मैं कुछ दिन पहले जब घर से सुबह की सैर के लिए निकली तो दरवाजे पर बैठा एक कौआ मुझे देख कर कांवकांव करने लगा. वह गुस्से में फड़फड़ा रहा था. मैं खड़ी सोचने लगी कि उसे क्या चाहिए. मैं सैर के लिए चली ही थी कि 2 मिनट बाद ही वह पंजों से मेरे बाल खींचते हुए सिर के ऊपर से उड़ गया. मुझे पता नहीं था कि मुझे क्या करना है या मैं ने क्या गलत किया. फिर भी मैं ने उसे एक बिस्कुट डाला. वह उसे ले कर घर के दरवाजे पर बैठ कर उसे कुतरकुतर कर खाने लगा, फिर मुझे नाराज नजरों से देखते हुए उड़ गया.

मुझे कौओं और चींटियों के बारे में जानने की बहुत उत्सुकता रहती है. वे स्मार्ट हैं, ऐलिगैंट हैं, समझदार हैं, परिवार के साथ रहने वाले हैं, अनुशासित हैं. उन में वे सब गुण हैं जो मनुष्यों में होने चाहिए, पर अफसोस कि हैं नहीं. उन की बुद्धिमत्ता का जवाब नहीं.

बुद्धिमत्ता क्या होती है? बुद्धिमत्ता होती है कि कई महासागरों को पार कर हजारों मील दूर खड़े उसी पेड़ पर पहुंचना. यह साधारण बात नहीं है. भले ही हम बुद्धिमत्ता बोलने की शक्ति और 2 जमा 2 को कहते रहें, पर वह इन की भी कम नहीं.

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तेज याददाश्त

जर्नल औफ बिहेवियरल इकोलौजी ऐंड सोशयोबायोलौजी के अनुसार कौओं की याददाश्त बहुत तेज होती है और वे किसी भी ऐसे इंसान को पहचान सकते हैं जिस से उन्हें खतरा हो. फिर चाहे वह इंसान उन्हें किसी भी जगह मिले. एक प्रयोग के दौरान शोधकर्ताओं ने मास्क पहन कर हाथ में एक मरा कौआ ले जा कर कौओं को खाना दिया, लेकिन कौओं ने खाना नहीं खाया, बल्कि उन्होंने अन्य कौओं को इशारा किया और शोधकर्ताओं पर हमला कर दिया. जब शोधकर्ता कुछ दिन बाद उसी मास्क को पहने मरे कौए के बिना उन्हें खाना देने की कोशिश करने लगे तो कौओं ने खाना नहीं खाया, उलटा उन पर हमला कर दिया.

कौओं को न केवल चेहरे याद रहते हैं, बल्कि उन्हें उस व्यक्ति का चलने का ढंग, समय और डीलडौल भी याद रहता है और उस से नाराजगी हो तो जताना नहीं भूलते.

प्रयोग में शोधकर्ताओं को पता चला है कि यदि कौओं को खाना खाने के लिए डंडियों, पत्थरों जैसे टूल दिए जाएं तो वे धीरेधीरे उन का प्रयोग भी करने लगते हैं. कौए चिंपांजियों और गोरिल्लों से ज्यादा अकलमंद होते हैं.

बचपन में कौए और घड़े में पानी की कहानी का प्रयोग भी कौओं पर वैज्ञानिकों ने किया और घड़े की जगह पाइप दिया गया. उन्होंने बाहर रखी वही गोलियां उठाईं जो पाइप में जा सकती थीं और यदि पाइप में पानी की जगह रेत भरा गया तो उन्होंने कोशिश तक नहीं की. उन्होंने वे गोलियां भी नहीं उठाईं जो पानी में तैरने वाली और हलकी थीं.

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रूसी वैज्ञानिकों ने पाया कि कौओं में एक रंग, एक आकार, एक संख्या वाली चीजों को छांटने तक की क्षमता होती है. उन का मस्तिष्क उन के शरीर के अनुपात में बहुत से दूसरे जीवों से बड़ा होता है और उन में प्रति ग्राम न्यूरौन, जो जानकारी को कैमिकल की शेप में जमा करता है, ज्यादा होता है. जब वे इतने बुद्धिमान होते हैं तो मुझ से वह कौआ कह क्या रहा था, क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं?

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