GHKKPM: विराट को धोखेबाज कहेगी पाखी, सई करेगी ये फैसला

स्टार प्लस के सीरियल ‘गुम है किसी के प्यार में’ (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin) की कहानी में जहां विराट घर छोड़कर श्रुति के पास आया है तो वहीं पूरे चौह्वाण परिवार को श्रुति और उसके बच्चे के बारे में पता चल गया है, जिसके बाद सीरियल में नया मोड़ आने वाला है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…

भवानी ने कही ये बात

अब तक आपने देखा कि भवानी को श्रुति और उसके बच्चे के बारे में पता लग जाता है. वहीं घर लौटने के बाद भवानी कहती है कि विराट ने उनकी सदियों पुरानी इज्जत को बर्बाद कर दिया और वह अब समाज का सामना नहीं कर सकती. हालांकि अश्विनी उसे भूलने के लिए कहती है ताकि वह ठीक हो जाए. लेकिन भवानी कहती है कि उसे श्रुति को विराट को फंसाने और उससे एक नाजायज संतान होने के लिए शाप देना चाहिए. वहीं सोनाली कहती हैं कि बच्चा चव्हाण परिवार का खून है. इस दौरान भवानी उसे अपने दिमाग को फिर से तेज करने के लिए अपने घुटनों का इलाज करने के लिए ताना मारती है और कहती है कि जब तक वह जीवित है, वह श्रुति या उसके बच्चे को इस घर में आने नहीं देगी.

 

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विराट को पाखी कहेगी चीटर

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि पाखी मंदिर से घर आएगी और  कहेगी है कि वह मंदिर में भवानी के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करने गई थी. हालांकि भवानी कहेगी कि कम से कम इस घर में कोई तो खुश था, जिसे सुनकर पाखी हैरान हो जाती है, जिसके बाद उसे बताया जाता है कि विराट का श्रुति के साथ एक बच्चा है, जिसे सुनकर वह चौंकेगी और सोचेगी कि विराट ने सई से शादी करने के लिए उसे धोखा दिया और फिर सई को श्रुति के साथ रहने के लिए धोखा दिया. वहीं वह विराट को एक सीरियल चीटर कहेगी.

 

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खतरे में होगी विराट की नौकरी

 

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दूसरी तरफ, डीआईजी, विराट को अपना बचाव करने के लिए 72 घंटे का समय देंगे और उसे नौकरी से निकालने की चेतावनी भी देंगे. वहीं सई विराट के बारे में खबर पढ़ेगी और पुलकित को बताएगी. लेकिन पुलकित उसे कहेगा कि यह जैसे के लिए तैसा है और उसे विराट के मामले में हस्तक्षेप न करने के लिए कहेगा.

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Anupama: पाखी के कारण वनराज-अनु में होगी लड़ाई, देखें वीडियो

सीरियल अनुपमा (Anupama) की कहानी में अब वनराज (Sudhanshu Panday) की नई चालें शुरु होती नजर आ रही हैं. जहां वनराज के कारण समर-नंदिनी का रिश्ता टूटता नजर आ रहा है तो वहीं अब वह मालविका (Aneri Vajani) के जरिए अनुज (Gaurav Khanna) और अनुपमा (Rupali Ganguly) को परेशान करता हुआ नजर आने वाला है. हांलांकि इससे पहले सीरियल में अनुपमा और वनराज के बीच झगड़ा होते हुए नजर आने वाला है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे (Anupama Latest Update).

मालविका-वनराज के रिश्ते के लिए परेशान होगी अनुपमा

 

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अब तक आपने देखा कि वनराज, मालविका को बहलाने की कोशिश करता है और उसका दिल जीतने की कोशिश करता है ताकि वह हर कदम पर उसका साथ दे.  वनराज मालविका से कहता है कि जैसे लोग बारिश से एक आश्रय के नीचे छिप जाते हैं, वैसे ही वह निजी जीवन से अपनी नौकरी के नीचे छिपा हुआ है और अपने प्रोजेक्ट पर ध्यान लगा रहा है. वह कहता है कि एक समय पर गलत था लेकिन उसने खुद को बदल लिया, लेकिन यह भूल गया कि वह अपना अतीत नहीं बदल सकता है और लोग उसे उसके अतीत के आधार पर आंकते हैं. इसी दौरान वह इमोशनल हो जाता है और मालविका उसे सपोर्ट करती नजर आती है. हालांकि इस दौरान अनुपमा दोनों को साथ में देख लेती है, जिसके कारण वह चिंता में आ जाती है.

 

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पाखी के कारण होगी लड़ाई

अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि किंजल जहां समर को नंदिनी के साथ बात करने के लिए कहेगी तो वहीं मालविका शाह परिवार को मकर सक्रांति फेस्टिवल में शाह हाउस जाने की बात बताएगी, जिसके कारण अनुपमा परेशान होगी. हालांकि वह जाने के लिए तैयार होगी. वहीं अनुज, अनुपमा की सुंदरता की तारीफ करते हुए एक शायरी सुनाएगा. दूसरी तरफ, पाखी, शाह परिवार के सामने घोषणा करेगी कि वनराज उसे आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका भेज रहा है, जिसे अनुपमा सुन लेगी और कहेगी कि वह नहीं जाएगी. हालांकि वनराज कहेगा  कि जब वह उससे पूछने से पहले ना कह सकती है, तो उसे बिना पूछे हां क्यों नहीं कहना चाहिए. इस दौरान अनुपमा और वनराज के बीच बहस होगी और वह कहेगी कि वह अभी भी इन बच्चों की मां है. वहीं वनराज कहेगी कि वह अभी भी इन बच्चों का पिता है, जिसके चलते दोनों के बीच बड़ी लड़ाई होती नजर आएगी और पाखी अनुपमा के खिलाफ होती नजर आएगी.

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मैं जहां हूं वहीं अच्छा हूं: भाग-3

पापा मां को चुप रहने को कह रहे थे, पर मां पूरी ताकत लगा कर मुझे दोषी बना रही थीं.

‘‘तुम ने मोनू की मां का नाम ले कर उसे ताना मारा है… शर्म नहीं आती ऐसी बेहूदा बात करते? इतने भी नासमझ नहीं हो जो पता न चले कि क्या कहना है और क्या नहीं.’’

क्षण भर को लगा सब एक तरफ हो गए हैं और मैं अकेला एक तरफ. मैं ने मोनू को ताना मारा उस की मां का नाम ले कर? लेकिन कब? मैं तो उस से बचता रहता हूं, उस के सामने भी नहीं पड़ता, क्योंकि उसी का व्यवहार अशोभनीय होता है.

‘‘तुम ने ऐसा क्यों किया बेटा? तुम तो समझदार हो मुन्ना?’’ दादी ने भी पूछा.

दादाजी भी अदालत सजा कर बैठे नजर आए. आज तक चुप थे, क्योंकि मेरे पेपर थे. आज आखिरी पेपर हुआ और सभी के सब्र का बांध टूट गया. मेरा साल भर से चुप रहना, संयम रखना धरा का धरा रह गया. मेरा अपनी मां की चिंता में रोनाबिलखना सब बेकार हो गया. सभी के चेहरे इस तरह से हो गए मानो मैं ही सब से बड़ा अपराधी हूं. मैं मानसिक रूप से इस आक्रमण के लिए कहां तैयार था. मैं तो आखिरी पेपर दे कर बड़ा हलकाहलका महसूस करता हुआ घर आया था. मुझे क्या पता था एक और इम्तिहान सामने खड़ा होगा.

मैं तनिक चेतता मां ने एक और प्रश्न दाग दिया, ‘‘तुम ने मोनू से ऐसा पूछा कि उस की

मां किस के साथ भागी थी? क्या ऐसा सवाल किया था?’’

हैरान रह गया था मैं. कहां की बात कहां क्या कह कर सुनाई मोनू ने. अपने व्यवहार के बारे में नहीं सोचा. इस से पहले कि मां कुछ और बोलतीं पापा ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे मेरे कमरे में ला कर दरवाजा भीतर से बंद कर लिया. देर तक मेरा चेहरा पढ़ते रहे. फिर पूछा, ‘‘मैं जानता हूं सीमा टूटी होगी तभी तुम ने कुछ कहा होगा. क्या बात है बेटा? तुम ने अपनी मां को क्यों छोड़ रखा है? मेरा परिवार बन जाए और तुम अकेले हो जाओ मैं ने ऐसा तो नहीं चाहा था… तुम उस घर में भी नहीं आते?’’

‘‘मोनू मेरी मां की इज्जत नहीं करता. मैं उस का व्यवहार देख कर अपना दिमाग खराब करूं, उस से अच्छा है मैं कुछ न देखूं.’’

‘‘क्या कहता है मोनू. बताओ मुझे बेटा? तुम भी मेरे बच्चे हो… तुम्हारा अधिकार मुझ पर मोनू से कम तो नहीं?’’

‘‘मुझे किसी पर कोई अधिकार नहीं चाहिए पापा. अधिकार का भूखा होता तो मां को इस तरह आप के घर नहीं जाने देता. मां की खुशी के लिए मां को छोड़ देने का मतलब यह तो नहीं है… इस घर में मां के लिए रोटीकपड़ा नहीं था? दादीदादा या मैं मां से प्यार नहीं करते थे?

‘‘कालेज कैंटीन में मेरा मजाक उड़ाता है मोनू. कहता है मेरी मां भाग कर उस के घर चली आई है… मुझ में अपनी मां को संभालने की हिम्मत नहीं है क्या? पापा क्या यही सच है? मेरी मां ने तो बुजुर्गों के कहने पर पूरी इज्जतसम्मान के साथ आप का हाथ पकड़ा है और मोनू की मां कहां धक्के खा रही हैं, क्या उसे पता है? मेरी मां कहां हैं मैं जानता हूं. उस की मां कहां है क्या वह यह जानता है? आप ही निर्णय कीजिए कि मैं ने यह सवाल पूछ कर क्या बुरा किया? क्या मैं ने उस का अपमान किया या उस ने मेरा किया?’’

अवाक तो रहना ही था नए पापा को. चेहरे पर मिलाजुला भाव चला आया था. थोड़ी शर्म और थोड़ी आत्मग्लानि.

‘‘अगर आप को भी ऐसा ही लगता है कि मेरी मां ने आप से शादी कर के कोई गलत काम किया है, जिस पर मुझे अपमानित होना चाहिए?’’

‘‘नहीं बच्चे नहीं… ऐसा नहीं कहते बेटा. मैं ने तो जीना ही अब शुरू किया… जब से तुम्हारी मां मेरे जीवन में आई है. सही माने में मां क्या होती है, वह भी मोनू ने तुम्हारी मां के आने के बाद ही जाना है.’’

‘‘जाना है तो मां का आभारी क्यों नजर नहीं आता वह? अगर मां की इज्जत करता होता तो

4 मित्रों में बैठ कर मेरा मजाक नहीं उड़ाता… मैं ने तो शादी के कुछ दिन बाद से ही उस से बात करना छोड़ दिया था. उस से कभी नहीं मिलता

हूं मैं और यह बहस भी शादी के कुछ दिन बाद की है. मुझे तो बस अब इतना ही याद है कि

वह मेरी मां की इज्जत नहीं करता. मैं ने उसे

कोई ताना नहीं मारा. सिर्फ उसी के सवाल का जवाब दिया है… मैं भला मोनू की मां का अपमान क्यों करूंगा?’’

पापा चुपचाप मुझे सुनते रहे. फिर धीरे से पास आ कर मेरा हाथ पकड़ा और अपने गले से लगा लिया. मैं पापा का स्पर्श पा कर एकाएक रो पड़ा.

‘‘तो इतने महीनोें से चुप क्यों रहे बेटा. अपने मन की बात कभी कही क्यों नहीं?’’

‘‘हो सकता है मोनू आप को मेरी मां के साथ बांटना न चाहता हो… मैं उस की मनोस्थिति भी समझता हूं पापा. फिर भी जिस की अपनी मां का कोई ठिकाना नहीं उसे दूसरे की मां

को बदनाम करने का भी कोई अधिकार नहीं.’’

‘‘मोनू से पूछूंगा मैं… उसे ऐसा नहीं

कहना चाहिए.’’

‘‘रहने दीजिए पापा… मां को पता चलेगा तो उन का मन भी मोनू को ले कर खट्टा होगा… मोनू से प्यार नहीं कर पाएंगी,’’ कह मैं ने पापा से अलग होने का प्रयास किया, ‘‘वे मेरी मां हैं, उन्हें मुझ से कोई नहीं छीन सकता. दूरपास रहने से रिश्ता थोड़े न बदल जाएगा? मोनू को मां की ज्यादा जरूरत है. इसीलिए मैं वहां आ कर उस का प्यार बांटना नहीं चाहता. मुझे यहीं रहने दीजिए. मैं वहां गया तो रोज नया तनाव होगा, जो न आप के लिए अच्छा होगा न ही मां के लिए. जाहिर सी बात है अपना अधिकार सहज ही कोई छोड़ना नहीं चाहता. मोनू का घर उसी का है और मेरा घर यहां है, जहां मैं हूं… आप को मोनू को जैसे भी समझाना है समझाइए, मगर जो सच है वह मैं ने आप को बता दिया है. मैं ने मोनू को कोई ताना नहीं मारा, सिर्फ उस के सवाल का जवाब दिया है. मेरा जवाब उसे इतना चुभ गया तो क्या उस का सवाल मुझे गोली जैसा नहीं

लगा होगा?’’

चुपचाप सुनते रहे पापा. फिर मुसकराते हुए बोले, ‘‘मैं कितना खुशहाल हूं, जो मुझे तुम जैसा बेटा मिला है. मैं तुम्हारा मन समझ रहा हूं. अब तुम भी मेरे मन की बात सुनो… तुम्हारी मां और तुम दोनों ही मेरे जीवन के अभिन्न अंग हो. तुम दोनों का मानसम्मान मेरे मन में आज और भी बढ़ गया है. मैं चाहता हूं हम चारों साथसाथ रहें.’’

‘‘मोनू और मैं दोनों ही बच्चे नहीं हैं न पापा और कितना समय मैं भी आप के पास रहूंगा. हो सकता है कहीं दूर ही जाना पड़े आगे की पढ़ाई के लिए. अच्छा है जब भी मिलें प्यार से मिलें बजाय इस के कि जब भी मिलें एकदूसरे को घूर कर देखें.’’

 

भीगी आंखें लिए मेरा चेहरा पढ़ते रहे पापा. आज पहली बार लग रहा है अपने पिता से मिल रहा हूं.

पापा ने पुन: कस कर छाती से लगा लिया मुझे, ‘‘जीते रहो बच्चे. मगर यह मत सोचना अकेले हो. मैं तुम्हारा हूं बेटे. जो भी चाहो हक से मांगना. आज भी और कल भी. मोनू को थोड़ा और समय देते हैं. वक्त सब सिखा देता है. हो सकता है वह भी रिश्तों को निभाना सीख जाए, आज नहीं तो कल. मैं तुम्हारे साथ हूं बेटा. आज भी और कल भी.’’

मां बारबार दरवाजा खटखटा रही थीं. शायद डर रही होंगी. शायद मुझे ले कर, शायद पापा को ले कर. पापा ने दरवाजा खोला. मां के माथे पर पड़े बल और भी गहरे हो चुके थे. हावभाव समझा रहे थे वे मुझ से कितनी नाराज हैं. लग रहा है अपने घर में मुझ से कितनी नाराज हैं. लग रहा है अपने घर में पूरी तरह रचबस गई हैं. यही तो चाहता हूं मैं कि मां जहां रहें खुश रहें. मेरा क्या है, मैं जहां हूं वहीं अच्छा हूं.

#coronavirus: संतुलित आहार से बढ़ाएं इम्युनिटी 

14 साल की समीक्षा का हाथ जल गया था, उसने कई जगह इलाज करवाई पर ठीक न हो सकी. एक डॉक्टर ने उसकी जांच कर बताया कि उसकी इम्युनिटी कम है उसका प्रोटीन लॉस हो रहा था, क्योंकि उसे मोटापा था, इसलिए उसके हाथ के घाव भर नहीं रहे है, ऐसे में समीक्षा न्यूट्रिशनिस्ट के पास गयी. दवा और डाइट को फोलो करने के बाद उसकी इम्म्युनिटी बढ़ाई गयी और घांव ठीक हो गया.

ये सही है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने से व्यक्ति कम बीमार पड़ता है या बीमार होने पर जल्दी ठीक भी हो जाता है. वर्ल्ड इम्युनिटी वीक पर मुंबई की अपोलो हॉस्पिटल की क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिंशियन जिनल पटेल कहती है कि आज हर उम्र के व्यक्ति की इम्युनिटी कम हो चुकी है, इसकी वजह समय से भोजन न करना, जंक फ़ूड का अधिक सेवन करना और तनाव युक्त जीवन बिताने से है.

हालाँकि हमारे यहां खाने की पारंपरिक पद्यति बहुत अच्छी है, जिसमें हर प्रकार के मसाले और हर्ब्स प्रयोग होते है. जिससे रोगप्रतिरोधक क्षमता व्यक्ति में बढती है, लेकिन आज की जीवन शैली में बदलाव की वजह से इसमें कमी आने लगी है. ये क्षमता हर इंसान में अलग-अलग होती है, जिसमें जलवायु में परिवर्तन और मोटापा सबसे अधिक जिम्मेदार है. मोटापे से शरीर की इम्युनिटी कम हो जाती है, जिसे कंट्रोल करने की जरुरत है.

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आज कोरोना वायरस भी उन्ही लोगों पर अधिक हावी हो रही है, जिनकी इम्युनिटी कम है. इसलिए ये कम न हो, इसका ख्याल सबको रखने की आवश्यकता है. इसके अलावा मौसम के बदलाव की वजह से कफ कोल्ड अधिक होता है, जो व्यक्ति की इम्युनिटी को कम करती है. खासकर मानसून में रोगप्रतिरोधक क्षमता व्यक्ति में कम हो जाती है, जबकि ठण्ड में ये बढ़ जाया करती है. कुछ सुझाव निम्न है, जिसके द्वारा इम्युनिटी को बढाया जा सकता है,

  • खान-पान में विटामिन को जोड़ते जाय, जैसे विटामिन ए, सी ,बी 12, जिंक, आयरन, कॉपर आदि है. खाने में वैरायटी का होना बहुत अधिक जरुरी है. लोग वैरायटी के लिए अधिकतर बाहर जाते थे, लेकिन घरपर भी इसे बनाया रखा जा सकता है,
  • हमेशा कलरफुल फ़ूड से अपने प्लेट को सजायें,  नट्स, स्प्राउट्स को भी इसमें शामिल करें, इससे इम्युनिटी बढती है,
  • हर तरह के मौसमी फल जिसमें पपीता, किवी, सेव, अनार,संतरा, आम आदि जो मिले उसे हमेशा लेने की कोशिश करें,
  • सब्जियों में गाजर, मूली, गोबी, ब्रोकोली, चुकंदर आदि सभी को अलग-अलग रूप में शामिल करें,
  • खाने में संतुलित आहार हमेशा लेनी चाहिए, जिसमें दाल, चावल, सब्जी, चपाती खास होती है,
  • एंटीऑक्सीडेंट और एंटी बेक्टेरियल वाले पदार्थ जिसमें अदरक, लहसुन और हल्दी को अपने खाने में रोज प्रयोग करें, ये बहुत सारे रोगों से व्यक्ति को सुरक्षित रखता है.

बहुत सारे माता-पिता बच्चों को खाने पीने से परहेज करते है, जो ठीक नहीं उन्हें बचपन से ही हर तरह के भोजन, चोकलेट, आइसक्रीम सब खिलाएं, इससे उन्हें उस चीज को खाने की आदत पड़ती है. बाहर का खाना भी कभी-कभी देना उचित होता है. कुछ बच्चों में इम्युनिटी बचपन से ही कम होती है इसकी वजह उनका सही डाइट न लेना या माँ की इम्युनिटी का कम होना भी हो सकता है, पर सही डाइट और दवा से इसे बढाया भी जा सकता है. इन्युनिटी कम होने के खास लक्षण बच्चों और यूथ में इस प्रकार है,

  • बच्चे में चिढचिढापन का होना,
  • बार-बार बीमार पड़ना,
  • ठीक से नींद न लेना,
  • किसी चीज से बार-बार एलर्जी का होना,
  • अधिक थकान महसूस करना,
  • यूथ में ग्रे हेयर का जल्दी होना आदि है.

जरुरत होने पर सप्लीमेंट भी लेना पड़े तो गलत नहीं, पर उसे डॉक्टर की सलाह से ही लें. शाकाहारी को पोषण हमेशा कम ही मिल पाता है, जबकि नॉनवेज खाने वालों का पोषण अच्छा रहता है.

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5 जरुरी टिप्स, जिससे कोरोना समय में अच्छी इम्युनिटी बनी रहे,

  • हमेशा पॉजिटिव रहे, मानसिक तनाव न लें,
  • स्ट्रेस को मेनेज करने के लिए योगा करें, नियमित वर्कआउट करना,
  • सही समय पर संतुलित आहार लेना,
  • 7 से 8 घंटे नींद पूरी करना,
  • इस लॉक डाउन में हमारे पास समय है, इसलिए सारे रिश्तों को फिर से रिफ्रेश करना.

मेरी मंगेतर किसी के साथ रिलेशनशिप में तो नही?

सवाल-

मैं 27 साल का हूं. मेरी शादी होने वाली है. अगर मेरी मंगेतर किसी के साथ हमबिस्तरी करती होगी, तो इस का पता मुझे कैसे चलेगा?

जवाब-

शादी की बुनियाद यकीन पर टिकी है. आप शादी से पहले ही ऐसी बातें मत सोचिए. आम भारतीय लड़की शादी से पहले अमूमन अछूती होती है.

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जया और रमिका लंच कर रही थीं. 8 घंटे की औफिस ड्यूटी के बीच यही समय मिलता है दोनों को अपना सुखदुख बांटने का. दोनों की हाल ही में शादी हुई है. पिछले 5 सालों से दोनों एक ही कंपनी में काम कर रही हैं.

खाना खाने के बाद वे एकदूसरे से बैडरूम की बातें करने लगीं. बातें गरमागरम थीं इसलिए वे दोनों औफिस से नजदीक ही एक पार्क में चहलकदमी करने लगीं.

जया ने बताया कि उस की सैक्स लाइफ काफी रोचक है. पतिपत्नी सैक्स में कई तरह के प्रयोग करते हैं. कभी उभार चूमना और उंगलियां फेरना एकसाथ करते हैं, तो कभी कंडोम पहनने के बाद उभार को उठा कर उसे चूमते हैं. इस मस्ती भरी छुअन के बाद वे सैक्स का मजा लेते हैं.

जया की इस बात पर रमिका मुसकराई. जया के पूछने पर रमिका ने बताया कि उस के पति उसे संतुष्ट नहीं करते. यह सुन कर जया चौंक गई.

इस पर रमिका ने कहा, ‘‘मेरा वह मतलब नहीं था. मेरे पति के लिए सैक्स का मतलब है न्यूड हो कर मेरे ऊपर आओ. शादी के 1-2 महीने बाद तक मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता था, लेकिन अब नहीं.

‘‘जया बताओ न, मैं क्या करूं? मुझे सैक्स को बोरिंग नहीं बनाना है.’’

जया ने रमिका को सैक्स बटन के बारे में बताया जिन को इस्तेमाल में ला कर आज रमिका खुश दिखती है.

क्या आप जानते हैं सैक्स बटन की एबीसी?

दरअसल, औरतों में सिर से ले कर पैर तक सारे अंग कामुक होते हैं. अगर आप जानते हैं कि उन्हें सही तरीके से कैसे छूना है तो उन के शरीर का हर अंग मजा दिला सकता है.

होंठ

होंठ चूमना किसी औरत के लिए एक बड़ा टर्निंग पौइंट होता है. जब रिलेशन बन रहे होते हैं तो चूमना ऐसी पहली चीज होती है जो पहले मना की जाती है, लेकिन इस में देरी न करें.

होंठ उत्तेजक नसों से लबालब भरे होते हैं. लिहाजा, इन्हें तुरंत जीभ में नहीं डुबाना चाहिए. सब से पहले औरत के निचले होंठ पर अपनी जीभ फेरें, फिर उसे अपने होंठों के बीच फंसा कर चूसें. साथ ही, उसे भी ऐसा करने दें.

जब आप उसे चूम रहे हों तो अपने हाथ उस की गरदन पर रखें या फिर उस की कमर या कूल्हों पर या फिर इस दौरान इन सभी जगहों पर हाथ फेर सकते हैं.

बैकबोन

इस हिस्से के बारे में बहुत से लोग अनजान हैं, लेकिन यह औरतों को सब से ज्यादा जोश में लाने वाली जगह होती है. आप उन की स्पाइन पर अपनी उंगलियों को आराम से फिराएं. इस से आप अपने पार्टनर को बहुत जल्द कामुक कर सकते हैं.

उंगली

जीभ के बाद उंगलियों को शरीर का सब से सैंसिटिव हिस्सा माना जाता है. आप अपने पार्टनर की उंगलियों के ऊपरी हिस्से को चूम सकते हैं या हलके से दांत भी चुभा सकते हैं. दबाने से औरतों में जोश बढ़ता है. साथ ही, जैसेजैसे जोश बढ़ता जाता है आप को उस की उंगलियों को अपने होंठों के बीच ले जाना चाहिए, फिर होंठों से सहलाते हुए धीरेधीरे चूसना चाहिए. इस से वह नशे की सी हालत में आ जाएगी.

गरदन

औरतों की गरदन को भी काफी सैंसिटिव माना जाता है. गरदन की स्किन काफी पतली होती है, इसलिए यहां छूने पर काफी अच्छा महसूस होता है.

अगर आप अपनी उंगलियां सही जगह रख कर कौलरबोन सहलाएं तो पार्टनर को बहुत अच्छा महसूस होगा.

कान

जोश में लाने वाले बौडी पार्ट्स में कान बहुत काम के होते हैं. अपने पार्टनर के कानों को अपने होंठों से छुएं, चूमें या हलका सा काट लें और फिर देखिए उन का मूड.

पैर

बिस्तर पर जाने से पहले आप अपने पार्टनर से पैर धोने की गुजारिश करें, क्योंकि पैर सैक्सी होते हैं और इन्हें भी प्यार की जरूरत है.

पार्टनर के तलवों को चूम कर आप उसे जोश में ला सकते हैं. शुरुआत छोटी उंगली से करें. पैरों को सहलाते हुए रगड़ना एक औरत के लिए यह जबरदस्त अनुभव होता है. इस से उस के शरीर के दूसरे अंग भी उत्तेजित होने लगते हैं. इस की वजह यह है कि पैरों को सहलाने पर दिमाग का एक बड़ा हिस्सा जोश का अनुभव करता है इसलिए सैक्स से इस काम को नजरअंदाज न करें.

स्तन

स्तन महिला के सैक्सुअल अंगों में खास जगह रखते हैं. पर इस के लिए सीधे छलांग न लगाएं. स्तनों को तब तक न छुएं जब तक कि आप को यह न पता चल जाए कि वह चाह रही है कि आप उस के स्तनों को छुएं.

इस के लिए शुरुआत किनारे से करें, फिर गोल घेरे में अपनी उंगलियां स्तनों के चारों ओर घुमाएं. ऐसा तब तक करें जब तक स्तनों के निप्पल के चारों ओर के गुलाबी या भूरे रंग के गोल घेरे तक न पहुंच जाएं. यहां कुछ देर तक उंगलियां फिराने के बाद निप्पल तक पहुंचना चाहिए.

अब आप निप्पल को सहलाते हुए थपथपाएं, खींचें, दबाएं, चूमें और चूसें. इस दौरान आप चाहें तो हलके से दांतों से काट सकते हैं.

जब आप का मुंह एक स्तन पर है तो इस दौरान आप का हाथ दूसरे स्तन पर होना चाहिए तभी वह सबकुछ सौंपने को तैयार होगी. इस के बाद स्तन बदल कर यही दोहराएं. फिर दोनों हाथों से स्तनों को जम कर दबाना चाहिए. साथ ही, बीच में अपने पार्टनर से पूछें कि उसे स्तनों में कौन सी छुअन मजा देती.

कभी भी पार्टनर की इच्छाओं को नजरअंदाज न करें. स्तनों के बीच का हिस्सा कई बार नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि यह भी कामुक जगह  है.

भग

भग क्षेत्र में छलांग लगाना काफी आसान होता है लेकिन उस के पहले उस गूदेदार क्षेत्र को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो रोमों से घिरा होता है. इसे थपथपाना और रगड़ना पार्टनर को सिसकने पर मजबूर कर देगा.

योनि वह दूसरा क्षेत्र है जहां कई आदमी स्तनों को उत्तेजित करने के बाद सीधे पहुंच जाते हैं. जैसे ही औरतें उत्तेजित होती हैं उन का गर्भद्वार ऊपर की ओर खिसक जाता है, जिस से योनि की गहराई बढ़ जाती है और आप को गहरे तक जाने का मजा मिलता है.

इसलिए यह आप की पसंद का मामला है कि आप उसे कितना गीला कर सकते हैं. जितना समय यहां दिया जाएगा उतना ही मजा आप को प्रवेश पर मिलेगा.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

26 January Special: स्वदेश के परदेसी: कैसे बन गए थे अलाना और यीरंग

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घर सजाने की है तैयारी, तो सामान की खरीदारी में दिखाएं थोड़ी समझदारी

अपने घर को स्पैशल दिखाने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते. घर को अनोखे अंदाज में सजाने की कोशिश में नया फर्नीचर लाने की प्लानिंग करते हैं ताकि घर के इंटीरियर को मिले नया लुक. इस साल अपने घर के इंटीरियर की शौपिंग के लिए बनाइए एक ऐसी लिस्ट जिस से आपके आशियाने को मिले नया लुक.

परदे बदलें लुक

परदे घर को खूबसूरत लुक देने के अलावा बैडरूम को प्राइवेसी व रोमांटिक लुक भी देते हैं. अगर आप परदों से अपने घर की सजावट को बदलना चाहती हैं, तो ड्राइंगरूम में एक ही रंग के परदे लगाएं. आप चाहें तो 2 लेयर वाले परदों के अलावा जूट या सिल्क के परदे भी चुन सकती हैं. ये आप के लिविंगरूम को खास बनाएंगे.

अगर परदों के डिजाइन की बात की जाए तो सिल्क स्ट्राइप्ड, वर्टिकल स्ट्राइप्ड, नैट, कढ़ाई व लैस वाले परदे बाजार में उपलब्ध हैं. फैब्रिक की बात की जाए तो आप सिल्क, वैल्वेट, कौटन, पौलिएस्टर, सिंथैटिक, जौर्जेट, शिफौन में से कोई भी फैब्रिक चुन सकती हैं. परदों का चयन करते समय ध्यान रखें कि वे या तो दीवारों के रंग से मैच करें या फिर फर्नीचर से.

परदों को बदलने से न केवल घर को नया लुक मिलेगा, बल्कि इस बदले लुक से आप को भी नएपन व खुशी का एहसास भी होगा.

सोफा व काउच

आप जब भी नए सोफे या काउच पर बैठ कर कौफी पीते हुए कोई रोमांटिक मूवी देखेंगी तो इस अनोखी शौपिंग को कभी नहीं भूलेंगी. सोफा व काउच किसी भी लिविंग रूम के इंटीरियर का महत्त्वपूर्ण हिस्सा होते हैं. बाजार में मौडर्न व ट्रैडिशनल सोफे और काउच के अनेक डिजाइन मौजूद हैं, जिन्हें आप अपने कमरे की स्पेस व डैकोर से मैच करते हुए खरीद सकती हैं. अगर आप हौलीवुड स्टाइल का सोफा लेना चाहती हैं, तो सिल्वर, गोल्ड, ब्रोंज का शाइनी मेटैलिक सोफा खरीदें. यह आप के इंटीरियर में हौलीवुड के ग्लैमर का तड़का लगाएगा.

अगर आप अपने लिविंग रूम को ऐरिस्टोक्रेट लुक देना चाहती हैं तो लैदर या फिर व्हाइट कलर का सोफा खरीदें. अगर ट्रैडिशनल लुक चाहती हैं तो राजस्थानी वर्क वाला कर्विंग या केन का सोफा खरीद सकती हैं. बाजार में ऐसे सोफे भी उपलब्ध हैं, जो बैकबैड में कन्वर्ट हो जाते हैं. ये उन घरों के लिए बेहतर होते हैं, जिन में स्पेस की कमी होती है. ट्रैडिशनल इंटीरियर के लिए रोल्ड आर्म्स वाला सोफा ही लें. सोफे की ऊंचाई, लंबाई व गहराई का चुनाव कमरे के साइज के अनुसार करें. अगर जगह कम हो तो ऐसे सोफे का चुनाव करें जो लोआर्म्स या विदाउटआर्म्स हो. इस से कमरा बड़ा लगेगा.

सोफा खरीते समय यह भी ध्यान रखें कि आप उसे दैनिक प्रयोग जैसे रिलैक्स करने, पढ़ने, टीवी देखने के लिए ले रही हैं या फिर फौर्मल सिटिंग के लिए.

ज्यादातर लोग सोफा व काउच को एक ही मानने की गलती कर बैठते हैं. जबकि सोफा व काउच स्टाइल, लुक, साइज सभी में एकदूसरे में अलग होता है व दोनों का उद्देश्य भी अलग होता है. सोफा जहां आर्म्स व बैक वाला होता है, वहीं काउच में आर्म्स नहीं होतीं. सोफे में ज्यादा लोग बैठ सकते हैं, जबकि काउच 2-3 लोगों के लिए ही होता है. काउच को ज्यादातर दोस्तों, नजदीकी रिश्तेदारों के साथ पार्टी करने के लिए प्रयोग किया जाता है, तो सोफे की वहां प्रयोग होता है जहां ज्यादा लोगों का उठनाबैठना होता है. काउच विक्टोरियन स्टाइल औफ डैकोरेशन को दर्शाता है तो सोफा अमेरिकन स्टाइल को. अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस स्टाइल को अपना कर अपने इंटीरियर में नयापन लाना चाहती हैं.

झूले से दीजिए स्विंगिंग मोशन

अगर आप अपने घर की सजावट में कुछ अनोखा करने की सोच रही हैं, तो झूले को अपने इंटीरियर में शामिल कीजिए . ट्रैडिशनल व मौडर्न राजस्थानी आर्टवर्क और कुशन से सजे झूले से आप की बचपन की यादें ताजा हो जाएंगी. झूला हाईसीलिंग में बैस्ट इफैक्ट देता है. इसे आप अपनी लौबी, पोर्च या फिर बरामदे में लगा सकती हैं. रस्सी, मैटल रौड से बंधा केन और वुडन सीट का सौफ्ट कुशन से सजा झूला रोमांटिक माहौल पैदा करता है. सुबह की ताजा हवा हो या ढलती शाम, इस पर बैठ कर चाय की चुसकियां लेते हुए आप पुरानी यादों को ताजा करने के साथसाथ भविष्य की योजनाएं भी बना सकती हैं. झूला किसी भी घर की सजावट में परंपरागत लुक देने के साथसाथ रैट्रो लुक भी देता है. बाजार में इस के अनेक डिजाइन व स्टाइल मौजूद हैं. आप घर की स्पेस के अनुसार झूला खरीद सकती हैं.

नए बैड मैट्रेस से पाएं आराम व हैल्थ

धीमीधीमी रोशनी हो और हो आरामदायक बैड, तो सजीले सपनों को आने से भला कौन रोक सकता है. आरामदायक बैड की पहली जरूरत होती है बैड मैट्रेस. कंफर्टेबल बैड मैट्रेस न केवल अच्छी नींद देते हैं, वरन पतिपत्नी के संबंधों को भी मजबूत बनाते हैं.

आजकल बाजार में फोम ऐंड लेटैक्स व स्प्रिंग वाले गद्दों की खूब वैराइटीज उपलब्ध हैं, जो स्पाइन स्पैशलिस्ट भी हैं और आप के कमरदर्द का बेहतर इलाज भी हैं. 3, 6, 4.5, 8 और 10 इंच की ऊंचाई वाले फर्म और मीडियम फर्म वाले गद्दे बाजार में मौजूद हैं, जिन्हें आप अपनी जरूरत के अनुसार खरीद सकती हैं. पूरी रात करवटें बदलते गुजारने से बेहतर है कि आप अपने बैड मैट्रेस बदलें व सुबह फ्रैश-फ्रैश उठें ताकि आप का पूरा दिन बेहतर गुजरे. फिर जब आप कंफर्टेबल नींद लेंगी तो रिश्तों में मधुरता आएगी ही.

मल्टीपर्पज फर्नीचर

मल्टीपर्पज फर्नीचर आज हर घर की जरूरत है. मल्टीपर्पज फर्नीचर जहां घर की पूरी जगह प्रयोग करने का औप्शन देता है, वहीं पैसे की बचत भी कराता है. मल्टीपर्पज फर्नीचर जैसा कि इस के नाम से ही साफ है कि इस में एक फर्नीचर के कई प्रयोगों का औप्शन होता है. बाजार में मल्टीपर्पज फर्नीचर की बड़ी रेंज उपलब्ध है जैसे शोकेस, कैबिनेट, मौड्यूलर शोकेस, वौल शैल्व्स, बुक शैल्फ, फोल्डेबल, स्टोरेज टूल, चैस्ट ड्राअर्स, सोफा कम बैड, कन्वर्टेबल कौफी टेबल, मल्टीपर्पज वाल यूनिट, ड्रैंगिग रैक्स आदि.

मल्टीपर्पज वाल यूनिट में आप बच्चों के खिलौने, किताबें, शोपीसेज रख सकती हैं. इस से घर तो खूबसूरत लगेगा ही साथ ही सारी चीजें भी एक ही यूनिट में समा जाएंगी. सोफा कम बैड से आप एक ही फर्नीचर से कमरे को दिन में लिविंग रूम और रात को बैडरूम में कन्वर्ट कर सकती हैं. इन बैड्स में स्टोरेज की भी पूरी जगह होती है.

तो इस साल मल्टीपर्पज फर्नीचर की शौपिंग कर के घर डैकोरेशन को दें नया लुक.

VIDEO : न्यूड विद ब्लैक कैवियर नेल आर्ट

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घरवालों की ढूंढी पत्नी, पति को जब नापसंद हो

नितिन की आज सुहागरात है और वह दोस्तों की बैचलर पार्टी में उदास सा बैठा है.उसके दोस्त अपनी शाम उसके नाम पर रंगीन कर रहे हैं, नितिन के चेहरे की रौनक नदारद है. पार्टी खत्म कर दोस्तों ने जब घर की राह पकड़ी, तब वह बेरौनक बुझा बुझा अपनी गाड़ी में जाकर बैठा.

क्या बात हुई होगी!

नितिन को गुड़गांव वाली लड़की पसंद थी.वह उसकी ही तरह इंजीनियर है.स्मार्ट सुंदर, सबसे बड़ी बात नितिन की तरह ही सोच उसकी.बावजूद इसके नितिन के घरवालों ने किसी भी हाल में उससे शादी नहीं होने दी.समस्या यह थी कि कुंडली मिलान में नितिन से उसके तीन जरूरी गुण नहीं मिले, जबकि घरवालों की पसंद की लड़की से नितिन के छत्तीस गुण मिल गए.

ये अलग बात हुई कि अब नितिन को इस कुंडली के छत्तीस गुण वाले आंकड़े की वजह से अपनी पत्नी से छत्तीस का आंकड़ा ही रह गया!

निहार का किस्सा कुछ अलग होते हुए भी एक ही दर्द बयां करता है.

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घरवालों ने पारिवारिक दोस्त की बेटी से किशोर उम्र से ही निहार की शादी तय कर रखी थी. कालेज जाते तक उन दोनों में दोस्ती रही, लेकिन कालेज में अच्छी लड़कियां जब उसकी दोस्त बनती गईं तो निहार को पहले से तय शादी बोझ लगने लगी.निहार को उस लड़की के प्रति न लगाव था, न आकर्षण! बचपन में इन बातों की गहराई मालूम न थीं,अब लेकिन वह इस बन्धन से मुक्त होने को परेशान हो गया.
बागदत्ता कहकर घरवालों ने नौकरी लगते ही उसकी जबरदस्ती उस लड़की से शादी कर दी. दोनो परिवारों के अनगिनत रिश्तेदारी के दबाव में शादी तो हो गई, लेकिन निहार से निभाते न बना.
दो साल उहापोह में गुजार कर वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ विदेश चला गया! सब देखते रह गए.

*ऐसा हश्र क्यों?

सच पूछा जाए तो लड़कों पर यह तोहमत लगा देना कि शादी न निभाकर वे गैर जिम्मेदार हो गए हैं, गलत होगा!

विवाह आपसी समझदारी है, तो एक दूसरे के प्रति आकर्षण से उपजा लगाव भी है.अगर आकर्षण का तत्व पूरी तरह हटा दिया जाय, तो यह निभाना सिर्फ मुसीबत ही है.और मुसीबत जिंदगी भर के लिए उठाई नहीं जा सकती!

*अरेंज मैरेज को मज़बूरी क्यों बनाया जाय?

दो जिंदगी के बीच बेहतर तालमेल से जीने की तमाम चुनौतियों को बहुत हद तक कम कर सकने का नाम शादी होना चाहिए. अगर शादी के बाद दो व्यक्तियों की जिंदगी अलग अलग और कठिन ही हो जाय तो उस शादी को नाकाम ही समझना चाहिए.

यह ठीक है कि भारत में आज भी अरेंज मैरेज का अपना महत्व है, क्योंकि शादी में पूरा समाज जुड़ता है, समाज के अपरिचित लोग मिलकर एक परिवार और उसके हिस्से बनते हैं. लेकिन इससे व्यक्ति के व्यक्तिगत सुख शांति को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता. अरेंज मैरेज में जब शादी वाले जोड़े की इच्छा अनिच्छा का कोई मोल नहीं रह जाता और शादी को धार्मिक रीति रिवाज ,परंपरा मानकर निभाने को बाध्य कर दिया जाता है, तो ही बात बिगड़ती है.

*अरेंज मैरेज और धार्मिक रूढ़ि –

सदियों से भारतीय समाज में अरेंज मैरेज को धार्मिक सिंहासन पर बिठाया गया है. जबकि लव मैरेज हो या अरेंज यह दो दिलों को साथ लाने का माध्यम भर है.
अगर शादी के बाद दो दिल आपस में जुड़ा हुआ महसूस नहीं करते, तो शादी महत्वहीन हो जाती है.
शादी जैसी भी हो, धार्मिक बाध्यता से कभी भी आपसी संबंध मधुर नहीं हो सकते.

*शादी सिर्फ नून तेल और धर्म का डर नहीं है

चाहे कुंडली के सौ गुण मिले अगर घरवालों की पसंद पर लड़के को आपत्ति हो, दिल बेगाना ही रहता है.
फिर यह नून तेल का रिश्ता बना रहे, या फिर धार्मिक डर की डोरी से बंधा रिश्ता!
ऐसी शादी कभी सुकून नहीं दे सकती जो लड़का लड़की के खुद के पसंद से न हो.
देखते है जब घरवालों ने ढूंढी हो पत्नी और पति को हो वह नापसंद तो परिणाम क्या क्या हो सकते है :

केस 1.

पति दूसरी औरत के साथ भावनात्मक संबंध रखे.-

जबरदस्ती की शादी कई बार नई पत्नी पर भारी पड़ जाती है जब पति घरवालों के दवाब में शादी तो कर लेता है, लेकिन मन कहीं और भटकता है.  पत्नी की उपस्थिति को भुलाकर वह बाहर कहीं संपर्क गढ़ लेता है.

केस 2. घर बाहर शरीर संबंध –

ऐसा देखा जाता है कि जब पत्नी मन पसंद न हो तो पति को घर में कोई रुचि नहीं रह जाती है.भले ही वह घर में पत्नी के साथ शरीर संपर्क में रहता है, लेकिन पत्नी के प्रति व्यक्तिगत रुचि उसे महसूस नहीं होती!
पति पत्नी के प्रति कोई जवाबदारी महसूस नहीं करता, पत्नी से किसी तरह निभाते हुए भी अपनी सारी खुशी बाहर ढूंढता रहता है.

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केस 3 –

पत्नी का मानसिक शोषण करे.

पति जब नापसंद वाली शादी से खिन्न रहे तो बहुत संभव है वह पत्नी की गलतियां ढूंढे, और बात बात पर उसे जलील करे. पत्नी के घरवालों को ताना दे, और पत्नी कभी भी पति के प्रति इज्जत महसूस न कर सके.

4.पति पत्नी को हमेशा आर्थिक रूप से कमजोर रखे –

यद्दपी शादी के बाद पत्नी को कानूनी रूप से आर्थिक अधिकार प्राप्त होता ही है, लेकिन पति अगर पत्नी को तकलीफ़ देना चाहे तो दैनिक जीवन उसकी कठिन हो सकती है.
कानूनी प्रक्रिया एक लम्बी लड़ाई है, और इससे रिश्ते खत्म ही होते हैं .

5. निभाते हुए भी पति खुश न रहे –

पति अगर भावुक और अभिमानी किस्म का हो तो घुट घुट कर अपनी इच्छा को दबा लेता है. जैसे तैसे पत्नी के साथ निभाता भी है, लेकिन मन से हमेशा असंतुष्ट रहता है. वह इसी आवेश में जिंदगी गुजारता है कि उसके साथ अन्याय हुआ, किसी ने उसकी नहीं सुनी.
उसका सारा क्रोध अंततः पत्नी पर ही रहता है. जब न चाहते हुए भी इंसान निभाता है तो उस जैसा दुखी इंसान और कौन हो सकता है!

उपरोक्त सारी स्थितियां एक जटिल पारिवारिक स्थिति को दर्शाती है और निष्कर्ष तो यही निकलता है कि अरेंज मैरेज को जबरदस्ती विवाह बन्धन का जरिया बनाने से सिवा बगावत के कुछ भी हासिल नहीं होगा.

चाहे धर्म कर्म के नाम पर, चाहे सामाजिक रीति नीति, जाति पाति के नाम पर जब दो दिलों को जबरन एक दूसरे पर थोपा जाएगा – सिर्फ नफरत की जमीन ही तैयार होगी!
आज लड़की लड़का दोनो परिपक्व सोच रखते हैं, इसलिए उनकी निजी पसंद नापसंद का महत्व ही सबसे ज्यादा है.

भले ही भारतीय समाज विविधता से परिपूर्ण है, समाज और परिवार व्यवस्था एक दूसरे मे गूंथें हो,
इंकार तो लेकिन किया नहीं जा सकता कि शादी करके निभाने का काम तो लड़का लड़की को ही करना है.अगर वे ही खुशी से एक दूसरे को अपना नहीं पाए, तो पूरी शादी ही व्यर्थ हो जाती है.
आइए जाने ऐसी जबरन शादी के बाद क्या कारगर कदम उठाएं, कि बिगड़े रिश्तों और उनसे पैदा हुई

मानसिक परेशानियां सुलझ सकें –

1. परिवार के बड़ों की जिम्मेदारी – लड़का और लड़की के परिवार वाले जब अपनी धुन में कुंडली मिलान और धार्मिक आस्थाओं के तामझाम तले जवान दिलों की मर्जी को कुचल दें तो जिम्मेदारी सबसे पहले उनकी ही बनती है कि इस शादी को बुरे हश्र से बचाया जाए.

2. लड़का खुद भी समझे – शादी जिंदगी को निपटाना नहीं है, बल्कि जिंदगी को नई दिशा देने की एक सार्थक पहल है. इसलिए लड़का सिर्फ यह कहकर नहीं बच सकता कि घरवालों ने शादी दी तो अब वही समझे! पल्ला झाड़ने की गैर जिम्मेदाराना हरकत आखिर लड़के को भी चैन नहीं लेने देगी. यह लड़के की भी भविष्य की बात है.

एक लड़की जब हजार सपने लेकर नए घर में प्रवेश करती है तो मासूम और कोरा स्लेट होती है.
पति हो जाने के बाद अपने आप कुछ जिम्मेदारियां जुड़ जाती है और इसमें प्रधान यह है कि पत्नी की स्थिति ,उसकी मानसिकता को पति समझे .
अगर निहायत ही यह ग़लत शादी है, तो पत्नी को तलाक देकर जल्द से जल्द उसे स्वतंत्र करना जरूरी है ताकि वह त्रिशंकु की तरह बीच मे न झूलती रहे.

3. खुद की जिम्मेदारी लड़की की भी –

पारिवारिक दवाब और मन के भुलभुलैया में फंसकर अगर लड़की ने किसी ऐसे लड़के से शादी कर ली हो जो इस शादी को मानता ही नहीं, तो लड़की को खुद के प्रति जिम्मेदारी उठाने से कतराना नहीं चाहिए.

जैसे तैसे मुंह फुलाकर जिंदगी काटने से बेहतर है कि पहले पति से नरम शब्दों में साफ बात की जाय, और सही रास्ता न निकले तो ससुराल और मायके के जिम्मेदार सदस्यों तक खुद की तकलीफ़ बताई जाय.

बावजूद इसके अगर लोग उसकी बातों पर ध्यान न दें, और पति अपनी नापसंदगी की वजह से उसे उपेक्षित छोड़ दे, तो वह तीव्र विरोध को कमर कस ले.
अगर चारा न रहे तो उसे अवश्य इस शादी से निकलने को तैयार हो जाना चाहिए
पूरी जिंदगी रोकर तो गुजारी नहीं जा सकती. लड़की अपने करियर पर फोकस करे, तलाक लेकर नई जिंदगी और नई शादी की भी पहल की जा सकती है.
“जाने दो, अब जो भाग्य में लिखा था ” जैसी बातों के साथ ताउम्र घुटना जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना है.

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जिंदगी खुद की है, और इसकी जिम्मेदारी खुद को ही उठानी पड़ेगी.
जब सामने लड़ाई आ ही जाती है तो उससे भागकर या मुंह छुपाकर मसले हल नहीं होते .
टाल कर कुछ भी अपने आप ठीक नहीं हो सकता जब तक न इस ओर प्रयास किए जाएं.
पुराने रीति रिवाज, कर्म काण्ड और कुंडली विधान के प्रपंच से बचकर शादी के लिए लड़के लड़की के मनोविज्ञान की जांच जरूरी है, उनके स्वास्थ्य और व्यवहार की पड़ताल जरूरी है.दोनो की इच्छा से ही शादी हो, इस बात पर नजर रखी जाए.
स्थाई रिश्ते और परिवार में शांति के लिए यही ज्यादा कारगर उपाय है.

Sunrise Pure स्वाद और सेहत उत्सव में आज बनाते हैं मसाला पूरी

घर पर अगर आपको आसानी से और कम समय में कुछ टेस्टी बनाना चाहते हैं तो आज हम आपको मसाला पूरी की टेस्टी रेसिपी के बारे में बताएंगे. ये टेस्टी और हेल्दी रेसिपी है, जिसे आप चाहे तो स्नैक्स के साथ ट्राय कर सकते हैं. आइए आपको बताते हैं Sunrise Pure के प्रौडक्ट से बनाएं टेस्टी मसाला पूरी…

हमें चाहिए

–  250 ग्राम आटा

–  25 ग्राम सूजी

– 1 बड़ा चम्मच अजवाइन

– 1/2 छोटा चम्मच Sunrise Pure हलदी पाउडर

– 1 छोटा चम्मच Sunrise Pure लालमिर्च पाउडर

1 छोटा चम्मच Sunrise Pure गरम मसाला पाउडर

– 1/2 छोटा चम्मच Sunrise Pure कसूरी मेथी

–  1/2 छोटा चम्मच तिल

–  पानी जरूरतानुसार

– 15 एमएल गरम किया Refined औयल

–  नमक स्वादानुसार.

बनाने का तरीका

पानी के अतिरिक्त Sunrise Pure हलदी, लालमिर्च, गरम मसाला पाउडर के साथ बाकी सारी सामग्री को मिला लें. अब इस मिश्रण में धीरेधीरे पानी डालें और सख्त मांड़ तैयार कर लें. इसे 20 मिनट तक ढक कर फ्रिज में रख दें. उस के बाद छोटीछोटी लोइयां ले कर पूरियां बेल लें. फिर कड़ाही में तेल गरम कर पूरियों को सुनहरा होने तक तल लें. अचार या चटनी के साथ गरमगरम सर्व करें.

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मालिनी के लिए Imlie को जान से मारेगी अनु, क्या करेगा आर्यन

 सीरियल इमली (Imlie) के आदित्य यानी गशमीर महाजनी के शो छोड़ने की खबरें सोशलमीडिया पर छाई हुई हैं. इसी बीच सीरियल की बात करें तो इमली एक बार फिर आदित्य की जान बचाने के लिए आर्यन के खिलाफ जाती हुई नजर आ रही हैं. लेकिन अपकमिंग एपिसोड में इमली की जान खबरे में पड़ने वाली है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…

आदित्य से परेशान हुआ आर्यन

 

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अब तक आपने देखा कि आदित्य ने आतंकियों से कहता है कि वह जो करना चाहता है वह कर सकता है लेकिन आदित्य डरेगा नहीं, जिसके चलते आतंकी गांव में बम विस्फोट करते हैं. वहीं आदित्य की इस हरकत से आर्यन गुस्से में आ जाता है और कहता है कि आदित्य की मूर्खता के कारण फिर से निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ गई है.

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इमली के लिए आर्यन कहेगा ये बात

अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि जहां इमली जेल से निकलने की कोशिश करेगी और इसमें सत्यकाम उसकी मदद करेगा, जिसके चलते वह जेल से भाग जाएगी. वहीं मालिनी घबराती हुई नजर आती है. दूसरी तरफ इमली को जेल से निकालने के लिए आर्यन पूरी कोशिश करता नजर आता है. इसी के चलते औफिस के लोग इमली से जलते हुए नजर आते हैं और आर्यन पर सवाल उठाते नजर आते हैं. हालांकि आर्यन पूरे औफिस को जवाब देता है कि इमली से जलने की वजह क्या है.

खतरे में पड़ेगी इमली की जान

 

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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि जेल से भागने के बाद इमली पगड़डिया के लिए निकलेगी और सड़कों पर भागेगी. इसी बीच मालिनी को परेशान देखकर अनु, इमली को जान से मारने का प्लान बनाएगी और गुंडे उसके पीछे भेजेगी. वहीं इमली को देखकर गुंडे उसे कार से कुचलने की कोशिश करेंगे.

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