अगर आप सुंदर हैं,  फिट हैं, ग्लैमरस हैं और एक शानदार कैरियर बनाना चाहते हैं तो मौडलिंग आप के लिए बेहतर कैरियर हो सकता है. लड़कों के मुकाबले लड़कियों के लिए बेहतर अवसर यहां पर मौजूद हैं. मौडलिंग में सब से आसान है कि इस के लिए किसी तरह की ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती है. आप का लुक,  स्टाइल, ड्रैसिंग सैंस, व्यवहार और सही दिशा सफलता दिला सकता है. यहां पैसा और शोहरत दोनों ही मिलती है. प्रिंट और लाइव विज्ञापनों के साथ ही साथ ब्रैंड प्रमोशन, रैंप शो के अलावा टीवी और फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलता है. कुछ समय पहले तक फिल्मों में एक्टिंग करने के अवसर मौडल को कम मिलते थे. अब मौडलिंग में शोहरत हासिल करने के बाद टीवी और फिल्मों में काम मिलना सरल हो गया है.

मौडलिंग में तेजी से आगे बढ़ने के लिए सौंदर्य प्रतियोगिताओं को जीतना भी शौर्टकट रास्ता बन गया है. जब से प्रियंका चोपड़ा,  ऐश्वर्या राय, सुष्मिता सेन को मौडलिंग और सौंदर्य प्रतियोगिताओं के जरिए फिल्मों में सफलता मिली है तब से मौडलिंग और सौंदर्य प्रतियोगिताओं को एक्टिंग में सफलता का जरिया मान लिया गया है. लोग पहले स्टेज और ड्रामा सीखने के बाद एक्टिंग में जाते थे, अब वे सौंदर्य प्रतियोगिता जीत कर एक्टिंग करने जा रहे हैं. इस में छोटे शहरों के लड़केलड़कियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. मौडलिंग के जरिए एक्टिंग के क्षेत्र में जाने वालों को पहले जैसा संघर्ष नहीं करना पड़ता क्योंकि मौडलिंग के रूप में उन के पास एक रास्ता होता है.

सौंदर्य प्रतियोगिताओं से फिल्मों तक

लखनऊ की रहने वाली सागरिका त्रिपाठी को बचपन से ही फैशन की दुनिया में जाने का शौक था. सागरिका के पेरैंट्स चाहते थे कि वे पढ़लिख कर आईएएस बनें. लखनऊ से 12वीं की पढ़ाई करने के बाद बायोटैक की पढ़ाई करने सागरिका दिल्ली चली गईं. उन्होंने सोचा इस बहाने घर से बाहर जाने का मौका मिलेगा. बायोटैक करने के बाद सागरिका मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई करने लगीं. इस बीच ही उन्हें दिल्ली में ब्यूटी कौंटैस्ट में हिस्सा लेने का मौका मिला. सागरिका ने ब्यूटी कौंटैस्ट जीत भी लिया. यहीं से उन्हें तमिल फिल्मों में काम करने का मौका मिला. वे हैदराबाद में रह कर तमिल फिल्में करने लगीं. तमिल फिल्मों में सागरिका के काम को देख कर घरपरिवार के लोग खुश हुए और फिर फैशन के क्षेत्र में कैरियर बनाने का विरोध घर में खत्म हो गया.

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अब सागरिका को हिंदी टीवी सीरियलों में काम करने का मौका मिला. इन में दूरदर्शन और दूसरे चैनल शामिल थे. सागरिका कहती हैं, ‘‘अगर मैं ने ब्यूटी कौंटैस्ट नहीं जीता होता तो शायद इतनी जल्दी सफलता नहीं मिलती. लोगों ने मेरे काम को, मेरे किरदार को पसंद किया.’’ सागरिका की नई फिल्म ‘कीप सेफ डिस्टैंस’ आ रही है जो महिला मुद्दों की ज्वलंत समस्याओं पर बनी है.

बढ़ता है हौसला

मौडलिंग के जरिए एक्टिंग में कैरियर बनाने की राह में आगे बढ़ रही इशिका यादव कहती हैं कि फिल्म कलाकारों का संघर्ष देख कर हौसला बढ़ता है. वे कहती हैं, ‘‘फिल्मलाइन में जिस तरह से संघर्ष कर के कंगना रनौत ने सफलता हासिल की उस से मैं उन को अपना आदर्श मानती हूं.’’ इशिका को फिल्म, मौडलिंग और एक्टिंग का शौक है. वे फैशन डिजाइनर और मेकअप आर्टिस्ट बनने के लिए पढ़ाई भी कर रही हैं. इशिका ने एक्टिंग के लिए महेश देवा का ‘चबूतरा थिएटर’ जौइन किया है. वे कई थिएटर प्ले कर चुकी हैं. इशिका कहती हैं, ‘‘मु झे मौडलिंग से अधिक एक्टिंग की फील्ड में स्कोप नजर आता है. इस के अलावा मैं फैशन डिजाइनर और मेकअप आर्टिस्ट की शैली सीख रही हूं. मु झे भी संघर्ष कर के अपना मुकाम हासिल करना है. मैं एक्टिंग में खुद को सफल अभिनेत्रियों की लाइन में देखना चाहती हूं.’’

लखनऊ की रहने वाली आहाना सिंह रैंप मौडलिंग में सुपर मौडल हैं. वे 100 से ज्यादा शो कर चुकी हैं. इस के साथ ही साथ वे शो स्टौपर के रूप में फैशन शो में अपना जलवा बिखेर चुकी हैं. हर छोटेबड़े ड्रैस डिजाइनर के लिए वे सैलिब्रिटी मौडल की तरह रैंप पर ड्रैस को शोकेस करती हैं. केवल लखनऊ ही नहीं वे दिल्ली, मुंबई और बाकी शहरों में भी फैशन वीक के दौरान या फिर ड्रैस डिजाइनरों के शो में रैंप वौक करती हैं. आहाना कहती हैं, ‘‘मैं रैंप मौडलिंग पर ही फोकस कर के काम कर रही हूं. अगर कोई अच्छा रोल मिला तो एक्टिंग के बारे में सोच सकती हूं.’’ यानी ऐसे युवाओं की संख्या भी कम नहीं है जो केवल मौडलिंग और रैंप शो को ही अपना कैरियर मानते हैं.

फोटोशूट है जरूरी

‘क्लैम इंडिया’ की डायरैक्टर प्रीति शाही कहती हैं, ‘‘मौडलिंग में कैरियर बनाने वाले युवाओं को सब से पहले अपना एक पोर्टफोलियो शूट कराना चाहिए. कई बार कुछ लोगों का फेस या बौडी फिगर ऐसी होती है जिसे देख कर अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. जब किसी अच्छे फोटोग्राफर द्वारा शूट की गई फोटो देखने को मिलती हैं तो अंदाजा लग जाता है. कुछ युवाओं के फेस फोटोजेनिक होते हैं, यह अंदाजा फोटोशूट से ही लगता है. अब स्टिल फोटो के साथ वीडियो शूट भी होने लगे हैं जिस से युवाओं के बारे में मौडल या इवैंट कौऔर्डिनेटर को अंदाजा लगाना सरल हो जाता है.

मौडलिंग ग्लैमरस और आकर्षक कैरियर है. आकर्षक बनने के लिए सब से पहले अंदर से स्वस्थ बनें. इस के लिए हैल्दी डाइट और ऐक्सरसाइज बहुत जरूरी हैं. सब से बेहतर लुक के लिए बहुत जरूरी होता है हैल्दी डाइट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, स्वस्थ वसा और प्रोटीन आहार के मूल पदार्थ ग्रहण करना. अपनी त्वचा को साफ और चमकदार बनाने पर ध्यान दें.

अपना चेहरा सुबह और रात में धोएं. एक सप्ताह में एक बार स्क्रब करें और सोने से पहले अपने मेकअप को धोना याद रखें. अपने बालों को चमकदार और स्वस्थ रखें. सफल मौडल के लिए बढि़या व्यक्तित्व के साथ एक खूबसूरत चेहरा भी होना चाहिए. महिलाओं के लिए बड़े स्तन लेकिन छोटे हिप्स की आवश्यकता होती है. पुरुषों के लिए चौड़े कंधे लेकिन पतली कमर की आवश्यकता होती है.

मौडलिंग की तैयारी है जरूरी

मौडलिंग इंडस्ट्री के बारे में जानकारी रखना बेहद जरूरी होता है. पत्रपत्रिकाएं, किताबें, लेख, और मौडलिंग के बारे में ब्लौग्स पढ़ें. इस के अलावा मौडलिंग एजेंसी के बारे में जानकारी रखें. अपनेआप को बढ़ावा देने और अवसरों की तलाश हर कदम बढ़ने, और अपनी क्षमताओं को साबित करने के लिए तैयार रहें. आप के पोर्टफोलियो की तसवीरों में क्लोजअप शौट्स बहुत मेकअप के बिना और एक सादे बैकग्राउंड पर लें जिस में नैचुरल लुक दिखना चाहिए. 8 से 10 अपने अच्छे फोटो पास में रखें.  इंटरव्यू से पहले या बाद में तसवीर छोड़ने के लिए कहा जाता है, तो पहले से तैयार रहें.

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अपनी सही ऊंचाई, वजन और जूते के आकार, हिप्स, कमर, छाती या ब्रैस्ट का पता रखें. आंखों के रंग और स्किन टोन की जानकारी रखें. एक एजेंसी से काम न मिले तो निराश न हों. इस क्षेत्र में ठगी की भी संभावना होती है. ऐसे में सतर्क रहने की भी जरूरत होती है. बिना सहमति कागजात पर साइन न करें. अपने एक्सपोजर की सीमा रेखा आप को तय करनी होती है. कई लोग न्यूड या सैमीन्यूड शूट करने को तैयार होते हैं, तो कुछ लोग नहीं. ऐसे में यह पहले से तय करना आप का काम होता है. मौडल को अपनी स्किन का ध्यान देने की जरूरत होती है. ऐसे में कपड़े ऐसे पहनें जिस के निशान स्किन पर न पडें़े. टाइट कपड़ों में स्किन पर निशान पड़ जाते हैं.

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