फिल्म समीक्षाः ‘‘पठान: बेहतरीन एक्शन, बेहतरीन लोकेशन,बाकी सब शून्य…’’

रेटिंग: डेढ़ स्टार

निर्माता: आदित्य चोपड़ा

पटकथा लेखक: श्रीधर राघवन

निर्देषक: सिद्धार्थ आनंद

कलाकार: ष्षाहरुख खान,जौन अब्राहम,दीपिका पादुकोण, आषुतोष राणा,डिंपल कापड़िया, सिद्धांत घेगड़मल,गौतम रोडे,गेवी चहल,षाजी चैहान, दिगंत हजारिका, सलमान खान व अन्य.

अवधि: दो घंटे 26 मिनट

‘ये इश्क नही आसान’, ‘दुनिया मेरी जेब में’,‘शहंशाह ’ जैसी फिल्मों के निर्माता बिट्टू आनंद के बेटे सिद्धार्थ आनंद ने बतौर निर्देषक फिल्म ‘‘सलाम नमस्ते’’ से कैरियर की षुरूआत की थी.उसके बाद उन्होने ‘तारा रम पम’,‘बचना ऐ हसीनों’,‘अनजाना अनजानी’,‘बैंग बैंग’ और ‘वाॅर’ जैसी फिल्मंे निर्देषित कर चुके हैं.सिद्धार्थ आनंद निर्देषित पिछली फिल्म ‘‘वार’’ 2019 में रिलीज हुई थी,जो कि आदित्य चोपड़ा निर्मित ‘वायआरएफ स्पाई युनिवर्स’ की तीसरी फिल्म थी.और लगभग साढ़े तीन वर्ष बाद  बतौर निर्देषक सिद्धार्थ आनंद नई फिल्म ‘‘पठान’’ लेकर आए हैं, जिसका निर्माण ‘यषराज फिल्मस’ के बैनर तले आदित्य चोपड़ा ने किया है. फिल्म ‘पठान’,‘वायआरएफ स्पाई युनिवर्स’ की चैथी फिल्म है.फिल्म ‘पठान’ पर ‘यषराज फिल्मस’के साथ ही इसके मुख्य अभिनेता षाहरुख खान ने भी काफी उम्मीदें लगा रखी हैं.2022 में ‘यषराज फिल्मस’ की सभी फिल्में बुरी तरह से असफल हो चुकी हैं.जबकि षाहरुख खान की पिछली फिल्म ‘‘जीरो’’ 2018 में प्रदर्षित हुई थी,जिसने बाक्स आफिस पर पानी तक नहीं मांगा था.फिल्म ‘पठान’ को तमिल व तेलगू में भी डब करके प्रदर्षित किया गया है.‘यषराज फिल्मस’ की यह पहली फिल्म है,जिसे आईमैक्स कैमरों के साथ फिल्माया गया है.

dipika

‘यषराज फिल्मस’ ने फिल्म ‘पठान’ का जब पहला गाना अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया था,उस वक्त से ही वह गाना और  फिल्म विवादों में रही है.उस वक्त बौयकौट गैंग ने दीपिका पादुकोण की भगवा रंग की बिकनी को लेकर आपत्ति दर्ज करायी थी.पर अफसोस की बात यह है कि फिल्म ‘पठान’ में भगवा रंग कुछ ज्यादा ही फैला है.फिल्म देखकर दर्षक की समझ में ेआता है कि भगवा रंग तो ‘आईएसआई’ के एजंटांे को भी हिंदुस्तान की तरफ खीच लेता है.

कहानीः

एक्षन प्रधान,देषभक्ति व जासूसी फिल्म ‘‘पठान’’ की कहानी के केंद्र में राॅ एजेंट फिरोज पठान (षाहरुख खान) और पूर्व ‘राॅ’ अफसर जिम्मी (जौन अब्राहम) और पाकिस्तानी खुफिया एजंसी की जासूस डाॅ. रूबैया मोहसीन (दीपिका पादुकोण) और पाकिस्तानी आईएसआई जरनल हैं.फिल्म की षुरूआत 5 अगस्त 2019 से होती है,जब कष्मीर से धारा 370 हटाए जाने की खबर से बौखलाया हुआ पाकिस्तानी सेना का जनरल अपनी मनमानी करते हुए पूर भारत को नेस्तानाबूद करने का सौदा जिम्मी से करता है. जिम्मी दक्षिण अफ्रीका के खतरनाक हथियार विक्रताओं से हथियार खरीदने का सौदा करता है.जहां पर पठान घायलअवस्था में बंदी है.फिर कहानी तीन साल के बाद षुरू राॅ के आफिस से षुरू होती है.जब एक खुफिया पुलिस अफसर (सिद्धांत घेगड़मल),राॅ की अफसर नंदिनी को सूचना देता है कि पठान की तस्वीर नजर आयी है.अब नंदिनी उस अफसर के साथ पठान से मिलने निकलती है.विमान में बैठने के बाद वह पठान की कहानी बताती है कि राॅ प्रमुख कर्नल लूथरा ( आषुतोष राणा ) राॅ के हर एजेंट को कुछ समझता नही है.एक दिन खबर मिलती है कि दुबई में हो रहे वैज्ञानिकों के सम्मेलन में भारत के दो वैज्ञानिक भी होंगे तथा मुख्य अतिथि भारत के राष्ट्पति है.कर्नल लूथरा भारत के राष्ट्पति की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं.पठान अपनी टीम के साथ आतकंवादियों को पकड़ने की जिम्मेदारी लेता है.कर्नल लूथरा राष्ट्पति व वैज्ञानिकों अलग अलग राह पर भेज देते हैं.जिम्मी वैज्ञानिको के सामने आकर उन्हे अपने कब्जे मंेकर लेता है,पठान पहुॅचता है,पर जिम्मी के हाथों परास्त हो जाता है.उसके हाथ कुछ नही आता.यहीं पर जिम्मी की बातों से खुलासा होता है कि जिम्मी एक पूर्व राॅ अफसर है,जिसे सरकार ने मरने के लिए छोड़ दिया था.भारत सरकार के रिकार्ड मंे राॅ अफसर जिम्मी की मौत हो चुकी है और उसे षौर्य पदक से नवाजा जा चुका है.इसलिए अब जिम्मी भी भारत के खिलाफ है.अब वह पैसे के लिए पाकिस्तानी आईएसआई एजंसंी के जनरल के लिए काम करता है.फिर एक दिन पता चलता है कि लंदन में डांॅ रूबया के एकाउंट से बहुत बड़ी रकम जिम्मी को ट्ांसफर हुई है. पठान जानकारी निकाल कर स्पेन पहुॅचता है?जहां पता चलता है कि उसे जिम्मी ने वहां बुलाने के ेलिए यह खबर राॅ तक भिजवायी थी.डाॅ रूबिया आईएसआई एजेट हैं और जिम्मी के साथ काम कर रही है.पर उसका दिल पठान पर आ जाता है,इसलिए वह जिम्मी के गुंडांे ेसे उसे बचाती है और फिर उसके ेसाथ मिलकर रक्तबीज लेने जाती है.रक्तबीज हाथ में आते ही डाॅ. रूबिया अपनी असलियत पा आ जाती है और पठान को बताती है कि उसने तो जिम्मी के कहने पर उसके ेसाथ यह नाटक किया क्योंकि रक्तबीज उसकी मदद के बिना पाना मुष्किल था.पठान को मौत के मंुहाने पर छोड़ देती है.रक्तबीज की मदद से जिम्मी रूस के एक षहर में बंदी बनाए गए भारतीय वैज्ञानिक से ऐसा वायरस बनवा रहा है जिसे छोड़ देने पर पूरे भारत के लोग ‘स्माल फाॅक्स’ की बीमारी से ग्रसित होकर एक सप्ताह के अंदर मौत के मंुह में समा जाएंगे.अब पठान की लड़ाई देष को बचाने के लिए जिम्मी से है.बीच में टाइगर (सलमान खान) भी पठान की मदद के लिए आ जाते हैं.अंततः  यह लड़ाई कई मोड़ांे से गुजरती है और नंदिनी सहित कई राॅ के अफसर व वैज्ञानिको की मौत के बाद जिम्मी की चाल असफल हो जाती है.पठान को अब नंदिनी की जगह बैठा दिया जाता है.

लेखन व निर्देषनः

फिल्म बहुत तेज गति से दौड़ती है,मगर पटकथा मंे काफी गड़बड़ियंा हैं. कहानी कब वर्तमान मंे और कब अतीत में चल रही है,पता ही नही चलता.पूरी फिल्म एक खास अजेंडे के तहत बनायी गयी है.फिल्म मेंपाकिसतानी एजेट रूबिया भगवा रंग के कपड़े व भगवा रंग की बिकनी पहनती है और अंततः भारत के पक्ष में कदम उठाती हैं.फिल्म में ंअफगानिस्तान को दोस्त बताया गया है.यानीकि ‘अखंड ’भारत का सपना साकार होने वाला है,षायद ऐसा फिल्मकार मानते हैं. फिल्म अजेंडे के तहत बनायी गयी है,इसका अहसास इस बात से होता है कि भारत को बर्बाद करने की जिम्मेदारी एक भारतीय राॅ एजंसी के एजेंट जिम्मी ने उठाया है.जिम्मी कहता है कि- ‘भारत माता’ ने उसे क्या दिया.भारत माता ने उसकी मां को मरवा दिया.उसके पिता को बम से उड़वा दिया.वगैरह वगैरह..इन संवादांे से जिसे जो अर्थ लगाने हो लगाए.पर देष के राजनीतिक घटनाक्रमों व घटनाओं को इन संवादांे सेे जोड़कर देखे,तो कुछ बातें साफ तौर पर समझ में आ सकती हैं कि फिल्मकार कहना क्या चाहता है? पर क्या इस तरह के संवाद व इस तरह के किरदार को फिल्म में प्रधानता देकर हमारी अपनी ‘राॅ’ के  कार्यरत लोगों का उत्साह खत्म नही कर रहे हैं? अब तक हमेषा यह होता रहा है कि जब भी फिल्मकार किसी अजेंडे के तहत फिल्म बनाता है तो फिल्म की कहानी व उसकी अंतर आत्मा गायब हो जाती है. इसलिए फिल्म देखना दुष्कर हो जाता है.फिल्म में एक्यान दृष्य बहुत अच्छे ढंग से फिल्माए गए हैं. एक्षन के षौकीन इंज्वाॅय कर सकते हैं.फिल्म में कुछ खूबसूरत लोकेषन हैं.तो वहीं कई दृष्य देखकर फिल्मकार व लेखक की सोच पर तरस आता है.मसलन-विमान के ऐसी डक के अंदर ‘वायरस’ रक्तबीज है.राॅ अफसर विमान के पायलट को उसके नाम से फोन कर कहते है कि वह देखे.पायलट एसी डक मंे वायरस रक्तबीज के होने की पुष्टि करता है.पर पायलट के चेहरे पर या विमान यात्रियों के चेहरे पर कोई भय नजर नही आता.फिर कर्नल लूथरा आदेष देते हैं कि विमान को दिल्ली षहर से बाहर ले जाओ और पूरे विमान को गिरा दो.जबकि ‘एटीसी’ कंट्ोलर ही विमान के पायलट से फ्लाइट का नाम लेकर बात करता है.राॅ अफसर कर्नल लूथरा मिसाइल से विमान को गिराने का आदेष देते है,मिसाइल छूटने के बाद उसका रास्ता भी मुड़वा देेते हैं.यानीकि बेवकूफी की घटनाए भरी पड़ी हैं.फिल्म के अंत में प्रमोषन गाने के ेबाद पठान(षाहरुख खान  )और टाइगर (सलमान खान)एक साथ रूस में उसी टूटे हुए पुल पर नजर आते हैं, और कहते है कि अब हमने बहुत कर लिया.अब दूसरो को करने देते हैंफिर किसे दे,यह काम का नहीख्,यह बेकार है.अंत में कहते है कि हमें ही यह सब करना पड़ेगा,हम बच्चों के हाथ में नही सौंप सकते.अब इस दृष्य की जरुरत व मायने हर दर्षक अपने अपने हिसाब से निकालेगा..फिर विरोध होना स्वाभाविक है.रूस में बर्फ के उपर के एक्षन दृष्य अतिबचकाने व मोबाइल गेम की तरह नजर आते हैं.

संवाद लेखक अब्बास टायरवाला के कुछ संवाद अति सतही हैं.

कैमरामैन बेजामिन जस्पेर ने बेहतरीन काम किया है.पर संगीतकार विषाल षेखर निराष करते हैं.

अभिनयः

पठान के किरदार में षाहरुख खान नही जमे.एक्षन दृष्यों में बहुत षिथिल नजर आते हैं.उनके ेचेहरे पर भी उम्र झलकती है.जिम्मी

के किरदार में जौन अब्राहम को माफ किया जा सकता है क्योंकि वह पहले ही कह चुके हैं कि उनके किरदार के साथ और उनके साथ न्याय नही हुआ.पाकिस्तानी एजेंट रूबैया के किरदार में दीपिका पादुकोण के हिस्से कुछ एक्षन दृष्यों के अलावा सिर्फ जिस्म की नुमाइष करना व खूबसूरत लगने के अलावा कुछ आया ही नही.खूफिया एजेंट होते हुए जब आप किसी को फंसा रही है,तो उस वक्त जो चेहरे पर कुटिल भाव होने चाहिए,वह दीपिका के चेहरे पर नही आते.डिंपल कापड़िया,प्रकाष बेलावड़े व आषुतोष राणा की प्रतिभा को जाया किया गया है.

BB 16: इस हफ्ते ‘नो इलीमिनेशन’, क्या टीना को बचाएंगे बिग बॉस!

Bigg Boss 16 update: टीवी का सबसे मजेदार और फेमस रियलिटी शो बिग बॉस 16 इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है. हालिया एपिसोड में एक बार फिर प्रियंका चाहर ने अकेले ही मंडली के सभी सदस्यों की क्लास लगा दी. इस दौरान प्रियंका और शिव ठाकरे के बीच जमकर बवाल हुआ. इन सभी के बीच निमृत कौर ने फिर से बाजी मार ली है. टिकट टू फिनाले और कप्तानी फिलहाल उनके पास ही है. वहीं अपकमिंग एपिसोड में बिग बॉस के घर में नॉमिनेशन को लेकर टास्क होने वाला है, जिसमें टीना दत्ता समेत कई सदस्य नॉमिनेट होने वाले हैं. इस बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें ये बताया जा रहा है कि इस बार कोई भी कंटेस्टेंट घर से बेघर नहीं होने वाला है.

 

 

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इस हफ्ते नहीं होगा कोई भी बेघर

BiggBoss-Tak ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक रिपोर्ट शेयर किया है, जिसमें बताया गया है कि इस हफ्ते कोई भी सदस्य शो से आउट नहीं होगा. लोगों का मानना है कि टीना दत्ता को बचाने के लिए बिग बॉस ने ये दांव खेला है. सोशल मीडिया पर यूजर्स कमेंट करते हुए बिग बॉस को जमकर ट्रोल कर रहे है. हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि इस वीकेंड घर से कोई बेघर नहीं होगा. बीते दिन एक और खबर सामने आई थी जिसमें ये जानकारी दी गई थी कि इस वीकेंड फराह खान शो को होस्ट करने वाली है.

 

 

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अर्चना गौतम और प्रियंका चाहर के बीच हुआ विवाद

बताते चलें कि हाल ही में इस शो से सौंदर्या शर्मा बाहर हुई है. घर से निकलते ही उन्होंने कई खुलासे किए. सौंदर्या ने प्रियंका चाहर और शिव ठाकरे को खरीखोटी सुनाई है. वहीं सौंदर्या ने अर्चना गौतम की जमकर तारीफ भी की है. वो चाहती हैं कि इस शो को अर्चना गौतम जीते. सौंदर्या के जाने के बाद अर्चना भी बिग बॉस में अकेले पड़ गई. कुछ दिनों से अर्चना और प्रियंका फिर से बात करने लगे थे. लेकिन हालिया एपिसोड में दोनों के बीच फिर से विवाद हो गया.

सई को छोड़ पाखी को अपनाएगा वीनू, सई लेगी चव्हाण परिवार से बदला!

स्टार प्लस का धमाकेदार सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ इन दिनों कई ट्विस्ट और टर्न्स से गुजर रहा है. नील भट्ट और आयशा सिंह के शो ‘गुम है किसी के प्यार में’ की पूरी कहानी इन दिनों विनायक के इर्द-गिर्द घूम रही है. लोग यह देखने के लिए बेताब हैं कि आगे चलकर विनायक सई को अपनी मां मानता भी है या फिर केवल पत्रलेखा के साथ रही रहता है. बीते दिन भी ‘गुम है किसी के प्यार में’ में दिखाया गया था कि पत्रलेखा खुद को विनायक की यशोदा मैय्या बताती है. वहीं दूसरी ओर सई विनायक को घर लाने की तैयारी करती है. लेकिन ‘गुम है किसी के प्यार में’ में आने वाले मोड़ यहीं पर खत्म नहीं होते हैं.

 

सई को चोर साबित करेगी पत्रलेखा

‘गुम है किसी के प्यार में‘ में जल्द ही दिखाया जाएगा कि पत्रलेखा वॉशरूम जाती है, लेकिन तभी कोई उसके पीछे से आकर उसके बैग में लेटर रख देता है. पत्रलेखा बाहर आकर देखती है तो उसे बैग अपनी जगह पर नहीं मिलता है. वह बाहर आती है तो बैग सई के हाथ में देखती है और बौखला जाती है. सई उसे बताती है कि बैग उसे जमीन पर पड़ा मिला, इसलिए उसने उठाकर देखना चाहा. लेकिन पत्रलेखा उसपर चोरी का इल्जाम लगा देती है और कहती है कि झूठ बोलने की भी हद होती है.

 

विनायक की बातें करेंगी सई को दुखी

‘गुम है किसी के प्यार में’ के स्कूल कॉम्पिटीशन में विनायक मां यशोदा और कान्हा की मूर्ति बनाता है और उसे अपनी मां को डेडिकेट करता है. वह सबके सामने पत्रलेखा को दुनिय की सबसे अच्छी मां कहता है. इतना ही नहीं, जीत के बाद भी वह मूर्ति को अपनी मां को देता है. इस बात से सई भावुक हो जाती है, क्योंकि वह चाहकर भी विनायक को अपना बेटा नहीं कह पाती है.

 

सई को कोसेगी भवानी

टीवी शो ‘गुम है किसी के प्यार में’ में देखने को मिलेगा कि भवानी सई को कोसेगी और कहेगी कि पहले हमारे चिराग को छीन लिया और अब पत्रलेखा के गोद लिये बेटे के पीछे पड़ी है. यह बातें सुनकर सई भी करारा जवाब देती है और कहती है कि जिस दिन आपके सामने सच आएगा, आप खुद मुझसे आकर माफी मांगेंगी.

नाश्ते में बनाएं टेस्टी एग सैंडविच

ब्रेकफास्ट करना बेहद जरूरी है लेकिन यह अक्सर मिस हो जाता है क्योंकि सुबह-सुबह इतना टाइम नहीं मिल पाता. हम आपको बताने जा रहे हैं, झट से तैयार होने वाले हेल्दी टेस्टी एग सैंडविच की रेसिपी.

सामग्री

– ब्रेड स्लाइस- 4 (ब्राउन ब्रेड भी ले सकते हैं)

– उबले हुए अंडे- 2 अच्छी तरह से चौप किए गए

– मेयोनिज या बटर- 4 टेबलस्पून

– रेड चिली फ्लेक्स- 1/2 टेबलस्पून

– स्वादानुसार नमक

– स्वादानुसार काली मिर्च पाउडर

– घी

– हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)

– सला

– टमाटर- 1 (पतली स्लाइस)

– हरा प्याज- 1/4 (बारीक कटा हुआ)

– प्याज- 1 (पतली स्लाइस)

विधि

– उबले अंडे, मेयोनिज, रेड चिली फ्लेक्स, स्वादानुसार नमक, हरी मिर्च (अगर आपको तीखा पसंद है) और स्वादानुसार काली मिर्च पाउडर को एक बोल में डालकर मिक्स कर लें.

– इस मसाले को 2 ब्रेड स्लाइसेस पर फैलाएं. स्टफिंग के ऊपर टमाटर, प्याज और हरे प्याज की स्लाइस लगाएं.

– अब दूसरी स्लाइस से स्टफिंग को कवर कर लें. मंद आंच पर तवा गर्म करिए. सैंडविच को तवे पर रखिए और किनारों पर हल्का सा घी लगाएं.

– 30 सेकंड के लिए कुक करें और फिर प्लेट में रख लें. आपका टेस्टी एग सैंडविच तैयार है.

समय के साथ बढ़ रहा है गाउन का चलन

समय के साथ पहलवा भी बदला है, आज कल पहनावों में ज्यादातर जगहों और अवसरों पर गाउन का चलन दिखाई दे रहा है. जिसे अपनाकर वह सुंदर तो दिखती ही हैं, साथ में कद में भी बढ़ा हुआ दिखतीं हैं. सही मायने में देखा जाए तो फैशन वही होता है, जिसमें कम्फर्ट, स्टाइल, लुक, कलर्स, डिजाइन और पैटर्न का शानदार कॉम्बिनेशन हो. फैशन को लेकर सबकी पसंद डिफरेंट होती है, लेकिन सुंदर दिखने का जुनून सब पर एक समान ही रहता है. आज युवा हर अवसरों पर खुद को अलग तरह से प्रेजेंट करना पसंद करते हैं.

ग्लोबल फैशन ट्रेंड में आने की वजह से गाउन अचानक काफी पापूलर हो गए हैं. आज फैशन इंडस्ट्री पर रेड कार्पेट का जबरदस्त असर दिखाई देता है. ऐसे में जब महिलाएं अपनी फेवरेट एक्ट्रेस को रेड कार्पेट पर किसी क्रिएशन में देखती हैं तो खुद को भी उसी अंदाज में इमैजिन करना शुरू कर देती हैं.

गाउन से बढ़ती सुंदरता –

मौजूदा समय में महिलाएं और लड़कियां पहनावे को लेकर वह काफी चिंतित रहतीं हैं. परिधानों का चयन करते समय इन बातों का ध्यान रखतीं हैं, कि किस परिधान में वह सुंदर और स्लिम नजर आएंगीं. आजकल वह ऐसे ही परिधानों को ज्यादा तरजी दे रहीं हैं, जो पहनावे के रूप में अवसरों पर भी इस्तेमाल किए जा सकें. इन दिनों लांग गाउंस ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं, जो धीरे-धीरे फैशन की निशानी बनते जा रहे हैं. इन गाउंस को लड़कियों के फिगर के अनुसार डिजाइन किया जा रहें हैं. जैसे हेल्दी महिलाओं और लड़कियों के लिए इस प्रकार से गाउन डिजाइन किए जाते हैं कि वह फिगर शेप स्लिम लगता है. इसी प्राकर जिनकी हाइट कम हैं, उनको ग्लैमर लुक दिया जाता है.

विवाह के समय गाउन को प्राथमिकता 

 

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– गाउन वैसे  तो हर जगह किसी भी अवसर पर पहने जा सकते हैं, लेकिन जब विवाह के समय परिधान की बात होती है, तो गाउन को प्राथमिकता देतीं हैं. इसके अलावा विशेष अवसरों पर महिलाएं और लड़कियां गाउन को पसंद कर रहीं हैं. आमतौर पर हमेशा पहने जाने वाले गाउंस से ज्यादा आकर्षक दिखने वाले ब्राइडल गाउन आजकल बाजार में विशेष डिजाइनों में उपलब्ध हैं. यह गाउन आपके फिगर के साथ सुंदरता को भी बढ़ातें हैं. आजकल शादियों में दुल्हनों के लुक बेहतर बनाने के लिए गाउंस को एथेनिक लुक में डिजाइन किया जा रहा है. इससे वह विवाह के अवसर पर और अधिक सुंदर और स्लिम दिखतीं हैं.

बदलाव की कड़ी में फैशनेबल गाउन –

 

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गाउन फैशन के तौर पर हमेशा महिलाओं और लड़कियों के बीच मांग का परिधान रहा है. इसके डिजाइन में समय समय पर बदलाव भी होते रहें हैं. इसी बदलाव की कड़ी में गाउन को साथ साड़ी के साथ भी मैच कर दिया गया है. इस परिधान में डिफ्रेंट र्वजस में साड़ी ड्रेप्स दिए गए हैं. लेयर्स व पेस्टल प्रिंट में बनी लांग लेंथ सभी बॉडी शेप्स के लिए फिट है, वहीं लेयर्स में बना गाउन मोटी लड़कियों को भी स्लिम दिखाता है. गाउन की स्लीव्स लांग हो या शॉर्ट, गाउन ऑफ शोल्डर हो या वन शोल्डर कट अगर इसे डिफ्रेंट डिटेलिंग के साथ बनाया जाए तो यह खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है. इसे पहनने के बाद आप इस नए तरीके के गाउन के साथ और सुंदर दिखेंगीं ही साथ में स्लिम भी नजर आएंगी.

जब वैजाइनल डिस्चार्ज का बदले रंग

योंतो महिलाओं में वैजाइनल डिस्चार्ज होना आम बात है और इसे हैल्दी भी माना जाता है साथ ही यह फीमेल प्राइवेट पार्ट को खुजली, इन्फैक्शन और सूखेपन से भी बचाता है, मगर जब कई बार यह डिस्चार्ज नौर्मल न हो तो सावधानी बरतना जरूरी है. इस डिस्चार्ज को ले कर अधिकतर महिलाएं आमतौर पर कन्फ्यूज हो जाती हैं कि उन्हें कब डाक्टर से संपर्क करना चाहिए. आइए, जानते हैं स्त्री रोगों की जानकार डा. सुषमा चौधरी से वैजाइनल डिस्चार्ज के बारे में:

वैजाइनल डिस्चार्ज क्या है

वैजाइनल डिस्चार्ज महिलाओं में होने वाली एक नैचुरल प्रक्रिया है. यह वैजाइना के और सर्विक्स में स्थित गं्रथियों से लिक्विड फौर्म में रिलीज होता है. वैजाइनल डिस्चार्ज महिलाओं के लिए बहुत हैल्दी माना जाता है, क्योंकि यह शरीर से डैड सैल्स और बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है और प्राइवेट पार्ट को इन्फैक्शन आदि से दूर रखता है. आमतौर पर वैजाइनल डिस्चार्ज का रंग सफेद होता है. लेकिन कई बार इस के रंग में बदलाव भी देखने को मिलता है. अत: तब सावधान होने की जरूरत होती है.

क्यों बदलता है रंग

डिस्चार्ज का रंग तब बदलता है जब प्राइवेट पार्ट में किसी तरह का कोई इन्फैक्शन हो. डा. सुषमा के मुताबिक वैजाइनल डिस्चार्ज मुख्यतया 5 तरह के होते हैं:

गाढ़ा और सफेद रंग का डिस्चार्ज: अगर महिला के प्राइवेट पार्ट से गाढ़ा और सफेद रंग का डिस्चार्ज हो तो यह नौर्मल और हैल्दी डिस्चार्ज माना जाता है, लेकिन व्हाइट डिस्चार्ज के साथ अगर खुजली, जलन जैसी परेशानी भी हो रही हो, तो यह यीस्ट इन्फैक्शन हो सकता है. ऐसे में डाक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

यलो रंग का डिस्चार्ज

अगर वैजाइनल डिस्चार्ज का रंग पीला हो तो चिंता की बात हो सकती है, क्योंकि यलो डिस्चार्ज महिलाओं में तब होता है जब उन्हें बैक्टीरियल या फिर सैक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फैक्शन हो. यदि यलो डिस्चार्ज हो रहा है तो जल्द से जल्द डाक्टर से संपर्क करें.

ब्राउन रंग का डिस्चार्ज

इस तरह का डिस्चार्ज ज्यादातर अनियमित पीरियड्स के वक्त होता है. लेकिन सामान्य दिनों में भी अगर ब्राउन रंग का वैजाइनल डिस्चार्ज हो तो यह यूटरस या सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है. अत: आम दिनों में भी ब्राउन डिस्चार्ज हो रहा है तो तुरंत डाक्टर से चैकअप करवाएं.

हरे रंग का डिस्चार्ज

यह डिस्चार्ज भी यलो डिस्चार्ज की तरह बैक्टीरियल इन्फैक्शन या फिर सैक्सुअली ट्रांसमिटेड इन्फैक्शन की निशानी है.

यीस्ट इन्फैक्शन

यीस्ट इन्फैक्शन में डिस्चार्ज बिलकुल गाढ़ा सफेद निकलता है. इस के साथ यदि वैजाइनल एरिया में रैडनैस, जलन और खुजली भी हो तो संभव है कि यह यीस्ट इन्फैक्शन हो. ऐसे में प्राइवेट पार्ट को समयसमय पर क्लीन करते रहना बेहद जरूरी है.

इन बातों का रखें ध्यान

अंडरवियर

हमेशा कौटन से बने अंडरवियर का ही इस्तेमाल करना चाहिए. कई महिलाएं सिंथैटिक कपड़े से बने अंडरवियर का इस्तेमाल करती हैं, जो प्राइवेट पार्ट के लिए नुकसानदायक साबित होता है. दरअसल, सिंथैटिक कपड़े से बनी पैंटी त्वचा में हवा को पास नहीं होने देती, जिस से प्राइवेट पार्ट में पसीना ज्यादा आता है और फिर पसीने के वजह से बैक्टीरिया पनपते हैं और इस से खुजली होती है. कौटन की पैंटी का इस्तेमाल ऐसा नहीं होने देता.

पीरियड्स

पीरियड्स के समय इन्फैक्शन फैलने का खतरा ज्यादा रहता है. ब्लीडिंग की वजह से पीएच लैवल बदल जाता है. ऐसे में महिलाओं को खास ध्यान रखने की जरूरत होती है. पीरियड्स में सैनीटरी पैड को हर 4 घंटों में बदलते रहना चाहिए. यदि आप एक ही पैड का इस्तेमाल ज्यादा देर तक करती हैं तो आप को प्राइवेट पार्ट में जलन, खुजली, बदबू आना जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

प्यूबिक हेयर

प्राइवेट एरिया हमेशा ढका होता है और वहां अकसर पसीना रहता है. इस पसीने और गीलेपन की वजह से इन्फैक्शन होने की संभावना बनी रहती है. महिलाओं के पीरियड्स के समय अधिक बाल होने से भी हाइजीन प्रभावित होता है. हाइजीन मैंटेन रखने के लिए प्यूबिक हेयर हटाने जरूरी हैं.

ऐसे रखें साफसफाई का ध्यान

– जब भी प्राइवेट पार्ट की सफाई करें हमेश आगे से पीछे की ओर करें. दरअसल, गुदा और वैजाइना के पासपास में होने के कारण गुदा का बैक्टीरिया वैजाइना के संपर्क में आ जाता है, जिस से वैजाइनल इन्फैक्शन हो सकता है.

– कई बार महिलाएं प्राइवेट पार्ट को क्लीन करने के लिए कैमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करती हैं, जो नहीं करना चाहिए. साबुन या किसी भी कैमिकल प्रोडक्ट के इस्तेमाल से वैजाइना का पीएच लैवल कम हो जाता है और यह इन्फैक्शन का कारण भी बनता है.

– प्राइवेट पार्ट को क्लीन करने के लिए गरम पानी का इस्तेमाल करें.

बिग बॉस के फिनाले से पहले टीना को ऑफर हुई फिल्म, देखें फोटोज

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस का 16वां सीजन जल्द ही खत्म होने वाला है. इस शो में टिकट टू फिनाले का ऐलान हो गया है, जिसके साथ ही अब सबके बीच फिनाले में पहुंचने की रेस भी शुरू हो गई है. लेकिन इन सबके बीच बिग बॉस 16 में बैठे-बैठे ही कई कंटेस्टेंट्स के हाथ बड़े-बडे़ प्रोजेक्ट लगे हैं, जिसमें टीना दत्ता (Tina Dutta) का नाम भी शामिल है. टीना को शो में कई बार फेक कहा गया है, लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि शो में आने के बाद उनकी किस्मत बदल गई है. बीते दिनों, दावा किया गया कि टीना को कलर्स का एक टीवी शो ऑफर हुआ है. वहीं, अब जानकारी मिली है कि एक्ट्रेस साउथ इंडस्ट्री में तहलका मचाने वाली हैं.

 

 

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तेलुगू फिल्म से डेब्यू करेगी टीना दत्ता

दरअसल, बिग बॉस 16 (Bigg Boss 16) के एक फैन पेज के मुताबिक, टीना दत्ता के हाथ साथ की एक ब्लॉकबस्टर लग गई है. बीते दिनों जानकारी मिली थी कि टीना दत्ता कलर्स टीवी के सीरियल दुर्गा और चारू में नजर आएंगी. दावा किया गया कि सीरियल में लीप के साथ ही टीना की एंट्री होगी। वहीं, अब लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, टीना को साउथ की ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए अप्रोच किया है. उनकी पहली फिल्म तेलुगू भाषा में होगी। दावा किया गया कि शो से बाहर आने के बाद टीना मेकर्स से पूरी बातचीत करेगी. वहीं, इस न्यूज के बाद टीना के फैंस काफी ज्यादा खुश हो गए हैं

 

टीना के अलावा इन कंटेस्टेंट्स के हाथ लगे बड़े प्रोजेक्ट्स

बिग बॉस 16 में कई कंटेस्टेंट्स के हाथ बडे़ प्रोजेक्ट्स लगे हैं. निमृत कौर आहलूवालिया को एकता कपूर ने अपनी फिल्म लव सेक्स एंड धोखा के दूसरे पार्ट के लिए साइन किया है. वहीं, एकता ने शालीन भनोट को अपने टीवी सीरियल ब्यूटी एंड द बीस्ट में मौका दिया है. दावा किया गया है कि सलमान खान प्रियंका चाहर चौधरी को भी बिग बॉस के बाद कुछ बड़ा ऑफर कर सकते हैं.

YRKKH: अक्षरा को गुंडो से लड़ता देख उड़ें अभिमन्यु के होश

टीवी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ सालों से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहा है. इस सीरियल में अब तक कई जोड़ियां बनीं और हर किसी को फैंस ने भरपूर प्यार दिया है. इस दिनों कहानी अक्षरा और अभिमन्यु के इर्द-गिर्द घूम रही है. यह किरदार प्रणाली राठौड़ (Pranali Rathod) और हर्षद चोपड़ा (Harshad Chopda) निभा रहे हैं. सीरियल में इन दिनों देखने को मिल रहा है कि छह साल के लीप के बाद अक्षरा और अभिमन्यु की मुलाकात हो चुकी है और दोनों ही एक-दूसरे को देखकर बार-बार पुरानी यादों में खो जाते हैं. हालांकि, इन सबके बीच अभिनव नॉर्मल है और अक्षु से अपने दिल की बात करने की कोशिश करता है. लेकिन कहानी में ट्विस्ट यहीं खत्म नहीं होता. आइए आपको बताते हैं कि अपकमिंग एपिसोड में क्या-क्या होगा.

 

अक्षरा को ना गाता देख हैरान होगा अभिमन्यु

टीवी सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) में अक्षरा एक सिंगर थी लेकिन कहानी में आए लीप के साथ अक्षरा भी बदल गई है. उसने गाना गाना छोड़ दिया है और अब यह बात अभिमन्यु के सामने भी आएगी. अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि शादी में सब अक्षरा को गाना गाने की बात कहेंगे, लेकिन वह सबको बताएगी कि उसे गाना गाना नहीं आता. यह बात जैसी ही अभिमन्यु सुनता है तो हैरान रह जाता है. दूसरी तरफ इसी दौरान अभिमन्यु को अपनी मां का फोन भी आता है, जिससे वह बात करते करते भावुक हो जाता है. इस सीन के बाद अक्षरा शादी में जमकर डांस करती है और सबको नचाती है.

 

अक्षरा का नया रूप देख अभि के उड़ेंगे होश

वहीं, सीरियल में आगे देखने को मिलेगा कि अभिनव अक्षरा के लिए कॉफी बनाता है. इसी दौरान शादी में लाइट चली जाती है, जिसके बाद अभिमन्यु और अक्षरा अलग-अलग रास्ते से लाइट चेक करने जाते हैं, जहां दोनों को पता चलता है कि लाइट चोरी हो रही है. इस दौरान अक्षु लाइट चोर को खूब मारती है और यह चीज देख अभिमन्यु हैरान रह जाता है और फिर दोनों मिलकर घर की लाइट चालू करते हैं. इसके बाद सभी लोग शादी का मजा लेते हैं.

 

अभिमन्यु की चिंता करेंगी अक्षरा

ये रिश्ता क्या कहलाता है में मजेदार ट्विस्ट तो आखिरी में आएगा. सीरियल में आगे देखने मिलेगा कि अभिनव अभिमन्यु को शकरगंदी खिलाता है और यह चीज अक्षरा देख लेती है, जिसके बाद वह अभि को खाने से रोक देती है. इस दौरान वह अपनी आवाज ऊंची करके बताती है कि यह शकरगंदी है. इसके अलावा, आगे यह भी देखने को मिलेगा कि शराब के नशे में अभिमन्यु और अभिनव एक दूसरे से बातें करेंगे. इस दौरान अभिनव अभि को चोर बोल देगा. वह उससे कहेगा कि उसने अक्षरा को चुरा लिया है. यह बात सुनकर अक्षरा के भी होश उड़ जाएंगे.

आखिर क्यों आत्महत्या कर रहे हैं हमारे स्टूडेंट्स

भारत में हर घंटे एक स्टूडेंट आत्महत्या कर रहा है. हम उन देशो में से एक हैं जिनमें 15 से 29 साल के लोगो के बीच आत्महत्या की दर अधिकतम हैं. मुख्यतः भारत में इन आत्महत्याओं की वजह शिक्षा से संबधित तनाव को पाया गया हैं.

हाल ही में आई आई टी हैदराबाद के एक स्टूडेंट मार्क एंड्रू चार्ल्स ने पढ़ाई में खराब प्रदर्शन और नौकरी न मिलने के डर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मार्क ने आत्महत्या से पहले एक आठ पन्नो का सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें उन्होंने अपनी आत्महत्या की वजह खराब नंबर और अच्छी नौकरी न मिलने के डर को बताया है. आई आई टी हैदराबाद में स्टूडेंट द्वारा आत्महत्या का यह इस साल का दूसरा मामला हैं .

हमारे देश के लगभग हर राज्य से स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं. सन 2016 में सभी राज्यों और यूनियन प्रदेशों द्वारा होम मिनिस्ट्री को भेजे गए एक लेटेस्ट डाटा के मुताबिक 9474 बच्चो द्वारा आत्महत्या कि गयी. जिसमें महाराष्ट्र और बंगाल जैसे राज्यों में स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या करने का आकड़ा अधिक पाया गया.

गौर से अगर आप हमारी शिक्षा व्यवस्था और आत्महत्याओं के इन आकड़ो को देखेंगे तो पाएंगे कि यह सुसाइड नोट्स जो हमे प्रति घंटे देश के लगभग हर राज्य से प्राप्त हो रहे है. यह सुसाइड नोट्स नहीं बल्कि स्टूडेंट्स द्वारा संपूर्ण समाज को शिक्षा के प्रति स्टूडेंट्स पर असहनीय दबाव और बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था कि तरफ एक संकेत पत्र हैं.

भारतीय शिक्षा व्यवस्था और समाज में अगर कोई बच्चा आई आई टी या एम्स जैसे बड़े संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाता है तो उसे कमजोर या हारा हुआ माना जाता है . इस बात के चलते बच्चो पर पेरेंट्स द्वारा अच्छे नंबर लाने का दबाव प्राइमरी कक्षा से ही शुरू हो जाता हैं . अच्छे नम्बरो कि चाहत और आई आई टी, एम्स जैसे संस्थानों में दाखिला कराने के लिए पेरेंट्स अपने बच्चो को छोटी कक्षाओं से ही तैयार करने के लिए प्राइवेट कोचिंग भेजना शुरू कर देते हैं. जिस वजह से बच्चो को खेलने और ठीक से खाने तक का समय भी नहीं मिल पाता हैं .

महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में रहने वाले 9 वि कक्षा के स्टूडेंट सर्वेश मोघे बताते है कि कुछ बच्चो के घर से कोचिंग सेंटर्स बहुत दूर होने की वजह से वो अपने साथ स्कूल जाते समय ही तीन या चार टिफ़िन लेकर जाते है. क्यूंकि सुबह 7 बजे जब वो अपने घर से स्कूल  के लिए निकलते  है तो फिर रात 9 या 9: 30 तक घर पहुंचते है. आई  आई  टी जैसे कौलेज में भी अपने सहपाठियों से अव्वल आने के लिए और अंत में एक अच्छी जौब पाने कि होड़ में स्टूडेंट्स को १४ – १४ घंटे तक पढ़ना पड़ता  हैं . यह समय किसी कौर्पोरेट ऑफिस में कार्यरत व्यक्ति के काम करने के समय से भी ज्यादा है. इस तरह के शेड्यूल और वातावरण का स्टूडेंट के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर होता हैं .

पिछले कुछ सालो में सेंटर फौर द स्टडी ऑफ़ डेवलपिंग सोसाइटी के एक सर्वे के मुताबिक भारत में 10 में से 4 स्टूडेंट अवसाद ग्रस्त हैं . पेरेंट्स कि इछाओ का दबाव, अपने सहपाठियों से कम्पटीशन और इस नम्बरो कि अंतहीन दौड़ में भागते हुए स्टूडेंट्स कई बार अपने तनाव और डर को किसी से भी नहीं बाँट पाते और आत्महत्या का रास्ता चुन लेते हैं .

हमारे शिक्षण संस्थानों और यहां तक कि समाज में भी मानसिक स्वस्थ्य को बहुत ही काम महत्व दिया जाता है . जिसकी वजह से बच्चे उनके सामाजिक जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना नहीं कर पाते है. लगभग हर घर में बच्चो पर अधिक से अधिक नंबर लाने और अच्छी से अच्छी नौकरी को पाने का दबाव बनाया जाता हैं . अगर कभी पेरेंट्स को बच्चे के मनोवैज्ञानिक रोग से ग्रस्त होने का पता चलता हैं तब भी वे समाज के डर से बहुत समय तक अपने बच्चे को मनोवैज्ञानिक उपचार नहीं देते और उसके मानसिक स्वास्थ्य को छुपाते रहते है . इस से भी स्टूडेंट्स का मानसिक स्वास्थ्य और बिगड़ता जाता हैं .

प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था देश के विकास में रीढ़ कि हड्डी मानी जाती थी, जिसमे मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक तीनो बातो पर ध्यान दिया जाता था . आज भी हमारे कौलेज एवं शिक्षण संस्थानों को इसके लिए उचित प्रयास करने चाहिए ताकि बच्चो को उनके शिक्षण संसथान में ही मनोवैज्ञानिक रूप से स्वस्थ वातावरण मिल पाए . बच्चो के पेरेंट्स और प्रशासन को भी स्टूडेंट के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो कर कदम उठाने होंगे .

जौब के विषय में प्लेसमेंट कंपनियों को अपने प्लेसमेंट क्राइटेरिया को सिर्फ अच्छे नम्बरो तक ही सिमित नहीं देखकर उनकी योग्यता को आधार बनाना चाहिए . यू एस के कई राज्यों में स्टूडेंट से उसकी पिछली सैलरी और ग्रेड्स पूछना क़ानूनी अपराध के अंतर्गत आता है . भारत में भी इसी तरह के कदम उठाये जा सकते है. जिस से स्टूडेंट्स में तनाव कम हो और वो निश्चिन्त होकर अपनी योग्यता के आधार पर जौ   ब पा सके.

आशा है कि भविष्य में सावधानी बरतते हुए ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाकर, हम भारत के भविष्य को एक चिंतामुक्त और खुशहाल जीवन जीने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.

फिटनेस और फैशन से फैंस को हैरान कर रहीं हैं मोनिका बेदी, देखें फोटोज

रियलिटी शो बिग बॉस के सीजन 2 और झलक दिखला जा के सीजन 3 से लेकर सीरियल सरस्वतीचंद्र का हिस्सा रह चुकीं एक्ट्रेस मोनिका बेदी (Monica Bedi) अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रही हैं. वहीं इन दिनों अपने फैशन और फिटनेस को लेकर चर्चा में आ गई हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

अपने फैशन का रखती हैं ख्याल

 

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47 साल की मोनिका बेदी इम दिनों अपनी फिटनेस और फैशन का खास ख्याल रखती नजर आ रही हैं. दरअसल, वह अपने काम के साथ-साथ बौक्सिंग जैसा वर्कआउट भी करती रहती हैं. 1990 के दशक की फिल्मों में नजर आ चुकी एक्ट्रेस मोनिका बेदी का फैशन किसी बौलीवुड हसीना के फैशन से कम नहीं है, जिसका अंदाजा हाल ही में उनकी फोटोज औऱ वीडियो से लगाया जा सकता है.

फिट हैं मोनिका बेदी

 

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फिटनेस की बात करें तो एक्ट्रेस मोनिका बेदी को वर्कआउट करने का काफी शॉक है. वहीं सोशलमीडिया के जरिए वह अपने फैंस को इंस्पायर भी करती रहती हैं. वहीं अपने नए-नए लुक से फैंस की तारीफें बटोरती रहती हैं.

ग्लैमरस अंदाज से फैंस का जीता दिल

 

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एक्ट्रेस मोनिका बेदी की फिटनेस और फैशन से फैंस काफी खुश रहते हैं. वहीं एक्ट्रेस अपने फैंस को खुश रखने के लिए सोशलमीडिया पर अपने नए-नए ग्लैमरस अंदाज की फोटोज शेयर करती रहती हैं.

डॉन को हुआ था प्यार

 

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पर्सनल लाइफ की बात करें तो पुरानी फिल्मों में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस से जुड़ा एक खुलासा एस हुसैन जैदी की किताब माय नेम इज अबू सलेम में किया गया था. दरअसल, किताब में बताया गया था कि स्ट्रगल के दौरान एक्ट्रेस मोनिका बेदी पर डॉन अबू सलेम की नजर पड़ी थी, जिसके चलते सलेम ने उन्हें फिल्में दिलवाने  के लिए डायरेक्टर्स और प्रोड्यूसर्स को धमकाया था. हालांकि एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने अपनी कहानी में इसे सिर्फ एक हादसा बताया था

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