Serial Story: लाइफ कोच – भाग 1

आज औफिस का काम जल्दी निबट गया, तो नकुल होटल न जा कर जुहू बीच आ गया. बहुत नाम सुन रखा था उस ने मुंबई जुहू बीच का. यहां आते ही उसे एक अजीब सी शांति महसूस हुई. लोगों की भीड़भाड़ से दूर वह एक तरफ जा कर बैठ गया और आतीजाती लहरों को देखने लगा. कितना सुकून, कितनी शांति मिल रही थी उसे बता नहीं सकता था.

सब से बड़ी बात यह कि यहां उसे कोई रोकनेटोकने वाला नहीं था और न ही कोई सिर पर सवार रहने वाला. यहां तो बस वह था और उस की तनहाई. उस का मन कर रहा था यहां कुछ दिन और ठहर जाए या पूरी उम्र यहीं गुजार दे तो भी कोई हरज नहीं है. अच्छा ही है न, कम से कम ऐसे इंसान से तो छुटकारा मिल जाएगा जो हरदम उस के पीछे पड़ा रहता है. लेकिन यह संभव कहां था.

खैर, एक गहरी सांस लेते हुए नकुल आतेजाते लोगों को, भेलपूरी, पानीपूरी, सैंडविच का मजा लेते देखने लगा. अच्छा लग रहा था उसे. वहीं उधर एक जोड़ा दीनदुनिया से बेखबर अपने में ही मस्त नारियल पानी का मजा ले रहा था. वे जिस तरह से एकदूसरे की आंखों में आंखें डाले एक ही स्ट्रो से नारियल पानी शिप कर रहे थे, उस से तो यही लग रहा था दोनों एकदूसरे से बेइंतहा प्यार करते हैं. आंखों ही आंखों में दोनों जाने क्या बातें करते और फिर हंस पड़ते थे.

अच्छा है न, लोगों को पता भी नहीं चलता और 2 प्यार करने वाले आंखों ही आंखों में अपनी बातें कह देते हैं. मुसकराते हुए नकुल ने मन ही मन कहा, ‘चेहरा झठ बोल सकता है पर आंखें नहीं. यदि किसी व्यक्ति की बातों का सही और गहराई से अर्थ जानना हो तो उस के चेहरे को विशेष तौर पर आंखों को पढ़ना चाहिए. यदि 2 प्यार करने वाले आपस में एकदूसरे को अच्छी तरह समझते हैं तो उन्हें बोलने की कुछ भी जरूरत नहीं पड़ती.

कवि बिहारी अपनी कविता में ऐसे ही नहीं बोल गए हैं कि कहत, नटत, रीझत, खिजत, मिलत, खिलत, लजियात… भरे मौन में कहत हैं  नैनन ही सौ बात. हम भी तो कभी इसी तरह न्यू कपल थे. हम भी तो कभी इसी तरह एकदूसरे की आंखों को पढ़ा करते थे. लेकिन किरण ने अब मेरी आंखों को पढ़ना छोड़ दिया है, नहीं

तो क्या उसे नहीं पता चलता कि आज भी मैं उस से कितना प्यार करता हूं? सच कहूं तो वह मुझे मेरी पत्नी कम और हिटलर ज्यादा लगती है. डर लगता है मुझे उस से कि जाने कब, किस बात पर उखड़ जाए और फिर मेरा जीना हराम कर दे. छोटीछोटी बातों को बड़ा बना कर इतना ज्यादा बोलने लगती है कि मेरे कान सनसनाने लगते हैं.

नकुल अपनी सोच में डूबा हुआ था, तभी अचानक एक बौल उस से आ टकराई.

‘‘अंकल, प्लीज, थ्रो द बौल,’’ दूर खड़े उस बच्चे ने बड़ी मासूमियत से कहा, तो नकुल ने अपने पैर से उस बौल को ऐसा उछाला कि वह सीधे जा कर उस बच्चे के पास पहुंच गई.

ताली बजाते हुए उस बच्चे ने कहा, ‘‘अंकल यू आर द ग्रेट,’’ सुन कर नकुल हंस पड़ा.

‘‘अंकल, जौइन मी,’’ उस 10 साल के बच्चे ने नकुल की तरफ बौल फेंकते हुए बोला तो नकुल भी जोश में आ गया और उस के साथ खेलने लगा. देखतेदेखते कुछ और लोग भी उन के साथ जुड़ गए और सब ऐसे जोश में खेलने लगे कि पूछो मत.

‘‘अंकल, यू आर सच ए ग्रेट पर्सन,’’ कह कर उस बच्चे ने ताली बजाई तो बाकी लोग भी तालियां बजाने लगे.

अपनी एक छोटी सी जीत पर आज नकुल इसलिए खुशी से झम उठा, क्योंकि

उस की काबिलीयत की तारीफ हो रही थी और यहां कोई यह बोलने वाला नहीं था कि नकुल को यह जीत तो उस की वजह से मिली है. अपने हाथ उठा कर सब को बाय कह कर नकुल आगे बढ़ गया.

‘किसी को शायद नहीं पता, पर कालेज के समय में मैं बढि़या फुटबौल प्लेयर हुआ करता था. अपने कालेज का मैं लीडर था. कालेज के ज्यादातर लड़केलड़कियां मुझ से राय लिया करते थे. पढ़ाई में भी मैं अव्वल था, इसलिए तो कालेज के प्रिंसिपल का भी मैं फैवरिट हुआ करता था. लेकिन समय के साथ सब पर धूल चढ़ गई. आज वही पुराना वाला जोश पा कर बता नहीं सकता कि अपनेआप में मैं कितना स्फूर्ति महसूस कर रहा हूं. लेकिन मैं ये सब कैसे भूल गया कि मैं एक बेहतर खिलाड़ी के साथसाथ एक आजाद सोच वाला इंसान भी हुआ करता था,’ एक गहरी सांस लेते हुए नकुल इधरउधर देखने लगा. लोग जाने लगे, पर वह वहां कुछ देर और ठहरना चाहता था, क्योंकि उसे यहां अपार शांति महसूस हो रही थी.

समुद्र किनारे रेत पर बैठ कर अपनी उंगलियों से आढ़ीतिरछी लकीरें खींचते हुए नकुल सोचने लगा कि पहले उन के बीच कितना प्यार था. दो जिस्म एक जान हुआ करते थे दोनों. लेकिन आज कितना कुछ बदल गया है. आज किरण की नजरों में वह एक बेवकूफ इंसान है. कोई सलीका नहीं है उस में. कोई काम का आदमी नहीं रहा वह. ‘काश, मैं और किरण एक न हुए होते तो आज मैं वह न बन गया होता लोगों की नजरों में, जो मैं हूं ही नहीं,’ मन ही मन बोल नकुल आसमान की तरफ देखने लगा.

किरण और नकुल दोनों एक ही कंपनी में जौब करते थे. जब नकुल ने पहली बार किरण को कंपनी मीटिंग में देखा, तो उसे देखता ही रह गया. गोरी, लंबी कदकाठी, बड़ीबड़ी आंखें, खुले बाल और उस पर उस के बात करने के अंदाज से तो नकुल की आंखें ही चौंधिया गई थीं.

किरण भी नकुल का गठीला बदन, घुंघराले बाल और उस के बात करने के अंदाज से प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाई थी. कुछ ही महीनों में दोनों की मुलाकात बढ़तेबढ़ते ऐसे मुकाम पर पहुंच गई जहां अब एक दिन भी बिना मिले उन्हें चैन नहीं पड़ता था. औफिस के बाद वे घंटों व्हाट्सऐप पर चैटिंग के साथ फोन पर भी बातें करते. साथसाथ घूमनाफिरना, फिल्म देखना, शौपिंग करने जाना और छुट्टियों में किसी हिल स्टेशन पर एकदूसरे में खो जाना उन की आदतें बन चुकी थी. अकसर नकुल किरण को महंगेमहंगे गिफ्ट देता तो किरण भी उस के पसंद का उपहार लाना नहीं भूलती थी.

दीनदुनिया से बेखबर दोनों एकदूसरे की कंपनी खूब ऐंजौय करते थे. ऐसा लगता था कि वे एकदूसरे के लिए ही बने हैं और जन्मजन्मांतर तक वे कभी एकदूसरे से अलग नहीं होंगे. दोनों इतने अच्छे और प्यारे जीवनसाथी बनेंगे कि उन का पूरा जीवन खुशनुमा हो जाएगा. किरण बड़े हक से नकुल पर और्डर पर और्डर झड़ती, तो नकुल भी हंसतेहंसते उस के सारे नखरे उठाता था.

‘‘नहीं नकुल, मुझे तो शाहरुख खान की ही फिल्म देखनी है. सोच लो, नहीं तो मैं नहीं जाऊंगी, तुम अकेले ही जाओ फिल्म देखने,’’ नाक सिकोड़ते किरण बोली.

‘‘अरे यार, तुम लड़कियां भी न… फिल्म अच्छी हो या बुरी पर देखने जाना ही है, क्योंकि उस में शाहरुख खान जो है. देखो मेरी तरफ, क्या मैं शाहरुख खान से कोई कम हूं मेरी क… क… किरण…’’ बोल कर नकुल जोर से हंसने लगा था.

उस के डायलौग पर किरण भी खिलखिला कर हंस पड़ी और बोली, ‘‘बस… बस… बस… तुम से नहीं हो पाएगा मेरे शाहरुख… तुम तो रहने ही दो,’’

इस पर किरण को बांहों में भरते हुए नकुल बोला था कि कोई बात नहीं जो उस ने डायलौग कैसा भी मारा हो, पर किरण के लिए उस का प्यार तो सच्चा है न.

‘‘हूं… बात में दम है बौस,’’ कह कर किरण ने उस के सीने पर प्यार का एक घूंसा बरसाया.

नकुल ने खींच कर उसे अपनी मजबूत बांहों में भरते हुए चूम लिया.

सिनेमाहौल से बाहर निकलते हुए नकुल ने मुंह बनाते हुए कहा था, ‘‘मुझे फिल्म जरा भी पसंद नहीं आई.

‘‘वह तो मुझे भी नहीं आई, पर उस में शाहरुख खान तो था न,’’ बोल कर जब किरण हंसी तो नकुल उसे देखते रह गया.

आगे पढ़ें- हंसते वक्त किरण के बायां गाल पर…

Athiya Shetty-KL Rahul शादी के बाद साथ में नजर आए, फैन्स बोले- कौन कहेगा इनकी शादी हुई है…

बॉलीवुड एक्ट्रेस अथिया शेट्टी और भारतीय क्रिकेटर केएल राहुल ने बीती 23 जनवरी को शादी की थी. इसके बाद ये एक कपल अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट से अपने प्री-वेडिंग फंक्शन की फोटोज फैंस के लिए शेयर कर रहा है. इसी बीच अथिया शेट्टी और केएल राहुल शादी के बाद पब्लिक प्लेस पर में साथ में नजर आए हैं. इन दोनों को देखते ही पैपराजी एक्टिव हो गए और दोनों को अपने कैमरे में कैद करने लगे. अथिया शेट्टी और केएल राहुल की नई तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं.

 

 

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शादी के बाद डिनर पर जाते केएल राहुल- अथिया शेट्टी

केएल राहुल और आथिया शेट्टी की डिनर डेट के वीडियोज और फोटोज को कई पैपराजी ने अपनी इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर शेयर किया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि आथिया नीले और भूरे रंग की प्रिंटिड शर्ट और ब्लू डेनिम पहने हुए हैं. वहीं, केएल राहुल ब्लू डेनिम और सफेद रंग की सिंपल टी शर्ट पहने हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो में आप देख सकते हैं कि अथिया फोटोग्राफर्स से पीछे हटने के लिए कह रही हैं. इसके बाद वह राहुल के साथ चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान के साथ पोज देने के लिए रुकती हैं.

 

 

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फैंस ने किया कपल को ट्रोल

हालांकि, फैन्स आथिया शेट्टी और केएल राहुल को उनके कैजुअल कपड़ों के लिए ट्रोल कर रहे हैं. दरअसल, शादी के बाद एक साथ दोनों पहली बार नजर आए हैं, लेकिन दोनों ने ही काफी कैजुअल कपड़े पहने हुए हैं. आमतौर पर इससे पहले जब भी कोई सेलिब्रिटी कपल शादी के बाद पहली बार पैपराजी के सामने आया है तो पूरी तरह से तैयार होकर आता है. दुल्हन हाथ में चूड़ा, मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और साड़ी या सूट-सलवार पहने हुए नजर आती है. वहीं, आथिया शेट्टी इससे बिल्कुल अलग जींस और शर्ट पहने हुए नजर आईं. इसके साथ ही ना उनकी मांग में सिंदूर था और ना ही गले में मंगलसूत्र. ऐसे में फैन्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. एक फैन ने वीडियो पर कमेंट करते हुए कहा कि कौन कहेगा इनकी शादी हुई है.

YRKKH: अपनी गलतियों की माफी मांगेगा अभी, अभिमन्यु जानेगा आभीर का सच!

टीवी सीरियल ये रिश्ता क्या कहलता है लगभग 14 सालों से दर्शकों के दिलों में राज कर रहा है. सीरियल में अब तक कई बार स्टार कास्ट में बदलाव हुआ है लेकिन हर बार सीरियल की कहानी ने लोगों का ध्यान खींच लिया. ये रिश्ता क्या कहलाता है का करेंट ट्रैक अक्षरा और अभिमन्यु पर चल रहा है. दोनों एक-दूसरे से अलग हो चुके हैं लेकिन इन दोनों का आमना-सामना भी हो गया. बीते एपिसोड में देखने को मिला था कि अभि अक्षरा से माफी मांगता है क्योंकि उसने तलाक के समय अक्षु पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. इस सीन पर ही बीता एपिसोड खत्म हो गया था. लेकिन अब कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट आने वाला है. आइए आपको बताते हैं कि अपकमिंग एपिसोड में क्या-क्या होने वाला है.

 

अभिमन्यु को खरी-खोटी सुनाएगी अक्षरा

ये रिश्ता क्या कहलाता है (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) के अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि अक्षु से माफी मांगने के बाद अभिमन्यु चला जाता है. तो वहीं अक्षरा सोच में रह जाती है. लेकिन वह अभि को हर सवाल का जवाब देना चाहती है इसलिए वह उसके पीछे भागती है और फिर एक जगह पर उसे अभि की कार दिखती है. यहां पर वह अभिमन्यु से साफ कहती है कि वह उसे माफ नहीं कर सकती. अक्षरा कहती है कि जिस तरह छह साल से दर्द में वह जी रही है उसी तरह उसे भी जीना होगा. और इसी तरह यहां से जाना भी होगा.

 

अभिनव के सामने आएगी अभिमन्यु की सच्चाई

वहीं, जहां अक्षरा अभिमन्यु से बात कर रही होती है तो घर पर अभिनव के सामने सारी सच्चाई आ जाती है. वह बैठा-बैठा सारी पुरानी बातों को जोड़ने लग जाता है, जिससे उसे पता चलता है कि अभिमन्यु ही अक्षरा का अभि है. इसके बाद वह अक्षु को बाहर ढूंढने निकल जाता है. लेकिन उसे अक्षरा नहीं मिलती। हालांकि, जब वह घर लौटता है तो अक्षु घर ही होती है. इसके बाद दोनों के बीच अभिमन्यु को लेकर बात होती है. इस मौके पर अक्षु उससे माफी मांगती है क्योंकि उसने अभिनव को सारी सच्चाई नहीं बताई.

अभिमन्यु को पता चलेगा अभीर का सच

ये रिश्ता क्या कहलाता है में एक और बड़ा ट्विस्ट आने वाला है. सीरियल में जैसे ही अभिनव को सारी सच्चाई पता चलेगी तो वह अभिमन्यु को अभीर के बारे में बताने की बात करेगा. वह अक्षरा से कहता है कि अभि को पता होना चाहिए कि अभीर उसका ही बेटा है. हालांकि इसके लिए अक्षु मना कर देती है.

क्या बहू-बेटी नहीं बन सकती

लेखक- डा. अर्जनिबी युसुफ शेख

कमरे से धड़ाम से प्लेट फेंकने की आवाज आई. बैठकरूम में टीवी देख रहे भाईबहनों के बीच से उठ कर आसिम आवाज की दिशा में कमरे में चला गया. आसिम के कमरे में जाते ही उस की बीवी रजिया ने फटाक से दरवाजा बंद कर दिया. यह आसिम की शादी का दूसरा ही दिन था.

आसिम की बीवी रजिया देखने में बड़ी खूबसूरत थी. उस की खूबसूरती और बातों पर फिदा हो कर ही आसिम ने उस से शादी के लिए हां भर दी थी. वैसे वह आसिम की भाभी की बहन की बेटी थी. बड़ी धूमधाम से दोनों की शादी हुई. घर में नई भाभी के आ जाने से आसिम के भाई और आसिम के मामू के बच्चे यानी मुमेरे भाईबहन भी बहुत खुश थे.

आसिम के घर में सगे और ममेरे भाईबहनों के बीच कोई भेद नहीं था. एक बाड़े में भाईबहन के अलगअलग घर थे परंतु साथ ऐसे रहते थे जैसे सब एक ही घर में रहते हों.

सब साथ खाना खाते, साथ खेलते, साथ मेले में जाते थे. फूप्पी भाई के बच्चों को भी अपने बच्चों की तरह संभाला करती और भाभी भी ननद के बच्चों को अपने बच्चों जैसा ही प्यार करती. वास्तव में बच्चों ने भेदभाव देखा ही नहीं था. इसलिए उन्हें यह कभी एहसास हुआ ही नहीं

कि वे सगे भाईबहन नहीं बल्कि मामूफूप्पी के बच्चे हैं.

अगले दिन शाम के समय जब फिर सब भाईबहन टीवी देखने बैठे तो आसिम कमरे में ही रहा. वह सब के बीच टीवी देखने नहीं आया. इस के अगले दिन फिर सब एकत्रित अपनी पसंद का सीरियल देखने साथ बैठे ही थे कि आसिम की बीवी दनदनाती आई और रिमोट से अपनी पसंद की मूवी लगा कर देखने बैठ गई.

आसिम की अम्मीं ने जब यह देखा तो वे बहू से कहने लगीं, ‘‘बेटा, सब जो सीरियल देख रहे हैं वही तू भी थोड़ी देर देख ले. सीरियल देखने के बाद चले जाते हैं बच्चे.’’

बातबात पर लड़ाई

दरअसल, आसिम के मामू के यहां टीवी नहीं था और न ही उन्हें अलग से टीवी लेने की जरूरत महसूस हुई कभी. एक टीवी के ही बहाने अपना पसंदीदा सीरियल या कोई खास मूवी देखने सब एक समय बैठक में नजर आते थे. अगले दिन फिर जब सब उसी वक्त टीवी देखने बैठे तो आसिम की बीवी रजिया ने आ कर टीवी बंद कर दिया. सब चुपचाप बाहर निकल गए. धीरेधीरे सब की समझ में आ गया कि रजिया भाभी को सब का बैठना अखरता है.

दोपहर के समय पार्टी मामू के यहां जमती थी. रजिया को आसिम का मामू के यहां बैठना भी अखरता. वह बुलाने चली जाती. आसिम उठ कर नहीं आता तो उस की बड़बड़ शुरू हो जाती. सुबह देर तक सोना, उठ कर सास द्वारा बना कर रखा हुआ खाना खाना और कमरे में चले जाना. न 2 देवरों की उसे कोई फिक्र थी न सासससुर से कुछ लेनेदेने की परवाह.

कुछ समय बाद छोटे भाई की शादी हुई. नई बहू ने धीरेधीरे घर को संभाल लिया. हर काम में सब की जबान पर छोटी बहू अमरीन का ही नाम रहता. अमरीन के साथ घर के सदस्यों का हंसनाबोलना रजिया को अखरने लगा. वह बातबात पर अमरीन से झगड़ने लगती.

सास को लगा समय के साथ या औलाद होने पर रजिया सुधर जाएगी. वह 3 साल में 2 बेटियों की मां बन गई, लेकिन उस के व्यवहार में कोई उचित परिवर्तन नहीं हुआ. किसी न किसी बात से रोज किसी न किसी से लड़ना, इस की बात उस से कहना और तिल का पहाड़ बना देना उस की आदत बन चुकी थी. झगड़ा भी खुद करती और अपनी मां को घंटों फोन पर जोरजोर से सुनाने बैठ जाती. पूरा घर उस की बातबात पर लड़ाई से परेशान हो चुका था.

अच्छी है समझदारी

अयाज एक पढ़ालिखा लड़का है. औनलाइन वर्क में वह थोड़ाबहुत कमा लेता है. घर में 2 भाभियां हैं. दोनों के 3-3 बच्चे हैं. छोटी बहू का छोटा बच्चा बहुत छोटा है, इसलिए वह सासससुर को चायनाश्ता जल्दी दे नहीं पाती. बड़ी बहू अपने 3 बच्चों के साथ सासससुर और देवर का भी ध्यान करती है. वालिदैन ने चाहा अब छोटे की शादी करवा देनी चाहिए ताकि बड़ी बहू के काम में कुछ आसानी हो जाए. काफी लड़कियां अयाज को दिखाई गईं. लेकिन उसे एक भी पसंद नहीं आई.

2 महीने बाद एक दोस्त ने फिर एक लड़की दिखाई. वह गांव में बेहद गरीब परिवार से थी. अयाज को वह पसंद आ गई. अयाज ने लड़की को एक मोबाइल दिला दिया. दोनों घंटों बातें करते. रिश्ता पक्का हुआ ही था कि कोरोना के चलते लौकडाउन लग गया. अयाज जल्दी शादी के लिए उत्सुक था. लौकडाउन में जरा सी ढील मिलते ही अयाज के साथ मां और दोनों भाई गए और दुलहन को निकाह पढ़ा कर ले आए. दुलहन के वालिदैन गरीब थे, इसलिए कुछ भी साथ न दे सके. रस्मों और विदाई का छोटा सा खर्च भी अयाज को ही करना पड़ा.

अयाज के वालिदैन यह सोच कर खुश थे कि अयाज की बीवी रेशमा गरीब घर से होने के कारण यहां खातेपीते घर में खुश रहेगी. वैसे भी घर में है ही कौन? 2 बड़ी बहुएं, वे भी अलगअलग. तीनों बेटियां अपनेअपने घर. इस छोटी बहू से उम्मीद थी कि उस के आने से काम में थोड़ी आसानी हो जाएगी.

अयाज का निकाह होना था कि वह जैसे सब को भूल गया. दूसरे दिन से अयाज के कमरे का दरवाजा अकसर लगा रहने लगा. अयाज आवाज देने पर बाहर आता. भाभी का बनाया हुआ खाना कमरे में ले जाता और दोनों बड़ी बैठ कर खाना खाते.

बात का बतंगड़

15 दिन बीत चुके थे. अयाज ने भाभी से कह दिया कि उन दोनों का खाना न बनाए. वह दोनों के लिए बाहर से खाना ले आता और सीधा  कमरे में चला जाता. वालिदैन बड़ी बहू के भरोसे बैठे रहते, लेकिन अयाज पूछता तक नहीं.

शायद अयाज की बीवी रेशमा को डर था  कि वह सब से छोटी बहू होने के कारण सासससुर की जिम्मेदारी उसी पर न पड़ जाए. वह कमरे के बाहर भी नहीं निकलती. एक बार सास ने जरा सा कह दिया कि ऐसे तौरतरीके नहीं होते. खानदानी बेटियां ससुराल में अपने मांबाप का नाम रोशन करती हैं. यह सुनना था कि रेशमा ने बड़बड़ शुरू कर दी. अयाज के सामने सास की मुंहजोरी करने लगी.

अयाज ने उसे चुप करने की कोशिश की, लेकिन रेशमा को यह बुरा लग रहा था कि अपनी मां को कुछ कहने की जगह अयाज उसे चुप बैठने का बोल रहा है.

सास चुप हो गई थी, लेकिन रेशमा और अयाज में ठन गई. अयाज ने गाली देते हुए रेशमा को चुप होने के लिए कहा. लेकिन रेशमा ने उसी गाली को दोहराते हुए कह दिया, ‘‘होंगे तुम्हारे मांबाप.’’

गाली को प्रत्युत्तर में सुनते ही अयाज ने रेशमा को तमाचा जड़ दिया. थप्पड़ बैठते ही रेशमा गुस्से से लालपीली हो गई. उस ने तपाक से दरवाजा बंद किया और फल काटने के लिए रखा चाकू उठा कर खुद के हाथ की नस काटने की कोशिश करने लगी. अयाज चाकू छीनने लगा.

रेशमा गुस्से में बड़बड़ा रही थी, ‘‘अब एक को भी नहीं छोड़ूंगी. सब जाएंगे जेल.’’ बाहर भाभियां, दोनों भाइयों, सासससुर को कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करें. अंदर से छीनाझपटी की आवाजें उन्हें परेशान कर रही थीं. छोटे बच्चे रोने लगे. दोनों भाइयों ने दरवाजा तोड़ दिया.

अयाज ने रेशमा के हाथ से चाकू छीन लिया, लेकिन इस छीनाझपटी में हलका सा चाकू उस के हाथ पर लग गया था जिस से खून निकल रहा था. सब ने राहत की सांस ली कि शुक्र है उस के हाथ की नस नहीं कटी. शादी के 20 ही दिन में इस हादसे से पूरा परिवार सहम और डर गया था. ऐसा झगड़ा उन्होंने अपने जीवन में कभी नहीं देखा था.

मन में डर

समीर बड़ी मेहनत व मशक्कत से अपने परिवार को संभाल रहा था. दोनों बड़े भाई उसी के पास काम करते थे. वालिदैन, 3 भाई, 2 बड़ी भाभियां, उन के 4 बच्चे और 4 बहनों से परिपूर्ण परिवार में गरीबी थी पर सुकून था. अब तक 3 बहनों की शादी वे कर चुके थे. बड़ी बहन घर की जिम्मेदारी निभा रही थी, इसलिए उसे पहले अपनी छोटी बहनों की शादी करनी पड़ी. समीर हर एक काम बहन से सलाह ले कर करता. दिनबदिन तरक्की करते हुए वह अब ग्रिल वैल्डिंग ऐंड फिटिंग का बड़ा कौंट्रैक्टर बन गया.

रोज रात में सोने से पहले वह आंगन में जा कर किसी से बात करता है यह सब जानते थे. धीरेधीरे पता चला कि समीर किसी काम के सिलसिले में नहीं बल्कि किसी लड़की से बात करता है. समीर समझदार है वह किसी में यों ही नहीं फंसेगा, यह सोच कर किसी ने समीर से कुछ नहीं पूछा.

3 साल बीत गए. समीर के वालिद समीर की शादी के पीछे पड़ गए. समीर ने यह बात लड़की को बता दी. अब उस के फोन घर के नंबर पर भी आने लगे. वह दूर प्रांत से थी. घर के लोग चाहते थे समीर यहीं कि किसी अच्छी लड़की से शादी कर ले. समीर निर्णय नहीं ले पा रहा था. उसे डर था कि उस लड़की को वह करीब से जानता नहीं.

अगर उस की बात मान कर उस से शादी कर ले और बाद में वह इस से खुश न रहे तो? यह एक सवाल था जो समीर के मन को सशंकित किए हुए था और उसे उस लड़की से शादी करने से रोक रहा था. घर के लोग लड़की देख रहे थे और समीर हर किसी में कमी बताते हुए रिजैक्ट करता जा रहा था.

समीर की बड़ी बहन समीर के दिलोदिमाग को जानती थी. वह जानती थी कि किसी अन्य लड़की से शादी कर के समीर खुश नहीं रह पाएगा. 3 साल तक जिस से सुखदुख की हर बात शेयर करता रहा, उसे भुला देना आसान नहीं होगा समीर के लिए. उस ने फरहीन नामक उस लड़की से बात की और उसे साफतौर से कह दिया कि हमारे यहां और तुम्हारे यहां के माहौल में बहुत अंतर है. हमारे यहां लड़की जल्दी घर से बाहर नहीं निकलती. एक खुले माहौल में रहने के बाद बंद वातावरण में रहना तुम्हारे लिए मुश्किल होगा.

मगर फरहीन रोरो कर गिड़गिड़ाती रही, ‘‘बाजी मैं सब एडजस्ट कर लूंगी. किसी को शिकायत का मौका नहीं दूंगी.’’

तब समीर की बहन ने उस से कह दिया, ‘‘मैं कोशिश करती हूं घर के लोगों को समझने की, लेकिन वादा नहीं करती.’’

2 दिन बाद समीर की बहन ने समीर को समझने की कोशिश की और कहा उसी लड़की से शादी करनी होगी तुझे, जिसे तू ने अब तक आस में रखा. घर के सभी सदस्यों को राजी कर समीर के घर से 4 बड़े लोगों ने जा कर शादी की तारीख तय की.

हां और न की मनोस्थिति में समीर ने शादी कर ली. फरहीन दुलहन बन घर आ गई. लेकिन समीर फिर भी खुश नहीं था. फरहीन ज्यादा खूबसूरत नहीं थी और वह जानता था इस से भी अच्छी लड़की उसे आसानी से मिल सकती थी. किंतु यह भी तय था कि अगर फरहीन किए वादे निभाती है तो वह अपने दिमाग से यह सोच निकाल देगा.

समीर बाहर से आ कर थोड़ी देर बहन के पास बैठता था. यह उस की हमेशा की आदत थी. फरहीन को यह अखरने लगा. घर में किसी से भी जरा सी बात कर लेने पर उस का मुंह फूल जाता. बड़ी भाभी काम करती और वह आराम फरमाती. उसे सब में कमियां दिखाई देतीं और किसी न किसी की बात को पकड़ कर बड़बड़ाती रहती. जरा सी बात का बतंगड़ बना देती और इतनी जोरजोर से बोलती कि घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद करने पड़ते.

अपने ही घर में पराए

घर के लोग अपने ही घर में पराए हो गए. उन्हें आपस की बात भी उस से छिप कर करनी पड़ती. इन हालात से तंग आ समीर ने तय कर लिया कि उसे मायके भेज कर फिर वापस नहीं लाना. लेकिन फरहीन के मायके जाने से पहले मालूम हुआ कि वह प्रैगनैंट है. समीर इस गुड न्यूज से खुश नहीं हुआ बल्कि उसे लगा कि वह फंस चुका है. ससुराल के लोगों को समीर से दूर रखने की कोशिश में फरहीन समीर के दिल से दूर होती जा रही थी.

वह नाममात्र के लिए ससुराल में थी दिलदिमाग उस का मायके में ही रहता. वह अपने भाईभाभियों को वालिदैन की ओर ध्यान देने की हिदायत करती. उन की समस्याएं सुनती, उन्हें समझती. अकसर वहां की खुशी और दुख उस के चेहरे से साफ समझे जा सकते थे.

समय के साथ फरहीन मां बन गई. लेकिन उस की आदतें नहीं बदलीं. बच्चे की जिंदगी बरबाद न हो यह सोच कर उसे सहना समीर

की जिंदगी का हिस्सा बन गया. वह ये सब अकेले सह भी लेता, किंतु खुद की बीवी द्वारा अपने घर के लोगों का चैनसुकून बरबाद होते देखना उस की मजबूरी बन चुकी थी. फरहीन

को एक शब्द कहना मतलब बड़े तमाशे के लिए तैयार होना था.

सवाल अहम है

सवाल यह है कि बेटी को क्या यही सीख मायके से मिलती है? ससुराल में आते ही घर की एकता को तोड़ने की कोशिश से क्या वह बहू अपना दर्जा और सम्मान पा सकती है? शौहर पर सिर्फ और सिर्फ मेरा अधिकार है यह समझना यानी शादी कर के क्या वह बहू शौहर को खरीद लेती है? क्या एक बेटी अपनी ससुराल में किए गए गलत व्यवहार से अपने पूरे गांव, गांव की सभी बेटियों को बदनाम नहीं करती?

जो बेटी ससुराल में रहते हुए अपने भाईभाभियों को वालिदैन का खयाल रखने की ताकीद करती है वह खुद अपने कर्मों की ओर ध्यान क्यों नहीं देती? एक बेटी जिस तरह निस्स्वार्थ रुप से परिवार के प्रत्येक सदस्य का सुखदुख समझ लेती है, घर को एकजुट और आनंदित रखने का प्रयास करती है तो क्या बेटी बहू बन ससुराल के घर में बेटी सा वातावरण

नहीं रख सकती? ससुराल में पदार्पण करते ही बेटी स्वार्थी बन अपना कर्तव्य, अपनी सार्थकता क्यों भूल जाती है? क्या बहू बेटी नहीं बन सकती?

बंदर भी करते है रिवेंज किलिंग, पढ़ें खबर

आपको जानकार हैरानी होगी कि केवल मानव जाति ही एक दूसरे की रिवेंज किलिंग नहीं करते, जानवर भी करते है. हालाँकि ऐसी घटनाएं कई बार बंदरों के साथ हुई है, जब उन्होंने अपने बच्चे की मरने की गम में रास्ते पर जाते हुए मनुष्य पर घात लगाकर वार किया, जिसमेवह खुद को बचाने में समर्थ नहीं हुए और उस इंसान की मृत्यु हो गयी.

ऐसी ही कुछ घटना घटी है महाराष्ट्र के बीड में, जहाँ तीन महीने से चली आ रही जंग अब ख़त्म हो चुकी है. 250 से अधिक पिल्लों की ‘रिवेंज किलिंग’में मार चुके दो खूंख्वार बंदरों को नागपुर वन विभाग ने पकड़ लिया है. इन बंदरों को नागपुर ले जाकर नजदीक के किसी जंगल में छोड़ दिया जाएगा.

बीड के लावूल गाँव में ये वार तब शुरू हुई जबकई कुत्तों ने मिलकर एक बंदर के बच्चे को मार डाला. इसके बाद ये दोनों बंदर जब भी किसी कुत्ते की पिल्ले को देखते थे, उन्हें उठा लेते थे और उन्हें किसी ऊँचे पेड़ या मकान के ऊपर ले जाकर नीचे गिरा देते थे. ऐसा करते-करते उन दो बंदरों ने तकरीबन 250 पिल्लों को मार डाला है.

गाँव वालों ने वन विभाग से इन बंदरों के बारें में शिकायत की, क्योंकि इन बंदरों ने पिल्लों को मारने के अलावा स्कूल जाने वाले कुछ बच्चों पर भी एटैक किया, ताकि लोग डरे और उन्हें इस काम में बाधा न डाले.

असल में बंदर किसी भी घटना को बहुत दिनों तक याद रखते है,उनकी याद रखने की शक्तितक़रीबन मनुष्य की तरह ही है. ऐसे में उनके बच्चे के साथ हुए किसी भी बात को वे सह नहीं पाते. कई बार उन्हें ये समझने में समय लगता है कि उनका बच्चा मर चुका है, क्योंकि मृत बच्चे को भी माँ अपने सीने से लगाये घूमती रहती है.

यौन अक्षमता से पीड़ित महिलाएं

अगर आपका पार्टनर लम्‍बे समय से सेक्‍स के लिए न कह रही हैतो यह चिंता का विषय हो सकता है. ये भी संभव है कि आपकी पार्टनर सेक्‍स के प्रति रुझान न होने की समस्‍या से जूझ रही है. इसे महिला यौन अक्षमता भी कहा जाता है. इस शब्द का उपयोग किसी ऐसे व्यक्ति को परिभाषित करने के लिए किया जाता है जो अपने साथी को सेक्‍स के दौरान सहयोग नहीं करता. महिलाओं में एफएसडी यानी फीमेल सेक्सुअल डिसफंक्शन होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे सेक्स के दौरान दर्द या मनोवैज्ञानिक कारण. ज्यादातर मामलों मेंहालांकिएफएसडी को मनोवैज्ञानिक कारणों के लिए जिम्मेदार माना जाता है. इस परिदृश्य मेंमहिलाओं के लिए किसी पेशेवर से मदद लेना महत्वपूर्ण होता है.

इस समस्या के मुख्य कारण हैं ;

1. मनोवैज्ञानिक कारण

पुरुषों के लिए सेक्‍स एक शारीरिक मुद्दा हो सकता हैलेकिन महिलाओं के लिए यह एक भावनात्मक मुद्दा है. पिछले बुरे अनुभवों के कारण कुछ महिलाएं भावनात्मक रूप से टूट जाती हैं. वर्तमान में बुरे अनुभवों के कारण मनोवैज्ञानिक मुद्दे या फिर अवसाद इसका कारण हो सकता है.

2. और्गेज्‍म तक न पहुंच पाना

एफएसडी का दूसरा भाग एनोर्गस्मिया कहलाता है. यह स्थिति तब होती है जब व्‍यक्ति को या तो कभी और्गेज्‍म नहीं होता या वह कभी इस तक पहुंच ही नहीं पाता. ऑर्गेज्‍म तक पहुंचने में असमर्थता भी एक मेडिकल कंडीशन है. सेक्स में रुचि की कमी और और्गेज्‍म तक पहुंचने में असमर्थता दोनों ही स्थिति गंभीर हैं. यह मुख्य रूप से इसलिए होता है क्योंकि महिलाएं अधिक फोरप्ले पसंद करती हैं. अगर ऐसा नहीं हो रहा तो और्गेज्‍म तक पहुंचना मुश्किल है. इसका मनोचिकित्सा के माध्यम से इलाज किया जा सकता है. महिलाओं को अपने रिश्ते में सेक्स के साथ समस्याएं होती हैं. यदि आपको ऐसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैतो आपको अपने एंड्रोलौजिस्ट को जल्द से जल्द दिखाना चाहिए ताकि समस्या संबंधों को प्रभावित न करे.

3.  फीमेल सेक्सुअल डिसफंक्शन का इलाज और उपचार

जहां तक घरेलू उपचार का सवाल हैएफएसडी के इलाज में वास्तव में यह बहुत प्रभावी नहीं होते. बाजार में कई तरह के महिला वियाग्रा मौजूद हैं लेकिन ये आमतौर पर अपेक्षित नतीजे नहीं दे पाते. महिलाएं लेजर के साथ योनि कायाकल्प ट्राई कर सकती हैं. आप चाहें तो प्लेटलेट रिच प्लाज़्मा (पी आर पी ) थेरेपी भी अपना सकती हैं. इस क्षेत्र में ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने के लिए योनि के पास इंजेक्शन दिया जाता है. इसे ओ-शौट के रूप में जाना जाता है.

यदि आप यौन संबंध का आनंद नहीं ले रहे हैं तो डाक्टर को दिखाना जरूरी है। उसके बाद डाक्टर जांच करेगा. दोनों भागीदारों के लिए यौन परामर्श उपयोगी हो सकता है. दिनचर्या बदलने और अलग-अलग पदों की कोशिश करके इसे और अधिक रोचक बनाने की कोशिश करना उपयोगी हो सकता है. योनि क्रीम या स्नेहक की कोशिश की जा सकती है. ज्यादातर महिलाओं कोविशेष रूप से जब वे बूढी हो जाती हैं तो संभोग शुरू करने से पहले अधिक उत्तेजना और फोरप्ले की आवश्यकता होती है. योनि प्रवेश के साथ ज्यादातर महिलाओं को संभोग के दौरान संतुष्टि नहीं होती है. उन्हें अपने साथी द्वारा अपने निप्पलस और क्लिटोरिस को संभोग करने में सक्षम होने के लिए चूमने, छूने इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है. हस्तमैथुन या मौखिक सेक्स जैसी अन्य यौन गतिविधियों की कोशिश की जा सकती है.

डा. अनूप धीर अपोलो हॉस्पिटल नई दिल्ली

Urfi Javed ने कहा- कलाकारों को हिंदू-मुस्लिम में बांटना ठीक नहीं, कंगना रनोट ने बोला…

उर्फी जावेद और कंगना रनोट दोनों ही एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की ऐसी अभिनेत्रियां हैं, जो अपने बेबाक बोल के लिए फेमस हैं. एक तरफ जहां कंगना ट्वीट के जरिए इंडस्ट्री पर ही कई बार निशाना साध चुकी हैं, तो वही उर्फी भी सोशल मीडिया पर उन पर उठने वाले सवालों का मुंहतोड़ जवाब देती हैं. हाल ही में कंगना के बाद अब उर्फी जावेद ने कला को मजहब में बांटने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सभी एक्टर्स को सिर्फ ‘एक्टर्स’ बताया. उनके इस ट्वीट पर बॉलीवुड क्वीन कंगना रनोट ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है.

 

 

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कंगना ने उर्फी जावेद के ट्वीट पर दिया ये जवाब

उर्फी जावेद ने सोशल मीडिया पर चल रहे बॉलीवुड में हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पर अपनी राय देते हुए ट्वीट किया था. उन्होंने लिखा था, ‘ओह माय गॉड, ये क्या डिवीजन है, मुस्लिम एक्टर्स, हिंदू एक्टर्स. कला किसी भी धर्म में नहीं बंट सकती, वह सिर्फ एक्टर्स हैं’. उर्फी के इस ट्वीट पर अब कंगना रनोट ने री-ट्वीट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है और एक्ट्रेस का समर्थन करते हुए लिखा, ‘हां मेरी प्यारी उर्फी, एक आदर्श दुनिया होगी, लेकिन ये तब तक मुमकिन नहीं है, जब तक हमारे पास समान आचार संहिता नहीं होगी. जब तक ये देश संविधान में बंटा हुआ है, तब तक ये विभाजित ही रहेगा। आइए, हम सब पीएम नरेंद्र मोदी से 2024 के मेनिफेस्टो में सामान आचार संहिता की मांग करें. क्या हम ऐसा करेंगे?

 

 

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क्या है ये पूरा मामला

दरअसल पठान को मिल रही सफलता के बाद प्रोड्यूसर प्रिया गुप्ता ने शाह रुख खान के ‘पठान’ के गाने पर झूम रहे फैंस का एक वीडियो शेयर किया था. जिसे शेयर करते हुए उन्होंने कहा था कि ये वीडियो इस बात का प्रूफ है कि हिंदू और मुस्लिम दोनों शाह रुख खान को बराबर का प्यार करते हैं. बायकॉट विवाद ने फिल्म को हार्म नहीं किया, लेकिन मदद की’. उनके इस ट्वीट पर कंगना ने जवाब देते हुए लिखा था, ‘बहुत ही अच्छा विश्लेषण दिया है आपने…इस देश ने सिर्फ खांस को प्यार किया है और एक समय पर सिर्फ और सिर्फ खान को… लोग एक समय पर मुस्लिम एक्ट्रेसेज से ऑब्सेस्ड थे. इसलिए भारत पर नफरत और फासीवाद का आरोप लगाना बहुत गलत है’.

Bigg Boss 16: फीनाले से पहले एक बार फिर भिड़ी अर्चना-निम्ररित

टीवी के कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस 16 में अब हर किसी की नजरें फिनाले पर टिकी हुई हैं. जहां इस शो के फैंस सोशल मीडिया पर सिर्फ विनर की बात कर रहे हैं तो वहीं, घर में भी अब कंटेस्टेंट का हर एक कदम ट्रॉफी को ध्यान में रखकर ही उठाया जा रहा है. लेकिन इस बीच भी कुछ कंटेस्टेंट्स का लड़ाई-झगड़ा खत्म नहीं हो रहा. बिग बॉस 16 के अपकमिंग एपिसोड में निमृत कौर अहलूवालिया और अर्चना गौतम के बीच गंदी वाली लड़ाई होने वाली है. इस दौरान दोनों ही एक-दूसरे पर चिल्लाती नजर आएंगी. इतना ही नहीं, निमृत तो अर्चना को मारने की बात तक कह देंगी. मजेदार बात यह है कि दोनों की लड़ाई पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी रिएक्शन देने शुरू कर दिए हैं.

 

 

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निमृत और अर्चना में हुई लड़ाई

दरअसल, बिग बॉस 16 (Bigg Boss 16) के लेटेस्ट एपिसोड का नया प्रोमो सामने आया है, जिसमें निमृत और अर्चना लड़ती नजर आ रही हैं. हालांकि, वह दोनों क्यों लड़ रही हैं ये तो किसी को नहीं पता. इस प्रोमो में देखा जा सकता है कि दोनों ही एक-दूसरे पर चिल्ला रही हैं और फिर निमृत भड़कते हुए कहती हैं अपनी जुबान देख पागल लड़की. इसके बाद निमृत अर्चना को मुंह तोड़ देने की धमकी तक देती हैं. हालांकि, शालीन एक्ट्रेस को रोक लेते हैं. दूसरी तरफ अर्चना भी खूब चिल्ला रही हैं. वहीं, अब ट्विटर पर लोग इस बात का अनुमान लगा रहे हैं कि दोनों की लड़ाई किस बात पर हो रही हैं. एक यूजर ने लिखा, ‘निमृत को क्या हुआ. उसे तो आसानी से टिकट टू फिनाले मिल रहा है.’ दूसरे ने लिखा, ‘बौखला गई निम्मी.

 

 

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किसके हाथ लगेगा टिकट टू फिनाले

बता दें कि बिग बॉस 16 में निमृत कौर अहलूवालिया पहली टिकट टू फिनाले पाने की कंटेस्टेंट बनी हैं. लेकिन अब यह मौका भी एक्ट्रेस से छिन सकता है. जल्द ही घरवालों को टिकट टू फिनाले पाने का एक और चांस मिलने वाला है, जिसमें घरवालों ने अपनी पूरी जान लगा दी है. बिग बॉस द्वारा दिए गए टास्क में प्रियंका, अर्चना और एमसी स्टैन के बीच कुछ ऐसा होने वाला है, जिस वजह से यह टास्क भी शायद रद्द होगा.

जब खरीदें लिपस्टिक

लिपस्टिक हर महिला की मेकअप लिस्ट में शामिल होती है क्योंकि इस के बिना मेकअप अधूरा सा लगता है. चाहे महिलाएं हैवी आई मेकअप कैरी करें या फिर लाइट मेकअप, ऐसा हो ही नहीं सकता कि वे लिपस्टिक से मेकअप को फाइनल टचअप न दें क्योंकि यह उन के मेकअप की जान बन कर जो उभरती  है.

ऐसे में मार्केट में ढेरों लोकल से ले कर ब्रैंडेड उत्पाद उपलब्ध हैं, जो सस्ते से ले कर महंगी लिपस्टिक देने तक का औप्शन देते हैं और आज हर लड़की या महिला हर दिन कुछ नया ट्राई करने की चाह में रोजाना लिपस्टिक के नए शेड्स ट्राई करने के चक्कर में अधिकांश बार सस्ती लिपस्टिक के विकल्प को चुनना ज्यादा बेहतर समझती है, जो भले ही उसे स्टाइलिश व ट्रैंडी दिखाने का काम करे, लेकिन क्या महिलाएं जानती हैं कि ऐसा कर के वे अपने लिप्स की हैल्थ के साथ खिलवाड़ कर रही हैं.

इसलिए जरूरी है लिपस्टिक खरीदते वक्त ब्रैंड व लिपस्टिक में होने वाले इनग्रीडिऐंट्स को ध्यान में रखना.

लिपस्टिक में क्या देखना है जरूरी

बनी हो नैचुरल इनग्रीडिऐंट्स से:

आज दुनियाभर में मेकअप प्रोडक्ट्स की बाढ़ सी आई हुई है और साथ ही मेकअप प्रोडक्ट्स कैमिकल्स से भी भरे होते हैं, जिन्हें अगर बिना सोचेसम?ों खरीद लें तो वे हैल्थ के लिए हानिकारक साबित होते हैं. इसलिए जब भी लिपस्टिक खरीदें तो देखें कि उस में पौलीइथिलीन ग्लाइकोल नामक पैट्रोलियम तत्त्व व अन्य कैमिकल्स न हों क्योंकि ये नर्वस सिस्टम के लिए हानिकारक साबित होते हैं, साथ ही इन से स्लीप डिसऔर्डर, उलटी, पेट में दर्द, पेट फूलना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

ऐसे में शिया बटर, जोजोबा औयल, और्गन औयल, कैस्टर औयल युक्त लिपस्टिक्स का चयन करें क्योंकि ये लिप्स को हाइड्रेट रखने के साथसाथ उन्हें हील कर के उन्हें सौफ्ट व स्मूद बनाने का काम भी करते हैं.

ह्यलूरोनिक ऐसिड है बैस्ट:

ह्यालूरोनिक ऐसिड इनग्रीडिऐंट न सिर्फ फेशियल सीरम या फिर फेशियल क्रीम के लिए जरूरी होता है, बल्कि यह बैस्ट लिपस्टिक्स का भी मुख्य इनग्रीडिऐंट माना जाता है क्योंकि यह नैचुरल हुमेक्टैंट होने के कारण स्किन को हाइड्रेट रखने के साथसाथ उस की इलास्टिसिटी को भी बनाए रखने में मदद करता है. साथ ही इस से लिप्स प्लंप व ज्यादा रिफ्रैश लगने के कारण पूरे लुक को उभारने का काम करते हैं.

अवौइड करें पैराबेंस:

अधिकांश कौस्मैटिक प्रोडक्ट्स में खतरनाक पैराबेंस का इस्तेमाल किया जाता है, जिस के बारे में अनजान रहने के कारण इस से युक्त कौस्मैटिक प्रोडक्ट्स जिन में लिपस्टिक भी शामिल है खरीद लेती हैं. लेकिन आप को बता दें कि पैराबेंस लिप्स के जरिए आसानी से शरीर में प्रवेश कर के आप के हारमोंस को प्रभावित करने के साथ फर्टिलिटी पर भी विपरीत प्रभाव डालने का काम करते हैं, स्किन इरिटेशन का कारण बनते हैं, साथ ही ब्रैस्ट कैंसर का भी. इसलिए जब भी लिपस्टिक खरीदें तो देखें कि उस में पैराबेंस का इस्तेमाल न हुआ हो. 

हों सेफ प्रिजर्वेटिव्स:

मेकअप प्रोडक्ट्स जैसे लिपस्टिक की सैल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए कैमिकल प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है, तो उस से स्किन ऐलर्जी, कैंसर, नर्वस सिस्टम प्रभावित होने के साथसाथ हारमोंस का संतुलन बिगड़ने की वजह से महिलाएं जीवनभर पेरैंट्स बनने के सुख से भी वंचित रह सकती हैं.

ऐसे में जरूरी है कि कैमिकल प्रिजर्वेटिव की जगह सेफ प्रिजर्वेटिव्स वाली लिपस्टिक्स का इस्तेमाल करें, जिस में शामिल हैं रोजमैरी, विटामिन इ, जोजोबा एस्टर्स. इन में ऐंटीबैक्टीरियल प्रौपर्टीज होती हैं, जो सेफ होने के साथसाथ लिप्स को ऐक्सफौलिएट और उन्हें स्मूद बनाने का काम करती हैं.

बचें हैवी मैटल्स से:

अगर आप में भी लिपस्टिक लगाने की दीवानगी है अगर उस में लेड या फिर अन्य हैवी मैटल्स जैसे क्रोमियम, कैडमियम, ऐल्यूमिनियम इत्यादि हैं तो सावधान हो जाएं क्योंकि लेड की जरा सी भी मात्रा कंज्यूम करने से आप के व्यवहार व आप की सीखने की क्षमता पर सीधा असर पड़ता है. लेड एक न्यूरोटौक्सिन होता है, जो नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है, साथ ही इस में मौजूद हैवी मैटल्स से शरीर के अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ने पड़ता है.

इसलिए इन के खतरे से बचने के लिए हमेशा लेड फ्री लिपस्टिक्स ही खरीदें. कोशिश करें कि लाइट शेड्स की लिपस्टिक लगाएं क्योंकि उस में हैवी मैटल्स नहीं होते हैं. अगर आपको डार्क लिपस्टिक शेड्स लगाने का शौक है तो हर्बल व ब्रैंडेड लिपस्टिक ही खरीदें.

सिलिकौन फ्री लिपस्टिक हो:

लिपस्टिक को ग्लौसी व लौंगलास्टिंग कलर देने के लिए उस में सिलिकौन का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन यह स्किन पर न्यू सैल्स को बनने से रोकने का काम करता है, जिस से डैड स्किन रिमूव नहीं हो पाती है, जो लिप्स की डलनैस, उन के डार्क होने का कारण बनती है. साथ ही यह कैमिकलयुक्त होने के कारण हैल्थ के लिए किसी खतरे से कम नहीं होती है. इसलिए ऐसे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें जो सिलिकौन फ्री हों.

फ्रैगरैंस फ्री हैं अच्छे:

कौस्मैटिक्स में अरोमा या उस के फ्लेवर को बढ़ाने के लिए उस में फ्रैगरैंस का इस्तेमाल किया जाता है, जिस में ढेरों कैमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो लिप्स के जरीए शरीर में जा कर ऐलर्जी, कैंसर व रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर बुरा प्रभाव डालने का काम करते हैं. इसलिए आजकल ब्रैंडेड लिपस्टिक्स में फ्रैगरैंस के लिए ऐसैंशियल औयल प्लांट लीव्स, फ्रूट्स आदि से एक्सट्रेक्ट किया जाता है, जो नैचुरल फ्रैगरैंस के लिए अच्छा व सेफ औप्शन है.

रेटिनोल पेल्मिट न हो:

यह एक सिंथेटिक विटामिन ए है. इस का इस्तेमाल लिपस्टिक में ऐंटीऔक्सीडैंट के रूप में किया जाता है. यह कैंसरकारी इनग्रीडिऐंट माना जाता है. यह लिप्स के जरीए आसानी से शरीर में अब्जौर्ब हो कर सब से पहले रेटिनोल और फिर रेटिनोइड ऐसिड में परिवर्तित हो जाता है, जो टौक्सिन कैमिकल्स बना कर डीएनए को नुकसान पहुंचाने का काम करता है. इसलिए लिपस्टिक में इस इनग्रीडिऐंट से दूरी बना कर रखें.

टौप 5 नौनटौक्सिन लिपस्टिक ब्रैंड्स

100% प्योर: यह नेचुरल, पैराबेन व सल्फेट फ्री है, जो हैल्दी फू्रट पिगमैंट्स व कोको बटर, शिया बटर व विटामिन ई से बनी होने के कारण पूरी तरह से सेफ है, साथ ही लिप्स को कलर व मौइस्चराइज करने का भी काम करती है.

सौल्ट्री आयुर्वेदिक:

अगर आप अपने लिप्स को कैमिकल्स से दूर रखना चाहती हैं तो यह लिपस्टिक आप के लिए बैस्ट है क्योंकि यह टैक्स्चर में रिच होने के साथसाथ 100% लेड फ्री है. यह और्गेनिक इनग्रीडिऐंट्स जैसे क्लैरीफाइड बटर, हनी व आमंड औयल से बनी है. बस आप को अपनी पसंद के शेड को चूज करने की.

एनन:

यह शिया बटर, जोजोबा, अैर्गन व कैस्टर औयल जैसे नैचुरल इनग्रीडिऐंट्स से बनी होने के कारण लिप्स के लिए सेफ है व उन्हें सुपर हाइड्रेट व खूबसूरत बनाने का भी काम करती है.

रूबी और्गेनिक:

इस में शिया बटर, मैंगो बटर, टोकोफैरोल जैसी नैचुरल चीजों का इस्तेमाल किया गया है. इसे लिप्स की हैल्थ का खास ध्यान रख कर बनाया गया है.

बायोटिक नैचुरल मेकअप दिवा पाउट लिपस्टिक:

इस का क्रीमी टैक्स्चर होने के साथ यह लिप्स पर लंबे समय तक स्टे करती है. यह ऐसैंशियल औयल से बनी होने के कारण आप बिना सोचेसमझें इसे अपनी मेकअप किट में शामिल कर सकती है. इसलिए अब जब भी लिपस्टिक खरीदें तो ब्रैंडेड व इनग्रीडिऐंट्स देख कर कर ही लिपस्टिक खरीदें ताकि लिप्स खूबसूरत भी दिखें और सुरक्षित भी रहें.

Salman Khan का नाम सुनते ही भड़की Malaika Arora, गुस्से में बोलीं- ‘सलमान ने मुझे…’

मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora) आज भी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में छाई रहती हैं. मलाइका अरोड़ा की पहली शादी सलमान खान (Salman Khan) के भाई अरबाज खान से हुई थी. अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा बॉलीवुड के पॉवर कपल्स में शुमार थे लेकिन कुछ कारणों से दोनों ने अपनी राहें अलग करने का फैसला कर लिया था. तलाक होने के बाद भी मलाइका (Malaika Arora and Arbaaz Khan) का रिश्ता अरबाज खान और उनके परिवार से किसी ना किसी रूप में जुड़ा ही रहा.

 

 

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करियर पर उठा सवाल तो भड़कीं मलाइका अरोड़ा!

मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora Movies) को लेकर इंडस्ट्री में अक्सर ही लोग कहते-सुनते थे कि मलाइका का करियर बनाने के पीछे सलमान (Salman Khan Movies) का हाथ है. इसी बात पर भड़कते हुए मलाइका ने एक तगड़ा जवाब दिया था. दरअसल, ड्रामा क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) ने मलाइका अरोड़ा पर तंज कसते हुए कहा था, कि सलमान खान के परिवार से होने के चलते मलाइका अरोड़ा (Malaika Arora Tv Shows) पर कभी भी आइटम गर्ल का तमगा नहीं लगा.

 

 

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राखी ने किया मलाइका से सवाल

राखी सावंत ने मलाइका अरोड़ा (Rakhi Sawant and Malaika Arora Controversy) के बारे में बात करते हुए कहा था कि खान फैमिली से रिश्ता होने के कारण उन्हें इंडस्ट्री में कई मौके मिले. राखी सावंत (Rakhi Sawant Dance Video) को सुनने के बाद मलाइका ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा था, ऐसा होता तो मुझे सलमान खान की हर फिल्म में आइटम सॉन्ग करना चाहिए था. मलाइका ने साथ ही कहा था, ‘मैं सेल्फ मेड हूं और सलमान खान ने मुझे नहीं बनाया है…’

 

 

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ऐसे शुरू हुई थी लव स्टोरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान (Arbaaz Khan) पहली बार एक फोटोशूट के दौरान मिले थे. दोनों को पहली बार में ही एक-दूसरे से प्यार हो गया था. कुछ समय तक डेटिंग के बाद दोनों ने साल 1991 में शादी कर ली थी. हालांकि, साल 2017 में मलाइका और अरबाज का तलाक हो गया. दोनों का बेटा अरहान विदेश में आगे की पढ़ाई कर रहा है. अक्सर दोनों अपने बेटे की वजह से साथ देखे जाते हैं. अरबाज से तलाक के बाद मलाइका अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) के साथ रिलेशनशिप में हैं. वहीं, मलाइका ने ‘छईयां-छईयां’, ‘मुन्नी बदनाम हुई’ और ‘अनारकली डिस्को चली’ जैसे कई सुपरहिट आइटम सॉन्ग किए हैं.

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