जैसी सोच वैसी जिंदगी

जीवन एक आशीर्वाद है, इसे ‘सौ बरस तक जिओ’. सौ बरस तक जीने का लक्ष्य बना कर जीने के लिए बहुत कुछ करना पड़ता है. सभी अपने लिए बेहतर जिंदगी का सपना देखते हैं.

यदि आप खुद पर विश्वास रखते हैं, अपने जीवन में होने वाली संभावनाओं के प्रति जागरूक और प्रयत्नशील हैं तो खुश रहने की खोज में आप को सफलता जरूर मिलेगी. निम्नलिखित बातें अजीब जरूर लगेंगी किंतु उन पर विचार कर के उन के रहस्य को जानने की कोशिश करें :

– हर सही निर्णय उचित कार्यवाही के अभाव में बेकार है.

– असफलता आप के लिए लाभदायक हो सकती है.

– अपनी सोच के दायरे को विस्तृत और व्यावहारिक बनाएं.

– विचारों पर नियंत्रण रखें, संवेदनशील हों किंतु सीमा के भीतर. मुद्दा बना कर छोटीछोटी बातों में तुनकमिजाजी ठीक नहीं होती है.

– उत्तम भविष्य के निर्माण के लिए व्यवस्था और कार्यप्रणाली सुनिश्चित करें.

– मन की दुविधा को खत्म करना होगा.

– अपने मन को टटोलना होगा और जानना होगा कि वह क्या चाहता है.

– जीवन में संतुलन बना कर चलना जरूरी.

– अपने जीवन के प्रति ईमानदारी बरतें.

– बाहरी लालच, दबाव में न आएं.

– दूसरों की नकल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि दूसरों की नकल करने वाले कभी आगे नहीं बढ़ पाते.

अपनी मानसिकता को परखें और संभालें

यहां उन बातों और विचारों का उल्लेख जरूरी है जो बातें मानसिकता को नकारात्मक तरीके से प्रभावित करती हैं. अच्छी मानसिकता स्वस्थ शरीर की प्राथमिक आवश्यकता है. जिस शरीर को सारी जिंदगी हमारे साथ रहना है, उसे स्वस्थ रखना हमारा कर्तव्य है.

सही खानपान, कसरत, साफसुथरा जीवन ऐसी बातें हैं जिन की अहमियत किसी से छिपी नहीं है. बुरी आदतें और व्यसन, जैसे तंबाकू व सिगरेट का सेवन, शराब, जरूरत से ज्यादा भोजन या फास्टफूड, ड्रिंक्स आदि ने हमारी दिनचर्या में शामिल हो कर शरीर को खोखला कर दिया है.

शीघ्र ही इन बुरी आदतों को छोड़ कर जीवन को व्यवस्थित करना चाहिए. कहते हैं, ‘शुभस्य शीघ्रम’.

प्रसिद्ध दार्शनिक बर्ट्रेड रसेल का कथन है कि खुशी एक मानसिक स्थिति है. यह बाहरी चीजों से नहीं मिलती है. इसलिए मानसिक स्थिति को स्वस्थ बनाइए.

स्टिमुलस रेसपौंस सिद्धांत

मशहूर प्रबंधन विशेषज्ञ और लेखक हैरोल्ड जे लेविट का मानना है कि व्यवहार इस बात पर आधारित होता है कि आप कैसा स्टिमुलस (प्रेरक तत्त्व) देते हैं चूंकि लोगों की प्रतिक्रिया (रैसपौंस) उस के अनुसार होती है. जैसे आप एक मित्र का स्वागत मुसकरा कर करते हैं तो आप ने अच्छा स्टिमुलस दे कर उसे प्रेरित किया. प्रतिक्रिया भी अच्छी होगी. वह दोगुने उत्साह के साथ आप से मिलेगा. बुझे मन से मिलेंगे तो उस की प्रतिक्रिया भी ठंडी होगी.

इस दृष्टिकोण से मधुर संगीत सुनना, पार्टियों में शामिल होना, खेलकूद में भाग लेना, सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सेदारी, आउटिंग, पिकनिक, सिनेमा आदि खुशनुमा जिंदगी के लिए अहम भूमिका निभाते हैं.

ट्रांसैक्शनल एनालिसिस

डा. एरिक बर्न और टौमस ए हैरिस ने यह सिद्धांत व विचार दिया है जिस के अनुसार व्यवहार का विश्लेषण करने के लिए हम 3 मानसिक स्थितियों को जानने का प्रयत्न करें. ये हर मनुष्य में पाई जाने वाली स्थितियां हैं, चाइल्ड ईगो स्टेट, एडल्ट ईगो स्टेट और पेरैंट ईगो स्टेट.

जब कभी कोई आप के संपर्क में आ कर आप से बात करता है, व्यवहार करता है, तो मुख्य रूप से वह इन तीनों में से एक ईगो स्टेट का इस्तेमाल कर रहा होता है. सही व्यवहार से दूसरे व्यक्ति की समझ या प्रतिक्रिया से या तो मतभेद पैदा होता है या अंडरस्टैंडिंग. इसे समानांतर और क्रौस ट्रांसैक्शन कहते हैं.

सही प्रतिक्रिया समानांतर व्यवहार और गलत प्रतिक्रिया क्रौस ट्रांसैक्शन के परिणामस्वरूप होती है. उदाहरण के लिए आप दूसरे व्यक्ति से क्रोध में बात करते हैं तो आप पेरैंट ईगो स्टेट से दूसरे की चाइल्ड ईगो स्टेट से बात कर रहे हैं. वह भी क्रोधित प्रतिक्रिया देता है यानी वह अपनी पेरैंट ईगो स्टेट से आप की चाइल्ड ईगो स्टेट से बात करता है. परिणाम होता है झगड़ा या मिसअंडरस्टैंडिंग. इस सिद्धांत को जानने वाले उचित व्यवहार करने में सक्षम हो जाते हैं.

प्रबंधन विशेषज्ञों के विचार

मशहूर लेखक और प्रबंधन विशेषज्ञ डा. स्टीव कूपर ने अपनी पुस्तकों में पौजिटिव नजरिया अपनाने के लिए निम्नलिखित बातों का उल्लेख किया है :

– यह जरूरी है कि आप लोगों के प्रति  रचनात्मक रवैया रखें और सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करें.

– आप जो बात करें वह काल्पनिक न हो कर, सत्य पर आधारित हो, व्यर्थ की गौसिप न हो.

– बात करने से पहले महत्त्वपूर्ण तथ्यों और जानकारी को इकट्ठा करें और सौहार्द स्थापित करने के उद्देश्य से व्यवहार करें.

– क्रोध पर नियंत्रण रखें. क्रोध उन्नति की राह में बाधक होता है.

– जैसे आप शरीर को आराम देते हैं, मन और मस्तिष्क को भी आराम दें.

– आत्मनिर्भर, खुश और संतुष्ट रहने की आदत डालें.

– आप की बातचीत और व्यवहार का मुख्य उद्देश्य सामंजस्यपूर्ण और अंडरस्टैंडिंग पैदा करना होना चाहिए तभी ये सब बातें अर्थपूर्ण लगेंगी.

– यदि किसी की कोई बात आप को परेशान करती है तो भी पौजिटिव सोच के जरिए अपना मानसिक संतुलन बनाए रखें.

– अपने बारे में स्वस्थ विचार रखिए. दूसरों की नकारात्मकता से इसे प्रभावित न होने दें.

प्रबंधन विशेषज्ञ शिव खेड़ा के अनुसार, ‘‘यह युग ‘सरवाईवल औफ द फिटैस्ट’ का है. जो गुणी और साहसी है वही जीवित रहने के युद्ध में जीतता है.’’

मशहूर चित्रकार विन्सेंट वानगाग के इस कथन को याद रखें, ‘‘अगर हम सच्चे हैं तो हमारे साथ भलाई के सिवा कुछ हो ही नहीं सकता. भले ही हमारे हिस्से में दुख और घनघोर निराशाएं ही क्यों न आएं, जीवन को पूरे जोशोखरोश के साथ निर्बाध रूप से जीने का ही नाम जिंदगी है.’’

इन 5 होममेड टिप्स से पाएं डार्क सर्कल से तुरंत छुटकारा

आंखो के नीचे काले घेरे की समस्या लगभग सभी के साथ होती है. जो बौडी में कई सारे न्यूट्रिशंस की कमी से होने वाली कमजोरी और तनाव की समस्या का संकेत देते हैं. लेकिन कई बार ये डार्क सर्किल उम्र बढ़ने, ड्राई स्किन, रात भर काम करने और सही तरीके से न सोने के कारण भी हो सकते हैं. आंखों के काले घेरे दूर करने के कुछ घरेलू उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर इनसे छुटकारा पाया जा सकता है.

1. बादाम का तेल

बादाम का तेल कई प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है, जो आंखों के आसपास की त्वचा को फायदा पहुंचाता है. बादाम के तेल के नियमित उपयोग से त्वचा का रंग हल्का पड़ जाता है, इसीलिए इसे आंखों के आसपास लगाने से डार्क सर्कल दूर हो जाते है. रात में इसे आंखों के नीचे थोड़ा सा लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें. मसाज करने के बाद ऐसे ही छोड़ दें. सुबह उठने के बाद मुंह धो लें.

सोने जाने से पहले आंखों के नीचे काले घेरों के ऊपर अलमन्ड औयल लगाकर हल्का-सा मसाज करें. रात भर लगा रहने दें. सुबह उठने के बाद इसे ठंडे पानी से धो लें.

2. खीरा

खीरा त्वचा की रंगत सुधारने में बहुत ही कारगर होता है. इसके साथ ही खीरा लगाने से त्वचा ज्यादा फ्रेश और ग्लोइंग नजर आती है. खीरे के पतले-पतले स्लाइस काटकर उसे रेफ्रिजरेटर में 30 मिनट के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दें. फिर इसे डार्क सर्किल पर लगाकर कम से कम 10 मिनट तक रखें. सूखने के बाद इसे पानी से धो लें. दिन में तीन से चार बार इसका इस्तेमाल तकरीबन एक हफ्ते तक करें और फर्क देखें.

इसके अलावा एक दूसरा तरीका है खीरे और नींबू की मात्रा को एकसाथ मिक्स करके उसे कौटन की सहायता से काले घेरों पर लगाएं और कम से कम 15 मिनट तक रखने के बाद पानी से धो लें.

3. पानी

अगर आंखों के नीचे डार्क सर्कल हैं तो खूब पानी पिएं. पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन किसी भी दवाई से बेहतर होता है. यह एक साधारण घरेलू उपाय है जो आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों को दूर कर देता है. पानी पीने से स्कीन हाईड्रेट रहती है और डार्क सर्कल नहीं हो पाते हैं.

4. नींद

काफी लम्बे समय तक सही तरीके से नींद पूरी न होने पाने की वजह से भी आंखों के नीचे काले घेरे पड़ जाते हैं. अगर आपकी नींद पिछले कई दिनों से पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले सोएं. जब आप पूरा आराम लेंगे और आंखों को आराम देंगे तो काले घेरे अपने आप सही हो जाएंगे. आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे, व्यक्ति की कम नींद के बारे में बताते हैं.

5. टी बैग्स

टी बैग्स का उपयोग करके भी आंखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल को दूर किया जा सकता है. सुबह की चाय के बाद यूज किए हुए टी बैग्स को अपने फ्रीज में रख दें. जब आपको समय मिलें तो उन्हें फ्रिज से बाहर निकाल लें और रूम के तापमान पर होने के लिए रख दें. बाद में इन्हें अपनी आंखों पर लगा लें. इससे आपको आराम मिलेगा और काले घेरे कम होंगे.

6. टमाटर

टमाटर में कई ऐसे गुण होते हैं जो त्वचा के डार्क कलर को हल्का कर देते हैं और त्वचा को ग्लो प्रदान करते हैं. एक चम्मच टामटर का पेस्ट और नींबू की रस की कुछ बूंदे मिला लें और मिश्रण तैयार कर लें. इस मिश्रण को अपनी आंखों के नीचे के काले घेरे पर लगाएं. इसे दस मिनट तक यूं ही लगा रहने दें और बाद में ठंडे पानी से धो लें.

Valentine’s Special: सुर बदले धड़कनों के- भाग 3

लेखक- जितेंद्र मोहन भटनागर

मां को खांसी आनी शुरू हो गई थी, इसलिए उस का ध्यान अकसर मां के स्वास्थ्य की तरफ चला जाता. उन्हें कफ सिरप पिला कर कुछ देर उन के पास बैठ कर उन का मन बहलाती. फिर जब वे नौवल हाथ में उठा लेतीं तो वह वहां से उठ कर अपने कमरे में चली आती.

पिता के मरने के बाद उन के अपने कमरे में विंग कमांडर सुंदर बहादुर की यादें हर तरफ मौजूद थीं. मां ने अपने पलंग के सामने एक आकर्षक युगल चित्र लगवा लिया था, जिस में वे वरदी पहने पति के साथ एक आकर्षक बनारसी साड़ी में सजीधजी खड़ी थीं.

शुरू में तो कई बार उस चित्र को देख कर किन्हीं यादों में डूब जातीं, फिर रोने लगतीं, पर तान्या की उम्र बढ़ने के साथ सब सामान्य हो गया. पति की यादों से जुड़ा दूसरा तैल चित्र, ड्राइंगरूम की दीवार पर उन्होंने लगवा ही रखा था, जिस के सामने पड़े सोफे पर बैठ कर उन्हें न जाने क्यों बड़ी तसल्ली मिलती थी.

लौकडाउन का आज 7वां दिन था. सवेरे जब तान्या मां के

कमरे में रोज की तरह चाय पीने बैठी तो मां की तरफ देख कर हैरान रह गई.

मां से चाय का घूंट सटका नहीं जा रहा था, तान्या ने अपने हाथ में पकड़ा चाय का प्याला स्टूल पर रखा और उन के करीब पहुंच कर उन की पीठ पर हाथ रखते हुए पूछा, ‘‘क्या हुआ मम्मा.’’

‘‘गले में खराश हो रही है और चाय का घूंट सटका नहीं जा रहा है,’’ अनिला बड़ी मुश्किल से बोल पाईं.

अगले ही पल अपने हाथ में पकड़ा कप नीचे रखते हुए अपना माथा दबाते हुए बोलीं, ‘‘तान्या, सिर में बहुत तेज दर्द शुरू हो गया है. लगता है बुखार आ जाएगा.’’

कुछ देर बाद उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ महसूस होने लगी. तकलीफ की अधिकता के कारण वे बेचैन होने लगी थीं.

ऐसी स्थिति देख कर तान्या ने निंदिया को आवाज दी. उस की आवाज सुन कर तान्या के साथ किचन में काम करती रानी भी कमरे में आ गई.

तान्या ने निंदिया को देखते ही कहा, ‘‘तुम अपने क्वार्टर जा कर, अपने पिता को तुरंत बुला लाओ,’’ फिर वह रानी की तरफ मुड़ते हुए बोली, ‘‘तुम चाय के कप यहां से उठा ले जाओ, फिर आ कर मां के पास 2 मिनट बैठो. मैं अपने कमरे में रखा अपना मोबाइल ला कर डाक्टर को फोन करती हूं.’’

इस समय उस ने डाक्टर नितिन से ही बात करना उचित समझ. एक बार तो पूरी रिंग बज गई नितिन ने फोन नहीं उठाया. दोबारा भी वही हुआ. उस ने बिना हिम्मत हारे तीसरी कौल लगाई. इस बार काल कनैक्ट हो गई.

‘‘डाक्टर नितिन मैं तान्या बोल रही हूं.’’

‘‘हां मैं पहचान गया, तुम्हारी आवाज तो मेरे जेहन में बस चुकी है.’’

उस ने अपनी मम्मी का सारांश में हाल बताया फिर बोली, ‘‘मैं अपने ड्राइवर के साथ आप के हौस्पिटल आ रही हूं.’’

‘‘तुम्हें हौस्पिटल आने की आवश्यकता नहीं है. यहां के वातावरण में सारे स्टाफ को घंटों पीपीई किट पहन कर रहना पड़ता है. तुम अपना पता मुझे एसएमएस कर दो मैं तुरंत ऐंबुलैंस भिजवाता हूं.’’

‘‘डाक्टर मैं भी मां के साथ आना चाहती हूं.’’

‘‘तान्या यह महामारी बहुत खतरनाक स्टेज पर है. संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है. तुम्हारा आना उचित नहीं है. मुझ पर विश्वास रखो. मेरे रहते तुम्हारी मम्मी का विशेष खयाल रखा जाएगा, उन के सारे टैस्ट करवाए जाएंगे… जैसा तुम ने बताया सिमटम्स तो सारे कोविड वाले हैं. मैं अडवाइज करूंगा प्लीज तुम जोखिम न लो… मम्मी को एडमिट कराने के बाद जब उन का ट्रीटमैंट शुरू हो जाएगा तो उन की पूरी रिपोर्ट देने मैं अपनी शिफ्ट खत्म होते ही तुम्हारे घर आता हूं. ओके.’’

तान्या फोन कर के पलटी तो सामने गोपाल खड़ा था, ‘‘क्या आदेश है बिटिया? मैं ने कार सैनिटाइजर कर के बाहर खड़ी कर दी है.’’

‘‘ठीक है मुझे हौस्पिटल की ऐंबुलैंस का इंतजार करना होगा. लौकडाउन के कारण प्राइवेट वाहन का मूवमैंट भी रिस्ट्रिक्टेड है,’’ कहती हुई वह मास्क लगा कर ग्लब्ज पहनती हुई मां के सामने पहुंची.

मां का बुखार पहले से तेज हो गया था. उन की हालत देखी नहीं जा रही थी. वे खांसना

चाह रही थीं पर खांस नहीं पा रही थीं. उन का हाथ बारबार गले पर जा रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे उन का दम घुट रहा हो.

तान्या उन्हें गरम पानी पिलाने का प्रयास कर रही थी. गोपाल समझ गया था कि यह कोविड का ही अटैक है.

करीब 30 मिनट के अंदर ऐंबुलैंस अपना सायरन बजाती हुई बंगले के मेन गेट के सामने आ खड़ी हुई. ऐंबुलैंस के अंदर सक्रिय स्टाफ ने अनिला को अपने कब्जा में ले कर फर्स्टऐड देनी शुरू कर दी. चेहरे पर औक्सीजन मास्क किट लगा दी. नर्सें अपने काम में जुट गईं और उसी ऐंबुलैंस से आए स्टाफ में से एक ने घर से बाहर हाउस अंडर आईसोलेशन का पोस्टर चिपका दिया और दूसरी नर्स ने तान्या समेत गोपाल और उस के परिवार के सुआब टैस्ट के बाद रैपिड कोरोना टैस्ट सैंपल लिए. कुछ देर बाद ऐंबुलैंस सायरन बजाती चली गई.

तान्या ने घरों की खिड़कियों से झंकते लोगों पर नजर डाली. उसे अपनी ओर देखता पा कर सब अपने स्थान से ऐसे हट गए मानो तान्या से नजर भी मिल गई तो उन्हें भी कोरोना जकड़ लेगा.

इस बीमारी ने तो सभी संबंधों पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था. ये वही पड़ोसी थे जो पिता के न रहने पर कई दिनों तक मां को सांत्वना देने आते रहे थे.

तान्या ने एक नजर अपने दरवाजे पर चिपका दिए गए पोस्टर पर डाली. पूरे घर को आइसोलेशन में रख दिया गया था और घर के सदस्यों के मूवमैंट पर पूरी तरह पाबंदी थी.

उस ने गोपाल को कार गैरेज में खड़ी कर के अपने क्वार्टर में जाने के निर्देश दिए. अपने लिए रानी से पुन: चाय बना कर लाने को कहा. फिर निंदिया के साथ मां के कमरे की हर चीज को सैनिटाइज करने में जुट गई.

कुछ देर बाद उस ने ड्राइंगरूम में बैठ कर चाय पीते हुए परिस्थितियों का आंकलन किया. जाने क्यों उसे नितिन पर विश्वास था. वह

जानती थी कि नितिन के रहते मां को सही इलाज मिल जाएगा.

कुछ सोच कर उस ने मामाजी को मां के कोरोना संक्रमित होने की खबर देने के लिए फोन लगा दिया,

उधर से मामाजी की आवाज सुनाई दी, ‘‘हैलो तान्या कैसी हो?’’

‘‘मैं तो ठीक हूं मामाजी पर मां को कोरोना का संदेह होने के कारण अस्पताल में एडमिट कराना पड़ा. डाक्टर नितिन ने ऐंबुलैंस भिजवा दी थी.’’

‘‘डाक्टर नितिन का नाम तो मेरे कानों में पहली बार पड़ा है.’’

‘‘हां, इस बार प्लेन में उस से मुलाकात हुई थी. अच्छी हाइट का हैंडसम डाक्टर है. बहुत स्मार्ट है. यह तो अच्छा हुआ कि मुंबई एअरपोर्ट पर बिछड़ते समय उस ने अपना विजिटिंग कार्ड मुझे दे दिया था. इसलिए मम्मी की तबीयत बिगड़ते देख मैं उसे फोन लगा कर बात की तो उस ने आधे घंटे के भीतर ही अपने हौस्पिटल की ऐंबुलैंस भिजवा दी.’’

उधर से कोई आवाज नहीं आई तो तान्या बोली, ‘‘मामा मेरी आवाज सुनाई दे रही है?’’

‘‘हां यह लो मामी से बात करो और डाक्टर का मोबाइल नंबर मामी को नोट करा देना, मैं जरा तुम्हारी नानी को ये अनिला के बारे में सूचित कर दूं.

तान्या ने अपने दिल का सारा हाल अपनी दोस्त सरीखी मामी को बता दिया. बोली, ‘‘मामी, तुम कहा करती थीं न कि लंबी लड़कियों को शादी के लिए लंबे लड़के मुश्किल से मिलते हैं, पर मुझे तो आराम से सुंदर लड़का मिल गया वह भी डाक्टर.’’

कुछ देर और बातें करने के बाद डाक्टर नितिन का कौल अपने मोबाइल पर

फ्लैश होते देख कर उस ने मामी वाली कौल डिसक्नैक्ट कर  दी और नितिन की कौल रिसील करी.

नितिन ने बताया, ‘‘तान्या, तुम्हारी मां की रिपोर्ट पौजिटिव आई है, उन्हें एडमिट कर के ट्रीटमैंट शुरू कर दिया गया है. मैं ड्यूटी औफ होते ही अपने घर जा कर नहाधो कर तुम से मिल कर मां का बाकी हाल बताऊंगा. कौफी तो पीने को मिलेगी न?’’

‘‘औफ कोर्स… तुम आओ मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी और हां शायद रुड़की से मेरे निकुंज मामा का फोन तुम्हारे पास आए, मां का हालचाल पूछेंगे… तुम डिटेल से सब बता देना.’’

‘‘ठीक है बता दूंगा, लेकिन मामा को चिंता में डालने की क्या जरूरत थी? इस लौकडाउन में कोई भी आ जा तो सकता नहीं है बस अपने लोग सुन कर परेशान जरूर हो जाते हैं. चलो कोई बात नहीं मैं उन की कौल अटैंड कर लूंगा. तुम उन का नेम कार्ड मुझे एसएमएस कर देना.’’

‘‘ओके,’’ तान्या ने फोन काट दिया.

फोन काट मामा को नितिन का नेम कार्ड सैंड कर के वह डाक्टर नितिन के बारे में सोचने लगी, ‘‘कितनी जिम्मेदारी से डाक्टर अपना रोल निभाते हैं. वह तो यह जानती थी कि आजकल डाक्टर इतने प्रोफैशनल हो गए हैं कि पैसे के आगे मानवीयता को भी उन्होंने ताक पर रख

दिया है.

हौस्पिलटल का तो हाल और भी बुरा है. मर चुके आदमी को भी वैंटिलेटर पर रख कर कृत्रिम सांस के द्वारा सीना फूलतापिचकता दिखा कर हौस्पिटल बिल को बढ़ा दिया जाता है.

मगर नितिन के व्यवहार से तो ऐसा कुछ प्रतीत नहीं हुआ. उस ने खुद ही ऐंबुलैंस की व्यवस्था कर समय से मां को हौस्पिटल में एडमिट कर दिया. अब शीघ्र इलाज मिलने पर मां ठीक भी हो जाएंगी.

मान लो किसी कारण मां को कुछ हो गया तब वह क्या करेगी? इस विचार ने भी उस को घेरा, परंतु उस ने तुरंत अपने सिर को झटका और रानी को मंचूरियन और जीरा राइस बनाने के निर्देश देती हुई, एक बार और शावर बाथ लेने के लिए बाथरूम में घुस गई.

आगे पढ़ें- कुछ देर बाद उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ महसूस होने लगी. तकलीफ की अधिकता के कारण वे बेचैन होने लगी थीं…

Top 7 Best Love Stories In Hindi: टॉप 7 प्यार की कहानियां हिंदी में

Love Stories in Hindi: इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं गृहशोभा की 7 Best Love Stories in Hindi 2023. इन कहानियों में प्यार और रिश्तों से जुड़ी कई दिलचस्प कहानियां हैं जो आपके दिल को छू लेगी और जिससे आपको प्यार का नया मतलब जानने को मिलेगा. इन Love  Stories से आप कई अहम बाते भी जान सकते हैं कि प्यार की जिंदगी में क्या अहमियत है और क्या कभी किसी को मिल सकता है सच्चा प्यार. तो अगर आपको भी है संजीदा कहानियां पढ़ने का शौक तो यहां पढ़िए गृहशोभा की Best Love Stories in Hindi.

1- प्यार पर पूर्णविराम: जब लौटा पूर्णिमा का अतीत

‘‘कैसीहो पुन्नू?’’ मोबाइल पर आए एसएमएस को पढ़ कर पूर्णिमा के माथे पर सोच की लकीरें खिंच गईं. ‘मुझे इस नाम से संबोधित करने वाला यह कौन हो सकता है? कहीं अजय तो नहीं? मगर उस के पास मेरा यह नंबर कैसे हो सकता है और फिर यों 10 साल के लंबे अंतराल के बाद उसे अचानक क्या जरूरत पड़ गई मुझे याद करने की? हमारे बीच तो सबकुछ खत्म हो चुका है,’ मन में उठती आशंकाओं को नकारती पूर्णिमा ने वह अनजान नंबर ट्रू कौलर पर सर्च किया तो उस का शक यकीन में बदल गया. यह अजय ही था. पूर्णिमा ने एसएमएस का कोई जवाब नहीं दिया और डिलीट कर दिया.

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2- अब हां कह दो: क्या हुआ था नेहा के साथ

ab ha keh do

लंचके समय समीर ने नेहा के पास आ कर उसे छेड़ा, ‘‘क्या मुझ जैसे स्मार्ट बंदे को आज डिनर अकेले खाना पड़ेगा?’’ ‘‘मुझे क्या पता,’’ नेहा ने लापरवाही से जवाब दिया. ‘‘मैं ने एक बढि़या रेस्तरां का पता मालूम किया है.’’ ‘‘यह मुझे क्यों बता रहे हो?’’ ‘‘वहां का साउथ इंडियन खाना बहुत मशहूर है.’’ ‘‘तो?’’ ‘‘तो आज रात मेरे साथ वहां चलने को ‘हां’ कह दो, यार.’’ ‘‘सौरी, समीर मुझे कहीं…’’ ‘‘आनाजाना पसंद नहीं है, यह डायलौग मैं तुम्हारे मुंह से रोज सुनता हूं. इस बार सुर बदल कर ‘हां’ कह दो.’’ ‘‘नहीं, और अब मेरा सिर खाना बंद करो,’’ नेहा ने मुसकराते हुए उसे डपट दिया. नेहा के सामने रखी कुरसी पर बैठते हुए समीर ने आहत स्वर में पूछा, ‘‘क्या हम अच्छे दोस्त नहीं हैं?’’‘‘वे तो हैं.’’‘‘तब तुम मेरे साथ डिनर पर क्यों नहीं चल सकती हो?’’‘‘वह इसलिए क्योंकि तुम दोस्ती की सीमा लांघ कर मुझे फंसाने के चक्कर में हो.’’

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3- हमसफर भी तुम ही हो

humsafar bhi tum hi ho

अविनाश सुबह समय पर उठा नहीं तो संस्कृति को चिंता हुई. उस ने अविनाश को उठाते हुए उस के माथे पर हाथ रखा. माथा तप रहा था. संस्कृति घबरा उठी. अविनाश को तेज बुखार था. 2 दिन से वह खांस भी रहा था.संस्कृति ने कल इसी वजह से उसे औफिस जाने से मना कर दिया था. मगर आज तेज बुखार भी था. उस ने जल्दी से अविनाश को दवा खिला कर माथे पर ठंडे पानी की पट्टी रखी.संस्कृति और अविनाश की शादी को अभी ज्यादा वक्त नहीं गुजरा था. 2 साल ही हुए थे. पिछले साल तक सासससुर साथ में रहते थे. मगर कोरोना में संस्कृति की जेठानी की मौत हो गई तो सासससुर बड़े बेटे के पास रहने चले गए. उस के बाद करोना का प्रकोप बढ़ता ही गया.

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4- बातों बातों में: सूरज ने अवनी को कैसे बचाया

bato bato me

उस गहरी घाटी के एकदम किनारे पहुंच कर अवनी पलभर के लिए ठिठकी, पर अब आगेपीछे सोचना व्यर्थ था. मन कड़ा कर के वह छलांग लगाने ही जा रही थी कि किसी ने पीछे से उस का हाथ पकड़ लिया. देखा वह एक युवक था.युवक की इस हरकत पर अवनी को गुस्सा आ गया. उस ने नाराजगी से कहा, ‘‘कौन हो तुम, मेरा हाथ क्यों पकड़ा? छोड़ो मेरा हाथ. मुझे बचाने की कोशिश करने की कोई जरूरत नहीं है. यह मेरी जिंदगी है, इस का जो भी करना होगा, मैं करूंगी. हां प्लीज, किसी भी तरह का कोई उपदेश देने की जरूरत नहीं है.’’जवाब देने के बजाय युवक जोर से हंसा. उस की इस ढिठाई पर अवनी तिलमिला उठी. उस ने गुस्से में कहा, ‘‘न तो मैं ने इस समय हंसने वाली कोई बात कही, न ही मैं ने कोई जोक सुनाया, फिर तुम हंसे क्यों? और हां, तुम अपना नाम तो बता दो कि कौन हो तुम?’’

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5- पैबंद: क्या रमा ने पति को छोड़ दिया

paiband

घंटी बजी तो दौड़ कर उस ने दरवाजा खोला. सामने लगभग 20 साल का एक नवयुवक खड़ा था.उस ने वहीं खड़ेखडे़ दरवाजे के बाहर से ही अपना परिचय दिया,”जी मैं मदन हूं, पवनजी का बेटा. पापा ने आप को संदेश भेजा होगा…””आओ भीतर आओ,” कह कर उस ने दरवाजे पर जगह बना दी.मदन संकोच करता हुआ भीतर आ गया,”जी मैं आज ही यहां आया हूं. आप को तकरीबन 10 साल पहले देखा था, तब मैं स्कूल में पढ़ रहा था.”आप की शादी का कार्ड हमारे घर आया था, तब मेरे हाईस्कूल के  ऐग्जाम थे इसलिए आप के विवाह में शामिल नहीं हो सका था. मैं यहां कालेज की पढ़ाई के लिए आया हूं और यह लीजिए, पापा ने यह सामान आप के लिए भेजा है,”कह कर उस ने एक बैग दे दिया. बैग में बगीचे के  ताजा फल, सब्जियां, अचार वगैरह थे.

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6- खरीदी हुई दुल्हन: क्या मंजू को मिल पाया अनिल का प्यार

khareedi hui dulhan

38 साल के अनिल का दिल अपने कमरे में जाते समय 25 साल के युवा सा धड़क रहा था. आने वाले लमहों की कल्पना ही उस की सांसों को बेकाबू किए दे रही थी, शरीर में झुरझुरी सी पैदा कर रही थी. आज उस की सुहागरात है. इस रात को उस ने सपनों में इतनी बार जिया है कि इस के हकीकत में बदलने को ले कर उसे विश्वास ही नहीं हो रहा. बेशक वह मंजू को पैसे दे कर ब्याह कर लाया है, तो क्या हुआ? है तो उस की पत्नी ही. और फिर दुनिया में ऐसी कौन सी शादी होती होगी जिस में पैसे नहीं लगते. किसी में कम तो किसी में थोड़े ज्यादा. 10 साल पहले जब छोटी बहन वंदना की शादी हुई थी तब पिताजी ने उस की ससुराल वालों को दहेज में क्या कुछ नहीं दिया था. नकदी, गहने, गाड़ी सभी कुछ तो था.

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7- जी शुक्रिया: रंजीता से क्या चाहता था रघु

ji shukriya

रंजीता यों तो 30 साल की होने वाली थी, पर आज भी किसी हूर से कम नहीं लगती थी. खूबसूरत चेहरा, तीखे नैननक्श, गोलमटोल आंखें, पतलेपतले होंठ, सुराही सी गरदन, गठीला बदन और ऊपर से खनकती आवाज उस के हुस्न में चार चांद लगा देती थी. वह खुद को सजानेसंवारने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ती थी.रामेसर ने जब रंजीता को पहली बार सुहागरात पर देखा था, तो उस की आंखें फटी की फटी रह गई थीं. जब 22 साल की उम्र में रंजीता बहू बन कर ससुराल आई थी, तब टोेले क्या गांवभर में उस की खूबसूरती की चर्चा हुई थी.

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भारती सिंह के बेटे गोला को सलमान खान ने गिफ्ट में दिया सिग्नेचर ब्रेसलेट

पॉपुलर कॉन्ट्रोवर्शियल शो ‘बिग बॉस 16’ अब तक के सबसे हिट सीजंस में से एक है. इस सीजन में आए दिन सेलिब्रिटीज आते रहते हैं. इस बार वीकेंड का वार में ‘लाफ्टर क्वीन’ के नाम से मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह (Bharti Singh) और उनके पति हर्ष लिंबाचिया (Haarsh Limbachiyaa) भी नजर आएंगे. शो में एक खास मेहमान भी आएगा, जिन्हें होस्ट सलमान खान (Salman Khan) गिफ्ट देंगे. ये खास मेहमान भारती के बेटे गोला (Bharti Singh Son Golla) होंगे.

 

 

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सलमान खान ने भारती सिंह के बेटे को दिया गिफ्ट

लेटेस्ट प्रोमो में देखा गया कि भारती सिंह अपने बेटे गोला उर्फ लक्ष्य (Bharti Singh Son Name) को होस्ट सलमान खान से मिलवाने के लिए ‘बिग बॉस 16’ के वीकेंड का वार में लेकर आती हैं. सलमान खान गोला को अपने गोद में भी लेते हैं. साथ ही भारती उन्हें एक पेपर पर साइन करवाती हैं. यही नहीं, सलमान खान गोला को लोहड़ी का गिफ्ट देते हैं. वह गोला को अपनी तरह सिग्नेचर ब्रेसलेट देते हैं. इसके बाद भारती सलमान से कहती हैं, “आप अपने लोनावला वाले फार्म हाउस का सामान कब खाली कर रहे हैं.” ये सुन सलमान शॉक हो जाते हैं. फिर भारती ने सल्लू मियां के साइन किए हुए पेपर दिखाती हैं और कहती हैं कि उन्होंने अपना फार्म हाउस गोला के नाम कर दिया है.

 

 

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भारती सिंह ने की टीना की मां की मिमिक्री

भारती सिंह पति हर्ष लिंबाचिया के साथ ‘बिग बॉस’ के घर में भी जाएंगी और घरवालों के साथ गेम खेलेंगी. प्रोमो में भारती सिंह को टीना दत्ता (Tina Datta) की मां का मजाक बनाते हुए देखा गया. दरअसल, फैमिली वीक के दौरान जब टीना की मां घर में आती हैं तो वह गलती से टीना समझकर श्रीजिता डे को गले लगा लेती हैं. इसी की कॉपी करते हुए भारती टीना की जगह अर्चना गौतम को टीना समझकर गले लगा लेती हैं. इस पर सभी हंस-हंसकर लोट-पोट हो जाते हैं.

अनुपमा पति अनुज के लिए छोड़ेगी बेटे का साथ, मुश्किल की घड़ी में अकेला हुआ वनराज

‘Anupamaa’  के मेकर्स ने शो को हिट बनाने के लिए नई कहानी बुन ली है. पहले तो शो में शाह परिवार और कपाड़िया परिवार दोनों में एक जैसा माहौल दिखता था लेकिन, अब एक ही सीरियल में दो कहानियां अलग-अलग चल रही हैं. एक तरफ जहां शाह परिवार में परेशानी के बादल छाए हैं तो वहीं दूसरी तरफ कपाड़िया परिवार में रोमांस का बाहर आई है. अपकमिंग एपिसोड्स की बात करें तो कहानी में एक बार फिर नया ट्विस्ट आने वाला है. जिसमें अनुपमा का बदला रूप दर्शकों को देखने को मिलने वाला है. अनुपमा और अनुज अपने दोस्तों धीरज और देविका के साथ स्कूटी पर घूमने गए हैं जहां Anupamaa-Anuj के बीच की दूरी भी खत्म हुई और दोनों ने एक बार फिर नई शुरुआत की.

 

काव्या से पैसों की मदद मांगेगा वनराज

रुपाली गांगुली (Rupali Ganguly) स्टारर ‘अनुपमा’ में जल्द ही दिखाया जाएगा कि काव्या अपने फोटोशूट में बिजी होगी, लेकिन वनराज उसे बार-बार फोन करके परेशान करता है. काव्या जैसे ही फोन उठाती है, वनराज उसे पैसे मांगना शुरू कर देता है. लेकिन काव्या उसे पैसे देने से यह कहकर मना कर देती है कि वह हमारी बचत के पैसे हैं और तुम्हारा बेटा जेल जाता है तो जाने दो. वनराज यहीं नहीं रुकता, फोटोग्राफर जब काव्या के बाल ठीक करता है तो वह उसपर भी बरस पड़ता है और उसे छिछोरा तक कह देता है. वनराज की बातें सुनकर काव्या उसका फोन काट देती है और फोन स्विच ऑफ कर देती है. 

 

धीरज-देविका की लव स्टोरी

अनुपमा-अनुज के फैंस के लिए ये एपिसोड एक ट्रीट के जैसा होगा. अनुपमा के घर में सब कुछ ठीक हो रहा है और अब धीरज-देविका की भी नई कहानी शुरू हो रही है. धीरज अपनी तरफ से देविका को इंप्रेस करने की पूरी कोशिश करता है लेकिन देविका हर बार उसका मजाक उड़ा देती है. धीरज-देविका के लिए अनुज कहता है कि हर लव-स्टोरी की शुरुआत ऐसे ही होती है.

पारितोष के हरकत से शाह परिवार परेशान

शाह परिवार में तोषू की हरकत से अजीब ही माहौल है, वनराज और बाकी घर वाले पारितोष को समझाने की कोशिश करते हैं और कहते हैं कि जयंतीभाई के पैसे वापस कर दे. इस पर तोषू कहता है कि उसने सारे पैसे खर्च कर दिए हैं. पारितोष की इस बात को सुनकर वनराज को गुस्सा आ जाता है. इसके बाद वनराज खुद अपने पैसे जयंतीभाई को देने की सोचता है लेकिन जब वह कमरे में जाता है तो उसे अपने लॉकर की चाबी नहीं मिलती. जिसके बाद वनराज, काव्या को कॉल करता है. जिसके बाद दोनों की बीच तीखी बहस होती है. काव्या यहां तक कह देगी कि पारितोष को उसकी हरकत के लिए जेल जाना ही चाहिए तब ही वो सुधरेगा.

 

Makar Sankranti Special: फैमिली के लिए बनाएं मैंगो लड्डू

आम खाना किसे पसंद नहीं होता. गर्मी के सीजन में आम से बनी हर डिश अच्‍छी लगती है. गर्मियों में आम की ठंडी लस्‍सी हो या जूस एक लम्‍बे समय के बाद थकान मिटा देती है. वैसे गर्मियों में आमरस या आम की लस्‍सी बहुत ही कॉमन पेय हे जिसे हर कोई घर पर बनाता है.

लेकिन क्‍या आपने कभी आम से बने लड्डू खाएं है? ये मिठाई दूसरी मिठाईयों की तुलना में बहुत ही अलग और विशेष है. इस मिठाई को बनाने में आम और नारियल का उपयोग किया जाता है. दोनों ही चीजों में पौष्टिक तत्‍व पाएं जाते है. आइए जानते है इसकी रेसिपी.

हमें चाहिए

आधा कप आम का पल्‍प

आधा कप कंडेंस्‍ड मिल्‍क

एक चम्मच नारियल का बूरा पाउडर

एक चम्‍मच इलायची का पाउडर

आधा कप मिक्‍स सूखे मेवे

बनाने का तरीका

एक मोटे तले का पैन लें और उस में नारियल के बूरे को तब तक सेकें जब तक की वो हल्‍का भूरा के रंग में तब्‍दील न हो जाएं और खुशबू न आने लगे. अब इसमें आम के पल्‍प को पैन में डाले और अच्छी तरह मिलाएं.

फिर कंडेस्‍ड मिल्‍क डालें और सारे सूखे मावे डाल दें और एक चुटकी इलायची पाउडर छिटके. फिर, सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से संयोजित करें ध्‍यान रंखे कि लड्डु का ये मिश्रण पैन में चिपके नहीं. आप इसे तब तक हिलाते रहे जब तक कि थोड़ा आटे की तरह सख्‍त न हो जाएं.

जब आपको लगे यह थोड़ा सख्‍त या नरम है तो गैस बंद कर दें. अब इस मिश्रण को ठंडा करें. ठंडा होने पर आप हथेली पर मिश्रण का थोड़ा सा हिस्सा लें और इस मिश्रण को लड्डू का शेप दें. एक फ्लैट ट्रे पर नारियल पाउडर लें और उस उसप इन तैयार लड्डुओ को रोल करें. अब आपके मैंगो लड्डू तैयार है.

फिर से फैशन में छाया पंजाबी सूट का जलवा

इस मकर संक्रांति और लोहरी मे फैशन को करे फॉलो, पंजाबी सूट-सलवार हमेशा से अपनी अलग पहचान रखते हैं.

एम्ब्रायडर्ड जार्जेट

फौयल प्रिंट, सीक्विन, स्टोन वर्क और एम्ब्रायडरी के साथ तैयार जार्जेट पंजाबी सूट को आप किसी भी अवसर पर पहन सकती हैं. पंजाबी कुर्ती लंबाई में ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इनकी लंबाई घुटनों के ऊपर ही रखी जाए तो ये बेहतर लुक देंगी. इसके साथ आप फंकी ज्वैलरी को भी आसानी से मैच करवा सकती हैं. यदि किसी खास फंक्शन के लिए तैयार होना है तो आप इसके साथ परंपरागत गोल्डन ज्वैलरी को भी आजमा सकती हैं. इसके साथ आप फ्लैट हील फुटवियर पहनें और लंबी ट्रेडिशनल प्रिंट की चुन्नी को साथ रखें.

प्लेन फ्लोरल

यदि आप परंपरागत लुक नहीं चाहती तो प्लेन कुर्ती आजमाएं. पंजाबी सूट का लुक देने के लिए आप इसके साथ फ्लोरल सलवार और चुन्नी को मैच करें. यदि आप स्लिम हैं तो सूट-सलवार के लिए हैवी फैब्रिक भी चुन सकती हैं. यदि वजन थोड़ा ज्यादा है तो हल्का फैब्रिकचुनना बेहतर होगा. नेट या टिश्यू फैब्रिक प्लस साइज फिगर पर अच्छा नहीं लगेगा. इसी तरह कॉटन और शिफौन पतली युवतियों पर अच्छा नहीं लगेगा.

पटियाला मल्टीकलर

यदि किसी ट्रेडिशनल पार्टी के लिए तैयार हो रही हैं तो आप मल्टीकलर पटियाला सूट और सलवार को आजमा सकती हैं. इसे और अधिक निखारने के लिए ब्लैक हाई हील फुटवियर पहनें. पंजाबी सूट का एक फीचर यह भी है कि इसमें चुन्नी काफी लंबी होती है. ऐसे में आप इस पर कोई भी पसंदीदा वर्क करवा सकती हैं. आने वाले बारिश के सीजन में आप रेनबो स्टाइल के मल्टीकलर पंजाबी सूट को भी आजमा सकती हैं.

लाल, नीला, पीला रंग सदाबहार

इन दिनों लाल, नीले और पीले रंग में प्रि-स्टिच्ड कुर्तियां बहुत पसंद की जा रही हैं. ये प्लेन भी ली जा सकती हैं और प्रिंटेड भी. इन्हें आप पंजाबी लुक देने के लिए इनके साथ लूज पैंट्स या सलवार मैच करवा सकती हैं. आजकल ऐसी प्रि-स्टिच्ड धोती पैंट भी बाजार में आ रही हैं, जो पटियाला सलवार का लुक देती हैं.

सेंसिटिव स्किन को चाहिए खास क्लींजर

ह र महिला चाहती है कि उसकी स्किन ग्लोइंग, अट्रैक्टिव होने के साथसाथ हर तरह की प्रोब्लम से भी फ्री हो. लेकिन लाख सोचने के बावजूद जरूरी नहीं कि हर महिला की स्किन ठीक हो ही, क्योंकि स्किन एक प्रोटेक्टिव लेयर से बनी होती है. लेकिन मौसम में आए बदलाव, केमिकल वाले स्किन केयर प्रोडक्ट्स, धूलमिट्टी व गंदगी के ज्यादा संपर्क में जब हम रहते हैं तो ये हमारी स्किन की सेंसिटिविटी का कारण बनते हैं, जिससे हमें ढेरों स्किन प्रोब्लम्स का सामना करना पड़ता है.

ऐसे में जरूरी है सही स्किनकेयर करने के साथसाथ सही स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना ताकि हमारी स्किन हमेशा चमकतीदमकती रहे.

तो आइए, जानते हैं कैसे करें स्किन की केयर:

स्किन सेंसिटिविटी के कारण

हार्मफुल इनग्रीडिएंट्स: लंबे समय तक ऐसे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने, जिनमें मिनरल ऑयल्स, सिलिकोंस व स्किन को नुकसान पहुंचाने वाले इनग्रीडिएंट्स होते हैं, का इस्तेमाल करने से पोर्स बंद होने के साथसाथ स्किन पर एक्ने, जलन जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है, जिसके समाधान के लिए इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि आप स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में इनग्रीडिएंट्स को देखकर ही प्रोडक्ट को खरीदें. कोशिश करें नेचुरल इनग्रीडिएंट्स से बने प्रोडक्ट्स व माइल्ड प्रोडक्ट्स का ही  इस्तेमाल करें. साथ ही रात को सोते समय मेकअप को रिमूव करना न भूलें.

पोल्यूशन: चाहे हम घर में रहें या फिर बाहर निकलें, हम अपने चारों ओर पोल्यूशन से घिरे होते हैं. इस के कारण न सिर्फ हमें अपनी स्किन गंदी लगती है, बल्कि प्रदूषण के कणों से जुड़े कुछ केमिकल्स त्वचा की परतों में प्रवेश कर जाते हैं, जो ऑक्सिडेशन स्ट्रेस का कारण बनने के कारण हमारी स्किन बैरियर को कमजोर बनाने के साथसाथ सूजन, एजिंग का भी कारण बनते हैं, जिससे सेंसीबायो ॥२० क्लींजर आपको फुल प्रोटेक्शन देने का काम करता है.

गंदगी: आपकी स्किन केमिकल्स व रोगजनकों के खिलाफ एक नेचुरल बैरियर का काम करती है. ऐसे में अगर आप स्किन के हाइजीन यानी उसे प्रोपर रोजाना क्लीन करते हैं, तो वह त्वचा की सतह से डेड स्किन सेल्स, गंदगी व रोगाणुओं को हटाने में सक्षम बन जाती है.

टैप वाटर: टैप वाटर बैक्टीरिया, कैल्शियम व अन्य अवशेषों से भरा होता है, जो हमारी स्किन की बाहरी परत कही जाने वाली एपिडर्मिस को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे स्किन में जलन व एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है. ऐसे में सही फेस क्लींजर का इस्तेमाल करके आप सेंसिटिव स्किन की प्रोब्लम से लड़ कर इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं.

फेस मास्क: कोविड-19 वायरस के कारण जहां आज खुद को प्रोटेक्ट करने के लिए मास्क लगाना जरूरी हो गया है, वहीं यह स्किन के लिए भी किसी मुसीबत से कम साबित नहीं हो रहा है, क्योंकि इसके कारण चेहरे के निचले हिस्से में मुंहासों की समस्या हो जाती है, साथ ही सेंसिटिव स्किन वालों को इससे स्किन में जलन, स्किन का लाल पड़ना और यहां तक कि इससे एक्जिमा की समस्या भी हो जाती है. इसके लिए फेस को क्लीन करते रहना बहुत जरूरी है ताकि स्किन को ठंडक मिल सके.

बेसिक रूल्स फॉर स्किन सेंसिटिविटी

– स्किन दिन के दौरान पर्यावरण के खिलाफ सुरक्षात्मक भूमिका निभाने के लिए खुद को तैयार करती है. इसके लिए जरूरी है कि आप रातभर की अशुद्धियों को दूर करने के लिए स्किन को जेंटल क्लींजर से क्लीन करें. ठीक इसी तरह चेहरे से दिनभर की अशुद्धियों को दूर करना बहुत जरूरी है वरना चेहरे पर जमा गंदगी आसानी से स्किन में प्रवेश करके उसे नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए स्किन को डे व नाइट में सेंसीबायो ॥२० क्लींजर से क्लीन करना न भूलें.

– सेंसिटिव स्किन वालों को इस बात का ध्यान रखना है कि अगर फेस को किसी प्रोडक्ट से क्लीन करने के बाद फेस पर टाइटनेस फील हो, तो इसका मतलब आप समझ जाएं कि वह प्रोडक्ट आपकी स्किन के लिए अच्छा नहीं है.

– आप सनस्क्रीन, मेकअप, क्रीम को कभी भी फेस पर ओवरनाइट लगाकर न सोएं., बल्कि क्लींजर से क्लीन करके स्किन को डिटॉक्स करें.

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