Rape : किसी महिला के लिए बलात्कार एक मानसिक प्रताड़ना है जो सिर्फ शरीर को ही नहीं मन तक को झंझोड़ कर रख देती है. यही वजह है कि कई बार बलात्कार की शिकार लड़कियां शर्म के मारे मौत को गले लगा लेती हैं या बलात्कार होने पर मानसिकतौर पर बीमार हो जाती हैं।
लेकिन एक कड़वी सचाई यह भी है कि सदियों से हर ताकतवर आदमी कमजोर को प्रताड़ित करता आया है, फिर चाहे वह कोई लड़का ही क्यों न हो या लड़की हो क्योंकि लड़कियां शारीरिक और मानसिकतौर पर कमजोर होती हैं, नाजुक होती हैं। इसलिए ऐसी लड़कियां बलात्कार का शिकार भी ज्यादा होती हैं।
देशविदेश हो, अमीरगरीब हों राजामहाराज या पौराणिक काल के रावण या कौरव, हर युग में औरत का सिर्फ बलात्कार ही नहीं हुआ, बल्कि अपमान भी हुआ है. अगर राजामहाराजा की बात करें तो जो राजा किसी दूसरे राजा को युद्ध में हरा देते थे, तो उस हारे हुए राजा की सल्तनत के साथसाथ उन की रानियां, महारानी, दासियां सभी को अपना गुलाम बना कर जिंदगीभर उन के साथ ऐयाशी करते थे। यही वजह है कि राजा के युद्ध में हारने के बाद कई रानियां दुश्मनों के हाथ आने के बजाय आत्मदाह कर लेती थीं। फिल्म ‘पद्मावती’ इस बात का जीताजागता उदाहरण है.
अगर पौराणिक काल की बात करें तो भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण उस वक्त हुआ था जब वह मासिकधर्म से गुजर रही थी. इसी तरह गांव के जमीदारों द्वारा गांव की औरतों की इज्जत लूटने के चलते डाकू फूलन देवी का आगमन हुआ।
आज भी बलात्कार का वही सिलसिला जारी है। आज भी बलात्कार के मामले पहले से कहीं ज्यादा हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि औरत की इज्जत पहले भी ताकतवर लोगों द्वारा तारतार होती रही है और आज भी वही स्थिति बरकरार है।
कहने को तो औरत आज के समय में सबकुछ डंके की चोट पर कर दिखाने वाली स्वाबलंबी और आत्मविश्वास से भरपूर है, लेकिन आज भी उस की छोटी सी गलती या बेपरवाही उस की जिंदगी में बुरा बदलाव लाने के लिए काफी होती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इस खतरनाक बलात्कार जैसे भयानक हादसे से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? और अगर बुरे हालात के चलते बलात्कार का शिकार कोई महिला हो भी जाए तो उसे आगे की जिंदगी में कैसे अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू कर सकती है?
बलात्कार जैसी घटना से बचने के लिए कुछ सावधानियां
सच बात तो यह है कि बलात्कार जैसी घटना कहीं भी किसी के साथ हो सकती है। कई बार खुद के रिश्तेदार और करीबी भी कम उम्र की लड़कियों के साथ जिन्हें इस बारे में कुछ पता भी नहीं होता, ऐसे अपराधी उन के साथ घिनौनी हरकत करने से बाज नहीं आते और ऐसी हरकतों के बाद कई लड़कियां शर्म के मारे इस बात का जिक्र भी करने से डरती हैं, जिस के चलते घर में ही छिपे बलात्कारी दरिंदे इस बात का फायदा उठाते हैं.
इसलिए बहुत जरूरी है कि हर लड़की को अपने मांबाप या बहन से कोई भी बात नहीं छिपानी चाहिए। अगर उन को गलत टच मिल रहा है तो उसे खुल कर घर के बड़े सदस्यों से बिना डरे बात करें। इस के अलावा भी जिस घर में लड़कियां हैं उन के मांबाप को अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए चौकन्ना रहना जरूरी है.
बेटी के मामले में किसी भी रिश्तेदार पर आंख बंद कर के विश्वास न करें और बेटी को भी सहीगलत की पहचान कराएं. इसी तरह आज के माहौल को देखते हुए अगर किसी अनजान या सुनसान जगह पर आप जाने वाली हैं तो कोई तीखी चीज, हथियार या आंखों में मारने वाला स्प्रे, लालमिर्च साथ रखें और बुरे वक्त में बहादुरी के साथ इन चीजों का इस्तेमाल करें।
अगर कुछ भी नहीं कर सकते तो बुरे हालात में जोरजोर से चिल्लाएं और पूरी ताकत के साथ अपनेआप को छुड़ाने की कोशिश करें और वहां से किसी तरह भागने की कोशिश करें। सारी कोशिशों के बावजूद अगर आप बलात्कार के शिकार हो जाती हैं तो इस से निबटने के लिए मानसिकतौर पर अपनेआप को तैयार करें, जो आप के सब से करीबी दोस्त या रिश्तेदार हों, जिन से आप बेहिचक अपनी बात कर सकती हैं, उन से अपनी इस बात को जरूर शेयर करें ताकि आप का मन हलका हो सके और वे आप को सही रास्ता दिखा सकें।
इस के अलावा अपने साथ हुए बुरे हादसे को भुलाने की कोशिश करें और जिंदगी में आगे बढ़ें क्योंकि जो बुरा हुआ है उसे बदला तो नहीं जा सकता लेकिन समय के साथ साथ उसे भुलाया जरूर जा सकता है और अगर आप निडर हैं और अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ लड़ने की ताकत रखते हैं तो बलात्कारी को सजा दिलाने से पीछे न हटें क्योंकि आप का यह बहादुरी वाला कदम न सिर्फ आप को आत्मसंतुष्टि देगा बल्कि बाकी लड़कियों की उस बलात्कारी से रक्षा भी करेगा.
फिल्मों में बलात्कारी को सबक सिखाने के कई उपाय दिखाए जाते हैं
बलात्कार पर आधारित कई फिल्में आई हैं, जिन में उन को सबक सिखाने या उन से बचने के उपाय दिखाए गए हैं। फिल्म ‘पिंक’ में बलात्कारी को सजा दिलाई गई। इसी तरह फिल्म ‘मिर्चमसाला’ में मिर्च और मसाले के जरीए बलात्कारी को सजा देने की कहानी दिखाई गई है. फिल्म ‘द कार’ में लड़की गुंडों से बचने के लिए उन के आंखों में स्प्रे मार देती है और गुंडों से अपनी इज्जत और जान बचाती है।
अभिनेता अक्षय कुमार ने औरतों की सुरक्षा के लिए मार्शल आर्ट के कई प्रकार यूट्यूब में प्रस्तुत किए हैं, जिन्हें सीख कर लड़कियां अपनी रक्षा कर सकती हैं.
बलात्कार जैसे जघन्य अपराध से निबटने के लिए बौलीवुड मेकर कई फिल्में बनाते आए हैं। इन फिल्मों के जरीए भी औरतें कुछ सीख कर अपनी रक्षा कर सकती हैं. कोई भी विपदा या मुसीबत बोल कर नहीं आती, इसलिए इस से निबटने के लिए एक लड़की को खुद ही अपनी रक्षा के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है, तभी वह अपनी इज्जत और जान बचाने में कामयाब हो पाएगी क्योंकि कई बलात्कारी कई बार रेप कर के मर्डर भी कर देते हैं। इसलिए अपनी जान बचाने के लिए कठिन कदम उठाने जरूरी हैं क्योंकि जान है तो जहान है.
