सुष्मिता सेन को डेट कर रहे हैं ललित मोदी, रोमांटिक फोटोज की शेयर

बीते दिनों रोहमन शॉल संग अपने ब्रेकअप के चलते सुर्खियां बटोरने वाली एक्ट्रेस सुष्मिता सेन की डेटिंग और शादी की खबरें सोशलमीडिया पर छा गई हैं. दरअसल, हाल ही में बिजनेसमैन और क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर ललित मोदी ने एक्ट्रेस संग डेटिंग की खबर पर मोहर लगाई है. वहीं एक्ट्रेस के साथ रोमांटिक फोटोज भी शेयर की हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

शेयर की डेटिंग की खबर

 

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बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन के साथ ललित मोदी ने सोशल मीडिया के एक पोस्ट के जरिए फैन्स को बताया है कि वह इन दिनों परिवार के साथ #मालदीव्स #सार्डिनिया घूम रहे हैं. वहीं सुष्मिता सेन को बैटर हाफ बताते हुए कहा कि वह इस जर्नी में उनके साथ हैं. हालांकि बाद में इसे बदल कर बैटर साथी लिखकर फैंस को बताया कि वह सुष्मिता सेन को डेट कर रहे हैं. हालांकि फैंस उनके इस नए सफर पर एक्ट्रेस को बधाई दे रहे हैं.

थ्रोबैक फोटोज की शेयर

 

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अपने रिश्ते का ऐलान करते हुए ललित मोदी ने सुष्मिता सेन के साथ कुछ थ्रोबैक फोटोज शेयर की, जिसमें वह सालों पुराने अपने रिश्ते को नया नाम देते दिख रहे हैं. वहीं इन फोटोज में कुछ रोमांटिक फोटोज भी शामिल हैं. इसके अलावा ललित मोदी ने अपनी प्रोफाइल फोटो में भी सुष्मिता सेन और अपनी फोटो लगाकर फैंस का दिल जीत लिया है.

बता दें कि 56 साल के आईपीएल के पहले चेयरमैन रह चुके ललित मोदी लगभग तीन साल तक आईपीएल कमिश्नर और चैंपियंस लीग टी20 के चेयरमैन पद पर रहे. इसके अलावा ललित मोदी करीब पांच साल तक BCCI के उपाध्यक्ष रहे. वहीं 46 साल की सुष्मिता सेन की लाइफ की बात करें तो उन्होंने मॉडल और एक्टर रोहमन शॉल को करीब तीन साल तक डेट किया था, जिसके बाद बीते दिनों एक्ट्रेस ने एक पोस्ट के जरिए अपने ब्रेकअप का ऐलान किया था. हालांकि ब्रेकअप के बाद भी दोनों काफी अच्छे दोस्त हैं.

गरदन की झुर्रियों से ऐसे पाएं छुटकारा

ढलती उम्र की झुर्रियों को रोकना तो मुश्किल है, हां इस की रफ्तार को धीमा जरूर किया जा सकता है. त्वचा में कहीं भी नजर आती झुर्रियां किसी व्यक्ति के उम्रदराज होने की निशानी होती हैं. ये अच्छी नहीं लगती हैं खासकर तब जब किसी को कम उम्र में ही निकल आएं. आज ब्यूटी एवं ऐंटीऐजिंग उद्योग की लोकप्रियता बहुत बढ़ गई हैं और कोई भी समय से पहले उम्रदराज नहीं दिखना चाहता.

गरदन की झुर्रियां जब चेहरे की झुर्रियों से ज्यादा नजर आने लगती हैं, तो उस व्यक्ति की खूबसूरती बिगड़ जाती है. चेहरे और गरदन की उम्र अलगअलग दिखने लगती है और यही असंतुलन खूबसूरती को बिगाड़ देता है.

झुर्रियां होने की कुछ खास वजहें

त्वचा को सूर्य की किरणों से होने वाली क्षति, धूम्रपान, असंतुलित खानपान, डीहाइड्रेशन, तनाव, प्रदूषण, चेहरे के हावभाव, स्वाभाविक उम्र, करवट ले कर सोना.

यहां कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं, जिन से गरदन पर जल्दी झुर्रियां नहीं आएंगी और उन की रफ्तार भी धीमी हो जाएगी.

स्किन केयर

गरदन की भी चेहरे की तरह देखभाल करनी चाहिए. आप जो उपाय चेहरे की खूबसूरती के लिए करती हैं, उन्हें गरदन पर भी आजमाएं.

गरदन को अच्छी तरह धो कर मौइश्चराइजर लगा लें. मौइश्चराइजिंग का तत्काल असर होता है. इस से त्वचा में अच्छी नमी आती है और वह मुलायम बनती है. इस के लिए नारियल, जैतून, जोजोबा औयल का इस्तेमाल कर सकती हैं. मैडिकेटेड बौडी बटर या मौइश्चराइजर भी अच्छे होते हैं.

गरदन की नाजुक त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. 30 से 50 एसपी को दिन में कम से कम 3 बार लगाएं. जब पहाड़ या समुद्र तट की यात्रा पर रहें, तो ज्यादा बार लगाएं.

धूम्रपान छोड़ दें. धूम्रपान से उम्रदराज होने के सभी लक्षण तेजी से उभरने लगते हैं और त्वचा समय से पहले ही लटकने लगती है.

अच्छी नींद लें. अपने  शरीर और त्वचा को आराम देते हुए इन्हें खुद मरम्मत का काम करने दें. 8 घंटे की नींद त्वचा की सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है. खानपान स्वस्थ रखें. सब्जियों और फलों के साथ संतुलित भोजन लेना अनिवार्य है. इन में मिनरल्स, विटामिन और ऐंटीऔक्सीडैंट्स होते हैं, जो स्वस्थ त्वचा के लिए जरूरी हैं. मछली और सोयाबीन का विशेष रूप से सेवन करना चाहिए.

हाइड्रेट रहें. खूब सारे तरल पदार्थ लें. दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीएं.

तनाव से बचें.

सप्लिमैंट लें. ग्रीन टी, पालक, अखरोट, बादाम, कीवी, बींस, टमाटर जैसे ऐंटीऔक्सीडैंट समय पूर्व झुर्रियां नहीं आने देते हैं.

कोलोजन की मौजूदगी वाले जिलेटिन सप्लिमैंट्स भी अच्छे विकल्प हैं.

घरेलू उपाय

केले और पपीते का मास्क लगाएं. इन में भरपूर मिनरल्स होते हैं और ये त्वचा को अच्छी तरह हाइड्रेट करते हैं.

अंडे का सफेद हिस्सा, नीबू और शहद का पैक भी त्वचा में मिनरल्स, विटामिन सी तथा पानी की कमी को दूर करने में कारगर होता है.

त्वचा पर ऐलोवेरा जूस लगाते ही इस का तत्काल असर दिखता है. इस से त्वचा की मरम्मत हो जाती है.

मसाज और कुछ आसान ऐक्युपंचर से भी आप लंबे समय तक झुर्रियों से बच सकती हैं.

सरल लेकिन मिनिमली इनवेसिव रहित कौस्मैटिक पद्धतियां

कैमिकल पीलिंग पद्धति एक सुरक्षित और आसान उपाय है, जिस से फाइन लाइंस एवं रिंकल्स खत्म हो जाती हैं. इस से डैड स्किन बड़े सौम्य तरीके से हट जाती है और त्वचा में कोलोजन का उत्पादन बढ़ जाता है.

डा. गुलिमा अरोड़ा

कंसल्टैंट डर्मेटोलौजिस्ट एवं कौस्मैटोलौजिस्ट, नई दिल्ली

 

सिनी शेट्टी का Miss India World 2022 का सफर

जीवन की यही खूबसूरती है किसी को भी  जमीन से उठाते हुए  सितारों पर बैठा दिया जाता है.ऐसी ही कुछ बात  सिनी शेट्टी के साथ हुई है जो सुंदरता की दौड़ में सबको पीछे छोड़ कर आगे निकलती जा रही है. भारत सुंदरी बनने के बाद अब वह विश्व सुंदरी बनने की दौड़ में है, लेकिन उसके सामने क्या है चुनौतियां. और किस तरह भारत सुंदरी बनने के बाद परफारमेंस दे रही हैं.

इक्कीस वर्ष की सिनी शेट्टी सामान्य सी लड़की है जो कभी बॉलीवुड, तो कभी फ्री स्टाइल या अपने भरतनाट्यम नृत्य के  वीडियो यूट्यूब पर डालकर उनके ‘‘व्यूज’’ गिनती थी ने संभवतः कभी सोचा भी नहीं था कि देश की सबसे सुंदर लड़की चुन ली जाएंगी और उन्हें देखने वाले लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों करोड़ों लोग होंगे.

मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में मिस इंडिया 2022 का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया गया, जिसमें कर्नाटक की सिनी शेट्टी ने अपने पूरे तीस प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया. मिस इंडिया चुने जाने के अलावा उन्हें ‘मिस टेलेंटिड’ और ‘मिस बॉडी ब्यूटिफुल’ का खिताब भी मिल गया.

विश्व सुंदरी का खिताब लक्ष्य

 

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जब उनसे पूछा गया कि आगे आप क्या करने जा रही हैं तो हंसकर सिनी शेट्टी  ने कहा – वह 71 वें मिस वर्ल्ड मुकाबले में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती है.

आपको हम बताते चलें कि यह 5 वर्ष पहले भारत के लिए आखिरी दफा भारत की मानुषी छिल्लर ने 2017 में जीता था. अब सिनी शेट्टी की हाजिरजवाबी सुंदरता को देख सबकी निगाह सिनी पर टिकी हुई है.

20 जून 2001 को जन्मी सिनी शेट्टी ने अपने कॉलेज में पढ़ते हुए ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी और मिस इंडिया का ताज अपने सिर पर सजाने से पहले वह एक वेब सीरिज में अभिनय भी कर चुकी हैं.वह अपने डांस वीडियो अकसर सोशल मीडिया पर अपलोड करती हैं और उनके ऐसे ही एक वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं.

मजे की बात यह है कि देश की सबसे सुंदर महिला बनने के बाद सिनी अब ‘विश्व सुंदरी’ प्रतियोगिता की तैयारी में जुट गई है. सिनी शेट्टी ने एक संवाददाता से बातचीत में कहा यह उपलब्धि एक सपने के साकार होने जैसा है. और आगे कहा कि दुनिया की हर लड़की सुंदर होती है और उसके मन में सबसे सुंदर दिखने की चाह भी होती है. उनमें से कुछ खुशनसीब ही अपने ख्वाबों को पूरा कर पाती हैं.

सिनी शेट्टी ने अपनी अद्भुत सफलता के लिए अपनी माता और पिता सहित अपने मेंटोर का शुक्रिया अदा करते हुए सिनी ने कहा कि देशभर की लड़कियों द्वारा भेजी गई तीस हजार से अधिक प्रविष्टियों में से विभिन्न राज्यों की 31 प्रतियोगियों को इस फाइनल मुकाबले के लिए चुना गया और इस मुकाबले में मिस इंडिया का ताज उनके सिर पर आने के साथ ही उनके कंधों पर यह जिम्मेदारी भी आ गई है कि वह दुनिया के सामने अपनी और अपने देश की एक सच्ची और बेहतर तस्वीर पेश करें. किसी एक संवाददाता के

यह पूछे जाने पर कि प्रतियोगिता के दौरान क्या उन्हें अपनी जीत का विश्वास था, सिनी ने कहा ‘‘प्रतियोगिता में आई सभी अन्य तीस लड़कियां अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही थीं और सभी कड़ी मेहनत के बाद इस फाइनल मुकाबले तक पहुंची थीं, ऐसे में खुद की जीत के लिए आश्वस्त होना आसान नहीं था, लेकिन मैं जब कोई काम शुरू करती हूं तो उसे पूरा किए बिना नहीं छोड़ती, इसलिए हार और जीत से ज्यादा अपने आप को बेहतरीन अंदाज में पेश करने पर ज्यादा जोर दिया और हर मुश्किल आसान होती गई.’’

आपको एक मजेदार बात बताते चलें – सिनी ने बताया कि विजेता के रूप में उनका नाम पुकारे जाने पर उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता की तरफ देखा, जो उनके नाम की घोषणा होते ही खुशी से उछल पड़े थे. सिनी ने कहा कि उन्हें खुश देखकर मिस इंडिया बनने की उनकी खुशी दोगुनी गई और इस बात का गर्व और संतोष भी हुआ कि उन्होंने एक बेटी होने का फर्ज अच्छे से निभाया है और आगे भी निभाती रहेंगी.

सिनी शेट्टी ने अपने भविष्य की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह भारतीय फिल्मों में अपना योगदान करना चाहती है. सिनी ने दक्षिण भारत की आसिन राशि खन्ना और बालीवुड में दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट को अपनी पसंदीदा कलाकार बताते हुए कहा कि यह सभी अभिनेत्रियां अपने दम पर फिल्म को सफल बनाने का माद्दा रखती हैं और वह भी अभिनय के क्षेत्र में इनका अनुसरण करना चाहती हैं.

देखिए खूबसूरती के मामले में देश की सबसे सुंदर लड़की का खिताब जीत चुकी सिनी शेट्टी को अब संसार की सबसे सुंदर लड़की चुने जाने के लिए कुछ महीने तक खूब मेहनत करनी होगी और पूरे देश को उम्मीद है कि सिनी पांच साल बाद एक बार फिर मिस वर्ल्ड का हीरे जड़ा ताज लेकर आएंगी.

शादी के बाद साड़ी में छाईं Mouni Roy, जल्द रणबीर कपूर संग आएंगी नजर

सीरियल नागिन से लेकर जल्द ही रणबीर कपूर के साथ स्क्रीन शेयर करने जा रहीं एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) इन दिनों सुर्खियों में हैं. दरअसल, एक्ट्रेस मौनी रॉय ब्रह्मास्त्र फिल्म का हिस्सा हैं, जिसके चलते वह सोशलमीडिया पर अपनी फिल्म से जुड़ी अपडेट शेयर कर रही हैं. इसी बीच एक्ट्रेस का साड़ी लुक सोशलमीडिया पर वायरल हो रहा है. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

रेड साड़ी में गिराईं बिजलियां

 

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फिल्म ब्रह्मास्त्र से जुड़ी अपडेट्स को शेयर करने के साथ-साथ हाल ही में मौनी रॉय ने औफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह लाल साड़ी में कहर बरपाती दिख रही हैं. सुर्ख लाल रंग की साड़ी के साथ फुल स्लीव्स डीपनेक और हैवी एम्ब्रौयडरी वाला ब्लाउज एक्ट्रेस के लुक को शानदार बना रहा है. वहीं फैंस एक्ट्रेस के इस लुक की तारीफें करते दिख रहे हैं.

मल्टी कलर साड़ी में बिखेरी अदाएं

 

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रेड साड़ी के अलावा एक्ट्रेस मौनी रॉय ने कई तरह की साड़ियों में अपनी फोटोज फैंस के साथ शेयर की हैं, जिसमें रेड और मल्टी कलर के कौम्बिनेशन वाली इस साड़ी को भी फैंस ने काफी पसंद किया है. मैचिंग ज्वैलरी से लेकर मेकअप तक, हर चीज एक्ट्रेस के ऊपर परफेक्ट लग रही है.

ब्लैक लहंगे में भी दिखाईं अदाएं

 

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रंगीन साड़ी के अलावा ब्रह्मास्त्र एक्ट्रेस मौनी रॉय ने ब्लैक लहंगे को साड़ी के लुक में कैरी करके भी अपनी अदाएं दिखाई हैं. प्लेन नेट पैटर्न वाली ब्लैक साड़ी में एक्ट्रेस बेहद खूबसूरत लग रही हैं.

 

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शादी के बाद साड़ियों का बढ़ा क्रेज

 

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साल 2022 की जनवरी में शादी के बंधन में बंधने वाली एक्ट्रेस का लुक काफी चेंज हो चुका हैं. वह वेस्टर्न आउटफिट के अलावा इन दिनों इंडियन आउटफिट में ज्यादा नजर आती हैं, जिसे फैंस काफी पसंद करते हैं. हालांकि एक्ट्रेस मौनी रॉय को सिल्वर स्क्रीन पर देखने के लिए फैंस बेहद बेताब हैं.

इंटिमेट सीन्स के बारे में क्या कहती हैं ‘ये है मोहब्बतें’ फेम कृष्णा मुखर्जी

कैमरे के सामने जाने से डरने वाली अभिनेत्री कृष्णा मुखर्जी को आज किसी भी बात से डर नहीं, क्योंकि उन्होंने इस डर को संगीत थिएटर एश्टन लोबो में काम कर काबू में कर लिया है. इसके अलावा उन्होंने धारावाहिक ‘ये है मोहब्बतें’ में आलिया गोनी की भूमिका निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया. हंसमुख और विनम्र कृष्णा मुख़र्जी के चेहरे की तुलना मौनी रॉय से दी जाती है, पर वह इसे ऐसा नहीं मानती. शायद उनका बंगाली होना ही सबको ऐसा एहसास करवाती है. छोटी अवस्था से उन्हें प्रसिद्ध होने की चाहत थी, फिर चाहे वह एक्टिंग हो या कोरियोग्राफी, किसी भी क्षेत्र में अच्छा काम करना चाहती थी. उनकी वेब सीरीज ‘लाइफ नवरंगी’ में उनके भूमिका को काफी तारीफे मिल रही है, जिससे वह बहुत खुश है और उन्होंने ख़ास गृहशोभा के लिए बात की.

सवाल – एक्टिंग में आना एक इत्तफाक था या पहले से सोचा था, परिवार का सहयोग कैसा था?

जवाब – मैंने कभी एक्ट्रेस बनने के बारें में नहीं सोचा था, क्योंकि मैं एक डांसर हूं और कोरियोग्राफर बनना चाहती थी. मैं कंटेम्पररी और बैले डांस दिल्ली में सीखी थी और उसमे कुछ अच्छा करना चाहती थी. दिल्ली में एक निर्देशक ने मेरी डांस को परफॉर्म करते हुए देखा और मुंबई आने के लिए कहा. मैं मुंबई आ गयी और यहाँ किसी को जानती नहीं थी, लेकिन कठिन परिश्रम के बाद मुझे कुछ काम मिले. मैंने बहुत सारे ऑडिशन दिए, मुझे एक्टिंग आती नहीं थी. ऑडिशन से ही मैंने एक्टिंग सीखा है. एक दो महीने तो कुछ भी नहीं मिला, लेकिन उसके बाद काम मिलने लगा.

सवाल – पहला ब्रेक कैसे मिला? परिवार का सहयोग कैसा रहा?

जवाब – मुंबई आने के बाद मुझे एकता कपूर और बालाजी नाम ही याद रहा. मैं उस प्रोडक्शन हाउस के तहत काम करना चाहती थी. ये मेरा ड्रीम था और शो ये है मोहब्बते में काम मिला. मेरा सपना पूरा हुआ. परिवार का सहयोग बचपन से ही था. उन्होंने कुछ करने से मना नहीं किया, जबकि कई लोग छोटे कपडे को पहनना गलत मानते थे. मेरे पेरेंट्स ने हमेशा कहा है कि जब तक आप किसी को हर्ट नहीं करते आप अपने मन की कर सकते है.

सवाल – इस वेब सीरीज में क्या खास है? आपकी भूमिका क्या थी?

जवाब – इस वेब शो से लोग खुद को रिलेट कर सकेंगे, क्योंकि भोपाल में जब हम सभी शूट कर रहे थे, वहां नालियों के गंदे माहौल में काम करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन वहां के लोगों पर इसका असर कुछ नहीं था, वे इस गंदगी को छुपा रहे थे. जबकि इसके सुधार के लिए कुछ किया नहीं जाना चाहिए. ये एक रीयलिस्टिक समस्या है, जो अधिकतर शहरों में है.

मैंने इस सीरीज में सलोनी की भूमिका निभाई है, जो एक सोशल मीडिया इन्फ़्लुएन्सर है. उसे खुश रहना और प्रसिद्ध होने के लिए साफ़-सफाई अभियान के लिए चैनल बनाती है.

सवाल – इसमें आपके लिए चुनौती क्या थी?

जवाब – अधिकतर फिल्में सेट पर की जाती है, लेकिन गांव जाकर रियल परिवेश में जाकर शूटिंग करना आसान नहीं था, क्योंकि गंदे नालियों की बदबू में काम करना बहुत कठिन था, पर मैं उन लोगों के बारें में सोचती थी कि जो असल में यही रहते है, उनकी जिंदगी कैसे कटती होगी. इस समस्या के लिए लोग कुछ करते क्यों नहीं. साफ-सफाई पर काम होना चाहिए, क्योंकि गंदगी से ही बीमारियाँ फैलती है. बरसात में बारिश की पानी से नालियों के भर जाने पर ये गंदगी घर तक पहुँच जाती है. छोटे शहरों के लोग इसे समझ नहीं पाते. इसमें खासकर डेंगू और मलेरिया के मच्छर जन्म लेते है.

सवाल – ऐसी जगहों पर जाने पर आप के अनुभव किस प्रकार के हुए?

जवाब – अनुभव बहुत ही ख़राब थी, एक 90 साल की महिला बता रही थी, कि मेरे घर के पास नाला है और मैंने बचपन से ही नालों में मल को जाते हुए देखा है. उन्होंने कभी सेफ्टी टैंक देखा नहीं है और उनके लिए ये नई बात है. इसके अलावा उनका कहना था कि इस परिवेश से हम सब आदी हो चुके है, इसलिए किसी प्रकार की बीमारी भी नहीं होती. सभी ने इस परिस्थिति से सामंजस्य कर लिया है.

सवाल – इंटिमेट सीन्स करने में आप कितनी सहज होती है?

जवाब – मैंने एक बार ही इंटिमेट सीन किये है, लेकिन इसे करने में कुछ लोग सहज तो कुछ असहज होते है. एक कलाकार को हर तरह के सीन्स करने पड़ते है. एक्टिंग एक जॉब है और स्क्रिप्ट के अनुसार काम करना पड़ता है. ऐसे सीन को करने में निर्देशक का बहुत सहयोग होता है.

सवाल – कितनी बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा?

जवाब – रिजेक्शन का सामना बहुत बार करना पड़ा, लेकिन उसे मैंने अपने काम का एक पार्ट समझा.

सवाल – क्या कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा ?

जवाब – इसमें सिंपल बात NO कहना पड़ता है. इसे सीख जाने पर कोई मुश्किल नहीं होती, क्योंकि ऐसी बातों को लेकर ढिंढोरा पीटने की आवश्यकता नहीं, केवल ‘ना’ बोलकर व्यक्ति निकल सकता है. इंडस्ट्री को जान लेने के बाद, काम की कोई कमी नहीं होती.

सवाल – इस वेब सीरीज के करने के बाद जिंदगी कितनी बदली है?

जवाब – डेली सोप में एक्टिंग करना और वेब में एक्टिंग अलग होती है. पहले टेक में थोड़ी मुश्किल आई थी, क्योंकि मेरी एक्टिंग डेली सोप की तरह हो रही थी, जबकि इसमें नेचुरल एक्टिंग करना था. निर्देशक देवात्मा मंडल को काफी काम मुझ पर करने पड़े. एक्टिंग करने पर वे तुरंत ‘कट’ कहते थे और दुबारा नेचुरल एक्टिंग करवाते थे. अभिनेता आमिर अली ने भी मुझे सेट पर काफी सहयोग दिया है.

सवाल – इस शो से आपमें कितना बदलाव आया है?

जवाब – इस शो से मुझमें बहुत बदलाव आया है, अगर कोई मेरे सामने बोतल या कचरा फेंकता है तो मैं उन्हें उसे उठाकर घर ले जाने या डस्टबीन में फेंकने को कहती हूं, जिसे पहले मैंने अधिक महत्व नहीं दिया था. हर व्यक्ति को केवल घर नहीं, अपने आसपास को भी स्वच्छ रखने की जरुरत है और ये काम उन्हें खुद से ही करना है.

सवाल – मानसून में सेहत की देखभाल कैसे करती है?

जवाब – मानसून में मुझे घर पर रहना बहुत पसंद है, लेकिन काम की वजह से बहर जाना पड़ता है. एक्ट्रेस की लाइफ में जो काम मिले, उसे करना पड़ता है, जैसे बारिश में पानी में भीगना, कीचड़ में चलना आदि दृश्य के अनुसार परफॉर्म करने पड़ते है. मैं स्किन को हमेशा हाईड्रेट रखना पसंद करती हूं, इसके लिए मोयास्चराइजर हमेशा लगाती हूं. फैशन मुझे बहुत पसंद है और खुद ही उसे क्रिएट करती हूं, किसी डिज़ाइनर को फोलो नहीं करती.

Top 10 Best Monsoon Romantic Stories In Hindi: टॉप 10 बेस्ट मानसून रोमांटिक कहानियां हिंदी में

Monsoon Stories in Hindi: इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं सरिता की 10 Best Monsoon Stories in Hindi 2022. बरसात के मौसम में चाय और पकौड़ों के साथ रोमांटिक कहानियां पढ़ने का मजा कुछ और ही होता है. इसीलिए आज हम आपके लिए लेकर आए हैं Top 10 Monsoon Stories in Hindi 2022, जिसका आप प्यार के इस खूबसूरत मौसम में लुत्फ उठा सकते हैं. तो अगर आपको भी है संजीदा कहानियां पढ़ने का शौक तो यहां पढ़िए गृहशोभा की Best Monsoon Romantic Stories in Hindi.

1. बरसात की काई: क्या हुआ जब दीपिका की शादीशुदा जिंदगी में लौटा प्रेमी संतोष?

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प्रेमी संतोष से बिछुड़ने का गम दीपिका शादी के बाद भी नहीं भुला पाई थी. मगर वही प्रेमी जब उस की जिंदगी में दोबारा आया तो क्या वह उसे अपना पाई.

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2. का से कहूं: क्यों मजबूर थी सुकन्या

हालात और मजबूरी कभीकभी इंसान को इतना विवश कर देते हैं कि अपने दुख पर वह जी भर कर रो भी नहीं पाता. सुकन्या भी इसी स्थिति में थी.

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3. घोंसले के पंछी: क्या मिल पाए आदित्य और ऋचा

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अंकिता के बहकते कदमों की आहट पाते ही ऋचा चौकस हो गई. आदित्य को बताए बिना उस ने ऐसा क्या किया.

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4. हाय हैंडसम: क्या हुआ था गौरी के साथ

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प्यार आजाद है, उम्र नहीं देखता. यह किसी भी उम्र में, किसी से भी हो सकता है. कमसिन उम्र की गौरी दिल लगा बैठी थी अपनी उम्र से ढाईगुना बड़े व्यक्ति से. प्रेम में दीवानी गौरी का यह महज बचपना था या वाकई उस के प्यार में कोई अलग बात थी?

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5. एक किताब सा चेहरा: कौन थी गीतिका

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उस बंद लिफाफे में क्या था जिस को खोल कर देखने के बाद आकाश को अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था…

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6. अनाम रिश्ता: क्या मानसी को मिला नीरज का साथ

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पति स्वप्निल के असमय गुजर जाने के बाद मानसी की जिंदगी में नीरज एक उम्मीद बन कर तो आया मगर दकियानूसी घर वालों को वह फूटी आंख भी नहीं सुहाता था. फिर एक दिन…

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7. अर्पण: क्यों रो बैठी थी अदिति

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अदिति को आभास हो गया था कि डा. हिमांशु उस के मन की बात जान गए हैं. फिर भी वे ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे उन्हें कुछ पता ही न हो. उन के प्रति अदिति का आकर्षण धीरेधीरे बढ़ता ही जा रहा था.

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8. स्वयंवरा: मीता ने आखिर पति के रूप में किस को चुना

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टेक्सटाइल डिजाइनर मीता रोज की तरह उस दिन भी शाम को अकेली अपने फ्लैट में लौटी, परंतु वह रोज जैसी नहीं थी. दोपहर भोजन के बाद से ही उस के भीतर एक कशमकश, एक उथलपुथल, एक अजीब सा द्वंद्व चल पड़ा था और उस द्वंद्व ने उस का पीछा अब तक नहीं छोड़ा था.

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9. लाल फ्रेम: जब पहली नजर में दिया से हुआ प्रियांक को प्यार

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कार पार्क कर के प्रियांक तेज कदमों से इधरउधर कुछ ढूंढ़ता हुआ औफिस की लिफ्ट की तरफ बढ़ गया.  कहीं वह लाल फ्रेम के चश्मे वाली स्मार्ट सुंदरी पहले चली तो नहीं गई.

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10. तुम्हारे अपनों के लिए: क्या श्रेया और सारंग के रिश्तों का तानाबाना उलझा रहा

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श्रेया ने सिर्फ सारंग से प्यार किया था, उस के परिवार को नहीं अपनाया. यही उस के और सारंग के बीच अनबन की अहम वजह थी.

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जानें पोस्ट वर्कआउट ग्रूमिंग

जिम जाने वाले युवाओं के लिए जरूरी है पोस्ट वर्कआउट ग्रूमिंग. इस से जहां आप पसीने की बदबू से बचेंगे वहीं खुद को फ्रैश व ऊर्जावान महसूस करेंगे और आप की बौडी व चेहरा चमचमाता नजर आएगा.

युवकों को सिक्स पैक बनाने के लिए या फिर जिम जौइन करने के लिए सब से ज्यादा किसी ने प्रेरित किया है, तो वो हैं सलमान खान. आज यह नाम युवाओं में जूनून बन चुका है. युवा अपने बिजी शैड्यूल से वक्त निकाल कर जिम जाते हैं. यहां तक कि वे जबरदस्त ठंड में भी जिम जाना नहीं छोड़ते, जिस का नतीजा उन्हें कूल बौडी व यंग लुक के रूप में मिलता है. लेकिन जब ये युवा जिम से बाहर निकलते हैं तो इन का पूरा शरीर पसीने से तर होता है, जिस कारण इन से पसीने की बदबू आती है और बाल भी चिपचिपे नजर आते हैं.

आप का फिजिक कितना ही अच्छा हो, लेकिन इस हालत में जब आप जिम से बाहर आते हैं तो पसीने से तरबतर नजर आते हैं, जिस से आप का पूरा व्यक्तित्व जीरो नजर आता है. ऐसे में कोई भी लड़की आप से इंप्रैस होना तो दूर, आप की तरफ देखना भी पसंद नहीं करेगी. आप टैंशन न लें, क्योंकि जब प्रौब्लम आती है तो उस का सौल्यूशन भी अवश्य होता है. ऐसे में हम आप को बताते हैं कि कैसे आप हौट बौडी के साथ हौट लुक को भी मैंटेन रख सकते हैं वह भी पोस्ट वर्कआउट से. बस, इस के लिए आप को कुछ ग्रूमिंग प्रोडक्ट औैर केयर की जरूरत है.

पसीना

जब भी हम शारीरिक श्रम करते हैं तो उस से हमारी बौडी गरम हो जाती है. ऐसे में बौडी के तापमान को मैंटेन रखने के लिए हमारे शरीर से पसीना निकलना शुरू होता है, जिस से शरीर धीरेधीरे ठंडा होने लगता है, लेकिन पोस्ट वर्कआउट स्टेज में भी आप की बौडी से पसीना निकलता है, अगर आप ने कोई भी कूलिंग एजैंट नहीं अपनाया तो यह प्रक्रिया जारी रहती है औैर इसलिए वर्कआउट के बाद कोल्ड शावर लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन वर्कआउट के दौरान उत्पन्न हुई गंदगी, पसीना, धूल, कीटाणु को पूर्णतया शरीर से हटाने के लिए सिर्फ कोल्ड शावर, सोप का इस्तेमाल ही काफी नहीं होता, बल्कि आप को पोस्ट वर्कआउट शावर लेते वक्त शावर जैल यूज करने की आवश्यकता होती है. ये न सिर्फ अच्छे क्लींजिंग एजैंट  हैं बल्कि ये आप की बौडी के मौइश्चर लैवल को भी बनाए रखते हैं. इन से आप खुद को फ्रैश और ऊर्जावान भी महसूस करते हैं.

हेयर नोवोशन

वर्कआउट के तुरंत बाद ऐनर्जी लैवल हाई होता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, जिस की वजह से आप का चेहरा, बौडी, स्किन तुरंत लाल पड़ जाती है. बिलकुल ऐसा ही असर आप की स्कैल्प पर भी होता है, लेकिन बौडी स्किन की तरह स्कैल्प विजिबल नहीं होती और आप को स्कैल्प पर हुआ इफैक्ट नजर नहीं आता. यही कारण है कि जिम जाने वालों में यह कौमन हैबिट नजर आती है कि वे अपनी स्कैल्प को नजरअंदाज कर देते हैं, जिस कारण बालों का वौल्यूम, क्वालिटी, टैक्स्चर खराब होता जाता है, जो थोड़ी केयर करते भी हैं वे अपने पसीने, गंदगी में डूबे बालों को धोने के लिए रैगुलर फोम शैंपू ही यूज करते हैं.

लेकिन अगर आप को अपने बालों की हैल्थ अच्छी रखनी है तो फोम बैस्ड शैंपू, ऐंटी डैंड्र्फ शैंपू या हेयर लौस शैंपू को पूरी तरह अवौइड करें, क्योंकि ये धूलमिट्टी हटाने के साथ ही बालों का नैचुरल औयल भी हटा देते हैं. इसलिए उपरोक्त शैंपू की जगह क्रीम बैस्ड शैंपू को अपनी जिम किट में जगह दें. यह आप के बालों के नैचुरल औयल और मौइश्चर को बालों में लौक कर देता है. यह न सिर्फ आप के बालों और स्कैल्प को हाइड्रैट रखता है बल्कि रफनैस और ड्राइनैस को दूर कर बालों को सिल्की ऐेंड सौफ्ट टच भी देता है, क्योंकि यह शैंपू के साथ कंडीशनर का काम भी करता है.

स्टाइल करैक्टली

वर्कआउट के बाद प्रौपर शावर लेने के बाद भी आप की बौडी का तापमान नौर्मल होने की प्रक्रिया से गुजर रहा होता है यानी शावर के बाद भी तापमान नौर्मल से थोड़ा ऊपर ही रहता है. इस दौरान अगर आप ने अपने बालों की स्टाइलिंग के लिए गलत जैल जैसे हैवी ड्यूटी जैल या क्रीम इस्तेमाल की तो आप बिलकुल भी स्टाइलिश नजर नहीं आएंगे, क्योंकि ये आप के बालों को फ्लैट कर देंगे. इसलिए शैंपू के बाद कूल मोड पर रख कर हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करें. लेकिन अगर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है तो आप ऐसे स्टाइलिंग प्रोडक्ट अपने जिम किट में रखें जो क्ले या वैक्स बेस्ड हों. नौर्मल हेयर जैल से ये बेहतर हैं. जैल गरमी से बह जाता है. इस के विपरीत क्ले आप के बालों को मजबूत पकड़ देता है, साथ ही आप के स्कैल्प की स्किन ब्रीद भी कर सकती है.

स्किन डीप नरिशमैंट

पोस्ट वर्कआउट शावर के बाद आप अपनी स्किन पर क्या औैर किस तरह के प्रोडक्ट अप्लाई करते हैं, इस पर भी आप का लुक निर्भर करता है कि आप कूल डूड नजर आते हैं या नहीं. यह तो आप ने जाना कि शावर के बाद भी आप की बौडी का तापमान थोड़ा बढ़ा हुआ रहता है. ऐसे में अगर आप हैवी, क्रीमी, मौइश्चराइजर अप्लाई करेंगे तो आप की बौडी हीट होने की वजह से आप को बेहिसाब पसीना आएगा. ऐसा लगेगा जैसे सूरज की तपन से आप रोस्ट हो रहे हैं और थिक बौडी लोशन यूज करेंगे तो शरीर पिघलता महसूस होगा. दोनों ही स्थितियां आपके पर्सनैलिटी के लिए सही नहीं है. ऐसे में आप अपनी जिम किट में औयल फ्री, लाइट वेट मौइश्चराइजर व लोशन रखिए. इन को लगाने से स्किन पोर बंद नहीं होंगे और त्वचा आसानी से सांस ले सकेगी तथा ये लोशन आसानी से स्किन में अंदर तक समा जाएंगे.

जानें हैप्पी मैरिड लाइफ से जुड़ी बातें

मेरठ का 30 वर्षीय मनोहर अपने वैवाहिक जीवन से खुश नहीं था, कारण शारीरिक अस्वस्थता उस के यौन संबंध में आड़े आ रही थी. एक वर्ष पहले ही उस की शादी हुई थी. वह पीठ और पैर के जोड़ों के दर्द की वजह से संसर्ग के समय पत्नी के साथ सुखद संबंध बनाने में असहज हो जाता था. सैक्स को ले कर उस के मन में कई तरह की भ्रांतियां थीं.

दूसरी तरफ उस की 24 वर्षीय पत्नी उसे सैक्स के मामले में कमजोर समझ रही थी, क्योंकि वह उस सुखद एहसास को महसूस नहीं कर पाती थी जिस की उस ने कल्पना की थी. उन दोनों ने अलगअलग तरीके से अपनी समस्याएं सुलझाने की कोशिश की. वे दोस्तों की सलाह पर सैक्सोलौजिस्ट के पास गए. उस ने उन से तमाम तरह की पूछताछ के बाद समुचित सलाह दी.

क्या आप जानते हैं कि सैक्स का संबंध जितना दैहिक आकर्षण, दिली तमन्ना, परिवेश और भावनात्मक प्रवाह से है, उतना ही यह विज्ञान से भी जुड़ा हुआ है. हर किसी के मन में उठने वाले कुछ सामान्य सवाल हैं कि किसी पुरुष को पहली नजर में अपने जीवनसाथी के सुंदर चेहरे के अलावा और क्या अच्छा लगता है? रिश्ते को तरोताजा और एकदूसरे के प्रति आकर्षण पैदा करने के लिए क्या तौरतरीके अपनाने चाहिए?

सैक्स जीवन को बेहतर बनाने और रिश्ते में प्यार कायम रखने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है? रिश्ते में प्रगाढ़ता कैसे आएगी? हमें कोई बहुत अच्छा क्यों लगने लगता है? किसी की धूर्तता या दीवानगी के पीछे सैक्स की कामुकता के बदलाव का राज क्या है? खुश रहने के लिए कितना सैक्स जरूरी है? सैक्स में फ्लर्ट किस हद तक किया जाना चाहिए?

इन सवालों के अलावा सब से चिंताजनक सवाल अंग के साइज और शीघ्र स्खलन की समस्या को ले कर भी होता है. इन सारे सवालों के पीछे वैज्ञानिक तथ्य छिपा है, जबकि सामान्य पुरुष उन से अनजान बने रह कर भावनात्मक स्तर पर कमजोर बन जाता है या फिर आत्मविश्वास खो बैठता है.

वैज्ञानिक शोध : संसर्ग का संघर्ष

हाल में किए गए वैज्ञानिक शोध के अनुसार, यौन सुख का चरमोत्कर्ष पुरुषों के दिमाग में तय होता है, जबकि महिलाओं के लिए सैक्स के दौरान विविध तरीके माने रखते हैं. चिकित्सा जगत के वैज्ञानिक बताते हैं कि पुरुष गलत तरीके के यौन संबंध को खुद नियंत्रित कर सकता है, जो उस की शारीरिक संरचना पर निर्भर है.

पुरुषों के लिए बेहतर यौनानंद और सहज यौन संबंध उस के यौनांग, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी पर निर्भर करता है. पुरुषों में यदि रीढ़ की हड्डी की चोट या न्यूरोट्रांसमीटर सुखद यौन प्रक्रिया में बाधक बन सकता है, तो महिलाओं के लिए जननांग की दीवारें इस के लिए काफी हद तक जिम्मेदार होती हैं और कामोत्तेजना में बाधक बन सकती हैं.

शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि एक पुरुष में संसर्ग सुख तक पहुंचने की क्षमता काफी हद तक उस के अपने शरीर की संरचना पर निर्भर है, जिस का नियंत्रण आसानी से नहीं हो पाता है. इस के लिए पुरुषों में मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और शिश्न जिम्मेदार होते हैं.

मैडिसन के इंडियाना यूनिवर्सिटी स्कूल और मायो क्सीविक स्थित वैज्ञानिकों ने सैक्सुअल और न्यूरो एनाटोमी से संबंधित संसर्ग के प्रचलित तथ्यों का अध्ययन कर विश्लेषण किया. विश्लेषण के अनुसार,

डा. सीगल बताते हैं, ‘‘पुरुष के अंग के आकार के विपरीत किसी भी स्वस्थ पुरुष में संसर्ग करने की क्षमता काफी हद तक उस के तंत्रिकातंत्र पर निर्भर है. शरीर को नियंत्रित करने वाले तंत्रिकातंत्र और सहानुभूतिक तंत्रिकातंत्र के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए, जो शरीर के भीतर जूझने या स्वच्छंद होने की स्थिति को नियंत्रित करता है.’’

डा. सीगल अपने शोध के आधार पर बताते हैं कि शारीरिक संबंध के दौरान संवेदना मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी द्वारा पहुंचती है और फिर इस के दूसरे छोर को संकेत मिलता है कि आगे क्या करना है. इस आधार पर वैज्ञानिकों ने पाया कि उत्तेजना 2 तथ्यों पर निर्भर है.

एक मनोवैज्ञानिक और दूसरी शारीरिक, जिस में शिश्न की उत्तेजना प्रत्यक्ष तौर पर बनती है. इन 2 कारणों में से सामान्य मनोवैज्ञानिक तर्क की मान्यता में पूरी सचाई नहीं है. डा. सीगल का कहना है कि रीढ़ की हड्डी की चोट से शिश्न की उत्तेजना में कमी आने से संसर्ग सुख की प्राप्ति प्रभावित हो जाती है. इसी तरह से मस्तिष्क में मनोवैज्ञानिक समस्याओं में अवसाद आदि से तंत्रिका रसायन में बदलाव आने से संसर्ग और अधिक असहज या कष्टप्रद बन जाता है.

स्त्री की यौन तृप्ति

कोई युवती कितनी कामुक या सैक्स के प्रति उन्मादी हो सकती है? इस के लिए बड़ा सवाल यह है कि उसे यौन तृप्ति किस हद तक कितने समय में मिल पाती है? विश्लेषणों के अनुसार, शोधकर्ता वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि ऐसे लोगों को चिकित्सकीय सहायता मिल सकती है और वे सुखद यौन संबंध में बाधक बनने वाली बहुचर्चित भ्रांतियों से बच सकते हैं.

इस शोध में यह भी पाया गया है कि युवतियों के लिए यौन तृप्ति का अनुभव कहीं अधिक जटिल समस्या है. इस बारे में पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने माइक्रोस्कोप के जरिए युवतियों के अंग की दीवारों में होने वाले बदलावों और असंगत प्रभाव बनने वाली स्थिति का पता लगाया है. वैज्ञानिकों ने एमआरआई स्कैन के जरिए महिला के दिमाग में संसर्ग के दौरान की  सक्रियता मालूम कर उत्तेजना की समस्या से जूझने वाले पुरुषों को सुझाव दिया है कि वे अपनी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं. उन्हें सैक्सुअल समस्याओं के निबटारे के लिए डाक्टरी सलाह लेनी चाहिए, न कि नीम हकीम की सलाह या सुनीसुनाई बातों को महत्त्व देना चाहिए. इस अध्ययन को जर्नल औफ क्लीनिकल एनाटौमी में प्रकाशित किया गया है.

महत्त्वपूर्ण है संसर्ग की शैली

डा. सीगल के अनुसार, महिलाओं के लिए संसर्ग के सिलसिले में अपनाई गई पोजिशन महत्त्वपूर्ण है. विभिन्न सैक्सुअल पोजिशंस के संदर्भ में शोधकर्ताओं द्वारा किए गए सर्वेक्षणों में भी पाया गया है कि स्त्री के यौनांग की दीवारों को विभिन्न तरीके से उत्तेजित किया जा सकता है. आज की भागदौड़भरी जीवनशैली में मानसिक तनाव के साथसाथ शारीरिक अस्वस्थता भी सैक्स जीवन को प्रभावित कर देती है. ऐसे में कोई पुरुष चाहे तो अपनी सैक्स संबंधी समस्याओं को डाक्टरी सलाह के जरिए दूर कर सकता है. कठिनाई यह है कि ऐसे डाक्टर कम होते हैं और जो प्रचार करते हैं वे दवाएं बेचने के इच्छुक होते हैं, सलाह देने में कम. वैसे, बड़े अस्पतालों में स्किन व वीडी रोग (वैस्कुलर डिजीज) विभाग होता है. अगर कोई युगल किसी सैक्स समस्या से जूझ रहा है तो वह इस विभाग में डाक्टर को दिखा कर सलाह ले सकता है.

पुनर्मिलन- भाग 4: क्या हो पाई प्रणति और अमजद की शादी

मगर अभी असल परीक्षा बाकी थी. ससुराल में उस का जोरदार स्वागत हुआ. कर्नल सिंह और उन की पत्नी रीमा ने अपने दिल की बगिया में सब से सुंदर गुलाब की भांति रोप लिया था उसे परंतु मेजर मयंक का चुप्पी भरा रवैया उसे परेशान कर रहा था. शादी के बाद के रस्मोरिवाज के बाद जब सुहागरात के दिन मयंक कमरे में आए तो वह माटी की मूरत के समान बुत बनी रही. उस दिन मयंक ने बड़े ही शांत भाव से कमरे में प्रवेश किया तो वह बैड के एक कोने में सहम कर बैठ गई.

मयंक दरवाजा बंद कर के खिड़की के बाहर झंकते हुए बोले, ‘‘प्रणति मैं तुम से कुछ कहना चाहता हूं. बेहतर है कि आप चेंज कर लें. फिर हम बात करेंगे.’’

किसी अनहोनी आशंका से प्रणति का दिल जोरजोर से धड़कने लगा खैर खुद को किसी तरह संभाल कर वह चेंज करने चली गई. जब वह चेंज कर के आई तो मयंक बोले, ‘‘प्रणति, मैं जानता हूं कि मैं आप का गुनहगार हूं पर आज इकलौता बच्चा होना सब से बड़ी सजा है क्योंकि अपने इकलौते बच्चे पर मातापिता अपनी सारी इच्छाओं की गठरी लाद देते हैं और जम कर इमोशनली ब्लैकमेल भी करते हैं. मैं मानता हूं कि जो मैं ने किया और जो कहने जा रहा हूं वह ठीक नहीं है न नैतिकता के पैमाने पर और न ही व्यावहारिकता के पैमाने पर मैं मजबूर था. मातापिता का इकलौता बेटा हूं न इसलिए उन की इच्छाओं का मान रखना और उन्हें जीवित रखना मेरी मजबूरी थी…’’

‘‘जीवित रखना मतलब?’’ प्रणति ने मयंक को बीच में टोकते हुए हैरत से कहा.

‘‘मैं अपनी ही एक सहकर्मी तान्या से प्यार करता हूं और उस के साथ कई वर्षों से लिवइन रिलेशनशिप में हूं और मैं उसी के साथ अपना जीवन बिताने का फैसला कर चुका हूं. इसलिए मेरी तरफ से आप आजाद हैं आप चाहें तो यहां रहें या फिर अपने मायके, मेरी तरफ से कोई पाबंदी नहीं है. मैं अभी एक माह के अवकाश पर हूं आप चाहें तो तब तक यहां रह सकती हैं एज ए गैस्ट. मैं आप से किसी भी प्रकार का कोई रिलेशन नहीं बनाना चाहता.’’

मयंक की बातें सुन कर प्रणति की आंखों के सामने अंधेरा छा गया. किसी तरह खुद को संभाला तो मयंक की चुप्पी का राज समझ आया. वह भरभराती आवाज में बोली, ‘‘तो मुझ से शादी क्यों की? मैं तो खुद ही यह विवाह नहीं करना चाहती थी.’’

‘‘केवल मांपापा के लिए क्योंकि तान्या नीची जाति की हैं और ये लोग किसी भी कीमत पर विवाह करने को तैयार नही थे पापा ने अपनेआप को खत्म करने की धमकी दी थी. उन का मानना है कि मेरी शादी कर देंगे तो मैं तान्या को भूल जाऊंगा पर इन्हें कौन समझए कि प्यार तो एक खूबसूरत सा एहसास है जो बस एक बार होता है और जिसे कितना भी भूलना चाहो नहीं भुलाया जा सकता. प्यार कभी जातिधर्म को देख कर नहीं किया जाता वह तो बस एक इंसान से दूसरे इंसान को हो जाता है और न ही उसे किसी भी कीमत पर मिटाया जा सकता है. मेरे पास इस विवाह को करने के अलावा और कोई चारा नहीं था पर हां आप से संबंध न बनाना मेरे हाथ में है, इसीलिए आप को आज पहली रात्रि को ही अपनी सचाई बता दी ताकि आप अपनी लाइफ का डिसीजन ले सको. वैसे आप क्यों नहीं करना चाहती थीं यह विवाह?’’ मयंक ने उस की तरफ मुखातिब हो कर कहा.

‘‘मैं अपने ही सहपाठी अमजद…’’ कहते हुए प्रणति ने पूरी कहानी मयंक को सुना दी.

‘‘ओह तो आप को भी इकलौती बेटी होने का भुगतान करना पड़ा है. मेरी ओर से आप पूरी तरह आजाद हैं. आप अमजद से और मैं तान्या से विवाह कर लेते हैं अब आप जैसा कहें मैं वह सब करने को तैयार हूं. हम पतिपत्नी तो नहीं बन सके पर अच्छे दोस्त तो बन ही सकते हैं. हमारे शिक्षित समाज की सचाई यह है कि शिक्षा प्राप्त कर के नौकरी तो प्राप्त कर लेते हैं लोग पर जाति और धर्म की संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठ कर क्यों नहीं सोच पाते यह मुझे कभी समझ नहीं आता… शिक्षा और आधुनिकता का प्रभाव इन के विचारों से अछूता क्यों रह जाता है? इन्हें कौन समझए कि विवाह कोई गुड्डेगुडि़या का खेल नहीं है कि मनचाहे जिस से कर लो… विवाह एक पवित्र बंधन है उसे न केवल करना बल्कि ताउम्र निभाना भी आवश्यक है. इस पवित्र बंधन को कैसे किसी दूसरे के साथ कर लिया जाए जबकि हम प्यार किसी अन्य से करते हैं? खैर, उन का ईगो अब शांत हो गया है… अब वह होगा जो हम चाहेंगे,’’ कह कर मयंक ने उस की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया.

प्रणति के आगे अमजद का चेहरा घूम गया. सच ही तो कह रहा है मयंक, कहने को तो उस ने भी मोबाइल की सिम की भांति अमजद को भी अपनी जिंदगी से निकालने की कोशिश की थी पर क्या वह सच में आज तक उसे अपने दिल से निकाल पाई है. क्यों जाति और धर्म के स्थान पर इंसानियत को तवज्जो नहीं देता हमारा समाज. क्यों विवाह संबंध करते समय जातिधर्म को सर्वोपरि मान लिया जाता है बीमार को रक्त चढ़ाते समय नहीं? क्यों नाजों से पाले बच्चों की भावनाओं का समाज के झठे आडंबर और मानसम्मान के आगे कोई मूल्य नहीं समझ पाते मातापिता? लाख सोचने पर भी वे इन प्रश्नों के उत्तर नहीं खोज पाई.

‘‘अभी तो मुझे कुछ सूझ नहीं रहा… बाद में सोचेंगे,’’ कह कर किसी तरह

अपने को शांत कर के वह सोने की कोशिश करने लगी पर नींद थी कि आंखों में आने को तैयार ही नहीं थी. क्या होगा मांपापा का जब उन्हें मयंक की सचाई के बारे में पता चलेगा… क्या अमजद को सचाई बता कर उस से विवाह कर ले… बारबार उस के मन में आ रहा था कि वह मयंक और अपने मातापिता को सामने खड़ा कर के पूछे…. अब आप अपने समाज और पंडितजी को बुलाइए हमारे जीवन को चलाने के लिए… जिस समाज के लिए आपने अपने बच्चों की भावनाओं की बलि दे दी वह समाज क्या आज हमारे असामान्य जीवन को सामान्य बना देगा? किसी तरह आंखों ही आंखों में उस ने रात गुजारी. उधर सोफे पर लेटे मयंक भी पूरी रात करवटें ही बदलते रहे. 2 दिन के बाद पगफेरे की रस्म के लिए जब वह मायके जाने की तैयारी में थी तो मयंक अचानक कमरे में आ कर बोला, ‘‘देखिए, आप कोई भी निर्णय लेने को स्वतंत्र हैं… आप जो भी निर्णय लेंगी मुझे मंजूर होगा… यहां की चिंता मत करिएगा मैं सब संभाल लूंगा.’’

‘‘जी,’’ कह कर वह बाहर आ गई. मायके आ कर मांपापा को देखते ही उस की रुलाई छूट गई.

मां बोलीं, ‘‘अरे पागल है क्या… शादी के बाद कोई रोता है… देख तेरा चेहरा कैसा निखर गया है… और सुना ससुराल में सब कैसे हैं… मयंक तो तुझ पर जान दे रहा होगा…’’

‘‘मां अभी मैं बहुत थक गई हूं प्लीज कुछ देर के लिए अपने कमरे में जाऊं,’’ कह कर वह अपने कमरे में आ गई. उस ने पुरानी सिम डाल कर अमजद को फोन लगाने की बहुत कोशिश की परंतु वह पहुंच से बाहर ही जाता रहा. अपने प्यारे टैडी को गोद में रख कर न जाने कितनी देर तक यों ही रोतेरोते कब उस की आंख लग गई पता न चला…

सीनियर एक्टर के ताने से रोने लगी थीं ‘नायरा’, Shivangi Joshi ने किया खुलासा

ये रिश्ता क्या कहलाता है में नायरा के रोल से फैंस का दिल जीत चुकीं एक्ट्रेस शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi) सीरियल्स और कई म्यूजिक वीडियो में नजर आ चुकी हैं. वहीं आज वह घर-घर में एक बड़ा नाम हैं. लेकिन हर किसी की लाइफ में ऐसा समय जरुर आता है. जहां उनकी जिंदगी में स्ट्रगल देखने को मिलता है. ऐसा ही कुछ एक्ट्रेस शिवांगी जोशी भी झेल चुकीं हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

इस कारण रोने लगीं थीं शिवांगी

इन दिनों खतरों के खिलाड़ी सीजन 12 में नजर आ रही एक्ट्रेस शिवांगी जोशी ने एक इंटरव्यू में बताया है कि वह उन्हें भी एक्टिंग करियर की शुरुआत में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. दरअसल, लोग उन्हें क्रिटिसाइज ही नहीं बल्कि ताने भी मारते थे. एक्टर का नाम न लेते हुए एक्ट्रेस शिवांगी जोशी ने बताया कि मेरे पहले शो के शूट पर डायरेक्टर ने मुझसे कैमरा लुक देने के लिए कहा. उस समय मैं एकदम नई थी और कुछ चीजें मेरे लिए एकदम नई थीं. जब डायरेक्टर ने मुझे कैमरा लुक देने के लिए कहा तो मुझे लगा कि मुझे कैमरे के सामने कुछ वाक्य कहने होंगे. हालांकि सपोर्टिव डायरेक्टर ने मुझे सब अच्छे से समझाया लेकिन उस वक्त कुछ सीनियर एक्टर थे जिन्होंने मुझ पर ताना कसना शुरू कर दिया.

ताने सुनने पर रो गईं थीं शिवांगी

सीनियर एक्टर के ताने सुनकर एक्ट्रेस Shivangi Joshi ने बताया कि उनकी बातें सुनकर वह वैनिटी वैन में जाकर रोने लगी थीं. दरअसल, सीनियर एक्टर ने मुझ पर कमेंट करते हुए कहा था कि पता नहीं कहां से ले आते हैं. सिर्फ शकल देख के ले आते हैं. एक्टिंग तो आती नहीं. हमारा भी टाइम वेस्ट हो रहा है. ये बात सुनकर मुझे गुस्सा आया था और वह फूटफूटकर रोई थीं.

बता दें 2013 में शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi Debut) ने खेलती है जिंदगी आंख मिचोली सीरियल से अपना डेब्यू किया था, जिसके बाद वह बेगूसराय, ये है आशिकी, प्यार तूने क्या किया और ये रिश्ता क्या कहलाता है में नजर आईं, जिसमें उन्होंने काफी पौपुलैरिटी बटोरी और आज वह फैंस के दिलों पर राज करती हैं.

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