वेदिका ने लंदन की रीजैंट यूनिवर्सिटी से ग्लोबल मार्केटिंग मैनेजमैंट में डिग्री लेने के बाद यूनिवर्सिटी औफ वैस्टमिंस्टर से मार्केटिंग कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद पारिवारिक व्यवसाय में जुड़ने से पहले उन्होंने भारत में मार्केटिंग के क्षेत्र में अनुभव हासिल करने के लिए टाइम्स गु्रप, कोका कोला और बिग एफएम जौइन किया. अपने अनुभव और काबिलीयत का इस्तेमाल अपने व्यवासाय को आगे बढ़ाने के मकसद से हाल ही में वेदिका शर्मा ने मंत्रा हर्बल की कमान संभाली है, जो लोगों को हेयर, स्किन केयर व स्पा के बेहतरीन व नैचुरल प्रोडक्ट्स उपलब्ध करवा रही है. ये नैचुरल होने के साथसाथ मौडर्न टैक्नोलौजी पर आधारित हैं, साथ ही पूरी तरह से सेफ भी हैं. आइए, जानते हैं उन के सफर के बारे में:

क्वालिटी आयुर्वेद सौल्यूशन से आप का क्या मानना है?

यह पूरी तरह से सरकार द्वारा स्वीकृत टै्रडिशनल तरीका है. इस में आयुर्वेद सार समिता होती है, जो बताती है कि कैसे दवाइयां बनेंगी. यहां तक कि प्रौपर तरीका फौलो होता है जैसे कौन से ट्री का स्टेम, छाल, पत्तियों, फल आदि का इस्तेमाल किया जाएगा और वह भी निर्धारित तरीकों के अनुसार. यह पूरी तरह प्राकृतिक होता है. इस में किसी तरह के पेस्टीसाइड्स या कैमिकल्स का यूज नहीं किया जाता.

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ये किस तरह से मार्केट में आने वाले अन्य प्रोडक्ट्स से अलग हैं और लोग इन्हें क्यों खरीदें?

इस बात से लोग परिचित हैं कि आयुर्वेद प्रोडक्ट्स कैमिकल फ्री होते हैं और उन का कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होता. हमारा बैद्यनाथ रिसर्च फाउंडेशन है, जो पूरा साल रिसर्च करता है. इन प्रोडक्ट्स की खासीयत यह भी है कि इन्हें लंबे समय तक बिना डरे इस्तेमाल किया जा सकता है.

अपने उत्पादों के बारे में बताएं?

हमारे प्रोडक्ट्स पैराबीन, पैराफिन व कैमिकल फ्री होते हैं. 12 तरह के कैमिकल्स होते हैं, जिन्हें हम अपने प्रोडक्ट्स में नहीं डालते हैं और फिर जो खुशबू और कलर यूज किया जाता है वह भी 100% नैचुरल होता है. बिना डरे बच्चों पर भी इन प्रोडक्ट्स को यूज कर सकते हैं. हमारे प्रोडक्ट्स जैसे रोजवाटर, आमंड औयल काफी बेहतरीन हैं. आमंड औयल को तो आप स्किन, बालों में अप्लाई करने के साथसाथ दूध में मिला कर पी भी सकते हैं.

आयुर्वेद से क्या हर बीमारी का ट्रीटमैंट संभव है?

ट्रीटमैंट में भले ही वक्त लगता है, लेकिन सही लाइफस्टाइल के साथ ज्यादातर बीमारियां ठीक हो जाती हैं. वैसे भी लोग आजकल ऐसी दवाओं या ट्रीटमैंट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जिन का कोई साइडइफैक्ट नहीं होता है. आयुर्वेदा प्रीवैंशन में विश्वास करता है अगर शुरू से आयुर्वेदिक दवाइयां किसी आयुर्वेद प्रोफैशनल की देखरेख में ली जाएं तो बीमारियां ठीक हो जाती हैं, क्योंकि रिसर्च हर साल हर बीमारी, हर दवाई पर होती है.

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अपनी प्रोडक्ट रेंज के विस्तार के लिए आगे का क्या प्लान है?

हम लगातार नए प्रोडक्ट्स लौंच करते रहते हैं. हम 2 महीनों में 2-3 प्रोडक्ट्स और मार्केट में लौंच करेंगे, जिन में फैशियल किट, स्क्रब, टोनर आदि शामिल हैं. भविष्य में हम अपने स्टोर्स की संख्या भी और बढ़ाने वाले हैं. ये मार्केट में मिलने वाले बाकी प्रोडक्ट्स से सस्ते हैं या महंगे? मध्यवर्गीय लोग इन का इस्तेमाल कैसे करेंगे?? हमारे मिड लैवल प्रोडक्ट्स हैं. सभी प्रोडक्ट्स के अलगअलग साइज उपलब्ध हैं. हर वर्ग के उपभोक्ता अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से छोटा या बड़ा पैक खरीद सकते हैं.

इस लाइन में आने के बारे में कैसे सोचा?

मेरे पिता बैद्यनाथ आयुर्वेदा चलाते हैं. मैं ने बचपन से आयुर्वेदा के बारे में सुना और देखा है. मैंने हमेशा आयुर्वेदिक दवाइयां ही खाई हैं, तो कह सकते हैं कि यह मेरे घर से ही मुझ में आया. भारत में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता पिछले कुछ ही सालों में बढ़ी है जबकि विदेशों में काफी समय से आयुर्वेद के प्रति के्रज है. मैं काफी साल लंदन में रही. वहां आयुर्वेद का क्रेज काफी है. लोग आयुर्वेद प्रोडक्ट्स खरीदना और उन्हें इस्तेमाल करना बहुत पसंद करते हैं. मगर भारत में अभी इस बारे में क्रेज कम है, जिस के लिए और जानकारी देने की जरूरत है.

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Edited by Rosy

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