Long Story: आशी अपने 10 साल के बेटे के साथ मौरिशस के हरेभरे ले मोर्नेब्रैबेंट द्वीप पर दांतेदार पहाड़ के सामने उस का हाथ थाम चरम उत्तेजना से चिल्लाई, ‘‘चुनमुन... देख सामने... सो ब्यूटीफुल. नीले आसमां तले वसंती बयार में ?ामतेलहराते ताड़ के पेड़ों की कतार और पहाड़ की 3 दिशाओं में ठाट मारते फीरोजी रंग के समुद्री पानी के नयनाभिराम दृश्य को देख कर घोर आश्चर्य से आशी की सांस थमी की थमी रह गई थी.
कुछ देर आशी और उस के बेटे चुनमुन ने समुद्रतट की सफेद बालू पर चहलकदमी की. चुनमुन बालू के घरोंदे बनाने लगा. तभी उस के पास खेल रही एक प्यारी सी लगभग उस की ही उम्र की एक लड़की उस के पास आई और उस से बोली, ‘‘मेरा नाम कुहू है. तुम्हारा नाम?’’
‘‘ओह... तुम्हारा नाम कुहू है. कोयल वाली कुहू?’’
‘‘धत्... कोयल वाली नहीं. मैं अपने पापा की कुहू हूं.’’
‘‘ओ... अपने पापा की कुहू, मेरा नाम चुनमुन है. तुम कहां रहती हो कुहू?’’
‘‘मैं देहली में रहती हूं. और तुम?’’
‘‘अरे वाह, मैं भी देहली में रहता हूं.’’
‘‘तुम्हारे पापा कहां हैं चुनमुन?’’
‘‘मेरे पापा... मेरी मम्मा हैं, पापा नहीं, मम्मा ने पापा को छोड़ दिया.’’
‘‘ओह... और मेरे पापा हैं, मम्मा नहीं.’’
‘‘ओह...’’
समुद्रतट के पास अनेक बड़े और बच्चे पेट के बल मास्क लगाए तैरते हुए स्नोर्कलिंग कर रहे थे जिन्हें देख कर चुनमुन चिल्लाया, ‘‘मम्मा, चलो हम भी स्नोर्कलिंग करते हैं. समुद्र के भीतर की चीजें देखने में बहुत मजा आएगा.’’
‘‘ओके बेटा, चलो, स्नोर्कलिंग वाले अंकल से बात करती हूं.’’
‘‘कुहू, चलो न तुम भी हमारे साथ स्नोर्कलिंग करो न. तुम्हें स्विमिंग आती है?’’
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