Hindi short story : ‘‘अरे वाह, आज तो नई घड़ी लग रही है... काफी महंगी होगी?’’
क्लास में दाखिल होते ही अंजलि के कानों में फुसफुसाहट पड़ी. लगता है, आज फिर मुसकान कोई नई चीज लाई है शो औफ के लिए.
अंजलि 14 साल की थी. उम्र से छोटी लेकिन चाहतों में बहुत बड़ी. जिस नामी इंग्लिश मीडियम स्कूल में वह पढ़ती थी, वहां पढ़ाई से ज्यादा एक अदृश्य प्रतियोगिता चलती रहती थी- कौन कितना महंगा दिखता है, किस के पास कौन सा ब्रैंड है, और सोशल मीडिया पर कौन ज़्यादा नोटिस होता है.
अंजलि के पास भी सबकुछ था- अच्छा फोन, ब्रैंडेड कपड़े, महंगा बैग. फिर भी उसे हमेशा लगता था कि वह कम है. कहीं पीछे है.
इंस्टाग्राम पर रील्स देखतेदेखते वह खुद को फैशन ऐक्सपर्ट समझने लगी थी. मुसकान हर बार उस से एक कदम आगे निकल जाती थी. यही बात अंजलि को भीतर ही भीतर खाए जा रही थी.
‘‘मैं उस से आगे कैसे निकलूं?’’ यही सवाल उस के दिमाग में घूमता रहता.
एक दिन सहेली ने कहा, ‘‘अंजलि, तूने मुसकान का इंस्टा स्टेटस देखा? लग रहा है अगले महीने कोई बहुत महंगा बैग आने वाला है.’’
अंजलि ने तुरंत स्टेटस खोला. लिखा था-
‘‘28 डेज लैफ्ट... मोस्ट ऐक्सपैनसिव बैग.’’
अंजलि का दिमाग वहीं अटक गया.
पापा से बोलूं तो ज्यादा से ज्यादा 25-30 हजार का बैग मिलेगा और मुसकान का गिफ्ट? साफ दिख रहा है कि लाखों में होगा. उस ने मन ही मन तय कर लिया कि अब जो करना है, खुद करना है. बैग तो लेना ही है और वो भी लुईस विटन. कीमत करीब 12 लाख रुपए. पर कैसे?
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