न्यू बौर्न की स्किन बहुत पतली और नाजुक होती है, क्योंकि इतनी जल्दी स्किन प्रोटैक्टिव बैरियर पूरी तरह विकसित नहीं कर पाती. इस में करीब 1 साल का समय लगता है. वातावरण और तापमान में होने वाले परिवर्तन प्रत्यक्ष रूप से शिशु की स्किन को प्रभावित करते हैं. इस वजह से इन की स्किन को ज्यादा केयर की जरूरत पड़ती है. कोशिश करनी चाहिए कि शिशु के लिए अच्छे बेबी केयर प्रोडक्ट्स का ही उपयोग किया जाए. इस के अलावा सही तापमान और मौइस्चराइजर के उचित उपयोग जैसे पहलुओं पर भी विचार करना होगा. शिशु की स्किन की सेहत का खयाल रखने और ऐलर्जी या इन्फैक्शन का रिस्क कम करने की जिम्मेदारी पेरैंट्स की ही होती है.

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