BB 16: इस हफ्ते ‘नो इलीमिनेशन’, क्या टीना को बचाएंगे बिग बॉस!

Bigg Boss 16 update: टीवी का सबसे मजेदार और फेमस रियलिटी शो बिग बॉस 16 इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है. हालिया एपिसोड में एक बार फिर प्रियंका चाहर ने अकेले ही मंडली के सभी सदस्यों की क्लास लगा दी. इस दौरान प्रियंका और शिव ठाकरे के बीच जमकर बवाल हुआ. इन सभी के बीच निमृत कौर ने फिर से बाजी मार ली है. टिकट टू फिनाले और कप्तानी फिलहाल उनके पास ही है. वहीं अपकमिंग एपिसोड में बिग बॉस के घर में नॉमिनेशन को लेकर टास्क होने वाला है, जिसमें टीना दत्ता समेत कई सदस्य नॉमिनेट होने वाले हैं. इस बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें ये बताया जा रहा है कि इस बार कोई भी कंटेस्टेंट घर से बेघर नहीं होने वाला है.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by ColorsTV (@colorstv)

इस हफ्ते नहीं होगा कोई भी बेघर

BiggBoss-Tak ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक रिपोर्ट शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि इस हफ्ते कोई भी सदस्य शो से आउट नहीं होगा. लोगों का मानना है कि टीना दत्ता को बचाने के लिए बिग बॉस ने ये दांव खेला है. सोशल मीडिया पर यूजर्स कमेंट करते हुए बिग बॉस को जमकर ट्रोल कर रहे है. हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि इस वीकेंड घर से कोई बेघर नहीं होगा. बीते दिन एक और खबर सामने आई थी जिसमें ये जानकारी दी गई थी कि इस वीकेंड फराह खान शो को होस्ट करने वाली है.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by ColorsTV (@colorstv)

अर्चना गौतम और प्रियंका चाहर के बीच हुआ विवाद

बताते चलें कि हाल ही में इस शो से सौंदर्या शर्मा बाहर हुई है. घर से निकलते ही उन्होंने कई खुलासे किए. सौंदर्या ने प्रियंका चाहर और शिव ठाकरे को खरीखोटी सुनाई है. वहीं सौंदर्या ने अर्चना गौतम की जमकर तारीफ भी की है. वो चाहती हैं कि इस शो को अर्चना गौतम जीते. सौंदर्या के जाने के बाद अर्चना भी बिग बॉस में अकेले पड़ गई. कुछ दिनों से अर्चना और प्रियंका फिर से बात करने लगे थे. लेकिन हालिया एपिसोड में दोनों के बीच फिर से विवाद हो गया.

सई को छोड़ पाखी को अपनाएगा वीनू, सई लेगी चव्हाण परिवार से बदला!

स्टार प्लस का धमाकेदार सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ इन दिनों कई ट्विस्ट और टर्न्स से गुजर रहा है. नील भट्ट और आयशा सिंह के शो ‘गुम है किसी के प्यार में’ की पूरी कहानी इन दिनों विनायक के इर्द-गिर्द घूम रही है. लोग यह देखने के लिए बेताब हैं कि आगे चलकर विनायक सई को अपनी मां मानता भी है या फिर केवल पत्रलेखा के साथ रही रहता है. बीते दिन भी ‘गुम है किसी के प्यार में’ में दिखाया गया था कि पत्रलेखा खुद को विनायक की यशोदा मैय्या बताती है. वहीं दूसरी ओर सई विनायक को घर लाने की तैयारी करती है. लेकिन ‘गुम है किसी के प्यार में’ में आने वाले मोड़ यहीं पर खत्म नहीं होते हैं.

 

सई को चोर साबित करेगी पत्रलेखा

‘गुम है किसी के प्यार में‘ में जल्द ही दिखाया जाएगा कि पत्रलेखा वॉशरूम जाती है, लेकिन तभी कोई उसके पीछे से आकर उसके बैग में लेटर रख देता है. पत्रलेखा बाहर आकर देखती है तो उसे बैग अपनी जगह पर नहीं मिलता है. वह बाहर आती है तो बैग सई के हाथ में देखती है और बौखला जाती है. सई उसे बताती है कि बैग उसे जमीन पर पड़ा मिला, इसलिए उसने उठाकर देखना चाहा. लेकिन पत्रलेखा उसपर चोरी का इल्जाम लगा देती है और कहती है कि झूठ बोलने की भी हद होती है.

 

विनायक की बातें करेंगी सई को दुखी

‘गुम है किसी के प्यार में’ के स्कूल कॉम्पिटीशन में विनायक मां यशोदा और कान्हा की मूर्ति बनाता है और उसे अपनी मां को डेडिकेट करता है. वह सबके सामने पत्रलेखा को दुनिय की सबसे अच्छी मां कहता है. इतना ही नहीं, जीत के बाद भी वह मूर्ति को अपनी मां को देता है. इस बात से सई भावुक हो जाती है, क्योंकि वह चाहकर भी विनायक को अपना बेटा नहीं कह पाती है.

 

सई को कोसेगी भवानी

टीवी शो ‘गुम है किसी के प्यार में’ में देखने को मिलेगा कि भवानी सई को कोसेगी और कहेगी कि पहले हमारे चिराग को छीन लिया और अब पत्रलेखा के गोद लिये बेटे के पीछे पड़ी है. यह बातें सुनकर सई भी करारा जवाब देती है और कहती है कि जिस दिन आपके सामने सच आएगा, आप खुद मुझसे आकर माफी मांगेंगी.

नाश्ते में बनाएं टेस्टी एग सैंडविच

ब्रेकफास्ट करना बेहद जरूरी है लेकिन यह अक्सर मिस हो जाता है क्योंकि सुबह-सुबह इतना टाइम नहीं मिल पाता. हम आपको बताने जा रहे हैं, झट से तैयार होने वाले हेल्दी टेस्टी एग सैंडविच की रेसिपी.

सामग्री

– ब्रेड स्लाइस- 4 (ब्राउन ब्रेड भी ले सकते हैं)

– उबले हुए अंडे- 2 अच्छी तरह से चौप किए गए

– मेयोनिज या बटर- 4 टेबलस्पून

– रेड चिली फ्लेक्स- 1/2 टेबलस्पून

– स्वादानुसार नमक

– स्वादानुसार काली मिर्च पाउडर

– घी

– हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)

– सला

– टमाटर- 1 (पतली स्लाइस)

– हरा प्याज- 1/4 (बारीक कटा हुआ)

– प्याज- 1 (पतली स्लाइस)

विधि

– उबले अंडे, मेयोनिज, रेड चिली फ्लेक्स, स्वादानुसार नमक, हरी मिर्च (अगर आपको तीखा पसंद है) और स्वादानुसार काली मिर्च पाउडर को एक बोल में डालकर मिक्स कर लें.

– इस मसाले को 2 ब्रेड स्लाइसेस पर फैलाएं. स्टफिंग के ऊपर टमाटर, प्याज और हरे प्याज की स्लाइस लगाएं.

– अब दूसरी स्लाइस से स्टफिंग को कवर कर लें. मंद आंच पर तवा गर्म करिए. सैंडविच को तवे पर रखिए और किनारों पर हल्का सा घी लगाएं.

– 30 सेकंड के लिए कुक करें और फिर प्लेट में रख लें. आपका टेस्टी एग सैंडविच तैयार है.

समय के साथ बढ़ रहा है गाउन का चलन

समय के साथ पहलवा भी बदला है, आज कल पहनावों में ज्यादातर जगहों और अवसरों पर गाउन का चलन दिखाई दे रहा है. जिसे अपनाकर वह सुंदर तो दिखती ही हैं, साथ में कद में भी बढ़ा हुआ दिखतीं हैं. सही मायने में देखा जाए तो फैशन वही होता है, जिसमें कम्फर्ट, स्टाइल, लुक, कलर्स, डिजाइन और पैटर्न का शानदार कॉम्बिनेशन हो. फैशन को लेकर सबकी पसंद डिफरेंट होती है, लेकिन सुंदर दिखने का जुनून सब पर एक समान ही रहता है. आज युवा हर अवसरों पर खुद को अलग तरह से प्रेजेंट करना पसंद करते हैं.

ग्लोबल फैशन ट्रेंड में आने की वजह से गाउन अचानक काफी पापूलर हो गए हैं. आज फैशन इंडस्ट्री पर रेड कार्पेट का जबरदस्त असर दिखाई देता है. ऐसे में जब महिलाएं अपनी फेवरेट एक्ट्रेस को रेड कार्पेट पर किसी क्रिएशन में देखती हैं तो खुद को भी उसी अंदाज में इमैजिन करना शुरू कर देती हैं.

गाउन से बढ़ती सुंदरता –

मौजूदा समय में महिलाएं और लड़कियां पहनावे को लेकर वह काफी चिंतित रहतीं हैं. परिधानों का चयन करते समय इन बातों का ध्यान रखतीं हैं, कि किस परिधान में वह सुंदर और स्लिम नजर आएंगीं. आजकल वह ऐसे ही परिधानों को ज्यादा तरजी दे रहीं हैं, जो पहनावे के रूप में अवसरों पर भी इस्तेमाल किए जा सकें. इन दिनों लांग गाउंस ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं, जो धीरे-धीरे फैशन की निशानी बनते जा रहे हैं. इन गाउंस को लड़कियों के फिगर के अनुसार डिजाइन किया जा रहें हैं. जैसे हेल्दी महिलाओं और लड़कियों के लिए इस प्रकार से गाउन डिजाइन किए जाते हैं कि वह फिगर शेप स्लिम लगता है. इसी प्राकर जिनकी हाइट कम हैं, उनको ग्लैमर लुक दिया जाता है.

विवाह के समय गाउन को प्राथमिकता 

 

View this post on Instagram

 

#gowns #trending #india #instagram #followforfollowback #likeforlikes #share #love #new #happybirthday

A post shared by new fashion (@newfishion1) on

– गाउन वैसे  तो हर जगह किसी भी अवसर पर पहने जा सकते हैं, लेकिन जब विवाह के समय परिधान की बात होती है, तो गाउन को प्राथमिकता देतीं हैं. इसके अलावा विशेष अवसरों पर महिलाएं और लड़कियां गाउन को पसंद कर रहीं हैं. आमतौर पर हमेशा पहने जाने वाले गाउंस से ज्यादा आकर्षक दिखने वाले ब्राइडल गाउन आजकल बाजार में विशेष डिजाइनों में उपलब्ध हैं. यह गाउन आपके फिगर के साथ सुंदरता को भी बढ़ातें हैं. आजकल शादियों में दुल्हनों के लुक बेहतर बनाने के लिए गाउंस को एथेनिक लुक में डिजाइन किया जा रहा है. इससे वह विवाह के अवसर पर और अधिक सुंदर और स्लिम दिखतीं हैं.

बदलाव की कड़ी में फैशनेबल गाउन –

 

View this post on Instagram

 

#gowns #instagram #trending #india #followforfollowback #likeforlikes #foryou #share #girl #fishandchips

A post shared by new fashion (@newfishion1) on

गाउन फैशन के तौर पर हमेशा महिलाओं और लड़कियों के बीच मांग का परिधान रहा है. इसके डिजाइन में समय समय पर बदलाव भी होते रहें हैं. इसी बदलाव की कड़ी में गाउन को साथ साड़ी के साथ भी मैच कर दिया गया है. इस परिधान में डिफ्रेंट र्वजस में साड़ी ड्रेप्स दिए गए हैं. लेयर्स व पेस्टल प्रिंट में बनी लांग लेंथ सभी बॉडी शेप्स के लिए फिट है, वहीं लेयर्स में बना गाउन मोटी लड़कियों को भी स्लिम दिखाता है. गाउन की स्लीव्स लांग हो या शॉर्ट, गाउन ऑफ शोल्डर हो या वन शोल्डर कट अगर इसे डिफ्रेंट डिटेलिंग के साथ बनाया जाए तो यह खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है. इसे पहनने के बाद आप इस नए तरीके के गाउन के साथ और सुंदर दिखेंगीं ही साथ में स्लिम भी नजर आएंगी.

जब वैजाइनल डिस्चार्ज का बदले रंग

योंतो महिलाओं में वैजाइनल डिस्चार्ज होना आम बात है और इसे हैल्दी भी माना जाता है साथ ही यह फीमेल प्राइवेट पार्ट को खुजली, इन्फैक्शन और सूखेपन से भी बचाता है, मगर जब कई बार यह डिस्चार्ज नौर्मल न हो तो सावधानी बरतना जरूरी है. इस डिस्चार्ज को ले कर अधिकतर महिलाएं आमतौर पर कन्फ्यूज हो जाती हैं कि उन्हें कब डाक्टर से संपर्क करना चाहिए. आइए, जानते हैं स्त्री रोगों की जानकार डा. सुषमा चौधरी से वैजाइनल डिस्चार्ज के बारे में:

वैजाइनल डिस्चार्ज क्या है

वैजाइनल डिस्चार्ज महिलाओं में होने वाली एक नैचुरल प्रक्रिया है. यह वैजाइना के और सर्विक्स में स्थित गं्रथियों से लिक्विड फौर्म में रिलीज होता है. वैजाइनल डिस्चार्ज महिलाओं के लिए बहुत हैल्दी माना जाता है, क्योंकि यह शरीर से डैड सैल्स और बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है और प्राइवेट पार्ट को इन्फैक्शन आदि से दूर रखता है. आमतौर पर वैजाइनल डिस्चार्ज का रंग सफेद होता है. लेकिन कई बार इस के रंग में बदलाव भी देखने को मिलता है. अत: तब सावधान होने की जरूरत होती है.

क्यों बदलता है रंग

डिस्चार्ज का रंग तब बदलता है जब प्राइवेट पार्ट में किसी तरह का कोई इन्फैक्शन हो. डा. सुषमा के मुताबिक वैजाइनल डिस्चार्ज मुख्यतया 5 तरह के होते हैं:

गाढ़ा और सफेद रंग का डिस्चार्ज: अगर महिला के प्राइवेट पार्ट से गाढ़ा और सफेद रंग का डिस्चार्ज हो तो यह नौर्मल और हैल्दी डिस्चार्ज माना जाता है, लेकिन व्हाइट डिस्चार्ज के साथ अगर खुजली, जलन जैसी परेशानी भी हो रही हो, तो यह यीस्ट इन्फैक्शन हो सकता है. ऐसे में डाक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

यलो रंग का डिस्चार्ज

अगर वैजाइनल डिस्चार्ज का रंग पीला हो तो चिंता की बात हो सकती है, क्योंकि यलो डिस्चार्ज महिलाओं में तब होता है जब उन्हें बैक्टीरियल या फिर सैक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फैक्शन हो. यदि यलो डिस्चार्ज हो रहा है तो जल्द से जल्द डाक्टर से संपर्क करें.

ब्राउन रंग का डिस्चार्ज

इस तरह का डिस्चार्ज ज्यादातर अनियमित पीरियड्स के वक्त होता है. लेकिन सामान्य दिनों में भी अगर ब्राउन रंग का वैजाइनल डिस्चार्ज हो तो यह यूटरस या सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है. अत: आम दिनों में भी ब्राउन डिस्चार्ज हो रहा है तो तुरंत डाक्टर से चैकअप करवाएं.

हरे रंग का डिस्चार्ज

यह डिस्चार्ज भी यलो डिस्चार्ज की तरह बैक्टीरियल इन्फैक्शन या फिर सैक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फैक्शन की निशानी है.

यीस्ट इन्फैक्शन

यीस्ट इन्फैक्शन में डिस्चार्ज बिलकुल गाढ़ा सफेद निकलता है. इस के साथ यदि वैजाइनल एरिया में रैडनैस, जलन और खुजली भी हो तो संभव है कि यह यीस्ट इन्फैक्शन हो. ऐसे में प्राइवेट पार्ट को समयसमय पर क्लीन करते रहना बेहद जरूरी है.

इन बातों का रखें ध्यान

अंडरवियर

हमेशा कौटन से बने अंडरवियर का ही इस्तेमाल करना चाहिए. कई महिलाएं सिंथैटिक कपड़े से बने अंडरवियर का इस्तेमाल करती हैं, जो प्राइवेट पार्ट के लिए नुकसानदायक साबित होता है. दरअसल, सिंथैटिक कपड़े से बनी पैंटी त्वचा में हवा को पास नहीं होने देती, जिस से प्राइवेट पार्ट में पसीना ज्यादा आता है और फिर पसीने के वजह से बैक्टीरिया पनपते हैं और इस से खुजली होती है. कौटन की पैंटी का इस्तेमाल ऐसा नहीं होने देता.

पीरियड्स

पीरियड्स के समय इन्फैक्शन फैलने का खतरा ज्यादा रहता है. ब्लीडिंग की वजह से पीएच लैवल बदल जाता है. ऐसे में महिलाओं को खास ध्यान रखने की जरूरत होती है. पीरियड्स में सैनीटरी पैड को हर 4 घंटों में बदलते रहना चाहिए. यदि आप एक ही पैड का इस्तेमाल ज्यादा देर तक करती हैं तो आप को प्राइवेट पार्ट में जलन, खुजली, बदबू आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

प्यूबिक हेयर

प्राइवेट एरिया हमेशा ढका होता है और वहां अकसर पसीना रहता है. इस पसीने और गीलेपन की वजह से इन्फैक्शन होने की संभावना बनी रहती है. महिलाओं के पीरियड्स के समय अधिक बाल होने से भी हाइजीन प्रभावित होता है. हाइजीन मैंटेन रखने के लिए प्यूबिक हेयर हटाने जरूरी हैं.

ऐसे रखें साफसफाई का ध्यान

– जब भी प्राइवेट पार्ट की सफाई करें हमेश आगे से पीछे की ओर करें. दरअसल, गुदा और वैजाइना के पासपास में होने के कारण गुदा का बैक्टीरिया वैजाइना के संपर्क में आ जाता है, जिस से वैजाइनल इन्फैक्शन हो सकता है.

– कई बार महिलाएं प्राइवेट पार्ट को क्लीन करने के लिए कैमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करती हैं, जो नहीं करना चाहिए. साबुन या किसी भी कैमिकल प्रोडक्ट के इस्तेमाल से वैजाइना का पीएच लैवल कम हो जाता है और यह इन्फैक्शन का कारण भी बनता है.

– प्राइवेट पार्ट को क्लीन करने के लिए गरम पानी का इस्तेमाल करें.

बिग बॉस के फिनाले से पहले टीना को ऑफर हुई फिल्म, देखें फोटोज

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस का 16वां सीजन जल्द ही खत्म होने वाला है. इस शो में टिकट टू फिनाले का ऐलान हो गया है, जिसके साथ ही अब सबके बीच फिनाले में पहुंचने की रेस भी शुरू हो गई है. लेकिन इन सबके बीच बिग बॉस 16 में बैठे-बैठे ही कई कंटेस्टेंट्स के हाथ बड़े-बडे़ प्रोजेक्ट लगे हैं, जिसमें टीना दत्ता (Tina Dutta) का नाम भी शामिल है. टीना को शो में कई बार फेक कहा गया है, लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि शो में आने के बाद उनकी किस्मत बदल गई है. बीते दिनों, दावा किया गया कि टीना को कलर्स का एक टीवी शो ऑफर हुआ है. वहीं, अब जानकारी मिली है कि एक्ट्रेस साउथ इंडस्ट्री में तहलका मचाने वाली हैं.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by ColorsTV (@colorstv)

तेलुगू फिल्म से डेब्यू करेगी टीना दत्ता

दरअसल, बिग बॉस 16 (Bigg Boss 16) के एक फैन पेज के मुताबिक, टीना दत्ता के हाथ साथ की एक ब्लॉकबस्टर लग गई है. बीते दिनों जानकारी मिली थी कि टीना दत्ता कलर्स टीवी के सीरियल दुर्गा और चारू में नजर आएंगी. दावा किया गया कि सीरियल में लीप के साथ ही टीना की एंट्री होगी। वहीं, अब लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, टीना को साउथ की ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए अप्रोच किया है. उनकी पहली फिल्म तेलुगू भाषा में होगी। दावा किया गया कि शो से बाहर आने के बाद टीना मेकर्स से पूरी बातचीत करेगी. वहीं, इस न्यूज के बाद टीना के फैंस काफी ज्यादा खुश हो गए हैं

 

टीना के अलावा इन कंटेस्टेंट्स के हाथ लगे बड़े प्रोजेक्ट्स

बिग बॉस 16 में कई कंटेस्टेंट्स के हाथ बडे़ प्रोजेक्ट्स लगे हैं. निमृत कौर आहलूवालिया को एकता कपूर ने अपनी फिल्म लव सेक्स एंड धोखा के दूसरे पार्ट के लिए साइन किया है. वहीं, एकता ने शालीन भनोट को अपने टीवी सीरियल ब्यूटी एंड द बीस्ट में मौका दिया है. दावा किया गया है कि सलमान खान प्रियंका चाहर चौधरी को भी बिग बॉस के बाद कुछ बड़ा ऑफर कर सकते हैं.

YRKKH: अक्षरा को गुंडो से लड़ता देख उड़ें अभिमन्यु के होश

टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ सालों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है. इस सीरियल में अब तक कई जोड़ियां बनीं और हर किसी को फैंस ने भरपूर प्यार दिया है. इस दिनों कहानी अक्षरा और अभिमन्यु के इर्द-गिर्द घूम रही है. यह किरदार प्रणाली राठौड़ (Pranali Rathod) और हर्षद चोपड़ा (Harshad Chopda) निभा रहे हैं. सीरियल में इन दिनों देखने को मिल रहा है कि छह साल के लीप के बाद अक्षरा और अभिमन्यु की मुलाकात हो चुकी है और दोनों ही एक-दूसरे को देखकर बार-बार पुरानी यादों में खो जाते हैं. हालांकि, इन सबके बीच अभिनव नॉर्मल है और अक्षु से अपने दिल की बात करने की कोशिश करता है. लेकिन कहानी में ट्विस्ट यहीं खत्म नहीं होता. आइए आपको बताते हैं कि अपकमिंग एपिसोड में क्या-क्या होगा.

 

अक्षरा को ना गाता देख हैरान होगा अभिमन्यु

टीवी सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) में अक्षरा एक सिंगर थी लेकिन कहानी में आए लीप के साथ अक्षरा भी बदल गई है. उसने गाना गाना छोड़ दिया है और अब यह बात अभिमन्यु के सामने भी आएगी. अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि शादी में सब अक्षरा को गाना गाने की बात कहेंगे, लेकिन वह सबको बताएगी कि उसे गाना गाना नहीं आता. यह बात जैसी ही अभिमन्यु सुनता है तो हैरान रह जाता है. दूसरी तरफ इसी दौरान अभिमन्यु को अपनी मां का फोन भी आता है, जिससे वह बात करते करते भावुक हो जाता है. इस सीन के बाद अक्षरा शादी में जमकर डांस करती है और सबको नचाती है.

 

अक्षरा का नया रूप देख अभि के उड़ेंगे होश

वहीं, सीरियल में आगे देखने को मिलेगा कि अभिनव अक्षरा के लिए कॉफी बनाता है. इसी दौरान शादी में लाइट चली जाती है, जिसके बाद अभिमन्यु और अक्षरा अलग-अलग रास्ते से लाइट चेक करने जाते हैं, जहां दोनों को पता चलता है कि लाइट चोरी हो रही है. इस दौरान अक्षु लाइट चोर को खूब मारती है और यह चीज देख अभिमन्यु हैरान रह जाता है और फिर दोनों मिलकर घर की लाइट चालू करते हैं. इसके बाद सभी लोग शादी का मजा लेते हैं.

 

अभिमन्यु की चिंता करेंगी अक्षरा

ये रिश्ता क्या कहलाता है में मजेदार ट्विस्ट तो आखिरी में आएगा. सीरियल में आगे देखने मिलेगा कि अभिनव अभिमन्यु को शकरगंदी खिलाता है और यह चीज अक्षरा देख लेती है, जिसके बाद वह अभि को खाने से रोक देती है. इस दौरान वह अपनी आवाज ऊंची करके बताती है कि यह शकरगंदी है. इसके अलावा, आगे यह भी देखने को मिलेगा कि शराब के नशे में अभिमन्यु और अभिनव एक दूसरे से बातें करेंगे. इस दौरान अभिनव अभि को चोर बोल देगा. वह उससे कहेगा कि उसने अक्षरा को चुरा लिया है. यह बात सुनकर अक्षरा के भी होश उड़ जाएंगे.

आखिर क्यों आत्महत्या कर रहे हैं हमारे स्टूडेंट्स

भारत में हर घंटे एक स्टूडेंट आत्महत्या कर रहा है. हम उन देशो में से एक हैं जिनमें 15 से 29 साल के लोगो के बीच आत्महत्या की दर अधिकतम हैं. मुख्यतः भारत में इन आत्महत्याओं की वजह शिक्षा से संबधित तनाव को पाया गया हैं.

हाल ही में आई आई टी हैदराबाद के एक स्टूडेंट मार्क एंड्रू चार्ल्स ने पढ़ाई में खराब प्रदर्शन और नौकरी न मिलने के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मार्क ने आत्महत्या से पहले एक आठ पन्नो का सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने अपनी आत्महत्या की वजह खराब नंबर और अच्छी नौकरी न मिलने के डर को बताया है. आई आई टी हैदराबाद में स्टूडेंट द्वारा आत्महत्या का यह इस साल का दूसरा मामला हैं .

हमारे देश के लगभग हर राज्य से स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं. सन 2016 में सभी राज्यों और यूनियन प्रदेशों द्वारा होम मिनिस्ट्री को भेजे गए एक लेटेस्ट डाटा के मुताबिक 9474 बच्चो द्वारा आत्महत्या कि गयी. जिसमें महाराष्ट्र और बंगाल जैसे राज्यों में स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या करने का आकड़ा अधिक पाया गया.

गौर से अगर आप हमारी शिक्षा व्यवस्था और आत्महत्याओं के इन आकड़ो को देखेंगे तो पाएंगे कि यह सुसाइड नोट्स जो हमे प्रति घंटे देश के लगभग हर राज्य से प्राप्त हो रहे है. यह सुसाइड नोट्स नहीं बल्कि स्टूडेंट्स द्वारा संपूर्ण समाज को शिक्षा के प्रति स्टूडेंट्स पर असहनीय दबाव और बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था कि तरफ एक संकेत पत्र हैं.

भारतीय शिक्षा व्यवस्था और समाज में अगर कोई बच्चा आई आई टी या एम्स जैसे बड़े संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाता है तो उसे कमजोर या हारा हुआ माना जाता है . इस बात के चलते बच्चो पर पेरेंट्स द्वारा अच्छे नंबर लाने का दबाव प्राइमरी कक्षा से ही शुरू हो जाता हैं . अच्छे नम्बरो कि चाहत और आई आई टी, एम्स जैसे संस्थानों में दाखिला कराने के लिए पेरेंट्स अपने बच्चो को छोटी कक्षाओं से ही तैयार करने के लिए प्राइवेट कोचिंग भेजना शुरू कर देते हैं. जिस वजह से बच्चो को खेलने और ठीक से खाने तक का समय भी नहीं मिल पाता हैं .

महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में रहने वाले 9 वि कक्षा के स्टूडेंट सर्वेश मोघे बताते है कि कुछ बच्चो के घर से कोचिंग सेंटर्स बहुत दूर होने की वजह से वो अपने साथ स्कूल जाते समय ही तीन या चार टिफ़िन लेकर जाते है. क्यूंकि सुबह 7 बजे जब वो अपने घर से स्कूल  के लिए निकलते  है तो फिर रात 9 या 9: 30 तक घर पहुंचते है. आई  आई  टी जैसे कौलेज में भी अपने सहपाठियों से अव्वल आने के लिए और अंत में एक अच्छी जौब पाने कि होड़ में स्टूडेंट्स को १४ – १४ घंटे तक पढ़ना पड़ता  हैं . यह समय किसी कौर्पोरेट ऑफिस में कार्यरत व्यक्ति के काम करने के समय से भी ज्यादा है. इस तरह के शेड्यूल और वातावरण का स्टूडेंट के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर होता हैं .

पिछले कुछ सालो में सेंटर फौर द स्टडी ऑफ़ डेवलपिंग सोसाइटी के एक सर्वे के मुताबिक भारत में 10 में से 4 स्टूडेंट अवसाद ग्रस्त हैं . पेरेंट्स कि इछाओ का दबाव, अपने सहपाठियों से कम्पटीशन और इस नम्बरो कि अंतहीन दौड़ में भागते हुए स्टूडेंट्स कई बार अपने तनाव और डर को किसी से भी नहीं बाँट पाते और आत्महत्या का रास्ता चुन लेते हैं .

हमारे शिक्षण संस्थानों और यहां तक कि समाज में भी मानसिक स्वस्थ्य को बहुत ही काम महत्व दिया जाता है . जिसकी वजह से बच्चे उनके सामाजिक जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना नहीं कर पाते है. लगभग हर घर में बच्चो पर अधिक से अधिक नंबर लाने और अच्छी से अच्छी नौकरी को पाने का दबाव बनाया जाता हैं . अगर कभी पेरेंट्स को बच्चे के मनोवैज्ञानिक रोग से ग्रस्त होने का पता चलता हैं तब भी वे समाज के डर से बहुत समय तक अपने बच्चे को मनोवैज्ञानिक उपचार नहीं देते और उसके मानसिक स्वास्थ्य को छुपाते रहते है . इस से भी स्टूडेंट्स का मानसिक स्वास्थ्य और बिगड़ता जाता हैं .

प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था देश के विकास में रीढ़ कि हड्डी मानी जाती थी, जिसमे मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक तीनो बातो पर ध्यान दिया जाता था . आज भी हमारे कौलेज एवं शिक्षण संस्थानों को इसके लिए उचित प्रयास करने चाहिए ताकि बच्चो को उनके शिक्षण संसथान में ही मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ वातावरण मिल पाए . बच्चो के पेरेंट्स और प्रशासन को भी स्टूडेंट के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो कर कदम उठाने होंगे .

जौब के विषय में प्लेसमेंट कंपनियों को अपने प्लेसमेंट क्राइटेरिया को सिर्फ अच्छे नम्बरो तक ही सिमित नहीं देखकर उनकी योग्यता को आधार बनाना चाहिए . यू एस के कई राज्यों में स्टूडेंट से उसकी पिछली सैलरी और ग्रेड्स पूछना क़ानूनी अपराध के अंतर्गत आता है . भारत में भी इसी तरह के कदम उठाये जा सकते है. जिस से स्टूडेंट्स में तनाव कम हो और वो निश्चिन्त होकर अपनी योग्यता के आधार पर जौ   ब पा सके.

आशा है कि भविष्य में सावधानी बरतते हुए ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाकर, हम भारत के भविष्य को एक चिंतामुक्त और खुशहाल जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.

फिटनेस और फैशन से फैंस को हैरान कर रहीं हैं मोनिका बेदी, देखें फोटोज

रियलिटी शो बिग बॉस के सीजन 2 और झलक दिखला जा के सीजन 3 से लेकर सीरियल सरस्वतीचंद्र का हिस्सा रह चुकीं एक्ट्रेस मोनिका बेदी (Monica Bedi) अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रही हैं. वहीं इन दिनों अपने फैशन और फिटनेस को लेकर चर्चा में आ गई हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

अपने फैशन का रखती हैं ख्याल

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Monica Bedi (@memonicabedi)

47 साल की मोनिका बेदी इम दिनों अपनी फिटनेस और फैशन का खास ख्याल रखती नजर आ रही हैं. दरअसल, वह अपने काम के साथ-साथ बौक्सिंग जैसा वर्कआउट भी करती रहती हैं. 1990 के दशक की फिल्मों में नजर आ चुकी एक्ट्रेस मोनिका बेदी का फैशन किसी बौलीवुड हसीना के फैशन से कम नहीं है, जिसका अंदाजा हाल ही में उनकी फोटोज औऱ वीडियो से लगाया जा सकता है.

फिट हैं मोनिका बेदी

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Monica Bedi (@memonicabedi)

फिटनेस की बात करें तो एक्ट्रेस मोनिका बेदी को वर्कआउट करने का काफी शॉक है. वहीं सोशलमीडिया के जरिए वह अपने फैंस को इंस्पायर भी करती रहती हैं. वहीं अपने नए-नए लुक से फैंस की तारीफें बटोरती रहती हैं.

ग्लैमरस अंदाज से फैंस का जीता दिल

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Monica Bedi (@memonicabedi)

एक्ट्रेस मोनिका बेदी की फिटनेस और फैशन से फैंस काफी खुश रहते हैं. वहीं एक्ट्रेस अपने फैंस को खुश रखने के लिए सोशलमीडिया पर अपने नए-नए ग्लैमरस अंदाज की फोटोज शेयर करती रहती हैं.

डॉन को हुआ था प्यार

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Monica Bedi (@memonicabedi)

पर्सनल लाइफ की बात करें तो पुरानी फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस से जुड़ा एक खुलासा एस हुसैन जैदी की किताब माय नेम इज अबू सलेम में किया गया था. दरअसल, किताब में बताया गया था कि स्ट्रगल के दौरान एक्ट्रेस मोनिका बेदी पर डॉन अबू सलेम की नजर पड़ी थी, जिसके चलते सलेम ने उन्हें फिल्में दिलवाने  के लिए डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स को धमकाया था. हालांकि एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने अपनी कहानी में इसे सिर्फ एक हादसा बताया था

Face Scrub: कुछ बातों का रखें ध्यान

हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन हमेशा चमकती हुई रहे, उसके चेहरे पर गंदगी नजर न आए. और साथ ही उसकी स्किन हमेशा सोफ्ट व मुलायम बनी रहे. और इन सब में फेस स्क्रब का अहम रोल होता है. क्योंकि फेस स्क्रब त्वचा से सारी अशुद्धियो को हटाकर, डेड स्किन को रिमूव करके स्किन को ग्लोइंग बनाने के साथ उसे स्मूथ बनाने का काम जो करता है. और अगर इस संबंध में ये कहें कि ब्यूटी बिज़नेस में फेस स्क्रब का इस्तेमाल लंबे समय से किया जा रहा है, तो गलत नहीं होगा. लेकिन ये भी सच है कि लंबे समय से इसका इस्तेमाल करने के बाद भी हम चेहरे पर स्क्रब को अप्लाई करने के समय कुछ गलतियां कर ही बैठते हैं , जिसके कारण कभी हमारी स्किन रेड पड़ जाती है, तो कभी पील हो जाती है. ऐसे में जरूरी है कि जब भी आप फेस स्क्रब करें तो कुछ टिप्स व ट्रिक्स को ध्यान में रखें , ताकि आपको फेस स्क्रब से फायदा भी मिल जाए व आपकी स्किन को कोई नुकसान भी न पहुंचे.

क्यों करते हैं फेस स्क्रब

फेस स्क्रब स्किन को एक्सफोलिएट करने का काम करता है. जिससे स्किन से डेड स्किन रिमूव होकर पोर्स के क्लोग होने की समस्या नहीं होती है. बता दें कि धूलमिट्टी व गंदगी के कारण पोर्स बंद हो जाते हैं , जिससे एक्ने , स्किन पर जरूरत से ज्यादा सीबम का उत्पादन होने लगता है. जिससे स्किन ऑयली होने के कारण उस पर एक्ने की समस्या हो जाती है. ऐसे में फेस स्क्रब स्किन को अंदर से डीप क्लीन करके स्किन को क्लीन व ग्लोइंग बनाने का काम करता है.

जानते हैं इस संबंध डर्मेटोलॉजिस्ट पूजा नागदेव से.

टिप्स एंड ट्रिक्स फोर फेस स्क्रब

– फर्स्ट वाश योर फेस

जब भी आप फेस स्क्रब का इस्तेमाल करें तो उससे पहले अपनी स्किन को जरूर क्लीन करें, ताकि स्किन पर जमी गंदगी निकल सके. और साथ ही जो भी कोस्मेटिक्स आपने स्किन पर लगाया हुआ है वो रिमूव हो जाए , तभी उस पर फेस स्क्रब करने का अच्छा रिजल्ट मिल पाता है. इस बात का भी ध्यान रखना है कि आपका फेस हलका हलका गीला भी रहना चाहिए, ताकि उस पर स्क्रब करने में आसानी हो.

– आराम से मसाज करें

जरूरी नहीं कि बेहतर रिजल्ट के लिए चेहरे पर तेज तेज मसाज करने से ही अच्छा रिजल्ट मिलता है. बल्कि हार्ड हाथों से मसाज करने से स्किन के पील होने के साथ उसके रेड होने का भी डर बना रहता है. ऐसे में जब भी आप चेहरे पर स्क्रब करें तो हलके हाथों से 30 सेकंड तक सर्कुलर डायरेक्शन में ही स्क्रब करें. उसके बाद चेहरे को हलके गरम पानी से क्लीन करें. क्योंकि ये आपकी स्किन के नेचुरल आयल को बैलेंस में रखने का काम जो करता है. लेकिन आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि अगर आपकी स्किन पर किसी भी तरह की कोई एलर्जी है तो आप फेस स्क्रब करने से बचें.

– सही एक्सफोलिएशन के तरीके को अपनाना

अगर आपकी स्किन ड्राई, सेंसिटिव व एक्ने प्रोन स्किन है तो आपके लिए मैकेनिकल एक्सफोलिएशन का तरीका बिलकुल भी ठीक नहीं है. क्योंकि ये आपकी स्किन को नुकसान पहुंचाने का काम करता है. ऐसे में आपके लिए सोफ्ट एक्सफोलिएशन या फिर माइल्ड तरीका ही बेहतर रहेगा. स्ट्रोंगर केमिकल ट्रीटमेंट या फिर मैकेनिकल एक्सफोलिएशन ग्रीसी व मोटी स्किन वालों के लिए ठीक रहता है. और अगर आपकी स्किन डार्क है या फिर आपको अपने चेहरे पर डार्क एरिया ज्यादा नजर आते हैं तो आपको हार्श केमिकल्स व मैकेनिकल एक्सफोलिएशन से दूर ही रहना चाहिए. क्योंकि आज भी एक्सफोलिएशन की कुछ ऐसी टेक्निक्स हैं , जिसके कारण स्किन पर डार्क स्पॉटस हो सकते हैं. इसलिए जरूरी है एक्सफोलिएशन के सही तरीके को अपनाने की.

– इंग्रीडिएंट्स जरूर देखें

स्क्रब फार्मूलेशन में इस्तेमाल किए जाने वाले कई प्राकृतिक घटक त्वचा के लिए नुकसानदायक होते हैं. जैसे नमक, बादाम, फ्रूट पिट्स इत्यादि. भले ही ये नेचुरल हैं , लेकिन ये कई बार स्किन पर काफी हार्ड इफेक्ट डालने का काम करते हैं . जबकि दूसरी तरफ जोजोबा बीड्स, ओट्स, सिलिका व राइस ब्रैन बहुत ही कोमल व असरदार होते हैं , लेकिन इन सबके बावजूद भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है. जैसे अगर स्क्रब के कण बहुत छोटे हैं और वो उपयोग के दौरान घुल जाते हैं तो इसे ज्यादा व बारबार करने से बचें. ये भी देखना बहुत जरूरी है कि उसमें स्किन को मॉइस्चराइज करने के साथ शांत करने वाले तत्व भी हो. इसलिए हमेशा इंग्रीडिएंट्स चेक करके ही फेस स्क्रब का इस्तेमाल करें.

काम के टिप्स

– अगर आप स्किन को साफ करने के लिए रोजरोज स्क्रब कर रही हैं तो सावधान हो जाएं , क्योंकि इससे आपकी स्किन खराब हो सकती हैं. इसलिए हफ्ते में 1 – 2 बार ही स्क्रब करना चाहिए.

– कभी भी गंदे फेस पर स्क्रब न करें, बल्कि उससे पहले चेहरे को वाश जरूर करें. क्योंकि इससे पोर्स के ब्लॉक होने का डर रहता है.

– स्क्रबिंग हमेशा हलके हाथों से करनी चाहिए, वरना स्किन के रेड होने का डर रहता है.

– स्क्रब में हमेशा थोड़ा पानी मिलाकर ही उसका इस्तेमाल करना चाहिए.

– अपनी स्किन के हिसाब से ही स्क्रब का इस्तेमाल करें.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें