Sunny Deol

हाल ही में सोशल मीडिया पर जोर शोर से खबर उड़ी हुई थी , की सनी देओल ने भाजपा में बताओ सांसद काम ना करने को लेकर इस्तीफा दे दिया है.

इस्तीफा देने की वजह खबरों के अनुसार भाजपा सरकार में अशिक्षित और गुंडो की पार्टी का राज है. भाजपा कोई राजनीतिक दल नहीं है बल्कि गुंडो की पार्टी है जिस वजह से अशिक्षितता, बेरोजगारी का बोलबाला है. इसी बात को लेकर भाजपा से नाखुश सनी देओल ने इस्तीफा दे दिया है.

लेकिन भाजपा पार्टी के कुछ सदस्यों ओर आज तक न्यूज़ चैनल के अनुसार ये खबर झूठी है. सनी देओल ने औपचारिक रूप से कोई इस्तीफा नहीं दिया है. हालांकि बॉलीवुड एक्टर और गुरदासपुर से पूर्व भाजपा सांसद बने सनी देओल ने  2024 में इलेक्शन लड़ने को लेकर जरूर इंकार किया था, क्योंकि उनका ध्यान राजनीति से ज्यादा एक्टिंग में केंद्रित था.

2019 अप्रैल में पंजाब के गुरदासपुर  सीट से जीत हासिल करके सांसद का पद संभालने वाले सनी देओल था पिछले 5 सालों में राजनीति में  बिल्कुल एक्टिव नहीं रहे है . ना हीं कभी जीतने के बाद  गुरदासपुर गए जहां से सनी ने भारी वोटो से जीत हासिल की थी. जिस वजह से वहां के पॉलिटिकल लोगों ने सनी देओल से इस्तीफा देने की मांग की. हालांकि सनी देओल ने औपचारिक रूप से कोई इस्तीफा नहीं दिया है लेकिन उन्होंने राजनीति से दूर रहने का एलान जरूर कर दिया है.

सनी देओल के अनुसार वह अपना पूरा ध्यान एक्टिंग की दुनिया में लगाना चाहते हैं क्योंकि उन्हें एक्टिंग से ही प्यार है. वह जो चाहे एक्टिंग में कर सकते हैं लेकिन अगर राजनीति में वह कोई कमिटमेंट करते हैं तो उसे पूरा करने की उनकी जिम्मेदारी रहती है, इसी वजह से सनी देओल राजनीति से दूर रहने का फैसला कर चुके हैं.

इससे पहले सनी देओल के पिता धर्मेंद्र जी ने भी चौधरी लोकसभा में बीकानेर से 4 से 2009 तक भाजपा की तरफ से सांसद रहे थे. बीकानेर से जीत हासिल कर के बतौर सांसद धर्मेंद्र जी राजनीति से जुड़े थे , लेकिन वह भी ज्यादा समय तक राजनीति में नहीं टिक पाए. धर्मेंद्र जी की राजनीति छोड़ने के पीछे भी कुछ ऐसी ही वजह थी. वह भी एक्टिंग से प्यार करते थे और राजनीति उनकी समझ के बाहर थी.

वही हेमा मालिनी राजनीति में पूरी तरह सक्रिय है. लेकिन देओल परिवार को राजनीति रास नहीं आई .

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...