सैक्सुअल हैल्थ से जुड़ी प्रौब्लम का जवाब बताएं?

सवाल-

मुझे 3 हफ्तों से 99 से 100 डिग्री बुखार रहा. पेशाब के साथ कुछ उजला डिस्चार्ज भी होता है. पैथोलौजिस्ट ने पेशाब में संक्रमण की शंका जाहिर की है. कृपया बताएं मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

आप की मूत्रनली में संक्रमण की आशंका लगती है, इसलिए कल्चर टैस्ट के लिए पेशाब दे कर आप रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर इलाज शुरू कर दें. आप को इलाज के अलावा भी काफी सावधानियां बरतनी होंगी, जैसेकि 24 घंटे में कम से कम डेढ़ लिटर पानी पीना, हर बार पेशाब करने के बाद जननांग को अच्छी तरह साफ करना और ब्लैडर को यथासंभव खाली रखना.

सवाल-

मैं 25 वर्षीय अविवाहिता हूं और वजन 45 किलोग्राम है. मुझे पेशाब करते समय योनिमुख में जलन महसूस होती है. खुजली नहीं होती है, लेकिन योनि से सफेद चिपचिपा सा डिस्चार्ज होता है, जिस से दुर्गंध आती है. मैं ने पेशन की पूरी माइक्रोस्कोपी करवाई है. रिपोर्ट में मेरा पीएच का स्तर 5, विशिष्ट घनत्व 1.005 था और नाइट्राइट्स तथा बिलिरुबिन नैगेटिव था. मैं ने बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए यूरिन कल्चर भी करवाया. डाक्टर ने कैंडिड क्रीम और वी वौश लिखा, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा है. सलाह दें क्या करूं?

जवाब

डाक्टर ने आप को फंगल इन्फैक्शन मान कर दवा लिखी है. आप की मूत्रनली में इन्फैक्शन (यूटीआई) हो सकता है. इस संबंध में चिकित्सक से परामर्श लें. उचित दवा लेने से आप की यह समस्या जरूर दूर हो जाएगी.

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सवाल-

मेरी एक्सरे रिपोर्ट में पेशाब की थैली में 5-6 एमएम का स्टोन दिखा है, लेकिन किडनी के एक्सरे में स्टोन नहीं दिखा है. बड़ी आंत में कुछ टेढ़ापन हो गया है, जिस से मेरा पाचन गड़बड़ा गया है और कभीकभी मुझे पेट के दाहिनी ओर दर्द भी होता है. कई दवाएं ले लीं, लेकिन अभी तय नहीं कि स्टोन निकल गया है या है. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

अगर आप का स्टोन मूत्रथैली और मूत्रनली के संधिस्थल पर है, तो वह स्वत: निकल जाएगा. दिन में भरपूर पानी पीएं. हर घंटे बाद 1 गिलास. भोजन करने के 2 घंटे बाद 1 गिलास पानी में साइट्रोसोडा पाउडर घोल कर रोजाना 3 बार पीएं. कुछ स्टोन एक्सरे में दिखाई नहीं देते हैं, इसलिए 2 सप्ताह के बाद अल्ट्रासाउंड करा लें. अगर उस में अभी भी स्टोन दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें.

सवाल-

मैं 27 वर्षीय गृहिणी हूं. 10 वर्षों से मूत्र असंयम से परेशान हूं. छींकने, खांसने, हंसने पर भी पेशाब निकल जाता है. 2 बार यूरोडायनैमिक जांच करवा चुकी हूं. 3 महीने पहले जांच में पता चला कि ब्लैडर की मूत्रधारण क्षमता केवल 22 एमएल है. दवाएं ले रही हूं, लेकिन अभी भी पेशाब रोकना मुश्किल हो जाता है. बताएं मूत्र असंयम को कैसे ठीक करूं?

जवाब

आप के विवरण से लगता है आप बेहद कम धारण क्षमता वाले ब्लैडर के साथसाथ मिश्रित मूत्र असंयम से भी पीडि़त हैं. आप कोई ऐंटीकोलिनर्जिक दवा ले रही होंगी, जो काम नहीं कर रही है. समस्या के विस्तृत विश्लेषण, पेशाब की जांच, साइटोस्कोपी और अन्य परीक्षणों के लिए किसी मूत्र विशेषज्ञ से परामर्श करें. इस प्रकार के कम धारण क्षमता वाले ब्लैडर के मामले में टीबी जैसे पुराने संक्रमण के बारे में भी निश्चिंत हो जाना जरूरी है.

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सवाल-

मेरी पत्नी की उम्र 24 वर्ष है. उसे मूत्र संक्रमण है, जिस के कारण अकसर बुखार हो जाता है. उस के पेट में दर्द भी रहता है. साइड इफैक्ट के डर से ऐंटीबायोटिक्स लेने से वह घबराती है. बताएं क्या करें?

जवाब

यौन समागम के बाद विशेषकर नवविवाहित स्त्रियों में मूत्रनली संक्रमण होना सामान्य बात है. बारबार और देर तक यौन समागम से होने वाली जलन और खरोंच के कारण ऐसा होता है. इस के लक्षण में पेशाब करते समय जलन या पीड़ा, बारबार पेशाब लगना, पेशाब का रंग मटमैला होना, पेशाब के साथ खून और पेड़ू में दर्द होना शामिल है. यह मूत्रनली का स्थानिक संक्रमण है. संक्रमण के कारण उन का ल्यूकोसाइट बढ़ गया है और संक्रमण दूर करने के लिए उन्हें कुछ समय तक ऐंटीबायोटिक्स लेनी होगी. आप अपने डाक्टर से मूत्र संक्रमण के प्रति संवेदनशील और बिना साइड इफैक्ट वाले ऐंटीबायोटिक्स देने को कहें.

– समस्याओं के समाधान प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञा डा. उमा रानी द्वारा.

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अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

कातिल फिसलन: दारोगा राम सिंह के पास कौनसा आया था केस

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शहद से जुड़ी जान लें ये बातें

शहद एक मधुर द्रव है, जो मधुमक्खियों द्वारा पुष्पों के मकरंद को चूस कर उस में अतिरिक्त पदार्थों को मिलाने के बाद छत्ते के कोषों में इकट्ठा करने से बनता है. शहद बेहद मीठा होता है. दूध के बाद शहद ही ऐसा पदार्थ है, जो उत्तम व संतुलित भोजन की श्रेणी में आता है, क्योंकि शहद में वे सभी तत्त्व पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार में होने चाहिए. इस के बावजूद पाश्चात्य संस्कृति व आधुनिकता की अंधी दौड़ में शहद आज जनसामान्य के बीच अपनी लोकप्रियता खोता जा रहा है.

शुष्क व शीतल

शहद को मधु भी कहते हैं. आयुर्वेद में शहद को मीठा, शुष्क और शीतल होने के साथसाथ स्रावरोधी भी बताया गया है. यह वात और कफ को नियंत्रित करता है तथा रक्त व पित्त को सामान्य रखता है. आयुर्वेद में शहद को दृष्टि के लिए बहुत अच्छा माना गया है. यह प्यास को शांत करता है, कफ को बाहर निकालता है, शरीर में विषाक्तता को कम करता है और हिचकियों को रोकता है. इतना ही नहीं, शहद मूत्रमार्ग में उत्पन्न व्याधियों तथा निमोनिया, खांसी, डायरिया, दमा आदि में भी बहुत उपयोगी होता है. यह घावों के पानी को सोख कर भरण प्रक्रिया को तीव्र करता है तथा ऊतकों की वृद्धि को बढ़ाता है.

शहद में लगभग 75% शर्करा होती है, जिस में फ्रूक्टोज, ग्लूकोज, सुक्रोज, माल्टोज, लैक्टोज आदि प्रमुख हैं. शहद में जल 14 से 18% तक पाया जाता है. अन्य पदार्थों के रूप में प्रोटीन, वसा, एंजाइम तथा वाष्पशील सुगंधित पदार्थ भी पर्याप्त मात्रा में उपस्थित रहते हैं. यही नहीं, शहद में विटामिन ए, विटामिन बी1, बी2, बी3, बी5, बी6, बी12 तथा अल्प मात्रा में विटामिन सी, विटामिन एच और विटामिन के भी विद्यमान रहते हैं. इन के अतिरिक्त शहद में फास्फोरस, कैल्सियम, आयोडीन, आयरन भी पाए जाते हैं.

ऊर्जा से भरपूर

शहद को पूर्व पाच्य आहार भी कहते हैं, क्योंकि इस में कई प्रकार के एंजाइम मधुमक्खियों के उदर से आते हैं, जिन में से इनवर्टेज, एमाइलेज, कैटालेज, ग्लूकोज, आक्सीडेज प्रमुख हैं. ये एंजाइम उत्प्रेरक के रूप में जीवों के अंदर होने वाली रासायनिक क्रियाओं में भाग लेते हैं. पुष्पों का मकरंद मधुमक्खियों के सिर में स्थित ग्रंथियों से स्रावित एंजाइम इनवर्टेज की मदद से ग्लूकोज और फ्रूक्टोज में बदल जाता है. अत: शहद के सेवन के पश्चात आंत के ऊपर का भाग इसे अभिशोषित कर लेता है तथा यह तत्काल मस्तिष्क एवं मांसपेशियों तक जा कर ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है, जिस के कारण थकान दूर हो जाती है.

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औषधीय गुण

शहद को घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है, क्योंकि शहद आर्द्रताग्राही होता है. यह घाव में मौजूद अतिरिक्त जल को सोख कर संक्रमण से बचाव करता है.

शहद का पी.एच. मान 3.29 से 4.87 के बीच होता है. ऐसा इस में उपस्थित एसिटिक, फार्मिक, लैक्टिक, टार्टरिक, फास्फोरिक, फाइटोग्लूटामिक तथा अमीनो अम्लों आदि के कारण होता है. अम्लीय होने के कारण इस में जीवाणुरोधी गुण स्वत: पाए जाते हैं.

सुबह शौच जाने से पूर्व शहद के साथ बराबर मात्रा में नीबू का रस मिला कर कुनकुने जल के साथ सेवन करने से मोटापा घटता है, कब्ज दूर होता है तथा रक्त शुद्ध होता है.

गर्भावस्था के दौरान स्त्रियों द्वारा शहद का सेवन करने से पैदा होने वाला शिशु स्वस्थ तथा मानसिक दृष्टि से अन्य शिशुओं से बेहतर होता है.

त्वचा के जल जाने, कट जाने या छिल जाने पर भी शहद लगाने से लाभ मिलता है.

कंप्यूटर के सामने बैठ कर लंबे समय तक काम करने वाले व्यक्तियों को गाजर के रस के साथ 2 चम्मच शहद प्रतिदिन लेना चाहिए. इस से आंखें स्वस्थ रहती हैं तथा कार्य करते समय मन विचलित नहीं होता है.

उच्च रक्तचाप की अवस्था में लहसुन के रस के साथ बराबर मात्रा में शहद मिला कर लेने से रक्तचाप सामान्य हो जाता है.

शहद का नियमित सेवन एवं उचित उपयोग शरीर को स्वस्थ, बलवान, स्फूर्तिवान एवं ऊर्जावान बना कर व्यक्ति को दीर्घ जीवन देता है. अत: सभी आयुवर्ग के लोगों को प्रतिदिन नियमित रूप से 1 चम्मच शहद का सेवन अवश्य करना चाहिए.     

शुद्ध शहद की पहचान

शहद की शुद्धता की पहचान उस के रंग, गंध तथा स्वाद को क्रमश: देख कर, सूंघ कर तथा खा कर की जा सकती है. शहद को देखने पर यदि उस में किसी प्रकार की लकीरें न दिखें, सूंघने पर शहद की गंध मिले तथा चखने पर गले में खराश महसूस न हो तो शहद शुद्ध है. बाजार में ज्यादातर शहद चाशनी मिला कर बेचा जाता है. जहां तक संभव हो सके विश्वसनीय और प्रतिष्ठित दुकानों से ही शहद खरीदना चाहिए.

कांच के 1 साफ गिलास में पानी भर कर उस में शहद की 1 बूंद टपकाएं. यदि शहद तली में बैठ जाए तो शहद शुद्ध है और यदि तली में पहुंचने से पहले ही घुल जाए या फैल जाए तो शहद अशुद्ध या मिलावट वाला है.

शुद्ध शहद देखने में पारदर्शी होता है, जबकि मिलावटी शहद शुद्ध शहद की तुलना में कम पारदर्शी होता है.

शुद्ध शहद में मक्खी गिर कर फंसती नहीं है, बल्कि फड़फड़ा कर उड़ जाती है. मिलावटी शहद में मक्खी फंसी रह जाएगी. काफी कोशिश के बाद भी उड़ नहीं सकेगी.

शहद में बताशा डालने पर यदि बताशा न पिघले तो शहद शुद्ध होगा और यदि बताशा पिघलने लगे तो शहद अशुद्ध होगा.

शुद्ध शहद आंखों में लगाने पर थोड़ी जलन होगी पर चिपचिपाहट नहीं होगी और थोड़ी देर के बाद आंखों में ठंडक का एहसास होता है.

शहद की बूंदों को किसी लकड़ी अथवा धागे पर टपका कर आग में जलाने पर यदि शहद जलने लगे तो यह शुद्ध है और यदि न जले या चटचट की आवाज के साथ धीरेधीरे जले तो मिलावटी है.

शुद्ध शहद सुगंधित होता है, ठंड में जम जाता है और गरमी में पिघल जाता है, जबकि मिलावटी शहद हर समय एक ही तरह का रहता है.

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शुद्ध शहद यदि कुत्ते के सामने रख दिया जाए तो वह सूंघ कर उसे छोड़ देगा, जबकि मिलावटी शहद को कुत्ता चाटने लगेगा.

शीशे की प्लेट में शहद टपकाने पर यदि उस की आकृति सांप की कुंडली जैसी बन जाए तो शहद शुद्ध है. मिलावटी शहद प्लेट में गिरते ही फैल जाएगा.

शुद्ध शहद का दाग कपड़ों पर नहीं लगता है, जबकि मिलावटी शहद का दाग कपड़ों पर लग जाता है.

सावधानियां

शहद को गुड़, घी, शक्कर, मिस्री, पके कटहल, तेल, मांस, मछली इत्यादि के साथ नहीं खाना चाहिए.

खुले व कई वर्ष पुराने शहद का सेवन नहीं करना चाहिए.

कांच की टूटी शीशी से निकले शहद का प्रयोग नहीं करना चाहिए.

एक ही बार में अधिक मात्रा में शहद का सेवन करने से उदरशूल होने की संभावना रहती है.

शहद को कभी भी तेज आंच पर गरम नहीं करना चाहिए और न ही गरम व मसालेदार भोज्य पदार्थों में मिलाना चाहिए. शहद में कई प्रकार के पुष्पों के पराग मौजूद होते हैं, जिन में से कुछ विषाक्त भी होते हैं. शहद को गरम करने पर या गरम भोजन में मिलाने पर विषैले परागों की विषाक्तता बढ़ जाती है, जिस से शारीरिक संतुलन में बाधा उत्पन्न होती है

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अस्तित्व: भाग 3- क्या प्रणव को हुआ गलती का एहसास

लेखक- नीलमणि शर्मा

तनु का क्रोध आज फिर अपना चरम पार करने लगा, ‘‘चुप रहिए, मैं ने पहले ही कहा था कि अब मुझ से बरदाश्त नहीं होता. ’’

‘‘कौन कहता है कि बरदाश्त करो…अब तो तुम ने मकान भी ले लिया है. जाओ…चली जाओ यहां से…मैं भूल गया था कि तुम जैसी मिडिल क्लास को कोठीबंगले रास नहीं आते. तुम्हारे लिए तो वही 2-3 कमरों का दड़बा ही ठीक है.’’

तनु इस अपमान को सह नहीं पाई और तुरंत ही अंदर जा कर अपना सूटकेस तैयार किया और वहां से निकल पड़ी. आंखों में आंसू लिए आज कोठी के फाटक को पार करते ही तनु को ऐसा लगा मानो कितने बरसों की घुटन के बाद उस ने खुली हवा में सांस ली है.

सारी रात आंखों में ही काट दी तनु ने अपने नए घर में…सुबह ही झपकी लगी कि डोरबेल से आंख खुल गई. सोचा, शायद प्रणव होंगे पर प्रोफेसर दीप्ति थी.

‘‘बाहर से ताला खुला देखा इसलिए बेल बजा दी. कब आईं आप?’’ शालीनता से पूछा था दीप्ति ने.

‘‘रात ही में.’’

‘‘ओह, अच्छा…पता ही नहीं चला. और मिस्टर राय?’’

‘‘वह बाहर गए हैं…तब तक दोचार दिन मैं यहां रह कर देखती हूं, फिर देखेंगे.’’

दीप्ति भेदभरी मुसकान से ‘बाय’ कह कर वहां से चल दी.

पूरा दिन निकल गया प्रतीक्षा में. तनु को बारबार लग रहा था प्रणव अब आए, तब आए. पर वह नहीं ही आए.

रात होतेहोते तनु ने अपने मन को समझा लिया था कि यह किस का इंतजार था मुझे? उस का जिस ने घर से निकाल दिया. अगर उन्हें आना ही होता तो मुझे निकालते ही क्यों…सचमुच मैं उन की जिंदगी का अवांछनीय अध्याय हूं. लेकिन ऐसा तो नहीं कि मैं जबरदस्ती ही उन की जिंदगी में शामिल हुई थी…

कालिज में मैं और निमिषा एक साथ पढ़ते थे. एक ही कक्षा और एक जैसी रुचियां होने के कारण हमारी शीघ्र ही दोस्ती हो गई. निमिषा और मुझ में कुछ अंतर था तो बस, यही कि वह अपनी कार से कालिज आती जिसे शोफर चलाता और बड़ी इज्जत के साथ कार का गेट खोल कर उसे उतारताबैठाता, और मैं डीटीसी की बस में सफर करती, जो सचमुच ही कभीकभी अंगरेजी भाषा का  ‘सफर’ हो जाता था. मेरा मुख्य उद्देश्य था शिक्षा के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना और निमिषा का केवल ग्रेजुएशन की डिगरी लेना. इस के बावजूद वह पढ़ाई में बहुत बुद्धिमान थी और अभी भी है…

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ग्रेजुएशन करने तक मैं कभी निमिषा के घर नहीं गई…अच्छी दोस्ती होने के बाद भी मुझे लगता कि मुझे उस से एक दूरी बनानी है…कहां वह और कहां मैं…लेकिन जब मैं ने एम.ए. का फार्म भरा तो मुझे देख उस ने भी भर दिया और इस तरह हम 2 वर्ष तक और एकसाथ हो गए. इस दौरान मुझे दोचार बार उस के घर जाने का मौका मिला. घर क्या था, महल था.

मेरी हैरानी तब और बढ़ गई जब एम.फिल. के लिए मेरे साथसाथ उस ने भी आवेदन कर दिया. मेरे पूछने पर निमिषा ने कहा था, ‘यार, मम्मीपापा शादी के लिए लड़का ढूंढ़ रहे हैं, जब तक नहीं मिलता, पढ़ लेते हैं. तेरे साथसाथ जब तक चला जाए…’ बिना किसी लक्ष्य के निमिषा मेरे साथ कदम-दर-कदम मिलाती हुई बढ़ती जा रही थी और एक दिन हम दोनों को ही लेक्चरर के लिए नियुक्त कर लिया गया.

इस खुशी में उस के घर में एक भव्य पार्टी का आयोजन किया गया था. उसी पार्टी में पहली बार उस के भाई प्रणव से मेरी मुलाकात हुई. बाद में मुझे पता चला कि उस दिन पार्टी में मेरे रूपसौंदर्य से प्रभावित हो कर निमिषा के मम्मीपापा ने निमिषा की शादी के बाद मुझे अपनी बहू बनाने पर विचार किया, जिस पर अंतिम मोहर मेरे घर वालों को लगानी थी जो इस रिश्ते से मन में खुश भी थे और उन की शानोशौकत से भयभीत भी.

इस सब में लगभग एक साल का समय लगा. प्रणव कई बार मुझ से मिले, वह जानते थे कि मैं एक आम भारतीय समाज की उपज हूं…शानोशौकत मेरे खून में नहीं…लेकिन शादी के पहले मेरी यही बातें, मेरी सादगी, उन्हें अच्छी लगती थी, जो उन की सोसाइटी में पाई जाने वाली लड़कियों से मुझे अलग करती थी.

तनु को यहां रहते एक महीना हो चुका था. कुछ दिन तो दरवाजे की हर घंटी पर वह प्रणव की उम्मीद लगाती, लेकिन उम्मीदें होती ही टूटने के लिए हैं. इस अकेलेपन को तनु समझ ही नहीं पा रही थी. कभी तो अपने छोटे से घर में 55 वर्षीय प्रोफेसर डा. तनुश्री राय का मन कालिज गर्ल की तरह कुलाचें मार रहा होता कि यहां यह मिरर वर्क वाली वाल हैंगिंग सही लगेगी…और यह स्टूल यहां…नहीं…इसे इस कोने में रख देती हूं.

घर में कपडे़ की वाल हैंगिंग लगाते समय तनु को याद आया जब वह जनपथ से यह खरीद कर लाई थी और उसे ड्राइंग रूम में लगाने लगी तो प्रणव ने कैसे डांट कर मना कर दिया था कि यह सौ रुपल्ली का घटिया सा कपडे़ का टुकड़ा यहां लगाओगी…इस का पोंछा बना लो…वही ठीक रहेगा…नहीं तो अपने जैसी ही किसी को भेंट दे देना.

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तनु अब अपनी इच्छा से हर चीज सजा रही थी. कोई मीनमेख निकालने वाला या उस का हाथ रोकने वाला नहीं था, लेकिन फिर भी जीवन को किसी रीतेपन ने अपने घेरे में घेर लिया था.

कालिज की फाइनल परीक्षाएं समाप्त हो चुकी थीं. सभी कहीं न कहीं जाने की तैयारियों में थे. प्रणव के साथ मैं भी हमेशा इन दिनों बाहर चली जाया करती थी…सोच कर अचानक तनु को याद आया कि बेटा  ‘यश’ के पास जाना चाहिए…उस की शादी पर तो नहीं जा पाई थी…फिर वहीं से बेटी के पास भी हो कर आऊंगी.

बस, तुरतफुरत बेटे को फोन किया और अपनी तैयारियों में लग गई. कितनी प्रसन्नता झलक रही थी यश की आवाज में. और 3 दिन बाद ही अमेरिका से हवाई जहाज का टिकट भी भेज दिया था.

फ्लाइट का समय हो रहा था… ड्राइवर सामान नीचे ले जा चुका था, तनु हाथ में चाबी ले कर बाहर निकलने को ही थी कि दरवाजे पर दस्तक हुई, उफ, इस समय कौन होगा. देखा, दरवाजे पर प्रणव खड़े हैं.

क्षण भर को तो तनु किंकर्तव्य- विमूढ़ हो गई. उफ, 2 महीनों में ही यह क्या हो गया प्रणव को. मानो बरसों के मरीज हों.

‘‘कहीं जा रही हो क्या?’’ प्रणव ने उस की तंद्रा तोड़ते हुए पूछा.

‘‘हां, यश के पास…पर आप अंदर तो आओ.’’

‘‘अंदर बैठा कर तनु प्रणव के लिए पानी लेने को मुड़ी ही थी कि उस ने तनु का हाथ पकड़ लिया, ‘‘तनु, मुझे माफ नहीं करोगी. इन 2 महीनों में ही मुझे अपने झूठे अहम का एहसास हो गया. जिस प्यार और सम्मान की तुम अधिकारिणी थीं, तुम्हें वह नहीं दे पाया. अपने  ‘स्वाभिमान’ के आवरण में घिरा हुआ मैं तुम्हारे अस्तित्व को पहचान ही नहीं पाया. मैं भूल गया कि तुम से ही मेरा अस्तित्व है. मैं तुम्हारे बिना अधूरा हूं…यह सच है तनु, मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं…पहले भी करता था पर अपने अहम के कारण कहा नहीं, आज कहता हूं तनु, तुम्हारे बिना मैं मर जाऊंगा…मुझे माफ कर दो और अपने घर चलो. बहू को पहली बार अपने घर बुलाने के लिए उस के स्वागत की तैयारी भी तो करनी है…मुझे एक मौका दो अपनी गलती सुधारने का.’’

तनु बुढ़ापे में पहली बार अपने पति के प्यार से सराबोर खुशी के आंसू पोंछती हुई अपने बेटे को अपने न आ पाने की सूचना देने के लिए फोन करने लगा.

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Sunrise Pure स्वाद और सेहत उत्सव में बनाइए टेस्टी सांभर

आपने कई बार बाहर restaurants में सांभर खाया होगा पर अक्सर जब हम इसे घर पर बनाते है तो ओरिजिनल टेस्ट नहीं आ पाता.  तो चलिए आज मै आपको बिलकुल साउथ इंडियन टाइप सांभर बनाना बताएंगे. इस तरह सांभर बनाने के बाद आपके साउथ इंडियन फ़ूड का स्वाद दोगुना हो जायेगा.

कितने लोगो के लिए: 3 से 4

कितना समय:20 से 25 मिनट

मील टाइप:वेज

हमें चाहिए-

तेल –1 टेबल स्पून

अरहर की दाल-1 छोटा कप

लौकी- 1 ½  कप छोटे टुकड़े में कटी हुई

बैगन – 1 कप छोटे टुकड़े में कटा हुआ

गाज़र- ¼ कप छोटे टुकड़े में कटी हुई

सहजन की फली-4 से 5  टुकड़े 3 इंच की लम्बाई में कटे हुए (ऑप्शनल)

टमाटर- 1 मध्यम

प्याज़- 1 बड़े आकार का

सांभर पाउडर- 2 छोटे चम्मच

इमली का पेस्ट-1 बड़ा चम्मच (अगर आपके पास इमली नहीं है तो आप अमचूर पाउडर या नीम्बू भी इस्तेमाल कर सकते है)

राई –1 छोटा चम्मच

करी पत्ता-7 से 8

कड़ी लाल मिर्च -2 से 3

हींग-1 चुटकी भर

बनाने का तरीका –

सबसे पहले दाल को अच्छे से धोकर कुकर में दाल दीजिये.  अब कुकर में कटी हुई लौकी, बैगन,सहजन की फली  और नमक भी  डाल दीजिये. आप चाहे तो और भी कोई सब्जी ऐड कर सकते हैं. इसके  बाद  1 से 1 1/2 गिलास पानी डाल कर इसको 4 से 5 सीटी आने तक पकने दीजिये. अब गैस को बंद कर दीजिये और भाप खत्म हो जाने के बाद इसको किसी बर्तन में निकाल लीजिये.

अब 1/2 कप गर्म पानी में इमली को दाल कर भिगो दीजिये. फिर थोड़ी देर बाद उसके बीज हटाकर उसका पल्प निकाल लीजिये. अब एक कढाई में तेल गर्म कीजिये. अब उसमे तेल डालिए. तेल गर्म हो जाने के बाद उसमे राई डाल कर उसको चटकने दीजिये. अब उसमे करी पत्ता और खड़ी लाल मिर्च डाल दीजिये. अब उसमे कटी हुई प्याज़ डालकर उसको लाल होने तक भूनिए. इसके बाद उसमे टमाटर डालकर उसको भी पकने दीजिये.

जब टमाटर पक जाये तब उसमे कटी हुई गाज़र डाल दीजिये और उसको अच्छे से पका लीजिये. अब उसमे सांभर मसाला डाल दीजिये और उसको अच्छे से मिला दीजिये. अब ऊपर से उसमे पकी हुई दाल और सब्जियों का मिश्रण डाल दीजिये जिसे हमने कुकर में पकाया था.  और इमली का पल्प भी मिला दीजिये.

अब उसको अच्छे से पकने दीजिये.  अगर आपको थोडा सांभर पतला चाहिए तो उसमे अपने हिसाब से गर्म पानी मिला लीजिये. 7 से 8 मिनट पकने के बाद गैस बंद कर दीजिये. आप चाहे तो आप ऊपर से एक बार और राई और करी पत्ते का  तड़का लगा सकते है.

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Anupama संग शादी से पहले कंगाल हुआ अनुज! मांगने पड़ रहे हैं पैसे

सीरियल ‘अनुपमा’ (Anupamaa) में किंजल की प्रैग्नेंसी की खबर ने जहां शाह परिवार में खुशियां ला दी हैं तो वहीं अनुज और अनुपमा के रिश्ते में दूरी आ गई हैं. हालांकि दोनों ने अपने प्यार को कुबूल करते हुए शादी करने का फैसला ले लिया है. इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें शादी से पहने ही अनुज, समर संग पैसे मांगते नजर आ रहे हैं. आइए आपको दिखाते हैं वायरल वीडियो की झलक…

पैसे मांगता दिखा अनुज

हाल ही के एपिसोड में अनुपमा (Rupali Ganguly) ने अनुज (Gaurav Khanna) से शादी करने का फैसला कर लिया है. इसी बीच अनुज यानी गौरव खन्ना ने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें वह अपनी पेमेंट का इंतजार करता नजर आ रहा है. वहीं इस काम में समर भी अनुज का साथ दे रहा है. हालांकि फैंस कमेंट करते हुए गौरव खन्ना को मजाक में कह रहे हैं कि मालविका ने तो पहले ही उससे सबकुछ छीन लिया है.

 

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सोशलमीडिया पर गौरव रहते हैं एक्टिव

 

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अनुज यानी गौरव खन्ना की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वह अक्सर अपनी वाइफ अकांक्षा संग फनी और रोमांटिक वीडियो शेयर करते रहते हैं. वहीं फैंस को दोनों की वीडियो काफी पसंद आती हैं. हालांकि सीरियल के फैंस अनुपमा यानी रुपाली गांगुली संग वीडियो शेयर करने की बात भी कहते हैं.

 

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राखी दवे के आने से होगा हंगामा

सीरियल की बात करें तो किंजल की प्रैग्नेंसी की खबर से शाह परिवार में नया बवाल होने वाला है. दरअसल, अपकमिंग एपिसोड में किंजल की मां राखी दवे उसे अपने घर ले जाने के लिए आएगी. वहीं कहेगी वह अपने नाती को भिखारियों के घर पर नहीं पैदा होने दे सकती. हालांकि अनुपमा इस बार राखी दवे को करारा जवाब देने वाली है, जिसके चलते राखी दवे, अनुज और अनुपमा के रिश्ते पर वार करती हुई नजर आएगी.

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GHKKPM: परेशान ‘सई’ को छोड़ ‘पाखी’ ने सास संग लगाए ठुमके! वीडियो वायरल

सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin) की कहानी में जहां विराट ने सई को पहचानने से इंकार कर दिया है तो वहीं पाखी का सपना पूरा होता नजर आ रहा है. इसी बीच पाखी के रोल में नजर आने वाली एक्ट्रेस ऐश्वर्या शर्मा (Aishwarya Sharma) का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह सास के साथ सेक्सी डांस करती नजर आ रही हैं. आइए आपको बताते हैं पूरी खबर…

सास संग लगाए ठुमके

 

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दरअसल, इन दिनों ‘स्मार्ट जोड़ी’ (Smart Jodi) में पति नील भट्ट (Neil Bhatt) संग ऐश्वर्या शर्मा नजर आ रही हैं, जिसके चलते वह सोशलमीडिया पर फैंस के साथ नई-नई वीडियो शेयर कर रही हैं. इसी बीच एक्ट्रेस ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह अपनी ऑनस्क्रीन सास सोनाली तनवी ठक्कर और शीतल मौलिक के साथ सेक्सी डांस स्टेप्स करती नजर आ रही हैं. जबरदस्त डांस करती नजर आ रही हैं. पाखी का डांस देखकर फैंस उनकी तारीफें करते नहीं थक रहे हैं.

 

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पाखी चलेगी चाल

 

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सीरियल की बात करें तो इन दिनों शो में फैमिली ड्रामा देखने को मिल रहा है. जहां एक तरफ विराट ने सई को अपनाने से इंकार कर दिया है तो वहीं परिवार को छोड़कर अलग रहने का फैसला लिया है. हालांकि सई अब विराट का दिल जीतने की कोशिश करने वाली है. लेकिन पाखी एक बार फिर दोनों को दूर करने की कोशिश करती हुई नजर आएगी.

 

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बता दें, नील भट्ट और ऐश्वर्या शर्मा की जोड़ी फैंस के बीच काफी पौपुलर है, जिसके चलते दोनों इन दिनों स्मार्ट जोड़ी में नजर आ रहे हैं. वहीं कपल को दर्शकों का बेहद प्यार मिल रहा है.

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Holi 2023: होली खेलने जा रही हैं तो ये 7 काम करना ना भूलें

होली के रंग में सराबोर होने से पहले आपको अपनी त्वचा और बालों की सुरक्षा के संबंध में कुछ बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए. इससे आपको किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा.

कुछ लोग होली खेलने के पहले यह सोचकर बाल नहीं धोते हैं कि रंग खेलने के बाद बाल गंदे होंगे ही. लेकिन पहले से गंदे बाल में रंग लगने से आपके बालों को और नुकसान पहुंच सकता है और बाल रूखे हो सकते हैं. इसलिए बाल धोकर, सुखाने के बाद बालों में अच्छी तरह से तेल लगाकर ही होली खेलें.

1. होली खेलने निकलने से पहले सनस्क्रीन क्रीम लगाना ना भूलें. तेज धूप में आपकी त्वचा झुलस सकती है और रंग काला पड़ सकता है.

2. बाजार में उपलब्ध सिंथेटिक रंगों में हानिकारक केमिकल हो सकते हैं जिससे आपकी त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए त्वचा और बालों पर अच्छे से तेल लगाएं और हो सके तो प्राकृतिक रंगों या घर पर बने टेसू के फूल वाले रंग से होली खेलें. कानों के पीछे, उंगिलयों के बीच में भी तेल अच्छे से लगाएं और नाखूनों पर नेल पॉलिश लगाना ना भूलें.

3. बालों में नारियल तेल डालकर अच्छे से मसाज करें, इससे आपके बाल रूखे नहीं होंगे.

4. शरीर के अधिकांश हिस्सों को रंगों से बचाने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें. कोशिश करें कि सूती कपड़े पहनें क्योंकि भींगने पर सिंथेटिक कपड़े शरीर से चिपक जाते हैं और आपको उलझन महसूस हो सकती है.

5. फलों और सब्जियों के छिलकों को सुखाकर उसमें टेल्कम पाउडर और संतरे के सूखे छिलकों के पाउडर को मिलाकर होली खेलना एक अच्छा विकल्प है. लेकिन इन पाउडर को जोर से त्वचा पर मले नहीं, क्योंकि इससे लालिमा, खरोंच या दाने पड़ सकते हैं और त्वचा में जलन हो सकती है.

6. होली खेलने के बाद सॉफ्ट फेसवॉश या साबुन का ही इस्तेमाल करें. हार्श साबुन से त्वचा रूखी हो सकती है. नहाने के बाद मॉइश्चराइजर और बॉडी लोशन जरूर लगाएं.

7. बालों को हर्बल शैम्पू से अच्छी तरह से धोएं ताकि अभ्रक युक्त और केमिकल वाले रंग बालों से अच्छी तरह से निकल जाएं. शैम्पू के बाद बालों का रूखापन दूर करने के लिए एक मग पानी में एक नींबू का रस मिलाकर धोएं या फिर बीयर से भी बाल धो सकते हैं. इससे आपके बाल मुलायम रहेंगे.

लहंगे में शरमाती दिखीं Sapna Choudhary, फैंस दे रहे हैं ये रिएक्शन

Bigg Boss का हिस्सा रह चुकीं हरियाणा की सिंगर और डांसर सपना चौधरी (Sapna Choudhary) आए दिन अपनी नई वीडियो फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं. वीडियो में सपना चौधरी के डांस के अलावा उनका लुक फैंस को काफी पसंद आता है. इसी बीच सपना चौधरी का ट्रैडिशनल लुक सोशलमीडिया पर वायरल हो रहा है. आइए आपको दिखाते हैं सपना चौधरी के लेटेस्ट लुक के फोटोज…

देसी अवतार में सपना चौधरी ने जीता फैंस का दिल

 

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दरअसल, हाल ही में सपना चौधरी ने कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह देसी अवतार में नजर आ रहे हैं. लुक की बात करें तो ब्राउन और सिल्वर स्टोन्स वाला लहंगे के साथ हैवी चोकर और बड़े-बड़े ईयररिंग्स पहने सपना चौधरी बेहद खूबसूरत लग रही हैं. फैंस को सपना का लुक बेहद पसंद आ रहा है और वह जमकर सोशलमीडिया पर तारीफ करते नजर आ रहे हैं.

 

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कलरफुल साड़ी फ्लौंट करती दिखीं सपना

 

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सपना चौधरी के लहंगा लुक के अलावा साड़ी लुक भी फोटोज सोशलमीडिया पर काफी वायरल होती रहती हैं. वहीं हाल ही में शेयर किया गया कलरफुल साड़ी लुक फैंस को काफी पसंद आ रहा है. वहीं ये लुक शेयर करते हुए सपना चौधरी बेहद खुश नजर आ रही हैं.

 

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सेक्सी लुक भी शेयर करती हैं सपना

 

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इंडियन हो या वेस्टर्न, सपना चौधरी फैंस के साथ हर लुक शेयर करती रहती हैं. वहीं साड़ी को सेक्सी लुक कैसे दें. इसके चलते साड़ी फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह औफ शोल्डर ब्लाउज के साथ ट्रांसपेरेंट साड़ी पहने नजर आ रही हैं. इस लुक को कौकटेल पार्टी में ट्राय किया जा सकता है.

 

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बता दें, शादी और मां बनने के बाद सपना चौधरी का लुक बदल गया है. वह सोशलमीडिया पर अपने नए-नए लुक की फोटोज शेयर करती हुई नजर आती हैं.

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एमसीयूजी और यूरोडायनैमिक जांच के कारण डर लग रहा है, मैं क्या करुं?

सवाल-

मेरी बेटी 7 साल की है और उस का वजन 33 किलोग्राम है. वह 3 सालों से मूत्रनली के संक्रमण से पीडि़त है. इस दौरान उसे बुखार या पेट में दर्द नहीं हुआ, लेकिन पिछले 2 हफ्तों से उसे दर्द रहने लगा है, जो पेशाब करने के 3-4 घंटों के बाद ठीक हो जाता है. जांच में पता चला है कि उसे ई. कोली बैक्टीरिया का संक्रमण है और डाक्टर ने उसे ऐंटीबायोटिक का कोर्स लेने को कहा है. ऐंटीबायोटिक में मौजूद नाइट्रोफ्यूरैंटोइन से उसे उलटी और पेट में जलन की शिकायत होती है. पेट के अल्ट्रासाउंड में सबकुछ सामान्य निकला है. उस के गुरदों और ब्लैडर की अवस्था भी ठीक है और ब्लैडर में अवशिष्ट पेशाब भी नहीं था. यूरोलौजिस्ट ने उपचार जारी रखते हुए एमसीयूजी तथा यूरोडायनैमिक जांच करवाने को कहा. बताएं, क्या करूं?

जवाब-

आप की जांच अपर्याप्त लगती है. इस में एमसीयूजी या यूरोडायनैमिक जांच की जरूरत नहीं है. लेकिन यूरोलौजिस्ट ने बच्ची को रोगनिरोधक ऐंटीबायोटिक देने की सही सलाह दी है. पेशाब की संवेदनशीलता और कल्चर जांच दोबारा करा लें. अगर रिपोर्ट जीवाणुरहित आती है तो रोगनिरोध के लिए अपने चिकित्सक की सलाह से ऐंटीबायोटिक लें. इस बीच उसे भरपूर पानी पीने को दें और जब भी महसूस हो तुरंत पेशाब करा लें. भरपूर पानी पीने से पेशाब की थैली में बैक्टीरिया का जमाव नहीं होगा.

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अगर आप अपने पार्टनर को काफी समय से सेक्‍स के लिए न कह रही हैं, तो यह चिंता का विषय हो सकता है. ये भी संभव है कि आपका पार्टनर सेक्‍स के प्रति आपका रुझान न होने की समस्‍या से परेशान हो. इसे  यौन अक्षमता भी कहा जाता है. इस शब्द का उपयोग किसी ऐसे व्यक्ति को परिभाषित करने के लिए किया जाता है जो अपने साथी को सेक्‍स के दौरान सहयोग नहीं करता. महिलाओं में एफएसडी होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे सेक्स के दौरान दर्द या मनोवैज्ञानिक कारण. ज्यादातर मामलों में, हालांकि, एफएसडी को मनोवैज्ञानिक कारणों के लिए जिम्मेदार माना जाता है. इस परिदृश्य में, महिलाओं के लिए किसी पेशेवर से मदद लेना महत्वपूर्ण होता है. डौ. अनुप धीर ने एफएसडी के निम्‍न  मुख्‍य कारण बताएं हैं-

1. मनोवैज्ञानिक कारण

डॉ. धीर कहते हैं, पुरुषों के लिए सेक्‍स एक शारीरिक मुद्दा हो सकता है, लेकिन महिलाओं के लिए यह एक भावनात्मक मुद्दा है. पिछले बुरे अनुभवों के कारण कुछ महिलाएं भावनात्मक रूप से टूट जाती हैं. वर्तमान में बुरे अनुभवों के कारण मनोवैज्ञानिक मुद्दे या फिर अवसाद इसका कारण हो सकता है.

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2. और्गेज्‍म तक न पहुंच पाना

एनोर्गस्मिया के बारे में समझाते हुए डॉ. धीर कहते हैं, एफएसडी का दूसरा भाग एनोर्गस्मिया कहलाता है. यह स्थिति तब होती है जब व्‍यक्ति को या तो कभी ऑर्गेज्‍म नहीं होता या वह कभी इस तक पहुंच ही नहीं पाता. ऑर्गेज्‍म तक पहुंचने में असमर्थता भी एक मेडिकल कंडीशन है. सेक्स में रुचि की कमी और ऑर्गेज्‍म तक पहुंचने में असमर्थता दोनों ही स्थिति गंभीर हैं. यह मुख्य रूप इसलिए होता है क्योंकि महिलाएं अधिक फोरप्ले पसंद करती हैं. अगर ऐसा नहीं हो रहा तो ऑर्गेज्‍म तक पहुंचना मुश्किल है. इसका मनोचिकित्सा के माध्यम से इलाज किया जा सकता है.महिलाओं को अपने रिश्ते में सेक्स के साथ समस्याएं होती हैं. अगर आपको ऐसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, तो आपको अपने एंड्रॉजिस्ट को जल्द से जल्द दिखाना चाहिए ताकि समस्या संबंधों को प्रभावित न करे.

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