Love Story in Hindi: स्टूडियो से निकलतेनिकलते उसे अकसर देर हो जाती थी. उस का काम ही कुछ ऐसा था जो समय की बंदिशों में जकड़ा नहीं जा सकता था. विभिन्न पुलिस स्टेशनों से आई क्राइम बुलेटिन की कतरनें, अपने संपर्कसूत्रों से मिले समाचार, संवाददाताओं से मिली खबरें, सब को मिला कर ‘मेरी आपबीती’ नाम से खबरनामा बना कर दर्शकों के सामने पेश करने के लिए तैयारी करना एक कठिन और चुनौतीपूर्ण काम था. अकसर पीडि़तों या उस के परिवार वालों के इंटरव्यू और क्राइम सीन पर जा कर शूट करना भी उस के काम का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा होता था.
अमृता दफ्तर में अपने काम में मशगूल थी कि अचानक मोबाइल की घंटी बजने से उस की तंद्रा भंग हो गई. दूसरी ओर तन्मय था, ‘‘तुम अभी तक दफ्तर में ही हो, भूल गई कि आज हमें मिलना था और घर जा कर परिवार वालों से मिलने की हिम्मत जुटानी थी.’’
‘‘तुम भी कुछ भूल गए हो कि कल मेरा...’’
‘‘जन्मदिन है... मैं बिलकुल नहीं भूला, कल एक शानदार आउटिंग है, विशेष आग्रह यह है कि तुम समय पर पहुंच जाना.’’
‘‘पूरी कोशिश होगी कि समय से पहले पहुंच जाऊं और तुम्हे इंतजार न कराऊं, तुम तो जानते ही हो मेरा काम, दिनरात भटकना, अपराधियों को फौलो करना, अपराध की तह तक जाना और फिर उसे चैनल के परदे तक पहुंचाना...’’
‘‘छोड़ क्यों नहीं देती यह काम, क्त्राइम रिपोर्टिंग औरतों का नहीं, यह मर्दों का काम है,’’ तन्मय की आवाज में आग्रह और चिंता का मिलाजुला भाव था.
‘‘तुम मर्दों को औरतों से डर क्यों लगता है? क्यों हर जगह अपना वर्चस्व रखना चाहते हो?’’ अमृता ने ताना मारते हुए कहा.
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