शाकुंतलम फिल्म रिव्यू: उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती सामंथा प्रभु की ये फिल्म

  • रेटिंग: पांच में से एक स्टार
  • निर्माता: दिल राजू
  • निर्देशक: गुना सेखर
  • कलाकार: सामंथा प्रभु,मोहन देव,मोहन बाबू,सचिन खेड़ेकर, अदिति बालन, अनन्या नागलिया, प्रकाश राज,मधू, गौतमी,कबीर बेदी,जिषु सेन गुप्ता, कबीर दुहान सिंह,अल्लू अरहा व अन्य.  
  • अवधिः दो घंटे 22 मिनट
  • प्रदर्षन की तारीख: 14 अप्रैल 2023

केजीएफ ,आर आर आर व कंतारा जैसी दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी में सफल होने के बाद हर दक्षिण भाषी फिल्म को हिंदी में रिलीज करने की होड़ सी लग गयी है. मगर किसी को भी इस बात की परवाह नही है कि उनकी फिल्म हिंदी भाषी क्षेत्रों के अनुरूप है या नहीं.

दक्षिण भारत के वेलमाकुचा वेंकट रामन्ना रेड्डी जो कि फिल्म जगत में दिल राजू के नाम से मशहूर हैं,अब तक तेलगू भाषा में चालिस फिल्मों का निर्माण कर चुके दिल राजू कालीदास लिखित संस्कृत भाषा के नाटक ‘‘अभिज्ञान शाकुंतलम’’ पर आधारित फिल्म ‘‘शाकुंतलम’’ लेकर आए हैं.

गुना सेखर के निर्देशन में मूलतः तेगुलू भाषा में बनी इस फिल्म को हिंदी में डब कर ‘‘शाकुंतलम’’ के नाम से प्रदर्शित किया गया है. फिल्मकार ने फिल्म की शुरूआत में ही इसे धार्मिक फिल्म की संज्ञा दे दी है. एक राजा और एक ऋषि कन्या का प्रेम विवाह धार्मिक होता है? यह एक अलग विचारणीय प्रष्न है.

कुछ दिन पहले मुंबई में एक प्रेस काफ्रेंस में दिल राजू ने दावा किया था कि उन्होेने हौलीवुड स्टूडियो ‘डिज्नी’ को मात देने वाली फिल्म बनायी है. मगर इस फिल्म को देखने के बाद अहसास होता है कि उनका दावा ‘पानी का बताषा’ के अलावा कुछ नही है. इस फिल्म में आत्मा ही नही है.

इस फिल्म को देखना समय व पैसे की बर्बादी के अलावा कुछ नही है. वैसे ‘ द कष्मीर फाइल्स’ की ही तर्ज पर आर एस एस ने ‘‘शाकुंतलम’’ को सफल बनाने में जुट गया है. गुरुवार को आर एस एस के कई दिग्गज इस फिल्म को देखने आए. इतना ही नही प्रेस कांफ्रेंस में दिल राजू ने हिंदी बोलते हुए ऐलान किया था कि भाषाओं की विविधता के बावजूद ‘हम सब एक हैं.

 

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कहानीः

ऋषि विश्वामित्र अपनी ताकत बढ़ाने के लिए तपस्या करना शुरू करते हैं,इससे इंद्र भगवान को अपना सिंहासन खोने का डर सताने लगता है. इसलिए वह देवलोक की अप्सरा मेनका को विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए पृथ्वी पर भेजते हैं. विश्वामित्र से संभोग के बाद ,जिसे वह देवलोक नहीं ले जा सकती, इसलिए पृथ्वी पर ही छोड़कर वापस लौट जाती हैं. ऋषि कण्व (सचिन खेडेकर)अपने आश्रम के पास पड़ी इस नवजात बच्ची को अ पना कर उसे शकुंतला (सामंथा) नाम देते हैं. और उसे अपनी बेटी के रूप में पालते हैं.

कई वर्षों के बाद जंगल में शकुंतला की मुलाकात राजा दुष्यंत (देव मोहन) से होती है और दोनों एक दूसरे के प्यार में पड़ जाते है. वह गंधर्व विवाह करते हैं. शकुंतला गर्भवती हो जाती है. दुष्यंत कुछ समय बाद आकर शकुंतला को अपने राज्य में ले जाने का वचन देते हैं. दुष्यंत के आने के इंतजार में खोयी शाकुंतला को ऋषि दुर्वासा (मोहन बाबू) के आने का पता नही चलता.

तब ऋषि दुर्वासा के श्राप के कारण दुष्यंत,शकुंतला को भूल जाता है. उसके बाद शाकुंतला के जीवन की कठिनाइयों, श्राप मुक्ति व दुष्यंत से संबंध जुड़ने की कहानी है.

लेखन व निर्देशन:

पौराणिक कथाओं को पारंपरिक स्वरूप में बताना एक साहसिक आह्वान है,जिस पर निर्देशक गुना सेखर व निर्माता दिल राजू खरे नहीं उतरे हैं. यह न प्रेम कहानी है और न ही अच्छाई पर बुराई की जीत उभर कर आती है. एक्शन दृष्य तो ऐसे हैं, जैसे कि बच्चे आपस में लड़ रहे हों.

फिल्मकार गुना सेखर का कहानी कहने और पात्रों को चित्रित करने का तरीका बिल्कुल भी प्रभावशाली नहीं है. शकंुतला और दुष्यंत की प्रेम कहानी में रोमांच के साथ पीड़ा भी है. मगर इस फिल्म में यह दोनों चीजें गायब हैं. ऐसा लगता है जैसे कि भगवान इंद्र स्वर्ग में अपना सिंहासन सुरक्षित रखने के लिए ही दुष्यंत व शाकुंतला के बीच प्रेम रचा. मतलब इंसानी भावनाओं और इंसान की प्रेम की अनुभूति का कोई औचित्य ही फिल्म में नजर नही आता.

जब दुष्यंत के बेटे की मां बनने जा रही शाकुंतला खुद को विस्मृत कर चुके राजा दुष्यंत से मिलने उनके राज दरबार में पहुंचती है, उस वक्त राज दरबार के मंत्री आदि जिस तरह के अपशब्दों का प्रयोग शाकुंतला का प्रयोग कर शकुंतला को दंड देने की मांग करते हैं, वह पांच हजार वर्ष या 700 वर्ष पहले अथवा वर्तमान सरकार के लिए भी शोभाजनक नही है. राजा के मंत्री के बात करने में शालीनता होती है, मगर राजा दुष्यंत का राज दरबार तो ‘मछली बाजार’ नजर आता है. मंत्री गण अनपढ़ गंवार से भी निचले स्तर पर उतर आते हैं.

इतना ही नही राज दरबार से बाहर जा रही गर्भवती शकुंतला पर राज दरबारी व आम जनता जिस तरह से पत्थर बरसाते हुए पीछा करते हैं, वह कतई शोभा नही देता. क्या वास्तव में यह दृष्य कालीदास लिखित ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’का हिस्सा हैं? क्या सिनेमाई स्वतंत्रता के नाम पर किसी को भी नारी जाति का इस स्तर पर अपमान करने का हक मिल जाता है? फिल्मकारो ने यह भी जिस तरह से ऋषि दुर्वासा को शाकुंतला को श्राप देते हुए दिखाया है, वह तरीका भी सही नही है. अमूमन पुराने वक्त में ऋषि श्राप देने के लिए पवित्र जल इंसान के शरीर पर फेकते हुए श्राप बोलते थे. यहां श्राप देन के बाद दुर्वासा जल फेकते हैं.

फिल्म का वीएफएक्स व स्पेशल इफेक्ट्स त्रुटिपूर्ण है. शाकुंतला का परिचय देने वाले दृष्य में जंगल में पेड़ों के नीचे खड़ी षाकंुतला की सुंदरता के चारों ओर तितली के झुंड दिखाए गए हैं,यह तितलियां कम कागज की फुलझड़ियाँ नजर आती हैं. वीएफएक्स का कमाल यह है कि स्क्रीन पर बाघ की बजाय एक डमी मूर्ति वाला बाघ नजर आता है. बर्फ से ढंके पर्वत पर हर चरित्र न के बराबर व साधारण कपड़ों में ही नजर आते हैं. इतना ही नही चारों ओर बर्फबारी हो रही है,लेकिन किसी भी किरदार के शरीर या उनकी वेशभूषा पर एक परत बर्फ नहीं गिरती है. . है न निर्देशक की सोच का कमाल. . .  गीत संगीत प्रभावित नही करता. एडीटर कई जगह मात खा गए हैं.

 

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फिल्म के संवाद भी अजीबो गरीब हैं. कहीं अति शुद्ध हिंदी है,तो कहीं आम तौर पर बोली जाने वाली हिंदी है. तो कही संस्कृतनिष्ठ हिंदी है. कहीं ‘क्षमा’ या ‘माफी’ के लिए ‘क्षम्य’ शब्द का उपयोग किया गया है. शायद प्राचीन काल में स्त्रियाँ अपने होठों को रंगने के लिए गेरु या गेरुए रंग का उपयोग करती थीं,पर इस फिल्म में षाकंुतला के किरदार में अभिनेत्री सामंथा रूथ प्रभू हर दृष्य में लाल रंग की सबसे चमकदार लिपस्टिक लगाए ही नजर आती हैं.

कास्ट्यूम डिजाइनर नीता लुल्ला ने हर किरदार की पोषाक गढ़ते वक्त उस काल को पेश करने का सटीक प्रयास किया है. ोखर वी जोसेफ की सिनेमैटोग्राफी काफी औसत है.

अभिनयः

पूरी फिल्म में सामंथा रूथ प्रभू और देव मोहन के बीच कोई वास्तविक केमिस्ट्री नजर नहीं आती. वास्तव में युवा अभिनेता हर दृष्य में अपनी सह कलाकार व दिग्गज अदाकारा सामंथ के ‘औरा’ तले दबे नजर आते हैं. शायद अभिनय करते समय वह भूल गए थे कि वह सामंथा के साथ अभिनय कर रहे हैं, न कि वह वह जिस अदाकारा के प्रशंसक हैं, उससे मिल रहे हैं. इसके लिए कहीं न कहीं निर्देशक भी दोषी हैं.

प्रेम में खोयी,राजा से गंधर्व विवाह,गर्भवती होने के बाद पति का उसे विस्मृत करने के साथ ही सभी के सामने अपमानित करने की पीड़ा, खुद व जन्म लेने वाली संतान के अनिश्चित भविष्य की जो पीड़ा है, उसे सामंथा प्रभू अपने अभिनय से चित्रित करने में पूरी तरह से विफल रही हैं.

तो वहीं राज दुष्यंत के किरदार में मोहन देव भी निराश करते हैं. यहां तक कि अनुभवी कलाकार मधु और गौतमी भी निराश करती हैं. दुर्वासा ऋषि के छोटे किरदार में अभिनेता मोहन बाबू अपनी छाप छोड़ जाते हैं. असुर राक्षस के किरदार में कबीर दूहन सिंह कोई करतब नही दिखा पाते.

सचिन खेडेकर,कबीर बेदी,सुब्बा राजू, जिशु सेनगुप्ता, अदिति बालन, गौतमी, और हरीश उथमन जैसे प्रतिभाशाली अभिनेताओं के हिस्से करने को कुछ आया ही नहीं.

प्रियंवदा के किरदार में अदिति बालन अधिक आकर्षक लग रही थीं. दुष्यंत व शाकुंतला के बेटे सर्वदमन उर्फ भारत के किरदार में बाल कलाकार अल्लू अरहा (अभिनेता अलु अर्जन की बेटी) हर किसी का मन मोह लेती है. यदि सामंथा व मोहन देव ने इस बाल कलाकार से संवाद अदायगी सीख ली होती, तो कुछ इनका भला हो जाता.

 

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6 टिप्स: टैलेंटेड होने के साथ ग्लैमरस भी बनें

खूबसूरत आशा जब एक टीवी औडिशन के लिए गई तो उस को उम्मीद थी कि उसे वह चरित्र अवश्य मिलेगा. उस का औडिशन भी अच्छा हुआ लेकिन उसे चांस नहीं मिला. उसे सम?ा में नहीं आ रहा था कि उसे मौका क्यों नहीं मिला. बाद में पता चला कि उस का लुक उस पात्र के लिए सही नहीं था, इसलिए उसे रिजैक्ट किया गया.

आशा मन ही मन दुखी हुई. उस ने ठान लिया कि अगर उसे एक्टिंग की फील्ड में काम करना है तो खुद पर काम करना पड़ेगा. वह स्टाइलिस्ट से मिली और खुद पर वर्क किया. उसे अगले औडिशन में एक ही बार में चांस मिला और आज वह सफल है.

  1. प्रैजेंटेबल होना जरूरी

एक कहावत है, ‘पहले दर्शनधारी, फिर गुण विचारी.’ यानी पहले आप का प्रैजेंटेबल होना जरूरी है, फिर बाद में टैलेंट पर विचार किया जाता है. यह सही है कि टैलेंट की कद्र हमेशा ही होती रही है. सालों पहले हो या आज, एक बात तय है कि केवल प्रतिभा से किसी का सफल होना संभव नहीं होता. आप को ग्लैमरस और प्रैजेंटेबल होना जरूरी होता है. आज हर क्षेत्र में कमोबेश ऐसी ही स्थिति है, फिर चाहे वह स्कूल, कालेज, औफिस हो या ऐक्ंिटग या घर पर रहने वाले, हर जगह इस का महत्त्व है.

इस बारे में मुंबई की स्टाइलिस्ट और फैशन डिजाइनर मेघा पित्ती, जो पिछले 10 सालों से स्टाइलिंग का काम कर रही हैं, कहती हैं, ‘‘स्कूल में छोटेछोटे बच्चे भी टीचर के ग्लैमरस होने पर उन के पास बैठना पसंद करते हैं और यह ह्यूमन नेचर है कि प्रैजेंटेबल इंसान सब को आकर्षित कर सकते हैं. मेकअप के साथ सही हेयर स्टाइल, ड्रैसअप, शूज, बैग्स आदि सब का प्रभाव व्यक्ति के व्यक्तित्व पर पड़ता है.’’

  1. इमेज बनाएं

डाक्टर अगर सही यूनिफौर्म नहीं पहनता है तो उस की बात को कोई सीरियसली नहीं लेगा. ऐसे में कौर्पोरेट हो या मनोरंजन की दुनिया, सभी जगह केवल जींसटौप नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार खुद को तैयार करें. केवल जींसटौप से आप की इमेज नहीं बन सकती. चीजें कीमती भले ही न हों लेकिन आप के गैटअप के साथ मेल खाती हुई अवश्य होनी चाहिए, जिस से आप के प्रति लोगों की भावना सकारात्मक हो. अवसर और स्थान के हिसाब से ड्रैस पहनें, अगर सुबह का समय हो तो शटल मेकअप और अगर शाम का समय हो तो ग्लैमरस लुक होना सही होता है.

  1. बौडी टाइप के अनुसार चुनें आउटफिट

फैशन में बदलाव हमेशा जरूरी होता है. इस से खुद में नयापन और आत्मविश्वास बढ़ता है. स्टाइलिस्ट और फैशन डिजाइनर मेघा पित्ती कहती हैं, ‘‘मेरे पास आने वाले अधिकतर व्यक्ति खुद को स्लिमट्रिम दिखने के लिए आउटफिट की मांग करते हैं. मु?ो उन की बौडी टाइप के अनुसार स्टाइलिंग करनी पड़ती है. आज प्लस साइज के व्यक्ति भी अपने बौडी टाइप के हिसाब से कपड़े पहनते हैं जिस से वे भी ग्लैमरस दिखते हैं.

‘‘आज के यूथ को सस्ते, लाइट वेट, ईजी टू कैरी, सही से मैनेज कर पाने, चुभें नहीं और आरामदायक कपड़े अधिक पसंद होते हैं. एक कपड़े को वे दो से तीन बार पहनना ही पसंद करते हैं. ज्वैलरी को दोहराया जा सकता है लेकिन कपड़े को दोहराना मुश्किल होता है क्योंकि एक ही परिवेश में उन्हें बारबार जाना पड़ता है. यूथ के अलावा वयस्क भी ग्लैमरस दिखने में पीछे नहीं हैं लेकिन वे किसी भी बदलाव को धीरेधीरे अडौप्ट करते हैं.’’

  1. फास्ट मूविंग और बजट फ्रैंडली का है क्रेज

सोशल मीडिया को यूथ अधिकतर फौलो करते हैं. स्टाइलिस्ट और फैशन डिजाइनर मेघा पित्ती कहती हैं, ‘‘सोशल मीडिया से पिक्चर ले कर वैसा बनाने की फरमाइश करते हैं. यूथ में फास्ट मूविंग स्टाइल और बजट फ्रैंडली फैशन का अधिक क्रेज है.

  1. सस्टेनेबल की है मांग

सस्टेनेबल फैशन भी आज की मांग है. मेधा पित्ती कहती हैं, ‘‘मैं ने कई बार खुद की ड्रैस को नए रूप में बदल कर यूथ को दिया है. इस में वे स्कर्ट के ऊपर दो औप्शन, जिन में कप्तान ब्लैक ब्लाउज के साथ पहना जा सकता है. पैंट, प्लाजो आदि के साथ मिक्स एंड मैच करते हुए टौप होने पर ड्रैस पूरी नई बन जाती है. कलर ट्रैंड आज लाइट, पर्पल, टिश्यू गोल्डन, लाइट ग्रीन आदि हैं.

  1. ग्लैमर से रहें सब की नजर में

लाइफ में सफल होने के लिए लोग बहुतकुछ करते हैं लेकिन अपने स्टाइल पर बहुत कम ध्यान देते हैं. मेघा आगे कहती हैं, ‘‘कई यूथ अपनी स्टाइल बदल कर जौब में कामयाब हुए, क्योंकि प्रैजेंटेबल होने पर आधा काम हो जाता है. लेकिन यूथ इसे कम समझा पाते हैं.’’

नए शहर में आने के बाद से मेरे बाल बहुत झड़ रहे हैं, बताएं मैं क्या करूं?

सवाल

मेरे बाल पहले बहुत घने और लंबे थे. हाल ही में मैं ने अपनी जौब चेंज की है. नए शहर जाने पर बाल बहुत झाड़ रहे हैं. बताएं मैं क्या करूं?

जवाब

जरूरत से ज्यादा कैमिकल का इस्तेमाल और प्रदूषण की वजह से बालों को काफी नुकसान होता है. आप बालों के लिए करीपत्तों का इस्तेमाल करें. इस में विटामिन बी1, बी3, बी9 और सी होता है. इस के अलावा इस में आयरन, कैल्सियम और फास्फोरस होता है, साथ ही काफी मात्रा में प्रोटीन और बीटा कैरोटिन भी होता है, जो बालों को क्षतिग्रस्त होने से रोकने के साथसाथ बालों को पतला होने से भी रोकने में मदद करता है. इस के रोजाना सेवन से आप के बाल काले, लंबे और घने होने लगेंगे. यही नहीं यह बालों को डैंड्रफ से भी बचाता है.

इस के यूज के लिए करीपत्तों का एक गुच्छा ले कर उसे साफ पानी से धो धूप में तब तक सुखाएं जब तक पत्ते सूख न जाएं. फिर पाउडर बना लें. अब 200 एमजी नारियल या फिर जैतून के तेल में लगभग 4-5 चम्मच करीपत्ता पाउडर मिक्स कर के उबाल लें. ठंडा होने पर तेल को छान कर किसी एअरटाइट शीशी में भर कर रख लें. सोने से पहले रोज रात को यह तेल लगाएं और फिर सिर की अच्छी तरह मसाज करें. यदि इस तेल को हलकी आंच पर गरम कर के लगाया जाए तो जल्दी असर दिखेगा. सुबह सिर को नैचुरल शैंपू से धो लें.

पाठक अपनी समस्याएं इस पते पर भेजें : गृहशोभा, ई-8, रानी झांसी मार्ग, नई दिल्ली-110055.

व्हाट्सऐप मैसेज या व्हाट्सऐप औडियो से अपनी समस्या 9650966493 पर भेजें.

Eid Special: जानिए मटन बिरयानी बनाने का आसान तरीका

घर में कुछ इस तरह बनाएं मटन बिरयानी, जिसकी सूची नीचें दी गई है. उसके अनुसार आप घर पर बडे ही आसान तरीके से मटन बिरयानी पका सकते है.

सामग्री

-500 ग्राम मटन (विद बोन),

-2 बड़े कप बासमती चावल पानी में भिगोया,

-1 बड़ा चम्मच अदरकलहसुन का पेस्ट,

-1/2 छोटा चम्मच केसर दूध में भिगोया,

-1 कप हंग कर्ड,

-1/2 छोटा चम्मच हलदी पाउडर,

-1 बड़ा चम्मच तेल,

-1 छोटा चम्मच मक्खन,

-2 मध्यम आकार के प्याज कटे ,

-5-6 लौंग

– 2-3 टुकड़े दालचीनी

 -1 छोटा चम्मच गरममसाला,

-8-10 छोटी इलायची,

-3-4 बड़ी इलायची,

-1/2 छोटा चम्मच लालमिर्च पाउडर

-थोड़ी सी धनियापत्ती बारीक कटी

-थोड़ी सी पुदीनापत्ती बारीक कटी,

-1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर,

-1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर

-नमक स्वादानुसार.

विधि

-मटन में हंग कर्ड, नमक, हलदीपाउडर और अदरकलहसुन का पेस्ट मिला कर 4 घंटे तक फ्रिज में मैरिनेट होने के लिए रखें. पैन में तेल गरम कर के कटे हुए प्याज में से थोड़ा सा अलग कर बाकी सुनहरा होने तक फ्राई कर के अलग रख लें.

-फिर प्रैशर कुकर में चावल, नमक, लौंग, दालचीनी, छोटी और बड़ी इलायची और 5 कप पानी डाल कर पकाएं. एक बरतन में घी गरम कर के बचा हुआ कटा प्याज, कटी हरी मिर्च और अदरकलहसुन का पेस्ट डाल कर अच्छी तरह से मिलाएं.

-अब इस में मैरिनेटेड मटन डाल कर तेज आंच पर 7 से 8 मिनट तक पकाएं. अब आंच को कम कर के इस में धनिया पाउडर, जीरा पाउडर और लालमिर्च डाल कर मटन अच्छी तरह पक जाने तक पकाएं.

-फिर इस में टमाटर, नमक, 1/2 गरममसाला पाउडर और कटी हुई धनियापत्ती डाल कर चलाते हुए कुछ देर तक पकाएं. अब एक मोटी पेंदी के बरतन में चावल और मटन की सामग्री खत्म होने तक लेयर बना लें.

-अंत में केसर दूध, बटर, पुदीनापत्ती और बचा हुआ गरममसाला पाउडर डाल कर बरतन को एल्युमिनियम फौयल से ढक कर 180 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीटेड ओवन में 20 मिनट तक रखें. फ्राइड प्याज से गार्निश कर परोसें.

Eid Special: घर पर ऐसे बनाएं शीर खुरमा

सामग्री

  • ताजा दूध – 4 कप
  • इलाईची – 1 पिसी हुई
  • शक्कर – स्वादानुसार
  • सेवईयां – 1 कप
  • घी – 2 चम्मच
  • सुखा मेवा और सूखे फल
  • बादाम – 2 चम्मच
  • काजू – 2 चम्मच
  • किशमिश – 2-3 चम्मच
  • खजूर – 4
  • इलाईची पाउडर – 1/4 चम्मच
  • केसर – 5 से 6 जवे
  • केवड़ा एसेंस या गुलाब जल – 1/4 चम्मच

विधि

केसर को 2 चम्मच गर्म पानी में, खजूर को काटकर गर्म दूध में और बादाम को 15 से 20 मिनट तक गर्म पानी में भिगोयें.

इसके बाद बादाम के छिलके को निकालकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ो में काट लीजिये. बादाम को सुखा लीजिए.

अब एक चम्मच घी गर्म करे और उसमे सारे मेवा को धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक फ्राई करें. अब मेवों को निकालकर इसी में किशमिश फ्राई करे.

अब गैस पर कढ़ाई रखें और 1 चम्मच घी को गर्म करके धीमी आंच पर सेवईयां हल्की सुनहरी होने तक फ्राई करें.

अब एक भगोने में दूध को उबालें और धीमी आंच पर तब तक पकायें जब तक दूध गाढ़ा न हो जाये. इसी में पिसी हुई इलाईची भी डाल दें. दूध पकाते समय उसे बीच बीच में हिलाते रहें.

अब इस में शक्कर डाल कर धुलने तक पकाते रहें. अब उसमे फ्राई की हुई सेवईयाँ भी डाले.

अच्‍छी तरह पक जाने पर कुछ देर के लिए आंच से हटा लें और इसमें दूध डालकर भिगोयी हुई खजूर और केसर मिला दें.

इसके बाद सभी सूखे मेवे डालकर वापस गैस पर रखें और 2 मिनट तक पकायें.

हल्‍का ठंडा होने पर उसमे एसेंस डालकर अच्छी तरह मिलाएं. ठंडा करने पर यह और भी गाढ़ा और स्वादिष्ट लगेगा.

Summer Special: गरमी में ऐसे करें स्किन केयर

सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटौलोजिस्ट डा. नरेश भार्गव के अनुसार, गरमी हो या सर्दी हर मौसम में हमारी त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है. गरमी में सूर्य की हानिकारक किरणों, धूलमिट्टी और तैलीय ग्रंथियों की अधिक सक्रियता का प्रभाव हमारी त्वचा पर सब से ज्यादा पड़ता है, जिस के कारण प्रिक्ली हीट, पिग्मैंटेंशन, फंगस, ब्लैकहैड्स, पिंपल, एक्ने, डैंड्रफ और स्किन ऐलर्जी आदि समस्याओं से रूबरू होना पड़ता है. लेकिन अगर हम कुछ खास बातों का ध्यान रखते हुए उन पर चलें तो इन समस्याओं से काफी हद तक बचाव संभव है.

बचाव के उपाय

ठंडक का एहसास:

डा. भार्गव के अनुसार, गरमियों में त्वचा के रोगों के निदान के लिए शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है. इस के लिए दिन में 2 से 3 बार नहाना चाहिए तथा शरीर को ठंडक देने वाले पेयपदार्थ, जैसे लस्सी, दही, नीबूपानी, दूध आदि का सेवन करना चाहिए. साथ ही, धूप के संपर्क में कम से कम आना चाहिए. अंदरूनी हिस्सों की साफसफाई: डा. भार्गव के अनुसार, शरीर के अंदरूनी हिस्सों की साफसफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि शरीर के अंदरूनी हिस्सों, जैसे बगलों, घुटने, कुहनियां आदि में पसीने के कारण बैक्टीरिया पनपते हैं, जिस से शरीर में पसीने की दुर्गंध आने लगती है. इसलिए इन हिस्सों को अच्छी तरह साफ कर के और सुखा कर टैल्कम पाउडर लगाना चाहिए.

सही खाद्यपदार्थों का सेवन:

डा. भार्गव गरमियों में उचित खानपान की सलाह देते हैं. उन के अनुसार, गरमियों में तैलीय व गरिष्ठ भोजन की अपेक्षा ऐसा सादा एवं फलाहारी भोजन सब से उपयुक्त है, जो शरीर को उपयुक्त ऊर्जा व नमी प्रदान करे. इसलिए फलसब्जियों और पानी को अपने आहार में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए और कैफीन वाली चीजों, जैसे चायकाफी आदि का इस्तेमाल जरूरी हो तो भी कम से कम करना चाहिए.

फेसवाश का प्रयोग:

गरमियों में आमतौर पर हर कोई 2 से 3 बार नहाता है. ऐसे में साबुन के अत्यधिक प्रयोग से उस की त्वचा रूखी व बेजान हो जाती है. इसलिए साबुन की जगह सौम्य फेसवाश और बौडी शैंपू के प्रयोग से अपनी त्वचा की नमी बरकरार रखें.

नियमित टोनिंग:

आप की त्वचा हमेशा जवां व खूबसूरत बनी रहे, इस के लिए नियमित रूप से क्लींजिंग, टोनिंग व मौइश्चराइजिंग करें. तैलीय त्वचा होने पर औयलफ्री मौइश्चराइजर का इस्तेमाल करें. ज्यादा असर के लिए मौइश्चराइजर को फ्रिज में रखें. जब आप धूप से घर लौटें तो चेहरा धोने के बाद ठंडाठंडा मौइश्चराइजर चेहरे पर लगाएं और गरमी में ठंडक का एहसास पाएं.

सनस्क्रीन का प्रयोग:

त्वचा को खूबसूरत बनाए रखने के लिए टोनिंग के साथ सनस्क्रीन का प्रयोग जरूर व नियमित करें, क्योंकि धूप में निकलने पर सूर्य की हानिकारक किरणों के संपर्क में आने के कारण हमारी त्वचा पर सनबर्न, असमय झुर्रियां आदि समस्याएं उभर आती हैं. जबकि नियमित सनस्क्रीन के इस्तेमाल से इन समस्याओं की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है तथा इन से बचा जा सकता है. इसलिए घर से बाहर निकलने से कम से कम आधा घंटा पहले इसे लगा लें तथा धूप में ज्यादा रहने की स्थिति होने पर 3 घंटे के बाद दोबारा सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. सनस्क्रीन केवल चेहरे पर ही नहीं बल्कि शरीर के हर उस हिस्से पर लगाएं, जो धूप के सीधे संपर्क में आता है.

त्वचा के अनुसार सनस्क्रीन

डा. भार्गव के अनुसार, त्वचा के अनुरूप ही सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए. जैसे:

नौर्मल और ड्राई स्किन:

नौर्मल और ड्राई स्किन के लिए नौर्मल 30+एसपीएफ का सनस्क्रीन उपयुक्त है, जो त्वचा पर सुरक्षा कवच का काम करता है.

तैलीय त्वचा:

इस प्रकार की त्वचा के लिए नौनऔयली 30 या 30+एसपीएफ सनस्क्रीन बेहतर व उपयुक्त है.

सैंसिटिव त्वचा:

नाजुक त्वचा के लिए न्यूट्रल सोप स्किन सनस्क्रीन अच्छा है.

ब्लैकहैड्स के लिए:

गरमियों में ब्लैकहैड्स की समस्या में बढ़ोतरी हो जाती है, जो आप की खूबसूरती में ग्रहण लगा देते हैं. इन से निबटने के लिए महीने में 2 बार किसी अच्छे पार्लर में जा कर फेस क्लीनिंग कराएं तथा इस के बाद टोनर का प्रयोग करें. ब्लैकहैड्स को कभी भी जबरदस्ती दबा कर निकालने की कोशिश न करें.

पैडिक्योर:

गरमियों में पैरों की उंगलियों के बीच में नियमित सफाई नहीं होने के कारण फंगस की समस्या उत्पन्न हो जाती है. इस से बचने के लिए उचित साफसफाई का ध्यान रखते हुए महीने में 1 या 2 बार पार्लर जा कर पैडिक्योर करवाएं.

वैक्सिंग:

वैक्सिंग करवाने से अनचाहे बालों से छुटकारा तो मिलता ही है, त्वचा की डैडस्किन भी निकलती है. इसलिए नियमित रूप से बालों की ग्रोथ के हिसाब से वैक्सिंग जरूर करवाएं.

उचित मेकअप प्रोडक्ट का चुनाव:

प्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट सोनिया बत्रा के अनुसार, गरमियों में मैट मेकअप प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना चाहिए तथा शाइनी लुक के लिए मैट प्रोडक्ट पर शिमर या शाइनर का इस्तेमाल किया जा सकता है. इस के अलावा क्रीमी बेस प्रोडक्ट की जगह वाटरबेस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें. इस के साथ आजकल न्यूड मेकअप फैशन में है, इसलिए मेकअप लाइट ही रखें.

मेकअप उतारना:

गरमियों में रात को सोने से पहले मेकअप उतारना बहुत जरूरी होता है ताकि आप की त्वचा खुल के सांस ले सके. मेकअप उतारने के लिए क्लींजिंग मिल्क या मेकअप रिमूवर का इस्तेमाल करें.

फेशियल:

गरमियों के मौसम और त्वचा के अनुसार आप फेशियल जरूर करवाएं ताकि आप का चेहरा हर पल खिलाखिला रहे. गरमियों के मौसम में आप ग्लाइकोलिक पीलिंग या स्पा फेशियल करवा सकती हैं.

बालों की देखभाल:

गरमियों में लगातार पसीने के कारण बाल बहुत चिपचिपे हो जाते हैं. अत: इन की नियमित सफाई पर ध्यान दें. आजकल मार्केट में कई प्रकार के शैंपू उपलब्ध हैं, जिन के नियमित इस्तेमाल से बालों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है. लेकिन इन्हें खरीदते समय अपने बालों की प्रकृति का विशेष ध्यान रखें.

तनमन महके:

गरमियों में पसीने की गंध से छुटकारा पाने के लिए नहाने के पानी में कुछ बूंदें एसेंशियल औयल की या फिर गुलाबजल की डाल कर नहाएं. इस के अलावा बौडी डियोड्रैंट, बौडी स्प्रे या परफ्यूम का इस्तेमाल जरूर करें. ध्यान रखें कि परफ्यूम हमेशा बौडी के वार्म पौइंट्स, जैसे गरदन और कलाइयों पर ही लगाना चाहिए.

घरेलू फेसपैक:

गरमियों में घरेलू फेसपैक बनाने के लिए दही व मुलतानी मिट्टी में थोड़ा सा शहद मिला कर चेहरे पर लगाएं. यह पैक गरमियों के लिए अति उत्तम है.

योग एक वरदान:

नियमित रूप से योग को अपने दैनिक कार्यों में सम्मिलित करें. स्वस्थ तनमन के लिए योग से बेहतर अन्य कोई साधन नहीं है.

अगर वजन कम करते समय मील के बीच में लगे भूख तो फॉलौ करें ये 5 टिप्स

अगर आप भी वजन कम करने की जर्नी पर निकल पड़े हैं तो शुरुआत में यह आपके लिए बिलकुल भी आसान नहीं रही होगी क्योंकि इस रूटीन को काफी समय तक पालन करना सबके बस की बात नहीं होती है. खास कर अपने मन पसन्द स्नैक्स को बाय बोल कर बोरिंग डाइट फॉलो करने से आपका मन जल्द ही भर जाता होगा .

बहुत सारे लोगों की यह शिकायत रहती है कि उन्हें एक समय का खाना खाने के बाद दूसरे समय के खाने के बीच में बहुत भूख लग जाती है और इस बीच वह खुद का कंट्रोल खो कर अन हेल्दी स्नैक्स खाने लगते हैं . इस वजह से आपको बाद में बहुत पछतावा भी महसूस करना पड़ता होगा .

इस बीच खुद को अन हेल्दी स्नैक्स खाने से रोकने के लिए और अपना हेल्दी रूटीन पालन करते रहने के लिए इन टिप्स का पालन कर सकते हैं .

  1. घर पर बनाएं स्नैक्स का चुनाव करें :

अगर आप दुकान से खरीद कर स्नैक्स खाते हैं तो उनमें शुगर, ट्रांस फैट और बहुत सारी अन हेल्दी चीजें मिक्स हुई मिलेंगी जो आपको वजन कम नहीं करने देंगी इसलिए आप खुद घर पर बना कर भी स्नैक्स का सेवन कर सकते हैं . आप हेल्दी प्रोटीन बार बना सकते हैं, एनर्जी बॉल्स बना सकते हैं या फिर पॉप कॉर्न बना कर भी खा सकते हैं . इनसे आपकी भूख भी कंट्रोल होगी और आपकी बाहर का खाने की क्रेविंग भी शांत हो जायेगी .

  1. खुद को रखें हाइड्रेटेड :

कई बार आपके शरीर में डीहाइड्रेशन हो जाती है और आप उसे भी भूख समझ कर खाना खाने लगते हैं . इसलिए पूरा दिन पानी पीते रहें और खुद को हाइड्रेटेड जरूर रखें ताकि इस तरह की दुविधा में आने पर ओवर ईटिंग करने से बच सकें . ज्यादा पानी पीते रहने से भी आपका पेट ज्यादा समय तक भरा रहेगा . रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी तो जरूर पिएं . अगर आपको भूख लगती है तो सबसे पहले पानी पी कर चेक करें .

  1. ओवर ईटिंग करने से बचें :

आपको माइंड फूल ईटिंग करनी चाहिए मतलब कि आपको आप क्या खा रहे हैं और किस मात्रा में खा रहे हैं इस बात का जरूर ध्यान रखना चाहिए ताकि ओवर ईट करने से बच सकें . आपको खाना खाते समय टीवी और मोबाइल जैसी डिस्ट्रेक्शन से बचना होगा . अगर आप गैजेट्स का प्रयोग करके खाना खाते हैं तो आप अपने पोर्शन साइज का ध्यान रखे बिना जितना आपका मन करता है उतना खाते रहते हैं फिर चाहे आपको भूख हो या न हो .

  1. होल फूड्स का सेवन करें :

स्नैक्स का सेवन करते समय भी होल फूड का सेवन कर सकते हैं जो आपको पोषण प्रदान करते हैं . इनमें आप फल, सब्जियां, नट्स और सीड्स आदि का चुनाव कर सकते हैं . इनमें आपको काफी सारे विटामिन, मिनरल और पौष्टिक तत्व मिलते हैं . इनका पाचन भी आसानी से हो जाता है और यह आपके शरीर को लंबे समय तक भरा रखने में भी मदद करते हैं .

  1. अन हेल्दी चीजों को अपने आस पास भी न रखें :

अगर आपको अन हेल्दी चीजें दिखेंगी ही नहीं तो वह आपको याद भी नहीं आएंगी जिस वजह से आपका उन्हें खाने का मन नहीं करेगा . अगर कोई अन हेल्दी चीज आपके घर में ही नहीं होगी तो आप भूख लगने पर कुछ हेल्दी खाना खाने का प्रयास कर सकते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए सही रहेगा .

निष्कर्ष

ऐसी ही कुछ टिप्स का पालन करके आप दिन में अन हेल्दी खाने से खुद को बचा सकते हैं.

मेरे कानों पर बाल है जिसके कारण मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है, क्या करूं?

सवाल

कानों पर बाल होने के कारण मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है. कृपया कोई उपचार बताएं जिस से मैं इन से मुक्ति पा सकूं ?

जवाब

कानों के बालों से मुक्ति पाने के लिए उन की सावधानीपूर्वक कटिंग करें. बालों से हमेशा के लिए छुटकारा पाने हेतु लेजर हेयर रिमूवल औप्शन अच्छा रहेगा. लेजर लाइट की बीम बालों की जड़ों को हमेशा के लिए नष्ट कर देती है, जिस से बाल दोबारा नहीं उगते. यह उपचार करवाने के लिए किसी अच्छे सैलून में ही जाएं.

आजकल बाजार में कई तरह के इलैक्ट्रिक रेजर उपलब्ध हैं. इस रेजर से कानों के बाल हटा सकती हैं. हां, रेजर चलाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि वह स्किन के न ज्यादा पास हो और न ही ज्यादा दूर. लोशन या क्रीम का प्रयोग बहुत ही आसान होता है. इन में ऐसे रसायन होते हैं जो बालों को गला जड़ से निकाल देते हैं. लोशन या क्रीम लगाने से पहले अपनी स्किन पर टैस्ट जरूर कर लें. अगर कहीं कटा या जला हो तो क्रीम को उस जगह न लगाएं. क्रीम को कानों के बालों पर कुछ देर लगाए रखने के बाद गरम तौलिए से पोंछ लें.

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सवाल

मेरे बाल बारिश के मौसम में बहुत चिपचिपे हो जाते हैं, साथ ही उन में रूसी भी हो जाती है. क्या कोई ऐसा उपाय है जिस से मैं अपनी यह समस्या दूर कर सकूं?

जवाब

आप शैंपू के बाद बालों की देखभाल के लिए सिरके का प्रयोग करें. इस से बालों में ब्लड सर्कुलेशन सुचारू होता है जो बालों को टूटने से बचा कर उन्हें मजबूती प्रदान करता है.

अगर आप के बाल औयली हैं तो शैंपू के बाद नीबू के साथ सिरका लगाएं और 15 मिनट बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें. नैचुरल सिरका लगाने से बाल कोमल होने के साथसाथ उन में नमी भी आ जाती है जिस से वे आपस में उलझते नहीं हैं.

अगर आप की सिर की त्वचा रूखी है और उस में रूसी की परेशानी है तो आप को बाल धोने के बाद सिरका और थोड़ा सा बादाम का तेल मिक्स कर के लगाना चाहिए. इस मिश्रण से स्कैल्प में नमी आती है और रूसी हमेशा के लिए दूर हो जाती.

Eid Special: फैमिली के लिए बनाएं कश्मीरी पुलाव

अगर आप लंच या डिनर में टेस्टी रेसिपी ट्राय करना चाहते हैं तो कश्मीरी पुलाव की ये रेसिपी आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. कश्मीरी पुलाव आसानी से बनने वाली रेसिपी है, जिसे आप अपनी फैमिली को खिला सकते हैं.

हमें चाहिए

– 1/2 कप बासमती चावल

– 4-5 केसर की किस्में

– 1/4 कप सेब, कटा हुआ

– 1/4 कप अनार के दाने

– 1/4 कप अंगूर (बीजरहित), वैकल्पिक

– नमक – स्वाद अनुसार

– 2 टेबलस्पून घी

– तेल, प्याज तलने के लिये

– 1 कप पानी

– 1 टेबलस्पून दूध

– 5-6 काजू, कटे हुए

– 5-6 बादाम, कटे हुए

– 1 तेज पता

– 2 लोंग

– 1 हरी इलायची

– 2-इंच लंबा दालचीनी का टुकड़ा

– 1 हरी मिर्च, लंबी कटी हुई

– 1/2 टीस्पून कद्दूकस किया हुआ अदरक

– 1/4 टीस्पून सोंफ पाउडर

– 1 प्याज, लंबाई में कटा हुआ

बनाने का तरीका

– चावल को 2-3 बार पानी से धो ले और 15 मिनट तक पानी में भिगो दें. बाद में चावल मे से अतिरिक्त पानी निकालें और चावल को अलग रखें.

– केसर की किस्मों को 1 टेबलस्पून गरम दूध में भिगो दें.

– एक गहरे पैन/कड़ाही में मध्यम आंच पर 1 टेबलस्पून घी गरम करें. उसमें काजू और बादाम डालें और उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भून लें. उन्हें थाली में निकालें.

– उसी पैन/कड़ाही में बाकी बचा हुआ 1 टेबलस्पून घी डाले और उसमें तेज पता, लोंग, हरी इलायची और   दालचीनी का टुकड़ा डाले और 30 सेकंड तक भून लें. उसमे हरी मिर्च, कद्दूकस किया हुआ अदरक और   सोंफ पाउडर डाले और फिर से 30 सेकंड के लिये भून लें.

– भिगोये और पानी निकाले हुए चावल डालें.

– 1-2 मिनट के लिये भून लें.

– 1 कप पानी, भिगोया हुआ केसर और नमक डालें. अच्छी तरह से मिला ले और मध्यम आंच पर   उबालने  रखे.

– जब वे उबलने लगे तब आंच को धीमी कर दे और ढक्कन लगाकर 8-10 मिनट या चावल पक जाय तब   तक पकने दें. बीच में ढक्कन न खोले और चावल को भी मत हिलाये. चावल के पक जाने पर गैस बंध कर  दे और बिना ढककन खोले 5-7 मिनट के लिये रहने दें. बाद में ढक्कन खोले और चावल को कांटे से फुला लें.

– इसी बीच दूसरे पैन में प्याज तलने के लिये 3-4 टेबलस्पून तेल को गरम करे. हाथ से प्याज के लच्छों     को अलग कर ले और बाद में तेल में डाले और भूरा होने तक तले. प्याज को बीच- बीच में हिलाते रहे.

– पके हुए चावल में हल्के तले हुए सूखे मेवे, कटे हुए ताजे फल और हल्का तला हुआ प्याज डालें.

– हल्के से मिला ले और सर्विंग बाउल मे निकालें. हरे धनिये से सजाये.

Summer Special: स्किन की टैनिंग दूर करता है ‘शुगर स्क्रब’

त्वचा हमारे शरीर में सबसे संवेदनशील अंग है जो आसानी से हमारे आस-पास के माहौल से प्रभावित हो जाता है. हम इसे कितना भी कवर या बचाने की कोशिश करें, यह सूर्य और अन्‍य पर्यावरणीय कारकों से क्षतिग्रस्‍त हो ही जाती है.

ऐसे में हमें त्‍वचा पर जमा मृत कोशिकाओं के साथ टैनिंग को दूर करने के लिए कुछ उपायों की जरूरत होती है. क्या आप जानते हैं कि इसके लिए नींबू और चीनी से बेहतर विकल्‍प आपके लिए कुछ और हो ही नहीं सकता.

नींबू में टैंनिंग को दूर करने के गुण पाए जाते हैं और ये त्वचा के रोम छिद्रों में छिपी गंदगी को साफ करने में मदद करता है और साथ में चीनी एक शक्तिशाली एक्‍सफोलिएटिंग एंजेट होने के कारण साथ मिलाने से इसके फायदों को कई गुणों कर देती हैं.

इसके लिए आपको जरुरत होगी :

1. आधा ताजा नींबू

2. आधा कप दानेदार चीनी

3. 1 बड़ा चम्मच ऑलिव ऑयल

4. 1 बड़ा चम्मच आर्गेनिक शहद

यही तत्‍व जरुरी क्‍यों है ?

नींबू- नींबू विटामिन सी से भरपूर होता है और आमतौर पर एजिंग स्पॉट्स और सूरज से क्षतिग्रस्‍त त्‍वचा के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है. साथ ही यह पोर्स को बंद करने और रंगत को निखारने में मदद करता है.

चीनी – चीनी एक एक्‍सफोलिएटर के रूप में काम करती है और धीरे-धीरे शरीर की बंद सभी मृत कोशिकाओं को निकाल कर त्‍वचा की संपूर्ण बनावट में सुधार करती है.

ऑलिव ऑयल – ऑलिव ऑयल एक उत्‍कृष्‍ट एमोलिएंट है जो त्‍वचा को गहराई से पोषण और साफ करता है. इसके अलावा यह एजिंग के निशान को दूर करने में मदद करता है.

शहद – शहद प्राकृतिक एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटीबैक्‍ट‍ीरियल गुणों से भरपूर होता है, जो त्‍वचा को पर्यावरण से होने वाले नुकसान से रक्षा करता है. इसके अलावा त्‍वचा को पोषण और नमी प्रदान करता है.

स्‍क्रब बनाने का तरीका :

1: एक कटोरी में नींबू का रस और ऑलिव ऑयल लेकर पेस्‍ट बना लें. अगर आप गाढ़ा या पतला पेस्‍ट बनाना चाहते हैं तो उसी हिसाब से ऑलिव ऑयल को कम या ज्‍यादा कर सकते हैं.

2 : फिर इसमें शहद को मिलाकर धीरे-धीरे मिक्‍स करें.

3 : अंत में, चीनी मिलाकर सभी चीजों को अच्‍छे से मिला लें.

तो अब आपका घर में बना नींबू और चीनी का टैन हटाने वाला स्‍क्रब तैयार है.

इस चीनी के स्‍क्रब को लगाने का तरीका

इस फेस स्‍क्रब को लगाने के लिए सबसे पहले अपने चेहरे को साफ पानी से धो लें और धीरे-धीरे इस स्‍क्रब को सर्कुलर मोशन में रगड़कर 2-3 मिनट तक मसाज करें. फिर स्‍क्रब को 5-7 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें. ठंडे पानी से चेहरे को धोकर पोछ लें. अगर त्‍वचा पर ड्राईनेस महसूस हो रही है तो मॉश्‍चराइजर लगा लें.

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