डा. वीणा विज ‘उदित’
Drama Story: ‘‘मामा हम लैंड कर गए हैं.’’
‘‘ओके मैं एअरपोर्ट पर ही हूं,’’ कह कर उस ने फोन बंद कर दिया और लगी इंतजार करने आउटर सर्किल पर. 42 की उम्र में गोरीचिट्ठी धरा 30 वर्ष की युवती लगती थी. जींस और टौप पहने छरहरी काया व तिरछी मांग निकले स्मोकी बाल जो कंधों से थोड़ा नीचे तक खुली लटों में बिखरे रहते थे, उस के गौर वर्ण और गुलाबी चेहरे को और खूबसूरत निखार देते थे. हर वक्त मुसकराता चेहरा जिस की आभा उस की आंखों की चमक बढ़ा देती थी जो उस के सौंदर्य को दोगुना कर देते थे. कानों में 1-1 मोती का स्टड व एक डायमंड की रिंग. पास से गुजरता आदमी उसे पलट कर फिर देखता था ऐसा उस के साथ प्राय: घटता रहता था. वह स्वभाववश अपने चेहरे पर सदा एक मीठी मुसकान ओढ़े रहती थी.
तभी देखती है कि सामने से बहुत स्मार्ट उस की बिटिया मान्या ग्रे पैंटकोट सूट में आ रही है, साथ में मिनी फ्रौक में छोटे कद की ब्लैक ब्यूटी भी आ रही है. मान्या की हाइट अपनी मां जितनी 5 फुट 4 इंच थी और वह भी चेहरे पर वही चिर स्मित मुसकान ओढ़े थी.
‘‘मामा यह मार्था है, जिस के बारे में मैं आप को बता रही थी फोन में.’’
‘‘हैलो मार्था वैलकम.’’
‘‘हैलो आंटी यू लुक सो यंग.’’
तीनों बातें करती हुई ट्रौली ले कर पार्किंग लौट में पहुंच गईं और कार में बैठ गईं.
घंटेभर में वे घर पहुंच गई थीं. मार्था बात करने में चुलबुली व अपनत्व लिए हुए थी. वह मान्या के साथ सैन फ्रांसिसको घूमने आ गई थी. उन की लास एंजिल्स में औफिस मीटिंग थी. वह फिनिक्स से वहां आई थी. धरा को यह संतोष था कि उस की बेटी उस के साथ प्रसन्न है. नहीं तो वह हंसना ही भूल गई थी, जब से उस के पापा उन को छोड़ सिधार गए थे.
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
गृहशोभा सब्सक्रिप्शन के फायदे
- गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
- 2000+ फूड रेसिपीज
- 6000+ कहानियां
- 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
24 प्रिंट मैगजीन + डिजिटल
गृहशोभा सब्सक्रिप्शन के फायदे
- 24 प्रिंट मैगजीन + मोबाइल पर पढ़ने की सुविधा
- डिजिटल सब्सक्रिप्शन के बेनिफिट्स
- गृहशोभा इवेंट्स का फ्री इन्विटेशन
