homemade face pack : मौनसून  में स्किनकेयर पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. नमी वाला मौसम ऐसा माहौल बनाता है जिस में गंदगी, पसीना और अतिरिक्त तेल आसानी से जमा हो जाते हैं. यहां तक कि ड्राई स्किन वाले लोगों को भी इस मौसम में अचानक मुहांसे या जलन महसूस हो सकती है.

मौनसून में त्वचा से जुड़ी आम समस्याएं

अतिरिक्त तेल बनना.

पिंपल्स और मुहांसे.

रोमछिद्रों का बंद होना.

त्वचा का बेजान दिखना.

स्किन इन्फैक्शन.

त्वचा की बनावट असमान होना.

सही चीजों से बना एक आसान डीआईवाई फेस पैक त्वचा को साफ कर सकता है. अतिरिक्त तेल सोख सकता है, सूजन कम कर सकता है और प्राकृतिक चमक वापस ला सकता है.

डीआईवाई फेस पैक

मुलतानी मिट्टी और गुलाबजल का फेस पैक: औयली और मुहांसों वाली त्वचा के लिए मुलतानी मिट्टी अतिरिक्त तेल सोखती है, जबकि गुलाबजल त्वचा को ताजगी देता है और टोन करता है. यह कौंबिनेशन रोमछिद्रों को बंद होने से रोकने में मदद करता है और त्वचा को बिना सूखा किए साफ महसूस कराता है.

ऐसे बनाएं

2 बड़े चम्मच मुलतानी मिट्टी.

एक स्मूद पेस्ट बनाने के लिए जरूरत के अनुसार गुलाबजल.

इसे लगाएं और सूखने तक लगा रहने दें.

ठंडे पानी से धो लें.

फायदा: मुलतानी मिट्टी अतिरिक्त कफ को कम करने में मदद करती है, जबकि गुलाबजल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो बढ़े हुए पित्त को संतुलित करने में मदद करते हैं.

नीम और हलदी का फेस पैक: नीम अपने ऐंटीबैक्टीरियल और साफ करने वाले गुणों के लिए सब से अच्छा है.

हलदी सूजन कम करने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करती है. इसलिए यह मुंहासे वाली त्वचा के लिए अच्छी है.

सामग्री

1 बड़ा चम्मच नीम पाउडर.

1 चुटकी हलदी.

गुलाबजल.

इसे लगा कर 10 मिनट तक छोड़ दें और धो लें.

फायदा: नीम खून और त्वचा को साफ करने में मदद करता है, जबकि हलदी ठीक होने में मदद करती है और पित्त व कफ को संतुलित करती है.

चंदन और एलोवेरा फेस पैक: चंदन परेशान त्वचा को ठंडक देता है, जबकि एलोवेरा त्वचा को चिपचिपा बनाए बिना नमी देता है, जिस से यह संवेदनशील त्वचा के लिए अच्छा होता है.

सामग्री

1 बड़ा चम्मच चंदन पाउडर.

ताजा एलोवेरा जेल.

धोने से पहले इसे 15 मिनट तक लगा रहने दें.

फायदा: चंदन को बहुत ठंडा माना जाता है और यह पित्त को शांत करने में मदद करता है, जिस से यह उमस भरे मौसम में खासतौर पर फायदेमंद होता है.

ओटमील और दही का फेस पैक:ओटमील डेड स्किन सेल्स को धीरेधीरे हटाता है, जबकि दही में लैक्टिक एसिड होता है जो रंगत निखारने में मदद करता है. कौंबिनेशन स्किन (मिलीजुली त्वचा) लिए सब से अच्छा है.

सामग्री

2 बड़े चम्मच ओटमील.

1 बड़ा चम्मच ताजा दही.

धोने से पहले हलके हाथों से मसाज करें.

डीआईवाई उपाय जो हमेशा काम नहीं करते

मौनसून के दौरान कुछ डीआईवाई उपाय असल में स्किन में जलन पैदा कर सकते हैं.

नींबू का रस

हालांकि नीबू को अकसर रंगत निखारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन बिना पतला किए नीबू का रस सीधे चेहरे पर लगाने से बचें.

इस की ज्यादा एसिडिटी से ये हो सकता है:

सैंसिटिव स्किन में जलन.

लालपन.

धूप के प्रति सैंसिटिविटी बढ़ना.

स्किन बैरियर का खराब होना.

डीआईवाई फेस पैक आजमाने से पहले

अपनी बांह के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट करें.

ताजा सामग्री का इस्तेमाल करें.

घरेलू मिश्रणों को दूसरों के साथ शेयर करने से बचें.

इस्तेमाल के बाद बचे हुए पैक को फेंक दें.

कटीफटी या इन्फैक्टेड स्किन पर फेस पैक न लगाएं.

अगर जलन हो तो पैक का इस्तेमाल बंद कर दें.

अगर आप को लगातार मुंहासे, एक्जिमा, रोसैसिया या त्वचा से जुड़ी कोई और पुरानी समस्या है, तो नए उपाय आजमाने से पहले किसी अच्छे डर्मेटोलोजिस्ट या ऐक्सपर्ट से सलाह लें.

मौनसून में त्वचा को स्वस्थ रखने का राज है हलके और त्वचा के लिए सुरक्षित चीजों का इस्तेमाल करना, साफसफाई बनाए रखना, संतुलित आहार लेना और स्किनकेयर रूटीन को लगातार फौलो करना.

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