Life lessons : 18 साल की कम ऐज की लड़की के साथ सैक्स करना चाहे म्यूचुअल कंसेंट से हो खतरों से खाली नहीं है. बहुत से किशोर और यंग ऐंथूजियास्टिक बौडी प्ले की माई बौडी, माई राइट्स के नारे के तहत अपना हक मान कर सैक्स करने लगते हैं पर यह खतरा ही खतरा चाहे साथी भी 18 साल से कम का नहीं.
हमारे क्राइम ला के अनुसार यह रेप है और लड़की की कंसेंट का कोई मतलब नहीं है. बात न खुले, कोई प्रैगनैंसी न हो, कोई ऐक्सीडैंट न हो, किसी को पता न चले तो यह चलता रहता है पर यह न भूलें कि लाइफ स्ट्रेट लाइंस में नहीं चलती. चाहे लड़की ने फुसलाया हो, फंसेगा लड़का ही पर लड़की भी किसी इंसीडैंट या ऐक्सीडैंट पर पूरी फैमिली को सकते में डाल देगी.
हाल ही में एक मामले में एक डाक्टर ने 16 साल की लड़की का अबौर्शन किया. अबौर्शन करवाने के समय तो पेरैंट्स ने डाक्टर के हाथपैर जोड़े होंगे पर बाद में जब कुछ कौंप्लिकेशंस होने लगीं तो उन्होंने अपना रुख बदल लिया और पुलिस में कंप्लेंट कर दी. डाक्टर बेचारा जो एक नाबालिग, बेवकूफ लड़की की पूरी जिंदगी बचा रहा था अब पूरी जिंदगी पछताएगा. ये पेरैंट्स भी बेवकूफ हैं कि इन्होंने सैकड़ों ऐसे डाक्टरों का रास्ता बंद कर दिया जो उन लड़कियों को सोशल इंसल्ट के डैमेज से बचा लेते थे जो प्रैगनैंसी होने पर होती थी. अब डाक्टर जिन्होंने इस मामले के बारे में पढ़ लिया किसी भी कीमत पर माइनर का अबौर्शन नहीं करेंगे. जिन दाइयों और नर्सों को भी इस बारे में पता चल गया है वे भी हाथ नहीं लगाएंगी.
एक तरह से एक लड़की और उस के पेरैंट्स ने लाखों लड़कियों का माई बौडी, माई राइट्स वाला नारा कानूनी झगड़ों के कारण छीन लिया क्योंकि अब न केवल मामला डाक्टर पर चलेगा, वह लड़का भी फंसेगा जो खेलखेल में सैक्स पार्टनर था. दोनों फैमिलीज हमेशा के लिए बदनाम भी हो जाएंगी और लाखों रुपए कानूनी दावपेंजों में खर्च हो जाएंगे.
सैक्स एक बहुत नैचुरल नैसैसिटी है. यह शादी के बाद ही हो इसे समाज कोसता है पर यह चलता नहीं है. लड़केलड़कियां जब सैक्सुअली कैपेबल होने लगते हैं तो क्या कर बैठें कहा नहीं जा सकता. ‘जब हमतुम एक कमरे में बंद हों और कमरे की चाबी खो जाए…’ नहीं, ‘जज का ताला लग जाए’ नया गाना बन गया है.
यह एक तरह से कौंसपिरेसी है कि लड़के चाहे जहां मुंह मारते रहें, लड़कियों को शादी के समय तक वर्जिनिटी संभाल कर रखनी चाहिए. आज भी वैजिनोप्लास्टी हो रही है ताकि हाइमन को फिर से बनाया जा सके. यह यूथ पौपुलेशन के खिलाफ सोशल प्रैशर बनाता है. पौलिटिक्स और ऐजुकेशन को ले कर तो कौकरोच जनता पार्टी के मीडियम से यूथ ने अपनी पावर व इंटैलीजैंस दिखाई पर अभी सैकड़ों पौइंट्स हैं जिन पर जंतरोंमंतरों की जरूरत है. रेप, माइनर सैक्सी, माइनर प्रैगनैंसी, माइनर का अबौर्शन उन्हीं में से है.
