बरसात की रिमझिम फुहारें, गीली मिट्टी की मनमोहक सुगंध और हरीहरी घास आंखों को बहुत सुकून देती है और मन को मोह लेती है. मगर साथ ही सड़कों पर गड्ढों में भरा पानी कीचड़ और गंदगी बीमारियों को भी न्योता देती है. ऐसे में घर की सफाई सब से जरूरी है, क्योंकि घर एक ऐसी जगह है, जहां हम सब से ज्यादा समय बिताते हैं और आसानी से बैक्टीरिया के संपर्क में आ कर बीमार पड़ सकते हैं. अगर आप इस मौसम में अपने परिवार को सुरक्षित रख बारिश का भरपूर आनंद लेना चाहती हैं, तो इन क्लीनिंग टिप्स पर गौर जरूर फरमाएं:

1. एंटीबैक्टीरियल टाइल्स

घर को बैक्टीरिया से बचाना चाहती हैं, तो एंटीबैक्टीरियल टाइल्स लगवा सकती हैं. ये टाइल्स एंटीबैक्टीरियल टैक्नोलौजी को यूज कर के बनाई जाती हैं. ये कीटाणुओं को खत्म कर आप को कीटाणुमुक्त वातावरण देती हैं.

2. जूतों को बाहर खोलें

सड़कों पर मौजूद कीचड़ जूतों और चप्पलों में लग साथ घर आ जाता है यानी जानेअनजाने आप गंदगी और बैक्टीरिया भी साथ ले आते हैं. इसलिए बेहतर है कि अपना शूरैक घर के बाहर रखें और वहीं जूते खोलें और पहनें. ऐसा करने से घर बिलकुल साफ और कीटाणुमुक्त रहेगा.

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3. वैंटिलेशन है जरूरी

घर में मौजूद नमी की मात्रा को कम करने में वैंटिलेशन अहम भूमिका निभाता है. घर में होने वाली नमी से बचने के लिए सही वैंटिलेटर या ह्यूमिडिफायर में इन्वैस्ट करें. जब मौसम साफ हो तो घर की खिड़कियां खोल दें. साफ हवा व सूर्य की रोशनी अंदर आने दें. ऐसा करने से घर में कीटाणु नहीं पनपेंगे.

4. सही परदे चुनें

बरसात के मौसम में भारी और मोटे परदों का चयन भूल कर भी न करें, क्योंकि इस मौसम में इन्हें धोना और फिर सुखाना परेशान कर देता है. इस के अलावा मोटे परदे लगाने से कमरे में नमी का स्तर बढ़ जाता है, इसलिए बारिश में हलके और पारदर्शी परदों का इस्तेमाल करें, क्योंकि इन्हें लगाने से जहां कमरे की निजता बनी रहती है वहीं सूर्य की रोशनी का भी एहसास होता है. इन परदों से कमरे में बेहद हल्कापन महसूस होता है.

5. फर्नीचर को रखें दीवारों से दूर

बरसात के मौसम में फर्नीचर को दीवारों, खिड़कियों और दरवाजों से दूर रखना ही सही रहता है, क्योंकि दीवारों पर सीलन आने से फर्नीचर खराब हो जाता है. इसलिए फर्नीचर को दीवार से सटाएं नहीं, बल्कि 2-3 इंच दूर रखें. इस के अलावा फर्नीचर को सूखे कपड़े से समयसमय पर साफ जरूर करती रहें. चाहें तो फर्नीचर को रीलोकेट भी कर सकती हैं. ऐसा करने से फर्नीचर भी सेफ हो जाएगा और बरसाती बैक्टीरिया भी इन में घर नहीं बना पाएंगे.

6. वुडन फर्नीचर को कराएं औयल्ड व वैक्स

आप ने अकसर देखा होगा कि बरसात के मौसम में कई बार वुडन अलमारियों में नमी आ जाती है, जिस की वजह से लकड़ी की दराजें और दरवाजे खुल नहीं पाते हैं, इसलिए इन्हें औयल्ड या वैक्स करा लें ताकि आप को कोई दिक्कत न हो.

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7. मरम्मत से बचें

इस मौसम में घर में किसी भी प्रकार की मरम्मत या पेंट करवाने से बचें, क्योंकि मौसम के कारण वातावरण में अधिक नमी आप का काम बिगाड़ सकती है. इस मौसम में पेंट करवाएंगे, तो वह आसानी से नहीं सूखेगा और परेशानी होगी वह अलग.

8. कैंडल जलाएं

बरसात के मौसम में घर में अजीब सी गंध आती है, जिसे सहन करना मुश्किल हो जाता है. अत: इस गंध से बचने के लिए घर में सुगंधित कैंडल जलाएं ताकि घर का माहौल खुशगवार हो जाए. कैंडल को कौफीटेबल या साइड टेबल पर रख सकती हैं. शाम होते ही जला दें और भीनीभीनी खुशबू का आनंद लें.

9. कलर थेरैपी करती कमाल

बारिश के बाद तापमान में गिरावट आ जाती है. थोड़ी ठंडक हो जाती है. ऐसे में यकीनन आप अपने घर में थोड़ी गरमाहट चाहेंगी. इस के लिए आप घर में ब्राइट कलर के कुशन और कंबल यूज करें और मौसम का मजा लें.

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