Athiya Shetty-KL Rahul Wedding: अथिया के लिए ऐसे सजा है ससुराल!

एक्ट्रेस अथिया शेट्टी (Athiya Shetty) जल्द ही अपने बॉयफ्रेंड और भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी केएल राहुल (KL Rahul) के साथ सात फेरे लेने वाली हैं. अथिया और केएल की शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक सुनील शेट्टी की बेटी 23 जनवरी को शादी रचाएंगी. अथिया और केएल राहुल की शादी के फंक्शन 3 दिनों तक चलेंगे. इस हॉट कपल की शादी की तारीख नजदीक आ गई है, ऐसे में सुनील शेट्टी के घर की सजावट भी शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह बेटी की विदाई के लिए सुनील शेट्टी का घर डेकोरेट हो रहा है

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by F I L M Y G Y A N (@filmygyan)

फैंस की एक्साइमेंट दिखीं

केएल राहुल और अथिया शेट्टी (Athiya Shetty) की शादी की यह तैयारी मुंबई के पाली हिल में हो रही हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस की एक्साइमेंट दोगुनी हो गई है. एक यूजर ने कमेंट करते हुए अथिया और केएल राहुल को बधाई दी तो वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा, “यही असली प्यार है.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Athiya Shetty (@athiyashetty)

अथिया शेट्टी (Athiya Shetty) और केएल राहुल (KL Rahul) की शादी के फंक्शन

अथिया शेट्टी और केएल राहुल जहां 23 जनवरी को सात फेरे लेगें तो वहीं 21 और 22 को हल्दी, मेहंदी और संगीत के फंक्शन होंगे. यह कपल सुनील शेट्टी के खंडाला वाले बंगले पर सात फेरे लेने वाला है. हालांकि शादी की खबरों को लेकर अभी तक अथिया शेट्टी और केएल राहुल के परिवार ने कोई जानकारी नहीं दी है.

अथिया और केएल राहुल का रिश्ता

बता दें कि अथिया शेट्टी और केएल राहुल काफी कई सालों से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं. अथिया केएल राहुल के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट टूर को भी अटैंड करती हैं. यह दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के प्रति प्यार भी जाहिर करते नजर आ जाते हैं. हाल ही में दोनों दुबई से न्यू ईयर सेलिब्रेट करके लौटे हैं.

BB 16: इस वजह से शालीन पर भड़की टीना, बोलीं- थप्पड़ मार दूंगी

सलमान खान का कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो बिग बॉस 16 (Bigg Boss 16) में टीना दत्ता और शालीन भनोट (Shalin Bhanot) का रिश्ता किसी को समझ नहीं आया. सलमान से लेकर दर्शक तक, दोनों के रिश्ते को फेक और मतलब का बता चुके हैं. इतना ही नहीं, खुद बिग बॉस भी ये कहते हुए दिख चुके हैं कि उन्हें दोनों के बॉन्ड के बारे में बात ही नहीं करनी. इसकी वजह ये है कि शालीन और टीना कई बार खेल में करीब आए हैं और कई बार झगड़े भी हैं. लेकिन अपकमिंग एपिसोड में शालीन भनोट, टीना दत्ता (Tina Dutta) के कैरेक्टर पर ही सवाल उठाते दिखाई देंगे, जिससे एक्ट्रेस इतना भड़क जाएंगी कि वह इस मामले में शालीन की एक्स वाइफ दलजीत कौर को खींच लेंगी.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by ColorsTV (@colorstv)

शालीन ने टीना दत्ता पर लगाया ये आरोप

दरअसल, बिग बॉस 16 का नया प्रोमो सामने आ गया है, जिसमें शालीन टिकट टू फिनाले राउंड में निमृत कौर अहलूवालिया (Nimrit Kaur Ahluwalia) का साथ देते हैं, जिस वजह से टीना दत्ता और प्रियंका चाहर चौधरी भड़क जाती हैं. प्रोमो में देखा जा सकता है कि बिग बॉस घर के कैप्टन का नाम सभी कंटेस्टेंट्स से पूछते हैं तब शालीन निमृत का नाम लेते हैं, जिस वजह से टीना और प्रियंका भड़क जाती हैं. इस लड़ाई-झगड़े में टीना-शालीन को दोगला बोलती हैं और फिर एक्टर भड़क जाते हैं. शालीन कहते हैं कि प्लानिंग प्लॉटिंग तुमने की है. टीना कितनी झूठी हो तुम. आपके साथ एक लड़का खत्म होता तो आप दूसरे के साथ चिपकने लग जाते हो.’

टीना ने शालीन को दिया जवाब

शालीन भनोट की इस बात पर टीना दत्ता बुरी तरह भड़क जाती हैं और उसे को थप्पड़ मारने की बात कहती हैं. हालांकि, जब शालीन शांत नहीं होते तो टीना इस पूरे मामले में दलजीत कौर का नाम ले लेती हैं और कहती हैं कि जब वह अपनी पत्नी की गरीमा नहीं रख पाया. तो क्या ही उम्मीद करें. इसके बाद टीना दत्ता शो से जाने की जिद भी करती हैं. एक्ट्रेस का कहना है कि उसे अब इसी हफ्ते इस शो से बाहर जाना है. अब देखना है कि ये पूरा मामला कहां तक जाता है.

बेदाग त्वचा पाना मुश्किल नहीं

महिला कामकाजी हो या गृहिणी अकसर खुद पर ध्यान नहीं दे पाती हैं. इस बारे में क्यूटीस स्किन स्टूडियो की कौस्मैटोलौजिस्ट और डर्मैटोलौजिस्ट डा. अप्रतिम गोयल कहती हैं कि हर महिला सब से सुंदर और आकर्षक दिखने की कोशिश करती है. यों खूबसूरत दिखना हर महिला की चाहती होती है मगर अपनी त्वचा में निखार लाने के लिए ज्यादा समय नहीं मिलता, तो कुछ ब्यूटी टिप्स आप के लिए बेहद उपायोगी साबित हो सकती हैं:

मौइस्चराइज
त्वचा को मौइस्चराइज करना सब से जरूरी और आसान कदम है, त्वचा को हाइड्रेटेड और ग्लोइंग दिखाने के लिए दिन में 2 बार मौइस्चराइज करें.

ऐक्सफौलिएट
माइल्ड स्क्रब से सप्ताह में 2 बार स्किन को ऐक्सफौलिएट करें. इस से त्वचा की बाहरी परत से मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद मिलती है. यह त्वचा से गंदगी की परत को हटा कर स्किन को चमकदार बनाता है और स्किन केयर प्रोडक्ट्स को त्वचा में गहराई से प्रवेश करने देता है.

क्लींजिंग
त्वचा के अनुसार सही क्लींजर का प्रयोग कर स्किन को क्लीयर करें. क्लींजिंग से पहले मेकअप को माईसैलर वाटर से साफ अवश्य
कर लें.

हैल्दी खाएं

– इस में शुगर और साल्ट को कट करें, हालांकि त्योहारों में यह करना मुश्किल है, लेकिन ऐसा कर पाने से रैडिएंट स्किन के साथसाथ पूरा दिन ऐनर्जेटिक रह सकेंगी.
-रिच ऐंटीऔक्सीडैंट्स फल जैसे साइट्रस फ्रूट्स, बेरीज, ऐवाकाडोस आदि लें.
– त्वचा को चमकदार बनाने के लिए विटामिन सी 1000 मिलीग्राम रोज लें. ग्लूटेथिओन टैबलेट्स के साथ लेने पर अच्छा परिणाम मिलता है.
-प्लंपी और हाइड्रेटेड त्वचा के लिए अधिक मात्रा में पानी पीएं. इस के अलावा ह्यायूरोनिक ऐसिड सीरम के प्रयोग से भी त्वचा हाइड्रेटेड और स्मूथ रहती है क्योंकि ह्यायूरोनिक ऐसिड एक शुगर मौलेक्यूल है, जो त्वचा में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है और यह त्वचा में फंसने पर पानी को कोलोजन से बांधने में मदद करता है, जिस से त्वचा खिली और अधिक हाइड्रेट दिखाई दे सकती है. ह्यायूरोनिक ऐसिड त्वचा के हाइड्रेशन को बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण है. फेस औयल भी ड्राई स्किन के लिए प्रयोग किया जा सकता है.
-पैक्स या शीट मास्क भी सप्ताह में एक बार अवश्य लगा लें ताकि आप रिलैक्स हो कर थकान वाले चेहरे को अवौइड कर सकें.
– त्योहारों से पहले भरपूर नीद लें और रिलैक्स रहें ताकि आप की मुसकराती और खिली त्वचा से कोई नजर न हटा सके और आप का चेहरी त्योहार वाले दिन सब के अट्रैक्शन का केंद्र बने.

कुछ अफोर्डेबल होम केयर टिप्स:

रोजवाटर:  प्लेन रोजवाटर से चेहरे को सोने से पहले 10 से 15 मिनट तक पोंछ लें. इस से त्वचा की थकान मिट जाती है, जिस से त्वचा खोई हुई नमी को पा लेती है. रोजवाटर का स्प्रे कई बार चेहरे पर करने से भी थकान मिटती है.

ऐलोवेरा: ऐलोवेरा का पल्प सप्ताह में 1 या 2 दिन लगाने पर स्किन की नमी बनी रहती है.

कच्चा आलू: कच्चे आलू को कद्दूकस कर उसे चेहरे पर सप्ताह में 1 या 2 बार लगा कर 10 से 15 मिनट तक मालिश करें. इस के बाद चेहरे को धो लें. इस से त्वचा की अनइवन स्किन टोन में भी सुधार होता है.

हलदी: हलदी के साथ शहद मिला कर अधिक मुंहासे वाले चेहरे पर लगाने से हलदी
की ऐंटीसैप्टिक गुण की वजह से एक्ने को कम करने के अलावा स्किन को कम इरिटेशन करती है. एक चुटकी हलदी के साथ बेसन या चावल का आटा मिला कर पेस्ट बना लें और 15 दिन में एक बार चेहरे पर लगाएं. यह स्किन की औयलीनैस को कम कर मुंहासों को चेहरे पर आने से रोकती है.

13-14 साल की उम्र में प्यार, क्या करें पेरैंट्स

कहते हैं प्यार किसी को किसी भी उम्र में हो सकता है. दिल ही तो है, कब किस पर आ जाए. किस्सेकहानियां कितनी पढ़ी हैं कि फलां को फलां से प्यार हो गया और इस के बाद ये हुआ, वो हुआ वगैरहवगैरह.

प्यार चीज ही ऐसी है. इंसान क्या, जानवर तक प्यार को पहचान जाते हैं. प्यार की अनुभूति से 60 साल का बूढ़ा दिल किशोरों के समान कुलांचें मारने लगता है. ऐसे में आप क्या कहेंगे यदि यही प्यार किशोरावस्था की पहली सीढ़ी पर कदम रखने वाले 14-15 साल के लड़केलड़की के बीच हो जाए तो?

तौबातौबा, उस लड़केलड़की के घर में तूफान आ जाता है जब उन के प्यार की भनक घर वालों को लग जाती है. बहुत ही कम सुनने में आता है कि 13-14 साल का प्यार परवान चढ़ता हुआ जवानी तक पहुंच गया हो और विवाह बंधन के सूत्र में उन के प्यार को घर व समाज वालों की स्वीकृति मिल जाए. क्या सोचा है कभी आप ने कि क्यों टीनएज लव सफल नहीं हो पाता. स्कूल के दिनों में हुआ यह प्यार किताबों के पन्नों में सिमट कर रह जाता है. परिपक्व प्यार या रिलेशनशिप में आने वाले विवादों को कपल्स सुल झाने की कोशिश करते हैं लेकिन अगर टीनएज में ऐसा कुछ होता है तो कपल्स एकदूसरे से किनारा करने के तरीके ढूंढ़ने शुरू कर देते हैं. ज्यादातर टीनएज लव असफल हो जाता है.

यह सही है कि शुरुआत में टीनएज लव चरम पर होता है. न जमाने की परवा, न समाज की बंदिशों का डर. शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो इस से बच पाया हो. हर इंसान के अपने स्कूलटाइम में कोई न कोई क्रश रहा होगा. जिन में हिम्मत होती है वे अपने क्रश को प्यार में बदल लेते हैं और कुछ अपनी हसरत दिल में दबाए बैठे रहते हैं.

टीनएज लव एक सामान्य व स्वाभाविक प्रक्रिया है. हार्मोनल चेंजेस के कारण बच्चे में शारीरिक व मानसिक दोनों तरह के बदलाव आते हैं. जननांग विकसित होने के कारण सैक्स के प्रति इच्छाओं का बढ़ना स्वाभाविक हो जाता है. यह वह अवस्था होती है जब न वह बच्चा रह जाता है और न वयस्क. विपरीत सैक्स के प्रति आकर्षण होने लगता है और यह आकर्षण किसी भी किसी के प्रति हो सकता है. अपनी हमउम्र के साथ या अधिक उम्रवाले के साथ भी.

साल 2002 में एक फिल्म आई थी- ‘एक छोटी सी लव स्टोरी’. इस में इस विषय को बारीकी से दिखाने की कोशिश की गई थी. एक 15 साल का लड़का कैसे अपने सामने वाले दूसरे फ्लैट में रहने वाली बड़ी उम्र की औरत के प्रति आकर्षित हो जाता है. वह रातदिन दूरबीन लगाए उस की हर गतिविधि देखता है. जब उस औरत का प्रेमी उस के घर आता है और जब वह प्रेमी और वह औरत सैक्स करते हैं,  तो उसे वह भी देखता है और गुस्सा भी आता है आखिरकार वह हिम्मत कर के उस महिला को बता देता है कि वह उस से प्यार करता है.

वह महिला उस लड़के को सम झाने की कोशिश करती है कि वह उस के लिए ठीक लड़की नहीं है. लेकिन वह कहता है कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता, वह तो उसे सिर्फ प्यार करता है.

आखिर में वह महिला उसे साफसाफ सम झाने की कोशिश करती है कि यह सिर्फ एक आकर्षण है अपोजिट सैक्स के प्रति. प्यारव्यार नहीं. सिर्फ 2 मिनट प्लेजर होता है. वह महिला अपने हाथों से उस का मास्टरबेशन कर के उसे भ्रम से निकाल कर वास्तविकता से रूबरू कराने की कोशिश करती है.

फिल्म में लड़के को भावुक दिखाया गया है और दिखाया गया है कि 15 साल की उम्र में दिमाग परिपक्व नहीं होता. बहुत बातें उस की सम झ से परे होती हैं. महिला द्वारा ऐसा करने पर वह बुरी तरह से हर्ट होता है और अपने हाथ की नस काट लेता है.

यह फिल्म थी, लेकिन हकीकत में भी ऐसा होता है. यह उम्र ही ऐसी होती है कि दिमाग में एक जनून सा छा जाता है प्यार को ले कर. सम झाने पर भी बात सम झ नहीं आती. दिमाग में प्यार का नशा छा जाता है. इस उम्र वालों के लिए यह एक मुश्किलभरा समय होता है जब वे न खुद को सम झ पाते हैं न यह जान पाते हैं कि आखिर उन की चाहत क्या है और वे चाहते क्या हैं? किस मंजिल तक जाना चाहते हैं?

स्टैप्स सिंबल बन रहा है बौयफ्रैंड-गर्लफ्रैंड बनाना

आज की आधुनिक जीवनशैली व बदलते लाइफस्टाल ने इस बात को और अधिक बढ़ावा दिया है. बीबीपीएम स्कूल में 7वीं क्लास की नम्रता ने बताया, ‘‘मेरी ज्यादातर सभी फ्रैंड्स के बौयफ्रैंड या गर्लफ्रैंड हैं. सभी आपस में उन की बातें करते हैं. ऐसे में मेरा कोई बौयफ्रैंड न होना कई बार मु झे एम्बैरस फील कराता था. इसलिए मैं ने भी बौयफ्रैंड बना लिया. अब मैं भी बड़ी शान से कहीं घूमनेफिरने और फ्रैंड्स की पार्टियों में अपने बौयफ्रैंड के साथ जाती हूं.’’

इस में कोई अचरज की बात नहीं. आज गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड स्टेटस सिंबल हो गया है और जो इस से परे है वह दकियानूसी सम झा जाता है. लड़कियां सोचती हैं मु झ में कोई आकर्षण नहीं, इस कारण लड़के मेरी तरफ नहीं देख रहे.

वजह क्या हैं

– घरवालों का बच्चों को पर्याप्त समय न देना. अकसर मातापिता दोनों वर्किंग होते हैं और न्यूक्लिर फैमिली होने के कारण घर में बच्चा अकेला रहता है. बच्चे में अतृप्त जिज्ञासाएं उभर आती हैं.

बच्चे उन जिज्ञासाओं का जवाब चाहते हैं लेकिन मातापिता के पास न वक्त होता है और न जवाब और न ही उन में धैर्य होता है कि वे बच्चे की बात सुनें.

– बदलती जीवनशैली ने बच्चों को तनावग्रस्त बना दिया है. ऐसे में अपनेआप को तनावमुक्त करने के लिए वे अपनेपन का सहारा ढूंढ़ने लगते हैं.

– इस उम्र में जोश और उत्साह बहुत अधिक होता है, ऊपर से खानपान की बिगड़ती आदत और अधिक ऊर्जा उन में सैक्स इच्छा को बढ़ा देती है.

टीनएज लव कोई असामान्य बात नहीं. स्वाभाविक क्रिया है और एकाध को छोड़ कर सभी लोग इस दौर से गुजरते हैं. टीनएज लव बुरी बात नहीं लेकिन भटकना जरूर चिंतनीय विषय है.

मातापिता हैंडल कैसे करें

– मातापिता ही हैं जो अपने बच्चों को अच्छी परवरिश, अच्छे संस्कार दे सकते हैं. बच्चों के प्रति लापरवाह न रहें, बल्कि बच्चों के जीवन में क्या चल रहा है, उस से वे अवगत रहें.

– बच्चों के आगे सिर्फ ज्ञान न  झाड़ें. जरूरत होती है उन्हें सम झने और सम झाने की. ज्ञान की बातें तो वे किताबों से भी सीख लेंगे, इसलिए उन्हें सम झाने के लिए उपदेशात्मक रवैया न अपनाएं.

– मातापिता यह न भूलें कि वे भी इसी उम्र से गुजरे थे. ऐसे में उन्हें आप से ज्यादा भला कौन सम झेगा.

– उन के प्यार करने पर सजा देने के बजाय उन्हें माफ करना सीखें. उन्हें सम झाएं.

– मातापिता अपनी व्यस्तता के कारण बच्चों की हरकतों को नजरअंदाज न करें. उन के मूड, स्वभाव, इच्छाओं व अनिच्छाओं को जानें.

– बच्चे के प्रति आप का विश्वास ही उन्हें गलत रास्ते पर जाने से बचाएगा.

– परवरिश और संस्कार ही बच्चों के चरित्र का निर्माण करते हैं. उन्हें नैतिक मूल्यों से अवगत कराएं.

– कई बार भावुकता में टीनएजर्स परिणाम की फ्रिक किए बगैर तुरंत निर्णय ले कर कौन सा कदम कब उठा ले, कुछ कह नहीं सकते. कभीकभी बच्चे प्यार में धोखा खाना या दिल टूट जाना सहन नहीं कर पाते और वे मानसिक रूप से टूट जाते हैं. ऐसे में वे आत्महत्या या मानसिक संतुलन खो बैठें, उस से पहले उन्हें संभाल लें. इस के लिए उन की हर हरकत पर नजर रखना जरूरी है.

– बच्चा यदि गलत राह पर चलने लगा है तो उसे प्यार से सम झाया जा सकता है कि यह समय उस के लिए कितना जरूरी है. यदि यह समय गंवा दिया या कैरियर में रुकावट आ जाए तो वह अपने सब साथियों से पीछे रह जाएगा और जिंदगी में कुछ नहीं बन पाएगा. बच्चे पर आप की बातों का प्रभाव अवश्य पड़ेगा. बस, उस के साथ बने रहिए और एहसास दिलाते रहें कि आप उस के साथ हमेशा खड़े हैं. वे उन से अपनी कोई बात न छिपाएं.

– जब पता चल जाए कि आप के बच्चे को किसी से प्यार हो गया है तो उसे सम झाएं कि यह कच्ची उम्र का प्यार है. महज आकर्षण है जो शायद वक्त के साथ खत्म हो जाए.

– इस उम्र में बच्चे काफी संवेदनशील और भावुक होते हैं, इसलिए उन की भावनाओं को सम झना बहुत जरूरी है. प्यार में दिल टूटने पर उन का तिरस्कार न करें. उन्हें दोस्त की तरह सम झाएं. उन के गम को अपना गम सम झ कर उन्हें गले से लगा लें.

– बच्चे के गर्लफ्रैंड या बौयफ्रैंड के बारे में पूरी जानकारी हासिल करें और घर पर बुला कर उन से बातचीत का रवैया अपनाएं, जिस में आप के बच्चे को आप से कुछ छिपाने की आवश्यकता न पड़े और वह अपनी हर बात शेयर करे.

आखिर में यही कहना चाहेंगे कि मातापिता की थोड़ी सी कोशिश बच्चों को सही राह दिखा सकती है. यह बच्चों की नाजुक उम्र का मोड़ है. ऐसे में जरूरत है कि मातापिता उन पर ध्यान दें, उन का मार्गदर्शन करें और उन्हें सम झें.

Winter Special: चाय के शौकीन बनाएं Cheese Tea

क्या आपके दिन की शुरूआत भी चाय के साथ होती है. मूड खराब होने या फिर थकान होने के दौरान चाय पीने से आपको सुकून मिलता है, तो इसका मतलब है कि आप चाय के शौकीन हैं. अगर आपको चाय पीना पसंद है, तो आपको इसकी नई -नई वैरायटीज के बारे में पता होना चाहिए.  इन दिनों एक नई तरह की चाय का ट्रेंड देखने को मिल रहा है. खासतौर से अगर आप पनीर के दीवाने हैं, तो आपको यह चाय बेहद पसंद आने वाली है. इसका नाम है “चीज टी” यानी पनीर वाली चाय. सुनकर अजीब लग रहा होगा, लेकिन यह ताइवान की चाय है, जिसके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना हो. यह चाय आम चाय की तुलना में काफी अलग होती है. बता दें कि इसमें शामिल किया गया पनीर न केवल सैंडविड, नाचोस और पिज्जा पर डाला जाता है, बल्कि कई देसी खाद्य पदार्थों एक लिए एक पोषित एड ऑन बन गया है. कई अध्ययनों से पता चला है कि पनीर सेहत के लिए अच्छा होता है. कैल्शियम से भरपूर पनीर का एक क्यूब प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए जाना जाता है. पनीर में मौजूद गुणों के कारण यह चाय वजन घटाने में भी मददगार साबित हो सकती है. तो आइए जानते  हैं कि क्या है “चीज टी” और क्या चीज इसे इतना अनूठा बनाती है.

क्या है पनीर चाय

ताइवान चीज टी एक स्वादिष्ट मीठा और नमकीन ड्रिंक है, जो स्वाद और बनावट के लिहाज से बोबा चाय से काफी मिलता-जुलता है. लेकिन टी लवर्स इसे ग्रीन या ब्लैक टी से बनी चाय के मिश्रण में से एक मानते हैं. इसमें व्हीप्ड क्रीम चीज मिक्स , थोड़ा सा दूध अैर थोड़ा नमक का इस्तेमाल किया जाता है. पनीर की चाय का चलन 2010 में ताइवान के नाइट मार्केट से शुरू हुआ था. लेकिन स्वाद और पनीर की बनावट ने इसे दुनियाभर के टी लवर्स के बीच पॉपुलर बना दिया है.

पनीर की चाय कैसे अलग है

अन्य झागदार ड्रिंक के विपरीत पनीर की चाय में मलाईदार और झागदार टॉपिंग होती है, जो इस ड्रिंक को एक स्वादिष्ट स्वाद देती है. लेकिन आम ड्रिंक के विपरीत इसे ठंडा ही सर्व किया जाता है. जो चीज इसे इतना स्वादिष्ट बनाती है वो ये कि इस ड्रिंक को स्वाद और पसंद के अनुसार बदला जा सकता है. पनीर चाय को लांच करने का मकसद एक ही समय में पनीर और चाय के अनूठे स्वाद का अनुभव करना है.

घर पर पनीर वाली चाय कैसे बनाएं

यह स्वादिष्ट क्रीमी चीज टी ग्रीन टी,ऊलांग टी का उपयोग करके बनाई जाती है. इसे पारंपीरिक तरीके से बनाने के लिए क्रीम चीज टॉपिंग को नमक के साथ मिलाया गया है. मलाईदार पनीर या व्हीप्ड दूध के साथ चाय के स्वाद का कॉम्बिनेशन इसे स्वादिष्ट बनाता है.

पनीर वाली चाय की रेसिपी-

सामग्री-

200 ग्राम- क्रीम चीज

100 मिली- कंडेस्ड मिल्क या फ्रेश मिल्क

200 मिली – व्हीप्ड क्रीम

1 चम्मच- सी सॉल्ट

100 ग्राम- चीनी

4- 5 – बर्फ के टुकड़े

पनीर की चाय बनाने की विधि

– एक साफ मिक्सिंग बाउल में क्रीम चीज के छोटे टुकड़ों को मैश कर लें.

– क्रीम चीज में चीनी और नमक डालें और चीनी के घुलने तक फेटें.

– अब पनीर के घोल में धीरे-धीरे दूध डालें और फेंटते रहें.

– इसे तब तक फेंटे जब तक की पनीर का घोल झागदार न हो जाए. इसे अब एक तरफ रख दें.

– एक अलग मिक्सिंग बाउल में व्हीपिंग क्रीम डालें.

– नोक बनने तक क्रीम को व्हीप करें.

– अब पनीर के घोल में व्हीप क्रीम मिलाएं और फेटें.

– झाग आने तक फेंटे और ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें.

– अब चाय को सर्विंग गिलास में डालें  साथ में बर्फ के टुकड़े भी डालें.

– अपनी पसंद के किसी भी पेय के साथ आप इसे सर्व कर सकते हैं और ऊपर से पनीर का घोल भी डाल सकते हैं.

टिप्स-

– जब भी उपयोग में न  हो, पनीर के झाग को ठंडा होने रख दें. फ्रिज में यह 3-5 दिनों तक चलता है.

-जब आप इसका उपयोग करने वाले हों, तो पनीर के घोल को अच्छी तरह से फेंट लें. इससे पीनर के झाग को बनाए रखने के लिए पानी और फैट एकसाथ मिल जाएगा.

Valentine’s Special: सुर बदले धड़कनों के- भाग 4

लेखक- जितेंद्र मोहन भटनागर

  अब तक आप ने पढ़ा:

तान्या अपनी मम्मी के साथ नानी के घर रुड़की आई. छुट्टियां खत्म होने के बाद वे वापस जाने के लिए एअरपोर्ट गए. जिस फ्लाइट से वे वापस जा रहे थे उस में साथ वाली सीट पर डाक्टर नितिन से तान्या की मुलाकात हुई. वह इंटर्नशिप कर रहा था. बातचीत के दौरान तान्या नितिन की तरफ आकर्षित हो गई. हवाईजहाज से बाहर निकलते ही तान्या की मम्मी को लगातार सूखी खांसी होने लगी. तब डाक्टर नितिन ने उन्हें मास्क पहनने की सलाह दी और सब से अलग बैठने को कहा. फिर तीनों एकसाथ बाहर निकले और नितिन ने तान्या को अपना फोन नंबर दिया.

एअरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद तान्या गाड़ी में बैठ चुकी थी. वह कोरोना वायरस के फैलने पर चिंतित थी. घर पहुंचने के बाद उस की सोसाइटी में भी सबकुछ बदलाबदला सा नजर आ रहा था. पड़ोसी दूर से ही हैलोहाय कर रहे थे. पड़ोसी मिलने तक से बच रहे थे. 2-3 दिनों बाद तान्या की मां की तबीयत अचानक खराब हो गई. उन्हें तेज बुखार था और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. जांच रिपोर्ट में वे कोरोना पौजिटिव निकलीं. मां को अस्पताल में ऐडमिट कराने के बाद तान्या परेशान थी क्योंकि वहां भी सभी डरे हुए थे और अफरातफरी का माहौल था.

अब आगे पढ़ें

शामढलते ही नितिन हौस्पिटल की वैन से तान्या से मिलने और अनिला का हालचाल बताने आ गया.

तान्या को पूरा विश्वास था कि नितिन उस से मिलने जरूर आएगा इसलिए आज न जाने क्यों उस ने अपने को कुछ ज्यादा ही आकर्षक बना लिया था. सुंदर तो वह थी ही और बस हलके मेकअप के साथ बालों के स्टाइल ने उसे मोहक बना दिया था.

बैल बजते ही उस ने निंदिया को निर्देश दिए और कहा, ‘‘आने वाला अगर अपना नाम डाक्टर नितिन बताएं तो सीधे ड्राइंग रूम में ला कर बिठा देना और हां उन के हाथ जरूर सैनिटाइज करवा लेना.

निंदिया ने ऐसा ही किया. नितिन को थोड़ा इंतजार करा कर तान्या ने ड्राइंग रूम में प्रवेश करते हुए मुंह से गले की तरफ मास्क सरका  कर पूछा, ‘‘वेलकम डाक्टर मम्मा कैसी हैं?’’

अपने मुंह और नाक पर चढ़ाया मास्क नीचे सरकाते हुए नितिन बोला, ‘‘कोरोना का ही अटैक है उस दिन एअरपोर्ट पर वो जिस फौरेन लेडी के पास बैठी थी मुझे पूरा विश्वास है कि उसी से उन्होंने वायरस कैरी किया है.’’

लेकिन तब से तो 7 दिन हो गए, आज कैसे इस का अटैक हो गया?

तान्या यही तो कठिनाई है कि इस वायरस का अटैक तुरंत नहीं होता है 10 दिन के भीतर यदि शरीर में नहीं मरा तो कभी भी अटैक कर सकता है. इस में हर व्यक्ति का इम्यून सिस्टम बहुत काम करता है. वैसे ट्रीटमैंट शुरू हो गया है और तुम सब की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट भी मैं ने जल्दी मंगवाई है.

‘‘और डाक्टर यदि… तान्या कुछ कहना चाहती थी पर नितिन बोल पड़ा,

‘‘तान्या, तुम मुझे केवल नितिन पुकार सकती हो… डाक्टर तो मैं हौस्पिटल के लिए हूं तुम्हारे लिए नहीं?

‘‘फिर मेरे लिए तुम क्या हो? तान्या ने बेबाकी से पूछा तो नितिन मास्क उतार कर मुसकराते हुए बोला,

‘‘अभी तो केवल मित्र… हो सकता है कि आगे चल कर कुछ हो जाऊं.

‘‘और कुछ न हो पाए तो?

‘‘तब की तब देखी जाएगी पर ये बात तो सच है प्लेन में हुई तुम्हारी दोस्ती ने मेरी राह आसान कर दी. मेरे अरमान तुम्हारे जैसी ही लड़की से शादी करने के थे और तुम्हें देखते ही मन तुम्हें चाहने लगा है.’’

‘‘नितिन, पहले मां का ठीक होना जरूरी है. दूसरे उन्हें मैं अकेला नहीं छोड़ सकती शादी होती भी है तो मैं उन्हें अपने साथ ही रखना चाहूंगी. शादी तभी करूंगी जब मेरा सपना पूरा हो जाएगा.

इसी बीच निंदिया कौफी और स्नेक्स रख गई थी. सैंटर टेबल के इस पार सोफे पर तान्या बैठी थी और दूसरी तरफ नितिन. दोनों के बीच मतलब भर की दूरी थी.

मास्क गले की तरफ सरका कर दोनों चुपचाप कौफी पीते रहे. तान्या ने स्नैक्स की प्लेट नितिन की तरफ बढ़ाते हुए कहा भी, ‘‘कुछ लो न’’ पर नितिन ने मना कर दिया.

कौफी खतम हुई ही थी कि नितिन का फोन बज उठा, कौल रिसीव करते ही वो उठ खड़ा हुआ बोला, ‘‘मुझे वापस हौस्पिटल जाना होगा, एक सीरीयस केस आ गया है, आई हैव टु अटैंड हर.’’

‘‘मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगी नितिन’’ तान्या के मुंह से ये शब्द सुन कर नितिन के माथे पर कुछ देर को चिंताएं उभरीं फिर उस ने मास्क लगे ही कहा,

‘‘ओके, तुम्हारे लिए पीपीई किट की व्यवस्था करनी पड़ेगी,’’ जोखिम भी पूरा है… लेकिन चलो चलते हैं. मैं अपनी रिस्क पर तुम्हें साथ ले चलता हूं. मैं तुम्हें, तुम्हारी मम्मी से मिलवा कर उसी वैन से वापस भिजवा दूंगा.

हौस्पिटल की पिकअप वैन को ड्राइव करते हुए हौस्पिटल के वैन ड्राइवर को तान्या के साथ पीछे की सीट पर बैठे नितिन ने कुछ निर्देश दिए. उस ने कुशलता के साथ वैन को हौस्पिटल वाली रोड पर डाल कर स्पीड बढ़ा दी.

रास्ते में तान्या ने पूछा, ‘‘नितिन ये बताओ की यदि मेरी रिपोर्ट भी पौजिटिव आ गई तब क्या करोगे?’’

‘‘तब सब से पहले सारे मरीजों को छोड़ कर हम तुम्हारा इलाज करेंगे.’’

‘‘और तब भी मैं न बच पाई तो?’’

उस के इतना कहते ही नितिन ने उस के होठों पर अपने हाथ रख दिए और बोला, ‘‘अब तुम्हे मेरे लिए जीना है तान्या और मुझे तुम्हारे लिए.’’

ग्लब्स में लगे सैनिटाइजर की हलकी सी महक तान्या की नाक में घुस गई और कोई वक्त होता तो वो सैनिटाइजर की महक बर्दाश्त नहीं कर पाती लेकिन इस समय उसे वो महक अच्छी लगी.

फिर जब नितिन ने अपना एक हाथ उस के एक कंधे के ऊपर से निकाल कर अपनी हथेली उस के दूसरे कंधे पर प्यार से रख दी तो वो उस की तरफ थोड़ी सी सरक आई.

दोनों ने ही मास्क पहन रखे थे और नितिन ने आदतन हैंड ग्लब्स पहने हुए थे. कंधे पर रखा ग्लब्स पहना नितिन का हाथ तान्या को कुछ प्यार भरे मौन संदेश रास्तेभर देता रहा.

हौस्पिटल में अंदर ले जाने से पहले नितिन ने तान्या के लिए पीपीई किट की व्यवस्था कर के उसे सिक्योर किया मां के पास एक घंटा बिता कर तान्या संतुष्ट सी जब घर वापस आ रही थी तो उसे फिर लगा कि उस की धड़कनों में सुर वास्तव में पहले जैसे नहीं रहे, संगीतमय हो गए हैं.

जरा सी मुलाकात में ही उस ने मां को बता दिया था कि वह नितिन से प्यार करने लगी है और मामी को भी फोन पे उस ने बता दिया है कि उस ने लड़का पसंद कर लिया है.

नितिन उस के बाद 2 बार और तान्या से मिलने आ पाया और हर बार तान्या ने चाहा कि वो मास्क और दूरी का डर छोड़ कर नितिन के सीने से चिपक जाए पर ऐसा हो न सका.

नितिन को भी हौस्पिटल में थोड़ी फुरसत मिलती तो वो भी तान्या को फोन लगा लेता और प्यार भरी बातें करता. फिर बताता कि उस की मां अब खतरे से बाहर है.

इस बीच रुड़की से नानी और मामामामी के भी फोन आते रहे और मां के कोरोना संक्रमण से बच कर घर आने की बात सुनी तो सब से पहले नानी का फोन आया.

‘‘तान्या बेटी मन तो कर रहा है कि तुम्हारे पास हम सब पहुंच जाएं पर परिस्थितियां ऐसी हैं कि लौकडाउन में कहीं निकल ही नहीं सकते. तुम अपना ध्यान रखना.’’

जब मां कोरोना महामारी की जंग जीत कर विजयी भाव के साथ घर लौटीं तो तान्या ने उन के कमरे में आराम करने की व्यवस्था कर के उन्हें बेड पर लिटाने के बाद पूछा, ‘‘मम्मा नितिन साथ में नहीं आए.

‘‘हां वो नहीं आ पाया. मुझे घर भेजने की सब व्यवस्था तो उस ने कर दी थी पर चलते समय उस से मुलाकात नहीं हो पाई…

सुनते ही तान्या ने नितिन को फोन मिलाया पर वह स्विच औफ आया. पिछले 4 दिन से यही हो रहा था. 2 बार तो नर्स ने बताया कि मैडम, डाक्टर किसी से नहीं मिल सकते.

मां तो घर आ गई. ट्रेनिंग सैंटर के शीघ्र खुलने की कोई उम्मीद नहीं थी. लौकडाउन के

कारण वो घर से कहीं निकल सकती नहीं थी. नितिन ने फोन उठाना बंद क्यों कर दिया? अस्पताल में ज्यादा बिजी हो गया होगा? केसेज भी तो तेजी से बढ़ रहे हैं. यही सब सोच कर वो अपने को तसल्ली देती रही?

इसी बीच जब नानी का फोन आया तो अपने मन की बात बताते हुए उस ने कहा, नानी आप और मामी अकसर कहते थे कि अब और लंबी मत हो जाना वरना बड़ी मुश्किल से लड़का मिलता है. और जब मैं ने लड़का पसंद कर लिया तो वो फोन नहीं उठा रहा है. नानी मैं क्या करूं?

तू कुछ मत कर, बस उसे भूल जा क्योंकि मेरा अब तक का अनुभव कहता है कि हर डाक्टर चाहता है कि उस का ब्याह डाक्टर लड़की से हो क्योंकि किसी और प्रोफैशन की लड़की से उस का रूटीन मेल नहीं खाता है. फिर तेरे मामीमामा भी यही चाहते हैं कि जब तुझे आर्मी जौइन करनी है तो तू एक सिविल डाक्टर से कैसे तालमेल बैठा पाएगी.

बेचैनी में उस ने मामामामी से अगले दिन बात करी, उन्होंने भी उसे समझया कि हाईट इत्यादि की बात तो ठीक है पर जब तू पायलेट अफसर बन कर मिलिटरी जौइन कर लेगी तब क्या होगा. असल में मिलिटरी पर्सन्स की लिविंग स्टाइल तथा अनुशासन और सिविलियन्स की सोच में बहुत अंतर होता है इसलिए तू नितिन को भूल जा.

पर तान्या ने वास्तव में नितिन को अपना दिल दे दिया था और उस ने अपनी किताब नितिन के सामने खोल दी थी इसलिए वो उसे बंद करने के मूड में नहीं थी बल्कि जब मां के मुंह से भी उस ने शब्द सुने कि बेटे अभी तो तेरी पढ़ाई बाकी है और तेरा सपना भी अधूरा है फिर मामामामी और तेरी नानी भी नहीं चाह रहे हैं तो नितिन की तरफ से तू ध्यान हटा ले.

लेकिन तान्या जिस की धड़कनों के सुर बदलने के बाद इतने मधुर हो चले थे जिन्हें अब वो किसी कीमत पर बदलना नहीं चाहती थी.

उस का किसी काम में मन लगना बंद हो गया वो अपने कमरे में बंद रहने लगी. मामामामी और नानी से उस ने बात करना बंद कर दिया. बस कभीकभी नितिन के नंबर पर फोन लगा लेती. लेकिन उधर से लगातार स्वीच्ड औफ पा कर वो अजीब सी उलझन में घिर जाती.

लौकडाउन का दूसरा दौर भी शुरू हो गया. मां

को घर आए हुए भी 15 दिन हो गए तभी उस के मोबाइल पर एक मैसेज चमका, ‘‘तान्या कैसी हो? आज मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं, असल में लोगों की बीमारी दूर करतेकरते मैं खुद संक्रमित हो गया था. किसी से मिल नहीं सकता था मोबाइल भी मुझ से दूर कर दिया गया था आज 15 दिन बाद जब मेरी रिपोर्ट नैगेटिव आई तो तुम्हें मैसेज कर रहा हूं. इस बीच हर पल हर दिन तुम्हें याद करता रहा.’’

तान्या ने जवाब में तुरंत नितिन को मैसेज न कर के कौल लगा दी और कहा, ‘‘जब तुम्हारी रिपोर्ट पौजिटिव आई थी तब तो मां हौस्पिटल में थी उन्हें बता देते तो इतने दिन मैं परेशान हो कर रोती न रहती.’’

इस का मतलब है कि मां ने तुम्हें नहीं बताया? जिस समय मेरी रिपोर्ट आई थी, उस समय तो मैं तुम्हारी मां के पास ही बैठा था क्योंकि वो मेरे ही मोबाइल से रुड़की वाले मामाजी से बातें कर रही थी. और मामाजी को भी उन्होंने ये खबर दे दी थी कि जो डाक्टर उन का इलाज कर रहा था वह खुद संक्रमित हो गया है.

‘‘फिर मेरी रिपोर्ट आने के बाद मुझे वहां से तुरंत हटा कर, अन्य चेकअप के लिए ले जाया गया तब भी मोबाइल उन के पास ही मैं छोड़ गया था.’’

तान्या का माथा ठनका उस ने नितिन से कहा, ‘‘तुम अपना ध्यान रखो मैं कुछ देर में तुम्हें फोन लगाती हूं.’’

ओह, तो इस का अर्थ है कि मम्मी और मामा दोनों जानते थे कि नितिन कोरोना पौजिटिव हो गया है तभी मुझ से ये बात छिपा कर ऐसी बातें की जा रही थीं, ‘‘उसे भूल जाओ’’ मिलिटरी और सिविलयन की लाइफ में बहुत फर्क होता है. लंबे लड़के और मिल जाएंगे.

उसे सब से ज्यादा आश्चर्य हो रहा था कि मां ने उस से यह बात छिपाई. इसलिए वह तेजी से मां के कमरे में गई.

मां स्वस्थ लग रही थी और नौवेल पढ़ने में व्यस्त थी. उन के पास पहुंच कर वह आदेश में बोली, ‘‘मां, मुझे तुम से यह उम्मीद नहीं थी.’’

‘‘अरे इतने गुस्से में क्यों है? किस उम्मीद की बात कर रही है मेरी प्यारी बेटी.’’

‘‘यही तुम्हारा बेटी के प्रति प्यार है कि जिस डाक्टर ने तुम्हारी संक्रमण से जान बचाई उस के खुद संक्रमित होने की बात तुम ने मुझ से छिपाई. क्यों मां क्यों.’’

‘‘बेटी तेरे मामा और नानी ने मुझ से ऐसा करने को कहा था.’’

‘‘उन्होंने क्यों मना किया?’’

‘‘क्योंकि तेरी नानी और मामा का सोचना था कि मिलिटरी परिवार में पलीबढ़ी लड़की उसी परिवेश में ही खुश रह सकती है. दूसरे इस उम्र में कोरोना पौजिटिव लड़के से शादी के पक्ष में वे नहीं थे, उन का सोचना था कि इस खतरनाक वायरससे अगर तू भी संक्रमित हो गई तो तेरा भविष्य भी चौपट हो सकता है.’’

‘‘वाह, मम्मी वाह, बड़ा अच्छा तर्क दे कर तुम्हें समझ दिया नानी और मामा ने और तुम समझ भी गईं. लेकिन तुम ने यह नहीं सोचा कि जब तुम इतने खतरनाक वायरस के प्रभाव में आने के बाद भी बच कर आ सकती हो तो डाक्टर क्यों नहीं.’’

मां तुम सब भले ही कुछ भी सोचो पर अब मैं नितिन के साथ ही बिताऊंगी और उस के साथ ही मरूंगी. तुम नानी और मामा को बता देना और कह देना कि तान्या जिन सपनों को देखती है उन्हें पूरा भी करना जानती है. मैं आज से मामा और नानी से कोई बात नहीं करूंगी.

कहती हुई तान्या मां के कमरे से बाहर निकल कर अपने कमरे में आ गई.

उस ने नितिन को फोन लगा दिया, ‘‘बोली आज तुम से एक वादा लेना है.’’

‘‘कैसा वादा?’’ नितिन ने उधर से पूछा.

‘‘यही कि तुम वास्तव में मुझ से ही शादी करोगे न?’’

‘‘हां, तुम्ही से करूंगा’’

‘‘ठीक होने के बाद कोई और पसंद तो नहीं आएगी?’’

‘‘एक डाक्टर के नाते मुझे इतनी फुरसत कहां मिलेगी जो तुम जैसी दूसरी लड़की ढूंढ़ता फिरूं.’’

‘‘तो यह बताओ कि कब तक ठीक हो रहे हो?’’

‘‘ठीक तो हो गया हूं बस तीसरी रिपोर्ट और नैगेटिव आ जाए. पर ऐसी बातें तुम आज क्यों कर रही हो?’’

‘‘क्योंकि मुझे अपने मामामामी, मम्मी और नानी का यह भरम तोड़ना है कि कोरोना संक्रमित हो जाने वाले व्यक्ति से शादी करना एक जवान लड़की के लिए जोखिम भरा है.’’

‘‘ठीक है तान्या, मैं तुम्हारे साथ हूं पर अभी तो शादी और ऐसे सारे फंक्शन बंद हैं. जब सबकुछ ओपन होगा तो सब से पहले हम ही शादी करेंगे.’’

‘‘लौकडाउन खत्म हो गया. नितिन ठीक होकर फिर संक्रमितों की सेवा में जुट गया. अभी तक लगभग रोज ही दोनों की फोन पर बातें होती थीं. अनलौक 1 में दोनों एक पार्क में सारी सावधानियों के साथ मिले. मास्क पहनेपहने ही एकदूसरे को प्यार किया.

अनिला से तान्या केवल काम की ही बातें करतीं. एक दिन मां ने बताया कि बेटी मामा और नानी तुझ से बात करना चाहते हैं. ऐसी भी क्या जिद है क्या तू सदा के लिए उन से रूठी रहेगी.

‘‘मुझे उन से कोई बात नहीं करनी.’’

‘‘नानी से भी नहीं?’’

‘‘नहीं.’’

‘‘तू अपना बचपन भूल गई जब नानी की गोद में चढ़ कर बैठ जाती थी और हर जिद पूरी करवा लेती थी.’’

‘‘लेकिन अब मैं बड़ी हो गई हूं, उन की गोद में नहीं बैठ सकती.’’

‘‘ठीक है अब तू बड़ी हो गई है और यह जान ले कि बड़ी होने पर उन्हें फोन करना भी गोद में बैठने के बराबर है. तू बात करेगी तो शायद वो तेरी यह बात भी मान जाएं.’’ देख मैं अपने मोबाइल से उन्हें फोन लगाती हूं तू अपनी बात तो कह के देख, फिर तेरे मामामामी भी कल वापस अपनी ड्यूटी पर जा रहे हैं.

कहतेकहते अनिला ने अपनी मां को फोन मिला दिया और उधर से हैलो की आवाज सुनते ही तान्या को फोन पकड़ा कर बोलीं, ‘‘बेटी, नानी तुझ से बात करना चाह रही हैं.’’अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए उस ने नानी से बात करनी शुरू की, ‘‘हां, नानी बोलो क्या कहना चाह रही हो.’’

कुछ नहीं मैं सब कुछ सह सकती हूं पर तेरा रूठना नहीं. पता है तेरी आवाज सुने पूरा 1 महीना हो गया है… मुझ से बता तू क्या चाहती है… तुझे पता है कि तेरी खुशी ही हम सब की खुशी है.

‘‘पर नानी आप सब तो मेरी खुशी मुझ से छीनना चाहते हो.’’

‘‘हां, मन में कुछ नैगेटिव थौट्स आ गए थे… फिर लगा कि मेरा जीवन अब रह ही कितना गया है मैं क्यों अपनी इच्छाएं तुझ पे मढ़ूं इसलिए तू जिसे चाहती है उसी से तेरी शादी होगी. तेरे मामा को भी मैं ने समझ दिया है. वे भी तैयार हो गए हैं. बस सिचुएशन नौर्मल हो जाए तब हम सब का पहला काम तेरी धूमधाम से शादी.’’

ओह नानी, मेरी प्यारी नानी आई लव यू, रीयली आई लव यू कह कर तान्या खुशी और आवेश में मोबाइल चूमने लगी.

45 की उम्र में इतनी बोल्ड हुई अनुपमा, देखे लैटस्ट फोटोशूट

स्टार प्लस के लोकप्रिय सीरियल अनुपमा में लीड रोल निभाने वाली अदाकारा रूपाली गांगुली ने नया फोटोशूट कराया जिसमें उन्होंने बोल्ड अंदाज दिखाया है. अपने नए फोटोशूट में रूपाली गांगुली ब्राउन कलर की वेस्टर्न ड्रेस में नजर आ रही हैं. हमेशा साड़ी में स्क्रीन पर नजर आने वाली रूपाली गांगुली का ये अंदाज देख उनके चाहने वाले और लाखों फैंस दंग रह गए हैं

ब्राउन कलर की ड्रेस में फोटोशूट करवा कर अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा Dare to try!! You don’t know how far you can go, unless you try… और फैंस ने जमकर प्यार दिया और खूब कमेंट्स कर के अपना प्यार दिखाया. अनुपमा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है. 17 घंटे में इस तस्वीर को 74 हजार से ज्यादा लाइक्स मिले हैं. वहीं फैंस ने लव इमोजी बनाकर कमेंट किया है.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Rups (@rupaliganguly)

अनुपमा सीरियल में ट्विस्ट एण्ड टर्न दिखते है

अनुपमा में अब एक और नई एंट्री होने वाली जो कि अनुपमा और अनुज की जिंदगी में तूफान लाने वाली है. रुपाली गांगुली (Rupali Ganguly) और गौरव खन्ना (Gaurav Khanna) स्टारर शो में ‘माया’ (Maya) नाम के किरदार की एंट्री होने वाली है, जो कि छोटी अनु (Anu) के बेहद करीब आने की कोशिश कर रही है. वहीं अनु भी उसे अपना सबसे अच्छा दोस्त बता रही है. इस बात से अनुज और अनुपमा (Anuj and Anupama) को शक होने लगा है.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Aastha (@mylove_gauravkhannaa)

शाह परिवार की परेशानी बढ़ी

 वहीं दूसरी ओर शाह परिवार पारितोष (Paritosh) की वजह से काफी परेशान और दुखी नजर आने वाला है. जहां वनराज किंजल से खुद पारितोष से दूर हो जाने के लिए कहेगा और कहेगा कि वो उसे कभी माफ न करे. साथ ही ये भी कहेगा कि उसे अपने आप पर शर्म आने लगी है और वो मर जाना चाहता है. इन सब से अलग पाखी का एक नया रूप देखने को मिलेगा, जहां वो अपने परिवार को इमोशनल सपोर्ट करती नजर आएगी. वहीं किंजल दुखी होकर अनुपमा को फोन लगाएगी लेकिन उससे कुछ बताएगी नहीं, जिसकी वजह से अनुपमा को शाह परिवार में कुछ गड़बड़ होने की आशंका हो जाएगी.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Aastha (@mylove_gauravkhannaa)

होगी नई एंट्री

वहीं दूसरी ओर अनुज, अनुपमा और अनु तीनों डेयरी फार्म में घूम कर घर वापस आ जाते हैं. तीनों साथ में बेहद खुश नजर आते हैं. इन सब के बीच छोटी अनु लगातार ‘माया’ के नाम की रट लगाएगी. जिससे अनुपमा और अनुज थोड़े परेशान हो जाएंगे. अनुज को अनु के पास एक कार्ड मिलेगा, जहां माया ने लिखा है कि वो और छोटी अनु हमेशा साथ रहेंगे. इस बात से अनुज और अनुपमा को शक होने लगेगा। वहीं जब छोटी अनु माया को कॉल करेगी तो अनुपमा भी माया से बात करना चाहेगी लेकिन माया की तरफ से कॉल कट हो जाएगा.

BB 16: प्रियंका चौधरी होंगी टॉप 2 से बाहर, फिनाले में भिड़ेंगे शिव और एम सी स्टेन!

प्रियंका चाहर चौधरी को शो की विजेता के रूप में पेश किया गया था, लेकिन लगता है कि चीजें बदल गई हैं और वह फिनाले तक नहीं पहुंच पाएंगी. शो को फॉलो करने वाले ट्विटर हैंडल के अनुसार, यह दावा किया जाता है कि प्रियंका बाहर हो गई हैं और उनका खेल खत्म हो गया है और अब शीर्ष दो फाइनलिस्ट शिव ठाकरे और एमसी स्टेन होंगे. पहले ऐसी चर्चा थी कि शिव ठाकरे और प्रियंका चाहर चौधरी विजेता बनने के लिए एक दूसरे के साथ काम्पिटिशन करेंगे.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by ColorsTV (@colorstv)

मजबूत खिलाड़ी में से है प्रियंका

प्रियंका सबसे मजबूत खिलाड़ियों में से एक रही हैं और उनका खेल पहले दिन से ही शक्तिशाली है. लेकिन अंकित गुप्ता के जाने के बाद वह थोड़ी सुन्न हो गई, कई लोगों ने सोचा कि वह शेरनी बन जाएगी लेकिन वह धीरे-धीरे खेल रही है. दरअसल, लेटेस्ट एपिसोड में नॉमिनेशन टास्क के दौरान एमसी टैन ने यहां तक ​​दावा किया कि अंकित के बाहर होने के बाद प्रियंका जीरो हो गई हैं.

इस बीच, इस ट्वीट के खिलाफ, प्रियंका चाहर चौधरी के प्रशंसक उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं और उन्हें विजेता के रूप में मान रहे हैं और याद दिला रहे हैं कि यह पीसीसी है जिसने मंडली सदस्य के एमसी स्टेन और साजिद खान के विपरीत कभी भी अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है, जिसे अब बेदखल कर दिया गया है.

कौन होगा बिग बॉस का विजेता

क्या आपको लगता है कि प्रियंका चाहर चौधरी के साथ यह उचित है क्योंकि इस ट्वीट से यह दावा किया जाता है कि वह खेल है? प्रियंका के पास टॉप 2 में रहने या यहां तक ​​कि शो की विजेता बनने की पूरी क्षमता है और फराह खान, शहनाज गिल और मायर जैसे कई मेहमान हैं जिन्होंने शो में मजबूत प्रतियोगी होने की प्रशंसा की है.

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by ColorsTV (@colorstv)

इन सदस्यों पर लटकी नॉमिनेशन की तलवार

बीते एपिसोड में काफी कुछ नया देखने को मिला है. नॉमिनेशन टास्क की बात करों तो सबसे पहले मंडली के सदस्यों ने टीना दत्ता पर निशाना साधा. इसके बाद सभी ने सौंदर्या शर्मा को भी नॉमिनेट कर दिया. टीना दत्ता के चक्कर में शालीन भनोट पर भी नॉमिनेशन की तलवार लटक गई. वहीं मंडली की सदस्य सुंबुल तौकीर पर भी नॉमिनेश की गाज गिर गई. कुल मिलाकर टीना दत्ता , सुंबुल तौकीर खान, शालीन भनोट और सौंदर्या शर्मा नॉमिनेट हो गए हैं. अब वीकेंड के वार पर इनमें से कोई एक घर से बेघर हो जाएगा.

कुछ पल का सुख: क्यों था ऋचा के मन में आक्रोश

बेमेल विवाह में कैसे हो तालमेल, जानिए

आज भी बहुत से ऐसे बेमेल विवाह देखने को मिलते हैं, जिन में पतिपत्नी की आयु में अत्यधिक खटकने वाला अंतर होता है या पति अनपढ़ या कम पढ़ालिखा होता है या पत्नी नौकरीशुदा होती है और पति बेरोजगार. हालांकि हर मांबाप और लड़कालड़की यही चाहते हैं कि पति अधिक पढ़ालिखा हो और पत्नी उस से कम पढ़ीलिखी हो. पति घर के लिए व्यवसाय या नौकरी कर के उपार्जन करे और पत्नी घर संभाले. लेकिन कभीकभी ऐसी मजबूरियां हो जाती हैं, जिन से बेमेल विवाह भी संपन्न हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ नीलम के साथ भी हुआ. नीलम सुंदर और पढ़ीलिखी युवती थी तथा रक्षा मंत्रालय में कार्य करती थी. मातापिता ने उस के विवाह के लिए अनेक लड़के देखे, किंतु नीलम को हर लड़के में कोई न कोई दोष दिखाई देता था.

धीरेधीरे नीलम की उम्र बढ़ती गई और वह अपनी उम्र का 35वां वर्ष भी पार कर गई. फिर लड़कों ने नीलम को नकारना आरंभ कर दिया. हार कर नीलम को एक अधेड़ व्यक्ति से विवाह करना पड़ा. वह सजातीय तो था, लेकिन वह 12वीं कक्षा पास था और आमदनी के नाम पर मकान से आने वाला थोड़ाबहुत किराया था. उस में भी भाइयों का हिस्सा अलग था.

नीलम को बताया गया था कि लड़का प्रौपर्टी डीलर है, जबकि वास्तव में उस के कुछ दोस्त प्रौपर्टी डीलर थे और वह केवल शाम को उन के पास शराब पीने बैठता था. अकसर ऐसा भी देखा गया है कि लड़की के मांबाप केवल सजातीय लड़के की खोज में लगे रहते हैं और लड़की पढ़ाई की सीढि़यां चढ़ती चली जाती है.

फिर उस जाति में उतने पढ़ेलिखे लड़के नहीं मिलते जितनी लड़की पढ़लिख जाती है. तब मजबूरन कम पढ़ेलिखे लड़के से विवाह करना पड़ता है.

1. मनोवैज्ञानिक दबाव

यदि लड़का लड़की से कम पढ़ालिखा हो या लड़की नौकरी करती हो और लड़का बेरोजगार हो तो ऐसे पति और पत्नी दोनों ही मनोवैज्ञानिक दबाव में जीते हैं. मैरिज काउंसलर एवं वकील नलिन सहाय बताते हैं कि प्राय:ऐसे मामले मध्यवर्गीय परिवारों में ही पाए जाते हैं और वे कभीकभार ही सलाह लेने आते हैं.

2. न्यायालय की नीति

सर्वोच्च न्यायालय के एडवोकेट आर.के. सिंह का मानना है कि इस तरह के बेमेल विवाह की जड़ आधुनिक भौतिकवादी जीवनशैली ही है. उन्होंने बताया कि पंजाब उच्च न्यायालय के एक लीडिंग केस तीरथ कौर बनाम किरपाल सिंह के मामले में पहले तो गरीब और बेरोजगार पति ने अपनी पत्नी को प्रशिक्षण दिलवाया और फिर जब उस की नौकरी लग गई तो उसे नौकरी छोड़ कर गांव में आ कर अपने साथ रहने के लिए जोर देने लगा. पत्नी उसे तलाक भी नहीं देना चाहती थी और नौकरी भी नहीं छोड़ना चाहती थी.

सुरिंद्र कौर और गुरदीप सिंह का मामला भी ऐसा ही था. मगर इस मामले में पत्नी ने पति को तलाक दे दिया, लेकिन अपनी नौकरी नहीं छोड़ी. न्यायालय हिंदू पतिपत्नी के एक ही जगह रहने के पक्ष में है, क्योंकि हिंदू विधि के अनुसार पत्नी मात्र एक पत्नी न हो कर धर्मपत्नी है और धर्म के अनुसार पत्नी का धर्म पति के संरक्षण में एक छत के नीचे रह कर पति की गृहस्थी को संभालना है. ऐसे में बदले आधुनिक परिप्रेक्ष्य में जब पति और पत्नी की भूमिकाएं बदल रही हैं, क्या न्यायालय भी हिंदू विधि में बदलाव के पक्ष में होंगे?

3. पतिपत्नी यथार्थ को समझें

आज अर्थोपार्जन सब से महत्त्वपूर्ण है, चाहे यह कार्य पति करे या पत्नी अथवा दोनों. यदि घर में धन का अभाव होता है तो अनेक परेशानियां उठ खड़ी होती हैं. इसलिए यदि पति कम पढ़ालिखा है या बेरोजगार है तो अपने परिवार की भलाई के लिए अपने अहं को ताक पर रख कर, जो कार्य पत्नी घर के लिए करती है उन्हें वह स्वयं करे ताकि पत्नी को घर और बाहर दोनों का बोझ न उठाना पड़े.

4. पति संभाले घर की जिम्मेदारी

पति चाहे तो घर के बहुत से काम अपने जिम्मे ले सकता है जैसे, बच्चों को स्कूल छोड़ना व लाना, उन का होमवर्क करवाना, पत्नी को औफिस छोड़ना व ले जाना, सुबह और शाम चाय बना देना, सब्जी, चावल आदि बना लेना, बाजार की खरीदारी कर लेना. चूंकि ये सभी काम वह अपने परिवार के लिए ही कर रहा है, इसलिए इस में किसी भी प्रकार के अहं को बीच में न आने दें.

दूसरी ओर पत्नी का भी दायित्व है कि वह किसी भी बात में पति के कम पढ़ालिखा होने या नौकरीव्यवसाय न करने का जिक्र न करे ताकि पति हीनभावना से ग्रस्त न हो. इस तरह की भावनाएं आगे चल कर मनोग्रंथि का रूप धारण कर लेती हैं और पति छोटीछोटी बातों पर घर के वातावरण को कलहपूर्ण बना देता है.

5. प्रेम और साहचर्य

एक मुसकराहट सभी परेशानियों से मुक्त कर देती है. नौकरी पर जाते समय और थकेहारे वापस आने पर एक मुसकराहट सारे दुखों और पीड़ाओं को हर लेती है. साथ खाना खाने और रात को एक ही बिस्तर पर सोने से कौन बड़ा है कौन छोटा है की भावना खत्म हो जाती है. इस से पति और पत्नी दोनों ही समानता के स्तर पर आ जाते हैं. यही नहीं वे एकदूसरे के पूरक भी बन जाते हैं. उन्हें कोई भी परिस्थिति अलग नहीं कर सकती है.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें