इंडियन फिल्ममेकरों ने समय-समय पर आजादी, पौराणिक कथाओं के साथ-साथ इतिहास के कई पन्नों को सिनेमा के जरिए से पेश कर भारतीय इतिहास को गौरवान्वित करने के साथ ही देशवासियों को भी शिक्षित भी किया है. ऐसे में फिल्ममेकर सौ साल पहले घटी विनाशकारी और दर्दनाक घटना को कैसे भुला सकते हैं.

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‘‘लंदन ड्रीम्स’’ जैसी फिल्म के निर्माताओं ने 13 अप्रैल 2019 को मुंबई में तमाम फिल्म कर्मियों व पत्रकारों की मौजूदगी में फिल्म ‘‘जलियांवाला बाग’’के निर्माण की घोषणा की. उससे पहले सरबजीत ‘बोनी’ दुग्गल, विनीता मेनन, केशव पनेरी, हरीश कोहली ने पत्रकारों से बात की. कार्यक्रम की शुरूआत अरदास से की गयी. जिसमें जलियां वाला बाग नरसंहार में शहीद हुए सभी लोगो को श्रद्धांजलि दी गयी.

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भारतीय इतिहास में ‘जलियांवाला बाग’ नरसंहार हिंसा के अति क्रूर राजनीतिक कृत्य के रूप में चित्रित है. ‘जलियांवाला बाग’ नरसंहार ऐसी घटना है, जो देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित करती है. यह भारतीय इतिहास का एक काला अध्याय है.

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अरदास के कार्यक्रम के बाद ‘टर्बन फिल्म’ के तहत सरबजीत ‘बोनी’ दुग्गल और उनकी बेटी विनीता मेनन इसी काले अध्याय पर ‘‘जलियांवाला बाग’नामक फिल्म का निर्माण की घोषणा की. इस फिल्म में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े हजारों निर्दोष स्त्री व पुरूषों की हत्या की त्रासदी के साथ उनके बलिदान को भी दिखाया जाएगा.

Edited by- Rosy

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