lakh bangles : लाख के कड़े भारतीय संस्कृति और श्रृंगार का एक अभिन्न हिस्सा हैं. यह केवल आभूषण नहीं, बल्कि सुहाग और सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक हैं. लाख की चूड़ी के कई सारे नाम हैं जैसे अनारकली, पन्ना कड़ा, मेथी का चूड़ा, केरा कड़ा, मेशे का चूड़ा, पंच बधिया चूड़ा, लहरिया चूड़ा. चूड़ी बनाने का काम तकनीक से जुड़ा हुआ है. पीपल से निकलने वाले गोंद रूपी लाख को इकट्ठा कर अंदर केमिकल मिलाया जाता है. धीरे-धीरे गर्म कर उसको एक लंबी डंडी के रूप में बनाया जाता है और उसके बाद उसको गोल आकार देकर गर्म किया जाता है. यह पूरी तरह से इको-फ्रेंडली और प्राकृतिक होता है, जिससे प्लास्टिक की चूड़ियों की तरह खुजली या एलर्जी नहीं होती.
लहठी या ब्राइडल चूड़ा
ब्राइडल चूड़े या लहठी में आपको राजस्थानी और बिहारी परंपरा के बेहतरीन डिजाइन देखने को मिल जाएंगे, जिन्हें भारी कुंदन वर्क, जरकन, सीप और मोतियों से सजाया जाता है. शादी और करवा चौथ जैसे खास मौकों पर ये आपके ब्राइडल या फेस्टिव लुक को पूरा करते हैं. जैसे कि –
लाल और मैरून ब्राइडल लहठी राजस्थानी और बिहारी शादियों का पारंपरिक हिस्सा है. सुर्ख लाल रंग में कुंदन और क्रिस्टल के काम वाले ये चूड़े सुहाग की निशानी माने जाते हैं.
रॉयल राजपूती और कुंदन वर्क वाले ब्राइडल सेट
अगर आप अपनी शादी के लहंगे या भारी साड़ी के साथ कुछ शाही पहनना चाहती हैं, तो कुंदन, स्टोन और फ्लोरल वर्क वाले राजपूती सेट बेहतरीन हैं. इनमें आइवरी, पीला और वाइन जैसे रंग भी आते हैं जो आजकल काफी ट्रेंड में हैं.
पर्ल (मोती) और मल्टीकलर चूड़ा
जिन ब्राइड्स को पूरी तरह से लाल चूड़ा नहीं चाहिए या वे अपने लहंगे के रंग से मैच करना चाहती हैं, उनके लिए मोतियों के काम और मल्टीकलर स्टोन वाले सेट एकदम परफेक्ट हैं.
जरी और गोटा पट्टी वर्क वाले लाख के कड़े
जरी और गोटा पट्टी वर्क वाले कड़े पारंपरिक राजस्थानी कारीगरी की एक खूबसूरत मिसाल हैं. सुनहरे धागों (जरी) और चमकीली लेस (गोटा पट्टी) से सजे ये डिजाइन आपके किसी भी एथनिक आउटफिट के साथ अच्छी तरह मैच करते हैं.
गोटा पट्टी और थ्रेड वर्क वाले कड़े
रेशमी धागों या कपड़े के बेस पर किया गया गोटा पट्टी का काम बेहद हल्का और आकर्षक होता है. महिलाएं अक्सर इन्हें हल्दी, मेहंदी और करवा चौथ जैसे फंक्शन के लिए चुनती हैं क्योंकि ये पहनने में बहुत आरामदायक होते हैं.
जरी और जरदोजी वर्क कड़े
लाख या मेटल बेस पर सुनहरे जरी के धागों और बारीक डिजाइन का काम इन कड़ों को एक पारंपरिक और एंटीक लुक देता है, जिन्हें साड़ी या भारी लहंगे के साथ आसानी से पहना जा सकता है.
लाख के पेंटिंग वाले कड़े
हाथों से पेंट किए गए लाख के कड़े राजस्थानी और खास तौर पर जयपुरी कारीगरी का एक बेहतरीन उदाहरण हैं. इन कड़ों पर मीनाकारी, फ्लोरल (फूल-पत्ती) और लहरिया जैसे डिजाइन हाथ से बनाए जाते हैं जो इन्हें बेहद कलात्मक और अनोखा लुक देते हैं. अगर आप दुल्हन के लिए लाख के कड़े ले रहे हैं तो मार्केट में आपको इसका पूरा चूड़ा मिल जाता है. आप इस तरह के चूड़े में दूल्हा-दुल्हन, डोली और बारात के चित्र भी बनवा सकते हैं. इस तरह के लाख के कड़े रंग-बिरंगे होते हैं.
मीनाकारी और फ्लोरल डिजाइन
इन कड़ों पर बारीक रंगों से मोर, हाथी, केरी (पैस्ले) और फूलों के डिजाइन बनाए जाते हैं. ये कड़े रोजमर्रा के इस्तेमाल से लेकर त्योहारों तक, हर मौके के लिए परफेक्ट हैं.
लहरिया और रंग-बिरंगे कड़े
राजस्थान की पहचान ‘लहरिया’ पैटर्न वाले कड़े बहुत ही खूबसूरत और ब्राइट लगते हैं. लाल, हरे, पीले, नीले और गुलाबी रंगों का यह मिश्रण इन्हें हल्दी, मेहंदी या किसी भी ट्रेडिशनल आउटफिट के साथ पहनने के लिए एकदम सही बनाता है. इसमें लाल रंग के बेस पर पीले, नीले, हरे और सफेद कलर से खूबसूरत स्ट्राइप्स बनाई गई हैं. साथ में लगे चमकीले स्टोन ग्लैम लुक देते हैं.
लाख के जड़ाऊ कड़े
इस तरह के कड़े बाजार में देखने को बहुत ज्यादा मिल जाते हैं. इन्हें पार्टी वियर कड़े भी कह सकते हैं. इस तरह के कड़े आप हैवी साड़ियों, पार्टी वियर साड़ी के साथ पहन सकते हैं. लाख के जड़ाऊ कड़ों के साथ डिजाइनर कांच की चूड़ियां भी लगा सकते हैं. अगर आप चाहें तो चूड़ी के बिना भी इन कड़ों को पहना जा सकता है. अब लाख के जड़ाऊ कड़ों की डिजाइन में लटकन स्टाइल कड़े भी मिलने लगे हैं.
फ्यूजन और इंडो-वेस्टर्न लुक
आजकल कामकाजी महिलाएं और कॉलेज की लड़कियां सिंपल और सिंगल-कलर वाले लाख के कड़ों को जींस, कुर्ती या इंडो-वेस्टर्न आउटफिट्स के साथ ‘मिक्स एंड मैच’ करके पहनना पसंद करती हैं. ऑफिस के फॉर्मल या सेमी-फॉर्मल माहौल में, एक हाथ में स्मार्टवॉच या क्लासिक घड़ी और दूसरे हाथ में एक सिंगल स्लीक लाख का कड़ा बहुत ही ग्रेसफुल और पावरफुल लुक देता है. वहीं, कॉलेज जाने वाली लड़कियों पर जींस, कुर्ती या बोहो-ड्रेसेस के साथ यह कलरफुल मिक्स-एंड-मैच स्टाइल वाकई बहुत ट्रेंडी और कूल लगता है.
इस खास फ्यूजन लुक के लिए अक्सर मैट फिनिश या पेस्टल शेड्स (जैसे पीच, डस्टी रोज़, मिंट या क्लासिक ब्लैक) वाले बिना स्टोन के सिंपल कड़े ज्यादा पसंद किए जाते हैं, क्योंकि ये वेस्टर्न आउटफिट्स के साथ बिना ओवर द टॉप लगे आसानी से ब्लेंड हो जाते हैं.
इस तरह के राजस्थानी पारंपरिक लाख के कड़ों का इस्तेमाल करके आप एक क्लासी लुक पा सकते हैं.
लाख के कंगन की देखभाल कैसे करें?
लाख के कंगन बहुत नाजुक होते हैं और इन्हें अगर सही से न रखा जाए, तो इनके खराब होने का डर रहता है.
कड़ों को साफ करने के लिए कभी भी पानी, साबुन या लिक्विड क्लीनर का इस्तेमाल न करें. इस्तेमाल के बाद इन्हें सिर्फ किसी सूखे और मुलायम सूती कपड़े से हल्के हाथों से पोंछकर डिब्बे में रखें.
ये कंगन धूप में पिघल जाते हैं इसलिए इन्हें धूप के आसपास न रखें.
इन्हें हमेशा किसी ठंडे, सूखे और डार्क स्पेस में स्टोर करें
लाख के कंगन को परफ्यूम-लोशन या हेयरस्प्रे से दूर रखें
इन्हें किसी कॉटन के सॉफ्ट कपड़े में बांधकर ही रखें या फिर टिश्यू पेपर में लपेट कर रखें
नहाते समय, हाथ धोते समय या कपड़े-बर्तन धोते समय इन्हें उतार दें. लगातार पानी और साबुन के संपर्क में रहने से लाख पर जड़े हुए कुंदन, स्टोन या शीशे की पकड़ कमजोर हो सकती है.
कड़े पहनते या उतारते समय हथेली पर बहुत ज्यादा जोर न लगाएं. अगर कड़ा छोटा लग रहा हो, तो जबरदस्ती खिंचाव न करें, इससे लाख चटक सकती है.
