थिएटर से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले एक्टर शरमन जोशी और वेब सीरीज ‘बारिश’ रिलीज पर है, जिनमें उनके साथ पवित्र रिश्ता से फेमस हुई आशा नेगी भी नजर आएंगी. पेश है शरमन से बातचीत के कुछ अंश…

वेब सीरीज की किस बात से आप आकर्षित हुए ?

ये एक साधारण रोमांटिक लव स्टोरी है. आज के ज़माने में प्यार की परिभाषा बदल चुकी है. पहले जो प्यार कोमल एहसास हुआ करता था, अब वैसा नहीं है. इसलिए ये कोशिश है कि हम इस वेब सीरीज के द्वारा उसे दिखा सकें. जिसे लोग परिवार के साथ देख सकें. मैं वेब शो देखने का शौक़ीन हूं, पर आज के शोज को देखकर ऐसा लग रहा था कि इसमें दिखाए जाने वाली बातें कुछ ओवरडोज हो रही है. इसलिए मैंने इस सीरीज को करने के लिए हां कहा.

वेब सीरीज में पैसे कमाने के लिए निर्माता निर्देशक सेक्स और फूहड़पन को इसमें अधिक दिखाते है, इसे कितना सही मानते है?

मुझे अपनी संस्कृति और परंपरा पर विश्वास है और ये भी लगता है कि समय के साथ-साथ चलना चाहिए. हमें अपने आप पर विश्वास रखते हुए सर्टिफिकेशन अवश्य करने चाहिए. आज के दर्शक जागरूक है. वे अपने लिए अच्छा या बुरा सेट कर सकते है. अगर वे ऐसी गलत चीजों को नहीं देखेंगे तो वह अपने आप ही बंद हो सकती है.

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आज प्यार की परिभाषा यूथ में बदली है, जिससे वे रिश्ते की गहराई को समझ नहीं पाते और रिश्ता जल्दी टूट जाता है, इस बारें में आपकी सोच क्या है?

ये सही है कि समय के साथ बदलना जरुरी है. सारी शादियां सफल हो ये भी जरुरी नहीं, क्योंकि कुछ कारणों से वे टूट भी जाया करती है. वेब सीरीज भी इसी को प्रोजेक्ट करती है कि आज के बच्चे लव में विश्वास नहीं करते. वे प्यार को कैजुअली लेते है. कुछ हद तक ये सही है, लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी है जो लौन्ग रिलेशनशिप या शादी में विश्वास करते है. दोनों पहलुओं को देखना है और इसे उन पर ही छोड़ना बेहतर होगा. वे ही इसका सही और गलत को समझ सकते है. शादी परमानेंट ख़ुशी की कोई गारंटी नहीं देता. साथ ही ये भी सही है कि लिव-इन रिलेशनशिप में कोई दायित्व नहीं होता और शादी करने के बाद उनमें दायित्व की भावना आती है. उसका भी एक मजा है.

आपकी सुखी वैवाहिक जीवन का राज क्या है?

प्रेरणा और मैंने दोनों ने शुरू से साथ रहने का मन बना लिया था. दोनों एक दूसरे को समझते है. हमारी शादी को 18 साल हो चुके है. अभी हम पहले के एक दो साल वाले रिलेशन को महसूस नहीं कर पायेंगे. हमने एक दूसरे को स्पेस दिया है.

आप किस तरह के पिता है?

मैं फ्रेंडली पिता हूं, लेकिन जब मुझे किसी चीज को लेकर उन्हें कुछ कहना है तो वह भी कह देता हूं. प्रेरणा, पूरा दिन बच्चों को सम्भालती है, इसलिए उन्हें स्ट्रिक्ट होना पड़ता है.

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क्या आप अपने जर्नी से खुश है?

फिल्म ‘रंग दे बसंती’ और थ्री इडियट्स के किरदार को लोग आज भी याद करते है. जो मुझे अच्छा लगता है. मैंने अच्छी-अच्छी फिल्में की है. दर्शकों ने पसंद भी किया है, पर अभी बहुत काम बाकी है. मैं थिएटर से आया हूं. वहां मैंने बहुत काम सीखा है, जिसे मैं पर्दे पर लाता हूं. मेरे पिता गुजराती थिएटर और फिल्में किया करते थे. उस समय मुझे लगता था कि एक फिल्म से मुझे ख़ुशी मिल जाएगी, लेकिन एक के बाद कई और करने की इच्छा हुई और मुझे काम मिलता गया.

अब तक की फिल्मों में दिल के करीब कौन सी फिल्म है?

फिल्म ‘फरारी की सवारी’ और ‘स्टाइल’ मेरी दूसरी कमर्शियल फिल्म थी, जिसमें मैंने बहुत मेहनत की थी.

आगे कौन-कौन सी फिल्में है?

फिल्म ‘मिशन मंगल’, ‘फौजी कौलिंग’ और वेब सीरीज कर रहा हूं.

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अगर आपको सुपर पावर मिले, तो क्या बदलना चाहेंगे?

मैं देश से गरीबी को हटाना चाहता हूं और सबको बराबर का मौका काम के लिए मिले, उसे भी कायम करना चाहता हूं.

गृहशोभा की महिलाओं के लिए क्या मैसेज देना चाहते है?

घरेलू महिलाएं होममेकर है और वे उतनी ही जिम्मेदारी से काम करती है, जितना पति औफिस में जाकर करता है. इसलिए अपने को कभी कम न समझें और अपने शौक को हमेशा निखारें.

edited by- rosy

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