दिवंगत पत्नी के बाद अकेले पड़ गए मुकुंद प्रधान को एक साथी की जरूरत थी. मगर यह इतना भी आसान नहीं था. एक तो उम्र का फासला, दूसरा समाज का डर. फिर अचानक उन की जिंदगी में सारिका आई और फिर...
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