सवाल-

मैं 28 साल की शादीशुदा महिला हूं, मेरे पति मुझे बहुत प्यार करते हैं और हम बच्चे की योजना बना रहे हैं, लेकिन अपने पीकौस के कारण मैं गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं. मैं दवा या कोई सर्जिकल उपचार नहीं लेना चाहती. क्या दवा के बिना पीकौस का इलाज करने का कोई अन्य तरीका है?

जवाब-

पौलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है, जिस का अनुभव गर्भधारण की उम्र की हर 10 में से 1 महिला करती है. 2 आम तरीके जो डाइट पीकौस को प्रभावित करते हैं वे हैं वजन प्रबंधन और इंसुलिन का उत्पादन व प्रतिरोध.

आप के आहार में साबुत अनाज, फलियां, नट्स, बीज, फल, स्टार्च युक्त सब्जियां और कम कार्बोहाइड्रेट वाले फूड, ऐंटीइनफ्लैमेटरी फूड जैसे कि जामुन, वसायुक्त मछली, पत्तेदार साग और ऐक्स्ट्रा वर्जिन औलिव औयल, असंसाधित फूड, हाई फाइबर फूड, वसायुक्त मछली, गहरे लाल फल जैसे लाल अंगूर, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और चेरी, ब्रोकली और फूलगोभी, सूखी बींस, दाल और अन्य फलियां, स्वास्थ्यबर्धक फैट जैसे जैतून का तेल, ऐवाकाडो और नारियल, नट्स, जिन में पाइन नट्स, अखरोट, बादाम और पिस्ता शामिल हैं.

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शादी के बाद मां बनने की ख्वाहिश हर महिला की होती है. लेकिन कैरियर के चक्कर में एक तो देरी से शादी करने का फैसला और उस के बाद भी मां बनने का फैसला लेने में देरी करना उन की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है, जिस से उन्हें कंसीव करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में जरूरी है समय पर सही फैसला लेने की व कंसीव करने में सफलता नहीं मिलने पर डाक्टरी परामर्श ले कर इलाज करवाने की.

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