाएं अभी भी कार्यस्थल में उत्पीड़न के खिलाफ कारवाही करने से डरती हैं. उन्ही महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की कुछ उल्लेखनीय शिकायतें जो राष्ट्रीय सुर्खियों में आईं, निम्नलिखित द्वारा दायर की गईं:

  1. रूपन देव बजाज, (आईएएस अधिकारी), चंडीगढ़ ने ‘सुपर कॉप’ के.पी.एस. गिल के खिलाफ की शिकायत.
  2. देहरादून में पर्यावरण मंत्री के खिलाफ अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ की एक कार्यकर्ता ने शिकायत की दर्ज.
  3. मुंबई में अपने सहयोगी महेश कुमार लाला के खिलाफ एक एयरहोस्टेस ने की कंप्लेन.

शिकायत कैसे दर्ज कर सकते हैं :

  • शिकायत घटना के 3 महीने के भीतर लिखित रूप में की जानी चाहिए. घटनाओं की श्रृंखला के मामले में, पिछली घटना के 3 महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए. वैध परिस्थितियों पर समय सीमा को और तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है.
  • शिकायतकर्ताओं के अनुरोध पर, जांच शुरू करने से पहले समिति सुलह में मध्यस्थता करने के लिए कदम उठा सकती है. शारीरिक/मानसिक अक्षमता, मृत्यु या अन्य किसी स्थिति में कानूनी उत्तराधिकारी महिला की ओर से शिकायत कर सकता है.
  • शिकायतकर्ता जांच अवधि के दौरान स्थानांतरण (स्वयं या प्रतिवादी के लिए) 3 महीने की छुट्टी या अन्य राहत के लिए कह सकता है.
  • जांच शिकायत के दिन से 90 दिनों की अवधि के भीतर पूरी की जानी चाहिए। गैर-अनुपालन दंडनीय है.

धूप में जाने की वजह से मेरे चेहरे पर बहुत टैनिंग हो गई है, मै क्या करूं?

सवाल-

मैं 18 वर्षीय युवती हूं. धूप में जाने की वजह से मेरे चेहरे पर बहुत टैनिंग हो गई है. मैं ब्लीच का प्रयोग करना चाहती हूं पर ब्लीच के बारे में अधिक जानकारी नहीं है. कृपया बताएं किस त्वचा पर कौन से ब्लीच का प्रयोग बेहतर रहेगा?

जवाब-

अगर त्वचा सैंसिटिव है तो उसे लैक्टो ब्लीच का प्रयोग करना चाहिए. लैक्टो ब्लीच हार्श नहीं होता, इसलिए इस से त्वचा पर ऐलर्जी होने के चांस कम होते हैं. औक्सी ब्लीच हर प्रकार की त्वचा के लिए उपयुक्त रहता है, जबकि गोरी रंगत वालों के लिए केसर युक्त ब्लीच बेहतर रहता है. गहरे रंग वालों को पर्ल ब्लीच का प्रयोग करना चाहिए. अगर किसी खास अवसर जैसे शादी, पार्टी के लिए ब्लीच का प्रयोग करना चाहती हैं तो इंस्टैंट ग्लो के लिए गोल्ड ब्लीच का प्रयोग करें.

ये भी पढ़ें- 

गर्मियों के मौसम में अधिकतर लोगों को धूप में बैठना पसंद होता है. कई बार ज्यादा समय तक धूप में बैठने से टैनिंग की समस्या भी हो जाती है. गर्मी का मौसम दस्‍तक दे चुका है, ऐसे में हम आपको बता रहे हैं टैन से राहत पाने के कुछ कारगर तरीके.

गर्मियों की कड़ी धूप से टैन होता है. लेकिन, शायद ही लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि उनकी यह कयावद उन्‍हें टैनिंग की परेशानी दे सकती है. स्किन टैन या सनबर्न की समस्‍या सर्दियों में भी हो सकती हैं. इसलिए स्किन एक्सपर्ट सर्दियों में भी हमेशा बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन का उपयोग करने की सलाह देते हैं. सूर्य की पराबैंगनी किरणें इस मौमस में भी आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं. कुछ साधारण घरेलू उपचार  गर्मियों के मौसम में स्किन टैन से राहत देने मददगार साबित हो सकते हैं.

1. नहाना

जब टैन आपकी स्किन की बाहरी परत पर हो जाए, तो रोज नहाने से पुरानी स्किन कोशिकाओं को निकालने में मदद करती है. टैन दूर करने के लिए आप नहाते समय सोप का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. गर्म पानी से स्नान करने से टैन जल्दी ठीक होता है. यह ध्यान रखें कि नहाने का पानी ज्यादा गर्म न हो. ज्‍यादा गर्म पानी आपकी स्किन को खुश्क बना सकता है.

2. शहद-नींबू

स्किन से टैनिंग हटाने के लिए शहद बहुत फायदेमंद है. नींबू के रस में शहद मिलाकर इसे टैन हुई स्किन पर लगाएं, टैनिंग से राहत मिलेगी.

Father’s Day 2023: पिता का नाम- एक बच्चा मां के नाम से क्यों नहीं जाना जाता

family story in hindi

अपने जैसे लोग: भाग 1-नीरज के मन में कैसी शंका थी

इस नए फ्लैट में आए हमें 6 महीने हो गए हैं. आते ही जैसे एक नई जिंदगी मिल गई है. कितना अच्छा लग रहा है यहां. खुला व स्वच्छ वातावरण, एक ही डिजाइन के बने 10-12 पंक्तियों में खड़े एक ही रंग से पुते फ्लैट. सामने लंबाचौड़ा खुला पार्क, जिस में शाम के समय खेलने के लिए बच्चों की भीड़ लगी रहती है. पार्क से ही लगती हुई दूरदूर तक फैली सांवली, नई बनी चिकनी नागिन सी सड़क, जिस पर एकाध कार के सिवा अधिक भीड़ नहीं रहती. कितना अच्छा लगता है यह सब. हंसतेखेलते हम दूर तक घूम आते हैं.

इन 6 महीनों से पहले जिस जगह 3 महीने गुजार कर आई थी, वहां तो ऐसा लगता था जैसे बदहाली में कोई एक कोना हमें रहने के लिए मिल गया हो. पुरानी दिल्ली में दोमंजिले मकान के नीचे के हिस्से में कमरा रहने को मिला था. धूप का तो वहां नामोनिशान नहीं था. प्रकाश भी नीचे की मंजिल तक पहुंचने में असमर्थ था. आधे कमरे में मैं ने रसोई बनाईर्र्र् हुई थी, आधे में सोना होता. एक छोटी सी कोठरी में नल लगा था, जिसे बरतन साफ करने व कपड़े धोने के अलावा नहाने के काम लाया जाता था.

यह तो अच्छा हुआ कि दिल्ली आने के कुछ महीनों बाद ही ये सरकारी फ्लैट बन कर तैयार हो गए, नहीं तो शायद जीवन या तो उसी बदहाली में बिताना पड़ता या नीरज को नौकरी ही कहीं और तलाश करनी पड़ती.

अपने इस नए मकान को मैं और नीरज थोड़ाथोड़ा कर के इस तरह सजाते रहते जैसे हमें अपने सपनों का महल मिल गया हो और हम अपनी पूर्ण शक्ति के साथ उस में अपनी संपूर्ण कल्पनाओं को साकार होते हुए देखना चाहते हों.

हम दोनों बहुत खुश थे. पर एक दिन शाम को नीरज ने पीछे वाले बरामदे में खड़े हो कर अपने सामने की विशाल कोठियों पर नजर गड़ाते हुए कहा, ‘‘यहां और तो सबकुछ ठीक ही है, लेकिन अपनी पिछली तरफ की ये जो बड़ेबड़े लोगों की कोठियां हैं न, इतनी बड़ीबड़ी… न जाने क्यों आंखों से उतर कर मन के भीतर कहीं चुभ सी जाती हैं. इन के सम्मुख रह कर हीनता का आभास सा होने लगता है. इन के अंदर झांक कर देखने की कल्पना मात्र से बदन सिहर उठता है, सोचता हूं कि कहां हम और कहां ये लोग.’’

मैं आश्चर्य से नीरज के मुंह की ओर ताकती रह गई, ‘‘अरे, ये विचार कैसे आए आप के दिमाग में कि हम इन लोगों से हीन हैं? बड़ी कोठी में रहने और धनवान होने को ही आप महत्त्व क्यों देते हैं? असली महत्त्व तो इस बात का है कि हम जीवन को किस प्रकार से जीते हैं और थोड़ा पा कर भी किस तरह अधिक से अधिक सुखी रह सकते हैं.’’

‘‘आज के युग में धन का महत्त्व बहुत अधिक है, शीला. कई बार तो यही सोच कर मुझे बहुत दुख होता है कि हमें भी किसी बड़े धनवान के यहां जन्म क्यों नहीं मिला या फिर हम इतने योग्य क्यों नहीं हो सके कि हम इतना पैसा कमा सकते कि दिल खोल कर खर्च करते.’’

‘‘यह सब आप के दिल का वहम है. यह सोचना ही निरर्थक है कि हम किसी से कम हैं. देखिए, हमारे पास सबकुछ तो है. हमें इस से अधिक और क्या चाहिए? आराम से गुजर हो रही है.’’

मुझे लगा मैं नीरज को आश्वस्त  करने में काफी सफल हो गई हूं  क्योंकि उस के चेहरे पर संतोष के भाव दिखाई देने लगे थे. हम दोनों प्रसन्नतापूर्वक शाम की चाय पीने लगे.

इतने में 5 वर्षीय बेटा पंकज दौड़ता हुआ आया और बोला, ‘‘मम्मी, देखो यह सामने वाली कोठी का सनी है न. उस के लिए आज उस के पापा एक नई साइकिल लाए हैं 3 पहियों वाली. हमें भी ला दोगी न?’’

चाय का घूंट मेरे गले में ही अटक गया. मैं नीरज की आंखों में झांकने लगी. उस की जीभ तैयार मिली, ‘‘अब ला दो न, सौ रुपए की साइकिल या अभी जो लैक्चर झाड़ रही थीं उस से खुश करो अपने लाड़ले को. कह रही थीं सबकुछ है हमारे पास.’’

पंकज अनुनयभरी दृष्टि से मेरी ओर निहारे जा रहा था, ‘‘सच बताओ मम्मी, लाओगी न मेरे लिए भी साइकिल?’’

मैं ने खींच कर उसे गले से लगा लिया, ‘‘देखो बेटा, तुम राजा बेटा हो न? दूसरों की नकल नहीं करते. हां, जब हमारे पास रुपए होंगे, हम जरूर ला देंगे.’’ मैं ने उसे बहलाना चाहा था.

‘‘क्यों हमारे पापा भी तो दफ्तर में काम करते हैं, रुपए लाते हैं. फिर आप के पास क्यों नहीं हैं रुपए?’’ वह अपनी बात पूरी करवाना चाहता था.

‘‘अच्छा, ज्यादा नहीं बोलते, कह तो दिया ला देंगे. अब जाओ तुम यहां से,’’ मैं ने क्रोधभरे शब्दों में कहा और पंकज धीरेधीरे वहां से खिसक गया. इधर नीरज का चेहरा ऐसे हो रहा था जैसे किसी ने थप्पड़ मारा हो उस के मुंह पर. अपमान और क्रोध से झल्लाते हुए बोला, ‘‘देखूंगा डांटडपट कर कब तक तुम चुप करवाओगी उसे. आज तो यह पहली फरमाइश है. आगे देखना क्याक्या फरमाइशें होती हैं.’’

मैं चुप रही. बात सच ही थी. पहली वास्तविकता सामने आते ही दिमाग चक्कर खा गया था. कैसे गुजारा होगा ऐसे अमीर लोगों के बीच. हमारे सामने पूरी 6 कोठियां हैं. उन में दर्जन से भी ऊपर बच्चे हैं. सभी नित्य नई वस्तुएं व खिलौने लाते रहेंगे और पंकज देख कर जिद करता रहेगा. कहां तक मारपीट कर उस की भावनाओं को दबाया जाएगा. मैं पंकज के भविष्य के बारे में चिंतित हो उठी. कितने ही अक्ल के घोड़े दौड़ाए, पर कहीं कोई रास्ता दिखाई नहीं दिया.

अगले ही दिन शाम को नीरज ने सुझाव दिया, ‘‘एक बात हो सकती है. पंकज को उधर खेलने ही न जाने दो. पीछे से जाने वाला दरवाजा हर समय बंद ही रखा करो. सामने वाले फ्लैट हैं न, उन में सब अपने ही जैसे लोग रहते हैं. उन्हीं के बच्चों के साथ सामने के पार्क में खेलने दिया करो पंकज को.’’

बात मेरी भी समझ में आ गई, न इन बड़े लोगों के बच्चों में खेलेगा न, जिद करेगा. मैं ने पिछला दरवाजा खोलना ही छोड़ दिया. लेकिन पंकज सामने की ओर कभी न निकलता. ऊपर बरामदे में खड़ा हो कर, पीछे की कोठियों वाले उन्हीं लड़कों को देखता रहता, जिन में से कोई तो अपनी नई साइकिल पर सवार होता, कोई रेसिंग कार पर, तो कोई लकड़ी के घोड़े पर. कई बार वह पीछे का दरवाजा खोलने की भी जिद करता और मुझे उसे डांट कर चुप कराना पड़ता. अजीब मुसीबत थी बेचारे की.

Best Summer Sunscreen Cream: तेज धूप में इस्तेमाल करें, ये बेस्ट सनस्क्रीन

गर्मियों में त्वाचा की देखभाल करना बहुत जरूरी होता है. गर्मी में धूप से बचना बेहद मुश्किल होता है. कभी-कभी न चाहते हुए भी आपको किसी न किसी जरूरी काम से घर के बाहर निकलना ही पड़ता है. ऐसे में ज्यादातर लोग धूप और लू से सुरक्षित रहने के लिए फुल स्लीव कपड़ों से लेकर सनग्लास लगाने तक सभी तरीके आजमाते हैं. लेकिन त्वाचा को हर हिस्से को धूप से बचाना मुश्किल होता है. इसलिए कई लोग बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते है.

आइए आपको बताते हैं Best Summer Sunscreen Cream

  1. Good Vibes Sunscreen Gel Cream

गुड़ वाइब्स सनस्क्रीन वाटर वेस्ड सनस्क्रीन है. ऑयल फ्री सनस्क्रीन जो धूप के किरणों से बचाता है. गुड़ वाइब्स सनस्क्रीन ई-कॉमर्स वेबसाइट पर उपलब्ध है.

2. Lotus herbal Safe Sunscreen gel

गर्मियों के लिए आप लोटस हर्बल के इस सनस्क्रीन जेल को अपने चेहरे पर अप्लाई कर सकते हैं इसे लगाने के बाद आपकी स्किन धूप से प्रोटेक्ट हो जाती है, जैसे कि धूप स्किन को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. यह आपकी स्किन को धूप से बचाएगा क्योंकि इसमें 50 पीए+++ होता है.

3. Mamaearth Ulta light Sunscreen

यह Mamaearth Sunscreen सबसे ज्यादा बिकने सनस्क्रीन में से एक है. यह आपको सूरज की हानिकारक किरणों से बचाती हैं.  इसे लगाने के बाद 6 घंटे तक चलती हैं. यह best sunscreen for face भी हैं . इसका इस्तेमाल ऑयली और मुहांसे वाली त्वचा पर कर सकते है.

4. Wow Skin Science Sunscreen

 इसमे एसपीएफ 55 के साथ बने इस लोशन में एवोकाडो के गुण मौजूद हैं, जो आपको धूप की किरणों से ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचने देगा. इसे घर से बाहर निकलने से पहले जरूर स्किन पर लगाएं.

5. Lakme Sun Expert Sunscreen

यह गैर-चिपचिपाट और  हल्का जेल सनस्क्रीन जो 97% तक हानिकारक सूरज की किरणों को रोकता है. यह सनबर्न, काले धब्बे, समय से पहले बूढ़ा होना और त्वचा का काला पड़ना रोकता है. यह हाइपोएलर्जेनिक और नॉन-कॉमेडोजेनिक है. यह सनस्क्रीन त्वचा विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया गया है. इसका उपयोग सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपयुक्त है.

बाहुबली एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने किया मिर्जापुर फेम विजय वर्मा से प्यार का इजहार

बॉलीवुड और साउथ फिल्मों की खूबसूरत अदाकरा तमन्ना भाटिया काफी सुर्खियों में हैं. तमन्ना भाटिया अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में है. हाल ही में तमन्ना की अपकमिंग सीरिज ‘लस्ट 2’ का टीजर जारी हुआ है. जिसे लोगों ने खूब पसंद किया है. इसके साथ ही एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया अपने रिलेशनशिप को लेकर काफी सुर्खियों में हैं. विजय वर्मा के संग अपने रिश्ते को लेकर तमन्ना चर्चा में है.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Bollywood Buzz (@bollytellybuzz)

तमन्ना भाटिया ने किया प्यार का इजहार

दरअसल, तमन्ना भाटिया और विजय वर्मा अपनी अपकमिंग वेब सीरिज ‘लस्ट 2’ में नजर आने वाले है. इस सीरिज में दोनो एक्टर्स साथ में रोमांस करेंगे. तमन्ना भाटिया ने बताया ‘लस्ट 2’ के सेट से हम दोनों का प्यार शुरू हुआ. इसी दौरान दोनों करीब आए थे.

तमन्ना भाटिया ने एक इंटरव्यू में कहा,  मेरा ये नहीं मानना है कि आप किसी से इसलिए अट्रैक्ट होते हो कि वह आपका को-स्टार है. मेरे कई को-स्टार रहे हैं. मुझे लगता है कि आप किसी के तब नजदीक आते हो जब आपके मन में उसके लिए फीलिंग होने लगती है. मेरा ये बोलने का मतलब ये है कि कैसे हम दोनों एक दूसरे के नजदीक आएं. इसके अलावा तमन्ना ने बताया कि वो विजय के साथ बहुत स्पेशल बॉन्ड शेयर करती है. साथ ही एक्ट्रेस के लिए विजय अब खुशी का ठिकाना बन चुके हैं.

‘लस्ट 2’ में साथ नजर आएंगे तमन्ना भाटिया और विजय वर्मा

अक्सर तमन्ना भाटिया और विजय वर्मा साथ में कई बार स्पॉट किए गए है. तमन्ना और विजय पैपराजी के सामने जमकर पोज देते रहे है. इन दोनों की वर्कफ्रंट की बात करें तो विजय वर्मा हाल ही में सोनाक्षी सिन्हा की ‘दहाड’ सीरिज में नजर आए थे. वहीं तमन्ना अपनी अपकमिंग वेब सीरिज ‘लस्ट 2’ में नजर आने वाली है. इतना ही नहीं तमन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है. अपने फैंस के साथ हॉट एडं खूबसूरत तस्वीरे शेयर करती रहती है.

Anupama: अनुज का प्यार ठुकराकर, अपने फर्ज को चुनेगी अनुपमा

अनुपमा धारावाहिक जबसे स्टार प्लास पर टेलीकस्ट हुआ है तभी से टीआरपी की लिस्ट में नंबर वन बना हुआ  है. इस सीरियल को धांसू बनाने के लिए मेकर्स आए दिन नया ट्विस्ट लेकर आते ही रहते हैं. सीरियल अनुपमा के अपकमिंग एपिसोड में होगा धमाकेदार. रुपाली गांगुली और गौरव खन्ना स्टारर ‘अनुपमा’ में देखने को मिलेगा कि समर और डिंपल की शादी के बाद अनुपमा का अमेरिका जाने का सफर शुरू हो गया है. लेकिन अनुपमा परिवार, प्यार और जिम्मेदारी में फंसकर रह गई है.

बीते दिन ‘अनुपमा’ में देखने को मिला कि डिंपल के गृह प्रवेश के साथ ही शाह हाउस में बवाल शुरू हो जाता है. वहीं दूसरी ओर अनुज अनुपमा को मिलने के लिए बुलाता है. लेकिन गुरु मां उसी वक्त पर प्रेस कॉन्फ्रेंस रख देती हैं. वहीं शाह हाउस में समर और डिंपल के लिए पूजा होती है, ऐसे में अनुपमा फंसकर रह जाती है कि उसे कहां जाना है. हालांकि ‘अनुपमा’ में आने वाले ट्विस्ट यहीं पर खत्म नहीं होते हैं.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by anupama💕 (@anupa_maa2k23)

प्यार को ठुकराकर अनुपमा फर्ज को चुनेगी

टीवी सीरियल अनुपमा के अपकमिंग एपिसोड काफी धमाकेदार होगा. अनुपमा में देखने को मिलेगा कि बा अनुपमा को फोन करके रोएंगी यहां रहना उसका जरूरी है. बा अनुपमा से डिंपल की शिकायत करके कहती है कि यहां आना उसका मुझे बर्बादी नजर आती है. लेकिन अनुपमा बा को समझाती है वह सब मैनेज कर लेगी. इसके बाद अनुपमा अनुज से फोन पर बात करके उससे मिलने का मना कर देती है.

समर और डिंपल की सुहागरात पर बा उनको अलग कर देंगी

‘अनुपमा’ में आने वाले ट्विस्ट यहीं पर खत्म नहीं होते हैं. शो में आगे देखने को मिलेगा कि बा समर और डिंपल की सुहागरात पर उन्हें साथ रहने से मना कर देगी. बा डिंपल को अपने साथ ले जाएंगी. ऐसे में डिंपल का गुस्से में आग-बाबूला हो जाती है. वहीं किंजल उसे समझाने की कोशिश करेगी तो वह किंजल से कहेगी, “आपको छोटी अनुपमा बनना था, आप बन गई. लेकन मैं डिंपल हूं और डिंपल ही रहूंगी. मुझसे कोई किसी भी तरह की उम्मीद न करे.”

खुशियों का आगमन: भाग 3 -कैरियर या प्यार में क्या चुनेंगी रेखा?

‘‘नहीं रेखा, उस ने तुम्हारे साथ कोई विश्वासघात नहीं किया है, बल्कि तुम खुद अंधी बन कर उस से प्यार कर रही थीं. अगर वह तुम्हें अंधेरे में रखना चाहता तो आज मुझ से मिलने नहीं आता और न ही अपनी हकीकत बताता. तुम जैसी खूबसूरत, होशियार और अच्छे घर की लड़की, उस से शादी करने के लिए पीछे पड़ी होने के बावजूद उस ने अपने मन पर संयम रखा.

नासमझी तो तुम कर रही थीं, जो उस का पूरा नाम, उस की हकीकत जाने बगैर उस से शादी करने चली थीं. जिस के साथ तुम पूरी जिंदगी बिताना चाहती हो उस का पूरा नाम, उस की सारी हकीकत जानना, तुम ने कभी मुनासिब नहीं समझा. शादी जैसा जिंदगी का अहम फैसला तुम सिर्फ जज्बातों के सहारे कर रही थीं. कितनी बड़ी गलती तुम करने जा रही थीं. तुम्हें मुझे भी विश्वास में लेने की जरूरत महसूस नहीं हुई.’’

‘‘मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा है, अब मैं क्या करूं, पिताजी?’’

‘‘ठंडे दिमाग से सोचो. राजेश हमें भी पसंद है. तुम दोनों एकदूसरे के लायक हो, एकदूसरे को संतुष्ट कर के तुम दोनों अपनी गृहस्थी को सुखी रख सकते हो, मगर राजेश अब भी अपनी मां के साथ उसी बस्ती में रहता है और भविष्य में भी वहीं रहेगा, क्योंकि वह अपनी मां को दुखी नहीं करना चाहता है. अपनी मां का अपमान वह सहन नहीं कर पाएगा.

आखिर इतना दुखदर्द सह कर, संघर्ष कर उस की मां ने उसे पढ़ालिखा कर काबिल इनसान बनाया है, उसे वह भला अपने से दूर कैसे रख सकता है? इसलिए अब यह फैसला तुम्हारे हाथ में है कि तुम इसे चुनौती समझ कर राजेश को अपनाना चाहोगी? उस की मां को उस के पूर्व इतिहास के बावजूद सास का दर्जा देना चाहोगी?

उस के प्रति मन में किसी तरह का मैल या नफरत की भावना न रखते हुए उसे आदर, सम्मान देना चाहोगी? अगर तुम यह सब करने के लिए तैयार हो तो ही राजेश के बारे में सोचना.

यह सब तुम्हें अब आसान लग रहा होगा, मगर जब तुम उन मुश्किलों का, समस्याओं का सामना करोगी, तब तुम्हें यह सब मुश्किल लगेगा, क्योंकि इन सब मुश्किलों का सामना तुम्हें अकेले ही करना है. यही सब सोच कर तुम फैसला करना.’’

‘‘मगर ये सब बातें उस ने मुझे क्यों नहीं बताईं?’’

‘‘अपनी मां की हकीकत कौन सा बेटा

अपने मुंह से कहेगा, तुम उसे समझने की, जानने की कोशिश करो. मगर अपने भविष्य का फैसला सोचसमझ कर ही करना. हमारा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है, लेकिन पहला कदम तुम्हें उठाना है.’’

उस रात वह पल भर के लिए भी सो नहीं पाई.

रात भर सोचने के बाद भी वह सही निर्णय नहीं ले पा रही थी. क्या यह शादी वह निभा पाएगी? राजेश की मां को सम्मान दे पाएगी? कई सवाल थे पर उन के जवाब उस के पास नहीं थे.

सुबह हुई. सूरज की किरणों से चारों ओर प्रकाश फैल गया और उसी प्रकाश ने उस के विचारों को एक नई दिशा दी और उस ने मिस रेखा साने से उर्मिला रेखा राजेश सावंत बनने का फैसला कर लिया.

Summer special: घर पर ऐसे बनाएं ग्रिल्ड कौलिफ्लौवर और क्रीमी रोस्टेड बेल पेपर पास्ता

हम सभी घर पर पास्ता कई तरह से बनाते रहते है. पास्ता में जो मसाले इस्तेमाल होते हैं वह भी काफी अलग होते हैं. पास्ता को आप लंच में या फिर डिनर में भी खा सकती हैं. आपको अगर तीखा मसालेदार खाना पसंद है या आप creamy फूड खाना पसंद करती हैं तो आप अपनी पसंद का कोई भी फ्लेवर का पास्ता बनाकर खा सकती हैं. अभी हम आपको ग्रिल्ड कौलिफ्लौवर पास्ता की रेसिपी बता रहे हैं इसे आप इंडियन सब्जियों का पास्ता भी कह सकती हैं. ये खाने में जितना tasty होता है आपकी सेहत के लिए भी उतना ही हेल्दी होता है. इसके साथ ही हम आपको क्रीमी रोस्टेड बेल पेपर पास्ता की आसान रेसिपी बताने जा रहे है. इस पास्ता को घर में बनाकर अपने बच्चों को खुश कर सकते है. इन दोनों पास्ता की रेसिपी बहुत आसान है, आपके बच्चे प्लेट चट कर जाएंगे.

ग्रिल्ड कौलिफ्लौवर पास्ता

सामग्री

  1. 1 कप गोभी के टुकड़े
  2. 1 कप पास्ता पका
  3. 1 छोटा चम्मच मिक्सड हर्ब्स
  4. 1 बड़ा चम्मच औलिव औयल
  5. 1 छोटा चम्मच ऐक्सट्रा वर्जिन औलिव औयल
  6. थोड़ी सी लाल, पीली व हरी शिमलामिर्च कटी
  7. 1/4 छोटा चम्मच कालीमिर्च पाउडर
  8. नमक स्वादानुसार

विधि

ग्रिलर में गोभी के टुकड़े, लाल, पीली व हरी शिमलामिर्च औलिव औयल में ग्रिल करें. अब पास्ता, नमक, मिक्स्ड हर्ब्स के साथ ग्रिल्ड सब्जियां मिलाएं. ऐक्स्ट्रा वर्जिन औलिव औयल डाल कर सर्व करें.

क्रीमी रोस्टेड बेल पेपर पास्ता

सामग्री

  1. 1 हरी शिमलामिर्च
  2. 1 कप पास्ता पका
  3. 2 हरे प्याज
  4. 1 मिर्च
  5. 1/2 कप पनीर के छोटेछोटे टुकड़े
  6. 1 बड़ा चम्मच तेल
  7. 1 बड़ा चम्मच क्रीम
  8. नमक स्वादानुसार.

विधि

शिमलामिर्च को अच्छी तरह धो कर साफ कर आंच पर रोस्ट करें. रोस्ट होने पर छिलका और बीज निकाल कर अलग रखें. इसी तरह प्याज को भी रोस्ट करें. मिक्सी में हरी शिमलामिर्च, प्याज और मिर्च का पेस्ट बना लें. कड़ाही में 1 बड़ा चम्मच तेल गरम कर उस में पेस्ट को हलका भून लें. पनीर, क्रीम और पका पास्ता मिला कर गरमगरम सर्व करें.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें