निधि यादव संस्थापक, अक्स क्लोथिंग

फैशन डिजाइनर निधि यादव ने अपने परिवार और व्यवसाय में तालमेल बैठा कर अपनी अलग पहचान बनाई. निधि ने अपने ब्रैंड ‘अक्स’ के साथ फैशन की दुनिया में कदम रखा. ‘अक्स’ महिलाओं के लिए कुरतियां, प्लाजो, ऐथनिक सैट, अनारकली आदि की विशाल रैंज प्रस्तुत करता है. इस रेंज में लैगिंग और पारंपरिक जूते भी शामिल हैं. 2019 में निधि को ऐंटरप्रन्योर इंडिया द्वारा लघु व्यवसाय पुरस्कार ‘वूमन ऐंटरप्रन्योजर औफ द ईयर’ मिला. 2019 में ‘आउटलुक बिजनैस वूमन औफ वर्थ’ अवार्ड्स से भी सम्मानित किया गया. पेश हैं, निधि यादव से हुई गुफ्तगू के कुछ अहम अंश:

बतौर महिला इस मुकाम तक पहुंचने में किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

एक महिला होने के नाते सब से बड़ी चुनौती होती है अपने घर को संभालना और साथसाथ अपना काम करना. ऊपर से अगर आप मां भी हों तो यह काम और मुश्किल हो जाता है, क्योंकि घर का काम तो कोई और भी कर सकता है पर आप का बच्चा बस आप के साथ रहना चाहता है. अत: मेहनत थोड़ी ज्यादा करती हूं.

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बच्चों के साथ अपने व्यवसाय को कैसे मैनेज करती हैं?

2014 में जब मैं ने अपना व्यवसाय शुरू किया था तब मेरी बेटी 18 महीने की थी और उसे ज्यादातर समय अपने साथ ही रखना पड़ता था. मैं जब भी डीलर से या किसी मैन्युफैक्चरर से बात करने जाती तो बेटी हर जगह साथ होती थी. जैसेजैसे मेरा काम बढ़ने लगा तो लगातार डील्स के लिए जयपुर भी जाना पड़ता था. तब भी बेटी साथ होती थी. मैं ने और पति दोनों ने मिल कर अपनी बेटी और बिजनैस का ध्यान रखा.

क्या कोई ऐसा पल आया जब परिवार के लिए काम छोड़ने का फैसला लिया?

नहीं. मैं जिंदगी की बहुत शुक्रगुजार हूं कि ऐसा पल कभी नहीं आया. मेरे परिवार ने सदा मेरा साथ दिया. मु झे बहुत बुरा लगता है जब मैं सुनती हूं कि कोई महिला इसलिए आगे नहीं बढ़ पाई, क्योंकि उसे उस के परिवार की देखरेख करनी थी. परिवार का पालन औरत की जिम्मेदारी है, लेकिन इस का यह कतई मतलब नहीं कि

उस के लिए वह अपने सपनों का बलिदान कर दे. यह परिवार की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी बेटीबहू के सपनों को पूरा करने में उस की मदद करे.

अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगी?

यकीनन अपने परिवार और पति को दूंगी. मैं इस जगह नहीं होती अगर सतपाल साथ नहीं देते. एक 7 महीने की बेटी जब गोद में हो, उस वक्त शायद ही कोई मां ऐसी होगी जो अपना नया बिजनैस शुरू करने के बारे में सोचे और शायद ही कोई ससुराल ऐसी होगी जो कहे कि तू आगे बढ़ हम तेरे साथ हैं. जब मैं अपनी बेटी को सुलानेखिलाने में व्यस्त होती थी तो सतपाल कंपनी का सारा काम संभालते थे. रात में जब बेटी सो जाती थी तब हम रात में जाग कर पूरा प्लान बनाते थे.

जिंदगी का वह पल जब आप की जिंदगी ने अपना रुख बदला?

एक पल नहीं, एक फेज कहूंगी. हम ने जब कंपनी शुरू की थी तो इतने बेहतर मार्केट रिस्पौंस की उम्मीद नहीं की थी. हम ने शुरुआत 2 कमरों के घर से की थी. एक में हम सोते थे और दूसरे में सामान रखते थे. काम बेहतर चल निकला. पहले क्व100 करोड़, फिर 2019 में क्व150 करोड़ और अब 2020 में हम क्व200 करोड़ रैवन्यू का टारगेट ले रहे हैं और आने वाले 4-5 सालों में इसे क्व1,000 करोड़ तक ले जाना चाहते हैं.

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आप की नजर में फैशन और ब्यूटी क्या है?

मेरे लिए अच्छा फैशन वह है जो कंफर्टेबल, हो जो आप को खूबसूरत दिखाए. इसी सिद्धांत पर हमारा ब्रैंड ‘अक्स’ बना है.

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