अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें…

सवाल-

मेरे विवाह को ढाई साल हुए हैं और मैं चाहते हुए भी  प्रैंगनैंट नहीं हो पा रही हूं. विवाह से ढाई साल पहले मैं ने गर्भपात कराया था. अब मुझे डाक्टर के पास चैकअप के लिए जाने में यह डर लगता है कि कहीं विवाह से पहले कराए गए गर्भपात की बात मेरे पति के सामने न खुल जाए. कृपया सलाह दें कि ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

अगर आप और आप के पति संतान के इच्छुक हैं, तो अच्छा होगा कि आप दोनों किसी फर्टिलिटी स्पैशलिस्ट से जल्दी राय लें और अपनी जांच तथा इलाज कराएं. अब और इंतजार करते रहने से लाभ नहीं. जहां तक आप के अतीत का सवाल है, तो यह बात आप अब भी छिपा सकती  हैं. जब तक आप खुद इस बारे में कोई जानकारी नहीं देंगी तब तक डाक्टर के लिए यह अनुमान लगा पाना संभव नहीं कि आप ने पहले गर्भपात कराया है. हां, क्लीनिकल हिस्टरी लेते वक्त वे आप से इस बाबत सवाल जरूर पूछेंगी. आप उस समय अगर चाहें तो इस का उत्तर न में दे सकती हैं. यद्यपि यह सच है कि डाक्टर से हिस्टरी छिपाना ठीक नहीं होता, लेकिन हालात को देखते हुए यही उचित होगा कि आप अतीत की घटनाओं के बारे में चुप ही रहें. यह बात ठीक से समझ लें कि प्रैगनैंट न होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. विकार पतिपत्नी में से किसी में भी हो सकता है. समस्या से उबरने के लिए धैर्य और हिम्मत रखने के साथसाथ डाक्टर पर भी विश्वास जरूरी है. बहुत से दंपती बारबार डाक्टर बदलते हैं. यह कतई ठीक नहीं है. ऐसा करने पर समस्या का समाधान नहीं निकल पाता.

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कई अध्ययनों में यह साफ हो गया है कि जैसेजैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती जाती है क्रोमोसोम में खराबी आने से असामान्य अंडों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है. परिणामस्वरूप गर्भवती होने की संभावना कम हो जाती है, साथ ही अबौर्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है.

कुछ महिलाओं के अंडों की गुणवत्ता 20 या 30 साल में ही खराब हो जाती है तो कुछ की 43 साल की उम्र तक भी बरकरार रहती है. एक औसत महिला की अंडों की गुणवत्ता उम्र बढ़ने के साथ कम हो जाती है.

40 की उम्र में अबौर्शन कितना सुरक्षित: 40 तक आतेआते परिवार पूरी तरह सैटल हो जाता है और बच्चे भी बड़े हो जाते हैं. तब गर्भवती होने की खबर एक शौक के समान हो सकती है. ऐसे में अबौर्शन का निर्णय लेना जरूरी लेकिन कठिन हो जाता है. यह सही निर्णय होता है, पर आसान नहीं. 30 से 35 की उम्र में अबौर्शन कराने की तुलना में 40 पार के लोगों के लिए यह अधिक रिस्की होता है.

बढ़ते अबौर्शन के मामले

स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि मातृत्व में देरी न करें, क्योंकि 30 की उम्र पार करने के बाद फर्टिलिटी कम हो जाती है. बहुत सारी महिलाएं यह मानने लगी हैं कि गर्भनिरोधक उपायों की अनदेखी करना सुरक्षित है, इसलिए उन की संख्या बढ़ती जा रही है जो 40 के बाद अबौर्शन कराती है. आईवीएफ के बढ़ते चलन ने भी इस धारणा को मजबूत किया है कि उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं की प्रजनन क्षमता तेजी से कम होती है. 30 के बाद प्रजनन क्षमता कम हो जाती है, लेकिन इतनी कम भी नहीं हो जाती कि आप गर्भनिरोधक उपायों को नजरअंदाज कर दें.

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