दिल्ली के पंजाबी परिवार में जन्में सेलेब्रिटी सेफ कुनाल कपूर को बचपन से ही कुछ अलग करने की इच्छा रही है, जिसमें साथ दिया उनके परिवार वालों ने, क्योंकि उनके दादा और पिता दोनों ही अच्छी कुकिंग का शौक रखते थे. उन्हें अभी भी याद आता है कि उन्होंने सबसे पहले 10 साल की उम्र में चाय बनाई थी. इसके बाद उन्हें खाना बनाने और लोगों को खिलाने का शौक पैदा हुआ. उन्होंने हर तरीके के फूड बनाये है और आज कई होटलों से भी जुड़े है और फूड पर किताब भी लिखा है. इतना ही नहीं उनके कई टीवी शो भी हिट रहे, जिसमें वे मेजबान और जज थे. उनके हिसाब से खाना बनाना और परोसना एक कला है, जिसे हर किसी को जानने की जरुरत है. वे अभी टीवीऍफ़ पर नया शो ‘द रॉयल पैलेट’ के साथ आ रहे है, जिसमें उन्होंने राजा-रजवाड़े के लजीज पकवान, जो अब विलुप्त हो रहे है. उसे आधुनिक रूप में लाने की कोशिश की है. पेश है उनसे हुई बातचीत के कुछ अंश.

सवाल. इस शो में खास क्या रहेगा?

इसमें मैंने रॉयल खाने को उसके इतिहास के साथ पेश करने की कोशिश की है. ऐसे में मैंने देखा है कि कई ऐसी रॉयल रेसिपीज है, जिसके बारें में लोग कम जानते है. इसके अलावा ऐसे व्यंजन को लोगों तक सर्व करने कभी एक अलग तरीका होता है, जिसे दिखाने की कोशिश की है.

सवाल. कोई ऐसा रौयल व्यंजन है, जो गायब हो रहा है?

ऐसे कई है और मैं उसे खोज रहा हूं. बंगाल का एक शहर वाली जैन कम्युनिटी है, उनका पूरा खाना जिसमें कचौरी, सब्जी, दाल ये सारी व्यंजन बिना प्याज लहसुन के बनाया जाता है. उनके खाने के अंदर थोड़ा बंगाली, राजस्थानी और ब्रिटिश फ्लेवर, तीनों का मिश्रण होता है.

सवाल. शेफ बनने की प्रेरणा कहां से मिली?

मैं बहुत छोटा था जब मैंने अपने पिता और दादाजी को हर रविवार को खाना बनाते हुए देखा करता था. मुझे बड़ा अजीब लगता था कि पुरुष होकर वे कैसे खाना बनाते है? जबकि मेरे दोस्तों के घर में ऐसा नहीं था. मैं भी कई बार उनके साथ किचन में चला जाता था. उन्हें देखकर लगा कि पुरुष खाना बनाये, तो कोई हर्ज नहीं और खाना बनाना मेरे लिए मनोरंजक होने लगै. कौलेज ख़त्म होते ही मैंने इस दिशा की ओर कोशिश की और सोचा कि अगर कामयाब नहीं हुआ, तो कुछ और काम करूंगा. मुझे इसका कोर्स अच्छा लगा और मैंने इसी क्षेत्र में काम शुरू कर दिया.

सवाल. सबसे पहले क्या बनाया था?

मैंने सबसे पहले चाय बनायीं थी, जो सबको ठीक लगी थी.

सवाल. यहां तक पहुंचने में किसका सहयोग सबसे अधिक रहा?

यहां तक पहुंचने में मेरे माता-पिता का सबसे अधिक सहयोग रहा है. अगर वे सहयोग नहीं देते तो मुश्किल था. इसके अलवा कई ऐसे लोग है, जिन्होंने मुझे सहयोग दिया है. इसमें निर्देशक से लेकर एक पूरी टीम शामिल है.

सवाल. आज कल औनलाइन रेसिपी बहुत उपलब्ध होते है, लोग उसे फोलो करते है, कितना सही होता है, औनलाइन रेसिपी का सहारा लेकर खाना बनाना?

फूड अपना एक एक्सप्रेशन है, जो आपकी लाइफस्टाइल, कम्युनिटी और आपके वजूद को बताती है. लोग मेरी रेसिपी को ऑनलाइन देखकर बनाते है. कई बार उन्हें पसंद आता है, कभी नहीं. मेरे हिसाब से खाना बनाना एक क्रिएटिविटी है. इसे आप अपने हिसाब से कभी भी कैसे भी कर सकते है, लेकिन उसमें नमक, मिर्ची और तेल का अनुपात सही होने की जरुरत होती है और वह आपको अनुभव और समझ से ही मिलती है.

सवाल. आप किस तरह की रेसिपी अधिक पसंद है?

मुझे गुलत्थी बहुत पसंद है, जो रामपुर की खास है. इसे दूध और चावल से बनाया जाता है. इसे पकाते समय आंच को अधिककर बर्तन के नीचे का तलवा थोड़ा जलाया जाता है, जिससे कैरेमल फ्लेवर आता है.

सवाल. नए-नए तरीकों की डिश से अपने आप को अपडेट कैसे करते है?

मैं ट्रेवल बहुत करता हूं. इससे नए-नए लोगों से मिलकर नयी-नयी जानकारी और वहां के फूड के बारें में जानने का मौका मिलता है. अपडेट के लिए इन्टरनेट नहीं, ट्रेवल करना पड़ता है.

सवाल. कुकिंग प्रक्रिया में पहले की तुलना में कितना बदलाव आया है?

बहुत परिवर्तन है और इसकी वजह सामग्री है, जो खाने में प्रयोग की जाती है. पहले चूल्हे पर खाना बनता था, अब गैस पर पकने लगा है. पहले कांसे के बर्तन में खाना बनता था, तो आज एल्म्युनियम के बर्तन के बाद, स्टील, नॉन स्टिकी, टेफ़लोन आदि बर्तन आ चुके है. मसाले पीसने का दौर भी अब चला गया है. इससे धीरे-धीरे खाने के स्वाद में भी अंतर आने लगा है. इसे कंट्रोल नहीं कर सकते और ये पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है.

सवाल. कोई ऐसी डिश जो आपके परिवार में बनती है और आप उसे कभी अलग रूप न दे सकें?

मेरी मां का बनाया हुआ भरवा करेले जो कच्चे आम के साथ गर्मियों में बनाती है. मैं कभी उसे अलग रूप नहीं दे सका. उसे मैं कभी रिनोवेट भी नहीं करना चाहता. फुल्के, सलाद और रायते के साथ मुझे बहुत पसंद है.

सवाल. फूड डेस्टिनेशन की अगर बात करें, तो कहां के व्यंजन अवश्य खाने चाहिए?

पंजाब का अमृतसर, वहां के किसी भी रेस्तरां या होटल के फूड अवश्य खाने चाहिए.

सवाल. आपके किचन की कोई ऐसी सामग्री जिसके बिना आप काम नहीं कर सकते?

मेरी शेफ नाइफ.

सवाल. किस बात से आपको डर लगता है?

अगर खाना अनहायजिनिक हो और उसे खाकर लोग बीमार पड़े. न्यूट्रीशन खाने में होता है और वह न होने पर डर लगता है.

सवाल. आगे की योजनायें क्या है?

आगे मैं एक और बुक लिख रहा हूं, इसके अलावा मेरा एक और रेस्तरां खुल गया है. उसे स्थापित कर रहा हूं. फूड रिसर्च पर काम चल रहा है.

सवाल. आपके फूड को लेकर अब तक का बेस्ट कौम्प्लिमेंट्स क्या है?

किसी ने कहा था कि आपके डिश से मुझे मेरी मां की याद आई.

सवाल. आप फूड सर्व करते वक्त किस बात का ध्यान रखते है?

मेरे लिए खाने के साथ इमोशन का कनेक्ट होना बहुत जरुरी होता है.

सवाल. आज की महिलाएं खाना बनाने से दूर भागती है, उनके लिए संदेश क्या है?

आज की महिलाएं घर के अलावा बाहर भी काम करती है. ऐसे में उन्हें खाना बनाने का अवसर कम मिलता है. मेरी राय से अगर पति-पत्नी दोनों ही किचन में जाते है, तो बच्चे इसे फौलो करते है, जिससे उनके अंदर भी खाने में रूचि का विकास होता है.

सवाल. गर्मियों में आपकी कोई रेसिपी जिसे आप बताना चाहे?

गर्मी में श्रीखंड मुझे बहुत पसंद है. बंधी हुई दही को लेकर उसमें अलग-अलग फ्लैवर डाला जा सकता है. चीनी के अलावा इसमें थोड़ी दालचीनी के पाउडर और छोटे-छोटे टुकड़ों में हरे रंग के सेव को मिला ले. ये टेस्टी होने के साथ-साथ सेव की खुशबू का भी एहसास कराएगा.

EDITED BY- NISHA RAI

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