भोपाल में हनी ट्रैप का एक मामला पकड़ा गया है, जिसमें एक गिरोह द्वारा अपनी प्लांट की गई एक लड़की के एक विधायक के साथ रंगरलियां मनाते हुए वीडियो बनाए गए और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी दे कर लाखों वसूले गए. उस की रिंग लीडर भाजपा विधायक के घर ही किराए पर रहती थी और एक एनजीओ चलाती थी. उस की सहयोगी एक लड़की कांग्रेस से जुड़ी थी यानी प्रोटैक्शन के लिए उन्होंने दोनों पलड़ों में पांव रखे हुए थे.

हनी ट्रैप का मामला कोई नया नहीं है. सेना में तो यह बहुत ही मशहूर. माताहारी के नाम की एक डांसर बहुत कुख्यात हुई, जिस ने प्रथम विश्वयुद्ध में जरमनी के लिए खुफिया सुबूत जमा किए, क्योंकि उस ने फ्रांसीसी और इंग्लिश जनरलों को अपने जाल में फंसा लिया था और मिलिटरी राज दुश्मनों को दिए थे. हमारी सेना के कई वरिष्ठ अफसर भी इस ट्रैप में फंस चुके हैं.

अब चूंकि वीडियो बहुत आसानी से बनाए जा सकते हैं और फिर उन्हें वायरल करना भी बेहद आसान हो चुका है, हनी ट्रैप कर के किसी भी आदमी को फंसा लेना आसान है. इस में औरत का बदन उस की मोटी आमदनी का सहारा बन जाता है और कई बार लड़कियां यह अकेले ही कर लेती हैं. उन्हें किसी गिरोह का सदस्य नहीं बनना पड़ता.

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यह जरूर है कि इस में जोखिम भी है, क्योंकि जो ब्लैकमेल का शिकार हो जाए वह किसी न किसी तरह बदला लेने की कोशिश अवश्य करेगा. अगर लड़की अकेली हुई तो खुद को बचा पाएगी, इस में संदेह है. अगर वह किसी की सहायता लेगी तो खुद ट्रैप में फंस जाएगी और फिर इस दलदल में फंसती चली जाएगी.

सैक्स का दुरुपयोग असल में हर पुरुष व स्त्री को परेशान कर सकता है. सैक्स प्यार की एक अद्भुत अनुभूति है पर न जाने कैसे यह प्राकृतिक क्रिया पौवर गेम बन गई और दुनियाभर में सैक्स को मिनटों या घंटों के लिए बेचने के लिए करोड़ों नहीं तो लाखों लड़कियों को तो लगा ही दिया गया है, जिन के मालिक पुरुष ही होते हैं.

सैक्स रैकेटों की ही देन है हनी ट्रैप, जिस में प्रेम के अंतरंग क्षणों को बाद में भुनाने के लिए प्लैनिंग पहले करनी होती है. यह सैक्स को बदनाम करता है और सैक्स में से प्रेम को गायब कर देता है.

जो पुरुष प्रेमहीन सैक्स के आदी हो जाते हैं वे पत्नी या प्रेमिका तक के साथ उखड़ेउखड़े रहते हैं.

प्रेमिकाओं और पत्नियों को होशियार रहना चाहिए कि उन का साथी प्रेम के नाम पर सैक्स को बनावटी तो नहीं रख रहा. अगर ऐसा होगा तो यह संदेह होना स्वाभाविक है कि वह किसी और अनचाहे चक्कर का शिकार है. जैसे पुरुष के लिए जरूरी है कि वह अपनी प्रेमिका या पत्नी के साथ सुखद सैक्स पाए वैसे ही पत्नी या प्रेमिका के लिए भी यह जरूरी है कि पुरुष भटके नहीं. यह लेनदेन जीवनभर का होना चाहिए, कुछ घंटों या दिनों का नहीं.

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हमारे ऋषि मुनि प्राचीनकाल में और आज के साधू बाबा सैक्स का इस्तेमाल यौन भूख को शांत करने के लिए भी करते हैं और लड़कियों व औरतों को ब्लैकमेल करने के लिए भी.

इस तरह के धर्माधीश और पहुंच वाले जो पुरुष अपनी हैसीयत या जो लड़कियां अपने शरीर के कारण सैक्स की कीमत लगाने में लग जाएं, वे सैक्स को मशीनी ही मानेंगे और अंतत: पछताएंगे. यह नैतिकता का सवाल कम है, व्यावहारिकता का ज्यादा. यदि लंबे समय तक खुश रहना है तो एक पार्टनर के साथ रहो और सैक्स को खरीदनेबेचने की नहीं प्रेम की बात मानो.

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