बैंक से रिटायर मानव भारद्वाज अच्छे लेखक भी हैं. उन की लेखनी की तारीफ के साथ 87 वर्षीय बुजुर्ग ने ऐसी राय पेश की कि वे अपने आप पर ही शक करने लगे. वहीं 30 साल की वसुधा के विचार उन्हें नई शक्ति देने का प्रयास करते रहे...
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